चम्बल की लेडी सिंघम का भगवाधारियों को खुला चैलेंज!

जैसे लड़के मुझे देख कर के सीठी मारते थे
स्कूल में मैं उनके सामने खड़े होकर डबल
सीठी मारती थी आ जाओ बेटा मैं तुम्हारी
बराबरी करने के लिए तैयार हूं एक बार एक
लड़के ने मुझे छेड़ा और बाइक में था उसने

कहा आजा मेरी गाड़ी में बैठ जा और मैं तो
थी बदतमीज मैंने कहा बेटा आज तो तुझे बता
के रहूंगी रोज-रोज का तमाशा तुम लोगों का
ठीक नहीं है और मैं गई और मैंने उसके कमर

में हाथ डाला और बैक एक एक हाथ में कमर
डाला एक से मैंने बाइक पकड़ी मैंने कहा
बेटा तू लेके चल मुझे जहां लेके जाएगा तो
लड़का डर गया कह ले मैंने तुझे नहीं बोला
मैंने कहा मुझे पता है तूने मुझे भी बोला
आज तो मैं बेटा तेरे साथ ही जाऊंगी आज

कहां लेके जाएगा मुझे तू हमारे गांव में
एक 5 गांव के मुखिया होते थे कोई भी महिला
उस समय तो 1212 13 13 साल की शादी हो जाती
थी कोई भी बच्चे की अगर शादी होके आती थी
तो पहले उस मुखिया के यहां पर उससे भेजा
जाता था अगर उस मुखिया को अगर दो दिन चार
दिन छह दिन लड़की और भी ज्यादा पसंद आ गई

तो वह 10 दिन भी उसको अपने साथ में रखता
था और वो अपने साथ में ही रख के अब आप समझ
सकते हैं कि उसके साथ में में क्याक
अत्याचार होता होगा मेरे ताऊ ने इस चीज को

बर्दाश्त नहीं किया और वह मेरे ख्याल से
फूलन देवी के ग्रुप में जाकर शामिल हो गए
और उन्होंने भी समाज के लिए बहुत ज्यादा
लड़ाई लड़ी तो मेरे लिए तो मैं आपको ब्लीव
नहीं करूंगी मेरे लिए तो गुरु भी है मेरे
लिए तो भगवान भी और मेरे लिए प्रेरणादायक
भी बाबा साहब तो हैं लेकिन फूलन देवी उससे

वो भी मेरे लिए बहुत बड़े हैं जब मैं
स्कूल से जाती थी तो बहुत सारे लड़के
छेड़ते थे अब छेड़ते से लिए थे कि भाई एक
दलित लड़की है और वो भी स्कूल के लिए जा
रही है दब किसी से भी नहीं है और मैं सच
में बड़ी बदतमीज थी मतलब और कहीं ना कहीं
से मुझे समाज ने ही बदतमीज बनाया था मैं

मैं एक नॉर्मल घर की गरीब घर की लड़की थी
कोई जब छेड़ता था कोई बोलता था तो कितना
मैं बर्दाश्त कर सकती थी एक हद तक
बर्दाश्त करती थी जैसे लड़के मुझे देख कर
के सीठी मारते थे स्कूल में मैं उनके
सामने खड़े होकर डबल सीठी मारती थी आ जाओ
बेटा मैं तुम्हारी बरोवरी करने के लिए

तैयार हूं
और घर में हमेशा शिकायत आती थी कि आपकी
बेटी ने ये बदतमीजी कर दी तो मेरे मेरा
बड़ा भाई प्लास्टिक की शटर तैयार रखता था

और जैसे मैं घर में आती थी जिस दिन पंगा
करके आती थी मारपीट बहुत ज्यादा मैं
लड़कों के साथ करती थी और मेरा भाई जो है

ना शटर से मुझे मारना शुरू कर देता था
चार-चार दिन तक मैं विस्तर से नहीं उठ
पाती थी क्योंकि उसको यह डर लगता था ये
कहीं लड़कों साथ मारपीट करके आती है कहीं
इसके साथ में कोई और बड़ा हादसा ना हो जाए
कहीं इसका मर्डर ना हो जाए बहुत बार ऐसा
हुआ भी मेरे साथ में हादस कई बार कोशिश
हुई एक बार एक लड़के ने मुझे छेड़ा और

बाइक में था उसने कहा आजा मेरी गाड़ी में
बैठ जा और मैं तो थी बदतमीज मैंने कहा

बेटा आज तो तुझे बता के रहूंगी रोज-रोज का
तमाशा तुम लोगों का ठीक नहीं है और मैं गई
और मैंने उसके कमर में हाथ डाला और बैक एक
एक हाथ में कमर डाला एक से मैंने बाइक
पकड़ी मैंने कहा बेटा तू लेके चल मुझे

जहां लेकर जाएगा तो लड़का डर गया कहले
मैंने तुझे नहीं बोला मैंने कहा मुझे पता
है तूने मुझे भी बोला आज तो मैं बेटा तेरे
साथ ही जाऊंगी आज कहां लेकर जाएगा मुझे
तू तो वो लड़का घबरा गया इतने में हमारे

आसपास की और लड़कियां थी कुछ जो साथी मेरे
जो हम लोगों ने टीम बनाई थी क्योंकि मैं
बहुत कम एज में मैंने एक दलित क्रांतिकारी
सेना बना लिया था जब मैंने हाई स्कूल अ
हाई स्कूल भी नहीं कर पाई थी तब मैंने एक

दलित क्रांतिकारी सेना का एक संगठन बनाया
था पूरे पूरे जिले में मैं चलाती थी उस
संगठन को और मैं उस लड़के के पीछे पड़ गई
आज तो मैं तेरे साथ ही जाऊंगी वो लड़का
माना नहीं लड़का डर गया और मैंने उसको ऐसा
मारा मेरे साथ-साथ कई सारी लड़कियों ने को

मारा इतनी बुरी तरीके से मुझे पहली बार
ऐसा महसूस हुआ कि मैंने तो दो चार ही मारे
हैं लेकिन लड़कियों ने उसको भूसा बना दिया
था यह पहली आवाज यह पहली आवाज उठी थी मतलब
मेरे कस्बे से और एक बार मेरे प्रिंसिपल

साहब जब यहां पर आए दिल्ली महिला आयोग के
ऑफिस में आए तो रो के बता रहे थे कि
बिटिया जिस दिन से तूने वह कांड किया आज
उस दिन से लेकर आज तक किसी लड़के ने किसी
लड़की को छेड़ा

नहीं तो मैंने जाति प्र के खिलाफ लड़ाई
लड़ी मैंने पर्दा के पर्दा प्रथा के खिलाफ
लड़ाई लड़ी और जो महिलाओं के साथ में
अत्याचार हो रहे थ उसके खिलाफ लड़ाई लड़ी
और जब गांव से निकली तो मेरे साथ में कई
सारी लड़कियां जो स्कूल आज जा रही है आज
पूरा का पूरा गांव की बच्चियां स्कूल जाती

है कदौरा जो 8 किलोमीटर दूर पर पड़ता है
सारी बच्चियां स्कूल के लिए जा रही है वह
मेरे लिए बहुत बड़ी बात है इतनी गरीबी
हालत में मैंने स्वयं सहता समूह का काम
करती थी गांव-गांव में जाती थी संगठन
बनाती थी महिलाओं को जागरूक करती थी और

मैं आपको एक बात बताना चाहूंगी जागृत करने
का एक नतीजा यह भी रहा कि जब उनको समझाती

थी कि हमारे साथ में ऐसा होता है महिलाओं
के साथ ऐसा अत्याचार होता है तो एक महिला
के साथ में एक खेत में एक हाई कास्ट के
बंदे ने उसके साथ रेप करने की कोशिश की तो
वह आप बिलीव कर सकते हो वह कहीं ना कहीं
से वह आग महिला के अंदर जो मैंने भरी थी

उसने हसिया से ही उसकी बॉडी का पार्ट काट
दिया वो सबसे बड़ी मेरे लिए खुशी की बात
थी और व बं कम से कम तीन चार महीने
हॉस्पिटल रहा आज तक भी वो संतुलन नहीं है
उसका ठीक से क्योंकि उसका पूरा शरीर ही
खत्म हो चुका है तो मैंने स्वयं सता समूह
का काम किया एलआईसी का काम किया सहारा का
काम किया और मैं स्कूल से निकलती थी स्कूल

से छुट्टी होने के बाद में हर दुकान दुकान
दुकान जा जा के कहीं से ₹ कहीं से ₹10
कहीं से ₹ ले लेकर कलेक्शन करती थी और जो
कमीशन मिलता था मैं उस कमीशन से मैं खुद
पढ़ाई करती थी अपने भाइयों को पढ़ाई कराती

थी और अपने घर का गुजारा भी करती थी घर
वालों ने बहुत रोका लेकिन मैंने कहा मैं
रुकूंगा बताना चाहती हूं कि मैं मैंने
राजनीति क्षेत्र में क्यों कदम
रखा मेरे साथ में मेरे एक रिश्तेदार हमारे
घर में रहते घर में आए थे तो आ 10 दिन से

लगातार हमारे घर में थे जैसे शशि जी ने
कहा कि 80 पर केसेस जो महिलाओं के साथ में
घटते हैं या बच्चियों के साथ में घटते
लड़कियों की बात नहीं करते लड़कों के साथ
सा भी घटते हैं वो उनके परिवार के

रिश्तेदार के आसपास के लोग होते हैं जो
बच्चों के साथ में ऐसी घटनाएं होती हैं तो
मैं छोटी थी सातवी छठवीं सातवी क्लास में
थी इतना मुझे समझ में आने लगा था अच्छा

अच्छा नहीं लगता था तो मैं अपनी मम्मी से
बोलती थी मम्मी आप ना इसको घर से बाहर
इसको हटा दो मुझे अच्छा नहीं लगता यह आदमी

आप इसको बोलो कि यह यहां से जाए तो मम्मी
बोलती थी नहीं नहीं तुम्हें ऐसा लगता है
कि तुम्हें चूल्हे में चार पांच रोटी और
स्टर बनानी पड़ती है इसलिए तुम ऐसा बोलती
हो और एक दिन नतीजा यह हुआ कि मैं सो रही
थी और सारे लोग एक साथ में सो रहे थे मैं

किनारे में सो रही थी वो बंदा मेरे पास
आया मुझे बुरी तरीके से चपेट लिया मेरे
मुंह से मुंह लगाया हुआ था और मैं
चिल्लाने लगी और मैंने अपनी मां से बोला
कि ये मेरे साथ गलत करने की कोशिश कर रहा
था मेरी मां ने बोला कि अपनी आवाज यहीं की

यही दबा दे यह हकीकत है और यह ऐसा होता है
कि अगर लड़की आवाज उठाएगी या हमने अपनी

लड़की की आवाज उठाई तो हो सकता है कि इसका
रिश्ता ना हो इसकी शादी ना हो

 

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