ईवीएम को लाठी से तोड़ेगा यह जाट, तो 2024 के बाद नहीं होंगे चुनाव

और लाठी ईवीएम की मशीन के बीच में मार
दीना दो टूक तो मैं कर
दूंगा आईआईटी हैदराबाद के एक
साथी जो सॉफ्टवेयर इंजीनियर

हैं उन्होंने कहा कि जिस तरह से आप मोबाइल
को हैक करते हैं या कंट्रोल करते
हैं और जब मोबाइल ऑफ होता है उसके बावजूद
भी आपके मोबाइल का अलार्म बजता है इसी
प्रकार से आपकी यह ईवीएम हैक होती कंट्रोल
होती है

और कुछ लोगों ने यह प्रयास किया है और मैं
उदीत राज्य को बधाई इसलिए देना चाहता हूं
क्योंकि जो आज सत्ता में बैठे हैं उनका भी
आखिरी प्रयास है एक बार जैसे तैसे करके
सत्ता में आ जाए दोबारा से चुनाव करवाने
बंद ही कर देंगे इस देश में और एक इसका

छोटा सा उदाहरण आपने हरियाणा में पिछले
दिनों देखा भी होगा दो वर्ष तक ग्राम
पंचायतों का चुनाव नहीं
हुआ उसी परीक्षण को देश में लागू करने का
यह प्रयास चल रहा है सभी साथियों को मिलकर

के संघर्ष करना पड़ेगा हर मोर्चे पर लड़ना
पड़ेगा ईवीएम ना हो उसके लिए भी और कोई
साथी ईवीएम को हैक करने का प्रयास करें

उसके साथ भी और जो बूथ कैपचरिंग जो लोग
करते हैं उनका जवाब देने के लिए भी आप
सबको संघर्ष करना पड़ेगा एक ही बात कहता
हूं कि अब हवाएं ही करेंगी रोशनी का फैसला

अब हवाएं ही करेंगी रोशनी का फैसला जिस
दिए में तेल होगा वो दिया जल जाएगा हम
थोड़े पुराने हो लिए जब ये फौजी बाहर जाया

करते ट्रांजिस्टर ले आए थे ट्रांजिस्टर
चिप उसम एक चिप होती िप फ नंबर व िप फ

नंबर चिप एसी टीवी रिमोट थोड़े टाइम के
बाद अपने आप बंद कर दे टाइमर सेट कर दे यह
तो उन दिनों की बात है आज तो बोलना नहीं
पड़ता बैठे बैठे क
अलेक्सा तो जब इतना अले आली तो य मशीन

है
नहीं होगी
क्या और य मशीन की बात कर रहे हैं य
बीजेपी वाले तो नेताओं को हैक कर रहे हैं
उठा उठा के दूसरी पार्टियों

से आप मशीन की बात कर रहे हो जिस देश में
लोकतंत्र है आपकी ताकत से सरकारें चुनी
जाती है वहां नेता छोड़ छोड़कर बीजेपी में
जा रहे हैं थोड़ा तो सोच लो क्योंकि उन
नेताओं को बता दिया जाता है जनता की वोट
का महत्व नहीं है ईवीएम हमारे पास

है नेता जनता को छोड़ सता है
क्या अगर नेता जनता को छोड़कर जाता तो
राहुल जी जीरी थोड़ी लगाते राहुल जी
यात्रा थोड़ी

करते नेता जनता के साथ होता
है और इस सरकार में जवान धरने पर बैठा है
किसान धरने पर बैठा है महिला धरने पर बैठी
है य य बहन रीत आई हुई है अभी इसका केस था
यह धरने पर बैठे हैं इस जंत्र मंत्र पर
कौन सा ऐसा वर्ग है जो धरने पर नहीं

बैठा और इसका एक ही कारण है
ईवीएम जानबूझकर यह बता दिया जाता है यह
सरकार जनता नहीं चुन रही वोट की अहमियत
नहीं है हमारे पास ईवीएम है तो यहां देश

के विभिन्न भागों से विभिन्न पार्टियों से
विभिन्न दलों से जिन साथियों से जो भी
पहुंचे हैं मैं सबसे निवेदन करूंगा हम

इसका पुरजोर विरोध करें और अगर इस विरोध
से काम नहीं बना तो मैं आपको आवा देता हूं
हम एक गरीब किसान है जैसे ही गांव में
आएगी तो हमारे पास एक ही राज की बात है
जिसकी
लाठी और लाठी वम की मशीन के बीच में मार
दीना दो टूक तो मैं कर

दूंगा बात है या तो सभी मिलकर लड़ लो हटवा
दो नहीं तो भा फिर इसने भी देखे इन्होने
हमारा एजुकेशन लूटा है और सीसी एनआरसी में
हमारे प्रॉपर्टी लूटने वाले जो अंग्रज ने

हमारा अधिकार दिया था और खेती वालो को यह
कहते कि ये खेती भी लूटना चाहते हमारे
वोटर नहीं
निकलेंगे कि अरे ईवीएम से जीत रहे हैं तो
फिर क्या जरूरत है वोट डालने
की मतदाता को वैसे ही पता लग गया

है गांव गांव यहां तक की झुग्गी झोपड़िया
में जो महिलाएं हैं औरतें
हैं अनपढ़ है वो भी कहते हैं ईवीएम
ईवीएम अब बल्कि इस मुद्दे को उठा कर
के हम उनसे कनेक्ट करें अपने आपको को उ

नके
फ्रस्ट्रेशन उनके गुस्सा को तो हमें
ज्यादा फायदा
होगा जो कामकाजी औरतें
हैं जो खाना बनाने वाली औरतें हैं वो तक

भी यह कहती है अरे ईवीएम है तो अब हम
ईवीएम के सवाल से मुंह मोड़ तो हमें वह
गाली दे रहे हैं मैं सच बता रहा हूं
कांग्रेस क्यों नहीं उठा

रही हमें
नाराज हमें तो हमें कनेक्ट करना है उनके
फ्रस्ट्रेशन का उनके गुस्सा
का इसको उठा कर के हम ज्यादा लाभ में

आएंगे डॉक्टर नरेश जी क्योंकि लोगों की
दिल की आवाज है उसको छूना है खास तौर से
जो हमारा वोटर है दलित मुस्लिम है वो हमसे
सवाल करता
है कि कांग्रेस क्यों नहीं उठा रही ज आम

फिनिशिंग इट यू कैन यू
कन तो उठा कर के हम अपने लोगों को ज्यादा
ऊर्जावान बना सकते हैं कि ज्यादा बढ़ चढ़
कर के वोट
दे और आगे अगर घपला कर के जीतते

हैं तो हम कह भी सकते हैं कि जनता ने हमें
नहीं हराया ईवीएम ने हराया आगे की राजनीति
लिए यह भी हमें कहना पड़ेगा वरना हमारे
आगे की राजनीति खत्म
होगी कहेंगे अरे इनको तो जनता

कांग्रेसियों को तो जनता ने रिजेक्ट कर
दिया वह भी एक चिंता है कुछ लोग ऐसे हैं
जो एडवाइज करते हैं अरे भाई इसको उठाने से
लोग वोट देने नहीं

निकलेंगे जब सब जानते ही है ईवीएम का तो
उनको चार्ज करके
उनके उनके सेंटीमेंट से जोड़
करके उनके भावनाओं से भावनाओं से जुड़ कर
के तो हम उनसे अपने आप को जोड़ देंगे
हमारे कार्यकर्ता के रूप में काम करेंगे

हमसे नाराज नहीं रहेंगे न्यूट्रल नहीं
रहेंगे हमने अपना फॉर्मेट बदल दिया लगभग
20 25

हजार की जनसभा आज जंतर मंतर पर होना था
लेकिन जब परस अनुमति रद्द कर दिया तो हमने
अपने साधनों को भी रद्द कर
दिया जो लोग अपने बाहन से आ सकते हैं वही
लोग आ

पाए डेढ़ दो बसों से लोगों को आना था लगभग
200 बसों का इंतजाम था सारी बसें निरस्त
कर दी गई है और जो इंटेलेक्चुअल्स हैं
एक्टिविस्ट है वही आ रहे हैं और मुझे
मालूम है मुझे तो भी मैं जानता हूं कि अगर
200 हज नहीं तो 2000 3000 तो 4000 आ

ही
जाएंगे 1000 डेज से ज्यादा तो जनत मंत पर
पहुंच गए क्योंकि कई दिनों से कन्वे चल

रही
थी और उसका असर था
कि जो हमारे ट के नेटवर्क पर नहीं थे
कॉलिंग में नहीं थे वहां पहुंचने लगे दूर
दूर से लोग वहां पहुंचे जो दूर के लोग
होते हैं पहले पहुंच जाते हैं उनकी ट्रेन

आई छतीस से बिहार से आई उत्तर प्रदेश से
आए और नहा धो के सीधा जैसे जंतर मंतर पर
पहुंचते गए व गिरफ्तारी उनकी होती जा रही
है अभी भी गिरफ्तारी हो रही है
लगातार तो इसलिए इस स्थल को भी बदला गया
यह परिस्थितियों की हि में हम काम कर

रहे
हैं यह बताना जरूरी भी है

Leave a Comment