चंडीगढ़ मेयर पद चुनाव पर बोला चुनाव आयोग, ‘हम सुप्रीम कोर्ट के साथ हैं’ BJP को झटका!

कहते हैं जब समय खराब चल रहा होता है तो
ऊट पर बैठे इंसान को भी कुत्ता काट लेता
है तो क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का

2024 लोकसभा चुनाव नजदीक आते-आते इतना समय
खराब हो गया है कि चुनाव आयोग तक कह रहा
है कि चंडीगढ़ मेयर परद चुनाव में जो कुछ
भी हुआ है वह हमारा अधिकारी कर ही नहीं
सकता हमारे अधिकारी में इतनी हिम्मत ही

नहीं है तो क्या चुनाव आयोग की तरफ से भी
अब पूरा का पूरा ठीक रहा भार भारतीय जनता
पार्टी पर फोड़ दिया गया है चंडीगढ़ मेयर
परद चुनाव को लेकर पहली बार चुनाव आयुक्त
राजीव कुमार बोले हैं और ऐसा बोले हैं कि
भारतीय जनता पार्टी और भी बुरी तरीके से
फंसती हुई नजर आ रही है पहले पीठासीन

अधिकारी अनल मसी ने सुप्रीम कोर्ट में
अपनी गलती को स्वीकार किया और अब बाकायदा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजीव कुमार ने जो
कहा है वह बेहद चौकाने वाला है तो फिलहाल

राजीव कुमार ने क्या कहा है पहले इस बयान
को ध्यान से सुनिए फिर सीजीआई चंद चण ने
क्या कहा है मैं मैं आपको सुनाती हूं जो
आपने जिक्र किया जिस जगह का चंडीगढ़ का
वहां भी देखने में जो एक एक स्ट्रांग
वायलेशन हुआ वो भी देखने में नजर

आया तो मुझे इस बात की तो कोई संतुष्टि
नहीं है कि वह इलेक्शन कमीशन के द्वारा
नहीं किया गया था क्योंकि चुनाव की

प्रक्रिया में कहीं भी गड़बड़ी हो वह 100
फीसद ही अमान्य है और अमान्य होनी
चाहिए
लेकिन चुनाव आयोग का जितनी भी
इंस्ट्रक्शंस कल दी गई है अगर किसी भी

किसी भी पोलिंग पार्टी या पोलिंग एजेंट या
डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट या एसपी एनीबडी हु
इज इवॉल्वड इन द इलेक्शन प्रोसेस तो ना तो
उसकी इतनी हिम्मत है कि वह इस तरह का कोई
कार्य कर सके और ना हमारी व्यवस्था यह

करने के लिए अलाव करती है तो देखा आपने यह
पहला बयान दिया गया है चंडीगढ़ मेयर पद
चुनाव को लेकर चुनाव आयुक्त राजीव कुमार
की तरफ से पत्रकार जब सवाल करता है तो

मेयर पद के चुनाव में वह गलत हुआ है है
बेईमानी हुई है इलेक्शन कमीशन इसमें
इवॉल्व नहीं था यह मैं मान ही नहीं सकता
लेकिन लेकिन लगाकर जो आगे कहते हैं व अपने
आप में बहुत चौकाने वाला है आगे कहना है
कि हमारा अधिकारी तो ऐसा कुछ कर ही नहीं

सकता हमारे अधिकारी की इतनी हिम्मत ही
नहीं है और हमारे सिस्टम में यह अलाउ ही
नहीं है तो अगर अधिकारी की हिम्मत नहीं है
तो क्या यह हिम्मत गृह मंत्रालय से मिली
है क्योंकि आप अच्छे से जानते हैं कि किस

तरीके से भारतीय जनता पार्टी के नेता को
पीठासीन अधिकारी बनाया गया उसी पीठासीन
अधिकारी ने आठ वोटों को कैंसिल किया एनडीए
जीत गया उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में पूरा
का पूरा फैसला पलट गया और इंडिया गठबंधन

जीता और आम आदमी पार्टी का मेयर बनाया जा
चुका है इसके बाद से चुनाव आयोग की हालत
खराब है हालत इसलिए खराब है क्योंकि जब
चंडीगढ़ मेयर पद चुनाव हुआ उसके बाद
वीडियो निकल कर सामने आया वीडियो सोशल

मीडिया पर वायरल हुआ लगातार मीडिया में
इसे रिपोर्ट भी किया गया लेकिन चुनाव आयोग
ने कारवाई तो दूर की बात है चुनाव आयोग की
तरफ से का कारवाई करने का किसी तरह का कोई
आश्वासन तक नहीं दिया गया तब तो चुनाव

आयुक्त राजीव कुमार बोलती बंद थी राजीव
कुमार से बोला तक नहीं गया चुप्पी साद रखी
थी लेकिन अब कहना है कि ये इलेक्शन कमीशन
ने किया है और दूसरी तरफ कहना है कि हमारे
अधिकारी में इतनी हिम्मत नहीं है अगर

अधिकारी में इतनी हिम्मत नहीं है तो
बीजेपी के नेता में इतनी हिम्मत कहां से
आई सवाल खड़ा होता है तो किस तरीके से
बातों को घुमा रहे हैं राजीव कुमार और किस
तरीके से राजीव कुमार की अब हालत खराब

दिखाई दे रही है आप उनके इस बयान से
अंदाजा लगा सकते हैं क्योंकि बोल तक नहीं
पाते हैं किस तरीके से हक लाते हुए अपनी
बात को पूरी करते हैं यह वीडियो में साफ
दिखाई दे रहा है अनिल मसीह पर जिस तरीके
से सुप्रीम कोर्ट ने एक्शन लिया है उसके

बाद से राजीव कुमार की हालत और भी ज्यादा
खराब है वो अब अब आप अच्छे से जानते हैं
कि पीठा सन अधिकारी को सीजीआई चंद्रचूर ने
कैसे सुप्रीम कोर्ट में घेर लिया एक-एक
सवाल किया और उस सवाल का जवाब अनिल मसीह

को देना पड़ा और उसके बाद से जिस तरीके से
चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को लेकर सवाल
खड़े हो रहे हैं अब राजीव कुमार अपना
पल्ला झाड़ते हुए नजर आ रहे हैं तो फिलहाल
चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने क्या कहा

आपने सुना अब क्यों हालत खराब है इसके लिए
मैं आपको सीजीआई चंद्रचूड़ का एक वीडियो
भी दिखाई देती हूं किस तरीके से अनिल मसीह
को भरे कोर्ट रूम में घेर लिया था छोटा सा
चंक है वीडियो देखिए मिस्टर मसी आई एम
आस्किंग यू क्वेश्चंस इफ आई फाइंड दैट यू

आर नॉट गिविंग मी अ टूथ फुल आंसर यू विल
बी प्रोसेक एवरी वर्ड व्हिट यू से यू विल
बी हेल्ड लायबल फॉर व्हाट यू से
सो यर नॉट इन पॉलिटिकल कांटेस्ट य इन
कोर्ट ऑफ ल प्लीज अंडरस्टैंड ड यू फर्स
आंसर यस और नो ड यू पुट एन एक्स मार्क न
सर्न बैलट पेपर और ड यू नॉट पुट यस आक

्र हाउ मेनी बलट पेपर्स ड य पुट एन एक्स
मार्क न इट वा
अराउंड सो बलट पेपर य पुट एन
एक्स तो देखा आपने यह वो वीडियो है जो कि
चुनाव आयुक्त ीव कुमार को सोने नहीं दे

रहा राजीव कुमार पर भी आरोप है उन्हें डर
सता रहा है कि कहीं सीजीआई चंद्रचूर उन पर
एक्शन ना ले ले जैसा कि अनल मसीह पर लिया
है अनल मसीह से सीजीआई चंद्र चण सवाल करते
हैं कि एक सवाल करूंगा और हां या ना मैं

जवाब देना और अगर जवाब सही नहीं दिया झूठ
बोला तो दोषी करार दे दूंगा उसके बाद जब
सवाल करते हैं तो अनिल मसी अपनी गलती को
सुप्रीम कोर्ट में स्वीकार करते हैं कहते
हैं कि आठ वोटों को खराब किया है कैंसिल
किया है अब इसके बाद से भारतीय जनता
पार्टी तो फंसी ही और उसके बाद जो राजीव

कुमार ने कहा है वह अपने आप में और भी
ज्यादा चौकाने वाला है राजीव कुमार का
कहना है हुआ तो गलत है लेकिन यह चुनाव
आयोग का अधिकारी नहीं कर सकता है तो यह

राजीव कुमार का बयान एक तरफ जहां निकल करर
सामने आया है वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता
पार्टी अब चारों तरफ से फंसती हुई नजर आ
रही है क्योंकि 31 मार्च तक जो इलेक्टोरल

बंड को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला
सुनाया है उस पर भी मोदी सरकार को पूरा का
पूरा डाटा पेश करना है चुनाव आयोग योग को
देना है कि कितना पैसा मिला है कहां से
पैसा मिला है अब यह पैसा कितना मिला है
कहां से मिला है यह तो मोदी सरकार बताना

नहीं चाहती है इसीलिए खबरें निकल कर सामने
आई है कि विकल्प तलाशे जा रहे हैं विकल्प
ढूंढे जा रहे हैं कोई ऐसा विकल्प खड़ा
करने की कोशिश की जा रही है जिसके तहत

पैसा कहां से मिला है कितना मिला है यह
चुनाव आयोग को ना बताना पड़े और अंदर खा
खाने यह खबर निकल कर सामने आई है कि चुनाव
आयोग भी इस बार जब से सुप्रीम कोर्ट ने
फैसला सुनाया है उ उसके बाद से मोदी सरकार
का साथ देने के लिए तैयार नहीं है क्योंकि

चुनाव आयुक्त राजीव कुमार पहले ही कह चुके
हैं कि हम तो वही करेंगे जो सुप्रीम कोर्ट
ने कहा है क्या कहना है छोटा सा बयान है

सुनिए हमारे दो ही बेसिक आधार है
ट्रांसपेरेंसी ट्रांसपेरेंसी इंफॉर्मेशन
इंफॉर्मेशन इंफॉर्मेशन सेकंड इवॉल्व
इवॉल्व इवॉल्व तो हमारा सुप्रीम कोर्ट में
यही आधार था कि वी आर इन फेवर ऑफ
ट्रांसपेरेंसी न द ऑर्डर ज कम वी विल टेक
एज डायरेक्ट तो देखा आपने मोदी सरकार

विकल्प ढूंढ रही है और चुनाव आयुक्त का
कहना है कि हम तो वही कहेंगे वही करेंगे
जो कि सुप्रीम कोर्ट ने हमें डायरेक्ट

किया है तो चुनाव आयोग भी अब मोदी सरकार
के साथ उस तरह खड़ा दिखाई नहीं दे रहा जिस
तरीके से 2019 के चुनाव में आपने देखा था
चुनाव आयोग भी बैकफुट पर नजर आ रहा है
सीजीआई चंद्र चण जिस तरीके से एक के बाद

एक लगातार फैसले सुना रहे हैं उसके बाद से
मोदी सरकार चारों तरफ से फंसती हुई नजर आ
रही है कुछ ही दिनों के अंदर लोकसभा चुनाव
की तारीखों का ऐलान होने वाला है और उसके

ठीक पहले चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के इस
बयान ने भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका
दिया है तो आपको क्या लगता है कि क्या
राजीव कुमार भी अब सीजीआई चंद चूर्ण के
आगे उनकी भी बोलती बंद हो गई है फिलहाल जो
बयान दिया है व अपने आप में बेहद चौकाने
वाला है तो इस बयान पर आप क्या सोचते हैं

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