उसे एक भयानक दंड प्राप्त हुआ हैं

कैसे हो मेरे बच्चे तुम्हें क्या चाहिए यह
मुझे ज्ञात है तुम क्यों इतना उदास और
बेचैन रहते हो जीवन की उलझन में फैंस हुए
हो तुम्हारी इस दुविधा को और विचलन को मैं
बहुत अच्छे से जानती हूं और समझती हूं उसे
कमी का विचार तुम बार-बार अपने मां में ला
रहे हो

जबकि तुम जो मांग रहे हो उसे खुश होकर
मैंगो प्रगति की और बढ़ो मैं बहुत
ऊंचाइयों पर लेकर जा रही हूं यही करण की
तुम्हें समस्याओं का सामना करना पद रहा है
क्योंकि यह मैं तुम्हें पूर्ण रूप से
तैयार कर रही हूं तुम्हें अपने मां में

किसी भी प्रकार का भाई नहीं लाना है संसार
में कर्म और आकर्षण सिद्धांत ही है जो
महत्वपूर्ण है इसलिए तुम जी चीज के बड़े
में लगातार गहराई से सोचते हो वह मुझे
तुम्हारे जीवन में लाना ही पड़ता है
तुम्हारे जीवन में मैं खुशियां सुख

संपन्नता प्रधान करना चाहती हूं किंतु तुम
मेरे बताए आदेशों का लगातार पालनपुर नहीं
करते हो मेट्रो में अलौकिक शक्ति होती है
जो तुम्हारी इच्छा पूर्ति करने में सहायक
सिद्ध होती है इसलिए तुम प्रतिदिन मेट्रो
का जब करो जब तुम मुझे सरकार रूप में
ढूंढने का लगातार प्रयास कर रहे जबकि
ध्यान लगाकर देखो मैं हर रूप में हमेशा
तुम्हारे पास हूं तुम्हारे जीवन में शीघ्र

ही बहुत बड़ा बदलाव आने वाला है मैं
तुम्हारे लिए प्रगति के सभी मार्ग खोल रही
हूं इसलिए मैं तुम्हें आज यह बताने आई हूं
की तुम अपने मां से दुखों का पूर्ण रूप से
त्याग कर दो और अपने मां में सकारात्मक
विचार लो परंतु रो कर मांगना यह तुम गलत
करते हो

उसे दुखी होकर मत मैंगो पुरी श्रद्धा के
साथ प्रश्न होकर जब भी मेरा कोई भक्ति इस
बात को बिना जान की उसकी इच्छा कब पुरी
होने वाली है मुझे कुछ मांगता है मैं उसकी
इच्छा पुरी करने के लिए बाध्य हो जाति हूं
अर्थात मुझे उसकी इच्छा पुरी करनी ही
पड़ती है मेरा आशीर्वाद हमेशा तुम्हारे
साथ है

मेरे बच्चे तुम यदि आशावादी हो प्रत्येक
वास्तु को आशावादी दृष्टिकोण से देखते हो
उसका उज्जवल पक्ष देखते हो और यह मानते हो
की जहां सत्य है वहीं विजय है तब तुम अपनी
ही नहीं बल्कि विश्व भर का उधर कर सकते हो
मेरे बच्चे यह आशावाद एक अमृत है इस अमृत
से जीवन मिलता है जी प्रकार

सूरज सृष्टि को वनस्पति को पशु-पक्षियों
को जीवन दान देता है इस प्रकार आशावाद भी
है मां रूपी सूर्य के विकास से तुम्हारा
जीवन भी विकसित होता है तुम्हारी मानसिक
शक्तियां फलती फुलते हैं मेरे बच्चे

जो लोग हर चीज को निराशावादी दृष्टिकोण से
देखते हैं अंधकार में पहलू पर दृष्टि रखते
हैं असफलता और बुराई के विचार उनके मां
में जेड जमाई रखते हैं वे सदा अंधकार दुख
और दरिद्रता में फैंस रहते हैं अपने समाज
गन धर्म वाली वास्तु या पदार्थ की और ही

कोई पदार्थ खींचना है तुम किसी वास्तु की
आशा करते हो और उसे अपने की कोशिश करते हो
तो वह आपकी और खींचना है क्योंकि तुम उसका
विचार करते हो और इसके विपरीत गुड धर्म
वाले व्यक्ति को कोई वास्तु कभी नहीं
खींचना है विचारों का भी यही सिद्धांत है

समाज विचारों को विचार खींचते हैं मां
लिया तुम समृद्ध होना चाहते हो तो यह
जरूरी है की तुम अपने मनोभावों में
समृद्धि भरो
उन सब विचारों को दूर कर दो जो समृद्धि के
विरुद्ध है दरिद्रता के विचारों को मां के
निकट भी ना आने दो बस समृद्धि की बातें
करो अपने को समृद्ध शैली समझो और रहो मां

वचन और कर्म से कार्य करते रहो मां में
केवल उन्हें विचारों को जग दो जींस तुम
आनंदित होते हो उन्हें वास्तु का विचार
करो जिन्हें प्रकार तुम्हें सुख और आनंद

की अनुभूति होती है मेरे बच्चे ऐसा करने
से तुम उन पदार्थ को अपनी और खींच सकते हो
मनुष्य के कार्य और इसके उद्देश्य में
बड़ा गहरा संबंध है किसी प्रकार के दुखद
और संदेह प्रधान विचार कभी भी तुम्हें
उन्नति की और नहीं ले जा सकते तुम परेशान
ही रहोगे यदि इन परेशानियां से छुटकारा
चाहते हो तो जो कार्य तुम करते हो

है उसे अपने कोई मजबूरी मत मानो पुरी
शक्ति और मां योग से उसे कार्य को करो जो
व्यक्ति सोचता राहत है की वह तो सदा इस

छोटे कम को करने को मजबूर है और इसी
स्थिति में रहेगा कभी प्रगति नहीं करेगा
तो यह निश्चित है की वह व्यक्ति सदा बड़ा
स्थिति में रहेगा कभी उसकी स्थिति नहीं

सुधार शक्ति क्योंकि विचारों का
दुष्प्रभाव व्यक्ति के समस्त व्यक्तित्व
पर पड़ता है इसके विपरीत जो व्यक्ति जीवन
को प्रकाशन और सौंदर्य पोर्ट देखा है उसके
दुख में जीवन का शीघ्र अंत हो जाता है सभी
दुख दर्द दूर हो जाते हैं दुखों से भारी
रात्रि दूर से जाएगी और सुखों का प्रभात ए

 

जाएगा
मेरे बच्चे यह विश्वास और धरण रखो की
तुम्हें वह जीवन मिलने वाला है जिसमें सुख
और आनंद है निर्विकार और निर्दोष भाव से
अपने लक्ष्य की और बढ़ो विश्वास में
दृढ़ता और संकल्प के साथ-साथ तुम्हारी
योग्यताएं भी हनी चाहिए दृढ़ विश्वास में

असीम शक्ति है उत्पादन शक्ति का यह स्रोत
है किसी भी व्यक्ति के मां की इच्छाओं की
पूर्ति यही दृढ़ विश्वास और सफलताओं की
आशा करती है क्योंकि उत्पादन शक्ति का
विश्वास ही प्रमुख आधार है मेरे बच्चे अब
तुम दृढ़ विश्वास के साथ अपने कार्य में ग
जो इन सब बटन को अपने हृदय से निकाल दो की
यह कार्य
कर रहे हो उसमें दृढ़ विश्वास रखो मेरे
बच्चे तुम्हें संसार के सबसे अनमोल बच्चे
हो इसलिए संसार में तुम्हें किसी भी चीज
से घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है

तुम्हें सिर्फ अपने जीवन को बेहतर बनाने
और इस संसार को बेहतर बनाने में मदद करनी
चाहिए तुम ही इस संसार को उतार करना होगा
मेरा आशीर्वाद सदा तुम्हारे साथ है मेरे
अगले संदेश का प्रतीक्षा करना जय मां
दुर्गा
मेरे बच्चे यह मेरी अंतिम चेतावनी है मैं
तुम्हें आखरी बार समझा रही हूं यदि तुमने
मेरी बटन को ध्यानपूर्वक नहीं सुना और

ध्यान नहीं दिया तो तो मैं मेरे अत्याध
में क्रोध का सामना करना पड़ेगा
इसलिए मैं तुम्हें यह संदेश भेज रही हूं
मेरे बच्चे इसलिए जो आज बताने वाली हूं
उसे ध्यानपूर्वक सुना और समझना क्योंकि इस
बात को समझना बहुत ज्यादा जरूरी है
तुम्हारे लिए जीवन के रास्ते रुकने के
बहुत करण होते हैं
परंतु रास्ते खुलना की बहुत कम वजह इसलिए
तुम उन बजाओ को कभी अनदेखा मत करो क्योंकि
गुना तो मैं बड़ी-बड़ी गलतियां के करण
प्राप्त होता है
लेकिन सबसे पहले तो मैं इस बात का ध्यान
रखना
यदि जीवन में तुमसे कोई गलती हो जाति है
तो तुम उसको ध्यान से रखते हुए उसकी माफी
की याचना करते हुए कुछ ऐसे कार्य करो
जिससे तुम्हारी वह गलती की माफी तुम्हें
मिल जाए
और आगे के सभी मार्ग तुम्हारे लिए खुला
जाए मुझे ज्ञात है मेरे बच्चे की पैसों की
आवश्यकता सभी को होती है परंतु यह मैं
तुम्हें कई बार समझा चुकी हूं की गलत
मार्ग से पैसे यदि तुम अर्जित करते हो तो
तुम बहुत बड़ा पाप कर रहे हो
यदि तुम सोचते हो की घुमावदार कार्य करोगे
और दुनिया को बेवकूफ बनाकर तुम पैसे
अर्जित कर लोग तो यह तुम्हारी बहुत बड़ी
भूल है मेरे बच्चे क्योंकि वह पैसे
तुम्हारे पास कुछ समय के लिए तो ए जाएंगे
लेकिन मैं ऐसी जगह और ऐसे कार्य में खर्च
होंगे जो तुम्हारी किसी कम के नहीं होंगे
खाने का तात्पर्य है की वह बीमारी में या
किसी दुर्घटना में ऐसे कार्य में तुम्हारी
किसी मतलब के नहीं होंगे
इसलिए पैसे को ईमानदारी से काम सकते हो
मेरे बच्चे ईमानदारी से कामना और यदि जीवन
में कोई गलती हो जाति है तुमसे जान अनजाने
भूल से तो तुम हर शनिवार को विष्णु देव
पीपल के वृक्ष में महालक्ष्मी के साथ बस
करते हैं
शनिवार के दिन सरसों के तेल का दिया रख
देना तो मैं सभी की गलतियां से वह स्वयं
माफ कर देंगे उनके माफ करते ही मुझे माफी
तो मैं सत्य ही मिल जाएगी लेकिन मेरे
बच्चे इसके साथ इस बात का भी स्मरण रखना
की तुम्हें गलत कार्य से किसी भी सूरत में
बचाना होगा इस दिन थोड़ी सी पूजा पाठ करने
से और कुछ भी मांगने से तुम्हारी मनोकामना
पूर्ण हो जाति है खाने का अर्थ यह है मेरे
बच्चे की यदि तुम अपनी गलतियां की माफी
मांगते हुए
इस कार्य को करते ही माफी मिलती है यही
तुम्हारे जीवन में यदि नुकसान हो रहा होता
है वह भी दूर हो जाता है
क्योंकि आने वाले दिन तुम्हारे लिए भारी
चमत्कार लेकर आएंगे यदि तुम आगे की कर्मों
को सुधारते हुए पीछे की हुई गलतियां की
माफी मांगने के लिए कुछ दान निपुण भी
करोगे तो मेरे बच्चे उससे भी तुम्हें माफी
मिलती रहेगी
बड़ों की सेवा करो बड़ों की आजा का
पालनपुर करो किसी से ऊंची आवाज में बात मत
करो मेरे बच्चे देखना देखते देखते ही
तुम्हारा दिन कैसे पलट जाएंगे मेरे बच्चे
कल सुबह तुम मेरी पूजा करने आओगे तो तुम
पान का पत्ता लेकर आना
और तुम्हारी जो इच्छा अधूरी है उसे बोलते
हुए उसे पेट को मुझे समर्पित कर देना तुम
जी कार्य को काफी समय से कर रहे हो उसे
पूर्ण करने में काफी प्रयास कर चुके हो
उसे कार्य को पूर्ण होने का समय ए चुका है
इसलिए अब तो मैं रुकना और थकना नहीं
ताकत से उसे कार्य को पूर्ण करने के लिए
कोशिश करो
मेरी बटन को ध्यान रखना यह मत भूलो की
तुम्हारा आगे का समय बहुत अच्छा होगा तुम
निश्चित रहो मेरे बच्चे तुमसे मैं बहुत
प्रेम करती हूं और मैं शक्ति बनकर
तुम्हारे हर कार्य को सफल बना दूंगी
तुम्हारे जीवन में एक ऐसी शक्ति उत्पन्न
हो रही है जिससे की मेरा वक्त जी बात को
अपने मां में बस ले मैं उसकी हर इच्छा को
पूर्ण करने के लिए सहायक बन सुकून कल की
सुबह तुम्हारे भाग्य को उदय करने की सुबह
है
कल की सुबह की किरण तो मैं तुम्हारी मंजिल
अवश्य दिलाएगा यह मेरा वचन है यह एक बात
तो मैं कभी भूलना नहीं चाहिए जैसे तुम
संसार को दुख दर्द एवं हनी प्रधान करोगे
तो मैं भी किसी ना किसी रूप में दुख दर्द
और हनी ही प्राप्त होगी
तुम्हारे द्वारा की गई अच्छाई और बुराई
दोनों ही सही समय होने पर तो मैं प्राप्त
होगी तो मैं आवश्यकता है की तुम संसार में
केवल नया भाव प्रेम सकारात्मक ही प्रधान
करो ताकि संसार का तो भला हो ही इसके साथ
साथ तुम्हारा स्वयं का
तो मैं सदैव दूसरों से पूछना चाहिए की तुम
कैसे उनकी सहायता कर सकते हो तो मैं यह भी
जन की आवश्यकता है की जब तुम किसी दूसरे
की सहायता करके उसको ऊपर उठाने में मदद
करते हो तो
उसे व्यक्ति के ऊपर उठने और बेहतर होने पर
उठाते हो और बेहतर मनुष्य बनते हो दूसरों
की सहायता करने पर तो मैं जो संतुष्टि और
प्रसन्नता प्राप्त होती है तो तुम्हारा भी
विकास होता है दूसरों की सहायता करने पर
तो मैं आवाज होगा
! की तुम स्वयं से भी बड़ी किसी चीज का
हिस्सा हो जब तुम दूसरों से स्वयं को
जोड़ोगे तो तुम्हें अपने हृदय में पहले से
अधिक शांति का आभास होगा तो मैं संसार में
अधिक प्रसन्नता और स्वयं के जीवन में अधिक
खुशियां महसूस होगी
संसार से स्वयं को जोड़ने पर तो मैं अपनी
सेहत और कल्याण मैं भी सुधार महसूस होगा
आज तुम्हें या थान लेना चाहिए की तुम
स्वयं को संसार का और संसार को स्वयं का
हिस्सा मनोज मेरा आशीर्वाद सदैव तुम्हारे
साथ हैं मेरे अगले संदेश की प्रतीक्षा
करना
मेरे बच्चे आज मैं यह जरूरी संदेश
तुम्हारे लिए बीच रही हूं
मेरे बच्चे आने वाले दोनों में तुम्हें
कुछ लोग मिलेंगे जो तुम्हें तुम्हारे
मार्ग से भड़काने का प्रयास करेंगे परंतु
मुझे पूर्ण विश्वास है की तुम अपने मार्ग
पर अटल रहोगे
आज मैं तुम्हें एक बहुत बड़ी बात बताने जा
रही हूं क्या तुम्हें पता है तुम्हारी
सकारात्मक ऊर्जा निरंतर बाढ़ रही है इसलिए
मैं यह चाहती हूं की तुम अपने ऊर्जा का
प्रयोग सही सही और एक सही दिशा में करो
मेरे बच्चे आने वाले दोनों में तुम्हारे
जीवन में कुछ होने वाला है
अब तुम इस बात का बेसब्री से इंतजार कर
रहे हो की क्या होने वाला है मेरे बच्चे
आने वाले दोनों में
आजीविका
के नए अवसर प्राप्त होंगे मुझे ज्ञात है
तुम्हारा सपना अभी पूरा नहीं
परंतु मेरे बच्चे जब तुम्हारा सपना
तुम्हारे र से बहुत निकट हो जाता है
तब तुम्हें तकलीफ मिलती है लेकिन तुम्हें
इन तकलीफ से भगाना नहीं
इससे भयभीत होना है क्योंकि जितनी बड़ी
तुम्हारी तकलीफ होगी उतनी ही बड़ी
तुम्हारी कामयाबी होगी मेरे बच्चे क्या
तुम्हें पता है जो तुम सोचते हो उन्हें को
का लेते हो
इसलिए आज मैं तुमसे कहना चाहती हूं की
तुम्हें अब बड़ा सोचना है तुम मेरी संतान
हो मुझे ही उत्पन्न हुए हो मुझे अपना एक
बच्चा अति प्रिया है मेरे बच्चे तुम मेरे
ही गॉड में पूर्ण रूप से सुरक्षित हो
इसलिए तो मैं किसी से भयभीत होने की
आवश्यकता नहीं
इसलिए निडर होकर अपने सफर में आगे बढ़ो
तुम सही दिशा में सही मार्ग पर चल रहे हो
क्योंकि मैं स्वयं तुम्हारा मार्गदर्शन कर
रही हूं ऐसा कोई कम नहीं जहां मैं
तुम्हारा मार्गदर्शन नहीं कर रही हूं
मेरा आशीर्वाद और मेरा प्रेम सदा तुम्हारे
साथ ही है
जब तुम किसी बात को लेकर चिंतित में रहते
हो तब कोई अदृश्य पवित्र आत्मा तुम्हें
विभिन्न विभिन्न प्रकार के संकेत देते हैं
तुम्हें बताते हैं की तुम अपने जीवन में
अकेले नहीं हो कोई अदृश्य शक्ति है जो
तुम्हारे समक्ष ही है
मेरे बच्चे
क्या तुम्हें ऐसा अनुभव नहीं किया
बहुत बड़ा संकेत है की मैं तुम्हारे समक्ष
ही हूं
और तुम्हारे साथ जुड़े हुए हूं मैं जानती
हूं की तुम्हारा हृदय अत्यंत कोमल है
इसलिए तो तुम सभी भावनाओं को हृदय से
महसूस कर पाते हो
मेरे बच्चे तुम बहुत ही भावुक हो इसलिए तो
मैंने रस नहीं होना चाहिए
इसके लिए तुम्हें बहुत ही प्रश्न होना है
की तुम्हारा हृदय इतना कोमल और इतना
पवित्र है तुम्हारा हर एक आंसू मेरे लिए
बेहद कीमती है मेरे लिए तुम अनमोल मोती के
समाज हो
अपने आप को कम कभी मत समझना अपने आंखों से
एक आंसू निकालना से पहले सो बार जरूर
सोचना की तुम मेरे लिए क्या हो अपने
आंसुओं को यूं ही किसी पर व्यर्थ ना करो
क्योंकि इसका मूल्य तो तुम स्वयं नहीं
जानते हो
आज तो मैं अपने भीतर एक पवित्र ऊर्जा का
आभास होगा
आज जब तुम ध्यान या प्रार्थना में बैठोगे
तो तुम्हें मेरी आस-पास होने का एहसास
होगा पवित्र ऊर्जा का स्टार तुम्हारे भीतर
बढ़ेगा शुद्ध वातावरण होगा जो तुम्हें
मनमोहन लगेगी
मेरे बच्चे जब शीतल व्यू तुम्हें स्पष्ट
करें तो समझ जाना की मेरा आगमन हो चुका है
आज मुझे एक वादा करो तुम ऐसे ही सदा मुझे
प्रेम करते रहोगे मेरे बच्चे तुम्हारे
जीवन में चमत्कार होने वाला है इस बात को
ध्यान रखो
की चमत्कार एक दिन में एक रात में नहीं
होता या कुछ समय मैं नहीं होता उसके लिए
काफी वर्षों की तपस्या होती है
तब जाकर एक चमत्कार तुम्हारी जीवन में
प्रवेश करता है क्योंकि तुम्हारे सभी ऐसे
कार्य जो की मुझे बाध्य करती हैं
तुम्हारे जीवन में किसी अद्भुत शक्ति का
आभास होता है तुमने काफी बरसों से कुछ
कार्य पहले से ही किया हुए हैं जिससे
तुम्हारी एक शक्ति आकर्षित हो चुकी है अब
एक छोटा सा कार्य उसे तुम करो इस तरह समझो
तुम्हारे शरीर के लिए केवल हाथ कार्य करते
हैं
इस तरह तुम्हारे जीवन को अच्छा प्रभावित
करने के लिए तुम्हारे हाथ ही जिम्मेदार
होते हैं जैसा कर्म करते हैं वैसी ही
तुम्हारे जीवन को बना देते हैं हाथों की
रेखाओं में मां लक्ष्मी छुपी होती है और
हाथों की रेखाओं में दुर्भाग्य भी छुपा
होता है
यह तुम पर निर्भर करता है की तुम्हें क्या
चुना है इस बात को समझना हर किसी के लिए
संभव नहीं की जी प्रकार हर जगह शुद्ध नहीं
होती इस प्रकार हर किसी हृदय स्वच्छ नहीं
होता और जिसका हृदय साफ-साफ होता है मैं
उसके हृदय में वास करती हूं
जी प्रकार तुम केवल मंदिर में बैठकर मुझे
स्मरण कर सकते हो इस प्रकार तुम अपने घर
को मंदिर के समाज बना दो तभी भी ईश्वर का
तुम्हारे घर में वास होगा जी प्रकार पूजा
पूर्ण होने पर आखरी में आरती करने के
पश्चात ही पूजा संपूर्ण मनी जाति है
इस प्रकार तुम्हारे सभी किया अच्छे
कार्यों के पश्चात तुम्हारे सभी कार्य
पूर्ण हो जाएंगे उसके लिए संध्या कल में
या प्रातः कल में भी कर सकते हो मेरी बहन
लक्ष्मी
[संगीत]
जब भी तुम मेरे पास आओगे संध्या कल में या
प्राण कल में तभी तुम थोड़ा सा सिंदूर
लेकर पहले मेरी बहन लक्ष्मी के चरणों में
अर्पित करते हुए 11 बार बोलना है मां
लक्ष्मी मुझमें पर कृपा करो और माता
लक्ष्मी को सिंदूर चड्ढा देना
और जब तुम मुझे सिंदूर चढ़ाओगे तब भी
तुम्हें 11 बार बोलना है है मां लक्ष्मी
मुझमें पर कृपा करो बोलते हुए सिंदूर को
चढ़ाना तुम जैसे ही इतना करोगे तुम्हारी
शक्ति बहुत ज्यादा प्रबल हो जाएगी
मेरे बच्चे तुम्हारे जीवन में मुसीबत को
झेलना और उनका सामना एन करके उनसे डर कर
पीछे भगाना भी एक बहुत बड़ी गलती होती है
हमेशा हिम्मत से डटकर उनका सामना करना
चाहिए नफरत को हमेशा नफरत से नहीं प्रेम
से जीता जा सकता है
यदि तुमसे कोई क्रोध करता है तो उसे प्रेम
से बात करो वह कितना भी क्रोध करें लेकिन
तुम क्रोध में कभी उससे वार्तालाप ना करने
की कोशिश करो क्योंकि यदि तुम प्रेम से
बात करते रहोगे तो उसका गुस्सा भी
धीरे-धीरे करके साथ हो जाएगा
इस बात को कभी मत भूलना की एक व्यक्ति 100
को हर देता है आवश्यक यह नहीं की तुम मुझे
क्या अर्पित कर रहे हो आवश्यक यह है की
तुम कितने विश्वास के साथ अर्पित कर रहे
हो कितनी श्रद्धा के साथ अर्पित कर रहे हो
मैं सदा भाव है तो तुम्हारा चड्ढा हुआ एक
छोटा सा फूल का पत्ता भी मेरे लिए बहुत
कीमती है यदि तुम्हारे हृदय में प्रेम ही
नहीं शारदा नहीं विश्वास नहीं तो वह
चढ़ाया हुआ 56 भोग विवेकानंद

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