कांग्रेस और सपा ने मायावती पर बनाया दबाव, BSP भी अब INDIA में शामिल!

बसपा सुप्रीमो मायावती ना घर के रहे ना
घाट की स्थिति में फंस चुकी हैं आपको बता
दें कि मायावती ने बड़े ही बाजे गाजे के
साथ ऐलान तो कर दिया कि 2024 लोकसभा चुनाव

में बसपा किसी के साथ गठबंधन नहीं करेगी
हम अकेले चुनाव लड़ेंगे लेकिन अब मायावती
खुद इतनी अकेले पड़ गई हैं कि उनके सारे

के सारे सांसद बगावत करने की तैयारी में
है जी हां मायावती को 2024 लोकसभा चुनाव
से ठीक पहले बड़ा झटका लगने वाला है और तो
और हालत यह हो चुकी है कि बसपा सांसद
मायावती पर दबाव बना रहे हैं कि वो इंडिया
गठबंधन में शामिल हो जाएं और अगर उन्होंने
ऐसा नहीं किया तो 2024 में बसपा का पत्ता

साफ हो जाएगा तो कैसे इंडिया गठबंधन ने
सीटों का गणित पलट कर रख दिया है मैं आगे
आपको बताऊंगी लेकिन उससे पहले मायावती को
कितना बड़ा झटका लगने वाला है खबरें दिखा
देती हूं खबर आप देखिए नव भारत टाइम्स की

देखिए इसमें लिखा हुआ है कि लोकसभा चुनाव
से पहले मायावती को बड़ा झटका बीएसपी का
साथ छोड़ने की तैयारी में सभी 10 सांसद तो
दसों के 10 सांसद तैयार हैं बसपा का साथ
छोड़ने के लिए आप जानते हैं कि 2019
लोकसभा चुनाव में बसपा ने 10 सीटें जीती
थी अब 10 सांसद भी बसपा के साथ रहने के

लिए तैयार नहीं है इससे आप अंदाजा लगा
सकते हैं कि मायावती की हालत कितनी खराब
हो चुकी है भले ही ठसक ने ऐलान तो कर दिया
हो लेकिन अब उस ऐलान पर कायम रह पाना
मायावती के बस की बात दिखाई नहीं दे रही

है ऐसा मैं क्यों कह रही हूं देखिए खबर
में अंदर क्या लिखा है इसमें लिखा है कि
लोकसभा चुनाव से पहले देश के सबसे बड़े
सियासी सूबे उत्तर प्रदेश में पूर्व

मुख्यमंत्री मायावती को बड़ा झटका लग सकता
है पिछली बार 2019 में हुए लोकसभा चुनाव
में बसपा के सिंबल पर जीतने वाले 10 सांसद
मायावती का साथ छोड़ सकते हैं मीडिया

रिपोर्ट के मुताबिक बीएसपी के सभी सांसद
दूसरे दलों का दामन थाम सकते हैं तो दसों
की अगर बात की जाए तो इसमें दो तो पहले ही

जाए तो आप जानते हैं कि दानिश अली जो कि
बसपा के सांसद थे उन्हें किस तरीके से
भाजपा के सांसद रमेश बदोरी ने भरे सदन में
खड़े होकर गाली गलौच की उसके बाद कायदे से
तो मायावती को दानिश अली के साथ खड़े हो
जाना चाहिए था अब मायावती तो सामने आई

नहीं राहुल गांधी आए राहुल गांधी ने दानेश
अली से उनके घर पर जाकर मुलाकात की और
इसके बाद मायावती इतना बौखला गई कि

उन्होंने एक्शन लिया और एक्शन लेते हुए
दानिश अली को अनुशासन हीनता का हवाला देकर
पार्टी से बाहर कर दिया तो दानेश अली तो
पहले ही पार्टी से बाहर हो चुके हैं और वह

कांग्रेस के संपर्क में हैं और दूसरा नाम
निकलकर सामने आता है अफसान अंसारी का अफजल

अंसारी समाजवादी पार्टी में शामिल हो चुके
हैं अखिलेश यादव पहले ही बड़ा झटका
मायावती को दे चुके हैं क्योंकि लोकसभा
चुनाव के लिए तो गाजीपुर सीट भी फाइनल हो
चुकी है अफजाल अंसारी के लिए और उन्हें

वहां से टिकट भी मिल चुका है तो दो सांसद
तो आउट हो गए अब बचे हैं आठ सांसद आठ में
से मैं आपको बता दूं पाच तो नारा राज चल
रहे हैं और इसमें तीन ऐसे सांसद हैं जो कि

कभी भारतीय जनता पार्टी से मीटिंग कर रहे
हैं और कभी कांग्रेस से मीटिंग कर रहे हैं
जैसे ही टिकट फाइनल होगा अगले ही पल बसपा
पाक को छोड़ दिया जाएगा यानी कि मायावती
का साथ छोड़ दिया जाएगा तो क्या है खबर

खबर आप देखिए ये सारी खबरें मौजूद हैं
मायावती को कितना बड़ा झटका लगने वाला है
एक-एक खबर से आप क्रोनोलॉजी समझ सकते हैं

देखिए खबर में लिखा भी है कि बीएसपी
सांसदों पर कई दलों की नजर टिकट की गारंटी
पर छोड़े मायावती का साथ इन नामों ने
बढ़ाई हलचल तो टिकट की गारंटी जैसे ही
बसपा सांसदों को मिलेगी वह पार्टी का साथ
छोड़ देंगे क्योंकि मायावती इंडिया ग से
गठबंधन करने के लिए तैयार नहीं है और बसपा

के सांसद नाराज हैं उनका कहना है कि
इंडिया से अगर गठबंधन नहीं हुआ तो बसपा
बुरी तरीके से हारने वाली है ऐसे हालातों
में वो विकल्प तलाश रहे हैं भारतीय जनता
पार्टी से मिल रहे हैं और कांग्रेस से मिल

रहे हैं कोई हवा-हवाई बात नहीं है देखिए
खबर में भी लिखा एबीपी के कि फिलहाल तीन
सांसदों का अन्य दलों में शामिल होना तय
माना जा रहा है तीनों सांसदों ने भारतीय
जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात भी की है

बीते दिनों समाजवादी पार्टी ने
उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की और उसमें
गाजीपुर से अफजल अंसारी को प्रत्याशी

घोषित किया साल 2019 के लोकसभा चुनाव में
बसपा के सिंपल पर चुनाव लड़ने वाले अंसारी
ने जीत दर्ज की थी तो 2019 में जीते थे अब
उन्होंने सपा से टिकट लेले लिया है यह तो
हुए अफजल अंसारी और तीन सांसद जो नाराज

हैं वो बातचीत कर रहे हैं और टिकट की
गारंटी का इंतजार कर रहे हैं कि टिकट देने
की गारंटी दे कांग्रेस या फिर कि भारतीय

जनता पार्टी जो भी देगी उधर तुरंत चले
जाएंगे फिलहाल इन लोगों ने अभी अपने नाम
उजागर नहीं किए हैं अभी किसी के नाम
निकलकर सामने नहीं आ रहे हैं लेकिन ये लोग
ऑफ रिकॉर्ड बयान दे रहे हैं नाम क्यों
नहीं सामने आ रहे हैं यह भी सुनिए इसमें

खबर में लिखा भी है कि सूत्रों की माने तो
आगे आने वाले दिनों में पार्टी के कुछ और
सांसद खुलकर सामने ने आ सकते हैं हालांकि
अभी विभिन्न दलों के साथ उनकी बात फाइनल

नहीं हो पाई है इस वजह से सांसद खुलकर
सामने नहीं आ रहे हैं इसलिए नहीं आ रहे
हैं कि अभी बता दिया कि बीजेपी में शामिल
होने वाले हैं जैसा कि जयंत चौधरी ने करा
अभी टिकटों को लेकर किसी तरह का कोई

बातचीत तय नहीं हुई है तो ऐसे हालातों में
वो लोग अधर में रह सकते हैं ऐसे में वो
लोग अपने नाम तो नहीं बता रहे हैं लेकिन
हां बातचीत चल रही है और बातचीत जिससे भी

फाइनल होगी तो वो बता देंगे कि वो किस
पार्टी के साथ शामिल होने वाले हैं तो
बसपा को लेकर किस तरीके से बसपा के ही
सांसदों ने बड़ा प्लान तैयार कर लिया है
आप देख सकते हैं इनके पास टोटल 10 सांसद
हैं अब दसों के 10 बगावत करने की तैयारी

में दिखाई दे रहे हैं आगे देखिए इसमें
लिखा भी है कि इतना ही नहीं खबरें तो यहां
तक है कि बसपा के सांसद मायावती को भी

चिता रहे हैं मायावती को भी समझा रहे हैं
दबाव बना रहे हैं कि अभी भी वक्त है अभी
भी संभल जाइए अभी भी अगर आप इंडिया गठबंधन
में शामिल हो जाएंगी तो बात बन सकती है और
और इसमें ज्यादातर मुस्लिम सांसदों के नाम
शामिल हैं क्या लिखा है खबर में खबर आप

देखिए अमर उजाला की देखिए इसमें लिखा हुआ
है कि बसपा के सांसदों को सता रहा हार का
डर मुस्लिम नेताओं ने मायावती पर बढ़ाया

गठबंधन में शामिल होने का दबाव तो तो आप
देख सकते हैं कि बसपा सांसद दबाव बना रहे
हैं मायावती पर लेकिन फिर भी मायावती
सुनने के लिए तैयार नहीं है और अगर ऐसा ही
चलता रहा तो 2024 लोकसभा चुनाव में बसपा

फिर से शून्य पर आ जाएगी ऐसा मैं क्यों कह
रही हूं के लिए मैं आपको सीटों का गणित भी
समझा देती हूं देखिए अगर विधानसभा चुनाव

की बात की जाए तो बसपा का ग्राफ लगातार ढ
लुढ़क चला जा रहा है देखिए 2007 में 206
सीटें मिली 30.4 3 प्र वोट मिले 2012 में
80 सीटें मिली 25.9 1 प्र वोट मिले 2017
में 19 सीटें मिली 22.2 3 प्र वोट मिले और
2022 में एक सीट मिली

12.8 % वोट मिले यह विधानसभा चुनावों का
गणित है लोकसभा चुनाव में भी बसपा की हालत

इतनी खराब है आप देख सकते हैं 80 लोकसभा
सीटें होती हैं 2009 में 21 मिली 14 में
शून्य मिली और 19 में 10 मिली और ये 10 तब
मिली है जब सपा के साथ मायावती ने गठबंधन
किया था और इस बार तो मायावती कह रही हैं
कि वह अकेले चुनाव लड़ने वाली हैं और

अकेले चुनाव लड़ेंगी तो 2014 का रिजल्ट
रिपीट हो सकता है हो सकता है कि मायावती

एक बार फिर से शून्य पर आ जाए और इसीलिए
डर सता रहा है सपा के सांसदों कोपा सपा के
सांसदों को डर सता रहा है कि कहीं वह जीती
हुई बाजी हार ना जाएं उनकी भी सीट कहीं
चली ना जाए तो यूपी का गणित किस तरीके से
पलट गया है मायावती का हालत कैसी खराब हो
गई है आप इन खबरों से अंदाजा लगा सकते हैं

और सिर्फ हालत खराब मायावती की नहीं मैं
आपको बता दूं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

की भी है अभी दो दिन पहले राहुल गांधी
काशी पहुंचे यानी कि वाराणसी पहुंचे मोदी
जी जी के संसदीय क्षेत्र पहुंचे अब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भागे भागे वहां
पर पहुंच गए हैं दो दिवसीय दौरा करने वाले
हैं आप खबर देख सकते हैं कि 14000 रोड़ की

सौगात देने वाले हैं तो राहुल गांधी की
लोकप्रियता कैसे बढ़ रही है आप तस्वीरों

से अंदाजा लगा सकते हैं काशी में उमड़ी
हुई भीड़ से अंदाजा लगा सकते हैं अब इस
भीड़ को देखकर और इंडिया गठबंधन को मजबूत
होता देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के
भी पसीने छूट रहे हैं क्या हालत हो रही
होगी इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते
हैं कि एक तरफ राहुल गांधी पहुंचे वहीं
पीछे-पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी

काशी पहुंचे हैं तो मायावती से लेकर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडिया गठबंधन
को मजबूत होता देखकर हैरान है परेशान है
फिलहाल इन खबरों पर और जिस तरीके से
मायावती की हालत खराब हो गई है उस पर आप
क्या सोचते हैं आपकी क्या राय है हमें
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वा

 

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