ऐश्वर्या-राहुल विवाद के बीच अमिताभ को सुनिए

वह ऐश्वर्या राय नाच रही है वह ऐश्वर्या
राय नाच रही है सोशल मीडिया पर कोहराम है
और कोहराम के पीछे की वजह राहुल गांधी के
बयानों को माना जा रहा है वह बयान जो
उन्होंने ऐश्वर्या राय को लेकर दिए जिसे
लेकर बीजेपी ही नहीं बल्कि जानी मानी

सिंगर सोना मोहपात्रा ने भी उन पर तगड़ा
हमला बोला है कहा जा रहा है कि राहुल
बार-बार मशहूर एक्ट्रेस मिस वर्ल्ड और
बच्चन खानदान की बहू पर टिप्पणी कर उन पर
सेक्सिस्ट स्लर कर रहे हैं सेक्सिस्ट स्लर

यानी कुछ ऐसा जो महिला की गरिमा को ठेस
पहुंचाता है लेकिन बड़ा सवाल कि आखिर
राहुल ने ऐसा क्या कहा था कि जिस पर बवाल
मचा हुआ है पूरा बवाल बताएं उससे पहले
मामला समझिए दरअसल लोकसभा चुनाव में कुछ
ही दिन बाकी है जिसे लेकर नेता जोर-शोर से
चुनाव प्रचार में जुटे हैं और इसी कड़ी

में राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा कर रहे
हैं राहुल गांधी जब मोदी के गढ़ बनारस
पहुंचे तो यहां उन्होंने ऐश्वर्या का नाम
लेकर हमला बोला हमला करने के लिए उन्होंने
राम मंदिर का मुद्दा चुना राहुल ने क्या
कहा पहले वो सुनिए देखो भैया पाकिस्तान
में क्या हो रहा

है सभी क भैया चाइना आ
गया कभी पह उर देखो भैया अमिता बच्चन नाच
रहा

है देखो भैया उसके साथ ऐश्वर्या राय नाच
रही है तो सुना आपने वो देखो ऐश्वर्या राय
नाच रही है हालांकि बीजेपी ने अब ऐसे ही
और वीडियो शेयर किए अब वो वीडियो देखिए
फिर बताते हैं बीजेपी और सोना मोहपात्रा
कैसे

हमलावर यथ नरेंद्र मोदी मीडिया में कुछ
दिखाना है तो अश्वर्या राय को नाचते हुए
दिखाना है अश्वर राय

देखी इनका हिंदुस्तान है रा है ही नहीं और
इसे ही शेयर करते हुए भाजपा की कर्नाटक
राज्य इकाई ने लिखा

भारतीयों की तरफ से लगातार अस्वीकार किए
जाने से निराश होकर राहुल गांधी ऐश्वर्या
राय को अपमानित करने के नए स्तर तक गिर गए
जीरो कामयाबी के साथ चौथी पीढ़ी का राजवंश
अब ऐश्वर्या राय के खिलाफ अब शब्दों का
सहारा ले रहा है जिन्होंने राहुल गांधी के
पूरे परिवार की तुलना में भारत को अधिक
गौरव

दिलाया उधर सिंगर सोना महापात्रा ने भी
राहु गांधी पर गुस्सा निकाला सोना
मोहपात्रा ने ट्वीट कर लिखा आखिर क्यों
राजनेता अपने भाषणों में महिलाओं को
अपमानित करते रहते हैं ताकि कुछ फायदा हो
सके ताकि फायदा उठा सके प्रिय राहुल गांधी

बेशक किसी ने पहले कभी आपकी अपनी मां बहन
को अपमानित किया होगा कुछ लोग और इसी तरह
अपनी मां बहनों को अपमानित करते होंगे

आपको तो बेहतर पता होना चाहिए खैर अब बड़ा
सवाल यह उठता है कि क्या राहुल गांधी
एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को हाईलाइट करने के
लिए बार-बार रैंडम ऐश्वर्या राय का नाम ले
रहे हैं या मामला कुछ पुराना है कैसे तो
उसके लिए आप डीएनए में दिखाए गए अमिताभ
बच्चन के इस एक्सक्लूसिव इंटरव्यू को
देखिए और फिर बताइए राहुल का ऐश्वर्या के

नाम लेने पर हो रहे विवाद पर आपकी क्या
राय जमाना था जब नेम फेम पावर सचमुच आपके
बिल्कुल इर्दगिर्द घूम रही थी प्राइम
मिनिस्टर आपके दोस्त थे ये लोग का एक
परसेप्शन है इस परसेप्शन पर मैंने कभी
विश्वास नहीं किया मैं इस बात को मानता

हूं कि मैं एक
ऐसे काम से जुड़ा हुआ था जो कि फिल्मों का
माध्यम है जिसको कि
बड़ा बड़ी संख्या में लोग देखते हैं इसलिए
यह एक बड़ा ही प्रख्यात एक माध्यम है मैं
इस बात को मानता हूं कि प्रधानमंत्री के
परिवार के साथ हमारी मित्रता थी और इन
वजहों से एक स्पॉटलाइट आ जाती है आपके ऊपर

भी लेकिन मैंने ने इस बात को कभी नहीं
माना कि इन वजहों से मैं एक बहुत ही सशक्त
या एक पावरफुल मीडियम बन गया हूं लेकिन ये
डिक्लाइन जो है ये 87 के बाद नहीं शुरू

हुआ आपको लगता है जब तमाम कंट्रोवर्सीज
उठाई गई तमाम तरह के आरोप लगाने लोगों ने
शुरू किए और लोगों को लगा कि बहुत पावरफुल
हो गए हैं वो शायद पसंद लोग ये जिन लोगों
ने सोचा हो या जो ऐसा सोच रहे हो यह
प्रश्न वही बताएं इसका इसका उत्तर वही

बताएं मैंने अपने आप को एक बहुत ही साधारण
इंसान समझा है और एक साधारण रूप से जीवन
व्यतीत किया है बाकी जितने भी जो चाहे वो
लांछन हो चाहे
वो एडजेक्टिव हो या जो कुछ भी तमाशा

जिन्हे कहा जाए हमारे साथ जुड़ा गया है यह
जुड़ता
गया चर्चा का विषय बनता गया लेकिन मुझे
इसका कभी ना ध्यान रहा ना ही इसका कभी असर
हुआ और ना ही मैंने इसको कभी इंस्टिगेट
किया यही सच्चाई है अब इस सच्चाई को कुछ
लोग मान लेते हैं कुछ लोग नहीं मानते अब
मैं किन-किन को कहूं की यही सच्चाई है और

कुछ है नहीं लेकिन ऐसा आपको नहीं लगता है
कि लोगों को वो भोला भला अमिताभ बच्चन
अच्छा लगता था गुस्सैल अमिताभ बच्चन अच्छा
लगता था व्यवस्था के खिलाफ लड़ने वाला

अमिताभ बच्चन अच्छा लगता था कुल मिला के
कलाकार अमिताभ बच्चन अच्छा लगता था जब से
व अमिताभ बच्चन पॉलिटिशियन हुआ जब से व
अमिताभ बच्चन पब्लिक परसेप्शन में प्राइम
मिनिस्टर का दोस्त हुआ जब से वो अमिताभ

बच्चन बिजनेसमैन अमिताभ बच्चन हुआ तब से
लोगों को थोड़ी-थोड़ी उस से अपनी जो एक
आइडेंटिटी थी वो अलग लगने लगी और लोग उससे
हटने लगे तो आपका कहने का यह मतलब हुआ कि
एक इंसान को यह छूट नहीं है कि अगर वह
एक्टिंग के अलावा भी कुछ काम करना चाहे तो

वह ना करे आई डोंट थिंक कि यह सही होगा हम
एक
डेमोक्रेटिक देश में रह रहे हैं जहां हमें
फ्रीडम ऑफ स्पीच है फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन
है हम जो चाहे कर सकते हैं माना कि मैं एक

कलाकार था अगर मेरी मित्रता जब मैं दो साल
से था किसी एक ऐसे शख्स के साथ हुई जो 20
साल या 25 साल या 30 साल बाद जाकर के देश
का प्रधानमंत्री बन गया मुझे तो उस समय
मालूम नहीं था जब मैं दो साल का था कि यह
एक दिन प्रधानमंत्री बन जाएगा इसलिए इसके
इसका हाथ पकड़ लो और ना ही मुझे मालूम था
उस जमाने में ना ही उनको मालूम था उस

जमाने में कि मैं एक कलाकार बन जाऊंगा तो
क्या अपना जीवन हम इसी तरह व्यतीत करें यह
एक सही अनुमान लगाना हमारे ऊपर ठीक नहीं
रहेगा अच्छा फिर मान लीजिए कि मैं कलाकार
बन गया और कुछ हद तक हमें ख्याति भी मिली
अब साथ-साथ अगर उसी जमाने में श्री राजीव

गांधी या श्रीमती इंदिरा गांधी देश की
प्रधानमंत्री बन गई और हमारी मित्रता उनके
साथ बनी रही तो क्या हम अपनी मित्रता तोड़
दे उनके साथ मैंने ऐसा माना कि अगर हम लोग
बचपन के मित्र थे तो मित्र ही ब बने रहे
हां उसके बाद उनकी दशा को देखकर या उनके

साथ मिलने के काम करने का एक मंशा रख कर
के हम राजनीति में गए उसे हमने अपनी भूल
मानी और जब हमसे वह बात हमें लगी कि वह
सही नहीं है हमारे लिए या हमसे ठीक से
नहीं हो रही है तो उसे हमने छोड़
दिया न्यूज

 

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