आपके अन्दर जाग रही दिव्य शक्तियों को देखकर शत्रु बहुत ही परेशानी में हैं

मेरे बच्चे जिसने तुम्हारे साथ गलत किया

है उसकी की गई गलती की सजा अवश्य मिलेगी

मैं अपने बच्चे की रक्षा मैं स्वयं करूंगी

मेरे बच्चे तुम बहुत ही सीधे-सीधे भोले

भोले हो परंतु यह संसार ऐसा नहीं है इस

संसार में बहुत लोग ऐसे हैं जो बहुत ही

ज्यादा गिरे हुए हैं जो कि दूसरों का

अच्छा होता हुआ नहीं देख सकते हैं

तुम्हारे दुख से खुश होते हैं और तुम्हारी

खुशी से दुखी होते हैं इसलिए वह नहीं

चाहते कि तुम तरक्की करो इसलिए मेरे बच्चे

तुम्हें सावधान होने के लिए मेरी बातों पर

पूर्ण रूप से ध्यान देना होगा कुछ बातें

जो कि बहुत जरूरी हैं उस बात को शांत होकर

सुनना और समझना जिससे तुम मेरी बातों को

सुनकर

समझ सको मेरी इस बात को इस प्रकार से समझो

कि यदि तुम जंगल में रास्ता भूल गए हो और

तुम किसी से मार्ग पूछो और तुमसे कोई ऐसा

कह दे कि पूर्व की तरफ जाओगे तब तुम्हें

तुम्हारा मार्ग प्राप्त हो जाएगा जिससे कि

तुम अपने घर पहुंच जाओगे तो तुम पूर्व की

तरफ चल दोगे क्योंकि तुम्हें मार्ग ज्ञात

नहीं है पर परंतु वही तुम्हारे घर की दिशा

और तुम्हारा प्राप्त होने वाला मार्ग

पश्चिम की तरफ है तो निश्चित ही तुम दिशा

भूल जाओगे और गलत दिशा को प्राप्त करने से

तुम अपने घर तक नहीं पहुंच पाओगे अर्थात

तुम उस मंजिल तक नहीं पहुंच पाओगे जो

मंजिल तुम्हारे लिए है तुम्हारी मंजिल

तुम्हारे हाथ से छूट जाएगी कहने का

तात्पर्य है कि बताने वाले ने यदि तुम्हें

गलत मार्ग बताया है तो मंजिल तक पहुंच

जाना असंभव है इसलिए तुम्हारे साथ जिसने

यह गलत कार्य किया है उसे अवश्य दंड दूंगी

क्योंकि गलत मार्ग बताने वाला मेरे दंड का

अधिकारी है मेरे बच्चे इस संसार में दो

प्रकार के प्राणी होते हैं एक तो वह जो

दूसरों के लिए अच्छा सोचते हैं अपने

साथ-साथ दूसरों की भी भलाई समझते हैं ऐसे

प्राणी अच्छे इंसान कहलाते हैं परंतु जो

अपनी अच्छाई के साथ-साथ दूसरों का बुरा

चाहते हैं वह गलत इंसान होते हैं मेरे

बच्चे ऐसे इंसान से तुम्हें दूर रहना

चाहिए क्योंकि ऐसे इंसान तुमसे बहुत ही

मीठी भाषा बोलते हैं इनको पहचानना बहुत

आसान है यह तुम्हारी हर बात में हां में

हां मिलाते हैं और तुम्हें अपनी ओर से

बिना पूछे ऐसा मार्ग बताते हैं ऐसा मार्ग

बताते हैं मेरे बच्चे तुम मेरी बात पर

ध्यान दो तुम्हें मेरी शक्ति को प्राप्त

करना है और इसके लिए तुम्हें अंत मन ध्यान

करके शांत मन से बैठना होगा और अपने अंत

मन की आत्मा से स्वयं उस मार्ग का चुनाव

करना होगा जो तुम्हारे लिए सही है तुम

शांत मन से जब भी मेरी मूरत को बंद आंखों

से देखने की कोशिश करोगे निश्चित ही मैं

तुम्हारे अंदर विराजमान होकर मैं तुम्हें

मार्ग अवश्य बताऊंगी मेरे बच्चे तुमको

ज्यादा किसी दूसरे की बातों में ना आकर

मार्ग का चुनाव स्वयं करना है बहुत लोग

ऐसे होते हैं जो दूसरों को सही रा पर ले

जाते हैं और पुण्य का भागीदारी बन जाते

हैं सुबह उठने के पश्चात तुम दोनों हाथों

की हथेलियों को अपने माथे से लगाकर मुझे

अपने हाथों में देखने का प्रयास करो जैसे

ही तुम इन सभी कार्यों को करते हो तो मेरा

वास होगा और तुम्हारे हाथों से कोई भी गलत

कार्य नहीं होगा और यदि अनजाने में किसी

वजह से कोई गलती हो जाती है तो मुझसे माफी

मांगना मेरा दयालु हृदय तुम्हें शीघ्र ही

माफ कर अपना लूंगी मेरे बच्चे तुम्हारी

प्रार्थना मैं सुनती हूं और जानती भी हूं

कि तुम निर्दोष हो जब भी कोई गलती करता है

तो उसे ध्यान रखो कि जो तुमसे ईमानदारी

रखे उसके लिए तुम अपना जीवन उस पर कुर्बान

कर दो परंतु वही कोई तुम्हारे साथ छल कपट

कर रहा है तो ऐसे व्यक्ति के साथ रहना

अपने जीवन को बर्बाद करना है पहले ही

चेतावनी दे रही हूं उस व्यक्ति से सावधान

हो जाओ इस बात को तुम जरा सोचो कि कौन है

जिस पर तुम आंख बंद करके सबसे ज्यादा

भरोसा कर रहे हो उसकी गति को पहचानो कि वह

किस गति में चल रहा है इससे पहले कि वह

तुम्हें धोखा देकर भागे उससे पहले ही उसे

पकड़ना होगा और सजा देना होगा सजा देना

इसलिए अवश्य होता है कि उसकी की गलतियों

की माफी मिल जाए जिससे तुम गुनाह के दलदल

में फंसने से बच पाओ और मेरा आशीर्वाद

सदैव प्राप्त होता रहे मेरे बच्चे तुम्हें

अपने हाथों से उसे सजा नहीं देनी है सजा

मैं स्वयं उसे दूंगी मेरा आशीर्वाद

तुम्हारे साथ है मेरे अगले संदेश की

प्रतीक्षा करना मेरे प्यारे बच्चों आज

मेरा यह संदेश खास तुम्हारे लिए आया है और

मैं तुमसे जो कहना चाहती हूं उसे ध्यान से

सुनना मैं जानती हूं तुम्हें अपने जीवन

में क्या चाहिए यह मुझे ज्ञात है क्योंकि

मैं तुम्हारी माता हूं इसलिए मुझे अपने

बच्चे के जीवन के हर एक पहलू प्राप्त होती

रहती है तुम्हारी माता के होते हुए भी तुम

क्यों इतने बेचैन और उदास रहते हो जब मैं

जानती हूं कि तुम्हें जीवन में किन चीजों

की जरूरत है और किन चीजों की नहीं उसके

बावजूद भी तुम मेरी बातों को क्यों अनदेखा

कर रहे हो क्या तुम्हें मालूम नहीं कि

तुम्हारी मां ने तुम्हारे भविष्य के लिए

कुछ अच्छा सोच रखा है मेरे बच्चे तुम जीवन

की उलझन में फंसे हुए हो तुम्हारी इस

दुविधा और विचलन को मैं बहुत अच्छे से

जानती हूं और समझती भी हूं किंतु तुम

क्यों अपने मन में बार-बार इस चीज का

विचार लेकर आ रहे हो कि तुम्हारे जीवन में

बहुत सी चीजों की कमी है इन विचारों से

तुम्हें कुछ प्राप्त नहीं होने वाला है

मेरे प्यारे बच्चे इस विचार से केवल दुख

के अलावा और कुछ भी नहीं प्राप्त होने

वाला जबकि तुम जो मांग रहे हो उसे खुश

होकर मांगो निराश मन से की गई पूजा और

मांगा हुआ वरदान भी व्यर्थ होता है इसलिए

मेरे बच्चे तुम जो भी मुझसे कहना चाहते हो

उसे अपने दिल से और अपनी आत्मा से मुझसे

कहो मैं तुम्हें उस प्रगति की ओर लेकर जा

रही हूं जिस प्रगति पर आगे चलकर तुम बहुत

ऊंचाइयों पर जाओगे यही कारण है कि तुम्हें

समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है

क्योंकि यदि तुम समस्याओं का सामना नहीं

करोगे तो तुम आगे बढ़ने में सक्षम नहीं बन

पाओगे और अपने जीवन में खुशी प्राप्त नहीं

कर पाओगे मैं तुम्हें पूर्ण रूप से तैयार

कर रही हूं तुम्हें अपने मन में किसी भी

प्रकार का बुरा विचार नहीं लाना है जब

तुम्हारी माता तुम्हारे पास है तो तुम्हें

केवल अपने लक्ष्य को प्राप्त कर ने के लिए

आगे कदम बढ़ाने हैं संसार में कर्म और

आकर्षण सिद्धांत ही है जो महत्त्वपूर्ण है

इसलिए तुम जिस चीज के बारे में लगातार

गहराई से सोचते हो वह चीजें तुम्हें जीवन

में प्राप्त होने लग जाती हैं इसलिए मेरे

बच्चे तुम अपने मन में अच्छे विचारों को

सोचो यदि तुम अपने जीवन में खुशियां चाहते

हो तो तुम्हें अपनी सोच और अपने कर्म

दोनों पर नियंत्रण और संयम रखना होगा

तुम्हारे द्वारा एक भी गलत कर्म तुम्हारे

जीवन को बर्बाद कर देगा तथा तुम्हें जीवन

में किसी भी लायक नहीं रहने देगा मैं

तुम्हें खुशियां संपन्नता तथा सफलता

प्रदान करना चाहती हूं किंतु मेरे बच्चे

तुम मेरे आदेशों का लगातार पालन नहीं करते

हो तुम कुछ दिन मेरी बातों को मानकर फिर

दोबारा से अपने पुराने विचार को अपना लेते

हो मेरे बच्चे यदि तुम्हें अपने मन के

विचारों को शुद्ध करना है तो तुम्हें हर

रोज मंत्रों का जाप करना चाहिए मंत्रों का

जाप करने से तुम्हारी इच्छा पूर्ति में भी

सहायता प्राप्त होगी क्योंकि मंत्रों में

एक अद्भुत शक्ति होती है जो तुम्हारे जीवन

को खुशहाल करती है मेरे बच्चे तुम्हें जब

भी अपनी माता की आवश्यकता होगी तो तुम

मेरा ध्यान लगाना है यदि तुम मेरा ध्यान

सच्चे मन से लगाओगे तो मैं तुम्हें दर्शन

अवश्य दूंगी और तुम्हें उस समस्या का

समाधान भी बताऊंगी जो तुम मुझसे चाहते हो

तुम्हारे जीवन में शीघ्र ही बहुत बड़ा

बदलाव आने वाला है मैं तुम्हारे लिए

प्रगति के सभी मार्ग खोल रही हूं और यह

प्रगति तुम्हें जीवन में उन ऊंचाइयों पर

लेकर जाएगी जहां से तुम्हारी सारी

समस्याएं खत्म हो

जाएंगी इसलिए मैं तुम्हें आज यह बताने आई

हूं कि तुम अपने मन से दुखों का पूर्ण रूप

से त्याग कर दो और अपने मन में मेरे प्रति

सकारात्मक विचार लाओ कि तुम्हारी मां

तुम्हारे साथ हमेशा देंगी मेरे प्यारे

बच्चे तुम जब भी मुझसे कुछ मांगो तो कभी

भी रोकर मत मांगना यह तुम गलत करते हो

अपने दुखी मन से मुझसे कोई चीज मत मांगना

मैं जानती हूं दुखों में तुम मुझे याद

करते हो परंतु मेरे बच्चे यदि दुख में भी

तुम संयम रखकर अपनी माता से अपने जीवन के

लिए चीजें मांगोगे तो मैं तुम्हें प्रसन्न

होकर वह सब प्रदान करूंगी जब भी मेरा कोई

भक्त पूरी श्रद्धा के साथ प्रसन्न होकर

कोई इच्छा मांगता है और उस इच्छा के प्रति

इस बात को बिना जाने कि उसकी इच्छा कब

पूरी होगी तो ऐसे भक्तों की मुझे सारी

इच्छाएं पूरी करनी पड़ती हैं क्योंकि मैं

ऐसे भक्तों को इच्छा वरदान प्राप्त करने

के लिए बाध्य हो जाती हूं अर्थात मुझे

उनकी इच्छा पूरी करनी ही पड़ती है ऐसे

भक्त निस्वार्थ मुझसे अपनी इच्छाएं मांगते

हैं जिसका फल मैं उन्हें अवश्य देती हूं

और मैं खुश होकर उन्हें वरदान दे देती हूं

तुम जिंदगी में मेरी मन लगाकर भक्ति करो

मेरी भक्ति करने से तुम्हें बहुत से सुख

प्राप्त होंगे और तुम्हें इतना मिलेगा कि

तुम कभी दुखी नहीं रहोगे मैं तुम्हें आज

आशीर्वाद देती हूं कि तुम्हारे जीवन में

बहुत सारे कार्य जल्दी पूर्ण हो जो कार्य

आज तक अपूर्ण रहे बस तुम्हें मेरी बातों

को ध्यानपूर्वक

अपनाकर मेरे बताए मार्ग पर चलना है

तुम्हारी मां को जाना होगा मैं तुम्हें

दर्शन देने दोबारा अवश्य आऊंगी मेरा

इंतजार करना मेरे बच्चे मेरा आशीर्वाद

सदैव तुम्हारे साथ है मेरे अगले संदेश की

प्रतीक्षा करना ओम नमः शिवाय जय

मकाली

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