चुनाव 2024: अदिति सिंह ने बदली सोनिया गांधी की संसदीय सीट? कांग्रेस की नाराजगी की वजह क्या?

देश में होने वाले आम चुनाव से पहले
कांग्रेस सवालों के घेरे में आ गई है सवाल
कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी से जुड़ा है

कि आखिर क्या वजह है कि सोनिया गांधी को
अपनी परंपरागत सीट छोड़कर राजस्थान जाना
पड़ा सोनिया को रायबरेली से किनारा क्यों
करना पड़ा उन्होंने लोकसभा चुनाव से दूरी
क्यों बनाई हर कोई इन सवालों के तह में

छिपी सच्चाई को जानना चाहता है सवाल है कि
सोनिया गांधी के इस बड़े फैसले के पीछे
निजी कारण है या फिर कोई सियासी

रणनीति राजनीतिक जानकार इसके पीछे दो
मुख्य वजह मानते हैं पहला यह कि बीजेपी इस
बार रायबरेली लोकसभा सीट से अदिति सिंह को
चुनावी मैदान में उतार सकती

है तो अगर आदित्य सिंह सोनिया गांधी के
गढ़ में खड़ी होती हैं तो वो उन्हें टक्कर
देने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी एक तो

आदित्य सिंह रायबरेली के सियासत में सबसे
बड़ा चेहरा है दूसरा उनके पिता अखिलेश
सिंह के भी समर्थकों का उन्हें पूरा
सपोर्ट है और तीसरा महिला का यानी कि

कांग्रेस को पता है कि अगर अदिति सिंह को
बीजेपी उम्मीदवार बनाती है तो सोनिया के
हारने के चांस ज्यादा
है कुछ दिनों पहले एक सर्वे भी हुआ था
जिसमें यह बात सामने आई थी कि सोनिया
गांधी के लिए इस बार का लोकसभा चुनाव काफी
टफ हो सकता है वहीं दूसरी बड़ी वजह सोनिया
गांधी की सेहत और उम्र है सूत्रों के
मुताबिक सोनिया गांधी की तबीयत पहले जैसी
ठीक नहीं रहती यही वजह है कि वह रायबरेली
में जाकर जनता से सीधा संवाद नहीं कर पाती
और अगर कांग्रेस उन्हें रायबरेली से

लोकसभा का टिकट देती तो चुनाव प्रचार कौन
करता यानी कि वह एक्टिव पॉलिटिक्स में
हिस्सा नहीं ले सकती क्योंकि सोनिया गांधी
करीब 5 साल से अपने संसदीय क्षेत्र के
दौरे पर नहीं गई हैं इसके पीछे कांग्रेस

हमेशा से सोनिया गांधी की खराब सेहत का
हवाला देती आई
है इसके अलावा कांग्रेस सूत्रों की माने
तो सोनिया पार्टी को एक क्षेत्र में
केंद्रित पार्टी के रूप में प्रदर्शित

नहीं करना चाहती दरअसल राहुल केरल की
वायनाड सीट से लोकसभा सांसद हैं तो वहीं
मल्लिकार्जुन खड़गे कर्नाटक से इसलिए

सोनिया के लिए उत्तरी राज्य में रहने का
फैसला लिया
गया मतलब साफ है कि सोनिया गांधी पर
कांग्रेस राहुल गांधी की तरह हार का सबसे
बड़ा धब्बा नहीं लगाना चाहती इसलिए उनकी
सेहत के मद्देनजर सबसे सुरक्षित जगह

राजस्थान चुना गया बहरहाल अब आने वाले
2024 के चुनाव के नतीजे ही बताएंगे कि
अमेठी की तरह राय बरेली भी कांग्रेस से
छीन जाएगी या फिर यह किला कांग्रेस के पास
ही बरकरार
रहेगा

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