तुम्हारा बहुत ही करीबी महिला तुम्हारा बुरा कर रही है क्यों कर रही है जल्दी से

मेरे बच्चे मेरा संदेश प्राप्त होना कोई
इत्तेफाक नहीं बल्कि मैं तुम्हें बताना
चाहती हूं कि जिससे तुम बहुत प्रेम करते

हो उसे तुमसे कोई अलग करना चाहता है महसूस
करो कि पहले वह तुम्हारा बहुत ख्याल रखता
था तुम्हारी हर बात मानता

था तुम्हारे बिना कहे ही समझ जाता था बिन
मांगे तुम्हें वह हर चीज देता था अब तुम

से
बात-बात पर बहुत गुस्सा होता

है तुम्हारे ऊपर भी तुम्हारी बात को समझता
नहीं है तुम्हारी बात को अनसुना अनदेखा कर
देता है तुम जैसा चाहते हो वैसा वह नहीं
कर

रहा तुम्हारे जीवन में खटास होने लगी है
तुम दोनों एक साथ बैठते ही झगड़ा करने
लगते हो तुम्हारा प्रेम उसके हृदय से काफी
हद तक कम हो गया है तुम दोनों के बीच में
कोई आ गया है वह स्त्री भी हो सकती है और
पुरुष भी हो सकता

है जो तुम्हारे बीच में आ रहा है और
तुम्हारे प्रेम को तोड़ने का संभव प्रयास
कर रहा है लेकिन मेरे होते हुए यह होगा
नहीं मैं ऐसा कभी होने नहीं दूंगी क्योंकि
मैं जानती हूं यह गलत है और तुम भी जान लो
कि मैं ऐसा कभी नहीं होने

दूंगी तुम्हारे जीवन में जब प्रेम समाप्त
होने लगता है तो तुम्हें अपने जीवन बहुत
भारी लगने लगता है कि तुम जी क्यों रहे हो
मन तुम्हें अपने प्रेम को मेरी शक्ति की

सहायता से अपना बनाना होगा किसी तीसरे को
बीच में आने की कोशिश को नाकाम करना
होगा स्त्री पुरुष के लिए करें और पुरुष
स्त्री के लिए करें यदि आपके जीवन साथी

जिसका मन उखड़ा उखड़ा रहता है आप उससे
ज्यादा से ज्यादा ऐसी बातों को करो जो उसे
बहुत अच्छ लगती हूं ज्यादा से ज्यादा उसका
मन लुभाने की कोशिश

करें जिस बात में वह खुश होता है उस बात
को बार-बार उसके सामने करें जिस बात से
उसे चड़ होती है वैसी बात उसके सामने ना
लेकर आएं उसके सामने से उन चीजों को हटा
दें जिन चीजों को वह पसंद नहीं करता है वह
कार्य ना करें जो वह पसंद नहीं

करता क्योंकि कई बार तुम्हारा कोई ऐसा
कार्य जो उसकी इच्छा के विपरीत है उसे
क्रोधित करता है यदि तुम्हारे बीच में कोई
इंसान है तो तुम अपने आप को ज्यादा से

ज्यादा सुंदर और आकर्षक बनाने की कोशिश
करो यदि स्त्री अपनी सुंदरता को निखार कर
नहीं रखती है तो वह अपने पति को लुभा नहीं
पाती है स्त्री का सदियों से अधिकार रहा

है सजने सवरने पर जो तुम्हारा अधिकार है
उससे तुम वंचित मत रहो ध्यान रखो कि शर्म
के गहने को हमेशा पहन कर

रखो ध्यान रखो कि उसको किस बात में
प्रसन्नता होती है इन्हीं बातों को

दोहराने की कोशिश करो उसे उसी जगह पर लेकर
जाओ जहां पर पहले की यादें उससे जुड़ी हुई
हैं उसके आसपास नकारात्मक ऊर्जा जिस चीज
से उत्पन्न हो रही

है उस नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए
तुम उन चीजों को उसके पास से हटा दो
क्योंकि कई बार तुम्हारे रिश्ते को

तुम्हारे आसपास के वातावरण में विराजमान
चीजें होती हैं जिससे तुम्हारे बीच
नकारात्मक ऊर्जा तुम्हारे जीवन में तुम
दोनों के

बीच प्रवेश कर लेती
है और दूरियां पैदा करने लगती है जो कि ना
तो कोई इंसान होता है और ना ही कोई परिवार
का सदस्य बल्कि एक ऊर्जा होती है मेरे
बच्चे अपने प्रेम को मजबूत करने के लिए
अपने आसपास की शक्ति को बदमान करने के लिए
जब तुम सुबह उठते

हो तो उठकर स्नान के पश्चात सूर्य को जल
अर्पित करना अति आवश्यक होता है वह
छोटे-छोटे कार्य तुलसी में जल डालना मंदिर
के समक्ष खड़े होकर प्रार्थना करना

तुम्हारे आसपास अपना ऊर्जा को विद्यमान
करता है और तुम्हारे प्रेम को मज
प्रदान करता

है मेरे बच्चे जो मायूसी के बादल तुम्हारे
ऊपर छाए हुए हैं वह इस प्रकार विलुप्त हो
जाएंगी जैसे कभी थे ही नहीं मेरे प्यारे
बच्चे तुम्हारा हृदय मयूरी की भांति नाच
उठेगा इस प्रकार तुम्हें एक साथ इतनी
खुशियां मिलेंगी कि तुम उन्हें संभाल भी
नहीं पाओगे

मेरे प्यारे बच्चे मैं जानती हूं बीते
दिनों में तुम किस संघर्ष से गुजर रहे हो
किस प्रकार सबके बीच रहते हुए अकेले रह
रहे हो सबकी उम्मीदों को पूरा करते हुए
अपनी उम्मीदों को कैसे बिखेरा है मेरे
बच्चे कठिन समय में तुमने सर्वश्रेष्ठ
प्रदर्शन किया

है वही तुम्हा शक्ति बन गया है नकारात्मक
शक्तियों के बीच रहकर हार के बावजूद तुमने
काफी हद तक अपने क्रोध पर नियंत्रण किया
तुमने अपनी ऊर्जा को दूषित होने से बचाया
है मेरे बच्चे यही सफलता का कारण बन गया

है अब सभी लोग तुम्हारी सहायता के लिए
तत्पर हो गए हैं जिस प्रकार का जीवन तुमने
कल्पना की थी वही तुम्ह मिलने लगा है मेरे
बच्चे मैं तुम्हें इतना सफल बना दूंगी कि
लोग तुमसे मिलने को तरस जाएंगे जीवन में
तो उतार चढ़ाव लगे ही रहते

हैं लेकिन मानव उसी उतार चढ़ाव को भाग्य
का नाम देकर बैठ जाता है बिना यह सोचे कि
कर्म किए बिना तो ईश्वर भी साथ नहीं देते
हैं मेरे प्यारे बच्चे किसी के जीवन में

जो भी कठिनाइयां आती हैं वह उसके कर्मों
का बोझ ही तो होता
है जिसे वह जन्मों से ठो रहा है जब तक वह
अपने पुण्य कर्मों से उसे उतार नहीं लेता
तब तक जीवन की पवित्र नदी में वह स्वक्ष

कैसे रह पाएगा मेरे बच्चे कई बार पुण्य
आत्माओं को अधिक यातनाएं सहनी पड़ती हैं
उसका कारण यह होता है कि वह धर्म रक्षक
होते हैं जो कर्म फल से भी ऊपर उठ चुके
होते हैं ऐसे लोग स्वयं यातनाएं सहते हुए
समाज को

उपहार देने आते हैं जैसे कोई समाज के लिए
सूली चढ़ जाता है तो कोई धर्म की रक्षा के
लिए तलवार की धार पर चलता है

सृष्टि में कपटी लोगों को यह लगता है कि
अधर्म की जीत हुई और सत्य मर गया किंतु
वास्तव में तो यह लोग देवदूत होते हैं जो
बार-बार सत्य की पवित्रता के लिए आते हैं
और बलिदान देते हैं वास्तव में अधर्म

बार-बार मरता है और सत्य वारवार जीतता
है किंतु इसके बी बी में जो घटनाएं घटित
होती हैं उसका सहायक पुण्य आत्माओं को
बनना ही पड़ता है मेरे बच्चे अब तुम निडर
होकर जीवन में आने वाली खुशियों का दिल

खोलकर स्वागत करो चाहे कितनी भी बड़ी
विपदा सामने क्यों ना आ खड़ी हो जाए यह
स्मरण रखना कि मैं साथ हूं तुम्हारे
तुम्हारा सदा कल्याण हो मेरे बच्चे

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