तुम्हारा शत्रु जाल में फसाने वाला है मैं स्वयं करूंगी उसका सर्वनाश

जय माता दी दोस्तों में इस बार मां

दुर्गा चैत्र नवरात्रि में घोड़े पर सवार

होकर आ रही है यानी दोस्तों माता रानी जब

घोड़े पर सवार होकर आती है तो इसे शुभ

नहीं माना जाता

है ज्योतिष शस्त्र के अनुसार देवी जब

घोड़े पर सवार होकर आती है तो समाज और

राजनीति में बड़ी उथल-पुथल होती है और

मान्यताओं के अनुसार अगर नवरात्र नवरात्रि

पर यदि माता दुर्गा घोड़े पर नहीं बल्कि

हाथी पर सवार होकर आती है तो मान्यता है

कि माता दुर्गा का हाथी पर सवार होकर आना

बहुत ही शुभ और कल्याणकारी माना जाता है

और जीवन सुखमय हो जाता है और दोस्तों

भक्ति का भरपूर लाभ भक्त जनों को मिलता

है दिल में सुकून मिलता

है माता वैष्णो भरपूर आशीर्वाद देती

है दोस्तों इस बार नवरात्रि पूरे नौ दिनों

तक

चलेगी यानी न दिनों तकन रात्रि का पर्व

मनाया

जाएगा ना एक भी दिन कम ना एक भी दिन

ज्यादा पूरे न दिनों तक

चलेगी माता वैष्णों की पूजा मां शेरावाली

की विशेष रूप से पूजा आराधना की जाएगी

चैत्र नवरात्रि का पहला व्रत अप्रैल को

रखा जाएगा और अंतिम व्रत अप्रैल

मंगलवार के दिन रखा

जाएगा और दोस्तों अप्रैल को कन्या पूजन

किया जाएगा जो कि इस दिन नवरात्रि समाप्त

हो

जाएंगे आपको बता दें अप्रैल को घट

स्थापना का मुहूर्त सुबह

से

तक

रहेगा दोस्तों चलिए अब जानते हैं नवरात्रि

में कौन-कौन सी सब्जी नहीं खाना चाहिए और

कौन-कौन सी सब्जी खाना चाहिए और कौन सा फल

खाने से व्रत टूट जाता है उससे पहले

दोस्तों जान लेते

हैं चित्र नवरात्रि क्यों मनाई जाती है

दोस्तों चैत्र नवरात्रि मनाने के पीछे एक

पौराणिक कहानी है कि मां दुर्गा ने

महिषासुर नामक राक्षस का वध किया था और

ऐसा माना जाता है कि वहां महिषासुर नाम का

एक राक्षस

था उसे भगवान ब्रह्मा ने अमृता का वरदान

दिया

था और इस आशीर्वाद के कारण महिषासुर

पृथ्वी से लेकर स्वर्ग तक सभी को परेशान

करने

लगा ऐसे में सभी देवी देवता उस के

अत्याचारों से चिंतित होकर ब्रह्मा विष्णु

और महेश के पास जाते

हैं तब दोस्तों तीनों देवताओं ने आदि

शक्ति का आह्वान

किया तब दोस्तों भगवान शिव विष्णु विष्णु

और अन्य देवताओं के क्रोध के कारण उनके

मुख से एक ज्योति प्रकट हुई और वह ज्योति

एक स्त्री में बदल

गई इस तरह मां आदि शक् प्रकट

हुई इसके बाद अन्य देवताओं ने उन्हें

अस्त्र शस्त्र प्रदान

किए तब मां दुर्गा ने महिषासुर को चुनौती

दी और नौ दिनों तक युद्ध चलने के बाद

दसवें दिन मां ने महिषासुर का वध कर

दिया ऐसा माना जाता है कि इन नौ दिनों के

दौरान देवी मां ने न रुपए धारण किए और

राक्षसों का वध

किया इसी कारण से इसे नौ दिनों तक

नवरात्रि के रूप में मनाया जाता है और

आपको बता दें कि शास्त्रों में चैत्र

नवरात्रि का विशेष महत्व माना गया

है दोस्तों ऐसा माना जाता है कि नौ दिनों

तक चलने वाले चैत्र नवरात्रि के दौरान

व्यक्ति मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत

होता

है मनुष्य की आध्यात्मिक शक्ति बढ़ती जाती

है

इस प्रकार लोग इच्छा क्रोध अहंकार ईर्ष्या

लोभ आदि से मुक्त हो जाते हैं और उनका मन

और शरीर शुद्ध हो जाता है और उनकी बुद्धि

स्वाभाविक रूप से काम करने लगती

है आइए जानते हैं नवरात्रि में क्या खाएं

और क्या नहीं खाएं और क्या पीना चाहिए और

कौन सा फल खाना विशेष और शुभ कार्य माना

गया

आज हम आपको विस्तार से बताएंगे लेकिन आगे

बढ़ने से पहले कमेंट बॉक्स में अपनी राशि

जरूर डाल

दीजिएगा यदि दोस्तों हमारे पास आपकी राशि

के अनुसार कोई उपाय होगा तो वह आकर हम

आपके कमेंट का रिप्लाई में बता देंगे ताकि

आपको राशि के अनुसार फल प्राप्त

हो दोस्तों राशि के अनुसार किया गया कार्य

बहुत ही शुभ माना जाता

है और माता रानी बहुत प्रसन्न होती है और

दोस्तों आपसे निवेदन है कि कमेंट में माता

रानी आपका स्वागत

है हमारे घर में जरूर लिखें ताकि माता

रानी का आशीर्वाद आपके ऊपर सदा बना रहे

हैं और वीडियो आपको अच्छी लगे तो लाइक

करना ना

भूले दोस्तों शास्त्रों के अनुसार बताए गए

व्रत चाहे किसी भी प्रकार के क्यों ना

हो उनसे जुड़े नियम का पालन करना अति

आवश्यक माना जाता है क्योंकि दोस्तों जो

मन के मुताबिक किया जाए वह संघर्ष नहीं

कहलाता कहा जाता है कि मनोकामना को पूर्ण

करने के लिए थोड़ा सा संघर्ष यानी कि

तपस्या तो करनी ही पड़ती

है इसीलिए दोस्तों ऐसी मान्यता है कि व्रत

को पूर्ण विधि विधान से किया जाना

चाहिए तब आपको व्रत का पूर्ण लाभ फल

प्राप्त होता

है अति उत्तम और शीघ्र दीर्घायु वरदान

प्राप्त होता

है आपकी सभी मनोकामना शीघ्र माता रानी

पूर्ण करती

हैं ऐसे व्यक्ति को मरने के बाद माता रानी

के चरणों में स्थान मिलता

है वह सदैव मां की सेवा करता है और ऐसा

भक्त स्वर्ग लोक में जाता

है इसलिए हर शास्त्र यही कहता है कि सच्चे

दिल से अगर आपके मन में ईश्वर के प्रति

श्रद्धा हो तो बिना पूजा पाठ के ही सारा

फल मिल जाता है और अगर मन में ईश्वर के

प्रति शंका हो तो उस मनुष्य को कई जन्मों

तक सुख नहीं

मिलता वह नरक में ही भटकता रहता है भागवत

गीता में भगवान श्री कृष्ण ने स्वय कहा था

दोस्तों जो मनुष्य सच्चे हृदय से ईश्वर को

पुकारता है तो उसका नाता उस शक्ति से जुड़

जाता है जिसे आपने सच्चे हृदय से पुकारा

था इसलिए दोस्तों भगवान भी कहते

हैं कि सच्चे हृदय से ही ईश्वर को पुकारो

तो वह आपकी हर मनोकामना को पूर्ण करते हैं

भक्तो कई लोग ऐसे हैं जो भगवान के सामने

घंटों पूजा पाठ करते हैं तथा रोते हैं फिर

भी भगवान उनकी कभी नहीं

सुनता दरअसल जब आप सच्चे मन से ईश्वर को

पुकारना ही नहीं है तो भला वह आपकी पुकार

कैसे सुनेंगे

दोस्तों यह तो थी वह बातें जो भक्त और

भगवान के बीच की

है अब हम जानते हैं नवरात्रों के दौरान

क्या नहीं खाना चाहिए और क्या नहीं पीना

चाहिए और कौन सा फल खाने से व्रत संपूर्ण

और सफल हो जाता

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