आकाश से तुम्हारी जीत का पैगाम आया है मां दुर्गा का शक्तिशाली संदेश

मेरे प्रिय बच्चे यह संसार विभिन्न

तत्त्वों का मिश्रण है और जब इन तत्त्वों

का आपस में संतुलन किसी व्यक्ति के जीवन

में हो जाता है तब उसकी वास्तविक स्थिति

मजबूत और आध्यात्मिक रूप से निर्मित होती

है और अब तुम इसी स्थिति की ओर बढ़ रहे हो

जिस प्रकार से एक मजबूत इमारत तभी खड़ी

होती है जब उसकी नीव मजबूत हो उसी तरह से

तुम्हारा भी जीवन वास्तविक स्थिति से फल

तभी होगा तुम्हें जीत तभी प्राप्त होगी जब

तुम्हारे सारे आधार मजबूती से ठीक हो और

आज मैं तुम्हारे जीवन में उन्हीं आधारों

को मजबूत और सुनियोजित करने आया हूं इसलिए

तुम्हें इस संदेश को हर हाल में पूरा

सुनना है किसी भी परिस्थिति में इसे अधूरा

छोड़ने की भूल नहीं करनी है कल का दिन

तुम्हारे लिए अत्यंत शुभ होने वाला है

क्योंकि कल से तुम वही जीव नहीं रह जाओगे

जो अब तक होते आए हो कल से तुम्हारा पुनर

उदय होगा एक प्रकार से कहे तो पुनर्जन्म

जैसा होगा तुम इस संसार से ना कभी गए थे

ना कभी जाओगे लेकिन इस संसार में विभिन्न

रूपों में बदलकर तुम ही एक तत्व बन गए हो

और जबकि अभी तुम्हें इसका ज्ञान नहीं है

तुम अपने आप को द्वैतवाद सिद्धांतों में

मानकर भिन्न-भिन्न रूपों में यहां वहां

ढूंढते फिरते हो मन के उस सुकून को ढूंढते

फिरते हो जो वास्तव में पहले से ही तुम्हे

प्राप्त है और इसी वजह से बार-बार

तुम्हारी ऊर्जा दूषित हो जाती है बार-बार

कुछ कुदृष्टि और बुरी दृष्टि की वजह से

तुम्हारी ऊर्जा दूषित हो रही है मेरे

प्रिय समझदार इंसान वह होता है जो बहुत सी

चीजों को नजर अंदाज कर डालता है बहुत सी

चीजों पर वह ध्यान नहीं लगाता वह चीजें जो

उसके जीवन के लिए आवश्यक नहीं है वो चीजें

जो उसकी शांति को भंग कर

वह उनका त्याग कर डालता है लेकिन बहुत से

मनुष्य स्वयं को बंधनों में इस तरह से डाल

लेते हैं कि वह अनावश्यक बंधन को भी

बांधते फिरते रहते हैं तुमने बहुत से

अनावश्यक बंधन अपने जीवन में बांध लिए हैं

तुम्हें इससे छुटकारा पाना ही होगा और तभी

तुम्हारा आभा मंडल खिल पाएगा मेरे प्रिय

तुम्हारे मुंह से निकले शब्द लोगों को

शांति प्रदान करते

हैं लेकिन तुम्हे जब तक स्वयं ही शांति का

अनुभव नहीं होगा तुम चाहे जितना ही शांति

प्रदान करते जाओ तुम स्वयं कभी खुश नहीं

रह सकते और मैं नहीं चाहता कि तुम किसी भी

तरह से दुखी रहो मैं चाहता हूं कि

तुम्हारे जीवन में इतनी खुशिया आए कि लोग

आश्चर्य से भर उठे कि आखिर कैसे तुम्हारे

जीवन में इतनी प्रसन्नता इतनी समृद्धि आई

है लोगों को ज्ञान नहीं लेकिन मुझे पता है

कि तुमने इसकी क्या कीमत चुकाई है

मेरे प्रिय मुझे ज्ञात है कि तुमने कितना

समय दुख में गुजार दिया है कितना समय अभाव

में गुजार दिया है लोगों को प्रेम देते

देते तुम थके नहीं लेकिन बदले में तुम कभी

वह प्रेम प्राप्त नहीं कर सके ना तुम्हारे

साथी से ना तुम्हारे परिवार जनों की तरफ

से ना ही किसी और की तरफ से तुम्हें कभी

प्रेम उतना प्राप्त हुआ दूसरी चीज जिसका

तुम्हारे जीवन में बहुत अभाव रहा वह रहा

मार्गदर्शन का जि वजह से तुमने बहुत से

ऊटपटांग फैसले अपने जीवन में लिए बहुत से

ऐसे फैसले लिए हैं तुमने जिसका तुम्हें

बाद में बहुत पछतावा हुआ लेकिन यह

तुम्हारा कौशल और यह तुम्हारा गुण रहा है

कि तुमने हर मुश्किल परिस्थिति से भी कोई

ना कोई हल निकाल लिया है किसी ना किसी तरह

से तुम बचते आए हो जब संसार तुम्हारे

खिलाफ रहा तब तुम रोए तुम बिलबिला तुम

अकेले में बहुत घबराए लेकिन उन सब के

बावजूद तुम हिम्मत नहीं हारे तुम

सकारात्मक बदलाव की चा में डटे रहे तुम

अड़े रहे और तुमने अंत प्रगति के मार्ग पर

अपने कदम बढ़ा ही दिए अब तुम्हें धन इस

तरह से प्राप्त होगा जैसे कि तुम कोई

चुंबक हो और जिससे सब कुछ चिपकता चला जाए

मेरे प्रिय अब धन तुम्हारे जीवन में भर भर

कर आएगा धन की असीम मात्रा तुम्हें

प्राप्त होगी इतना कि जितना तुम सोच नहीं

सकते अब तुम्हारे चारों आधार सभी स्तंभ

मजबूत रूप से खड़े होंगे चाहे सामाजिकता

की बात हो चाहे आध्यात्मिकता की बात हो

चाहे पारिवारिक बात हो या चाहे आर्थिक बात

हो तुम हर तरफ से समृद्धि की तरफ ही बढ़

रहे होगे तुम हर तरफ से जीव को ही प्राप्त

करोगे और तुम्हारी ऊर्जा अब इतनी भव्य

इतनी दिव्य होती जाएगी कि तुम्हें ना केवल

सुकून का एहसास होगा बल्कि तुम्हें आर्थिक

सुरक्षा का भी भरपूर एहसास होगा अब तक

तुमने जिस भी वजह से अपना जीवन मुश्किलों

में काटा था अब वह भय समाप्त होगा उस भय

को ही जड़ से खत्म करने का समय आ गया है

उस भय को पूर्णता मिटाने का समय आ गया है

अब किस्मत के ताले खुलने वाले हैं बंद

पड़े दरवाजे भी अब अपने आप खुलने वाले

हैं कभी ना काम आने वाला बेकार पड़ा पत्थर

का टुकड़ा भी कभी-कभी बेशकीमती रत्न जैसा

काम कर जाता है इसी तरह से जब कोई

तुम्हारे मूल्य को नहीं समझता तो तुम्हें

लगता है कि तुम मूल्यवान नहीं हो तुम्हें

लगता है कि तुम्हारा कोई मूल्य नहीं है

तुम स्वयं को उस कोयले की भाती देखते हो

जिसका कोई अपना अस्तित्व नहीं होता जो

इतना काला होता है कि उसे कोई अपने घर में

भी नहीं रखना चाहता लेकिन जोहरी को ही परख

होती है उस कोयले की जो अंत हीरा बन जाता

है उसी तरह से तुम एक ऐसा हीरा हो जो

हीरों में भी कोहिनूर हो मेरे प्रिय

तुम्हारी भव्यता अलग है तुम्हारी दिव्यता

अलग है बस अभी ना तो तुम्हें इसका ज्ञान

है ना तुम्हारे आसपास के लोगों को इसका

ज्ञान है पर जब किसी को किसी का ज्ञान

नहीं होता तभी बुद्ध पुरुष उत्पन्न होते

हैं तभी ज्ञानी उत्पन्न होते हैं तभी

आध्यात्मिक मनुष्य उत्पन्न होते हैं जरूरत

होती है तो केवल संतुलन की यह आवाज

तुम्हारी अपने दिल से ही आएगी यह तुम्हें

कोई और नहीं बताएगा कि तुम्हें क्या करना

है तुम्हें कब करना है तुम्हें कैसे करना

है इसलिए बेवजह के प्रश्नों का जवाब

ढूंढना बंद कर दो अब तक तुम जिन प्रश्नों

का जवाब ढूंढ रहे हो वह जवाब बे बुनियादी

है वस्तुत वह प्रश्न ही बे बुनियादी है यह

संसार विभिन्न मनुष्यों के दृष्टि हों से

विभिन्न प्रकार का दिखता है इस संसार में

ऐसा कुछ भी नहीं जो तुमसे विभिन्न हो तुम

जो सूर्य की रोशनी लेते हो वह सूर्य की

रोशनी भी तुम ही हो क्योंकि कल्पना करो कि

क्या उस सूर्य के रोशनी के बिना तुम्हारा

जीवन होगा यदि नहीं तो वह तुमसे भिन्न

कैसे हुआ तुम जो फल खाते हो जो सब्जियां

खाते हो जो भोजन ग्रहण करते हो वह भी अंतत

तुम ही बन जाते हो फिर वह तुमसे भिन्न

कैसे हुआ विचार करो कि जो उन सब्जियों को

उगाता है जो उन अनाजों को उत्पन्न करता है

वह किसान यदि वह ना हो तो क्या वह कभी

उत्पन्न होंगे यदि नहीं तो वह तुमसे भिन्न

कैसे हुआ अर्थात तुम्हारा जीवन उन

सब्जियों पर भी आधारित है जो सूर्य की

रोशनी से उपज हैं उस किसान पर भी आधारित

है जो उसे उप जाता है इस तरह से यदि

देखोगे तो तुम जान पाओगे कि सब कुछ एक

दूसरे से जुड़ा हुआ है सब कुछ एक दूसरे के

रूपों में दिखता है मेरे प्रिय बच्चे

तुम्हें कुछ भी अलग देखने की आवश्यकता

नहीं है सबको एक तरह से देखो सबको इस पंच

महाभू तों से उत्पन्न हुआ ही देखो सबके

कणों में वही अणु विद्यमान है जो इस संसार

के उस प्रथम तारे में मन से ईर्षा क्रोध

द्वेष अनुराग सब कुछ समाप्त कर दो इन सबका

अपना कोई स्थान नहीं है इन सबका अपना कोई

महत्व नहीं है मेरे प्रिय बच्चे तुम इस

संसार में जीत हासिल करने आए हो किंतु यह

जीत क्या है यह तुम्हें तय करनी है यह

तुम्हें तय करना है कि तुम्हारे लिए जीत

के मायने क्या है तुम जिन चीजों के पीछे

भाग रहे हो एक बार उसका विचार करो कि क्या

यह सार्थक है क्या वही पा जाना ही

तुम्हारा असली उद्देश्य है एक बार दृष्टा

बनकर अपने जीवन को देखो और जीवन में यदि

तुम्हें किसी चीज में आनंद नहीं आ रहा तो

तुम कुछ गलत कर रहे हो इस पर गौर करो अपना

मूल्यांकन करो और अपना मूल्यांकन करने पर

तुम पा जाओगे कि तुम किस मोह के कारण वह

नहीं त्याग पा रहे हो जो तुम्हारे भय का

वास्तव एक कारण बना बैठा है एक बार तुम

अपने भय के कारण को छोड़ दो उसके बाद इस

संसार में तुम्हें हराने वाला कोई हो ही

नहीं सकता है तुम भविष्य की चिंता त्याग

कर एक बार यह विचार कर लो कि जो होगा वह

परमात्मा देख लेंगे मैंने सब कुछ परमात्मा

के हाथों में छोड़ दिया है एक बार तुम यह

विचार कर लो उसके बाद ना तुम्हें भविष्य

की चिंता होगी ना अतीत के गलतियों की

गलानी होगी मेरे प्रिय तुम्हें गहराई में

उतरना होगा गहराई में उतर कर एक बार सोचो

कि ऐसा क्या है जिसका मोह तुम अपने मन में

बांधे बैठे हो जिस मो की वजह से तुम्हारे

मन में भय उत्पन्न हो रहा है और भयभीत हुआ

मनुष्य कभी भी ना तो सुंदर हो सकता है ना

ही सार्थक हो सकता है उसका जीवन एक गुलाम

से बढ़कर कुछ भी नहीं होगा इसलिए तुम्हें

भय का त्याग करना होगा और मेरी एक बात

सर्वदा याद रखना कि संसार में सबसे सुंदर

सबसे खूबसूरत चेहरा भय होता है जिस पर भय

की शिखर नहीं होती जिस पर भय का नाम और

निशान नहीं होता बढ़ा हुआ चेहरा चाहे

कितना ही सर्वस्व ले वह सुंदर नहीं हो

सकता इसलिए डर का त्याग करो डर को निकाल

फेंको तुम किससे डरते हो किससे व्यर्थ का

भय खा रहे हो मैं कह रहा हूं कोई तो

तुम्हारा नुकसान नहीं कर सकता वो जिन पर

तुम आर्थिक रूप से स्वयं को निर्भर पा रहे

हो वो जिन पर तुम भावनात्मक रूप से स्वयं

को निर्भर पा रहे हो यह व नहीं है उनका

संसार तुम्हारी दृष्टि से शुरू होता है

यदि तुम उन पर ध्यान ना दो तो तुम्हारे

संसार में कहीं भी उपस्थित ना रहेंगे

इसलिए एक बार बंधनों से मुक्त होकर यह

विचार कर लो कि तुम किसी से भय नहीं खाओगे

जो होगा तुम उस परिस्थिति का सामना करोगे

तुम देख लोगे फिर तुम देखना तुम्हारे

संघर्षों में भी तुम्हें इतना आनंद आएगा

कि तुम उसकी कल्पना नहीं कर सकते

वास्तविकता में फिर संघर्ष रह ही नहीं

जाएगा क्योंकि तब तुम्हारे पास कुछ बचेगा

तो केवल मैं और मैं ही रहूंगा और जिसके

पास मैं हो गया उसके पास उसका अपना मैं

कुछ भी नहीं बैठा रहेगा वह कुछ भी पा

सकेगा कुछ भी पाने के लिए सर्वप्रथम पाने

की चाहत त्याग नहीं होगी कुछ भी पाने के

लिए सर्वप्रथम यह समझना जरूरी है कि क्या

पाना महत्त्वपूर्ण है और क्या त्यागना

महत्त्वपूर्ण

है मेरे बच्चे यह जीवन तुम्हें केवल

सांसारिक बंधनों से युक्त होने और

सामाजिकता से बंधे रहने के लिए नहीं मिला

है यह जीवन अनिवार्य रूप से तुम्हें बस

प्रसन्न रहने के लिए मिला है ईश्वर का एक

नाम महा भोगी भी है तुम्हें यह जानना होगा

अर्थात तुम्हें भी इस संसार में भोगना ही

है यहां भोग लोग है यहां मृत्य लोग है इस

भू पर मनुष्य भोगने ही आया है किंतु उसके

भी कुछ नियम है यह संसार नियमों के आधार

पर ही चलता है परंतु मनुष्य कभी-कभी अपने

अपने भगवान चुन लेता है मनुष्य अपने अपने

देवता निर्मित कर लेता है अपने जरूरत के

अनुसार अपनी सुविधा के अनुसार वह उस ऊर्जा

शक्ति को निर्मित कर लेता है जो

वास्तविकता में उससे अलग कहीं है कि नहीं

मेरे प्रिय संसार में मनुष्य जीत की ओर

बढ़ने के लिए ही आया है मनुष्य जीत को

आकर्षित करने के लिए ही आया है लेकिन तुम

अपने आप को किस ऊर्जा शक्ति के क्षेत्रों

में पाना चाहते हो तो इसका विचार तुम्हें

स्वयं ही करना है यह तुम्हें स्वयं ही

सोचना है कि तुम किस दिशा की ओर बढ़ना

चाहते हो तुम जिस भी दिशा का चुनाव करोगे

मैं उस दिशा पर तुम्हें बहुत आगे लेकर

जाऊंगा इसलिए तुम्हें चुनाव करना होगा और

मैं अभी तुम्हें यह बता देना चाहता हूं कि

तुमने सही मार्ग का चुनाव किया है तुम सही

राह पर आगे बढ़ चले हो और यहां से तुम्हें

जीतने से कोई रोक नहीं सकता लेकिन वह बंधन

वो मान्यता जो तुमने बेवजह लोगों की वजह

से धारण किए हुए हैं उनका त्याग करना ही

होगा बिना उनका त्याग किए तुम्हारा मन कभी

पवित्र नहीं हो पाएगा जबकि तुम एक पवित्र

पुण्यात्मा हो लेकिन तुम्हारे मन पर इतने

आवन चढ़े हुए हैं कि वह पवित्र नहीं हो पा

रहा एक पवित्र पुण्यात्मा होते हुए भी मन

की मलीन ने तुम्हें घेर रखा है मन के

बंधनों ने तुम्हें घेर रखा है मेरे प्रिय

अपने मन के बंधन से आजाद होना प्रारंभ कर

दो यह मन जहां है वही रहेगा यह मन उस नीले

आकाश की तरह है जो सदा से ही व्याप रहा है

तुम्हारा यह मन कभी हट नहीं सकता फिर चाहे

तुम एकांत के शरण में चले जाओ या

सामाजिकता के भीड़ में चले जाओ यह मन

तुम्हारे साथ सदा ही रहेगा तुम इस मन से

छुटकारा नहीं पा सकोगे केवल तुम्हें इस मन

पर किसी तरह का आवण नहीं चढ़ने देना है यह

आवण चाहे तुम्हारे अपनों ना चढ़ाया हो

चाहे तुम्हारे समाज ने चढ़ाया हो चाहे

तुम्हारे बहुत खास लोगों ने ही क्यों ना

चढ़ाया हो बेवजह के अंधविश्वासी आवरण का

त्याग कर दो ऐसे अंधविश्वास जिनका तुम्हें

ज्ञान ना हो रहा हो उनको खोजना प्रारंभ

करो और यदि तुम्हें उसकी वास्तविकता उसका

सत्यता ज्ञात हो पाए तो उसका त्याग कर दो

क्योंकि तब वह तुम्हारे जीवन में किसी

मूल्य का नहीं रह जाता है इस बात से कोई

फर्क नहीं पड़ता कि कोई कथा कोई कहानी

सत्य थी या नहीं थी किंतु उसका तुम्हारे

जीवन में क्या प्रभाव पड़ेगा यह तुम्हारे

लिए महत्त्वपूर्ण है क्योंकि जब तक तुम इस

जीवन में हो तुम केवल इसी जीवन का विचार

कर सकते हो ना अपने पूर्व जन जन्म के

कर्मों का विचार कर सकते हो ना भविष्य में

मिलने वाले जन्म के कर्मों का विचार कर

सकते हो तुम्हारी वास्तविकता आज में है

अभी में है इस क्षण में है इसके अलावा

तुम्हारी कोई वास्तविकता नहीं है यह शरीर

जिससे तुम स्वयं को बांध बैठे हो यह सदा

से ऐसा नहीं रहा यह हर मिनट हर क्षण

परिवर्तित हो रहा है एक साल पहले तुम जैसे

थे आज वैसे नहीं हो जन्म के समय तुम जैसे

थे तुम वैसे नहीं हो तुम्हारा यह शरीर

तुम्हारा यह मन तुम्हारी यह बुद्धि सदैव

परिवर्तनशील है इसलिए इस पर आश्रित ना रहो

तुम्हारे पास कुछ ऐसा है जो परिवर्तनशील

नहीं है जो सदा से ही था जो आदिकाल से था

जो अंतकाल तक भी रहेगा और वह है तुम्हारी

शुद्ध आत्मा वह आत्मा जो पवित्र है वह

आत्मा जो जीत को अपनाना चाहती है वह आत्मा

जो सूर्य की पहली किरण से विद्यमान है वह

आत्मा जो सूर्य के नष्ट होने पर भी

विद्यमान रहेगी मेरे प्रिय तुम अलग हो तुम

विभिन्न हो तुम परिवर्तनशील हो लेकिन जो

तुम में परिवर्तनशील नहीं है जो बिल्कुल

अलग नहीं है जो एक ही तत्व है तुम्हें

उसका विचार करना है बाकी चीजें तो बदलती

रहती है इसलिए अपने जीवन में उन चीजों की

एक सूची बनाओ जो तुम्हारे लिए मूल्यवान है

चाहे वह प्रेम हो चाहे वह धन हो चाहे वह

सुकून हो तुम्हें किन चीजों से प्रेम की

अनुभूति होती है किन चीजों से सुकून की

अनुभूति होती है और किन चीजों से तुम्हारे

धन के मार्ग खुल सकते

हैं उनकी एक सूची बनाओ उस पर कार्य करना

या ना करना यह दूर की बात है लेकिन

सर्वप्रथम तुम्हें उसकी सूची बनानी होगी

ताकि तुम्हारा मन यह स्पष्ट रूप से तय कर

सके कि तुम्हें वास्तविकता में क्या चाहिए

जब एक बार यह स्पष्ट रूप से तय हो जाता है

उसके बाद मैं मनुष्य के भीतर वह प्रेरणा

उत्पन्न करता हूं जिससे वह उस मार्ग का

चुनाव कर ले इससे उसे जीत हासिल होगी एक

बार तुम अस्पष्ट भाषा लिख रहे हो तुम

प्रेम को अपने जीवन में उतार रहे हो तुम

सरल नहीं हो तुम कठिन भी नहीं हो तुम वह

हो जो हमेशा से रहा है वह हो जो हमेशा ही

रहेगा इसलिए भय का त्याग करो मैं तो

तुम्हारे जीवन में चीजों को इतना आसान बना

दूंगा कि तुम्हें कभी भी नाई का अनुभव ना

हो तुम्हें कभी भी अकेलेपन का अनुभव ना हो

लेकिन सर्वप्रथम तुम्हें स्वयं से स्वयं

के साथ और स्वयं में मिलकर रहना सीखना

होगा उस समय अकेलेपन में तुम्हें गुजरना

ही होगा और यह अकेलापन परिस्थिति के वश

में ना हो तो तुम्हें बिल्कुल भी कठिनाई

नहीं होगी यह अकेलापन तुम्हारा स्वयं का

चुनाव होना चाहिए यह अकेलापन तुम्हारे मन

से उत्पन्न होना चाहिए ताकि तुम भय में ना

रहो ताकि तुम मोह का त्याग कर सको ताकि

कोई तुम्हें डराने वाला ना पैदा हो सके

मेरे प्रिय जीत बहुत करीब है उस जीत का

स्वीकार कर अपने जीवन में उतार लो प्रिय

बच्चे हर एक तत्व अपने में विशेष है और

यही तत्व मिलकर तुम बने हो और जब तुम बन

ही चुके हो तो व्यर्थ के झंझट में ना फसो

व्यर्थ के विचारों का त्याग कर दो वह सभी

चीजें जो तुम्हें दुख की अनुभूति करा रही

है तुम्हारे भी उतर जो अग्नि प्रज्वलित

होती रही है प्रश्नों की मैं उसे शांति कर

दूंगा तुम्हें सभी उत्तर जीत का प्रगति का

शांति का और उस एक तत्व को समझना होगा जो

ना केवल तुम में है बल्कि इस समस्त संसार

में विद्यमान है वह तत्व तुम ही हो वह

मूल्य तत्व तुम ही हो तुम्हें इसे समझना

है इसकी गहराई में उतरना है और एक बात सदा

याद रखना है यह जो संसार तुम्हें मालूम

पड़ रहा है यह भले ही तुम्हारे खिलाफ खड़ा

हो जाए या भले ही तुम्हारा साथ दे या ना

दे यह भले ही तुम्हारा ब्रह्म जाल हो या

कुछ भी हो लेकिन तुम सदा याद रखना कि मैं

सदैव तुम्हारे साथ हूं तुम्हारे कर्मों का

मूल्यांकन कर रहा हूं और तुम्हें निष्काम

कर्म की ओर लेकर जा रहा हूं तुम्हारा हाथ

पकड़कर मैं तुम्हें उस मार्ग पर लेकर जा

रहा हूं जिस मार्ग के अंत में बहुत बड़ी

जीत छुपी हुई है तुम अब जीत को हासिल करने

वाले हो उस जीत को अपने जीवन में उतारने

वाले हो मेरा आशीर्वाद सदा तुम पर बना

रहेगा मेरे प्रिय मैं विभिन्न रूपों में

तुम्हारे पास ही रहूंगा तुम्हें

मार्गदर्शन देता रहूंगा मेरे आने वाले

संदेशों की प्राप्ति के लिए लोगों में

खुशियां बांटो समृद्धि को प्राप्त करो भय

का त्याग कर दो और अभी अपने जीत की पुष्टि

करो संख्या

लिखकर यहां पुष्टि करो कि तुम जीतने

वाले हो साथ ही यह भी लिखो कि मैं जीत

Leave a Comment