कोई आपको बहुत ही ज्यादा याद कर रहा है याद में तड़प रहे हैं वो

मैं काली मां आज तुम्हें यह बताने आई हूं
मेरे बच्चे तुम्हें अगले तीन दिनों में
निश्चित ही तुम्हें सफलता प्राप्त होगी अब
तो खुश हो जाओ मेरे बच्चे तुम्हारी जिंदगी

अगले तीन दिनों में चमत्कारी रूप परिवर्तन
से भरने वाला है तुम्हारा यहां वहां भटकने
का समय समाप्त होने का समय प्रारंभ हो
चुका है आज मैं तुम्हें बताने वाली हूं
मेरे बच्चे तुम्हारी तकदीर को केवल तीन

दिनों में पलटने के लिए काफी है परंतु
मेरी कही गई बातों पर ध्यान देना और ध्यान
पूर्वक सुनना क्योंकि आधी अधूरी बात सुनकर
तुम केवल आधा ही ज्ञान ले पाओगे जो किसी
काम का नहीं है मेरे बच्चे ध्यान दो

तुम्हें खुशियां प्राप्त होने से पहले कुछ
तैयारियां कर लेनी चाहिए क्योंकि जब
तुम्हारा जीवन परिवर्तित हो तब खुशियों का
स्वागत करना आवश्यक है मेरे बच्चे तुम जो

मेरी इतनी पूजा पाठ करते हो और जो मुझे
प्रसाद चढ़ाते हो उससे मैं बहुत ज्यादा
प्रसन्न हूं आज संध्याकाल में जब तुम मेरे

समक्ष दीपक जलाओ उसी समय तुम्हारे मन में
सबसे पहली जो विचारधारा आएगी उसको तुम
अपने मन ही मन उस विचारधारा विचरण करना है
बार-बार उस पर अपने ध्यान को एकाग्र होकर
लगाना है क्योंकि मन में आया हुआ विचार

कोई साधारण विचार नहीं है बल्कि एक ऐसी
शुरुआत होगी जो तुम्हारे जीवन में उस शुभ

कार्य का प्रारंभ हो जाएगा इसलिए इसी
विचार को तुम्हें बार-बार मन ही मन

दोहराना है और अपने मन में इस बात को
स्थापित करना है कि तुम यह कार्य कर चुके
हो तुम्हें दिन में जब भी थोड़ा सा समय
मिले तुम्हें उसी विचार को याद करते रहना
है बार-बार तुम्हें स्मरण करते रहना है कि

तुम उस कार्य को कर चुके हो उसको होते हुए
खुली आंखों से साक्षात देखने की कोशिश
करनी है मेरे बच्चे यह सब लगातार तीन दिन
तक करना होगा सोने के कुछ समय पहले याद
करना होगा और जगने के प
तुम्हें याद करना होगा लगातार तीन दिन ऐसा

करने के पश्चात तुम्हारे अंदर एक ऐसी
अलौकिक शक्ति विद्यमान हो जाएगी तब वह
कार्य को करने के लिए पूरा ब्रह्मांड
तुम्हारा साथ देगा क्योंकि तुम्हारी
आकर्षण शक्ति इस कार्य के लिए बढ़ चुकी

होगी और बढ़ते ही वह कार्य पूर्ण होने के
लिए तुम्हारे सभी मार्ग खुल जाएंगे और
खुशियां तु तुम्हारे कदम चूमेंग मेरे
बच्चे इसमें जो भी तुम्हारे मार्ग में
बाधा होगी वह मैं स्वयं आकर दूर कर दूंगी
इस बात के लिए तुम निश्चित रहो मेरी बातों

को ध्यान रखना यह मत भूलो कि तुम्हारा आगे
का समय कैसा होगा यह तो तुम नहीं जानते हो
इसलिए मैं तुम्हारे लिए क्या कर रही
हूं तुम्हें इस बात पर चिंता करने की कोई

आवश्यकता नहीं है क्योंकि मैं तुमसे बहुत
प्रेम करती हूं और तुमको इतनी ऊंचाइयों पर
पहुंचा हंगी कि तुम्हें भी पता नहीं होगा
क्योंकि मेरे भक्त जिस बात को अपने मन में
बसा लेता

है मैं उसकी इच्छा को पूर्ण करने के लिए
सृष्टि की हर चीजों में विद्यमान होकर
उनकी
सहायता करती हूं और उसे उसकी मंजिल तक
पहुंचा दी हूं और तुम्हें भी तुम्हारी
मंजिल अवश्य मिलेगी मेरे बच्चे तुम्हें यह
जानना अत्यंत आवश्यक है कि मैं किन चार

लोगों पर दया कभी नहीं करती क्योंकि मेरे
बच्चे यदि उन चार लोगों में से तुम भी
सम्मिलित हो तो खतरा तुम्हारे ऊपर भी
मंडरा रहा है इसलिए आज जो बता रही हूं मैं
उसे ध्यान से सुन
यदि तुमने अनदेखा किया मेरे बच्चे तुम यह

बहुत बड़ी भूल
करोगे इसलिए ध्यानपूर्वक सुनकर और उन
गलतियों को कभी मत करना वरना मेरे बच्चे
मेरे क्रोध का सामना तुम्हें करना पड़

सकता है इसलिए मैं
तुम्हें सतर्क कर देना चाहती
हूं मेरे बच्चे जिससे तुम यह गलती भूलकर
भी ना करो जिसमें से पहली गलती है जो
बच्चे अपने माता-पिता का अपमान करते

हैं उनसे गलत भाषा बोलते हुए उन्हें सदैव
उनका जब चाहे निरादर करते रहते हैं और
उनकी कोई भी बात नहीं मानते और उन्हें
बुढ़ापे में ठुकरा देते हैं ऐसे लोगों को
मैं कदापि क्षमा नहीं करती दूसरी गलती जो
भी पुरुष महिलाएं अथवा पर बिना वजे
अत्याचार करते हैं और उसे परेशान करते हैं
और जो

महिलाएं और जो महिलाएं अपने पति से पीड़ित
रहती हैं और जो महिलाएं अपने पुरुष को
बेवजह परेशान करती हैं उन पर अपनी
जबरदस्ती थोपते हैं और जबरदस्ती करके उनसे
अपने कार्य उनके सामर्थ्य के विपरीत
करवाती हैं ऐ ऐसे लोगों को मैं कभी क्षमा

नहीं करती तीसरी गलती जिस व्यक्ति की
जुबान पर सदैव झूठ रखा रहता है और हर बात
में वह झूठ बोलता है जो दूसरों की चीजें
हड़पने में माहिर है जो खुद की परिश्रम पर
भरोसा ना करके बस धोखेबाजी से सब कुछ
हासिल करना चाहते हैं उसकी नियत में सदैव

धोखा रहता है और दूसरों के साथ धो का करना
ही उसका मुख्य कार्य होता है चौथी
गलती चौथी गलती जो दूसरों के कार्य में
रुकावट पैदा करते हैं और किसी के बनते
बनते कार्य को बिगाड़ देते हैं जो किसी का

भला नहीं चाहते केवल अपने ही स्वार्थ में
लगे रहते हैं और अपने कार्यों को पूर्ण
करना चाहते हैं और ऐसा व्यक्ति किसी का
अपना सगा नहीं नहीं होता हर किसी तीसरे
व्यक्ति के बीच में उसे टांग अड़ने की आदत
होती

है किसी के खुशहाल जीवन को देखकर उसके
अंतरिक मन में जलन की भावना उत्पन्न होती
है और वह व्यक्ति दूसरे का काम बिगाड़ने
में बहुत ज्यादा माहिर होते हैं वह एक
मीठी छुरी बनकर दूसरों को नुकसान पहुंचाता

है
ऐसे लोग पर मैं दया नहीं रखती और ना ही
मेरी किसी भी प्रकार की दया की भावना होती
है क्योंकि यह सभी कार्य जानबूझकर किए गए
कार्य होते हैं और जानबूझकर किए गए गलत
कार्य वह माफी के काबिल नहीं होते और ना
ही दया के काबिल होते हैं इसलिए मेरे
बच्चे मैं इस संदेश के द्वारा तुम्हें
बताना चाह चाहती हूं कि तुम इनमें से कोई

भी कार्य मत करना वरना मेरे क्रोध का
सामना तुम्हें करना ही पड़ेगा यदि तुम मुझ

में श्रद्धा और विश्वास रखते हो तो तुम आज
मेरी बताई हुई बातों का पालन
करना मेरे बच्चे मैं जानती हूं कि तुम ऐसा
कोई कार्य नहीं करोगे जिससे कि मुझे क्रोध
आए और यह भी जानती हूं कि तुम मुझसे बहुत

प्रेम करते हो और मैं भी तुमसे बहुत प्रेम
करती हूं इसलिए मैं यह नहीं चाहती कि तुम
ऐसा कोई भी कार्य करो जिससे मुझे दुख
उत्पन्न हो मेरे बच्चे तुम बस अपने कर्मों
पर भरोसा रखो क्योंकि कर्म ही तुम्हारी
शक्ति है जो तुम्हारे हर कार्य की पूण
करने में सहायक होती है मेरा आशीर्वाद
सदैव तुम्हारे साथ है मेरे अगले संदेश की
प्रतीक्षा करना

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