चिंता मत करो इसे सुनो नहीं तो बहुत रोना पड़ेगा

यह मतलब की दुनिया है दोस्त यहां कभी कोई
किसी का नहीं होता सबको खुद से मतलब है
किसी और से किसी और को कोई वास्ता नहीं
होता जब मैंने अपने सबसे खास दोस्त को

बदलते हुए देखा तो मुझे यकीन हुआ कि चाहे
कोई कितना भी अच्छा क्यों ना हो कभी कोई

किसी का नहीं होता यह बात जान लो आप कि
कोई किसी का अपना नहीं होता जब तक आपके
पास पैसा है तब तक सब आपके है ना जाने
कैसे इस मतलबी दुनिया में आके फस गई हर

तरफ से मैं मतलबी लोगों से गिर
गई कुछ खास रिश्ते कुछ यूं बिखर गए कोई
किसी का कभी सगा नहीं होता यह सिखा

गए यहां हर कोई हर किसी के अच्छे वक्त में
साथी होता है कम वक्त मुश्किल वक्त में ही
सब साथ छोड़ जाते है हमने काफी कुछ सहा है
और सब सहने के बाद यह एहसास हुआ कि यह सच

यह कोई किसी का नहीं
होता मैं खड़ी रही बिना मतलब के लोगों के
साथ उनकी मुसीबत में जब मैं पड़ी मुसीबत
में कोई नहीं आया मेरे
पास यह जलने वाले लोगों का जमाना है आप
कामयाब तो बनो फिर देखो कोई आपसे नहीं
होगा कितना मुश्किल होता है खुद को यह
समझाना कि आपके सब अपने मतलबी है मतलब
खत्म तो रिश्ता खत्म इस मतलबी दुनिया में

आपका कभी कोई नहीं होगा आपकी आंखों में
आंसू होगा मगर पूछने वाला कोई नहीं
होगा सब बोलेंगे कि हम है आपके साथ बुरे
वक्त में मगर जब बुरा वक्त होगा तब कोई
नहीं नहीं

होगा किसकी कहानी किसको सुनाऊ किसको मैं
और क्या बताऊ जिसे देखो वह मतलबी है यहां
कोई किसी का सगा नहीं
यहां हो जाएगा जिस दिन इन सभी का मतलब

पूरा यह सभी मुझे भूल जाएंगे यह किसी के
कभी अपने नहीं होते तो मेरे कहां से
होए बिना बात के भी बातें बनाने लगते हैं
यहां हर कोई एक दूसरे से बिना बात के जलने
लगते हैं यहां लोग सिर्फ तमाशा देखने के

लिए आते हैं जनाब मुसीबत में कोई भी आपके
साथ खड़ा नहीं होगा जिम्मेदारी के बोझ तले
दब गए हम अकेले लड़ रहे हैं परेशानियों से
कोई साथ नहीं है

हमारी अजीब सी कसमस में उलझी पड़ी है
जिंदगी यहां कहीं सुकून की तलाश कहां कोई
किसी का साथी नहीं मुश्किल घड़ी में हम
जाए कहां
जब किसी को आपकी जरूरत खत्म हो जाती है तो
उनका बोलने का तरीका भी बदल जाता
है इस मतलबी दुनिया में हर कोई बदल जाता

है जब उनको कोई आपसे बेहतर मिल जाता है आज
की मतलबी दुनिया में कौन किसे दिल में जगह
देता है यहां तक के पेड़ भी अपने सूखे
पत्ते गिरा देता है गड़ा भी पहले अपनी
प्यास बुझाता है कौन है यहां जो मतलबी

नहीं है
और कोई नहीं होता किसी का आपके अपने आप
खुद है इस दुनिया में अपनों को ही दबाकर
आगे निकलने के लिए अपने ही युद्ध करते हैं

पूरी दुनिया देखती ख्वाब महलों की और जो
महलों में है उन्हें नींद नहीं आती है मदद
करने से मैं घबराने लगी हूं समझते हैं लोग
मैं मतलब योग की सगी हू मतलब पूरा होने के
बाद लोग बोलना तो दूर देख ना भी छोड़ देते
हैं आज अगर आप किसी को अपनी समस्या बताओगे

तो लोग मदद नहीं करेंगे बल्कि दूर चले
जाएंगे दुनिया का यह दस्तूर मुझे जरा भी
नहीं पाता है जखम उसको मिलता है जिसे सहना
आता
है आज के इस मतलबी युग में अकेला चलना सीख
लो जरूरी नहीं जो आज तुम्हारे साथ है व कल

भी तुम्हारे साथ होगा आंखों से देखकर नहीं
दिमाग की समझ से चलना मेरे दोस्त क्योंकि
ठोकर बेजान पत्थर से कम और दिमाग वालों से
ज्यादा लगती है क्योंकि इस बेरहम दुनिया
में कोई किसी का सगा नहीं होता अपनों की

दी हुई चोट में आवाज नहीं दर्द होता है
क्योंकि परायो की चोट तो दिखा सकते हैं
अक्सर अच्छे वक्त में आपसे हाथ छड़कर
मिलने वाले लोग ही आपके बुरे वक्त में
आपका हाथ छोड़ देते हैं और तभी सम जाता है
कि दुनिया में कोई अपना नहीं होता

है कहते हैं कि सिर्फ नसीब वालों को अपने
नसीब होता है लेकिन यहां तो अपनों की वजह
से ही नसीब खराब है दुनिया को झूठे लोग ही
पसंद आते हैं थोड़ी सी सच्चाई कह देने से
आजकल अपने ही रुठ जाते हैं कितने मासूम
होते हैं यह आंसू भी यह गिरते उनके लिए है
जिन्हें परवाह तक नहीं होती

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