डरते क्यों हो आज तक संभाला है मैंने आगे भी संभाल ही लूंगी

बच्चे आज यदि तुम्हें मेरा संदेश प्राप्त हुआ है इसका अर्थ यह नहीं कि यह कोई इत्तेफाक है कि मैं तुमसे एक खास बात बताने और

समझने और पूछने आई हूं कि क्या तुम्हें मुझ पर विश्वास नहीं है यदि नहीं तो मैं चमत्कार दिखाने वाली हूं यह मैं जानती हूं तुम्हारा

विश्वास किस वजह से तुम्हारा ह्रदय के अंदर बार बार ऐसी बात घूमती रहती है कितने दिनों से पूजा पाठ कर रहे हो काफी दिनों से

प्रयास करते जा रहे हो लेकिन तरीके से सफल नहीं हो पाए हो तुम एक बात को भूल रहे हो ना तो तुम्हारी बात मुझे छुपी हुई है मैं सुनकर अनसुनी कर रही हूं और ना ही देखकर अनदेखा कर रही हूं मेरे बच्चे में तुमसे इतना प्रेम करती हूं कि कांटा तुम्हारे पैर में

चुभता है बस तुम्हें परख रही हूं क्या तुम सच में उसको पाने के योग हो या नहीं मेरे बच्चे तुम्हारे जीवन में मैं एक ऐसा चमत्कार करने वाली आवाज होने लगेगा मार्ग से चलकर तुम्हें जीत हासिल होगी या नहीं यह भी तुम्हें पता लगने लगेगा किसी कार्य को करने से

पहले तुम किसी कार्य में सफल होंगे या नहीं यह पूर्ण ज्ञान हो जाएगा एक चमत्कारी शक्ति मेरे द्वारा तुम्हें प्राप्त होगी सफल और असफल के ज्ञान को तुम प्राप्त कर लोगे कार्य प्रारंभ करना होगा जो मैं आज तुम्हें बताने वाली हूं तुम विस्तार से और यदि तुमने उसे

बात को सुनकर समझ लिया और उसे कार्य को किया तो तुम खुली आंखों से उन सपनों को पूरा होता देख पाओगे जो आज तक तुम्हारे अधूरे थे और कर सकते हो इसलिए आज से जब संध्या काल में जब तुम्हारे घर में खाना बनेगा परिवार के लिए थोड़ी सी खीर बनाना और खीर बनाने के बाद तुम संध्याकाल में

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