तुम्हारी जीत की गूंज इतनी तेज होगी कि सबकी आंखें फटी रह जाएंगी

मेरे प्रिय बच्चे खामोशी लाखों शब्दों से
भी ज्यादा गहरी हो जाती है क्या तुम जानते
हो कि जब तुम खामोश रहते हो तब तुम्हारे
भीतर कौन सी ऊर्जा उत्पन्न होती है मेरे

प्रिय मैं जानता हूं कि तुम मुझे ही याद
कर रहे थे और मुझे याद कर तुम प्रार्थना
कर रहे थे उन आशीष का जिसकी वजह से
तुम्हारे जीवन में प्रसन्नता आए तुम एक
छोटी सी खुशी के लिए तरस रहे हो जीवन में
तुम्हारा जो भी सच्चा हितेश मित्र बना वह
भी तुम्हारे उन पैमानों पर खरा नहीं उतर

सका जिसमें तुम्हारी मित्रता लिखी जा सके
और हर कोई एक समय के बाद तुम्हें छोड़कर
चला गया और इस बात ने तुम्हें बहुत पीड़ा
पहुंचाई है जब मनुष्य को धोखा मिलता है तब
उसके अंदर जो पीड़ा उत्पन्न होती है वह
ब्रह्मांड में गूंज कर रह जाती है लेकिन

आज जो मैं तुम्हें बताने जा रहा हूं यह
जानने के बाद तुम यह समझ पाओगे कि कि
तुम्हारे भविष्य में तुम्हारे लिए क्या
योजना गढ़ी गई है और इसलिए तुम्हारा इस

संदेश को पूर्ण सुनना अत्यंत आवश्यक है
परिस्थिति चाहे जैसी भी हो चाहे तुम्हारे
अनुकूल हो चाहे तुम्हारे प्रतिकूल हो
तुम्हें हर हाल में इस संदेश को पूर्ण

सुनना है इसे बीच में छोड़कर जाने की भूल
नहीं करना मेरे प्रिय कल जब तुम सुबह
उठोगे तब तुम्हें यह एहसास होने वाला है
कि तुम्हारे जीवन में सब कुछ बदल गया है
कुछ नया हो गया है और इस नवीन शुरुआत का

तुम्हारे जीवन में होना बहुत आवश्यक था आज
रात्रि जब तुम सोने जाओगे तो यह सोचना कि
तुम्हारे अतीत का अंत आज रात के साथ ही हो
जाएगा और कल का सवेरा सूर्य के साथ नए

प्रतिभा संपन्न अवसर लेकर आएगा तुम्हारे
जीवन में तुम्हें बिना बताए कुछ प्रवेश
करने वाला है जो तुम्हारे मन को प्रसन्नता
से भर देगा प्रत्येक व्यक्ति आश्चर्य से
भर उठता है अचंभित हो उठता है और तुम्हें
पूरी तरह से हैरान कर देगा अपने आप को

कमजोर मत होने देना मेरी योजनाओं पर अपना
पूर्ण विश्वास बनाए रखना मैं जानता हूं कि
तुम्हारे जीवन में कुछ ऐसी घटनाएं घटित
हुई हैं जिन्हें तुम भूल नहीं पा रहे हो
जो तुम्हारे हृदय पर बहुत बड़ा आघात बनकर
बैठे हैं जो तुम्हारे माथे पर बहुत बड़ा

बोझ बनकर बैठे हैं लेकिन तुम्हें याद करना
है कि तुम्हा लिए प्राथमिकता क्या है
तुम्हारे भविष्य को आवश्यकता क्या है जो
तुम्हारी प्राथमिकता पर है जो तुम्हारे
भविष्य की आवश्यकता की प्राथमिकता पर है

उन
चीजों का जिनमें तुम जरा भी परिवर्तन नहीं
कर सकते तुम यदि किसी व्यक्ति को बार-बार
याद कर रहे हो तो इसका विचार करो कि आखिर
तुम्हारे मन में उसको लेकर इतनी यादें
क्यों उत्पन्न हो रही है मेरे जब किसी के

साथ सुरक्षा भरोसा अपने सम्मान और प्रेम
की अनुभूति होती है तब उसकी ऊर्जा मनुष्य
के हृदय को छू जाती है और जब पुनः वह
उन्हीं पलों को याद करता है तो उसे सुख का
आभास होता है उन सुखों का जो उसे उस क्षण
में महसूस हुआ था वास्तव में वह उस
व्यक्ति को नहीं बल्कि उन पलों को याद
करता है जो उसके ही दिमाग की गहरी परत में

अवचेतन मन में दबी हुई छुपी हुई होती है
लेकिन इसका यह भी अर्थ होता है कि अब वह
मनुष्य अपनी खुशियों के लिए दूसरों पर
आश्रित हो गया है यदि तुम्हें ऐसा लगता है
कि वह व्यक्ति तुम्हारी चिंता करता था

तुम्हारे सुख दुख में तुम्हारा सहारा बनता
था और उसके दूर चले जाने से अब तुम स्वयं
को बेसहारा महसूस कर रहे हो तो तुम इस बात
को भूल जाते हो कि तुम स्वतंत्र रूप से इस
धरती पर जन्म लिए थे और अपनी खुशियों के

लिए एकमात्र मात्र तुम ही जिम्मेदार हो
तुम्हें अभी खुश होने के लिए किसी भी
व्यक्ति वस्तु स्थान या परिस्थिति की
आवश्यकता नहीं है खुश रहना एक चुनाव है
जैसे दुखी रहना मनुष्य का एक चुनाव होता
है उसी तरह से खुश रहना भी एक चुनाव है बस
मनुष्य को यह समझने की आवश्यकता होती है

कि वह असहाय नहीं है वह अकेला नहीं है वह
अकुशल नहीं है यह उसका दिमाग ही है जो
उसके लिए शत्रु ब रहा है यह इसके विचार ही
है जो उसके मन में ऐसी कुंठा उत्पन्न कर

रहे हैं कि वह रहकर केवल नकारात्मक
तत्त्वों का ही विचार किए जा रहा है
तुम्हारे भाग्य में बहुत सी बेहतरीन चीजें

लिखी जा रही है एक से बढ़कर एक प्रतिभा
संपन्न बेहतरीन चीजें तुम्हारे जीवन में
उतर रही है लेकिन भीतर का तूफान शांत हुए
बिना बाहर की शांति का अनुभव नहीं हो सकता
बाहर की शांति तुम्हें ना वस्तुओ से
मिलेगी ना ही किसी व्यक्ति से मिलेगी ना
स्थान से मिलेगा ना पद प्रतिष्ठा सम्मान

से मिलेगा यह तब प्राप्त होगा जब भी तेरी
मन में भी शांति उत्पन्न होगी लेकिन

तुम्हारे मन में बहुत बड़ा तूफान जन्म ले
रहा है तुम भविष्य की योजनाओं को समझ नहीं
पा रहे हो तुम आशाओं के बोझ तले दबे हुए
हो अपेक्षाओं के बोझ तले बं गए हो ऐसे
बंधन में बधे हुए हो जो मूल रूप से अपना

अस्तित्व बना ही नहीं सकता
लेकिन तुम्हारे विचारों में यह लगातार
बढ़ता ही जा रहा है जो चला गया उसकी जगह
लेने वाला कोई ना कोई अवश्य आएगा केवल
तुम्हें खुले दिल से इस ब्राह्माण को
स्वीकार करना है क्योंकि जो तुम्हारे

भाग्य में लिखा है उसे तुमसे कोई भी छीन
नहीं सकता बदलाव को स्वीकार करना होगा और
यदि तुम बदलाव को स्वीकार कर लोगे तो कल
के सवेरे में तुम सूर्य के साथ नई ऊर्जा

के सामंजस्य को समझ पाओगे तुम्हारे मन से
निकली पुकार ही प्रार्थना है और तुम्हारी
प्रार्थना को अब परमात्मा ने सुन लिया है

फिर तुम्हें किस बात की पीड़ा हो रही है
तुम्हें किस बात की चिंता हो रही है
मनुष्य के जीवन में दुख आना भी जरूरी होता
है यदि ऐसा ना हो तो उसे सही और गलत का
अपने और पराय का सटीक पहचान नहीं हो पाता
और जो मनुष्य जितना ज्यादा भोला होता है

उसके जीवन में उतनी मुश्किलें आती है
इसका यह अर्थ नहीं कि उसे खुशियां नहीं
प्राप्त होंगी इसका यह भी अर्थ नहीं कि वह
जीवन भर दुखी रहेगा ऐसा इसलिए होता है
क्योंकि वह इतना भोला है कि ऊपर से ऊपर

स्थिति में पहुंच करर भी उसे ठगा जा सकता
है उसके मन को छला जा सकता है लेकिन जब
मनुष्य अपनी परिस्थितियों के चलते मजबूत
हो जाता है तो कोई ऐसे मनुष्य से लाभ नहीं
उठा पाता तुम्हारे जीवन में अब तक जो दुख

तुम इतने परिपक्व हो रहे हो कि अब
तुम्हारे जीवन में खुशियों की ही बौछार
होगी कल तुम्हारे जीवन का एक नया दिन नई
शुरुआत के साथ होगा जीवन को देखने का अपना
नजरिया बदलो क्योंकि एक बार तुम अपने मन

मस्तिष्क में अपने नजरिए को बदल लेते फिर
सब कुछ बदल जाता है माया के चक्र में उलझा
हुआ यह संपूर्ण संसार यह नहीं जानता कि
यहां पर एक दिन सब कुछ ध्वस्त हो जाएगा

किंतु वास्तव में कुछ भी समाप्त नहीं होता
वास्तव में कुछ भी मरता नहीं है केवल अपने
तत्त्वों का रूप परिवर्तन होता है और रूप
परिवर्तन करके तत्व नए तत्व का स्थान ले
लेते हैं फिर चाहे वह दैविक हो दहिक हो
लौकिक हो या सांसारिक हो प्रत्येक तत्व
अपना रूप बदलते हैं और नए तत्व के रूप में
जन्म ले लेते हैं तुम्हारी इच्छाएं भी

तत्व है तुम्हारा व्यवहार भी तत्व है
तुम्हारी क्रियाएं भी तत्व है तुम्हारे
कर्म भी तत्व है यह सब भी अपना रूप
बदलेंगे मनुष्य यदि बुरे कर्म करता है तो

तत् के रूप में वह बुरा कर्म पुनः से लौट
कर के बुरे कर्म के ही रूप में आ जाता है
और जब यह दोबारा आता है तो गहरे आघात गहरी
चोट के साथ आता है लेकिन तुमने अपने जीवन
में सत्कर्म किए हैं तुमने ज्यादा से
ज्यादा लोगों की सेवा करने की चाह रखी है
ऐसा नहीं है कि तुम बहुत बड़े सेवक बनने
की चाह रखते आए हो ऐसा भी नहीं है कि यह
करना तुम्हारा धर्म रहा है किंतु मनुष्य
अपने स्वभाव से पार नहीं पा पाता संसार
में चाहे जो भी जीव हो उसका एक स्वभाव
होता है और जब मनुष्य अपने स्वभाव के
अनुसार कार्य करता है तब उसे असीम शांति
का अनुभव होता है और उसके स्वभाव के
अनुसार उसका कार्य स्वतः ही छलक उठता है
जब परिस्थितियां ऐसी पड़ती है तो उसका
अवचेतन मन उसे निरंतर संकेत देता है कि
उसे क्या कार्य करने हैं तुम्हारे मन में
नैसर्गिक रूप से विद्यु शुद्धता प्रेम दया
करुणा और अपनेपन की भावना रही है यह
तुम्हारी नैसर्गिक भावना है इसमें मौलिकता
है यह बिल्कुल भी बनावती नहीं है तुम किसी
से बनावती रूप में प्रेम नहीं दर्शा सकते
कभी-कभी दूसरों से बातचीत करते हुए तुम
अपने चेहरे पर झूठी मुस्कान लाते हो
जबकि तुम्हें सामने वाले व्यक्ति की बातों
में जरा भी दिलचस्पी नहीं होती फिर भी तुम
ऐसा जाहिर करते हो कि तुम उसकी बात सुन
रहे हो और ऐसा इसलिए क्योंकि तुम में यह
कला विद्यमान है और इस कला का उपयोग करके
तुम जीवन में बहुत आगे भी चले जाओगे यह
कला तुम्हें समाज में बहुत ऊंचा स्थान
दिलाएगी कुछ लोग इसे नकारात्मकता की
श्रेणी में रखते हैं लेकिन तुम्हारे पक्ष
में यह कभी भी नकारात्मक नहीं रहेगा
क्योंकि तुम पर मेरा हाथ रहेगा और मैं
जानता हूं तुम अपने किसी भी कला का प्रयोग
कैसे करते हो नैसर्गिक रूप से जो भी
तुम्हारे मन में स्वेच्छा भाव उत्पन्न
होता है उसी के अनुसार ही तुम अपनी
क्रियाओं और कलाओं का प्रयोग करते हो तुम
कभी भी किसी का बुरा चाहने के लिए इसका
प्रयोग नहीं करते और यही कारण है कि तुम
इस कला के बदले में जीवन में बहुत तरक्की
प्राप्त करोगे तुम इसकी गुण को भी समझ
नहीं पा रहे तुम यह नहीं जान पा रहे कि
तुम में जो प्रतिभा विद्यमान है वह कितनी
मूल्यवान है समय काल जैसे-जैसे बदल रहा है
संसार में सब कुछ कम समय में सफल होने की
ओर बढ़ रहा है फिर चाहे धन की बात हो
प्रेम की बात हो सामाजिक तत्त्वों की बात
हो अध्यात्म की बात हो आज का मनुष्यों को
सब कुछ समय से पहले चाहिए होता है उसके मन
में सदा यह भाव उत्पन्न होता रहता है कि
वह जल्दी से जल्दी चीजों को कैसे हासिल कर
ले लेकिन संसार को देखने समझने सोचने का
यह नजरिया बिल्कुल भी ठीक नहीं है क्योंकि
इस संसार में जो भी होगा वह अपने समय पर
ही होगा तुम्हें उसका ख्याल नहीं करना है
तुम्हारे नियंत्रण में क्या है इसकी सूची
बनानी है और केवल उन चीजों का ही विचार
करना है जो तुम्हारे नियंत्रण में है
तुम्हारे शरीर में जो बदलाव हो रहे हैं
उनमें तुम्हारे ण में क्या है तुम केवल
उसका विचार करो जिन बदलावों की अपेक्षा
तुम कर रहे हो वह तुम्हारे नियंत्रण में
नहीं है ऐसा करना कहीं से भी उचित नहीं है
केवल उन चीजों की अपेक्षाएं करो जो
तुम्हारे नियंत्रण में है जिन पर तुम
कार्य कर सकते हो बाकी समस्त संसार आदिकाल
से चलता चला आया है और आगे भी चलता चला
जाएगा तुम्हें बिना वजह के व्यर्थ के जनजन
का व्यर्थ की बातों का विचार नहीं करना है
यह यह संसार बहुत लंबे समय से जीता आ रहा
है और आगे भी लंबे समय तक जीता आएगा जब
वजूद तबाह होगा तो सबका ही होगा इसलिए
तुम्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं
क्योंकि यहां सब कुछ पहले से ही घटित है
यह तो बस एक प्रकार की पुनरावृत्ति हो रही
है ऐसा कुछ भी नहीं है जो इस संसार में
पहले घटित नहीं हुआ है कुछ भी नया नहीं हो
रहा है इसलिए तुम्हें केवल और केवल उन
चीजों का विचार करना है जिनसे तुम्हारी
प्रगति निश्चित हो अब तुम्हारे जीवन में
प्रगति के द्वार खोले जा रहे हैं पूर्व
जन्म से ही तुम ऐसे व्यक्ति रहे हो जो सदा
ही दूसरों का भला चाहते आए हो साथ ही साथ
तुम्हें अनावश्यक बातों से कभी भी मतलब
नहीं रहा है लेकिन इस काल में इस सदी में
इस समय में तुम बहुत सी व्यर्थ बातों में
उलझ गए हो दूसरों को देखकर उनसे प्रभावित
होना उनके जैसा जीवन जीने की इच्छा करना
यह कहीं क से भी सही नहीं है क्योंकि
तुम्हें तुम्हारा जीवन मिला है तुम्हारा
जीवन बिल्कुल अलग है उनके जीवन से जिनसे
तुम प्रभावित होते हो जब तुम किसी से
प्रभावित होते हो तो उसके कुछ जीवन के
क्षणों को देखकर प्रभावित होते हो उसकी
चाल ढाल उसकी बोली उसके पहनावे उसके शरीर
को देखकर प्रभावित होते हो किंतु उसके
भीतर जो रस विद्यमान है उसके भीतर जो
करुणा विद्यमान है उसका व्यवहार कैसा है
यह जाने बिना यदि तुम किसी से प्रभावित
होते हो तो यह कहीं से भी उचित नहीं है
क्योंकि यह अवहेलना है तुम्हारे अपने मूल
तत्व का यह अवहेलना है मेरे अपने मूल तत्व
का यह अवहेलना है ब्रह्मांड का यह अवहेलना
है परमात्मा की इसलिए तुम्हें किसी से भी
प्रभावित नहीं होना चाहिए तुम्हारा जीवन
श्रेष्ठ है किसी दूसरे को सम्मान देने के
बजाय सर्वप्रथम स्वयं का आदर करना सीखो जब
तुम स्वयं से प्रेम करना स्वयं को आदर
देना सीख जाओगे तो दूसरों को स्वतः ही
सम्मान देने लगोगे लेकिन यदि किसी से
प्रभावित होकर उसे अपने से ऊंचा दर्जा
दोगे तो यह तुम्हारे जीवन के लिए हानिकारक
साबित होगा क्योंकि मनुष्य के जीवन पर
विभिन्न ग्रहों का प्रभाव पड़ता है मनुष्य
जब पैदा होता है तो इस धरती पर उसके ऊपर
बहुत सी तरंगों का प्रभाव पड़ता है यह
तरंगे विभिन्न ग्रहों से आ रही होती है
और इस संसार में सब कुछ तरंग ही है सब कुछ
कण ही है और तरंगे जब आपस में टकराती है
तो उनमें कुछ परिवर्तन होते हैं कुछ भौतिक
कुछ रासायनिक परिवर्तन और इसका प्रभाव
मनुष्य जीवन पर भी पड़ता है उसके सोचने की
क्षमता पर भी पड़ता है उसके शरीर पर भी
पड़ता है उसकी पाचन शक्ति पर भी पड़ता है
जब मनुष्य स्वयं से ज्यादा दूसरों को
महत्व देता है तो उसके भीतर से जो तर
उत्पन्न होती है वह तरंग सूर्य की ऊर्जा
से निकली तरंग के बिल्कुल विपरीत होती है
और ऐसी परिस्थिति में सूर्य ग्रह का उसके
ऊपर नकारात्मक प्रभाव पड़ने लगता है और जब
ऐसा होता है तो उसके जीवन में विभिन्न
प्रकार की पीड़ा उत्पन्न होती है इसलिए
मनुष्य को सर्वप्रथम अपने आप को
प्राथमिकता देनी चाहिए मनुष्य को
सर्वप्रथम अपने आप से प्रेम दर्शा चाहिए
किसी दूसरे की चापलूसी कर चाटुकारिता कर
उससे अपना काम निकलवाने का चाह रखना
व्यर्थ है क्योंकि मनुष्य के जीवन में वही
होगा जो लिखा हुआ होगा और जो मनुष्य
दूसरों की चापलूस के बजाय स्वयं को प्रेम
करने पर अपना समय देता है उसकी जीत मैं
सुनिश्चित करता हूं क्योंकि तब वह यह मान
लेता है कि संसार में जो कुछ भी हो रहा है
वह परमात्मा की इच्छा के आधीन है इस संसार
में जो कुछ भी हो रहा है वह परमात्मा की
मर्जी से ही घटित हो रहा है लेकिन जब
मनुष्य स्वयं को ही कर्ता मान बैठता है तो
वह दूसरों की खिदमत में लग जाता है वह
दूसरों की चापलूसी में लग जाता है और फिर
वह अपने जीवन में ग्रहों से निकलने वाली
तरंगों का नाश कर बैठता है और अपने ही पतन
का कारक बन जाता है इसलिए सदैव तुम यह
विचार करो कि संसार में जो कुछ भी हो रहा
है वह परमात्मा की मर्जी से हो रहा है
तुम्हें केवल अपने जीवन को एक दृष्टा एक
साक्षी की भाति देखना है यहां जो कुछ भी
घटित हो रहा है तुम्हें केवल उसका अनुभव
लेना है तुम्हें स्वयं को करता नहीं मानना
है और तुम्हारे लिए जो अनिवार्य है उस
कार्य को करते जाना है फिर देखो तुम्हारे
जीवन में ऐसे ऐसे चमत्कार घटित होंगे कि
तुम उनकी कल्पना नहीं कर सकते और चमत्कार
का महत्व ही तभी है जब मनुष्य उसका अनुमान
ना लगा रहा हो चमत्कार का महत्व ही तभी है
जब मनुष्य किसी चीज का विचार करता है और
बार-बार यह सोचता है कि उसके जीवन में कब
परिवर्तन होगा उसके जीवन में चमत्कार कब
घटित होगा तब यह उसके जीवन में कभी नहीं
होता क्योंकि ऐसे परिस्थिति में वह अपने
मस्तिष्क को बार-बार यह संकेत दे रहा होता
है कि अभी और इंतजार करना है और वह इसी
तरह की परिस्थितियों को आकर्षित कर लेता
है और जो मनुष्य चमत्कार होने का इंतजार
नहीं करता चमत्कार के घटित होने की
प्रतीक्षा नहीं करता है उसके जीवन में
चमत्कार बहुत ही तेजी से घटित होने लगते
हैं क्योंकि तब उसके मन मस्तिष्क में ऐसा
कोई भी संकेत नहीं जा रहा होता कि अभी
इसमें देरी है मेरे प्रिय जब मेरा
आशीर्वाद तुम्हारे साथ है तो फिर तुम
अनावश्यक व्यर्थ की बातों का विचार क्यों
करते हो जब मैंने तुमसे कह दिया कि
तुम्हारे जीवन में चमत्कार घटित हो रहा है
तो तुम्हें इस पर पूर्ण विश्वास बनाए रखना
है तुम्हें संदेह नहीं करना है तुम्हें
प्रतीक्षा नहीं करनी है तुम्हें सहज रूप
से जीवन को चलने देना है और देखना
परिस्थितियां अचानक से ऐसी बदलेंगे कि सब
कुछ अपने आप बेहतर हो जाएगा तुम जीत के
काल में प्रवेश कर रहे हो तुम पुष्प की
भाती खिलने वाले हो तुम वह पुष्प हो जिसकी
सुगंध चारों ओर फैल जाएगी और हर कोई
तुम्हारी महक के सा सानिध्य में आकर स्वयं
को भाग्यशाली मान बैठेगा जो भी तुम्हारे
आभा मंडल के दायरे में आएगा वह जीत को
अग्रसर होगा जो व्यक्ति सदा ही सबके अच्छे
का विचार करता है जो व्यक्ति कभी दूसरे को
हानि नहीं पहुंचाना चाहता है जो व्यक्ति
दूसरों से मतलब रखे बिना अपने जीवन को आगे
बढ़ते देखना चाहता है उसका साथ मैं देता
हूं और जिसका साथ मैं देता हूं उसकी जीत
कोई भी टाल नहीं सकता है इसलिए तुम्हारी
जीत को अब कोई टाल नहीं पाएगा तुम्हारे वह
सभी शत्रु जो सदा यह विचार करते रहते हैं
कि कैसे तुम्हारा पतन हो जाए उन्हें स्वयं
के ही पतन का मुह देखना पड़ेगा वह स्वयं
ही धराशाई हो जाएंगे मुह के बल गिर
पड़ेंगे और उनकी हार का तमाशा यह समस्त
संसार देखेगा लेकिन इतना ही नहीं जिस
व्यक्ति ने सदा ही सबका अच्छा चाहा है
जैसे कि तुम सदा ही सबका अच्छा चाहते आए
हो तो तुम सदा ही सबके भलाई का विचार करते
आए हो और तुम सदा ही अपने प्रगति का ही
विचार करते आए हो तो ऐसे व्यक्ति को मैं
ऐसी जीत प्रदान करता हूं कि संसार का
प्रत्येक व्यक्ति उसकी जीत को देखता ही
रहा है इतनी बड़ी जीत देखकर कोई भी हैरान
रह जाएगा मेरे प्रिय बच्चे जो मैं तुम्हें
बता रहा हूं यह केवल तुम्हारी प्रशंसा या
तुम्हें सकारात्मकता प्रदान करने के लिए
नहीं है यह तुम्हारे जीवन की वास्तविकता
है जो अब तुम्हारे जीवन में ऊर्जा बनकर
उतर रही है यह सकारात्मक ऊर्जा तुम तक
पहुंच रही है यह तुम तक पहुंचने में
बिल्कुल भी देरी नहीं लगाएगी यह ऊर्जा अब
तक तुम्हारे पास पहुंच जानी चाहिए थी
लेकिन कुछ अवरोध थे जिनकी वजह से यह तुम
तक नहीं पहुंच रही थी और उसमें सबसे बड़ा
सबसे निर्णायक अवरोध यह रहा कि तुम सदा ही
नकारात्मकता का विचार करते आए हो जब भी
तुम्हारे जीवन में कुछ भी अच्छा घटित हुआ
उन क्षणों में भी तुम यह सोचते आए कि अब
निश्चित ही तुम्हारे साथ आगे कुछ बुरा ना
हो जाए ऐसी शंका ऐसे संदेह को मन में
उत्पन्न करने से मनुष्य केवल नकारात्मकता
ही आकर्षित करता है इसलिए तुम्हें किसी भी
प्रकार के नकारात्मक विचार का त्याग करना
है और केवल यही सोचना है कि संसार में
तुम्हारी जीत हो रही है तुम्हें किसी से
भी भयभीत नहीं होना है प्रेम का जो अभाव
काल तुमने ने देखा था वह भी अब समाप्ति की
ओर है अब प्रेम की ऐसी बव छार होगी ऐसी
बरसात होगी कि तुम उसमें भीग कर मंत्र
मुग्ध हो जाओगे तुम्हारे अंदर से प्रेम का
रस बहेगा और इस रस में तुम्हारा साथी भीग
जाएगा तुम दोनों एक ऐसी यात्रा पर जाने
वाले हो जहां पर जाने के बाद तुम दोनों के
मन में एक दूसरे को लेकर बहुत ही ज्यादा
प्रेम भावना उत्पन्न होगी एक दूसरे को
लेकर तुम दोनों के मन में सहानुभूति
उत्पन्न होगी तुम दोनों एक दूसरे को और भी
ज्यादा गहराई से जान पाओगे एक दूसरे की
इच्छा एक दूसरे के इरादे एक दूसरे की नियत
एक दूसरे की अभिलाषा को बेहतर तरीके से
जान पाओगे मुझे ज्ञात है कि तुम अपने जीवन
में किस प्रकार के दिनों की कल्पना को तरस
रहे थे किस प्रकार के दिनों की कल्पनाएं
बुन रहे थे और उनके घटित होने की
प्रतीक्षा में समय गुजार रहे थे मेरे
प्रिय यह वही समय है यह प्रेम का समय है
यह प्रेम रस में भीग जाने का समय है यह
वही समय है जिसमें तुम्हें वह सब कुछ
प्राप्त होगा जिसकी तुमने कल्पना की है यह
वही समय है जब तुम्हारा जीवन खुशियों से
सराबोर हो जाएगा यह वही समय है जब
तुम्हारे मन से सारी कुंठा सारी निराशा
समाप्त हो जाएगी मेरे प्रिय आने वाली जीव
का भव्य स्वागत करना क्योंकि जब तुम ऐसा
करोगे तो तुम और भी ज्यादा बड़ी जीत को
आकर्षित करोगे और भी ज्यादा गहरी समझ को
आकर्षित करोगे ऐसा करना तुम्हारे लिए
आवश्यक है इसलिए चाहे परिस्थिति कैसी भी
हो चाहे तुम्हारे चेहरे पर मुस्कान हो
चाहे तुम्हें निराशा के भाव उत्पन्न हो
रहे हो तुम्हें अपनी जीत का स्वागत करना
है क्योंकि यदि तुम पहले से ही ऐसा करोगे
तब जीत आने के बाद तुम्हारे मन में रोमांस
सातव आसमान पर होगा मेरे प्रिय बच्चे अब
अपनी जीत को आकर्षित करो अब अपने साथी का
विचार करो विचार करो कि तुम कैसे उसके साथ
एक एकांत जगह में प्रकृति का आनंद ले रहे
हो प्रकृति में उत्पन्न विभिन्न प्रकार की
वस्तुएं सजीव अजीव निर्जीव तुम्हारे उपभोग
के लिए हैं तुम्हें लाभ प्रदान करने के
लिए है तो विचार करो खुले दिल से विचार
करो और इसमें किसी भी प्रकार के अवरोध की
कल्पना मत करना खुशियों का विचार करो
तुम्हारी जीत हो रही है अपने साथी के साथ
जीत के जश मनाने का विचार करो मेरे प्रिय
अब तुम्हारी जीत सुनिश्चित हो गई है इसकी
पुष्टि करने के लिए तुम्हें अभी संख्या
1212 लिखना होगा और लिखना होगा कि मैं जीत
रहा हूं मेरे प्रिय एक बात सदैव याद रखना
मेरा आशीर्वाद हर हाल में तुम्हारे साथ है
चाहे परिस्थिति कोई भी हो मैं तुम्हारा
साथ कभी भी नहीं छोड़ूंगा सदा सुखी रहना
मेरे आने वाले संदेशों की प्रतीक्षा करना
मैं फिर आऊंगा तुम्हें जीत का मार्ग
दिखाने तुम्हारी उंगली पकड़कर तुम्हें जीत
के राह पर ले जाने हमेशा खुश रहो खुशियां
बांटो तुम्हारा कल्याण होगा

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