किसान आंदोलन को देख जनता ने मोदी पर ऐसा बोला सुनके हिल जाएंगे

पूरे भारत में 15 पूरे भारत में 15 करोड़
किसान हैं और पंजाब में सिर्फ 9 लाख किसान
हैं उसमें से भी यह जो प्रदर्शन कर रहे
हैं वह किसान नहीं है यह सारे जो है ना

चुनाव आने वाला है विदेशों से फंडिंग आई
है करोड़ों रुपए आए हैं बिलियन डॉलर्स आए
हैं जो इंडियन रुपीज में कन्वर्ट हो कर के
सब में डिस्ट्रीब्यूटर हैं तो वह फंडिंग

के दौर तो फंडिंग के वजह से जो है ना इनको
पैसे मिले गए हैं कि आप मोदी सरकार को
गिराने के लिए उनको नीचा दिखाने के लिए
पूरी दुनिया में उनकी बदनामी करने के लिए

आप आंदोलन करो वरना आप एक बात बताइए पूरे
भारत देश के किसान अपने खेतों में खेती कर
रहे हैं सिर्फ पंजाब और हरियाणा के ही
किसान क्यों बार-बार आंदोलन करने आ जाते
हैं आखिर उनको क्या चाहिए और हरियाणा के
भी किसान अपने खेतों में खुशी से खेती

करें उनको कुछ नहीं चाहिए सरकार आज
फर्टिलाइजर के पैसे सीधा अकाउंट में दे
रही है पेस्टिसाइड के पैसे अकाउंट में दे
रही है सब चीजों के गरीब को अब सीधा पैसा
डायरेक्ट पैसा अकाउंट में जा रहा है
किसानों को सारा पैसा अकाउंट में जा रहा
है जब सरकार ने इतना पारदर्शी

ट्रांसपेरेंसी सिस्टम बना दिया है फिर किस
किस बात का यह लोग आंदोलन कर रहे हैं भैया
इन आंदोलन जीवं को यह समझना चाहिए कि इनकी
वजह से गरीब लोगों का आम लोगों को बहुत
परेशानी हो रही है ये जो आकर के बॉर्डर पे

जो बार-बार जाम लगा देते हैं इनकी वजह से
पुलिस को बैरिकेडिंग करनी पड़ती है इसके
वजह से कितना नुकसान हो रहा है देश का देश
की तरक्की का पहिया जाम हो रहा है इनको यह
समझना चाहिए कि कितने ट्रांसपोर्ट दिल्ली
में एंटर नहीं कर पा रहे कितने

ट्रांसपोर्ट जा नहीं पा रहे कंसाइनमेंट सब
रुकी हुई है कंपनियों में कितना देश को
नुकसान हो रहा है इन आंदोलन जवियो की वजह
से इनको समझना चाहिए भया देश को तोड़ने
में देश को तोड़ने में कोई फायदा नहीं है

देश को जोड़ो देश के लिए काम करो यह जो
बार-बार ट्रैक्टर लेके आ करर के आंदोलन
करते हैं सड़क जाम करवा देते हैं पुलिस को
मारते हैं लाल किले पर चढ़ जाते हैं इससे
कोई फायदा नहीं है य सरकार हमारे लिए ही

काम करही हम सबकी भलाई के लिए ही काम करर
सरकार किसी एक के लिए काम नहीं करती सरकार
अगर सड़कें बनवा रही है तो उसपे गरीब भी
जा सकता है अमीर भी जा सकता है सरकार अगर
ट्रेन बना रही है तो उसपे गरीब भी जा सकता

है अमीर भी जा सकता है सरकार ने अगर वंदे
भारत निकाला तो सरकार ने अमृत भारत भी
निकाला सरकार ने बुलेट ट्रेन निकाला तो
सेमी हाई स्पीड ट्रेन भी निकाला तो सरकार
सभी के लिए काम करती है यह जो आंदोलन कर
रहे हैं इनसे मैं एक ही रिक्वेस्ट करना
चाहूंगा कि इनसे जो देश को बहुत ज्यादा
नुकसान हो रहा है दिल्ली देश की राजधानी

है इसका एक अलग ही वैल्यू है पूरी दुनिया
में क्या कहेंगे भाई साहब कह रहे कि
चुनावी एजेंडा है ये किसान नहीं है देश का
जो असली किसान है वह खेतों में काम कर रहा
है बिल्कुल सही बात बोल रहे हैं कि अगर

देश में किसान आंदोलन करेगा तो खेतों में
का काम कौन कर रहा था 13 महीने के आंदोलन
में आप देखिए ना सब्जियों की कमी पड़ी इस
देश में ना फलों की कमी पड़ ना अनाज की
कमी पड़ी तो इससे यह पता चलता है कि ये जो

चुनावी जीवी थे आंदोलन जीवी जिस तरीके से
देश का माहौल बिगाड़ना चाहते हैं इनका एक
आंदोलन आप ये देखिए क्या दिखाना चाह रहे
हैं ये आंदोलन वहां करते हैं चढ़ाई लाल
किले प कर रहे हैं झंडा किसका उतार रहे
हैं भारत का और वहां क्या लहरा रहे है

खालिस्तानी का उसके बाद किस पे पत्थर चला
रहे भारत के सीआरपीएफ पे भारत के जवानों
पे भारत के पुलिस पे ट्रैक्टर चला रहे हैं
तो ये किसान हो सकते हैं ठीक है दिल्ली से
लेकर आप पूरे देश का माहौल बिगाड़ना चाह
रहे हैं आप य सोच रहे हैं कि हमें एमएसपी

दे दो जिस राज्य से आप आए उसके अलावा आपके
साथ कौन है कर्नाटक का किसान नहीं है
बिहार का किसान नहीं है उत्तर प्रदेश का
किसान नहीं है किसी राज्य का किसान नहीं
है सिर्फ पंजाब के किसान है राजनीति में
क्यों फसे हुए हैं क्योंकि इनको बस ये

चाहिए कि शराब जो शराब बनता है अब इनका जो
गेहूं है सरकार खरीदे महंगे दाम पे और यह
चाहते हैं कि शराब व्यापारियों को बेचे
इसलिए एमएएसपी लागू कराना चाहते हैं जो

पंजाब किसान में नंबर वन चल रहा था पूरे
वर्ल्ड में पूरे देश में आज वह चौथे नंबर
पे आ चुका है जो मध्य प्रदेश आठवें नौवें
नंबर पे था आज देश में पहले नंबर पे आ
चुका है तो इससे यह पता चलता है कि जो
किसान ही थे जो किसान कर रहे थे जो देश के

लिए काम करना चाह रहे थे वह काम कर रहे
हैं और जो देश को तोड़ना बटोर इन सब में
लगे पड़े वो ऐसे ही आंदोलन करते रहेंगे आप
आप इनको किसान नहीं मानते जो धरने पे बैठे
हैं मैं बिल्कुल किसान नहीं मानता अगर
किसान होते तो इस देश में अफरा तफरी आ
जाती महंगाई सब कुछ आ जाता पर ऐसा कोई भी

नहीं आप बताइए कि ये 13 महीने तक किसान
बैठे थे क्या इस देश में अनाज की कमी पड़ी
आपको आटा जो 30 32 किलो मिल रहा था क्या
वह 50 60 किलो पहुंच गया था क्या जो
सब्जियों का रेट था क्या वह 100 50 पहुंच
गया था क्या नहीं इन 13 महीनों में

इन्होंने क्या किया पिकनिक मनाया काजू खाए
बादाम खाए महंगे महंगे ब्रांड के शराब पिए
क्यों क्योंकि इनको क्या है कि मोदी का
ग्राफ गिराना है कोई कोई कह रहा है कि जी
हम अरे खालिस्तान बनाएंगे तो कोई कह रहा
है कि नहीं इस देश का जो मोदी आए राम
मंदिर के ग्राफ से उनका वो बढ़ गया है एक

व्यक्तित्व बढ़ गया है हम उसको गिराना
चाहते हैं ऐसे लोगों का ये समझ नहीं आ रहा
इन्होंने धान और गेहूं की बात नहीं की ये
मोदी मोदी कर रहे हैं अरे भाई मोदी का
ग्राफ गिरने से तुम्हें क्या लेना देना है
तुम किसान हो क्या तुम राहुल गांधी के वो

हो और एक बात बताओ जब राहुल गांधी कह रहा
है कि हम सरकार में आएंगे हम एमएसपी लागू
करेंगे तो आपका एक काम होना चाहिए आप ये
आंदोलन बंद करिए आप घर वापसी करिए तीन
महीने चुनाव में बचा हुआ है आप राहुल

गांधी को सत्ता में लाए और आप उनको बनवाए
पर आपको भी पता है कि कांग्रेस यह कर नहीं
सकती और यह देश में लागू भी नहीं हो सकता
ठीक है और आपको यह दूसरा पॉइंट भी पता है
कि आएंगे नरेंद्र मोदी आप यह बताए किस

एमएसपी की बात कर रहे हैं हम एमएसपी अगर
लागू कर देते हैं जो सीजन में हम 10 से ₹
किलो आलू टमाटर खा रहे हैं एमएसपी लागू
होने के बाद भी सीजन में भी हम 60 70 का
खाएंगे अन सीजन में भी 80 90 का खाएंगे तो

मतलब देश का जो मिनिमम परिवार है जो 12 से
000 कमा रहा है वह कहां पर जाएगा आप यह
बताइए एमएसपी और भी उनकी मांगे हैं करीब
12 मांगे हैं डब्ल्यूटीओ किसान कर्जा माफी
और लखीमपुर खिरी में जो हुआ किसानों के
ऊपर गाड़ियां चढ़ा दी गई उनका कहना है कि

उनको इंसाफ कम मिलेगा उनको न्याय कम
मिलेगा लखीम खिरी में जो हुआ उसमें जो
आशीष टेनी थे जेल में गए माननीय सुप्रीम
कोर्ट ने उनको जमानत पे छोड़ा उसमें जो एक
दो कार्यकर्ता मरे बीजेपी के उनके लिए क
तुमने आवाज नहीं उठाया जो ड्राइवर मरा हुआ
गाड़ी चलाते हुए उस पर क्यों नहीं आवाज

उठाया अब दूसरा कहते 12 मांगों में 12
मांगों में डब्लूटीसी आपसे क्या लेना देना
है आप कर्ज माफी की बात करते हैं चलिए
कर्ज माफी कर देते हैं दूसरा आप आइए यह कह
रहे नीलम आजाद को आजाद करो जो संसद में बम
फोड़ के गई है ठीक है ये कह रहे जो लाल

किले पे झंडा गिरा के गया उनके केस वापसी
लो जिन्होंने आईटीओ पे पुलिस कर्मियों पे
गाड़ी चढ़ाए उनके वापसी लो 750 किसान मरे
डाटा कहां है वो आज तक नहीं पता चला सरकार
मांगती है ला डाटा दो सा सा सा जो 100
किसान मरे वो कहां पर है नहीं लेना देना

ये मन जड़त कहानी बनाक दिल्ली में चुनावी
जीवी की तरह आंदोलन जीवी की तरह एक फंडिंग
कर र मैं कह रहा हूं कि विपक्ष इनका साथ
दे रहा है पंजाब में आम आदमी पार्टी की
सरकार है अरविंद केजरीवाल की सरकार है आप
एमएसपी क्यों नहीं लागू कर देते राज्य में

आपके तो घोषणा पत्र में था ना कि हम आएंगे
तो एमएसपी लागू करेंगे दिल्ली में आपने
बोला कि हम लागू करेंगे राजस्थान में
राहुल गांधी बोल के आए पर केंद्र में
सेंट्रल जो बैठी हुई है सेंट्रल चर्चा

करना चाहती है तो आप वहां पर ट्रैक्टर
दिखा रहे हो कि ट्रैक्टर बैरिकेड किस लिए
लगाया गया कि 13 महीने पहले जो आप कारनामा
करके गए थे वो दोबारा से ना हो जाए जिस

समय य 26 जनवरी को लाल किले और य पर कर
रहे थे ना दिल्ली की जनता अपनी गेटों पर
ताला मार के आठ आठ ताले मार के अंदर बैठी
हुई थी कि कहीं हमारे घर के पास ना आ जाए

इतना डर का माहौल था तो हम क्या डर का
माहौल दोबारा से साबित करवा दें ये क्या
है कि आंदोलन किस लिए करना चाहते हैं कि
चुनाव में थोड़ा बहुत सीट मिल जाए पर मैं
जानकारी के लिए बता दूं सीट तो छोड़िए जो
है भी वो भी जाने की तैयारी में है जाने
की तैयारी में बिल्कुल लोकसभा में बार

हैट्रिक लग रही है भाजपा सर 400 प्लस के
साथ प्रधानमंत्री मोदी जी ने बोल दिया और
आत्मविश्वास के साथ उन्होंने बोला है कि
400 प्लस के साथ आएंगे जिस दिन दोबारा से
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शपथ लेंगे ना

इस देश में अपने आप पता चल जाएगा उन लोगों
को जो देश धोयो की तरह कि कह रहे थे भारत
तेरे टुकड़े होंगे जो आतंकवादी ये सब इन
पे लगाम दोबारा से लगेगा और ऐसा लगेगा
बड़े फैसलों का माहौल होगा अभी तो 370 हटा

राम मंदिर बना ना अब आप देखिए कि तीसरे
ट्रम में क्या होता है इस देश का पूरा का
पूरा काय क्लप होगा जो हम
1947 का बजट लेके चल रहे ना कि विकसित
भारत वो 2029 तक हम पूरा करेंगे अच्छा सभी
पार्टियां दावा करती हैं अपनी-अपनी जीत का
कि इतनी सीटें हम जीत रहे हैं इनी आप क्या

देख के बोल रहे हैं 400 सीटें सर हम यह
देख के बोल रहे हैं कि नरेंद्र मोदी ने
काम किया जिस देश में आप खड़े हो उसी देश
में 2014 से पहले दो एम्स था आज 24 है सात

आईआईटी था 14 है 94000 किलोमीटर सड़कें थी
आज 186000 किमी सड़के नरेंद्र मोदी की
सरकार में डबल से ज्यादा काम आप 12वी
अर्थव्यवस्था पे चौथे पे डे ट्रिलियन डलर
की इकॉनमी 45 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी हो
गई आप आगे बढ़ते जाएंगे तो नरेंद्र मोदी
ने क्या किया 370 जो कोई हटाने की बात

नहीं करता था मोदी जी ने एक झटके में हटा
है राम मंदिर बना पूरा देश दिवाली मना रहा
है तो इससे पता चल जाइए कि जब देश का
प्रधान जब देश का सेवक एक हिंदू होगा जो
देश का सेवक हमेशा संत बनके देश की

सुरक्षा देश की रक्षा के लिए काम करेगा तो
वैसे ही करेगा आप यह देखिए कि यह चाहते
हैं कि अगर किताबों में जब तक यह बाबर
अकबर औरंगजेब गौरी खान पढ़ा रहे थे तब तक
यह देश सेकुलर था जिस दिन नरेंद्र मोदी की
सरकार आई और उन्होंने गलती से राम पढ़ा
दिया कृष्ण पढ़ा दिया देश की संस्कृति बता
दी तो यह देश अकुर हो गया तो हमें ऐसा ही

प्रधानमंत्री चाहिए कि जिसको आप अनपढ़
बताते हो फिर भी वह इकोनॉमी ऐसे चला रहा
है कि आज अमेरिका भी नरेंद्र मोदी का रेड
कार्पेट बिछा के इंतजार करता है कि मोदी
जी आ रहे हैं सिक्योरिटी टाइट कर दीजिए
ठीक है और पूरा 26 के 26 आप कहीं भी चले
जाइए नरेंद्र मोदी के आने के बाद रुपए का

वैल्यू भी बढ़ा है आप ये देखिए कि य पीआई
आज 17 देशों में मान्य है अबू धाबी गए ना
अबू धाबी में मंदिर बना यूपीआई वहां
एक्सेप्ट हुआ उसके बाद आप चले जाइए
अमेरिका अमेरिका में व अर्थव्यवस्था प आप
देखिए कि जो अमेरिका नरेंद्र भारत के

प्रधानमंत्री को ऐसे देखता था कि भैया ऐसा
ही है वैसा ही है ब बूढ़ा दुल्हन है आज
नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए खुद वहां का
राष्ट्रपति वेटिंग फॉर वॉच करता है कि
मोदी जी आएंगे और देश कुछ हमें समझा के
जाएंगे तो यह नरेंद्र मोदी की स्थिति है

कि जिस वीट ऑफ पावर की बात करने के लिए
डरते थे आज नरेंद्र मोदी के लिए वीटो पावर
के लिए पूरा देश लगा पड़ा पूरा विश्व की
भारत को मिले जिस अरुणाचल प्रदेश के

बॉर्डर पे जाने के लिए प्रधानमंत्री अपने
यात्रा रद्द कर देते थे उस अरुणाचल प्रदेश
से लेकर चीन के बॉर्डर तक प्रधानमंत्री
मोदी ने अकेले ही वहां तक की सड़कें सटा

के दे दी कि सेना लड़ाई लड़ने के लिए जाए
तो हमारे हथियार ऐसे जाए कि बस चीन के
पानी और पसीना आ जाए यह नरेंद्र मोदी की
ताकत है ये नरेंद्र मोदी की ताकत आप आप
भाई साहब मैं किसान का लड़का हूं मैं
किसान का लड़का हूं घर परिवार छोड़ कर के

मां-बाप छोड़ कर के आया नौकरी कर रहा हूं
ठीक है और शनिवार संडे जाता हूं घर पे तो
बाप फला थमा देता ह कालू खिलता हूं मैं
किसान का लड़का हूं भैया मेरे पास इतना
समय नहीं है मैं नरेंद्र मोदी की सारी

योजनाओं से संतुष्ट हूं और सरकार के सारे
नियमों से मैं संतुष्ट हूं सरकार जो भी ला
रही है सब हक की जनता के फैसले में आ रही
है देश में नरेंद्र मोदी की दोबारा जो
सरकार बन रही है वो देश के जनता वासियों
को जागरूक करने के लिए पर्याप्त है किसी

को कहना नहीं है ठीक है जो जो योजनाएं चल
रही है सरकार की तरफ से वो सारी योजनाओ से
लोग लाभा भी संतुष्ट भी है लाभांवित भी है
संतुष्ट भी है अब यह देखिए कुछ आराध लोग
हैं समाज में जो घूम रहे हैं सरकार को
बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं आपको भी

है और उसपे लोकसभा के चुनाव में जो भी
चीजें आ रही है इंटरफेयर हो र के तो सब
चुनावी एजेंडा के तौर पे चल रही है और कुछ
नहीं है चुनावी एजेंडा के तौर पे ही सारी
चीजें चल रही है देश के श प्रधानमंत्री जी
जो सपना लेकर के आज चल रहे हैं निश्चित
तौर पे 15 साल बाद यह भारत अलग सी भारत

दिखेगा विकसित भारत दिखेगा और क्याल
बिल्कुल विकसित भारत की तरह दिखेगा किसान
परेशान है जनता परेशान हैन से किसान किसान
स्व निधि योजना चल रही है किसान के लिए

लाभार्थी चल रही है आज किसान को टैक्स
नहीं देना पड़ रहा है चीजों पे आयुष्मान
भारत चल रहा है उजड़ा योजना चल रही है
तमाम योजनाएं चल रही है कैसी आप बात कर
रहे हैं कि आप किसान परेशान है मैं भी

किसान का लड़का हूं मैं भी मैं तो परेशान
नहीं हूं मैं बस नहीं हूं भैया मैं किसान
का लड़का हूं तो आप किसान के लड़के हैं तो
आपको तो धरने प्रदर्शन में होना चाहिए
जबरदस्ती का मैं सरकार की चीजों को

लाभांवित हो रहा हूं मैं कहू कि फि धर्म
वही तो जिसकी खा र उसी की कररिया है हमारे
यहां कहावत है ना जिसकी खा रहे उसी को
करया रहे हैं तो हम लोग ऐसे नहीं है भैया
हम लोग उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग हैं

बड़ राजनीतिक हंडे को अपनाने के लिए
माननीय नरेंद्र मोदी जी को बदनाम करने के
लिए चीजों को य सब करने के लिए कर रहे हैं
और कुछ नहीं है देश की जनता जागरूक है

सशक्त है दिमागदार है जनता स्वतंत्र है 24
में फिर से जवाब देने के लिए तत्पर रहेगी
2 में से दबा जवाब देगी जवाब देगी ऐसे
कांग्रेसियों को उखाड़ फेंके गी बिल्कुल

फकेग दो चार गिने चुने उंगली से गिने चुने
राज्यों में बचे हैं व से ऐसे जाएगी ऐसे
जाएगी ऐसे जाएगी खत्म हो जाएगा एक समय
आएगा लोग कांग्रेस के

google2 के बाद नरेंद्र मोदी की सरकार में
आप देखिएगा इस देश को परिवर्तनशील में आप
देखेंगे हाईटेक जीडी को देखेंगे आप किसान
आंदोलन भाई साहब कह रहे वो किसान नहीं है
मैं भी किसान का बेटा हूं लेकिन वह किसान
नहीं है जो आंदोलन कर रहे हैं बैठे हैं
धरने पे बॉर्डर प भाई साहब देखिए इससे

पहले भी इन्होंने एक आंदोलन कर चुके हैं
जिसे किसान आंदोलन का नाम दिया गया था ठीक
है अब इनकी क्या सोच है ये किस तरह के
किसान हैं कि इनकी मांग ही पूरी नहीं हो

रही है एक किसान कोई भी आदमी एक प्रदर्शन
करता है धरना प्रदर्शन करता है सभी लोगों
का कुछ ना कुछ एजेंडा होता है और वह सरकार
के बीच रखता है सरकार से बात होती है आराम
से धरना प्रदर्शन होता है तोड़फोड़ करना

पुलिस को मारना रोड जाम कर देना आप यकीन
मैं वहीं पर रहता हूं जहां पर इनका पिछले
साल प्रदर्शन था गाजीपुर बॉर्डर के बगल
में गाजीपुर बॉर्डर के बगल में दारू की

बोतले में मिलती थी वहां पे यानी शाम के
समय आप जाते पूरी की पूरी दारू की बोतलें
पड़ी हुई है बिल्कुल लाइन से ठीक है अब
इनके क्या एजेंडे हैं क्या एजें ये तो
हमें नहीं पता ठीक है लेकिन यह है कि ऐसा

नहीं करना चाहिए इन्हे सरकार जिस तरह दंगे
फैला रहे हैं ये लोग आराम से सरकार से बात
करें इनके कौन से मुद्दे सरकार सुन नहीं

रही है सोई हुई सरकार है मोदी सरकार देखिए
ऐसा कुछ नहीं होता सारे के सारे जितने भी
विपक्ष के लोग हैं ये मेरे हिसाब से तो
सारे के सारे विपक्ष के जो लीडर हैं किसान

लीडर हैं ये लोग आके हड़ जाते हैं ठीक है
जो इनके साथ के लोग जो जैसे इनके गांव से
ज्यादातर लोग को बुलाया जाता है ठीक है
क्योंकि कई जुड़ाव होता है एक कहते हैं
लगाव जिसे कहते हैं उनके साथ य आता है
बाकी इनका कोई लेना देना नहीं है सिर्फ ये
2024 के इलेक्शन की वजह से लोग यहां पर

हैं इनको लग रहा है कि कुछ हो जाएगा नहीं
हो पाएगा तो अपने आप ही किसान प्रदर्शन जो
भी है हट जाएगा तो किसान के लिए जो इस
सरकार ने करा इससे ज्यादा तो मुझे लगता
नहीं कि भारत के इतिहास में अभी तक किसी
ने किया हुआ है लेकिन किसान के नाम पर

यहां पर कुछ गुंडे जो लोग हैं यहां पर
किसान के नाम पर आके धरना कर रहे हैं
तोरपोर कर रहे हैं तो वो गलत चीज है आप आप
आप धरना करना प्रोटेस्ट करना हर चीज का

समय होता है अभी चुनाव पीरियड है और अभी
आपको शांति सेना सरकार में शांति शांति से
आप प्रदर्शन कर सकते हैं कोई दिक्कत नहीं
आपका सामाजिक अधिकार है कानून

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