आज भी मथुरा के इस गांव में नहीं चढ़ने देते सवर्ण हिन्दू दलितों की बारात | देखिये ग्राउंड रिपोर्ट

जो मोदी जी का गढ़ है गुजरात वहां
गांधीनगर में दूल्हे को पीटा गया घोड़ी से
उतारा गया उसके अगले दिन जो है घटना आई
राजस्थान से झालावाड़ से वहां पर जो है
पुलिस के साय में बारात निकली है भीम

आर्मी के लोग व पहुंचे तब जाक बारात निकली
और आज हम खड़े हैं यूपी के मथुरा में आज
यहां पे भी वही हाल है 75 इयर्स हो गए हैं

देश को आजाद हुए कहने के लिए लेकिन आज भी
दलितों को जो है अपनी बारात को चढ़ाने के
लिए शांति पचाने के लिए पुलिस की सुरक्षा
लेनी पड़ती है बावजूद उसके पुलिस यहां पर
नहीं आती है वो भी दिन में बरात चढ़ी थी

उन दिन धाड़ ईंट बरसी थी उसमें एलिगेशन
देके आया था आज भी सुनवाई नहीं हुई है चार
लोग आए थे देखकर चले गए प्रधान से बतरा
करर बातें करके उनसे प्रधान जी से बातें

करकर चले गए क्योंकि उनसे मिले हुए हैं
मैं तो साफ कह रहा हूं हर बारात में ऐसा
ही होता है झगड़ा होता है ब्राह्मण भी है
यहां पर जो प्रधान है ठाकुर लोग भी है तो

दोनों लोग रोकते हैं या कोई एक ऐसा रो सब
लोग एक हो जाते हैं अपने लोगों से सब लोग
जलते हैं तो इस बात के चांस थे अगर आप
पुलिस की मना करने के बाद भी अगर बाबा
साहब की तस्वीर लेकर चलते तो क्या पथराव
उपद्रव हो सकता था हां बिल्कुल होता था

गांव के प्रधान ने बोला था बिल्कुल होगा ट
पत्र फेंगे ख कचर होगा ये साब बोला था
प्रधान ने जी अगर बाबा साहब की तस्वीर
दूल्हे के बराब में लगा के चलेंगे तो ईट

पत्थ बरसते बरसते हैं बरसेंगे ठकर बा
अंबेडकर मूर्ति च झगड़ो हो बहुत तगड़ो
झगड़ो
हो
प्री

इस वक्त मैं उत्तर प्रदेश के मथुरा में
हूं और मथुरा का एक गांव है जुन सुटी और
हमें यहां पर खबर मिली थी कि यहां एक
बारात जो है शौक की तरफ से आ रही है और उस
बारात में पुलिस से सुरक्षा मांगी गई थी
यह जाटव समुदाय की बारात थी और जब हम यहां
पर आए तो हमने देखा कि पुलिस से सुरक्षा
मांगी तो गई लेकिन पुलिस यहां पर नजर नहीं
आई आप

जाइए तो बात कर लेते हैं पहले आप अपना
परिचय दीजिए और सवाल मेरा आपसे वही है कि
आखिर पुलिस की सुरक्षा क्यों मांगी गई थी
और पुलिस यहां पर दिखी भी नहीं बड़ी बात
तो य है मेरा नाम डॉक्टर राजवीर आजाद है
और मैं फरीदाबाद जिला सचिव हूं भीम आर्मी

से यह मेरे साले की शादी थी अभी जब जिस
दिन 14 फरवरी को लगन सगाई लेकर गए थे लोग
यहां से तो यह इन लोगों ने बताया था कि
हमारे गांव में बाबा साहब की प्रति बारात
के समय नहीं निकालने देते
हैं दूले के बराबर में जो तथागत बुद्ध के
और बाबा साहब की तस्वीर लेके चलने का जो

चलन है वो यहां पर नहीं करने देते ये आप
कह रहे नहीं करने देते हैं तो उसी को लेकर
हमारी इन लोगों से बात हुई थी ये कह रहे

कि पहले भी हमारी कई शादियों में इन लोगों
ने ऐसा नहीं होने दिया है तो यह कह रहे थे
कि हम अपनी एप्लीकेशन लगाएंगे और

एप्लीकेशन लगा के हमें ऐसे ऐसे वो कर
बारात निकालनी है तो इन लोगों ने अपनी तरफ
से कार्यवाही की और जो भी यहां इनके

नजदीकी चौकी है उस चौकी में जाकर इन लोगों
ने एप्लीकेशन दी उस एप्लीकेशन
पर आज शाम को करीबन 7:30 प बजे के के करीब
भी कोई यहां पुलिस प्रोटेक्शन नहीं थी और
उसी समय लड़की पक्ष के तरफ से मेरे पास
फोन गया था लड़की के भाई का कि ऐसे ऐसे
बात है अभी तक पुलिस कोई नहीं आई यहां

उन्होंने मेरे पास चौकी इंचार्ज जो कि
यहां के कपिल नागर हैं उनका फोन नंबर भेजा
मेरी उनसे फोन पर बात हुई थी तो चौकी का

नाम क्या है किसी को पता है
सतुआ चौकी पड़ती होगी कोई उनकी तो वहां का
जो चौकी परिवारी है कपिल नागर उससे मेरी
बात हुई थी उन्होंने कहा कि आज यूपी पुलिस

की एग्जाम था तो उसकी वजह से हम अभी लेट
हो गए हैं और अभी थोड़ी बहुत देर में हम
पुलिस प्रोटेक्शन भेज रहे हैं तो बारात जब
हम उस पार आ गई थी तो यहां के जो चौकी
प्रभारी है उसके मेरे पास कॉल गई थी आप
कहां हो तो मैंने उनसे बोला बोला जी मैं य
उस पार के जून शुटी के मोड पर हूं जी आपसे

मिलना है मैं हम आ रहे हैं अभी तो शायद

पाच से सात मिनट बाद हम यहां आ गए थे तो
हमने देखा ना तो यहां कोई पुलिस
प्रोटेक्शन थी ना कोई चौकी इंचार्ज था
नहीं कोई थाना इंचार्ज था कोई नहीं मिला
था मत चौकी इंचार्ज का फोन आपको आया था
हां आया था अच्छा क्या उन्होंने कहा आपसे
जो है उन्होंने कहा था जी हम यहां बैठे

हैं आप आ जाइए मिल लेते हैं आपसे और जिस
काम के लिए आपने वो दी थी इंफॉर्मेशन हम
आए हुए हैं हां जी तो यहां रात में कहीं
पुलिस दिखी नहीं आप में से किसी को दिखी

क्या नहीं नहीं दिखी सर नहीं दिखी सर कोई
पुस किसी कोखी क्या कह रहे हैं कि पुलिस
नहीं थी नहीं देखी जी किसी ने नहीं देखी
तमाम लोगों ने पुलिस नहीं देखी है यहां पर
कोई भी पुलिस का जो सुरक्षा कर्मी है वह
पूरी बारात में नहीं था अच्छा क्या कारण
है मतलब जो है कि वो उस तस्वीर को बाबा

साहब की तस्वीर को दूल्हे के बराबर में
निकलने नहीं देते हैं यह जानने के लिए
यहां के स्थानीय लोग कौन है मैं हूं आप तो
जो आपके साले की शादी थ हा अच्छा जो बेटी
का पक्ष है वहां से कोई है जो हमसे बात कर
सके अच्छा ये ताऊ जी

है हा आप अपना काम देखिए आप जी ताऊ जी ऐसा
क्यों है कि मतलब आपको पुलिस की सुरक्षा
लेनी पड़ी पुलिस आई भी नहीं तो ऐसा क्यों
है कि व बाबा साहब की तस्वीर को लेने का
विरोध करते हैं क्या कारण है जब य बराता

तो सब लोग ईट पत्थर हर बराते अच्छा हा कई
बार मूर्ति तोड़ दई और जो
है बाबा साहब की और बाकी बहु भगवान की
मूर्ति को देख कर के य जो ई पत्थर बरसा
देते अच्छा आप यह कह रहे हैं कि जब बारात

निकलती है तो ईंट पत्थर बरसाते हैं अच्छा
अच्छा भैया आप बताइए अपना परिचय मतलब कहां

से आप इधर से ही है जो बेटी पक्ष है व से
भा है अच्छा ऐसा क्यों मतलब हुआ कि हमें
खबर ये मिली कि भाई यहां पर पुलिस आएगी और

उसकी सुरक्षा की मांग करी गई कि भ हमको जो
है एक सुरक्षा दी जाए पुलिस की क्योंकि
बाबा साहब की जो तस्वीर होती है उसको लेकर
चलने में यहां पर कुछ लोगों को आपत्ति है
तो पहली बात यह बताइए आपत्ति किन लोगों को
है और क्यों आपत्ति है जो जाति को आपत्ति

है हाई काटों में अच्छा मैंने जो कारवाही
कीथ में करके आया था एप्लीकेशन देके आया
था सादा भरा चढ़ा दो तो भी झगड़ा मूर्ति
चढ़ा दो तो भी झगड़ा राम लक्ष्मण की चढ़ा
दो तो भी झगड़ा वो भी ईंट पत्थर फेंकते

हैं इसलिए मैं कारवाही करके आया था कोई
पुलिस प्रशासन ने को सुनवाई नहीं की चार
लोग आए थे चौकी से वो देख दख कर चले गए
कार्यवाही के नाम पर क्या हुआ चार लोग आए

और देख कर के चले गए अगर मान के चलिए इन
पर कोई हमला हो जाता बारात पर हमला हो
जाता जैसे कि विगत पीछे होता आया है तो
फिर क्या होता यहां पर जो कानून व्यवस्था

है वो तो कम से कम यहां पर
जो हां ठीक है अच्छा कुछ ऐसे भी सुनने में
आया था ऐसा कहा गया था कि भैया जो दूसरे
लोग हैं जो सवर्ण लोग हैं गांव के वो इस
बात से नाराज है कि आप डॉक्टर अंबेडकर की
तस्वीर मत लगाइए नहीं तो विवाद हो जाएगा
ऐसा कुछ आपको सुनने मिला था हा जी हमारे
प्रेजेंट में प्रधान जी है उन्होंने मना
किया था कि यहां पर झगड़ा होगा अगर ये
निकाली तो तुमने तो प्रधान जी बाय कास्ट

कौन है सवर्ण है या फिर पंडित है पंडित जी
है जी उन्होंने कहा फिर मना कर दिया अगर
राम लक्ष्मण की ला तो कोई दिक्कत नहीं है
अगर ये बाबा साहब की मूर्ति निकाल तो

झगड़ा होगा ये मुंह पर भी नहीं रुकेगा

बताइए अब देश का कानून सभी को अपने
धार्मिक अनुष्ठान के लिए पूर्ण तरह से
आजादी देता है कि आप जैसे चाहे वैसे जो है
अपना जो आपके फंक्शन है आप उसको कर सक

ते
हो बावजूद उसके जबक हम वो कहते हैं कि
योगी महाराज की नगरी में खड़े हुए हैं
मथुरा है यह अभी आपको मैं बता दूं अभी
आपने देखा होगा हमारे चैनल के माध्यम से
जो मोदी जी का गढ़ है गुजरात वहां
गांधीनगर में दूल्हे को पीटा गया घोड़ी से

उतारा गया उस के अगले दिन जो है घटना आई
राजस्थान से झालावाड़ से वहां पर जो है
पुलिस के साय में बारात निकली है भीम
आर्मी के लोग वहां पहुंचे तब जाके बारात

निकली और आज हम खड़े हैं यूपी के मथुरा
में आज यहां पे भी वही हाल है पुलिस तक वो
सूचना दी गई लेकिन उसके बावजूद भी यहां
पुलिस प्रशासन आया नहीं आया भी तो फरव

पूरी करी जैसे कि उसके भाई जो है वो हमको
बता रहे हैं आए थे जरूर लेकिन खुद पुलिस
ने यहां पे मना किया कि भैया यह तस्वीरें
मत लगाओ वरना झगड़ा होने का बलवा होने का
पूरा पूरा चांस है उपद्रव हो सकता है तो
सोचिए आज हम कहां पे खड़े हुए हैं 75
इयर्स हो गए हैं देश को आजाद हुए कहने के

लिए लेकिन आज भी दलितों को जो है अपनी
बारात को चढ़ाने के लिए शांतिपूर्ण चाने
के लिए पुलिस की सुरक्षा लेनी पड़ती है
बावजूद उसके पुलिस यहां पर नहीं आती है
अच्छा और कुछ बताइए भैया अ पीछे कुछ ऐसी

घटना हुई है क्या हां हुई है 7 दिसंबर को
हुई थी अच्छा हमारे पड़ोस में एक लड़की है
बहन जी लगती है उनकी शादी हुई थी उनमें
राम लक्ष्मण की मूर्ति आई थी वो भी दिन
में बरात चढ़ी थी उन दिन धाड़ ईंट बरसी थी
उसमें अब बताइए भैया राम की मूर्ति पर भी
जो है इनको आपत्ति है आखिर करें तो करें

क्या हमने उसमें कार्रवाई की थी सब जगह पर
घूमे थे कोई सुनवाई नहीं हुई हमारी इसलिए
हम हमें एप्लीकेशन देके आया था आज भी
सुनवाई नहीं हुई है चार लोग आए थे देखकर
चले गए प्रधान से बतरा करर बातें करके
उनसे प्रधान जी से बातें करकर चले गए

क्योंकि उनसे मिले हुए हैं मैं तो साफ कह
रहा हूं अब बताइए जो दूले के जीजा है वो
भी हमसे कह के गए कि फोन आया था उनका चौकी
इंचार्ज जो है यहां के कुछ नागर करके है
उनका फोन आया था उन्होंने कहा कि हम आपसे

मिलना चाह रहे हैं उसके बाद यह भी कहा कि
भैया ये डॉक्टर अंबेडकर वाली जो तुम्हारा
प्रोग्राम है इसे मत करना वरना बलवा हो
सकता है तो इनकी बात भी सही है कहीं ना
कहीं जो है वो तालमेल मिला हुआ है पहले से
क्योंकि एक भी पुलिस का व्यक्ति अब आप जो

हमारी वीडियो चल रही है इसमें आप वो भी
देखिए दूल्हे के आसपास की वीडियो भी है
बराती नाच भी रहे हैं उसका भी है वीडियो
और शुरू से लेकर के एंड तक का वीडियो आपको

दिखाई दे रहा होगा होगा उसमें कहीं भी
पुलिस की वर्दी में एक भी व्यक्ति खड़ा
हुआ नहीं है पुलिस प्रशासन से यह प्रधान
मिला हुआ है मैंने एप्लीकेशन दिया था उसके

आधा घंटे बाद मेरे पास फोन आने लग गए कि
तूने एप्लीकेशन दिया है वहां पे पूरे गांव
का फोन आने लग गया जो मुखर है गांव के
उनका फोन आएगा तूने एप्लीकेशन लगाया इसमें
शादी के लिए कि ये झगड़ा होगा मैंने हां
मैंने लगाया है तो प्रधान इससे मिला है कि
नहीं मिला खबर आई है नहीं

आई कोई सुनवाई नहीं हुई है चलिए आप अभ यही
रहिएगा ताऊ जी आप बताइए आप उमराज आदमी है
मतलब आपके पीछे जो है इस तरह की चीजें रही

है जो आज हमें दिखने को मिल रहा है यहां
पे बिल्कुल नहीं है साहब अच्छा हां हर
बारात में ऐसा ही होता
है झगड़ा होता है कोई स्पेशल खास मतलब कोई
एक खास ऐसी कम्युनिटी है जैसे ब्राह्मण का

भी आपने नाम लिया ब्राह्मण भी है यहां पे
जो प्रधान है ठाकुर लोग भी हैं तो दोनों
लोग रोकते हैं या कोई एक ऐसा रोध करते सब
लोग एक हो जाते हैं अपने लोगों से सब लोग
जलते हैं अच्छा
आप आपके यहां से प्रधान कौन है फिलहाल

ब्राह्मण है ब्राह्मण है विधायक कौन है
आपके
य व जब वोट लेने के लिए आते हैं आप जो गैर

बराबरी है जो सामाजिक गैर बराबरी है इसके
आप कभी बात नहीं करते कि भैया यह लोग तो
हमारी बात नहीं चढने देते हैं खूब करते
सब ऐसे लोगों को आप वोट देते ही क्यों हो
वोट हम तो वोट अरे आप भैया अपने का

व्यक्ति चुनिए ताकि वो ऐसे टाइम पर आपके
साथ में खड़ा रहे आज आपके साथ में य पर
कौन है कोई भी तो नहीं है ना कोई प्रधान
है ना कोई आपका विधायक है आप अपनी जो वोट
की वैल्यू आप उसको भी जो है समझ पा रहे तो
यह तो लगातार होता रहेगा आप अपनी अगली जो

पीढ़ी है अब य अब यह आपकी पीढ़ी है अब इस
भाई की जो पीढ़ी होगी वह भी यही चीज सहेगी
तो इस बात के चांस थे अगर आप पुलिस की मना

करने के बाद भी अगर बाबा साहब की तस्वीर
लेकर चलते तो क्या पथराव उपद्र हो सकता था
हां बिल्कुल होता था गांव के प्रधान ने
बोला था बिल्कुल होगा ईट पत्त्र फेंगे खून
कच्चर होगा यह साफ बोला था प्रधान ने जी

अगर बाबा साहब की तस्वीर दूल्हे के बरा
में लगा के चलेंगे तो ईट पत्थर बरसते
बरसते हैं
बरसेंगे होगा ये इस तरह का माहौल क्रिएट
यहां पर हो
[संगीत]
जाता अंबेडकर की मूर्ति नहीं चढ़
राजस्थान के हम ठकर बात है अंबेडकर मूर्ति
नहीं च ड़ हो बहुत तगड़
झगड़ इनसे भी कहा गया है कि अंबेडकर की
मूर्ति लगाई गई तो झगड़ा होगा हो बहुत
तगड़ा ड़ होगा झगड़े से बचने के लिए
व्यवस्था को बनाए रखने के लिए वह जो है
तस्वीर नहीं
लगाई देखिए यहां पर जो है ना वो तस्वीर
नहीं लगाई गई है पुलिस के द्वारा भी इनको
मना कर दिया गया कि अगर आप तस्वीर लगाएंगे
तो बलवा हो सकता है उपद्रव हो सकता है
स्थिति खराब हो सकती है अब सोचिए आप हम
कहां पर आज खड़े हुए हैं यह संविधान हमको
पूर्ण रूप से अपने धार्मिक अनुष्ठान करने
का मौका देता है आधारित देता है उसके
बावजूद भी आज यह स्थिति है कि उत्तर
प्रदेश के मथुरा में हम आज खड़े हुए हैं
और गांव को नाम एक बार बता दीजिए भूल गया
ज जुन सुटी थाना हाईवे ठना हाईवे विधानसभा
गोवर्धन और चौकी क्या थी जहां आपने उती
सतो अब समझ गए होंगे आप लोग बाबा योगी की
नगरी है यह कहने को तो कहते हैं कि जीरो
टोलरेंस यहां पर जो है अत्याचार है और ऐसी
कोई भी घटना नहीं होती है दबंगों के जो है
वो लगाम लगा दी गई है लेकिन एक ताजा मामला
है आप देखिए कि दलितों को तो भैया बारात
भी यहां पर जो है निकालने नहीं दी जा रही
है उत्तर प्रदेश के मथुरा में हम मौजूद
हैं जुन स गांव कीय घटना थी तो इस पूरे
घटनाक्रम पर आप दर्शकों की अपनी क्या
प्रतिक्रिया है भारत के किसी भी कोने से
अगर आप यह वीडियो देख रहे हैं तो कमेंट
जरूर लिखें और इस वीडियो को पूरे भारतवर्ष
में शेयर जरूर करें धन्यवाद

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