किसान के चक्कर में फंसी बीजेपी/ATUL TRIPATHI ON FARMER PROTEST

जब चुना ही है उसे उसके कत्लेआम का हुनर
देखकर तो क्यों डर रहे हो लाशों का शहर
देखकर गोलियां चलाई जा रही हैं किसानों के
ऊपर जो अन्नदाता का नहीं वोह भारत माता का
नहीं लेकिन यह तानाशाह सरकार किसानों के

ऊपर जो है वो पैलेट गन चला रही है और आंसू
गैस के गोले बरसा रही है मोदी के टुकड़ों
पर पलने वाले दलाल पत्रकारों की भाषा आप
मत बोलिए विजय माल्या जैसे लोग देश का

पैसा लेकर भाग सकते हैं और सरकार चुप है
तो किसान का कर्जा भी माफ होगा एमएसपी
गारंटी कानून भी मिलेगा बैरिकेड कैसे
टूटेगा ट्रैक्टर से टूटेगा और इसीलिए
किसान ट्रैक्टर लेके आ रहा है हमने तो

कंक्रीट का दीवाल नहीं बिछाया हमने तो जो
है किल नहीं बिछाई हमने तो कटीले तार नहीं
लगाए यह नरेंद्र मोदी देश में लोकतंत्र
लेके नहीं आए हैं बाबा साहब का संविधान
बाबा साहब ने दिया है उससे इस देश की

रक्षा हो रही है गांधी की विचारधारा से इस
देश की रक्षा हो रही है अरे इसने तो
संविधान के सीने पर चढ़कर संविधान की
धजिया उड़ाई
है युवा नेता हमारे साथ मौजूद हैं किसान

युवा नेता अतुल त्रिपाठी आप लोग अपने
राजनीति के चक्कर में युवाओं की हत्या
करवा रहे हैं देखिए मैं यही कहूंगा कि जब
चुना ही है उसे उसके कत्लेआम का हुनर
देखकर जब चुना ही है उसे उसके कत्लेआम का
हुनर देखकर तो क्यों डर रहे हो लाशों का

शहर देखकर आज जिस तरीके से किसान शहीद हो
रहे हैं गोली चलाई जा रही है किसानों के
ऊपर जो अन्नदाता का नहीं वो भारत माता का
नहीं आज इतना दुख और पीड़ा हो रही है जब

उन तीन तीन बहनों का अकेला भाई आज घर पर
मातम पसरा हुआ है कहां नरेंद्र मोदी
मानेंगे कितने किसानों की और जान लेकर

नरेंद्र मोदी मानेंगे हम तो थक चुके हैं
इस सरकार से अपनी मांगों को लेकर के यह
समझ में ही नहीं आ रहा है कि नरेंद्र मोदी
के अंदर दिल भी है कि पत्थर हो चुका है आप
लोगों की राजनीति बंद नहीं हो रही है और
उसकी भेंट यह युवा चढ़ रहे हैं किसान चढ़
रहे हैं नहीं हम तो कह रहे हैं कि हमारी

स्पष्ट मांगे हैं आज से हमारी मांगे थोड़ी
है बार-बार लगातार यह सरकार किसानों को
गुमराह कर रही है उनके साथ विश्वासघात कर
रही है एमएसपी गारंटी कानून जो हमारा हक
है अधिकार है वो हमें क्यों नहीं दिया जा

रहा भाई अगर
प्रधानमंत्री संसद की स पटल पर इस बात को

कहते हैं कि एमएसपी थी एमएसपी है और
एमएसपी रहेगी तो एमएसपी को कानूनी जो है
अमली जामा क्यों नहीं पहना रहे क्यों नहीं
उसको गारंटी कानून बना रहे हैं कहां पे
दिक्कत आ रही है साहब हम अपना हक और
अधिकार भी ना ले आज किसान जो है वो लगातार
आत्महत्या कर रहा है जिस तरीके से जिस देश
को कृषि प्रधान देश कहा जाता है वहां

किसान मर रहा है इस देश की एक चौथाई जनता
भूखे सो रही है महंगाई से त्रस्त है साहब
लोगों की जो है थाली से रोटी गायब हो रही

है जनता रो रही है करा रही है लेकिन यह
तानाशाह सरकार किसानों के ऊपर जो है वह
पैलेट गन चला रही है और आंसू गैस के गोले
बरसा रही है और इस माहौल में उम्मीद कर
रही है कि किसान इनसे बात करेगा किसान बात
नहीं करेगा अब अब किसान क्रांति करेगा और
यह जो शहादत हैं आजादी के लिए भी शहादत दी

थी भगत सिंह ने आजादी में भी शहादत दी थी
इस देश का किसान भी शहादत देगा इसलिए देगा
क्योंकि इस देश की सरकार किसान को किसान
नहीं मान रही है किसान को आतंकवादी मान
रही है किसान को देशद्रोही मान रही ऐसे कर

रहे हैं ना पत्थरबाजी कर रहे हैं दारूबाज
कर रहे हैं बॉर्डर पे बैठ कहां पत्थरबाजी
हो रहा है आप गोदी मीडिया की भाषा मत
बोलिए पहले भी इन लोगों ने कहा था किसानों
को बदनाम करने का काम किया था कि किसान तो
जो है वो मवाली है वो जो है वो मुट्ठी भर
है ये किसान नहीं है यह खालिस्तानी है
पाकिस्तानी है इन्हीं मुट्ठी भर किसानों

ने नरेंद्र मोदी को घुटने टिकवा हैं 3 साल
पहले तो किसानों की सहनशीलता को उनकी
कमजोरी मत समझिए किसान बार-बार हाथ ही
जोड़ रहा है अभी भी आपके चैनल के माध्यम
से हाथ जोड़ रहा है आग्रह कर रहा है कि हे
सरकार हमारी बात को मानो हमारी बात को
हमारी पीड़ा को सुनो हम मर रहे हैं हम

पीड़ित हैं हम आत्महत्या कर रहे हैं हमारी
बात सुनो अगर हमारी बात नहीं सुनी जाएगी
हमारा दमन किया जाएगा हमसे टकराएंगे तो हम
भी यह बता देना चाहते हैं कि हमारे हौसले

चट्टान की तरह मजबूत है और हम बलिदान देने
से पीछे नहीं हटेंगे इस देश के युवा
किसानों से मैं कहना चाहूंगा कि आंदोलन
में आइए सर पर कफन बांध कर आइए क्योंकि यह
सरकार हमें किसान नहीं मानती है शहादत

देकर इस देश का किसान अपने आप को
राष्ट्रवादी घोषित करेगा अपने आप को
राष्ट्रवाद अपना रा वाद साबित करेगा यह
समय शहादत देने का समय है क्योंकि यह

सरकार अपने सभी आयामों को लांग चुकी है आज
पूरे देश में अघोषित आपातकाल है कौन इनके
सामने खड़ा है आज बताइए ना विपक्ष तो
मुर्दा हो गया है साहब आज इस देश की जनता
की युवाओं की सबकी आवाज कौन है किसान है

वो किसान लड़ रहा है उसका साथ देना चाहिए
इस देश की जनता को उसके साथ खड़ा होना
किसानों की जो मांगे हैं वह मान्य योग्य
नहीं है देश के ऊपर अतिरिक्त बजट का भार
बढ़ जाएगा इतने पैसे नहीं होंगी और तमाम

समस्याएं हैं इसको मानने में यह बात जो
आपने कहा यह गोदी मीडिया की भाषा है यह
मोदी के टुकड़ों पर पलने वाले दलाल
पत्रकारों की भाषा आप मत बोलिए जब अदानी
का 14 साढ़े 14 लाख 14 14 लाख

5226 करोड़ रुपया अगर अदानी का माफ हो

सकता है अगर नीरव
मोदी जैसे लोग देश का पैसा लेकर भाग सकते
हैं विजय माल्या जैसे लोग देश का पैसा
लेकर भाग सकते हैं और सरकार चुप है तो
किसान का कर्जा भी माफ होगा एमएसपी गारंटी
कानून भी मिलेगा आप देखिए हमें पता है कि
डंडे और झंडे का इस्तेमाल कैसे करते हैं
अदानी तो कहीं आंदोलन नहीं किया था क्या

अदानी को आपने सड़कों पर देखा आंदोलन करते
हुए अदानी के 14 लाख करोड़ रुप माफ कर
दिया भाई आज किसान जो है वो लाठी खा रहा
है सड़कों पर जो है सो रहा है मार खा रहा
है आसू गैस के गोले सह रहा है पैलेट गन सह

रहा है क्या कह रहा है एमएसपी गारंटी
कानून ही तो मांग रहा है अदानी का अगर
पैसा प्रदर्शन करने के लिए ट्रैक्टर लेकर
आएंगे ट्रैक्टर लेकर कौन सा प्रदर्शन होता
है शांतिप्रिय सरकार भी कह रही है ट्रेन
और बस से जाइए दिल्ली दिल्ली में जो
प्रदर्शन करना है कीजिए ये ट्रैक्टर ले

जाने की क्या जरूरत है ऐसा कोर्ट में में
कह रही है सरकार हरियाणा सरकार आप पैलेट
गन इस्तेमाल करेंगे आप गोली से मारेंगे आप
जो है आंसू गैस का गोला बरसाए गे तो किसान
आपकी आरती उतारे किसान भी टकराएगा और

ट्रैक्टर हमारा टैंक है कौन कंक्रीट का
दीवाल कैसे टूटेगा भाई बैरिकेड कैसे
टूटेगा ट्रैक्टर से टूटेगा और इसीलिए
किसान ट्रैक्टर लेकर आ रहा है हमने तो
कंक्रीट का दीवाल नहीं बिछाया हमने तो जो
है किल नहीं बिछाई ने तो कटीले तार नहीं
लगाए किसने लगाया दोगली राजनीति करोगे
किसानों से किसान पहचानता है इस तानाशाह

को और अभी तो थूक के चाटा है ये तानाशाह
फिर किसान घुटने टिकवा जाएगा आप कह रही हो
ना कि ट्रैक्टर लेकर क्यों नहीं आए हो
बिल्कुल ट्रैक्टर लेकर किसान आएगा किसान
दिल्ली की छाती पर चढ़ जाएगा किसान इस देश
का मालिक है इसी धमकी का कारण आने नहीं
दिया जा रहा हम तो कह रहे हैं इस सत्ता की

छाती पर ट्रैक्टर लेकर किसान चढ़ेगा अगर
किसान के रास्ते में कील बिछाई जाएंगी
कटीली तार लगाई जाएंगी कंक्रीट की दीवाल
लगाई जाएगी तो किसान उसको ट्रैक्टर से
तोड़ने का काम करेगा और ट्रैक्टरों में अब
हम जेसीबी लगाएंगे और ट्रैक्टर तोड़ेंगे

और इस सरकार का घमंड तोड़ेंगे हम घमंड
तोड़ेंगे इस सरकार का और जो भी लोग कह रहे
हैं ना जो लोग कह रहे हैं कि किसान जो है
यह किसान नहीं है और सड़क जाम कर रहे हैं
अरे अनन परस्त लोगों जिस खाली में खा रहे
हो उसी में छेद कर रहे हो कोरोना में जब
मर रहे थी यह जनता इस देश की तो किसान ने
ही इस देश का पेट पाला तब कोई मंदिर
मस्जिद नहीं खुला था सब जगह ताला ब सुनिए

ई किसके दम पर दे रहे हैं मोदी जी 80
करोड़ को राशन इस देश के किसान के दम पर
दे रहे हैं किसान उगा रहा है तभी यह जो है
फ्री की रेवड़ी बांट रहे हैं नरेंद्र मोदी
जिस दिन यह बंद कर देगा ना देश में भुखमरी
आ जाएगी तो हमारी सहनशीलता को हमारी

कमजोरी कतई ना समझी जाए हमारा ट्रैक्टर
टैंक है और यह टैंक लेकर किसान इस तानाशाह
सरकार को जवाब देगा और दिल्ली क्यों बंद
कर दी भाई जनता को परेशानी क्यों मिला रही
है सरकार हम तो जनता को नहीं परेशान करना
चाहते हम तो आपके नेशनल दस्तक के माध्यम
से कह रहे हैं नरेंद्र मोदी से कि स
सड़कें खोलो वहां से जो है यह कांक्रीट की

दीवाल हटाओ यह अलोकतांत्रिक है यह
फंडामेंटल जो इस देश के नागरिक के
फंडामेंटल राइट को वायलेट करता है जब
सरकार ही अलोकतांत्रिक हो जाए जब सरकार ही
बुलडोजर न्याय करनी शुरू कर जाए कर कर दे
किसी का भी जो है घर बुलडोजर से ढा दो
किसान आए तो कांक्रीट की दीवाल लगा दो अरे
हम इसी देश के नागरिक है हम कोई पाकिस्तान
बांग्लादेश से नहीं आए हैं ये सब सुरक्षा
व्यवस्था की इंतजा मात किए जाते हैं इस

तरीके से यह कोई सुरक्षा व्यवस्था का
इंतजाम नहीं है मेरी बहन कोई शांति अमन
चैन देश में 75 साल से अमन चयन है और
लोकतंत्र है यह नरेंद्र मोदी देश में
लोकतंत्र लेके नहीं आए हैं बाबा साहब का
संविधान बाबा साहब ने दिया है उससे इस देश
की रक्षा हो रही है गांधी की विचारधारा से
इस देश की रक्षा हो रही है अरे इसने तो
संविधान के सीने पर चढ़कर संविधान की

धज्जियां उड़ाई हैं संविधान तो कहता है कि
राइट टू प्रोटेस्ट फंडामेंटल राइट है कहां
संविधान में तो लिखा है कि द सिटीजन कैन
असेंबल पीसफुली विदाउट आर्म्स हम हम नि
हत्या पीसफुली नहीं आ रहे हैं किसान
बिल्कुल पीसफुली है कौन बात कर रहा है

चंडीगढ़ में आप कह रही है किसान पीसफुल
नहीं है क मान रहे है बात सरकार की वो
क्यों क्यों नहीं जब स नतीजा रही चारचार
बैठ सरकार जब अडानी की भाषा करे बोलेगी तो
किसान मानेगा किसान अडानी जैसे लोगों को
पैदा किया है तो किसान यह पूंजीवादी सरकार
हम पर अडानी की पॉलिसी मत थोपे जिस दिन
सरकार जिस दिन यह किसानों के तरीके से बात

करेगी उस दिन किसान बात करने का काम करेगा
और ट्रैक्टर बिल्कुल आएगा दिल्ली आने से
हमें कोई रोक नहीं सकता है मेरी बहन देश
में अघोषित आप 10 दिन हो गए हैं वहीं बैठे

हैं शंभू बॉर्डर पर कुछ नहीं कर पा रहे
नहीं हम आप आप एक एक बात मुझे
बताइए बार-बार आप हमसे इस बात को कह रही
हैं कि हम वहां हम कट्टर लोग नहीं हैं हम
नरेंद्र मोदी के पार्टी के लोग नहीं है जो
लाशों पर राजनी करते हैं हम लाशों पर

राजनीति करने वाले लोग नहीं हैं हम साधारण
लोग हैं हम इस देश के अन्नदाता हैं हम यही
कह रहे हैं कि हमारी मांगों को मानी जाए
हमारा जो एमएसपी गारंटी कानून का जो वायदा
इस सरकार ने किया था अभी इसी सरकार ने तो

वायदा किया था कि कमेटी बना कर के हम लागू
करेंगे स्वामीनाथन की सिफारिश क्यों नहीं

लागू की गई तो आप समझिए यह किसान इस देश
के जवान और
किसान को लड़ाना चाह रही है यह जो लोग
पैलेट गन चला रहे हैं यह जो लोग आंसू गैस

के गोले छोड़ रहे हैं वह कौन है वो बाहर
से आए हुए लोग नहीं हैं वोह किसानों के ही
बेटे हैं यह दिखा रहा है नरेंद्र मोदी का
काला चेहरा कि किस तरीके से फूट डालो राज
करो की अप नीति अपनाई जा रही है और किसान
और जवान में बांटा जा रहा है किसानों को
ही जवानों के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है
और देश में ही सरहदें बनाई जा रही हैं जो
सरहदों जो कटीले तार और बैरिकेडिंग का

इस्तेमाल चाइना से लड़ने के लिए किया जाता
किया जाना चाहिए उन तारों का इस्तेमाल इस
देश के किसानों के ऊपर किया जा रहा है
किसान आतंकियों जैसा सलूक नहीं सहेगा तो
जाहिर तौर पर इन्होंने साफ बता दिया और
हमने भी जितनी बात की किसानों से वह साफ
कह रहे हैं कि अगर हम शंभू बॉर्डर पर 10

दिनों से संघर्ष कर रहे हैं तो इसका एक ही
मात्र कारण है कि वह सामने जो जवान हैं वह
हमारे बच्चे हैं अगर यह चाइना और

पाकिस्तान के लोग होते तो कबका ट्रैक्टर
से वो उन सारे बैरी गड को उड़ाकर उन सबको
खत्म करकर वहां से हटाकर आगे बढ़ चुके
होते अगर रुके हैं वह किसान तो सिर्फ
इसलिए कि वह जो जवान बचे हैं उनके लिए
वहां जो जवान तैनात हैं वह सब किसानों के
बच्चे हैं और इस वजह से किसान जो है किसी

भी तरीके से उग्रता या उग्र रूप अपनाना
नहीं चाहते हैं और सरकार से शांतिपूर्ण
रूप से बातचीत करना चाहते हैं पूरी बातचीत
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