‘अरे 400 छोड़ो, 20 की बात करो…’ | कन्हैया कुमार की मीडिया के साथ तीखी बहस हो गई।

रूस में जो आप बता रहे हैं 20 भारतीय
जवानों को बंक बनाया हुआ क्या ये भी
कांट्रेक्ट आर्मी में ही है वहा पर ज पर
बक बनाया हु इस थोड़ा वि देखिए इसको हम
लोग इसके दो पहलू हैं पहला तो कोई अपना
घरबार छोड़ कर के कहीं और काम करने के लिए
क्यों जाता है जब आपको अपने घरबार में
रोजगार नहीं मिलता है जैसे मैं बिहार से
हूं

सर हम लोगों को पढ़ने के लिए इलाज कराने
के लिए हनीमून मनाने के लिए का करने के
लिए हर चीज के लिए बाहर जाना पड़ता है
क्यों क्योंकि हमारे राज्य में अवसर नहीं
है यह सच बात है वरना अपना घर बार छोड़ कर
के क्यों आएगा कोई पंजाब का कोई व्यक्ति
तो बिहार में जाकर के धान काट नहीं रहा है
बिहार का ही लोग जाकर के काट रहा है तो

पहला मसला यह है कि अपने देश में इस देश
के नौजवानों के लिए रोजगार नहीं है यह
सबसे प्रमुख बात है दूसरा फिर मरता क्या
ना करता जो काम मिल जाए सर यही हमारी
यूनिवर्सिटी के के पीछे जो है बहुत सारी
एंबेसी है लोग जो है रात को 2 बजे से लाइन
लगाते हैं वीजा लगवाने के लिए 2 बजे से
सारे 8 लाख लोगों ने जो है इंडियन

पासपोर्ट छोड़ दिया है कहते हैं कि जो है
विश्व में डंका बज रहा है 85 लाख लोगों ने
जो है इंडियन पासपोर्ट छोड़ दिया है फिर
जहां जो काम मिल जाए और ठेके पे बाहर में
आर्मी में भर्ती की जाती है हमारे देश में

नहीं की जाती थी अब की जाएगी अभी इसकी
शुरुआत हो गई है तो की ही जाती है इजराइल
का मामला अलग है इजराइल में आर्मी में
नहीं दूसरे काम के लिए डिफेंस से रिलेटेड
नहीं बल्कि और दूसरे सिविलियन काम के लिए
जो है भारतीय नौजवानों को अलग-अलग

कंपनियां जो है देश के अलग-अलग शहरों में
सक्रिय है किसी ना किसी कोने में जो है
तुरंत आइए मिनटों में बीजा पाइए के
विज्ञापन के साथ जो है दुकान खुले हुए हैं
और भारतीय नौजवान जो है उसमें किसी तरीके
से चाहते हैं कि हमको विदेश देश में कोई

अवसर मिल नहीं रहा है तो विदेश में कोई
अवसर मिल जाए वो उसके तहत जो है बाहर चले
जाते हैं और वहां जाकर के जब उनके साथ कुछ
बुढा होता है वो फस जाते हैं तो उसकी कोई
जिम्मेवारी नहीं है उसकी कोई
अकाउंटेबिलिटी नहीं

है लोग को स्टूडेंट वीज प गए और अगर
स्टूडेंट वीजा प गए हैं और वहा पढ़ रहे थे
तो अगर रूस की सरकार ने उनको बंधक बनाया
तो क्या विदेश मंत्रालय को लेकर आप लोग
कुछ कहेंगे
विद देखिए अब इस बात का जवाब एक्चुअली
हमारे सीनियर जयशंकर जी देते विदेश मंत्री
वह हैं कि किस वीजा पर यह लोग गए हैं
सरकार का इस पर क्या स्टेटमेंट है हम तो
हम तो जो है इस देश का जिम्मेदार विपक्ष
होने के नाते सरकार से यही सवाल कर रहे

हैं कि भारत का कोई भी नागरिक दुनिया के
किसी हिस्से में अगर मुश्किल में है तो
उसको उस मुश्किल से निकालना सरकार की
जिम्मेवारी है और हम आपको याद दिला दें
यही प्रचार भी तो किया गया था मुझे याद है
आप लोगों को भी याद होगा उत्तराखंड में
त्रासदी हुई थी और जो है मोदी जी के लिए

बड़ा बड़ा प्रचार हुआ था हर अखबार के
पृष्ठ पे छपा था कि खुद से हेलीकॉप्टर चला
कर के गए हैं नहीं खुद से नहीं गए थे मतलब
हेलीकॉप्टर लेकर गए हैं और गुजरातियों को
निकाल कर के ला रहे हैं दुनिया के किसी
कोने में कोई गुजराती को कुछ आए हो जाए तो
मोदी जी पर्सनली जो है उसकी मदद करते हैं
तो हम बस उनको याद दिला रहे हैं कि जो है
आपका यह गुण कहां है हम देखना चाहते हैं

हम चाहते हैं कि देश के बाहर जो भारतीय
नौजवानों के साथ देश के अंदर जो परिस्थिति
है जिसके चलते उनको विदेश जाना पड़ रहा है
तो उनके साथ अगर कुछ बुरा हो रहा है तो
सरकार इसकी जिम्मेवारी ले ये तो सरकार
बताए कि कैसे गए हैं किस माध्यम से गए हैं

स्टूडेंट वीजा पे गए हैं कि वर्क वीजा पे
गए हैं कि टूरिस्ट वीजा पे गए हैं वीजा का
कैटेगरी का है ए1 एव कौन सा वीजा लेकर के
गए हैं यह तो सरकार बताएगी हम कैसे बता
सकते हैं हम तो विदेश मंत्री हैं
नहीं आप आप बेरोजगारी का आलम ये है कि अब
तक की सबसे उच्चतम स्तर पर है सरकार की
तरफ से कल आंकड़ा भी ये सामने आया कि
जीडीपी ग्रोथ जो है वो 8.4 फीस हो गई है
क्या कहेंगे आप

700 लोग जो है वह धन्ना सेट हो गए हैं
अरबों खरबों में उनकी कमाई हो गई है और
किसान ने आत्महत्या कर लिया है
12500 इसको कैसे देखते हैं जीडीपी ग्रोथ
हो रहा है अच्छी बात है विकास दर बढ़ रहा
है बहुत अच्छी बात है लेकिन अगर बेरोजगारी
दर बढ़ रहा है तो चिंता की बात है महंगाई
बढ़ रही है तो चिंता की बात है नौजवानों
की आत्महत्या दर बढ़ रही है तो चिंता की

बात है महिलाओं के ऊपर होने वाले अपराध
अगर बढ़ रहे हैं तो चिंता की बात है
मजदूरों को अगर मजदूरी नहीं मिल रही है ई
अपना ही पैसा आपका अपना पैसा आपकी कमाई का
एक हिस्सा काट करके सरकार के खाते में
आपने जमा किया है और जब बेटी का शादी है
मकान बनाना है बच्चा को पढ़ाना है कहीं
एडमिशन लेना है तो पीएफ का पैसा निकालने

के लिए जा रहे हैं तो पैसा नहीं निकल रहा
है तो हम कह रहे हैं कि जो अच्छी चीज है
वह अच्छी चीज है जीडीपी बढ़ गया बहुत
बढ़िया बात है म हम बार-बार यही सवाल
पूछते हैं ना कि 5 ट्रिलियन की इकॉनमी हो
गई शानदार सुंदर लेकिन 5 करोड़ की

ट्रिलियन 5 करोड़ 5 ट्रिलियन की इकॉनमी हो
गई तो यह 80 करोड़ लोग कौन है जो 5 किलो
अनाज लेने के लिए खड़े हैं तो धन कहां जा
रहा है किसके पास जा रहा है आंकड़ा उठा कर
के देखिए जीडीपी तो बढ़ रहा है लेकिन
हमारा जनरेशन जो है इतिहास में सबसे गरीब

जनरेशन है कोई एसेट्स नहीं खरीद पा रहा है
अगर कोई एसेट खरीद रहा है तो ईएमआई प खरीद
रहा है तो ये जीडीपी ग्रोथ किसका है वो
देखने की बात है ना और इसमें कोई यह कोई
अत विरोधी बात तो है नहीं यह तो और अच्छी
बात है तब तो सरकार अब यह बहाना नहीं

लगाएगी कि हमारे पास पैसा नहीं है तब तो
हम कह सकते हैं ना कि जीडीपी ग्रोथ अगर 75
पर हो गया है तो फिर उस वो जो मांग है इस
देश के विद्यार्थियों का कि शिक्षा पर जो
खर्चा हो बजट का दवा हिस्सा हो तो दसवा
हिस्सा बजट का आप एजुकेशन पर खर्च करने
लगी लेकिन आपको मालूम है कि इस बार के बजट
में जो है एजुकेशन के ऊपर कटौती की गई है
तो पैसा अगर पैदा हो रहा है इकॉनमी में तो
जा किसके पास रहा है य बेरोजगारी क्यों

बढ़ रही है किसानों की आमदनी क्यों नहीं
दुगनी हो रही है एमएसपी क्यों नहीं मिल
रहा है और आप सब पत्रकार साथी एक बात याद
दिला दूं लाडली का कितना प्रचार किए थे

लाडला ने लाडली कहां है लाडली में पैसा
मिलना बंद हो गया है एमएसपी पर जो वादे
किए गए थे वह वादा तो छोड़ दीजिए गुजरात
के मुख्यमंत्री थे मोदी जी तो
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी को चिट्ठी
लिख कर के कहा था कि एमएसपी दुगनी कर
दीजिए अब तो मनमोहन सिंह जी प्रधानमंत्री
है नहीं गुजरात के मुख्यमंत्री देश के

प्रधानमंत्री बन गए हैं तो एमएसपी क्यों
नहीं लागू कर दे रहे हैं उसको कानूनी
दर्जा क्यों नहीं दे रहे इसीलिए जो है
किसान आंदोलन कर रहे हैं नौजवानों की हालत
देख लीजिए कि देश के किसी ना किसी कोने
में भर्ती समय से हो एग्जाम टाइम पर लिया
जाए प्रश्न पत्र लीक ना हो देश के किसी ना

किसी कोने में जो है नौजवान और विद्यार्थी
आंदोलन कर रहे होते हैं जीडीपी बढ़ा है
बहुत बढ़िया लेकिन बेरोजगारी नहीं बढ़नी
चाहिए हिंसा कहीं भी हो बीएचयू में हो कि
एयू में हो कि एएमयू में हो हिंसा अच्छी
बात नहीं है किसी को भी हिंसा नहीं करनी
चाहिए देश में कानून व्यवस्था है जैसा के
पिता जी जो है मुख्यम गृह मंत्री हैं तो

लॉ एंड ऑर्डर है यह तो कहीं भी हिंसा
क्यों हो हिंसा होने की जरूरत क्या है
प्रधानमंत्री ने अपने चुनावी जनसभा वो
शुरू कर द और सीसी में बैठक चली बी ी औरत
इसमें कौन सी नई बात है मैडम उन्होंने

चुनावी सभा शुरू कर दी वो चुनावी मोड प ही
रहते हैं की बात करें
आपको क्या लग
हैम एक बात बताइए अबकी बार 400 पार अगर हो
जाता तो न केन प्रकारेण किसी को भी आपको
मालूम है बीजेपी ने आज किसको उड़ीसा में
जवाइन कराया है एक बीजेडी का एमएलए जो
भाजपा कार्यकर्ताओं के ऊपर गाड़ी चढ़ा
दिया एक तो मुझे नहीं मालूम कि आजकल के

नेताओं को गाड़ी चढ़ाने का क्या शौक है वो
टेनी जी का बेटा किसानों पर गाड़ी चढ़ा
दिया था तो यह बीजेडी का जो नेता है वह
बीजेपी के कार्यकर्ताओं पर और जो है
प्रधानमंत्री जी चुनावी सभाओं में जाकर के
कहते हैं कि भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी

है उनके कार्यकर्ता के ऊपर जो गाड़ी चढ़ा
दिया उसको जवाइन करा लिया है क्यों 400
पार को लेकर के इतना कॉन्फिडेंट होते तो
किसी भी स्तर पर जाकर के समझौता करते अभी
आपने देखा कि बिहार में जो है नीतीश कुमार
को लेकर के क्या-क्या बोलते थे और अभी जो
है सब एकदम सब बढ़िया एकदम स्वीट स्वीट सा
हो गया है तो मुझे नहीं लगता है यह दावे
हैं सुनते हैं हम भी आप भी सुनिए जी शायद
सवाल ये था कि सीसी की जो बैठक है बीजेपी

सत्ता में है 400 बार की बात कर रही है
उनकी सीईसी की बैठक हो गई पहली लिस्ट की
तैयारी है आप लोग विपक्ष में है आपकी
सीईसी कब होगी इसको लेकर कोई क्लेरिटी
नहीं है अलायंस टीएमसी के साथ वेस्ट बंगाल
में होगा नहीं होगा इस पर ही अभी संशय
आपको हमारी बड़ा अच्छा लगा सुन कर के
कांग्रेस कवर करते कितनी चिंता करते हैं
आप हमारी बहुत बहुत अच्छा लगा आप लोग

कितना चिंतित है हम लोगों के लिए बहुत
अच्छा लगा बहुत
धन्यवाद हम हम ये हम यह प्रेस कॉन्फ्रेंस
एक यह प्रेस कॉन्फ्रेंस एक बहुत ही गंभीर
और संवेदनशील विषय पर है चुनाव सीट नंबर
के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं रखा गया है

नंबर मैंने आपको बताया 20 भारतीय लोग रूस
में फंसे हुए हैं बंधक बनाए हुए हैं अभी
400 छोड़ कर के 20 नंबर याद रखिए क इसलिए
नहीं जवाब दे रहा हूं ऐसा नहीं है कि हमको
जवाब नहीं देने आता है जवाब दे सकते हैं
ले विषय कुछ और है ठीक है कन्हैया जी
कन्हैया जी यह बताइए कि आपने कहा कि

अमेरिका में भारतीय छात्रों का मर्डर भी
हुआ है संदिग्ध परिस्थितियों में मौत भी
हुई है ये जितने भी हाल के महीनों में
मर्डर या संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
हुआ है इसके पीछे विपक्ष के नाते आप कोई
साजिश देख रहे हैं फाउल प्ले देख रहे हैं
दूसरा सवाल है कि मोदी आपके क्षेत्र में

जा रहे हैं कल आप पिछले बार वहां से
लोकसभा का चुनाव लड़े थे इस बार कांग्रेस
की टिकट पे बेगू सराय से लड़ेंगे आप ये यह
विषय अभी आज का नहीं है प्रेस वार्ता का
पहला सवाल जो आपने पूछा है कि भारतीय
नौजवानों और विद्यार्थियों के साथ आए दिन
कोई ना कोई घटनाएं होती रहती है मैं यह

नहीं कह रहा हूं कि साजिश है लेकिन एक
चिंताजनक और गंभीर परिस्थिति जो जरूर है
मान लीजिए कि मैं बार-बार कहता हूं कि देश
के भीतर की समस्या को बाहर जो घटनाएं घट
रही है उसके कॉन्टेक्स्ट में देखने पर
चीजें आसानी से समझ में आती है मैं

बार-बार कहता हूं मैं बिहार से हूं और जो
है जब हम लोग महाराष्ट्र जाते थे तो हमारे
साथ भी जो है कई बार ऐसी घटनाएं घटी
गुजरात में कई बार जो है ऐसी घटनाएं घटी
ऐसी घटनाएं क्यों घटती हैं ऐसी घटनाएं तब
घटती हैं जब बिहार में रोजगार नहीं है और
हमको मजबूरी में बाहर जाना पड़ता है वैसे

ही भारत में अगर रोजगार की स्थिति होती तो
भारतीय नौजवानों को बाहर नहीं जाना पड़ता
पहली बात तो यह दूसरी बात जब हम कहीं जाते
हैं तो आउटसाइडर को लेकर के एक

इनसिक्योरिटी होती है स्वाभाविक रूप से और
कैंपेन भी यही किया जाता है आप लोग अक्सर
सुनते होंगे कि बाहर का लोग आकर के रोजगार
ले लिया है बाहर का लोग आकर के
यूनिवर्सिटी में हॉस्टल को कब्जा कर लिया
है यूनिवर्सिटी को कब्जा कर लिया है तो इस
तरह से जो है आइडेंटिटी के आधार पर

पोलराइजेशन होता है ध्रुवीकरण होता है और
नफरत फैलाई जाती है और नफरत का शिकार जो
है वह लोग होते हैं मैं यह नहीं कह रहा
हूं कि भारत के सरकार की साजिश है लेकिन
यह परिस्थिति है इस परिस्थिति में भारत की
सरकार को एक्ट करना चाहिए हम यह मांग कर
रहे हैं महाराष्ट्र में जो घटनाए हुई ऐसा

कोई अमेरिका से उसका कंपेरिजन हो सकता है
क्या बिहार के किसी वक्ति के साथ नहीं बस
मैंने समझने के लिए उदाहरण दिया है
कंपैरिजन नहीं है दोनों दोनों की
ज्योग्राफी अलग है परिस्थिति अलग है बस
हमने समझने के लिए उदाहरण बाकी दे
में

बना फिलहाल तो नहीं फिलहाल तो हम रूस की
ही बात कर रहे हैं इजराइल को लेकर जो आपने
कहा तो आपकी एट मांग इजराइल के मामले में
क्या होगी गवर्नमेंट से सरकार क्या सरकार
से तो हम यही मांग कर रहे हैं कि आप यही
रोजगार की व्यवस्था कीजिए भारतीय नौजवानों
को किसी भी परिस्थिति में वॉर जोन में

जाकर के काम करना पड़े जहां मिसाइल चल रही
है गोलियां चल रही हैं लोग मारे जा रहे
हैं चाहे इस तरफ से मारे जाए या उस तरफ से
मारे जाएं हम यह नहीं कह रहे हैं लेकिन
उसमें हमारे लोग जाकर के क्यों अपनी जान

कमाएं उनको यही रोजगार दिलाए और बस उनको
हम वादा याद दिला रहे हैं कि आपने तो कहा
था कि दो करोड़ नौकरी देंगे हर साल तो 10
साल अब पूरा होने को है इस हिसाब से जो है
आप 20 करोड़ नौकरी पैदा करते 20 करोड़ आप
नौकरी पैदा कर देते तो क्यों बाहर जाता
कोई किसी को अच्छा लगता है कि गोलियां चल

रही हो और वहां पर जो है हम गार्डन साफ कर
रहे हैं या सड़क साफ कर रहे हैं ये अच्छ
अच्छा तो लगता नहीं है तो हम सरकार से यह
मांग कर रहे हैं कि देश के नौजवानों के
भविष्य के साथ खेलना बंद कीजिए और युवाओं
के लिए जो यह मृत काल चल रहा है उस मृत

काल को बंद करके ही सही मायनों में अमृत
काल शुरू किया जा सकता है ठीक धन्यवाद अब
फ इसी इशू पे अगर कुछ है तो इसी इशू पे है
सर क्योंकि वहां हमारी साथी ने जो आपसे
सवाल पूछा था इसलिए पूछा था कि आप कह रहे
हैं मृत काल चल रहा है मृत काल से छात्रों
के लिए अमृत काल तभी लाएंगे जब सत्ता
परिवर्तन करें आप विपक्ष हैं तो आप क्या
तैयारी कर रहे हैं इस सत्ता परिवर्तन के
लिए इसलिए उ पू उसके लिए दूसरे स्पोक्स
पर्सन आकर के प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे
धन्यवाद न्याय का हक मिलने
तक

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