अब बीजेपी की लुटिया डूब जाएगी ! सुप्रीम कोर्ट का डंडा चला ! बीजेपी मैं भगदड़ मची

नमस्कार मैं दीपक शर्मा और मेरे
ंचपे इलेक्शंस में बेईमानी से जीती
बेईमानी से जीती बीजेपी के नतीजे को रद्द
कर दिया और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार

कुलदीप कुमार को मेयर नया मेयर डिक्लेयर
कर दिया चंडीगढ़ का नया मेयर डिक्लेयर कर
दिया लेकिन सबसे अहम बात यह है कि बेहद
सिलसिलेवार तरीके से सबूतों के आधार पर
चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने आज जो चुनावी

धांधली हुई उसका पूरा पर्दाफाश कर दिया
यानी आप कह सकते हैं कि मोदी का जो चुनावी
सिस्टम है मोदी जी का जो इलेक्शन सिस्टम
है उसको पूरी तरह एक्सपोज कर दि है अब
यहां सवाल इस बात का है कि जो चंडीगढ़
मॉडल है कि जो चंडीगढ़ चुनावी मॉडल है
क्या यही बीजेपी का असली मॉडल है और क्या

जो 2024 के चुनाव में मोदी जी अभी से 370
सीटें लाने की बात कर रहे हैं बार-बार हर
महफिल में हर मंच पर ये जो 370 सीटें लाने
की बात कर रहे हैं अभी से क्या 24 का
चुनाव मोदी

जी चंडीगढ़ मॉडल पर लड़ने जा रहे हैं कि
चंडीगढ़ मॉडल पर बीजेपी 24 का फाइनल लड़ने
जा रही है सुनते तो थे कि बीजेपी वाले
गड़बड़ करते हैं सुनते तो थे कि बीजेपी

वाले बदमाशी करते हैं वोटों की चोरी करते
हैं पर कभी-कभी मन खराब थी कि चंडीगढ़ के
चुनाव के वक्त सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे

और सीसीटीवी कैमरों के अंदर इनका सारा का
सारा रंगे हाथों ये लोग पकड़े गए सारा
इनका कर् में पकड़ा गया इसलिए साफ जाहिर
है कि कितने बड़े स्तर के ऊपर ये वोटों की
चोरी करते हैं अब दोस्तों असली खबर पर आने

से पहले मेरी गुजारिश है कि आप जरा इस
वीडियो को अपनी स्क्रीन पर जरा गौर से
देखिए अब ये जो वीडियो है ये बड़ी जानी
पहचानी शक्ल है आज की तारीख में खबरों की
सुर्खियों में इनका नाम अनिल मसीह है और

यह वही प्रोसाइट ऑफिसर ये वही बीजेपी के
नेता हैं जिन्होंने बेईमानी से खुल्लम
खुल्ला बेईमानी करके बीजेपी को जिताने की
साजिश रची थी चंडीगढ़ में अब आप को दिख
रहा होगा कि साहब बड़े अकेले हैं इनके

पीछे कुछ है ही नहीं अकेले ही थे और क्या
अकेले ही इन्होंने सारा कांड रच दिया ऐसा
लग रहा है सच्चाई यह है कि ये साहब अकेले
नहीं है इनके पीछे डिप्टी कमिश्नर है इनके
पीछे डिप्टी कमिश्नर से भी ऊंचे ओहदे पर
बैठे आला अफसर हैं चंडीगढ़ के इनके पीछे

गवर्नर का भी हाथ लोग कहते हैं इनके पीछे
जो चंडीगढ़ और पंजाब की जो लीडरशिप है
बड़े-बड़े बीजेपी के नेता है वो भी इनके

पीछे हैं अनिल मसीह के पीछे और अनिल मसीह
के पीछे चंडीगढ़ का जो मालिक मुख्तार है
यानी मंत्रालय दिल्ली का दिल्ली की केंद्र

सरकार वहां भी मसीह साहब के तार है सीधे
संपर्क है और शायद यही वजह है कि अनिल

मसीह ने इतने बड़े कांड को इतनी आसानी से
अंजाम दिया अनिल मसीह अब दोस्तों एक चीज
और मैं यहां पर क्लेरिफाई करना चाहता हूं
कि ये जो चंडीगढ़ मॉडल है य जो अनिल मसी
मॉडल है जो नया मॉडल है ये सिर्फ बैलेट

पेपर से लेकर नहीं जुड़ा है कि बैलेट पेपर
पर क्रॉस लगाना ये चंडीगढ़ मॉडल चंडीगढ़
में बकायदा सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हस
ट्रेडिंग हुई पार्षदों को खरीदने में इसका
इस्तेमाल हुआ है इसका धन का बल का यह
दूसरा मॉडल है तीसरा मॉडल भी जोड़ तोड़
करके इनकम टैक्स ईडी से कहीं ना कहीं

चुनाव को जीतना है और उसमें चाहे
इलेक्टोरल लिस्ट हो चाहे वोटर लिस्ट हो
उसमें चाहे मशीन का खेल हो जो भी खेल हो

कुल मिलाकर चंडीगढ़ मॉडल का मतलब है जो
सार है वो यह है हर कीमत पर ऑन ऑल कॉस्ट
किसी भी कीमत
पर चुनाव जीतना यही ढ़ मॉडल और यही
चंडीगढ़ में मेयर चुनाव में सबने देखा
चंडीगढ़ मॉडल यानी हर कीमत पर चुनाव जीतना
इसकी दोस्तों एक और खासियत इस मॉडल की और
खासियत कह लीजिए या इसकी विशेषता कह लीजिए

वो यह है कि यह मॉडल वहीं पर कारगर है वही
असरदार है जहां डबल इंजन की सरकार है यानी
ऊपर भी मोदी और नीचे भी मोदी का
मुख्यमंत्री जहां डबल इंजन की सरकार है
यानी दरोगा से लेकर केंद्र के कैबिनेट
सेक्रेटरी तक सारा सिस्टम अदालत मीडिया

मोदी के हाथ में हो ये मॉडल वही रंग
खिलाता है वही गुल खिला सकता है अदर वाइज

अगर कहीं पर सरकार राज्य सरकार किसी और
पार्टी की है तो हो सकता है ये मॉडल
कामयाब ना हो और चंडीगढ़ में भी डबल इंजन
की ही सरकार है भले वो यूनियन टेरिटरी है
लेकिन उसके मालिक मुख्तार जो है वो मोदी

और शाही है चंडीगढ़ के इसीलिए बहुत आसानी
के साथ ब्यूरोक्रेसी की मदद से पूरे आप कह
सकते हैं कि सिस्टम की मदद से
अनिल मसी वहां कामयाब हुए अब यहां पर मैं

नहीं कह रहा हूं बल्कि जो विपक्ष की
रिपोर्ट है कांग्रेस की रिपोर्ट है
कांग्रेस का य मानना है कि जो डबल इंजन की
सरकार है इसमें जो चंडीगढ़ मॉडल है खेल
करने का जो मॉडल है य जिन राज्यों में असर
डाल सकता है वह राज्य हैं नोट कर लीजिए आप

वो राज्य है सबसे ऊपर बिहार जहां डबल इंजन
की सरकार है महाराष्ट्र उसके बाद हरियाणा
फिर राजस्थान फिर छत्तीसगढ़ और फिर मध्य
प्रदेश अब बिहार महाराष्ट्र क्यों लिस्ट
के टॉप में उन राज्यों में इस मॉडल का असर

होगा यहां थोड़ी फाइट है बिहार में फाइट
है महाराष्ट्र में फाइट है हरियाणा में इस
बार फाइट है क्योंकि भूपेंद्र हुड्डा और
दीपेंद्र हुड्डा सीधे-सीधे खट्टर सरकार के
सामने खड़े हुए हैं कम से कम 10 में से
पांच सीटें बीजेपी की हरियाणा में फंसी

हुई बिहार में भी स्थिति अच्छी नहीं है
नितीश को साथ लेकर इस यूटर्न के बाद
बीजेपी के लिए ये जो सिक्का है जो करेंसी
है नितीश कुमार की वो खोटी साबित हो रही
है और एडवांटेज आज की तारीख में तेजस्वी

को है तो बिहार में डबल इंजन की सरकार है
फाइट है कांटे की टक्कर है और इसी तरह से
महाराष्ट्र में भी डबल इंजन की सरकार है
कांटे की टक्कर है और यह टक्कर हरियाणा

में भी है और थोड़ी बहुत टक्कर छत्तीसगढ़
में भी है राजस्थान में भी है मध्य प्रदेश
में और इस पूरी फेरत में मैं यूपी का
जिक्र नहीं कर रहा हूं मैं उत्तराखंड का
जिक्र नहीं कर रहा हूं मैं गुजरात का
जिक्र नहीं कर रहा हूं यहां भी डबल इंजन
की सरकार है और एक सरकार और है डबल इंजन

की आसाम में में उस पर फिर कभी डिस्कस
करेंगे मैं सीधे-सीधे बिहार महाराष्ट्र
हरियाणा राजस्थान छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश आ
रहा हूं यहां पर ऐसा रिपोर्ट है मेरी
रिपोर्ट नहीं है कांग्रेस की अपनी
असेसमेंट है उनका ये कहना है कि अभी से

वहां इलेक्टोरल रोल्स में खेल चल रहा है
वोटर लिस्ट बड़े पैमाने पर डबल इंजन की
सरकार उससे खेल हो रहा है जहां जहां
कांग्रेस के सपोर्टर्स हैं वोटर है जहां
पर विपक्ष के वोटर है वो एक जाति के हो
सकते हैं या किसी आप कह सकते हैं क्लास के

हो सकते हैं किसी वर्ग के हो सकते हैं
उनके नाम 10 पर 5 पर 4 पर जा रहे तो एक तो
इलेक्टोरल लिस्ट वोटर लिस्ट का खेल है यह
कांग्रेस का मानना उसका आरोप है विपक्ष का
आरोप है दूसरा उनको यह भी डर है कि पोस्टल
बैलेट पोस्टल बैलेट जहां पर कम हार जीत का
अंतर रहता है यानी जो जीत है वो बहुत कम
अंतर से होती है वहां पोस्टल बैलेट का भी

खेल हो सकता है और तीसरी चीज यह है कहीं
ना कहीं मशीन का भी इस्तेमाल हो सकता है
इसके कोई प्रमाण नहीं है लेकिन इस तरह के
आरोप हैं विपक्ष के इंडिया अलायंस के कि
डबल इंजन की सरकार
में ये चंडीगढ़ मॉडल असरदार हो सकता है और
ये सात आठ राज्य यहां तैयारियां हो रही

हैं अब दोस्तों ये जो चंडीगढ़ का जो मॉडल
है ये सीक्रेट ही रहता ये गोपनीय ही रहता
लेकिन कुछ गलतियां हुई और खासकर जो अनिल
मसीह साहब है इनसे गलतियां हो गई नर्वसनेस
की वजह से जिसकी वजह से ये मामला तूल
पकड़ता गया ये रंगे हाथ पकड़े गए कैमरे ने

पकड़ लिया जैसे मिसाल के तौर पर आम आदमी
पार्टी और कांग्रेस के पार्षदों ने जिद्द
की और वो अड़ गए कि जहां पर जिस सीट पर
प्रोसाइट ऑफिसर बैठे हैं उसके ठीक ऊपर ठीक
ऊपर कैमरा लगाया जाए कि कहां ये दस्तखत कर

रहे हैं बीजेपी चाहती थी बीजेपी के पार्षद
चाहते थे कि कैमरा ऊपर से हट जाए लेकिन
कैमरा हटा नहीं कैमरे ने कैद कर लिया
दूसरा नर्वस होकर नर्वस होकर मसीह साहब ने
जिस तरह से क्रॉस लगाया वो बहुत ओबवियस था
वो कैमरे में बहुत ओबवियस था उन्हें वो

सलीका मालूम ही नहीं था कि फोर्जरी की
कैसे जाती है थोड़े अनाड़ी निकले वो और
उनकी जो ये नर्वसनेस है घबराहट है कि चीफ
जस्टिस के सामने और ज्यादा प्रदर्शित हुई
जब उन्होंने जज साहब के सामने कबूल कर

लिया कि हां साहब हमसे गलती हुई है मैंने
क्रॉस मार दिए थे आठ बैलेट पेपर प मार
दिया थे तो कुल मिलाकर अनिल मेसी ने कहीं
ना कहीं बीजेपी को एंब्रेस करा बीजेपी को
शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा लेकिन सवाल
जो बड़ा सवाल है वो ये है कि क्या इस
चंडीगढ़ मॉडल का इस्तेमाल अलग-अलग विधाओं

में चाहे वो इलेक्टोरल रोल्स हो वोटर
लिस्ट हो पोस्टल बैलेट हो चाहे वो इनकम

टैक्स या ईडी की रेट हो ये जो मॉडल है हर
कीमत पर चुनाव जीतने का क्या वाकई इसका
रंग दिखेगा डबल इंजन की सरकारों में जो
मैंने आपको राज्य बताए थे बिहार है
महाराष्ट्र है हरियाणा कांटे की टक्कर है
बीजेपी और विपक्ष की क्या यह मॉडल वहां
दिखेगा और क्या इस मॉडल पर मोदी जी चुनाव
जीतना चाहते हैं एक सवाल है सीधे चलते हैं
अशोक वान टाइगर के पास पूछते हैं उतरते
हैं इस सवाल में ख कालने की कोशिश करते

हैं बिग पिक्चर जानने के लिए बड़ी तस्वीर
क्या है 24 की पहला सवाल राहुल गांधी
राहुल गांधी ने ट्वीट करके कहा है कि अनिल
मसी ये जो अधिकारी है प्रिसा इडिंग ऑफिसर

ये जो भाजपा का चंडीगढ़ का नेता है ये तो
मोहरा है ये प्यादा है ये तो एक साजिश की
आप कह सकते हैं पहली पंक्ति में खड़ा हुआ
है उन्होंने कहा कि मसीह मोहरा है असली
चेहरा तो मोदी का है आपको लगता है ये एक

वेल प्लान कंस्पिरेशन थी ये एक सोची समझी
साजिश थी जिसकी प्लानिंग थी और जिसका
मैसेज ये था कि पहली मुठभेड़ में पहली जो
लड़ाई है इंडिया अलायंस के साथ एनडीए की
उसमें इंडिया अलायंस को ध्वस्त करना है

क्या ये एक आपको प्लानिंग दिखती है
यकीनन यकीनन एक बहुत बड़ा प्लानिंग था और
ये प्लानिंग मैं इसलिए कह रहा हूं कि आपका
य सीक्वेंस पहले से देखिए आप कि प्रिसा

ऑफिसर जिस दिन वोट करना है मेयर का उस दिन
आप खरीद नहीं पाए लोगों को तो उस पीठ का
दर्द हो गया उसको उसने इसको एक वीक का
टाइम मांगा पीठ के दर्द के लिए अब वो इसके
लिए फिर हाई कोर्ट जाना पड़ा फिर हाई
कोर्ट ने आपको बोला 30 जनवरी को करो 30
जनवरी को आपने नहीं खरीद पाए विधायको को

तो आपने वहां पर आठ मत रद्द
किए 25 पर ऑफ द वोट्स र कैंसल्ड 36
का यदि हाउस है तो और उसके बाद आपने विनर
घोषित कर दिया मेयर कर दिया डिप्टी मेयर
सीनियर डिप्टी

मेयर और आप भाग गए वहां
से फिर सुप्रीम कोर्ट गए इस पूरे चीज में
समय भी तो
लगा इसी समय में खेल हुआ कि आम आदमी
पार्टी के तीन लोगों को तोड़
लिया अनिल म की क्या औकात वो डिसीजन अपने
लेवल पर ले पार्टी की नी किरकिरी

करे अनिल मसिया का अपॉइंटमेंट इलीगल
था राहुल गांधी गलत नहीं कह रहे यदि उस
अनिल अनिल का अपॉइंटमेंट ही इलीगल है
प्रिसा ंग ऑफिसर जिस अधिकारी ने उसको किया
उसको प्रोक्यू करना
चाहिए एक आदमी पॉलिटिकल पार्टी के

अल्पसंख्यक मोर्चे का अध्यक्ष है याय
प्रंग ऑफिसर कैसा बन सकता है जबक लीगल
इलीगल है व अधिकार अधिकारी पनला होना
चाहिए मैं आपको बारबार कह रहा हूं यह तो
बेचारा अनिल मया कल हो सकता है इसको जेल
भी हो जाए एक डेढ़ साल की डेढ़ साल के बाद
जेल से छूटेगा इसका स्वागत होगा राज्यसभा
आएगा लोकसभा लड़ेगा कोई बता नहीं सकता

जो
हाल अनिल मसी का है अनिल मसी को
इंस्ट्रक्शन मिलते हैं उसको करना है अनिल
मसी का हाल देखकर क्या ईडी के डायरेक्टर
भी मसी है सीबीआई के डायरेक्टर भी अनिल

मसी है आंख बंद करके यही सब करना है क्या
इस सत्ता में ये जो आज के दौर की जो सत्ता
है इसमें अनिल मसीह बन के ही आप जी सकते
हैं अगर आपको आप ऑफिसर है तो आपका हाल
अनिल मसी जैसा ही होगा वैसे इंस्ट्रक्शन
लेने
पड़ेंगे 2014 से लेके 2024 तक भारतवर्ष पर
हर आदमी जो एक अधिकारिक पोस्ट पर बैठा है

वो अनिल मसिया
है यदि उस पोस्ट पर नहीं है तो लूप लाइन
पर है या सस्पेंड है या टर्मिनेटेड
है गुजरात में भी जब आदरणीय प्रधानमंत्री
मुख्यमंत्री थे तो अनिल मसीह का ही पैटर्न
चल रहा

था वहां मात्र ऑर्डर्स लेने होते हैं
ऑर्डर्स संविधान की अवहेलना करते हैं
ऑर्डर्स गैर कानूनी है ऑर्डर लैंड ऑफ द लॉ
को नहीं मानते उसके विरुद्ध जा रहे हैं इस
सारा सोचने का काम आपका नहीं है आपको

ऑर्डर लेना है मैं आपसे पूछ रहा हूं कि
छोटे से चुनाव में छोटे से चुनाव में अगर
बीजेपी इस लेवल तक चली गई और उसके बाद
नड्डा जी ने जश्न मनाया कहा कि बहुत बड़ी

जीत हुई है और बीजेपी राष्ट्रीय बीजेपी ने
कहा कि ये तो झाकी है ट्वीट किया कि ये तो
अभी झाकी है जो आप चंडीगढ़ में देख रहे
हैं पूरी की पूरी अभी फिल्म देखना बाकी है
मैं पूछना चाह रहा हूं कि 2024 में आपको

किस तरह का सिनेरियो देख है चंडीगढ़ का
अध्याय देखने के बाद आपको जहां पर डबल
इंजन की सरकारें हैं जहां पर फाइट टफ है
जैसे बिहार बिहार में फाइट टफ है इस वक्त
जैसे महाराष्ट्र महाराष्ट्र में टक्कर

काटे की डबल इंजन की सरकार है बिहार में
डबल इंजन की सरकार है वहां पर चपरासी से
लेकर ग्राम पंंचायत के आप कह सकते हैं
चौकी इंचार्ज से लेकर पुलिस के और कैबिनेट
सेक्रेटरी तक सारा सिस्टम मोदी के हाथ में

महाराष्ट्र में सारा सिस्टम मोदी के हाथ
में इन डबल इंजन की सरकारों में आपको क्या
चंडीगढ़ की छवि दिख रही है जो चंडीगढ़ में
हुआ

मैं तो आगे जाकर बात करूंगा दीपक भाई 2024
में मुझे ये झाकी दिख रही है अभी तो यह
अंगड़ाई है सही लड़ाई 2024 में अभी तो यह
झाकी है जुलूस तो लोकतंत्र का 2024 में
निकलेगा जब 220 230 पर बीजेपी आएगी सब

से
बड़ी पार्टी होने के नाते मोदी जी शपथ
लेंगे उसके बाद प्रिसा इडिंग ऑफिसर वाइट
वोट से 230 वाली पार्टी को विश्वास का मत
पारित बताएगी विपक्ष हंगामा करेगा पूरे
विपक्ष को निष्कासित किया जा जाएगा बचे

हुए 230 को वो डिवीजन किया जाएगा और उसके
बाद 230 में से 230 यस कर रहे हैं और
सरकार छ महीने के लिए टिक गई है क्योंकि
दूसरा अविश्वास प्रस्ताव छ महीने के लिए आ
नहीं सकता उस छ महीने में विपक्ष कोर्ट
जाएगा वो बोलेगा हाई कोर्ट जाइए हाई कोर्ट

कहेगा सुप्रीम कोर्ट जाइए अभी डेट नहीं
देते प्रायोरिटी है उन चार महीनों में ईडी
इनकम टैक्स सीबीआई ऐसा प्रकोप करेगी कि

 

भाजपा फिर 400 सीट प आ
जाएगी जी चंडीगढ़ मॉडल है ये ओरिजिनल
गुजरात मॉडल है अगर आपको ल लिख लीजिए मे
शब्द य जो मेयर है ये काफी जो कुलदीप है
कुलदीप जो जिसको हरवा गया था और आज

सुप्रीम कोर्ट ने उसको मेयर बना दिया गया
य बेचारा गरीब आदमी केजरीवाल ने भी लिखा
है कि गरीब घर का बेटा है बहुत पैसे वाला
नहीं अगर य कुलदीप कुमार पैसे वाला होता

तो क्या यह भी तोड़ लिया जाता इनकम टैक्स
और ईडी को पकड़ के ले जाती य जो उम्मीदवार
था आदमी पाटी का भाग
जाता वो दरिद्री नारायण था
दरिद्री नारायण का क्या ले लोगे

आप पैसे पैसे वाला होता तो पहले दिन चला
जाता बीजेपी के पास ईडी वाले आ जाते हम
ईडी से आए हैं वो बोलता भाई साहब मैं
बीजेपी के सदस्यता ले चुका हूं कैसी बात
कर
रहे एक चीज और आप इतने दिनों से चुनाव कवर
कर रहे आज तो ली प की बात हो रही है और एक
ऐतिहासिक फैसला चुनावी धा पर आया मोदी के
सिस्टम पर आया किई मोदी के सिस्टम में किस
तरह से चुनाव करवाए जाते हैं उसकी तस्वीर
हमें आज सुप्रीम कोर्ट ने दिखाई और पूरी

तरह से सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को एक
अपराध की श्रेणी में रखा है और कहा है
मुकदमा दर्ज करिए और पूरा का पूरा नतीजा
बदल दिया क्या आपको लगता है
कि जो चुनाव

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