जीत कर सबको सबक सिखाने की बारी आ गई है 111

मेरे प्रिय बच्चे आज मैं तुम्हें एक विशेष

उद्देश्य से यह संदेश भेज रहा हूं और तुम

तक शीघ्र अति शीघ्र यह संदेश पहुंचाना

आवश्यक भी है मैं जानता हूं कि यह संदेश

तुम तक पहुंचने से रोका जाएगा कभी

तुम्हारा मन तो कभी विशेष कारण इसे रोकने

का प्रयास

करेंगे क्योंकि यह वही समय है जब तुम्हारे

सपनों की ओर तुम्हारा पहला कदम उठाया

जाएगा तुम्हारे द्वारा उठाए गए कदम नई

परिस्थितियों का निर्माण करेंगे और यह

परिस्थितियां तुम्हारे आने वाले सुंदर्य

भविष्य का निर्धारण

करेंगे मेरे प्रिय यही कारण है कि तुम्हें

इस संदेश को पूरा सुनना है किसी भी

परिस्थितियों में इसे बीच में छोड़कर नहीं

जाना है आकाश में विचड़ करने वाले चंद्रमा

की स्थिति भी समय-समय पर बदलती रहती है

इसी तरह से मनुष्य की ऊर्जा भी बदलती रहती

है और मनुष्य के जीवन में तरह-तरह के

परिवर्तन नाते रहते हैं आज से कुछ वर्षों

पूर्व तुमने जो लक्ष्य निर्धारित किया था

वही लक्ष्य तुम्हारा अभी भी हो यह बिल्कुल

आवश्यक नहीं है तुम निरंतर बदल रहे हो

निरंतर तुम्हारी ऊर्जा बदल रही है यदि तुम

अपना मूल्यांकन करोगे तो इस बात को गहराई

से समझ पाओगे वास में अब अपने भीतर झाक

करर तुम्हें खुद से ही कई प्रश्नों का

जवाब ढूंढना होगा अब वह समय आ गया है जहां

तुम्हें एक बार फिर से सटीक प्रयत्न करने

होंगे आत्म मनन करते हुए अपने लक्ष्य की

एक सूची बनानी होगी आज से कुछ वर्षों

पूर्व तुम्हारी जो स्थिति थी अब उसमें

बदलाव हो रहा है तुम्हारी इच्छाओं में

बदलाव हो रहा है मेरे प्रिय जैसे ही तुम

अपने मन में जागकर देखोगे तुम्हें अपना

नवीन लक्ष्य प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देगा

और उसी और तुम्हें अपना पहला कदम बढ़ाना

है तुम्हें सफलता अवश्य

मिलेगी क्योंकि तुम वह हो जिसे मैं समंदर

से भी गहरा तत्व देना चाहता

हूं मेरे प्रिय तुम हारते तभी हो जब तुम

प्रयास करना छोड़ देते हो जब मनुष्य

प्रयास करना नहीं छोड़ता तो उसे कोई हरा

नहीं सकता और अब मैं तुम्हारी जीत तय करने

आया हूं तुम कितने भाग्यशाली हो अभी

तुम्हें इसका ज्ञान नहीं है लेकिन

धीरे-धीरे तुम यह जान

जाओगे एक ऐसा जीवन जो सभी जीवों में

श्रेष्ठ है वह मानव का जीवन है और तुम जो

कि विभिन्न योनियों को महसूस कर चुके हो

विभिन्न योनियों में जन्म ले चुके हो अब

तुम्हें यह जीवन मिला है तो इसके पीछे एक

बहुत बड़ा उद्देश्य ही था प्रिय बच्चे

मानव शरीर में तुम ईश्वर की भक्ति के चरम

शिखर को भी स्पर्श करने वाले हो केवल इतना

ही नहीं मानव शरीर में रहते हुए तुम अपने

उस महान उद्देश्य को भी पूरा कर पाओगे

जिसके लिए तुम्हें इस भूलोक पर भेजा गया

है प्रिय आज तुम तुम्हारे पास भले ही

संसाधन का अभाव हो लेकिन भविष्य ऐसा नहीं

रहेगा तुम्हारे भविष्य का निरंतर निर्माण

हो रहा है तुम्हारे द्वारा ही यह सृजन

किया जा रहा है तुम्हारे बुद्धि तुम्हारे

विवेक के द्वारा कुछ ऐसा रचित किया जा रहा

है जिसका भी तुम्हें ज्ञान नहीं लेकिन जो

अपने आप में ही सर्वश्रेष्ठ है तुम ना ही

कल का इंतजार करो और ना ही जो बीत गया है

उसका पचतावा करो अब इससे कोई फर्क नहीं

पड़ता तुम्हारे लिए नेक संभावनाओं के

द्वार अब खुल रहे हैं अब जबक तुम पहला कदम

उठाओगे तुम्हें प्रत्येक क्षण कुछ ना कुछ

नया अनुभव होने वाला है और मुझे पूर्ण

विश्वास है कि तुम इस उद्देश्य को आगे

लेकर जाते

रहोगे और अपने उस सपने को पूरा करोगे जो

तुमने देवलोक से देखा है जो मैंने

तुम्हारे लिए देखा है जो पूरा करना

तुम्हारे लिए अत्यंत आवश्यक है अब तुम

अपने गहराई में उतरने वाले हो अब तु तुम

अपने हृदय के बीच में बसे उस चक्र को

जागृत करने वाले हो जहां से तुम्हारे लिए

ना केवल आदेश उत्पन्न होता है बल्कि जहां

से प्रेम और करुणा का भी जन्म होता है

मेरे प्रिय बच्चे तुम्हें शायद अभी ज्ञान

नहीं कि तुम्हारे जीवन में कैसी-कैसी

घटनाएं घटित हो रही है तुम केवल वही देख

पा रहे हो जो तुम्हारे आंखें देखना चाहती

है जो तुम्हारा हृदय देखना चाहता है जो

तुम्हारी यह भौतिक आंखें और यह भौतिक मन

तुम्हें दिखाना चाह रहा है लेकिन जब तुम

गहराई से अपने भीतर झा

कोगे जब तुम अपने कर्मों का मूल्यांकन

करोगे जब तुम शांत जगह पर बैठकर दुनिया के

जंजा वातो से दूर विभिन्न प्रकार के

यंत्रों से

दूर विभिन्न प्रकार के ककस से विभिन्न

प्रकार के कोलाहल से लोगों के ऊर्जा तंत्र

से भीड़ भाड़ से अपने परिवार से जरा दूर

होकर स्वयं के साथ एक कलम और कागज के साथ

बैठोगे और उस पर अपने मौलिकता को अंकित

करोगे अपनी भावनाओं को लिखने का प्रयास

करोगे तब तुम यह समझ पाओगे कि तुम्हारे

भीतर क्या चल रहा है तुम्हें शांति से

अपने भीतर झांकने की आवश्यकता है तुम्हें

गहराई से अपने भीतर उतरना होगा अपने आप से

कई प्रश्न करने होंगे अपने आप से सबसे

पहला प्रश्न तुम्हारा यह है कि तुम्हें

अपने आप से यह पूछना है कि ऐसा कौन सा

कार्य है या ऐसी कौन चीज है जिस पर

तुम्हें गर्व महसूस होना चाहिए ऐसी कौन सी

योग्यता है जिस पर तुम्हें गर्व महसूस

होना

चाहिए लेकिन तुम उसे बार-बार अनदेखा करते

हो तुम उस पर बार-बार गर्व ना महसूस करके

उसे बहुत तीक्षण मान लेते हो यह प्रश्न

तुम्हें अपने आप से करना है और इसका जवाब

तुम्हें लिखित रूप में लिखना भी है ऐसा

करना तुम्हारे लिए आवश्यक है इसके साथ ही

तुम्हें दूसरा प्रश्न भी अपने आप से करना

है

तुम्हें अपने आप से पूछना है कि ऐसी कौन

सी गलती है जो तुम्हें लगता है कि तुम

भविष्य में निश्चित तौर पर करोगे मेरे

प्रिय इस तरह से तुम्हें अपने आप का

मूल्यांकन करते रहना है यह तुम्हारे लिए

अभी बहुत आवश्यक है तुम्हारे जीवन में

ग्रहों की चाल बदल रही है कुछ ग्रह एक ही

घर में एकत्रित हो रहे हैं इसलिए तुम्हारे

जीवन में जो दशा बन रही है उसके अनुसार

तुम्हें अभी सतर्क रहने की आवश्यकता है

मनुष्य को सतर्क तब किया जाता है जब या तो

उसके ऊपर बहुत बड़ा संकट आने वाला होता है

या फिर वह अपने जीत के बहुत करीब होता है

मेरे प्रिय तुम अपने जीत के बहुत करीब हो

निरंतर तुम्हें यह बताया जा रहा है कि तुम

जीतने वाले हो लेकिन फिर भी यदि तुम उस तक

नहीं पहुंच पाए तो उसमें कौन सी अवरोध आ

रही है तुम्हें अपने आप से यह प्रश्न करना

है क्योंकि जीत तुम्हारे सामने ही खड़ी है

लेकिन कुछ ऐसा है जो निरंतर तुम्हें रोक

रहा है तुम्हें उसका विचार करना है अपने

जीवन को शांत जल की भाती बहाते जाना है

फिर तुम देखोगे चमत्कार घटित होगा एक ऐसा

चमत्कार जो तुम्हें सदा से ही चाहिए था यह

चमत्कार तुम्हारे जीवन के लिए अत्यंत

आवश्यक है मेरे प्रिय गहराई से अपने मन

में झांक अपने भीतर उतरो और देखो कि ऐसा

क्या है जो तुम्हें रोक रहा है तुम जीत को

हासिल करने के बहुत ज्यादा करीब हो अपने

आप से प्रश्न करो और जीत को अपना लो मेरे

प्रिय बच्चे मैंने तुम्हें कभी भी अकेला

नहीं छोड़ा मैंने तुम्हें कभी भी किसी भी

परिस्थिति में हारने नहीं दिया यदि तुम

गौर से इसका विचार करोगे केवल तभी तुम यह

जान पाओगे जो मैं तुम्हें बता रहा हूं मैं

तुम्हें निरंतर संकेत भेज रहा

हूं लेकिन तुम मेरे उन संकेतों को अनदेखा

किए जा रहे हो तुम उन संकेतों पर ध्यान

नहीं दे रहे हो यह संकेत विभिन्न रूपों

में तुम्हें प्राप्त हो रहे हैं तुम्हें

समझना होगा कि ब्रह्मांड सर्वत्र फैला हुआ

निराकार सत्ता का स्वामी है इसलिए यदि

नियति द्वारा तुम तक कोई बात पहुंचाई

जाएगी तो तुम्हारे वातावरण में ही उपस्थित

तुम्हारे जानकारी में ही ज्ञात चीजों के

माध्यम से तुम तक पहुंचाई जाएगी तुम्हें

इस बात को समझना होगा तुम तक निरंतर संकेत

भेजे जा रहे हैं बहुत सारे आवृत्ति तुम तक

पहुंचाई जा रही है लेकिन तुम उसके गहराई

में नहीं उतर पा रहे हो और एक ऐसा व्यक्ति

है जो निरंतर तुम्हें प्रेम की आवृत्ति

यां भेज रहा है वह अपनी आवृत्ति से

तुम्हें सामंजस्य से बिठाने का कार्य कर

रहा है वह निरंतर तुम्हारे आयाम तक

पहुंचने की कोशिश में लगा हुआ है वह

निरंतर तुम्हें प्रेम भेज रहा है ताकि

तुम्हारा जीवन वह बदल सके वह तुम्हारे

द्वारा तुम्हारे कर्मों के द्वारा उत्पन्न

हुआ एक ऐसा कर्मयोगी जीव है जो तुम्हारे

जीवन को बदलने आया है वह तुम्हें प्रेम

करना चाहता है वह तुम्हें असीम प्रेम भी

देना चाहता है और इस प्रेम के माध्यम से

तुम्हारे मन मस्तिष्क में जो बदलाव होगा

यह बदलाव तुम्हें ऐसी प्रगति की ओर ले

जाएगा जिस प्रगति को पाने के बाद हर कोई

केवल तुम्हारी बढ़ाई ही करेगा हर कोई केवल

तुम्हारी प्रशंसा ही करेगा लेकिन पहले

तुम्हें उस प्रेम को स्वीकारना होगा पहले

तुम्हें उस प्रेम को अपने दिल में उतारना

होगा उस प्रेम को स्वीकारने के लिए

तुम्हें अभी इसकी पुष्टि करनी होगी संख्या

लिखकर तुम्हें इसकी पुष्टि करनी

होगी संख्या अभी लिखो साथ ही यह भी

लिखो प्रेम की आवृत्ति को स्वयं से मिलाने

को तैयार हूं मैं प्रेम के माध्यम से जीत

को प्राप्त करना चाहता

हूं मैं किसी को सबक नहीं सिखाना चाहता

मैं चाहता हूं कि जीवन गतिशील रहे और

निरंतर प्रगति की ओर ही बढ़ता रहे मेरे

प्रिय बच्चे तुम्हें निरंतर प्रगति का

ख्याल करना होगा तुम्हें निरंतर अपने

कार्यों में जीत को ढूंढना होगा चाहे कैसी

ही परिस्थिति क्यों ना हो चाहे तुम्हें

कितने ही दुख क्यों ना मिल

जाए चाहे तुम्हें लगे कि हार तुम्हारे

समक्ष ही खड़ी करना है उन विषम

परिस्थितियों में भी तुम्हें जरा भी भयभीत

नहीं होना है तुम्हें उम्मीद नहीं खोनी है

और ना ही अपनी हार स्वीकार करनी है किसी

भी हाल में किसी भी परिस्थिति में किसी भी

क्षण में तुम्हें नकारात्मक नहीं होना है

सदा सकारात्मकता का विचार करो और यह विचार

अपने मन में उत्पन्न करो कि ईश्वर सदैव

तुम्हारे साथ है चाहे तुम सही करो चाहे

तुम गलत करो चाहे तुम इस संसार के सबसे

गलत प्राणी ही क्यों ना हो जाओ उन

परिस्थितियों में भी ईश्वर तुमसे अपना हाथ

नहीं उठाएगा किसी के मन में लाख गलतियां

तुम्हारे लिए उत्पन्न होती रहे कोई चाहे

तुम्हारी निंदा करे चाहे तुम्हें उकसाने

का कार्य करें तुम्हें किसी भी परिस्थिति

में अपने आप को नहीं खोना है अपने संयम को

नहीं खोना है बहुत सारे लोग निरंतर

तुम्हारे ऊपर चीता कासी करते रहते

हैं निरंतर तुम्हें भला बुरा कहते रहते

हैं उनका आदेश यही होता है कि तुम उनकी

बातों को अपने हृदय से लगा लो और अपना

जीवन बर्बाद कर लो तुम कई बार उन्हें जवाब

देना चाहते हो और उन्हें जवाब देने की चाह

में उन बेवजह की लड़ाइयां करते रहते हो

वास्तव में मेरे प्रिय व यही चाहते हैं और

इस तरह उनकी जीत हो जाती है मेरे प्रिय

बच्चे तुम्हें इसलिए गहराई से सोचना होगा

कि क्या तुम्हें अपना व्यर्थ का समय उसमें

गवाना है या नहीं जब मैं बात करता हूं जीत

की तो तुम्हें इसकी गहराई में उतरना होगा

जीत का अर्थ क्या है जीत का अर्थ

नकारात्मक और सकारात्मक दोनों ही हो सकता

है यह तुम्हारे ऊपर निर्भर करता है कि तुम

जीत को किस दिशा में ले जाना चाहते हो यदि

तुम किसी को हराना चाहते हो किसी के प्रति

ईर्षा करते हो किसी के प्रति जलन करते हो

या किसी को भला बुरा कहते हो तो ऐसा उसके

साथ हो जाता है उसकी हानि हो जाती है और

उसके बाद यही तुम्हारी जीत हो जाती है

जिसके बदले में तुम्हें कुछ भी हासिल नहीं

होता कुछ भी प्राप्त नहीं होता और इस तरह

तुम्हारी वह जीत बर्बाद हो जाती है उस जीत

का तुम तुम्हारे लिए कोई महत्व तो नहीं रह

जाता फिर तुम अपने आप से प्रश्न करते हो

कि आखिर तुम्हें जीत को हरा देना भी जीत

होती है लेकिन तुम्हें कैसी जीत चाहिए

तुम्हें केवल उसका विचार करना होगा यदि

तुम जीत को अपनी पद प्रतिष्ठा मान सम्मान

पर झुकाना चाहते हो यदि तुम जीत को धन और

दूसरों की नजर में अपने आदर सत्कार को

मानते हो यदि तुम जीत को सहज और सरल जीवन

के रूप में मानना चाहते हो यदि तुम जीत को

समृद्धि से भरे हुए जीवन सहजता से भरे हुए

जीवन एशो आराम से भरे हुए जीवन के रूप में

मानना चाहते हो तो जो तुम्हें चाहिए तुम

निरंतर केवल उसी के बारे में सोचो वही

तुम्हारे लिए प्रधान होना चाहिए वही

तुम्हारे लिए प्राथमिक होना चाहिए बाकी सब

विषय बाकी सभी बातें तुम्हारे लिए मौन हो

जानी चाहिए जब तुम अनावश्यक चीजों का

विचार नहीं करते जब तुम अनावश्यक

व्यक्तियों का विचार नहीं करते हो जिनका

कोई महत्व नहीं उनके बारे में नहीं सोचते

हो तब तुम केवल अपनी उस प्रगति की ओर

बढ़ते हो जो सकारात्मक होती है तब तुम्हें

वह जीत हासिल होती है जिसको तुम चाहकर भी

कोई तुम्हें उस मामले में जीत नहीं दिला

सकता जो सहजता तुम चाहते हो बल्कि इस

मामले में तुम्हारी जीत दूसरों के हानि पर

टिकी होगी लेकिन उसका अंतता तुम्हें कोई

विशेष लाभ नहीं होगा इससे तुम्हारा अहंकार

तो तृप्त हो जाएग लेकिन तुम जीवन के वैभव

को भोग ना सकोगे इसलिए तुम्हें गहराई से

विचार करना होगा अपनी जीत का और गहराई में

उतर कर सोचना होगा कि तुम्हारे लिए जीत के

क्या मायने हैं और तुम निरंतर केवल उसका

विचार करो यदि तुम चाहते हो कि किसी तरह

की परीक्षा को पार कर जाओ यह जीवन की

परीक्षा है इसे पार कर जाओ तो तुम्हें

केवल और केवल इसको पार करने का विचार करना

होगा यदि तुम उन क्षणों में किसी अन्य

व्यक्ति का विचार करते हो किसी अन्य वस्तु

का विचार करते हो तब तुम गलत दिशा में

अपने पूरे ध्यान को लगाते हो और इस तरह

तुम्हारी जीत बदल जाती है तुम्हारी ऊर्जा

बदल जाती है इसलिए तुम्हें संख्या

लिखकर अपनी जीत की पुष्टि करनी है

लिखो कि मैं जीतने के लायक हूं इसलिए

तत्काल मुझे जीत प्रदान कर दी जाए मैं जीत

स्वयं हूं मैं जीत को आकर्षित कर धन मेरा

वास्तविक मित्र है धन मुझे सहजता से

प्राप्त होता रहता है मेरे प्रिय बच्चे

तुम्हें जीत को धन को एशो आराम को सहजता

को स्वीकार करना होगा उसे अपना मानना होगा

साथ ही तुम्हें यह भी बताना होगा कि तुम

किस दिशा में किस कार्य के लिए जीत को

चाहते हो और निरंतर तुम्हें उसका ही विचार

करते रहना होगा मैं तुम्हारे जीवन में कुछ

ऐसे लोगों को भेजता रहता हूं जो तुम्हारे

जीवन को बदल ने का कार्य करें लेकिन अब

मैं तुम्हारे जीवन में कुछ ऐसे लोगों को

भेजूंगा जो ना केवल तुम पर निरंतर

परमात्मा का आभार व्यक्त करो बाकी समस्त

बातों की तुम चिंता ना करो सब कुछ

तुम्हारे हाथों में होने वाला है सारी जीत

तुम्हारी किस्मत में रची जाने वाली है

इसलिए व्यर्थ की चिंता का त्याग कर दो अब

तुम्हारे जीवन को सब सलाम करते रहेगा और

तुम्हारे आभा मंडल के प्रभाव में आकर हर

कोई तुमसे ला उठाता रहेगा फिर चाहे वह

तुम्हारे परिवार के सदस्य हो तुम्हारा

वास्तविक प्रेम हो या फिर कोई और मनुष्य

ही क्यों ना हो हर कोई तुमसे लाभ प्राप्त

करेगा हर किसी के मन में अब तुम्हारे

प्रति प्रेम जागृत होगा तुम महान हो और

तुम्हारी यह महानता जल्द ही इस संसार को

उजागर हो जाएगी तुम्हारी जीत तय हो चुकी

है इस जीत को तत्काल अपने जीवन में उतार

लो मेरे प्रिय बच्चे और एक बात सदा याद

रखना कि परिस्थिति चाहे जैसी भी हो कोई

तुम्हारा साथ दे या ना दे कोई तुम्हारे

साथ खड़ा रहे या ना खड़ा रहे मैं विभिन्न

रूपों में विभिन्न वस्तुओं के माध्यम से

विभिन्न जीवों के माध्यम से तुम पर नजर

बनाए रखा हूं और तुम्हारी हार को भी जीत

में बदलने का कार्य कर रहा हूं इस जीत को

तत्काल अपना लो मेरे प्रिय बच्चे मेरा

आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ है मेरे आने

वाले संदेशों की प्रतीक्षा करना मैं आऊंगा

तुम्हा जीवन को सही दिशा दिखाने तुम्हारा

मार्ग दर्शन करने सदा सुखी रहो तुम्हारा

कल्याण होगा

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