अब उसे दंड मिलेगा मेरे बच्चे।

महाकाली कहते हैं
मेरे बच्चे
आज मैं तुमसे एक अत्यंत महत्वपूर्ण बात
करने आई हूं
जो तुम नहीं जानते

मेरे बच्चे बुरे कर्मों का फल हमेशा बुरा
ही होता है
इस बात पर विश्वास नहीं है
तुम सोचते हो की बुरे लोग हमेशा खुश रहते
हैं

और अच्छे लोगों के साथ हमेशा बुरा होता है
मेरे बच्चे प्रकृति किसी को नहीं छोड़ते
बुरे लोगों का पाटन निश्चित होता है

किसी के संबंधों का पाटन होता है
तो किसी के तन का पाटन होता है
मेरे बच्चे इसी भांति उसका भी पाटन शुरू
हो गया है
जिसने तुम्हारे साथ चल किया है
और आप मां किया

और मेरे पास कुछ भी नहीं है

बहुत अंतर होता है
उसने तुम्हारे साथ ही बुरा नहीं
दुख पहुंचा

जिसका बुरा परिणाम वह भगत रहा
किंतु मानसिक शांति नहीं
वो हर समय बेचैन रहता है

इसलिए वह मां से अत्यंत दुखी है
और तुम सीधे हो सरल हो
इसलिए तुम्हारे पास भले ही धरना हो किंतु
मानसिक शांति है

तुम्हारे संबंध अच्छे हैं
सब तुमसे प्रेम करते हैं
और मैं भी तुमसे अत्यंत प्रेम करती हूं
मेरे बच्चे तुम्हारे मां के शांति ही इस
दुनिया का परम सुख है

खुश रहो
तुम्हारा दिन शुभ हो
सच्चे मां से कहो जय महाकाली

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