किसका सर आपके सामने झुक रहा है आपके शत्रुओं कि तो बैंड बजी हुई है

 

मेरे बच्चे मैं तुमसे बहुत नाराज हूं

क्योंकि तुम लगातार गलतियों को कर रहे हो

जिन बातों का ध्यान रखना अति आवश्यक होता

है परंतु तुम्हारा जो ध्यान है यहां वहां

भटकने लगता है यह बात सत्य है कि तुम मुझे

प्रसन्न करना चाहते हो परंतु वहीं पर कुछ

ऐसी गलती कर रहे हो जो कि मुझे चाहकर भी

तो तुम प्रसन्न नहीं कर पा रहे हो और उसका

मुख्य कारण क्या है आज मैं तुम्हें साफसाफ

बताऊंगी और समझाऊ गी परंतु उससे पहले तुम

मेरी एक बात का जवाब दो तुम्हारा कोई भी

चाहने वाला या तुम्हारा कोई भी दोस्त यदि

तुमसे दोस्ती रखता है और तुम्हारे पिता जो

कि तुम्हारे लिए सम्मानजनक है उनकी

बेइज्जती करता है तो तुम्हारे हदय को कैसा

लगेगा जाहिर सी बात है तुम्हें बुरा लगेगा

तुम अपने दोस्त से नाराज हो जाओगे ऐसा

इसलिए होता है जो तुम्हें सबसे प्रिय होता

है यदि उसका कोई अपमान करें तो आपके हृदय

को कष्ट होता है क्योंकि तुम अपने बड़ों

से बहुत प्रेम करते हो कहने का तात्पर्य

है कि तुम इस संसार में जिसे सबसे अधिक

प्यार करते हो यदि उसका कोई सम्मान करें

या कोई उससे गलत शब्द ना बोले तो तुम

निश्चित ही उसे प्रेम करोगे इसी प्रकार

मेरे सभी बच्चे मेरे लिए प्रिय हैं और सभी

बच्चों के लिए मैं प्रिय हूं यदि मेरे एक

बच्चे का अपमान दूसरा बच्चा करता है तो

मेरे हृदय को ठेस पहुंचती है मेरी भक्ति

करने वाला हर भक्त मेरे लिए उतना ही प्रिय

है जितना भक्तों के लिए मैं प्रिय हूं वही

दूसरा तुम मेरी पूजा लगातार करते हो मेरा

नाम सम्मान करते हो श्रद्धा भावना रखते हो

हर दिन मुझे प्रसाद चढ़ाते हो मेरा नाम

जपते रहते हो एक पल भी नहीं भूलते लेकिन

यह भूल जाते हो कि मैं स्वयं जिनकी

अर्धांगिनी हूं तुम उनका नाम ही नहीं लेते

और यही बात

मेरे हृदय को सबसे ज्यादा कष्ट पहुंचाती

है मेरे कहने का तात्पर्य है कि मेरे

प्रभु विष्णु को स्मरण नहीं करते हो मुझे

प्रसन्न करना मुश्किल नहीं है इसलिए मैं

कई बार तुम्हें समझा चुकी हूं जीवन में

खुशियां प्राप्त करने के तुम्हें किसी का

अपमान नहीं करना चाहिए सदा मेरा नाम स्मरण

करने से पहले मेरे प्रभु विष्णु जी का नाम

जरूर लेना अपने आप ही मैं प्रसन्न हो

जाऊंगी मेरे बच्चे एक बात को अच्छे से समझ

लो कौन व्यक्ति किस रूप में तुमसे आकर

मिलता है तुम्हें ज्ञात नहीं होता इसलिए

कभी भी किसी व्यक्ति का अपमान कदापि मत

करना क्योंकि हर इंसान के हृदय में मैं

बास करती हूं इस संसार में किसी को भी तुम

छोटा मत समझना क्योंकि कब किसका समय

परिवर्तन होता है यह किसी को ज्ञात नहीं

होता इसलिए किसी का भी समय देखकर उसे मान

सम्मान मत दो बल्कि एक इंसान को इंसानियत

का रिश्ता जो होता है तुम उसे निभाओ और यह

मत भूलो कि तुम्हारे आगे का समय कैसा होगा

यह तुम नहीं जानते हो मेरे बच्चे कभी किसी

को झुका ने की वजह मत बनो बल्कि तुम किसी

को उठाने की कोशिश करना चाहिए तुम स्वयं

देखोगे कि खुद भी इतनी ऊंचाइयों पर पहुंच

जाओगे तो तुम्हें स्वयं भी पता नहीं होगा

क्योंकि जो दूसरों को गिरने से बचाता है

उनको उठाने के लिए मैं स्वयं उनकी रक्षा

करती हूं तुम्हारे जीवन को सुरक्षित रखने

के लिए मैं वह हर कार्य करने के लिए तत्पर

हूं जो मेरे शक्ति के अंतर्गत आता है मेरे

बच्चे यदि तुम अभी तक मेरा यह संदेश सुन

रहे हो तो तुम्हारी आंखों में चमक उठ रही

है तो निश्चित ही तुम्हारे जीवन की समस्या

समाप्त होने का समय आ गया है उसके लिए

तुम्हें एक कार्य करना बहुत जरूरी है और

उस कार्य को करने के लिए तुम प्रातः काल

के समय बस केवल यह बोल देना इसको बोल ही

तुम्हारे जीवन की समस्याएं समाप्त हो

जाएंगी क्योंकि हर दिन निकलता हुआ सूरज

कुछ ना कुछ नई शुरुआत लेकर आता है और

तुम्हारी हर नई सुबह नए कार्य की शुरुआत

होती है पर एक ऐसी नई शुरुआत जिसे तुम एक

नया कार्य करते हुए केवल कुछ शब्द बोलते

हो तो तुम अपनी पूरी समस्याओं को समाप्त

कर लोगे मेरे बच्चे कल सुबह प्राथ काल जब

उठो तो सबसे पहले अपने घर के द्वार को साफ

कर स्वक्ष कर लेना और गंगा जल डालकर घर को

शुद्ध कर देना और अपने घर को भी अंदर से

पूरा साफ कर लेना और रसोई को भी साफ कर

लेना मेरे बच्चे क्योंकि साक्षात वहां पर

मेरा बास है अन्न पड़ा के रूप में और जब

तुम मेरी पूजा करने के लिए बैठोगे तो मेरे

करीब एक री ओड़कर और अपने हाथों में लाल

पुष्प रख लेना उसके पश्चात जब तुम घी का

दीपक जला लो तब तुम उस दीपक की लौ को अपने

हृदय के अंदर भी उस ज्योति को देखने की

कोशिश करना वह ज्योति जो आपके हृदय में भी

मेरे रूप में जलती है जब तुम दोनों आंखों

के बीच में माथे के बीच में अपना ध्यान

लगाओगे तब तुम अपने को एकाग्र कर पाओगे

एकदम शांत मन से एकाग्र करते हुए हृदय के

अंदर पूर्ण रूप से खो जाओ और मुझे अपने

हृदय के अंदर देखने का पूर्ण रूप से

अभ्यास करो जैसे ही तुम ध्यान लगाकर जलती

हुई ज्योति को अपने हृदय में मेरा ध्यान

करते हुए मुझे महसूस करोगे मैं तुम्हारे

हृदय के अंदर विराजमान हूं हो जाऊंगी और

उसके पश्चात अपने हृदय को साफ रखते हुए इस

कार्य को करने के पश्चात आप जैसे जैसे

मुझे अपनी ओर आकर्षित करोगे वैसे वैसे

तुम्हारे अंदर की शक्ति कई गुना बढ़ने

लगेगी और जैसे जैसे शक्ति बढ़ने लगेगी

वैसे-वैसे केवल तुम एक ही बात को अपने

हृदय के अंदर से आवाज को निकालते

हुए केवल यह बात बोलना है कि मैं आपके

होते हुए इस संसार से हर समस्या से मुक्त

हूं मुझे पूण भरोसा है जब तक आप मेरे साथ

हैं मेरे ऊपर कोई भी दुख की छाया नहीं

आएगी ना ही कोई समस्या आएगी

आप मेरे सभी कष्टों को हर लोगी मैं

निश्चिंत हूं आपके होते हुए मुझे कोई गम

नहीं छुए और ना ही कोई दुख का साया मेरे

ऊपर पड़ेगा मैं जीवन में खुशियों को

प्राप्त करूंगा सभी खुशियां मुझे आपके

होते हुए

मिलेंगी मैंने सब कुछ आपके ऊपर छोड़ रखा

है हृदय से विश्वास के साथ ऐसी बात बोलते

ही तुम्हारे जीवन में स्वयं सभी समस्याओं

को समाप्त कर दूंगी मेरा आशीर्वाद सदा

तुम्हारे साथ है मेरे अगले संदेश की

प्रतीक्षा करना मैं फिर आऊंगी तुम से

[प्रशंसा]

मिलने

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