आईएनएस जटायु नेवल बेस: पाकिस्तान, चीन और मालदीव में भारत बना रहा है नया नेवल बेस

हिंद महासागर में अपनी मजबूती दिखाने और
दुश्मनों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने
के लिए इंडियन नेवी जल्द ही नए नौसैनिक
बेस की स्थापना करने जा रही है इस नए

नौसैनिक बेस का नाम आईएनएस जटायू है जिसकी
स्थापना लक्षद्वीप के मिनिकॉय आइलैंड पर
होगी स्थापना के दौरान रक्षा मंत्री

राजनाथ सिंह के शामिल होने की उम्मीद है
इस नौसैनिक बेस से पाकिस्तान मालदीव और
चीन की हरकतों पर नजर तो रखी ही जा सकेगी
साथ ही सोमालियाई समुद्री लुटेरों पर भी

एक्शन लेना ज्यादा आसान होगा इस दौरान
आईएनएस विक्रम आदित्य और आईएनएस विक्रांत
भी मौजूद रहेंगे जिन पर कमांडर्स

कॉन्फ्रेंस होने की भी उम्मीद है नौसैनिक
इस दौरान अपनी क्षमताओं और ताकत का
प्रदर्शन भी करेंगे साथ ही समरीन और करियर
बैलेट ग्रुप का भी प्रदर्शन किया जाएगा

मिनिकॉय में बने आईएनएस जटायू नौसैनिक बेस
से मालदीव की दूरी मात्र 524 किमी है इतना
ही नहीं भारत अगाती आइलैंड पर मौजूद एयर
स्ट्रिप को अपग्रेड करने जा रही है ताकि

उसका इस्तेमाल फाइटर जेट्स और भारी
विमानों के संचालन के लिए किया जा सके साथ
ही मालदीव पाकिस्तान और चीन की हरकतों पर
सीधी नजर रखी जा सके इस नौसैनिक बेस के
उद्घाटन करने के दौरान रक्षा मंत्री दोनों

एयरक्राफ्ट कैरियर की सवारी भी करेंगे असल
में लक्षद्वीप और मिनिकॉय आइलैंड 9 डिग्री
चैनल पर है जहां से हर साल लाखों करोड़ों
डॉलर्स का व्यवसाई होता है यह उत्तरी
एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया के बीच का
रास्ता है जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

आईएनएस विक्रमादित्य या विक्रांत पर सवार
होकर मिनी कोवाई द्वीप के लिए निकलेंगे तब
उनके साथ 15 और जंगी जहाज साथ में होंगे
यानी पूरी एक हमलावर नौसैनिक फ्लीट एक साथ
इसके साथ ही पूरी दुनिया को भारत की

नौसैनिक ताकत का अंदाजा लगेगा मालदीव और
चीन जैसे देशों को सख्त संदेश जाएगा इतना
ही नहीं भारत सरकार ने मिनी क्वाई पर एयर
स्ट्रिप बनाने का फैसला भी किया है अगाती
आइलैंड की स्ट्रिप को अपग्रेड किया जा रहा
है ताकि भारतीय सेनाएं हिंद और अरब

महासागर में शांति स्थापित कर सके इसके
अलावा इंडो पैसिफिक रीजन में समुद्री
सुरक्षा को बरकरार रख सके भारत सरकार ने
अभी अंडमान और निकोबार आइलैंड के कैंपबेल
खाड़ी में नई फैसिलिटी बनाई है इस
फैसिलिटी का इस्तेमाल सेना कर रही है
पूर्व में अंडमान और पश्चिम में लक्षद्वीप

पर मजबूत तैनाती से भारत की समुद्री सीमा
सुरक्षित रहेगी साथ ही दोनों द्वीप समूहों
पर पर्यटन भी बढ़ेगा लोग यहां घूमते समय
सुरक्षित महसूस करेंगे जैसे ही मिनिकॉय
में नौसैनिक बेस बनेगा उसकी वजह से इस
इलाके के आसपास चीन की नौसेना जो हरकत
करती है उस पर विराम लगेगा साथ ही जो

व्यावसायिक जहाज सुजय कैनल और पारस की
खाड़ी की तरफ जाते हैं उन्हें 9 डिग्री
चैनल यानी लक्षद्वीप और मिनिकॉय वाले रूट
से जाना होता है किसी जहाज को सुंद और
लोबं की खाड़ी की तरफ जाना है तो उससे 10
डिग्री चैनल यानी अंडमान और निकोबार द्वीप
समूह के पास से गुजरना होगा ऐसे में दोनों

जगहों पर मजबूत सुरक्षा और निगरानी दस्ता
होना चाहिए जो जरूरत पड़ने पर दुश्मन को
मुंह तोड़ जवाब दे सके साथ ही आसपास के
इलाके में शांति बनाए रखें खैर यह वीडियो
आपको कैसा लगा इस वीडियो पर आपकी क्या राय
है कमेंट बॉक्स में जरूर बताइएगा देखते
रहिए न्यूज़ नेशन डिजिटल मेरे यानी अदिति
शाह के साथ
शुक्रिया

Leave a Comment