आखरी बार अपने परिवार से मिल लो

तो वीडियो को छोड़कर जाने की भूल मत

करिएगा जय हो माता रानी मेरे बच्चे तुमने

अपना पूरा जीवन दूसरों को खुशी देने में

निकाल दिया है तुम्हें अपने से ज्यादा

अपनों की फिक्र रहती है अपने प्रेम

माता-पिता भाई बहन सगे संबंधी सबको तुम

खुश देखना चाहते हो किंतु तुम्हें सबसे

ज्यादा दुख तुम्हारे अपनों ने ही दिया है

जिस पर तुम्हें सबसे ज्यादा विश्वास था

जिससे तुम्हें सबसे ज्यादा प्रेम है उसी

ने तुम्हारे प्रेम और विश्वास का फायदा

उठाया है तुम्हें कष्ट दिया है मेरे बच्चे

तुम मुझसे शिकायत करते हो ना कि माता मुझे

ही इतनी परीक्षाओं से क्यों गुजरना पड़ा

मेरी क्या गलती है मुझसे आपने इतनी कठोर

परीक्षा क्यों ली है मेरे बच्चे तुम्हारे

साथ जो कुछ भी हुआ उसके दोषी केवल तुम हो

मैंने कदम कदम पर तुम्हारा मार्गदर्शन

किया है किंतु कभी भी तुम मेरे बताए गए

मार्ग पर चले ही नहीं तुम अपने स्वार्थ के

पीछे अपने संबंधों के पीछे इस कदर भाग रहे

थे कि तुमने कभी भी अपनी अंतरात्मा की

आवाज नहीं सुनी मेरे बच्चे अपनी माता के

लिए इस संदेश को लाइक करके चैनल को

सब्सक्राइब कर दीजिए मेरे बच्चे यह संसार

एक माया जाल है जो एक बार इसमें फंस जाता

है पर निकलना मुश्किल होता है मेरे बच्चे

तुमने दूसरों को खुशी देने के लिए अपनी

खुशियों का त्याग कर दिया यह तुम्हारी

सबसे बड़ी भूल थी तुम्हें एक भ्रम भी है

कि कर्ता तुम हो सबकी जिम्मेदारी तुम्हारे

ऊपर है सबकी खुशियों का भार तुम्हारे

कंधों पर है मेरे बच्चे होता वही है जो

मैं चाहती हूं इसलिए सब कुछ मुझ पर छोड़

दो और एक स्वतंत्र तनाव मुक्त जीवन जीने

का प्रयास करो तुम जो चाहते हो वह मैं

तुम्हें अवश्य दूंगी किंतु एक-एक करके सही

समय आने पर मेरे बच्चे इस पर विश्वास है

तो हां लिखकर इस संदेश को शेयर कर दीजिए

मेरे बच्चे तुम हर कार्य एक साथ नहीं कर

सकते सब कुछ एक साथ प्राप्त नहीं कर सकते

इसलिए थोड़ा सब्र तुम्हें रखना होगा मेरे

बच्चे तुम्हें जैसा दिखाई दे रहा है यह

दुनिया वैसी कदापि नहीं है तुम सोचते हो

सब तुम्हारे अपने हैं तुमसे बहुत प्रेम

करते हैं तुम्हारा बहुत रखते हैं किंतु यह

तुम्हारा मित है कोई तुमसे प्रेम नहीं

करता सबको प्रेम है अपने सहारे से अपने

स्वार्थ से अपनी जरूरतों से मेरे बच्चे

तुम कहोगे कि नहीं हर कोई स्वार्थी नहीं

होता माता-पिता का प्रेम निस्वार्थ होता

है मेरे बच्चे तुम्हारे जन्म का कारण ही

स्वार्थ से प्रेरित है जिन्होंने तुम्हें

जन्म यह सोच के साथ दिया है कि बड़े होकर

तुम उनके बरपे का सहारा बनोगे किसी का वन

बनोगे किसी का भविष्य बनोगे तो कोई नहीं

स्वार्थ कैसे हो सकता है मेरे बच्चे मेरी

बात तुम्हें कड़वी लग सकती है किंतु सत्य

को अस्वीकार नहीं कर सकते मेरे बच्चे तुम

सबका भला चाहते हो यह तुम्हारी गलती नहीं

है किंतु तुम्हें सबके बीच स्वयं को भूल

गए यह तुम्हारी गलती है तुम स्वयं से

प्रेम नहीं करते कोई व्यक्ति बार-बार

तुम्हें पीड़ा देता है तुम्हें अपमानित

करता है तो तुम मौन रहते हो जब तुम्हारी

आत्मा को चोट पहुंचती है तो भी तुम जी भर

के रो लेते हो लेकिन अपने आत्म सम्मान के

विरुद्ध तुम एक भी शब्द नहीं बोलते मेरे

बच्चे यदि सब कुछ चाहिए तो सहना बंद करो

अपने आप को समय दो खुद से प्रेम करो किसी

को इतनी शक्ति मत दो कि वह तुम्हें ही

शक्तिहीन बना दे मेरे बच्चे जिस दिन तुम

अपने जीवन का महत्व समझ जाओगे उसी दिन

तुम्हारे जीवन का स र्ष समाप्त हो जाएगा

मैं वचन देती हूं मैं तुम्हें वह भी दूंगी

जो पाना तुम्हारे लिए असंभव है मेरे बच्चे

तो मेरी बनाई अनमोल रचना हो तुमसे ज्यादा

महत्त्वपूर्ण इस संसार में कोई नहीं है

अपना ध्यान रखो मैं तुम्हारे साथ हूं मेरे

बच्चे सच्चे मन से लिखो जय हो माता रानी

मेरे बच्चे आज मैं तुम्हें बताऊंगी कि

तुम्हें रुलाने वाला व्यक्ति आज किस हाल

में जी रहा है मेरे बच्चे उसे अपने कर्मों

का दंड मिलना शुरू हो गया है जितना दर्द

जितना कष्ट उसने तुम्हें दिया है आज वह

खुद भी उसी दर्द से टड हाप रहा है मेरे

बच्चे मैं तुम्हारे स्वभाव से भली भांति

परिचित हूं मैं जानती हूं कि तुम्हारा मन

उसे भी खुश देखना चाहता है जिसने तुम्हारे

साथ छल किया है तुम्हारे साथ जो कुछ भी

हुआ उसे तुम्हें अपार कष्ट हुआ है परंतु

फिर भी तुम नहीं चाहते कि कोई तुम्हारे

जैसा दर्द सहन करें मेरे बच्चे तुम्हें

मुझ पर विश्वास है तो अंक लिखकर इस

संदेश को लाइक कर दीजिए मेरे बच्चे यह

तुम्हारी महानता है कि तुम सबको खुश देखना

चाहते हो परंतु प्रकृति का नियम है जो

जैसा कर्म करेगा उसे वैसा ही दंड भोगना

पड़ेगा मेरे बच्चे उसने तुम्हारे साथ जो

कुछ भी बुरा किया है उसका दंड वह भोग रहा

है उसके जीवन में कुछ ऐसा घटित हुआ है

जिससे वह पूरी तरह से टूट चुका है वह

तुम्हें हर समय याद कर रहा है तुम्हारे

प्रेम को याद कर रहा है उसने तुम्हें जो

पीड़ा दी है वह सोचकर वह मन ही मन तड़प

रहा है और अपनी गलती पर पछता रहा है वह

तुम्हारे पास लौट आना चाहता है तुम्हें

गले लगाकर रोना चाहता है किंतु वह जनता है

कि उसने जो भूल की है व वहां बहुत बड़ी है

उसने तुम्हारे भरोसे को तोड़ा है यदि वह

अब तुम्हारे पास आया तो वह कभी तुमसे

नजरें नहीं मिला पाएगा इसलिए वह तड़प रहा

है रो रहा है तुम्हारे लिए और उसके आंसू

पोचने वाला भी कोई नहीं है मेरे बच्चे जब

भी कोई किसी की भावनाओं का मजाक बनाता है

तो एक ना एक दिन उसका भी मजाक बनता है उसे

भी किस अपार पीड़ा को अनुभव करना पड़ता है

जो उसने किसी और को दिया था मेरे बच्चे

तुम्हें दर्द देने वाला इंसान अभी इस हालत

में है यह बात किसी को अपना दर्द भी नहीं

बता सकता मेरे बच्चे मैं अपने संदेश के

माध्यम से तुम्हें सतर्क करने आई हूं तुम

बहुत भोले हो सरलता से अपने साथ हुए

अन्याय को भूल जाते हो एक बार यदि कोई

माफी मांग ले तो तुम उसे सहज ही माफ कर

देते हो तुमने बहुत बार ऐसा किया भी है

किंतु मेरे बच्चे अब तुम ऐसे ही भूल कभी

मत करना कुछ गलतियां माफ नहीं की जा सकती

मेरे बच्चे जिस व्यक्ति ने तुम्हारा एक

बार विश्वास तोड़ दिया उस पर कभी विश्वास

मत करना मेरे बच्चे वह व्यक्ति अपनी

गलतियों की सजा भोग रहा है वह तुमसे नजरें

मिलाने के काबिल तो नहीं है फिर भी वह

स्वभाव से निर्लज है वहां जनता है कि

तुम्हारा मन कोमल है इसलिए वह तुम्हारे

जीवन में आने की जेष्ठा जरूर करेगा वह तुम

पर नजर रखता है कुछ लोगों को उसने

तुम्हारे पीछे लगा रखा है तुम्हारी हर

गतिविधियों पर उसकी नजर है मेरे बच्चे इस

बार उसके मन में छल कपट नहीं है प्रेम है

किंतु फिर भी वह प्रेम क्षण भर का है

इसलिए मेरे बच्चे यदि कभी वहां तुम्हारे

समक्ष आए या तुमसे संपर्क करें तो उसे

अपमानित करके अपने जीवन से बाहर फेंक देना

यही उसकी योग्यता है यही उसकी पात्रता है

मेरे बच्चे उसने केवल तुम्हें ही दुख नहीं

दिया उसने अपने परिवार को भी दुख दिया है

जो व्यक्ति अपने परिवार का नहीं हो सकता

वह किसी का भी नहीं हो सकता मेरे बच्चे

मेरे आदेशों का पालन करो मेरे बच्चे मैंने

तुम्हारे पुकार सुनी है तुम्हारी भावनाएं

मुझसे छुटी नहीं है किंतु तुम्हारे मन में

एक उलझन है आज उसी का समाधान मैं करने आई

हूं मेरे बच्चे मैं जानती हूं तुम किन

विचारों में खोए हुए तुम्हारा मन इतना

व्यथित क्यों है तुम यही सोच रहे हो ना कि

तुमने मुझसे जो मांगा था वहां अब तक

तुम्हें क्यों नहीं मिला क्या तुम्हारी

भक्ति में कोई कमी है आखिर क्यों तुम्हें

इतना इंतजार करना पड़ रहा है और कब तक

तुम्हें यहां दर्द बर्दाश्त करना होगा

मेरे बच्चे तुम्हा

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