चमत्कार से भरी हुई जीत मिलने वाली है तुम्हें

मेरे प्रिय बच्चे यह संसार अनंत चमत्कारों

से भरा हुआ है लेकिन उसके बावजूद भी तुम

जीवन में छोटी-छोटी खुशियों के लिए तरसे

हो तुम्हें जीवन में जो जैसा मिला तुमने

उसे वैसा अपना लिया लेकिन तुम्हारे अंतर

मन में बेहतर पाने की चा सदा से ही पंपति

रही है लेकिन फिर भी जो तुम्हारे जीवन में

आया उसकी वजह से तुम्हें कभी ना कभी दुख

मिलता ही गया तुम्हारा विश्वास डगमगा रहा

तुम्हारा विश्वास चूर चूर होता रहा लेकिन

फिर भी तुमने हिम्मत बनाई रखी इसलिए अब

तुम्हारा समय बदलने का वक्त आ चला है अब

नए आयाम में प्रवेश करने का वक्त आ चला है

और इसके लिए तुम्हें इस संदेश को पूरा

सुनना है किसी भी हाल में इसे बीच में

छोड़कर जाने की भूल नहीं करना है अब

तुम्हारे जीवन में एक नया सवेरा होने वाला

है एक ऐसा सवेरा जो तुम्हारे लिए बहुत

बड़े बड़े अवसर लेकर आ रहा है मुझे ज्ञात

है तुम्हारे जीवन में कुछ ऐसी घटना घटित

हुई है जिसे तुम भूल नहीं पा रहे हो

मनुष्य जब किसी व्यक्ति को बार-बार सोचा

करता है चाहे सकारात्मक या नकारात्मक रूप

में तो वह उसे आकर्षित ही कर लेता है फिर

चाहे वह उसका शत्रु ही क्यों ना हो मनुष्य

जिस चीज को जिस व्यक्ति को बार-बार विचार

करके अपने आकर्षण में ले आता है वह मनुष्य

उसके सुख या दुख का कारण बन जाता है यदि

कोई तुम्हें परेशान कर रहा तुम पर दबाव

डाल रहा तो तुम ना चाहते हुए भी उसका

विचार करते हो जबकि तुम्हें ऐसा नहीं करना

चाहिए लेकिन मनुष्य का मन इतने आवृति हों

से भर जाता है ऐसे ऐसे आयामों से भर जाता

है कि वह उसका विचार कर ही लेता है और

अंतत उसे आकर्षित कर लेता है मेरे प्रिय

तुम्हें इस प्रक्रिया को अपने जीवन से

निकालना होगा तुम्हें केवल उसका विचार

करना होगा जो तुम्हारे लिए आवश्यक है और

जो तुम्हारे लिए जरूरी नहीं उसके विचार को

त्यागना होगा तुम्हें खुद को निर्बल असहाय

और अकेला नहीं समझना है खुद को मजबूत

शक्तिशाली समझो खुद को ऊर्जा का केंद्र

समझो जब तक तुम अपनी मानसिकता में बदलाव

नहीं करोगे पर इस स्थितियों में बदलाव

किया जाना संभव नहीं है इसकी शुरुआत तो

तुम्हें ही करनी होगी आगे की धारा में मैं

तुम्हें बहा दूंगा

और इस धारा के साथ बहते बहते तुम सुकून के

सागर को प्राप्त कर लोगे लेकिन प्रारंभ

में तुम्हें स्वयं ही करना होगा पहला कदम

तुम्हें चलना होगा तुम्हें जीवन में अचानक

से इतनी बड़ी खुशखबरी मिलेगी कि तुम यकीन

नहीं कर

पाओगे वह खुशखबरी जिसकी तुमने उम्मीद आशाए

त्याग दी थी वह भी पूर्ण होगा और ऐसे ही

किसी साधारण तरीके से यह नहीं होगा बल्कि

यह एक विचित्र घटना होगी कुछ ऐसा जो असंभव

सा प्रतीत हो रहा था जो तुम्हारे जीवन से

छीन लिया गया था जो कभी तुम्हें हासिल ही

नहीं हुआ था यह कुछ ऐसे पूर्ण होगा जैसे

इसे पूर्ण होना ही था मेरे प्रिय कल का

दिन तुम्हारे लिए विश्वास से भरा हुआ दिन

होगा कल तुम जीव जगत के सातों चक्रों कोडो

एक साथ एक दिशा में एक समूह में सव्य और

स्थिर ढंग से सुनियोजित होते महसूस कर

सकोगे कल तुम्हारा आज्ञा चक्र तुम्हारे

मूल आधार चक्र से इस तरह से संलिप्त हो

जाएगा मानो तुम्हारी आज्ञा पर ही यह आधार

तुम्हें मूल रूप से प्रतिष्ठित कर देगा

इसका अर्थ ही यह हुआ कि कल से तुम जो

विचार करोगे वह इस भौतिक जगत में यथार्थ

बन जाएगा सत्य हो

जाएगा मेरे प्रिय तुम पर मेरी कृपा दृष्टि

है इसलिए खुद को अकेला और अभागा मत

समझना तुम जो कि मेरे शरणागत हो मैं

तुम्हें स्वयं से दूर नहीं होने दूंगा अब

तुम्हारे मन से सभी चिंताएं दूर हो

जाएंगी जो बात तुम्हें दुख और पीड़ा दे

रही है वह सदा सदा के लिए नष्ट हो

जाएगा तुम्हारे मन का नवीनीकरण होगा

तुम्हारे आत्मा को शुद्धि प्राप्त

होगी मैं तुमसे स्नेह रखता हूं इसलिए मैं

तुम्हें अपने आशीर्वाद के रूप में बहुत

बड़ी खुशियां प्रदान करने जा रहा

हूं जो अगले दो दिनों में तुम बहुत तेजी

से अपने मन मस् में महसूस कर पाओगे और यह

खुशी तुम्हारे आर्थिक स्थिति को बेहतरीन

बना देगी तुम्हें सफलता प्रेम खुशी और

अच्छा स्वास्थ भी प्रदान

होगा जब तुम आज रात्रि सोने जाओगे तो

तुम्हें स्वप्न में इसका एहसास होगा स्वपन

में तुम्हें विभिन्न प्रकार की चीजें

दिखाई

देंगी तुम कुछ ऐसा महसूस करोगे जो कल्पना

का रूपांतर तो होगा लेकिन उसमें तुम अपनी

प्रगति को स्पष्ट रूप से देख

पाओगे प्रगति बहुत छोटी प्रगति महसूस होगी

तुम्हें लेकिन उसका प्रभाव बहुत बड़ा

होगा स्वप्न में जिसे तुम छोटा समझोगे

वास्तविकता में वह इतनी बड़ी प्रगति का

रूप धारण कर

लेगा कि तुम्हारा अंतरमन अभी स्वीकार करने

में सक्षम नहीं है लेकिन जैसे जैसे तुम यह

स्वपन गंभीरता से महसूस करते

जाओगे तुम्हारा अंतर्मन इसे खुद में

समाहित कर लेगा और तुम्हारे सभी चक्र इस

पर कार्य करना प्रारंभ कर देंगे व गुलाबी

रंग का एक ऐसा चक्र होगा जो तुम्हारा मूल

आधार होगा जो तुम्हारे ऊर्जा केंद्र से

सटा हुआ होगा जो तुम्हें दिव्य द्वार

खोलने में तुम्हारी सहायता

करेगा जो तुम्हारे भीतर विस्तार भर देगा

तुम में कुछ ऐसी आकांक्षाएं भी जन्में कि

तुम एक धीमे जीवन को जीने के इच्छुक हो

जाओगे तुम बहुत सी चीजों को अपने जीवन से

हटाना प्रारंभ कर दोगे और तुम्हारा मन

खाली-खाली महसूस होने लगेगा और धीरे-धीरे

जब तुम इस प्रक्रिया में आगे बढ़ो ग तुम

यह महसूस कर पाओगे कि तुम्हारा मन

धीरे-धीरे निर्विचार हो रहा है तुम्हारा

मन उस नीले आकाश की तरह है जो सदा से वही

मौजूद है लेकिन उस पर कई काले बादल कई

सफेद बादल छा जाते हैं जिसकी वजह से मन पर

एक आवरण आ जाता है किंतु स्वीकार्य रूप

में मन सदैव से मौजूद रहा है ऐसा ही

तुम्हारे जीवन में अब तुम्हें महसूस होगा

और यह प्रगति का सूचक है यह उन्नति का

देवता है मेरे प्रिय यह उन्नति अब तुम्हें

हासिल होगी यह प्रगति अब तुम्हारे जीवन का

यथार्थ बनेगा ना जाने कितने दिन कितनी

रातें तुमने अभाव में गुजारे हैं और एक

ऐसी कल्पना में गुजर रहा है जो कल्पना कभी

यथार्थ नहीं हो सकती लेकिन हर कल्पना के

मूल में तुमने सदा एक बेहतर जीवन की कामना

की है यह जीवन केवल वस्तुओं से भरा हुआ

नहीं है बल्कि इस जीवन के केंद्र में

प्रेम और सुकून है सुकून वह अंतिम लक्ष्य

है जो तुम प्राप्त करना चाहते हो तुम केवल

आराम के जीवन की कल्पना नहीं करते बल्कि

तुम्हारे लिए सुकून और शांति हर एक चीज से

बढ़कर है तुम तेज गति के जीवन को त्यागने

वाले हो बचपन से ही तुम क्रमिक रूप से

विचार करते आए हो और यही वजह है कि

तुम्हारा जीवन भी इसी तरह से चलता आया है

जब तुम छोटे थे तो एक संकुचित जीवन की

कामना करते थे किंतु तुम उसमें इतनी दण

नहीं थे क्योंकि हर एक वर्ष के बाद हर एक

क्षण के बाद तुम्हारे विचार बदल रहे थे और

आगे के समय में तुमने यह महसूस किया कि

तुम विभिन्न प्रकार के जीवन की कल्पना में

डूबे हो कभी भौतिकता से भरे हुए जीवन की

कल्पना में तो कभी एकांत प्रिय जीवन की

कल्पना में कभी तुम्हें समुंदर की लहरें

चाहिए तो कभी पहाड़ का सूनापन चाहिए और

विभिन्न प्रकार के विचारों की वजह से वो

आद्रता आ नहीं सकी जिस वजह से एक सा जीवन

प्राप्त नहीं हुआ और जब तुम्हें एक सा

जीवन प्राप्त हुआ तो वह तुम्हें रोमांचक

नहीं लगा तब तुमने रोमांच से भरे जीवन की

कल्पना की और इसी में इतना लंबा समय गुजर

गया और तुम्हें एक दर्ता ही हासिल नहीं

हुए लेकिन अब विवेक से कार्य करने का समय

है अब सही फैसले लेने का समय है अपने जीवन

में तुम सदा से ही निर्णायक होना चाहते थे

किंतु कभी परिस्थितियों की वजह से तो कभी

भवस तुम निर्णायक ना हो सके लेकिन अब समय

पूर्णता निर्णायक हो जाने का है चाहे

तुम्हारे लिए गए फैसले सत्य साबित हो चाहे

असत्य साबित हो चाहे तुम्हें उनसे प्रेम

करुणा प्राप्त हो चाहे तुम्हें उनसे नफरत

या पीड़ा ही क्यों ना प्राप्त हो फिर भी

तुम्हें सहानुभूति के पीछे नहीं भागना है

दूसरों से सहानुभूति पाने का विचार त्याग

दो यह विचार त्याग दो कि लोग तुम्हारे

प्रति ऐसा भाव रखे जैसे तुम दरिद्र हो

जैसे तुम कमजोर हो जैसे तुम हारे हुए हो

लोग तुम्हें इस तरह का यदि प्रेम भी देंगे

तो वहां प्रेम सहानुभूति से बढ़कर कुछ

नहीं होगा और इसके केन में तुम्हारे मन

में केवल भय व्याप्त हो जाएगा और तुम इतना

डर जाओगे कि तुम्हें छोटे छोटे निर्णय

लेने से भी भयभीत होने

लगेगा इसलिए तुम जो चाहते आए हो उसके

केंद्र में कभी भी सहानुभूति नहीं होनी

चाहिए कभी भी खुद को असहाय बिल्कुल मत

दिखाओ इसमें तुम्हें किसी और के बातों को

किसी और के विचारों को किसी और की कल्पना

को स्वयं पर नहीं थोपना है मनुष्य जब तक

स्वयं से निर्णय नहीं ले पाता उसे वह

प्रेम वह आनंद कभी हासिल ही नहीं हो सकता

जिसकी वह चा करता है यदि परमानद को

प्राप्त कर रहा है तो मनुष्य का जीवन उसके

अपने ही ढंग से होना चाहिए फिर उसका ढंग

यदि क्रूरता का हो हिंसा का हो तो भी वह

जायज हो जाता है लेकिन यदि मनुष्य दूसरे

के विचारों के अनुसार चलता है दूसरे के

द्वारा थोपे गए कल्पनाओं मान्यताओं के

आधार पर जीता है तो वह कहीं से भी उचित

कार्य नहीं कर रहा होता है फिर चाहे वह

जीवन अहिंसा से ही भरा हुआ क्यों ना हो

तुम्हें निर्णय लेना है अपना जीवन अपने

हिसाब से जीना है जिन लोगों के सामने इस

का तुम विचार करते आए हो वास्तव में उनका

जीवन एक कठपुतली से बढ़कर कुछ भी नहीं रहा

तुम्हें अपना जीवन उनके जैसे बर्बाद नहीं

करना है थोड़ा गहन विचार करो और दूसरों के

अनुसार जीवन जीना बंद कर दो जो तुमसे

उम्मीद लगाकर बैठे हैं आशा किए बैठे हैं

तुम उनकी उम्मीद पर उनकी आशाओं पर खरे

उतरने के लिए जीवन नहीं लिए हो यह जन्म

तुम्हें किसी और की उम्मीदों पर खरा उतरने

के लिए नहीं दिया गया है फिर चाहे वह

तुम्हारे अपने पूर्वज हो तुम्हारे अपने

माता-पिता हो या फिर तुम्हारे अपने सगे

संबंधी तुम्हारा साथी कोई भी हो तुम्हें

यह जीवन किसी के अनुसार बिताने या किसी की

उम्मीद पर खरा उतरने के लिए नहीं मिला है

तुम्हें व करना है जो जायज है तुम्हें व

करना है जो नैसर्गिक है तुम्हें व करना है

जो तुम्हारी आत्मा कहती है ना कि तुम्हारे

मन पर चढ़ाए हुए आवरण तुमसे कह रहे हैं

तुम्हें वो मानना है जो तार्किक है

तुम्हें वह मानना है जो तुम्हारा शरीर

तुमसे कहता है व जिसे तुम जानते हो तुम

सत्य की तलाश यहां वहां करते रहते हो इधर

उधर दुनिया भर के समाचारों और दूसरों की

वाणी से तुम सत्य सुनने को लला हो

तुम्हारे भीतर की उत्सुकता बार-बार

तुम्हें प्रेरित करती है कि तुम सत्य की

खोज करो लेकिन तुम यह भूल जाते हो कि वह

सत्य तुम्हें पहले से ही ज्ञात है वह सत्य

तुम्हें पहले से ही मिला हुआ है

बस तुमने मान्यताओं के इतने आवरण ओढ रखे

हैं कि तुम उसे देख नहीं पा रहे मेरे

प्रिय जो तुम्हारे लिए उचित नहीं वह इस

संसार में उचित हो ही नहीं

सकता दूसरे के द्वारा बताए गए तरकीब

दूसरों के द्वारा बताए गए मान्यताएं या

दूसरों के द्वारा उत्पन्न हुए विचारों से

यदि तुम जीवन जियोगे तो जीवन बिल्कुल भी

मूल्यावन नहीं होगा फिर तुम्हारे उस जीवन

में या किसी पशु के जीवन में कोई अंतर

नहीं रह जाएगा गुलामों की तरह जीवन जीना

बंद कर दो यदि स्वयं को समर्पित करना है

तो दास की भाति समर्पित करो ना कि गुलाम

की भाति इन दोनों शब्दों में बहुत मूलभूत

भूत अंतर है दोनों शब्द शायद एक से प्रतीत

होते हैं लेकिन इनके अर्थ बिल्कुल ही अलग

है इनके अर्थ बिल्कुल ही अलग है तुम्हें

किसी भी परिस्थिति में गुलाम बनकर नहीं

जीना है दास समर्पण की भावना दर्शाता है

गुलाम बंधन को दर्शाता है तुम्हें किसी भी

तरह के बंधन में अपना जीवन नहीं गुजारना

है जो तुम्हें बंधन में डालना चाहते हैं

वह स्वयं ही बंधन में जीवन जीते आए हैं

मैं जिस बंधन की बात कर रहा हूं यह

रिश्तों का बंधन नहीं है यह किसी भी तरह

से मूल्यों का बंधन नहीं है है यह विचारों

का बंधन है कल्पनाओं का मान्यताओं का बंधन

है यह बंधन है अहंकार का यह बंधन है

अभिलिप्सा की यह बंधन है आकांक्षाओं का

मेरे प्रिय जब तुम अल्प वादी जीवन के

रहस्य को समझोगे तो तुम यह जान जाओगे कि

जो तुम्हें प्राप्त हो रहा है वो वास्तव

में तुम्हारी आवश्यकता से अधिक है लेकिन

तुम विलासिता की ओर जाना चाहते हो और वह

विलासिता तुम्हें तब तक हासिल नहीं

होगी जब तक विलासिता ही तुम्हारी आवश्यकता

ना बन जाए जब विलासिता तुम्हारे कर्म से

मिल जाएगी तब वह आवश्यकता बन

जाएगी और जिस क्षण यह विलासिता आवश्यकता

बनेगी तुम्हारे जीवन से सभी दुख दूर हो

जाएंगे क्योंकि तब तुम्हें धन की कमी नहीं

होगी तब तुम यह जान जाओगे कि तुम्हारे लिए

क्या पर्याप्त है और क्या अपर्याप्त है

मेरे प्रिय तुम्हारे जीवन में धन का भंडार

आने वाला है तुम्हारे जीवन में प्रगति की

एक रेखा खींचने वाली है लेकिन इस रेखा के

पार कितनी दूर तक जाना है उस धन के भंडार

को कितना समेटना है कितना त्यागना है इसका

विचार तुम्हें अपने विवेक से लेना होगा

क्योंकि तुम्हारा विवेक ही तय करेगा कि

तुम मार्ग में कितने आगे जाओगे मेरे प्रिय

प्रेम एक ऐसा भाव है जो तुम सदा से अपने

जीवन में चाहते आए हो और यही कारण है कि

तुम्हारे भीतर करुणा और दया जन्मी है कई

बार तुम्हारे मन में वैराग्य भी उठता है

तुम ऐसे भाव को लेकर आगे बढ़ते हो मानो

तुम्हें वैराग्य हो ही जाना

चाहिए लेकिन तुम में इतनी क्षमता नहीं

होती कि तुम उस मार्ग पर आगे बढ़ सको

तुम्हारा भय तुम्हें रोक डालता है मेरे

प्रिय वैराग्य जीवन का सत्य नहीं है यदि

ऐसा होता तो इस संसार में जितने भी मनुष्य

हुए हैं जो वैराग्य का रूप धारण करे हैं

उनके भीतर की सभी आकांक्षाएं मर जानी

चाहिए

थी उनके भीतर पाने की चाहत समाप्त हो जानी

चाहिए थी लेकिन क्या ऐसा होता है विचार

करना वो जो वैराग्य धारण करते हैं वो

भौतिक चीजों का तो त्याग कर देते हैं

किंतु चाहत का त्याग नहीं करते वह इस भ्रम

में जीते हैं कि उन्होंने चाहत का त्याग

कर दिया है लेकिन उनमें चाह बनी होती है

कभी परमानंद को प्राप्त करने की तो कभी

परमात्मा को प्राप्त करने की लेकिन चाहत

तो तब भी विद्यमान है मेरे प्रिय वह

मनुष्य वैरागी कहलाता है जो चाहत का ही

त्याग कर देता है फिर उसे इस बात से फर्क

नहीं पड़ता कि उसे परमात्मा मिल रहा है या

नहीं मैं तुम्हें वैरागी धारण करने को

नहीं कह रहा मैं तुम्हें संतुलित अलप वादी

जीवन जीने को कह रहा हूं जब तुम इस जीवन

के प्रक्रिया में आगे बढ़ो ग तो धीरे-धीरे

तुम यह जान पाओगे कि बहुत सी अनावश्यक

चीजें हैं जिनकी तुम फिक्र किया करते थे

और ऐसा करना महत्त्वपूर्ण है जो तुम पाना

चाहते हो वह सब कुछ तुम्हें तब प्राप्त हो

जाएगा लेकिन जब तक तुम उसे पाने के पीछे

भागते रहोगे कुछ भी हासिल होना संभव नहीं

है क्योंकि यह प्रकृति का नियम है जब तक

चीजों को छोड़ा नहीं जाता वह चीजें अपना

रूप अंतरित करके वापस नहीं

आती मेरे प्रिय मनुष्य केवल विचारों के दम

पर और पारिश्रमिक

[संगीत]

भाति अपने जीवन की गतिविधियों को देखता

रहता है तो वह पाता है वह वह धीरे-धीरे

निर्विचार हो रहा है और उसे वह सब कुछ

हासिल हो रहा है जो उसे पहले चाहिए था

मेरे प्रिय यह जीवन जीने का सबसे सार्थक

तरीका है और तुम्हें इसी और आगे बढ़ना है

तुम अब जीत को हासिल करने के बहुत करीब हो

इसलिए अपनी मानसिकता और अपने जीवन शैली

में बदलाव करो और सही मानसिकता के साथ

सत्य के मार्ग पर आगे बढ़ो और एक बात सदा

याद रखना कोई चाहे तुम्हारा साथ दे या ना

दे कोई चाहे तुम्हारी निंदा करे या

तुम्हारा सम्मान करे तुम्हें इससे घबराना

नहीं है तुम्हें इससे विपरीत नहीं लेना है

क्योंकि मैं सदैव तुम्हारे साथ हूं मेरा

आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ है मैं नियमित

रूप से तुम्हारे पास ही

हूं और तुम्हारी गतिविधियों का आकलन कर

रहा हूं मैं तुम्हें जीत दिलाऊंगा तुम्हें

किसी और की ना तो चाटुकारिता की आवश्यकता

है ना तो किसी और से किसी भी तरह के सहयोग

की पेशा होनी चाहिए मैं सदा तुम्हारे साथ

हूं सदा सुखी रहो मेरे आने वाले संदेशों

की प्रतीक्षा करना मैं तुम्हारा मार्ग

दर्शन करने फिर आऊंगा तुम्हारा कल्याण

होगामेरे प्रिय बच्चे यह संसार अनंत चमत्कारों

से भरा हुआ है लेकिन उसके बावजूद भी तुम

जीवन में छोटी-छोटी खुशियों के लिए तरसे

हो तुम्हें जीवन में जो जैसा मिला तुमने

उसे वैसा अपना लिया लेकिन तुम्हारे अंतर

मन में बेहतर पाने की चा सदा से ही पंपति

रही है लेकिन फिर भी जो तुम्हारे जीवन में

आया उसकी वजह से तुम्हें कभी ना कभी दुख

मिलता ही गया तुम्हारा विश्वास डगमगा रहा

तुम्हारा विश्वास चूर चूर होता रहा लेकिन

फिर भी तुमने हिम्मत बनाई रखी इसलिए अब

तुम्हारा समय बदलने का वक्त आ चला है अब

नए आयाम में प्रवेश करने का वक्त आ चला है

और इसके लिए तुम्हें इस संदेश को पूरा

सुनना है किसी भी हाल में इसे बीच में

छोड़कर जाने की भूल नहीं करना है अब

तुम्हारे जीवन में एक नया सवेरा होने वाला

है एक ऐसा सवेरा जो तुम्हारे लिए बहुत

बड़े बड़े अवसर लेकर आ रहा है मुझे ज्ञात

है तुम्हारे जीवन में कुछ ऐसी घटना घटित

हुई है जिसे तुम भूल नहीं पा रहे हो

मनुष्य जब किसी व्यक्ति को बार-बार सोचा

करता है चाहे सकारात्मक या नकारात्मक रूप

में तो वह उसे आकर्षित ही कर लेता है फिर

चाहे वह उसका शत्रु ही क्यों ना हो मनुष्य

जिस चीज को जिस व्यक्ति को बार-बार विचार

करके अपने आकर्षण में ले आता है वह मनुष्य

उसके सुख या दुख का कारण बन जाता है यदि

कोई तुम्हें परेशान कर रहा तुम पर दबाव

डाल रहा तो तुम ना चाहते हुए भी उसका

विचार करते हो जबकि तुम्हें ऐसा नहीं करना

चाहिए लेकिन मनुष्य का मन इतने आवृति हों

से भर जाता है ऐसे ऐसे आयामों से भर जाता

है कि वह उसका विचार कर ही लेता है और

अंतत उसे आकर्षित कर लेता है मेरे प्रिय

तुम्हें इस प्रक्रिया को अपने जीवन से

निकालना होगा तुम्हें केवल उसका विचार

करना होगा जो तुम्हारे लिए आवश्यक है और

जो तुम्हारे लिए जरूरी नहीं उसके विचार को

त्यागना होगा तुम्हें खुद को निर्बल असहाय

और अकेला नहीं समझना है खुद को मजबूत

शक्तिशाली समझो खुद को ऊर्जा का केंद्र

समझो जब तक तुम अपनी मानसिकता में बदलाव

नहीं करोगे पर इस स्थितियों में बदलाव

किया जाना संभव नहीं है इसकी शुरुआत तो

तुम्हें ही करनी होगी आगे की धारा में मैं

तुम्हें बहा दूंगा

और इस धारा के साथ बहते बहते तुम सुकून के

सागर को प्राप्त कर लोगे लेकिन प्रारंभ

में तुम्हें स्वयं ही करना होगा पहला कदम

तुम्हें चलना होगा तुम्हें जीवन में अचानक

से इतनी बड़ी खुशखबरी मिलेगी कि तुम यकीन

नहीं कर

पाओगे वह खुशखबरी जिसकी तुमने उम्मीद आशाए

त्याग दी थी वह भी पूर्ण होगा और ऐसे ही

किसी साधारण तरीके से यह नहीं होगा बल्कि

यह एक विचित्र घटना होगी कुछ ऐसा जो असंभव

सा प्रतीत हो रहा था जो तुम्हारे जीवन से

छीन लिया गया था जो कभी तुम्हें हासिल ही

नहीं हुआ था यह कुछ ऐसे पूर्ण होगा जैसे

इसे पूर्ण होना ही था मेरे प्रिय कल का

दिन तुम्हारे लिए विश्वास से भरा हुआ दिन

होगा कल तुम जीव जगत के सातों चक्रों कोडो

एक साथ एक दिशा में एक समूह में सव्य और

स्थिर ढंग से सुनियोजित होते महसूस कर

सकोगे कल तुम्हारा आज्ञा चक्र तुम्हारे

मूल आधार चक्र से इस तरह से संलिप्त हो

जाएगा मानो तुम्हारी आज्ञा पर ही यह आधार

तुम्हें मूल रूप से प्रतिष्ठित कर देगा

इसका अर्थ ही यह हुआ कि कल से तुम जो

विचार करोगे वह इस भौतिक जगत में यथार्थ

बन जाएगा सत्य हो

जाएगा मेरे प्रिय तुम पर मेरी कृपा दृष्टि

है इसलिए खुद को अकेला और अभागा मत

समझना तुम जो कि मेरे शरणागत हो मैं

तुम्हें स्वयं से दूर नहीं होने दूंगा अब

तुम्हारे मन से सभी चिंताएं दूर हो

जाएंगी जो बात तुम्हें दुख और पीड़ा दे

रही है वह सदा सदा के लिए नष्ट हो

जाएगा तुम्हारे मन का नवीनीकरण होगा

तुम्हारे आत्मा को शुद्धि प्राप्त

होगी मैं तुमसे स्नेह रखता हूं इसलिए मैं

तुम्हें अपने आशीर्वाद के रूप में बहुत

बड़ी खुशियां प्रदान करने जा रहा

हूं जो अगले दो दिनों में तुम बहुत तेजी

से अपने मन मस् में महसूस कर पाओगे और यह

खुशी तुम्हारे आर्थिक स्थिति को बेहतरीन

बना देगी तुम्हें सफलता प्रेम खुशी और

अच्छा स्वास्थ भी प्रदान

होगा जब तुम आज रात्रि सोने जाओगे तो

तुम्हें स्वप्न में इसका एहसास होगा स्वपन

में तुम्हें विभिन्न प्रकार की चीजें

दिखाई

देंगी तुम कुछ ऐसा महसूस करोगे जो कल्पना

का रूपांतर तो होगा लेकिन उसमें तुम अपनी

प्रगति को स्पष्ट रूप से देख

पाओगे प्रगति बहुत छोटी प्रगति महसूस होगी

तुम्हें लेकिन उसका प्रभाव बहुत बड़ा

होगा स्वप्न में जिसे तुम छोटा समझोगे

वास्तविकता में वह इतनी बड़ी प्रगति का

रूप धारण कर

लेगा कि तुम्हारा अंतरमन अभी स्वीकार करने

में सक्षम नहीं है लेकिन जैसे जैसे तुम यह

स्वपन गंभीरता से महसूस करते

जाओगे तुम्हारा अंतर्मन इसे खुद में

समाहित कर लेगा और तुम्हारे सभी चक्र इस

पर कार्य करना प्रारंभ कर देंगे व गुलाबी

रंग का एक ऐसा चक्र होगा जो तुम्हारा मूल

आधार होगा जो तुम्हारे ऊर्जा केंद्र से

सटा हुआ होगा जो तुम्हें दिव्य द्वार

खोलने में तुम्हारी सहायता

करेगा जो तुम्हारे भीतर विस्तार भर देगा

तुम में कुछ ऐसी आकांक्षाएं भी जन्में कि

तुम एक धीमे जीवन को जीने के इच्छुक हो

जाओगे तुम बहुत सी चीजों को अपने जीवन से

हटाना प्रारंभ कर दोगे और तुम्हारा मन

खाली-खाली महसूस होने लगेगा और धीरे-धीरे

जब तुम इस प्रक्रिया में आगे बढ़ो ग तुम

यह महसूस कर पाओगे कि तुम्हारा मन

धीरे-धीरे निर्विचार हो रहा है तुम्हारा

मन उस नीले आकाश की तरह है जो सदा से वही

मौजूद है लेकिन उस पर कई काले बादल कई

सफेद बादल छा जाते हैं जिसकी वजह से मन पर

एक आवरण आ जाता है किंतु स्वीकार्य रूप

में मन सदैव से मौजूद रहा है ऐसा ही

तुम्हारे जीवन में अब तुम्हें महसूस होगा

और यह प्रगति का सूचक है यह उन्नति का

देवता है मेरे प्रिय यह उन्नति अब तुम्हें

हासिल होगी यह प्रगति अब तुम्हारे जीवन का

यथार्थ बनेगा ना जाने कितने दिन कितनी

रातें तुमने अभाव में गुजारे हैं और एक

ऐसी कल्पना में गुजर रहा है जो कल्पना कभी

यथार्थ नहीं हो सकती लेकिन हर कल्पना के

मूल में तुमने सदा एक बेहतर जीवन की कामना

की है यह जीवन केवल वस्तुओं से भरा हुआ

नहीं है बल्कि इस जीवन के केंद्र में

प्रेम और सुकून है सुकून वह अंतिम लक्ष्य

है जो तुम प्राप्त करना चाहते हो तुम केवल

आराम के जीवन की कल्पना नहीं करते बल्कि

तुम्हारे लिए सुकून और शांति हर एक चीज से

बढ़कर है तुम तेज गति के जीवन को त्यागने

वाले हो बचपन से ही तुम क्रमिक रूप से

विचार करते आए हो और यही वजह है कि

तुम्हारा जीवन भी इसी तरह से चलता आया है

जब तुम छोटे थे तो एक संकुचित जीवन की

कामना करते थे किंतु तुम उसमें इतनी दण

नहीं थे क्योंकि हर एक वर्ष के बाद हर एक

क्षण के बाद तुम्हारे विचार बदल रहे थे और

आगे के समय में तुमने यह महसूस किया कि

तुम विभिन्न प्रकार के जीवन की कल्पना में

डूबे हो कभी भौतिकता से भरे हुए जीवन की

कल्पना में तो कभी एकांत प्रिय जीवन की

कल्पना में कभी तुम्हें समुंदर की लहरें

चाहिए तो कभी पहाड़ का सूनापन चाहिए और

विभिन्न प्रकार के विचारों की वजह से वो

आद्रता आ नहीं सकी जिस वजह से एक सा जीवन

प्राप्त नहीं हुआ और जब तुम्हें एक सा

जीवन प्राप्त हुआ तो वह तुम्हें रोमांचक

नहीं लगा तब तुमने रोमांच से भरे जीवन की

कल्पना की और इसी में इतना लंबा समय गुजर

गया और तुम्हें एक दर्ता ही हासिल नहीं

हुए लेकिन अब विवेक से कार्य करने का समय

है अब सही फैसले लेने का समय है अपने जीवन

में तुम सदा से ही निर्णायक होना चाहते थे

किंतु कभी परिस्थितियों की वजह से तो कभी

भवस तुम निर्णायक ना हो सके लेकिन अब समय

पूर्णता निर्णायक हो जाने का है चाहे

तुम्हारे लिए गए फैसले सत्य साबित हो चाहे

असत्य साबित हो चाहे तुम्हें उनसे प्रेम

करुणा प्राप्त हो चाहे तुम्हें उनसे नफरत

या पीड़ा ही क्यों ना प्राप्त हो फिर भी

तुम्हें सहानुभूति के पीछे नहीं भागना है

दूसरों से सहानुभूति पाने का विचार त्याग

दो यह विचार त्याग दो कि लोग तुम्हारे

प्रति ऐसा भाव रखे जैसे तुम दरिद्र हो

जैसे तुम कमजोर हो जैसे तुम हारे हुए हो

लोग तुम्हें इस तरह का यदि प्रेम भी देंगे

तो वहां प्रेम सहानुभूति से बढ़कर कुछ

नहीं होगा और इसके केन में तुम्हारे मन

में केवल भय व्याप्त हो जाएगा और तुम इतना

डर जाओगे कि तुम्हें छोटे छोटे निर्णय

लेने से भी भयभीत होने

लगेगा इसलिए तुम जो चाहते आए हो उसके

केंद्र में कभी भी सहानुभूति नहीं होनी

चाहिए कभी भी खुद को असहाय बिल्कुल मत

दिखाओ इसमें तुम्हें किसी और के बातों को

किसी और के विचारों को किसी और की कल्पना

को स्वयं पर नहीं थोपना है मनुष्य जब तक

स्वयं से निर्णय नहीं ले पाता उसे वह

प्रेम वह आनंद कभी हासिल ही नहीं हो सकता

जिसकी वह चा करता है यदि परमानद को

प्राप्त कर रहा है तो मनुष्य का जीवन उसके

अपने ही ढंग से होना चाहिए फिर उसका ढंग

यदि क्रूरता का हो हिंसा का हो तो भी वह

जायज हो जाता है लेकिन यदि मनुष्य दूसरे

के विचारों के अनुसार चलता है दूसरे के

द्वारा थोपे गए कल्पनाओं मान्यताओं के

आधार पर जीता है तो वह कहीं से भी उचित

कार्य नहीं कर रहा होता है फिर चाहे वह

जीवन अहिंसा से ही भरा हुआ क्यों ना हो

तुम्हें निर्णय लेना है अपना जीवन अपने

हिसाब से जीना है जिन लोगों के सामने इस

का तुम विचार करते आए हो वास्तव में उनका

जीवन एक कठपुतली से बढ़कर कुछ भी नहीं रहा

तुम्हें अपना जीवन उनके जैसे बर्बाद नहीं

करना है थोड़ा गहन विचार करो और दूसरों के

अनुसार जीवन जीना बंद कर दो जो तुमसे

उम्मीद लगाकर बैठे हैं आशा किए बैठे हैं

तुम उनकी उम्मीद पर उनकी आशाओं पर खरे

उतरने के लिए जीवन नहीं लिए हो यह जन्म

तुम्हें किसी और की उम्मीदों पर खरा उतरने

के लिए नहीं दिया गया है फिर चाहे वह

तुम्हारे अपने पूर्वज हो तुम्हारे अपने

माता-पिता हो या फिर तुम्हारे अपने सगे

संबंधी तुम्हारा साथी कोई भी हो तुम्हें

यह जीवन किसी के अनुसार बिताने या किसी की

उम्मीद पर खरा उतरने के लिए नहीं मिला है

तुम्हें व करना है जो जायज है तुम्हें व

करना है जो नैसर्गिक है तुम्हें व करना है

जो तुम्हारी आत्मा कहती है ना कि तुम्हारे

मन पर चढ़ाए हुए आवरण तुमसे कह रहे हैं

तुम्हें वो मानना है जो तार्किक है

तुम्हें वह मानना है जो तुम्हारा शरीर

तुमसे कहता है व जिसे तुम जानते हो तुम

सत्य की तलाश यहां वहां करते रहते हो इधर

उधर दुनिया भर के समाचारों और दूसरों की

वाणी से तुम सत्य सुनने को लला हो

तुम्हारे भीतर की उत्सुकता बार-बार

तुम्हें प्रेरित करती है कि तुम सत्य की

खोज करो लेकिन तुम यह भूल जाते हो कि वह

सत्य तुम्हें पहले से ही ज्ञात है वह सत्य

तुम्हें पहले से ही मिला हुआ है

बस तुमने मान्यताओं के इतने आवरण ओढ रखे

हैं कि तुम उसे देख नहीं पा रहे मेरे

प्रिय जो तुम्हारे लिए उचित नहीं वह इस

संसार में उचित हो ही नहीं

सकता दूसरे के द्वारा बताए गए तरकीब

दूसरों के द्वारा बताए गए मान्यताएं या

दूसरों के द्वारा उत्पन्न हुए विचारों से

यदि तुम जीवन जियोगे तो जीवन बिल्कुल भी

मूल्यावन नहीं होगा फिर तुम्हारे उस जीवन

में या किसी पशु के जीवन में कोई अंतर

नहीं रह जाएगा गुलामों की तरह जीवन जीना

बंद कर दो यदि स्वयं को समर्पित करना है

तो दास की भाति समर्पित करो ना कि गुलाम

की भाति इन दोनों शब्दों में बहुत मूलभूत

भूत अंतर है दोनों शब्द शायद एक से प्रतीत

होते हैं लेकिन इनके अर्थ बिल्कुल ही अलग

है इनके अर्थ बिल्कुल ही अलग है तुम्हें

किसी भी परिस्थिति में गुलाम बनकर नहीं

जीना है दास समर्पण की भावना दर्शाता है

गुलाम बंधन को दर्शाता है तुम्हें किसी भी

तरह के बंधन में अपना जीवन नहीं गुजारना

है जो तुम्हें बंधन में डालना चाहते हैं

वह स्वयं ही बंधन में जीवन जीते आए हैं

मैं जिस बंधन की बात कर रहा हूं यह

रिश्तों का बंधन नहीं है यह किसी भी तरह

से मूल्यों का बंधन नहीं है है यह विचारों

का बंधन है कल्पनाओं का मान्यताओं का बंधन

है यह बंधन है अहंकार का यह बंधन है

अभिलिप्सा की यह बंधन है आकांक्षाओं का

मेरे प्रिय जब तुम अल्प वादी जीवन के

रहस्य को समझोगे तो तुम यह जान जाओगे कि

जो तुम्हें प्राप्त हो रहा है वो वास्तव

में तुम्हारी आवश्यकता से अधिक है लेकिन

तुम विलासिता की ओर जाना चाहते हो और वह

विलासिता तुम्हें तब तक हासिल नहीं

होगी जब तक विलासिता ही तुम्हारी आवश्यकता

ना बन जाए जब विलासिता तुम्हारे कर्म से

मिल जाएगी तब वह आवश्यकता बन

जाएगी और जिस क्षण यह विलासिता आवश्यकता

बनेगी तुम्हारे जीवन से सभी दुख दूर हो

जाएंगे क्योंकि तब तुम्हें धन की कमी नहीं

होगी तब तुम यह जान जाओगे कि तुम्हारे लिए

क्या पर्याप्त है और क्या अपर्याप्त है

मेरे प्रिय तुम्हारे जीवन में धन का भंडार

आने वाला है तुम्हारे जीवन में प्रगति की

एक रेखा खींचने वाली है लेकिन इस रेखा के

पार कितनी दूर तक जाना है उस धन के भंडार

को कितना समेटना है कितना त्यागना है इसका

विचार तुम्हें अपने विवेक से लेना होगा

क्योंकि तुम्हारा विवेक ही तय करेगा कि

तुम मार्ग में कितने आगे जाओगे मेरे प्रिय

प्रेम एक ऐसा भाव है जो तुम सदा से अपने

जीवन में चाहते आए हो और यही कारण है कि

तुम्हारे भीतर करुणा और दया जन्मी है कई

बार तुम्हारे मन में वैराग्य भी उठता है

तुम ऐसे भाव को लेकर आगे बढ़ते हो मानो

तुम्हें वैराग्य हो ही जाना

चाहिए लेकिन तुम में इतनी क्षमता नहीं

होती कि तुम उस मार्ग पर आगे बढ़ सको

तुम्हारा भय तुम्हें रोक डालता है मेरे

प्रिय वैराग्य जीवन का सत्य नहीं है यदि

ऐसा होता तो इस संसार में जितने भी मनुष्य

हुए हैं जो वैराग्य का रूप धारण करे हैं

उनके भीतर की सभी आकांक्षाएं मर जानी

चाहिए

थी उनके भीतर पाने की चाहत समाप्त हो जानी

चाहिए थी लेकिन क्या ऐसा होता है विचार

करना वो जो वैराग्य धारण करते हैं वो

भौतिक चीजों का तो त्याग कर देते हैं

किंतु चाहत का त्याग नहीं करते वह इस भ्रम

में जीते हैं कि उन्होंने चाहत का त्याग

कर दिया है लेकिन उनमें चाह बनी होती है

कभी परमानंद को प्राप्त करने की तो कभी

परमात्मा को प्राप्त करने की लेकिन चाहत

तो तब भी विद्यमान है मेरे प्रिय वह

मनुष्य वैरागी कहलाता है जो चाहत का ही

त्याग कर देता है फिर उसे इस बात से फर्क

नहीं पड़ता कि उसे परमात्मा मिल रहा है या

नहीं मैं तुम्हें वैरागी धारण करने को

नहीं कह रहा मैं तुम्हें संतुलित अलप वादी

जीवन जीने को कह रहा हूं जब तुम इस जीवन

के प्रक्रिया में आगे बढ़ो ग तो धीरे-धीरे

तुम यह जान पाओगे कि बहुत सी अनावश्यक

चीजें हैं जिनकी तुम फिक्र किया करते थे

और ऐसा करना महत्त्वपूर्ण है जो तुम पाना

चाहते हो वह सब कुछ तुम्हें तब प्राप्त हो

जाएगा लेकिन जब तक तुम उसे पाने के पीछे

भागते रहोगे कुछ भी हासिल होना संभव नहीं

है क्योंकि यह प्रकृति का नियम है जब तक

चीजों को छोड़ा नहीं जाता वह चीजें अपना

रूप अंतरित करके वापस नहीं

आती मेरे प्रिय मनुष्य केवल विचारों के दम

पर और पारिश्रमिक

[संगीत]

भाति अपने जीवन की गतिविधियों को देखता

रहता है तो वह पाता है वह वह धीरे-धीरे

निर्विचार हो रहा है और उसे वह सब कुछ

हासिल हो रहा है जो उसे पहले चाहिए था

मेरे प्रिय यह जीवन जीने का सबसे सार्थक

तरीका है और तुम्हें इसी और आगे बढ़ना है

तुम अब जीत को हासिल करने के बहुत करीब हो

इसलिए अपनी मानसिकता और अपने जीवन शैली

में बदलाव करो और सही मानसिकता के साथ

सत्य के मार्ग पर आगे बढ़ो और एक बात सदा

याद रखना कोई चाहे तुम्हारा साथ दे या ना

दे कोई चाहे तुम्हारी निंदा करे या

तुम्हारा सम्मान करे तुम्हें इससे घबराना

नहीं है तुम्हें इससे विपरीत नहीं लेना है

क्योंकि मैं सदैव तुम्हारे साथ हूं मेरा

आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ है मैं नियमित

रूप से तुम्हारे पास ही

हूं और तुम्हारी गतिविधियों का आकलन कर

रहा हूं मैं तुम्हें जीत दिलाऊंगा तुम्हें

किसी और की ना तो चाटुकारिता की आवश्यकता

है ना तो किसी और से किसी भी तरह के सहयोग

की पेशा होनी चाहिए मैं सदा तुम्हारे साथ

हूं सदा सुखी रहो मेरे आने वाले संदेशों

की प्रतीक्षा करना मैं तुम्हारा मार्ग

दर्शन करने फिर आऊंगा तुम्हारा कल्याण

होगा

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