तुम्हारी प्रेमिका बुराई के रस्ते में जा रही है बचा लो

अतः व्यू में मिश्रित शीतल तरंगे तुम्हारे
हृदय की सात को कुछ यूं स्पर्श कर रहे हैं
की तुम्हें एहसास हो रहा है तुम्हारा
लक्ष्य सामने खड़ा हुआ है तुम जीत रहे हो
इसकी गवाही प्रकृति स्वयं दे रही है मेरे

प्रिया एकाएक मौसम में इतने परिवर्तन यह
प्रमाण है की सत्य जीत रहा है
ग्रह फिर से उदित हो रहे हैं जो अक्सर
तुमसे दूर हो गए थे वह सहज ही तुम्हारी और
बढ़ाने लगेंगे क्योंकि तुमने पूर्ण समर्पण
कर दिया था किसी करण तुम्हारे आगे की
लड़ाई यूनिवर्स स्वयं लड़े की मेरे प्रिया

आने वाला समय लाभ से भारत हुआ है किंतु जो
आध्यात्मिक का मार्ग चुन लेट है उसके लिए
आने वाले दुख या सुख
एक समाज ही हो जाते हैं क्योंकि कोई भी
स्थिति उसके मां को विचलित नहीं करती
क्योंकि वह जानता है सब कुछ अस्थाई है और

जो स्थाई है वह आनंद उसके पास हमेशा है
उसे समय का चक्र छन नहीं सकता ईश्वर प्रेम
ही स्थाई आनंद है जो व्यक्ति से कभी विलग
नहीं हो सकता
ऐसा स्वीकार करते हुए जो अपने कर्म करते

हैं उन्हें अपने आप ही सारे सुख मिलते चले
जाते हैं वह जिसकी कामना भी नहीं करते वह
भी उन्हें आसानी से मिल जाता है मेरे
प्रिया तुम आसानी से ऐसी भावना को कभी मत
छोड़ना क्योंकि यही वह भाव है जिसके करण

कोई भी तुम्हें पराजित नहीं कर सकता वह
प्रयास अवश्य ही करेंगे तुम पर कीचड़
फेकने
का
तुम्हारे लिए गद्दे खोदने का
तब तुम उनसे अलग कैसे हो सकते हो
बाबुल के वृक्ष में कांटे ही उत्पन्न हो

सकते हैं
किंतु यदि आम के वृक्ष के चारों तरफ कटीले
वृक्ष लगा दिया जाए तो भी आम का वृक्ष
सदैव मीठे आम ही पैदा करेगा
कांटों को देखकर वह अपना स्वभाव नहीं बादल
सकता

इसी प्रकार यदि तुम्हारे आसपास कटीले
वृक्ष रूपी व्यक्ति हैं तो तुम अपना
स्वभाव कैसे बादल सकते हो
जब संपूर्ण प्रकृति तुम्हारे लिए है तब
तुम्हें वह किस बात का समय सबका बदलते है

तुम्हारा भी बदला मेरे प्रिया अव्वाही लोग
उठकर तुम्हारे लिए तालियां बजाएंगे वही
तुम्हारी प्रशंसा करेंगे वही तुम्हारी
सरहन करेंगे जो दिन रात तुमने कमियां
निकलते थे जो यह नहीं चाहते थे की तुम
यूनिवर्स के प्रिया बानो परंतु समय का

चक्र हमेशा घूमता राहत है दिव्या समय
प्रारंभ हो रहा है यह परमात्मा की अद्भुत
लीला है हर किसी के जीवन में एक ना एक बार
अवश्य ही आई है तुमने कुछ ऐसे कार्य किया
हैं जिससे तुम्हें यूनिवर्स की दिव्या

शक्ति प्राप्त हो रही है इसलिए अब तेरी मत
करो सार्थक करो अपने स्वप्न को
जो निश्चय किया है तुमने उसकी और कम बढ़ाओ
जो विचार तुम्हारे भीतर बार-बार घूम रहा
है उसे ध्यान से समझो इस विचार में

है ईश्वर का नाम लो और आगे बढ़ो तुम जो
कार्य करोगे उसका अद्भुत परिणाम तुम्हें
अवश्य प्राप्त होगा खुशियां तुम्हारे घर
प्रवेश करने वाली हैं बहुत जल्द तुम्हारे
घर में उत्सव का माहौल होगा तुम्हारा जीवन

पूर्ण रूप से बदलने वाला है तुम अपने उसे
गुड से परिचित होने वाले हो जो अब तक
तुम्हारे लिए भी अनजान था एक ऐसी परत
खुलेगी जो तुम्हें तुम्हारे नए स्वरूप से
अवगत करवाएगी पवित्र ऊर्जा चारों और से
तुम्हें घर रही है आने वाला समय तुम्हें
प्रसन्नता से भर देगा और तुम्हारे जीवन

में एक नई खुशियों का अध्याय शुरू होगा अब
समय है अपनी देखने का अब तुम्हें उन रहस्य
को जानना है जो तुम्हारे भीतर ही छुपा हुआ
है
क्योंकि वही तुम्हारी कामयाबी का मध्य
बनेगा बहुत जल्दी तुम्हें लोग एक नए

स्वरूप से स्वीकार करेंगे तुम्हें केवल
सफर का आनंद लेना है और विश्वास से चलते
रहना है क्योंकि मैंने तुम्हारा हाथ थम
रखा है जब तक तुम स्वयं को बांध हुआ महसूस
करोगे तब तक बायो में उड़ने का अनुभव
प्राप्त नहीं कर सकते पूर्व समर्पण ही

तुम्हें आनंद की अनुभूति कराएगा मेरे
प्रिया क्या तुम तैयार हो क्या तुम अपने
द्वारा खुशियों के लिए खोलना को तैयार हो
अपना दाहिना हाथ हृदय पर रखो
और कहो मेरे ऊपर निरंतर दिव्या प्रकाश की
वर्षा हो रही है

मेरी सभी वस्तुएं मेरी और आकर्षित हो रही
है
मेरे बच्चे यदि तुम मुझमें पर विश्वास
करते हो तो मेरे इस बात को जो बता रही हो
उसे ध्यानपूर्वक सुनो मैं वचन देती हूं
तुम्हारा घर खुशियों से भर दूंगी अच्छे
लोगों के साथ हमेशा अच्छा ही होता है

क्योंकि उनका हृदय स्वयं अच्छा होता है
इसलिए तुमको समझना बहुत जरूरी है वह समय
बहुत नजदीक है जी समय तुम एक ऐसी सुखद समय
में प्रवेश करने वाले हो जो सुख समय

तुम्हें आनंद से भर देगा जो खुशियों के
साथ मेरी हर खुशी का ख्याल रखते हुए अगर
तुम्हारा हृदय मेरी आजा का पालनपुर कर रहा
है और इसके साथ ही तुम केवल मेरी इस बात
को मानते हो तो तुम्हारे घर को आज मैं

खुशियों से भर दूंगी यह मैं तुम्हें बचत
देती हूं लेकिन तुम क्या इसको पुरी तरह
मां करोगे जिसको मैं अब बताने वाली हूं
मेरे बच्चे अपने हृदय से ईमानदारी रखकर ही
तुम जवाब देना यदि तुम पुरी तरह से उसे
बात को मां पाव तो हां कहना क्योंकि कार्य

थोड़ा कठिन है लेकिन तुमको करना है
क्योंकि सरल कार्य तो कोई भी कर सकता है
लेकिन वही इंसान बड़ा होता है जो है
मुश्किल कम को कर पे जी प्रकार माता-पिता
अपने इस आज्ञाकारी बेटे से किसी भी कार्य

को करने के लिए कहते हैं जी बेटे पर उनको
पूरा भरोसा होता है वह उनकी आजा पर खर
उतरेगा इस प्रकार मुझे भी तुम पर पूर्ण
भरोसा है की तुम मेरी आजा पर खर उतरोगे और
जो मैं बताने जा रही हूं उसको तुम करोगे
तो करते ही निश्चित ही मैं तुम्हारे जीवन

में और तुम्हारे घर में खुशियां ही
खुशियां बिखेर दूंगी मेरे बच्चे करना यह
है की जब तुम रात्रि में सोते हो उसे समय
तुम्हें पूरे दिन की दिनचर्या पर विचार
करना है पूरे दिन में तुमने कौन-कौन सा

और रात्रि तक जो कम किया है उसे पर बारीकी
से विचार करो कहां अच्छा कम किया है कहां
तुमसे कोई गलती हुई है या तुमने कोई नया
कार्य प्रारंभ किया है तो आज रात्रि से ही
तुम्हें यह कार्य प्रारंभ करना होगा जीवन
में तीन बातें सोते समय तुमको विचार करके

सोना है पहले बात यदि तुमने जीवन में आज
एक अच्छा कम किया है तो अपने मां को
संतुष्टि दो और कहो की हां तुमने एक नया
और अच्छा कम किया है दूसरा यदि तुम कोई

ही उसे गलती पर विचार करके तुम आगे ऐसी
गलती नहीं करोगे उसका दृढ़ निश्चय लेना है
तीसरा तुमने आज पूरे दिन में गलती से भी
किसी का दिल तो नहीं दुखाया है या किसी का
अपमान नहीं किया या किसी को अपशब्द तो
नहीं बोले यदि ऐसा किया

अपने मां में लेकर आओ और उसे व्यक्ति से
माफी मैंगो अपने हृदय में बस लो की आगे
उसे व्यक्ति को कभी अपमानित नहीं करोगे
बल्कि किसी और व्यक्ति को भी कभी तुम्हारी
वजह से अपमान इतना होना पड़े ऐसा कोई
कार्य नहीं करोगे क्योंकि खुशियों को

प्राप्त करने के लिए मेरे बच्चे मेरी कहीं
हुई बटन को ध्यान से सुनकर अपने जीवन में
उतारना बहुत ही जरूरी है और इस बात को
समझना बहुत जरूरी है की यदि तुम किसी का
अपमान नहीं करोगे किसी का हृदय नहीं
दुखाओगे तो तुम के आशीर्वाद के साथ मेरा

आशीर्वाद प्राप्त करोगे यदि तुम अपनी
गलतियां को रोकने चले जाओगे तो निश्चित ही
अच्छाइयों की तरफ जाओगे हर कम प्रतिदिन
नया और अच्छा करोगे तो जीवन अपने आप मेरे
आशीर्वाद से खुशियों से भर जाएगा
धीरे-धीरे करके खुशियां आई चली जाएगी और

गम तुमसे दूर रहेगा यदि तुम खुशियों को
अपनी और आकर्षित करना चाहते हो तो तुम्हें
जो आज बताया है उसे करना ही होगा मेरे
बच्चे वह हर खुशी तुम्हें प्राप्त होगी जो
तुम चाहते हो सच्चाई तुम्हारे सामने है अब
चलना तुम्हें है मैंने तुम्हें बता दिया
है की रास्ता वह है पर चलना तुम्हें है जो

देखना सके उसे दिखाना व्यर्थ है जो सुना
सके उसे सुनाना व्यर्थ है तुम जो देख रहे
हो जो सुन रहे सकते हो और जो उम्र भर कर
रहे हो वह तुम्हारी आध्यात्मिक उन्नति का

फल है ऊर्जा के स्टार पर हो रहा है वह
दूसरों को भी ऐसा हो या आवश्यक तो नहीं है
इसलिए मेरे बच्चे जो आत्माएं अभी उसे
देखने समझना और सुनने में उन्हें सत्य का

प्रकाश दिखाने की कोशिश मत करो मेरे बच्चे
तुम वह दूसरों को अंधकार से प्रकाश में
लाने का कार्य करते हो जो मटका है वह
स्वयं आएगा तुम्हारे पास हुआ प्यास के पास
नहीं जाता प्यासा स्वयं पे को ढूंढ लेट है
भौतिकवादी संसार में मानव अपने भौतिक शरीर
को ही परब सत्य मां बैठा है जो तुम्हारे

अष्टव का करण मंत्र भी नहीं है जैसे तुम
जल को किसी पत्र में रखो वह इस रूप में
दिखाई देता है किंतु पत्र को ही जल का
देना यह उचित नहीं है यदि इस को धरती पर
बिखेर दो तभी जल का अपना अस्तित्व रहेगा

इसी प्रकार यह भौतिक शरीर तुम नहीं हो बस
यह एक अस्थाई पत्र है जिसमें तुम्हारी परम
चेतन आत्मा को धरण किया
लोग तुमसे कहेंगे आत्मा दिखाई नहीं देती
तो वह है ही नहीं तो उनका उत्तर उन्हें यह
देना निकॉन वास्तु है जो दिखाई नहीं देती
किंतु वह होती है केवल महसूस किया जा सकता
है जैसे भूख प्यास गर्माहट ठंडक पीड़ा ठीक
इसी प्रकार वह ऊर्जा है जो इस भौतिक शरीर
को चला रही है
[संगीत]
जब तक आत्मा बहुत ही पत्र में रहती है तब
तक तुम इसी शरीर को सत्य मानकर सब करते हो
किंतु यह शरीर को छोड़ती है मानव का यह
बहू मूल्य शरीर मिट्टी के समाज देर हो
जाता है कोई भी सागा संबंधी
शरीर को नहीं रखना चाहता जो प्रियजन
तुम्हारी आत्माओं के रहने पर इस शरीर के
लिए साड़ी संपत्तियों लगाने को तैयार होते
हैं वही लोग उसे आत्मा के निकाल जान पर
शरीर के लिए कुछ नहीं देना चाहते यहां तक
कुछ दिन भी उसे शरीर के साथ नहीं र सकते
आत्मा रूपी ऊर्जा निकलते ही वह भौतिक शरीर
को ठिकाने लगा देते हैं अब तुम ही उत्तर
दो अस्तित्व किसका है शरीर का ये आत्मा का
मेरे बच्चे तुम जी मार्ग पर हो वह तुम्हें
परम सत्य की और ले जा रहा है इस अंतिम
सत्य को प्राप्त करना तुम्हारा अंतिम
लक्ष्य है मेरा संदेश तुम्हें प्राप्त हुआ
[संगीत]
जिसे जानकर तुम्हें हैरानी होगी क्योंकि
तुम्हारे मां में उठाता हर समय यह प्रश्न
है की मैं इतना पूजा पाठ करता हूं फिर भी
मेरा
कार्य पूर्ण क्यों नहीं हो रहा
मेरे बच्चे उसका उत्तर आज तुम्हें मिल
जाएगा क्योंकि मेरे बच्चे हर बात के पीछे
करण होता है करण अच्छा हो या बड़ा लेकिन
होता जरूर है यह बात सत्य है बस केवल
तुम्हें साधारण आंखों से ना तो वह करण
दिखाई देता है
ना ही तुम जानते हो की आगे तुम्हारे जीवन
में क्या होने वाला है तुम केवल यह देख
सकते हो वर्तमान में चल रही बटन को
जान सकते हो जैसा समय तुम्हारे समक्ष उसे
समय के बड़े में तुम्हें ज्ञात होता है
लेकिन कुछ ऐसी बातें हैं जो तुम्हें जानना
बहुत जरूरी है
क्योंकि जिसको संपूर्ण ज्ञान हो जाता है
वह ना तो परेशान होता है किसी चीज को अपने
के लिए और ना ही मां में इन प्रश्नों को
बार-बार सोचकर हैरान परेशान होता है की
उसकी इच्छा पूर्ण क्यों नहीं हो रही है
मेरे बच्चे इस बात को समझना जरूरी है
की
तुम्हारी उन्नति नहीं हो रही तो तुम गलत
सोच रहे हो आज से पहले के समय को देखो और
आज के समय को देखो दोनों में तुलना करोगे
तो तुम्हें खुद ही ज्ञात हो जाएगा की तुम
पहले से कितना उन्नति कर चुके हो
बस फर्क इतना है की तुम आज जो चाहते हो
उसे चीज आज के समय में तुम्हें वह प्राप्त
नहीं है इसके साथ ही कभी-कभी तुम इतनी
बड़ी चीजों की आस कर लेते हो जो तुम्हारे
लिए बनी ही नहीं है क्योंकि जी प्रकार एक
हाथ में पांच उंगलियां होने के बाद भी
कोई भी उंगली बराबर नहीं होती एक बड़ी
होती है दूसरी उंगली की तुलना में इसी
प्रकार यह जरूरी नहीं की तुम जो सोच रहे
हो तुम्हें प्राप्त हो जरूरी है की
तुम्हारे जीवन में कुछ अच्छा हो तुम
परिश्रम कर रहे हो उसका फल तुम्हें मिले
और तुम्हारी उन्नति हो
तुम जी समय में हो उसे समय से अच्छे समय
में आते चले जो कभी कभी बड़ी उम्मीद भी
पूरा होने पर सुख का अनुभव करने से वंचित
र जाते हो और यही तुम सबसे बड़ी गलती करते
हो सुनो मेरी बात को ध्यानपूर्वक आज जो
परिश्रम कर रहे हो
ईमानदारी रख रहे हो उन सभी अच्छे कार्य को
कर रहे हो जो तुम्हारे जीवन में उन्नति का
हर रास्ता खोल देती है तो तुम्हें सब छोड़
देना चाहिए की तुम्हारे जीवन में कब कहां
कैसे क्या होगा लेकिन बस तुम्हें इस बात
पर पूर्ण भरोसा रखना चाहिए की जो होगा वह
अच्छा होगा क्योंकि जीवन में अच्छा होना
महत्व रखना है और इसके साथ ही यह भी करण
है तुम्हारी सोच हुई मंजिल पर शायद
तुम्हारी परिश्रम पुरी नहीं हो रही है
किसी के जीवन में किसी भी इच्छा को पूर्ण
करने के लिए जी पर कार्य करना
जब तक प्रारंभ करते हो तो उसे पर इतना
परिश्रम करो की तुम्हें ऐसा आभास होने लगे
की इससे ज्यादा मैं और परिश्रम नहीं कर
सकता क्योंकि जब तक लोहा इतना गम ना हो की
वह पिघलने ना लगे तब तुम उसे लोहे को कोई
भी आकर नहीं दे सकते हो
इसलिए पहले जी प्रकार लोहे को इतना ही गम
किया जाता है
[संगीत]
[संगीत]
मेरे बच्चे हृदय की आवाज से सुना तुम्हारे
हृदय में वही आवाज उत्पन्न होगी क्योंकि
किसी भी कार्य को पूर्ण करने में कार्यों
की कमी तुम्हें उसे मंजिल से दूर ही रखती
है ना तो मुझे कुछ पूछने की जरूर है और ना
ही तुम्हें अपने मां को निरसा करने की
मेरे बच्चे तुम्हारा कार्य पूरा होगा या
नहीं कार्यों को करो निस्वार्थ भाव से तब
तुम्हें अवश्य फल प्राप्त होगा मुझे कुछ
पूछना चाहे तुम्हारे हृदय में उत्पन्न हुई
आवाज ही मेरी आवाज होगी तुम्हारे गलत
कर्मों की माफी तुम्हें मिल चुकी है मेरे
बच्चे अब तुम्हारी सभी समस्या
मेरे बच्चे माफी तुम्हें इसलिए मिली है
क्योंकि तुमने कुछ ऐसे कार्य किया हैं जो
पीछे की गई गलतियां से तुमने जो अपने खराब
समय को अपनी और आकर्षित कर लिया था खराब
समय को परिवर्तन किया था इस प्रकार तुमने
कुछ ऐसे कार्य किया हैं
जिनके करण से तुम्हारा अच्छा समय फिर से
प्रारंभ हो चुका है और फिर से तुमने अपने
कर्मों के द्वारा ही समय को फिर परिवर्तित
किया
[संगीत]
यह कड़वा सत्य है की हर इंसान से गलती
होती है इसमें कोई संदेह नहीं की गुंजाइश
ही नहीं है इंसान कोई ना कोई जानकर गलती
कर ही देता है लेकिन किसी भी व्यक्ति को
इस बात को कदापि नहीं भूलना चाहिए की यदि
कोई भी इंसान जानबूझकर सिर्फ उसका
भागीदारी होता है अनजाने में की गई
गलतियां को मैं माफ कर देती हूं उनकी उन
गलतियां को दंड में नहीं देती इसके साथ ही
हमेशा कुछ अच्छे कार्य भी जीवन में करते
रहने चाहिए जिससे की अधिक तुमसे कोई गलती
हो ही जाति तो उसकी क्षमा याचना तुम्हें
मिल जाए
कठोर दंड का सामना नहीं करना पड़ता और
उन्हें कार्यों में से कुछ कार्य है जो
तुम्हें हमेशा करते रहना चाहिए जैसे की
भाग्य के भरोसे ना बैठे रहना क्योंकि
भाग्य तुम्हें तभी कुछ देता है जब तुम
स्वयं प्राप्त करना चाहते हो उसके लिए कभी
भी कड़ा परिश्रम करना ना भूलना
यदि तुम्हारा मस्तिष्क कुछ प्राप्त करना
चाहता है तो उसके लिए कठोर तपस्या करना
आवश्यक है इसके लिए तुम्हें ऐसी शक्ति
आकर्षित करनी होगी तुम्हें अपने मां पर
लगाम लगाना सीखना होगा दूसरों की मदद करना
सीखो कुछ ऐसे कम करो
जिनको करने के काफी समय पश्चात तुम्हारे
हृदय और तुम्हारे मां को खुशी हो क्योंकि
तुम इस बात को स्मरण रखना
किसी भी कार्य को करते समय भले ही तुम्हें
खुशी ना हो लेकिन कम को करने के पश्चात जी
कार्य के करने से हृदय और मां को खुशी हो
वही अच्छा कम होता है
तुम गलत कम करोगे तो भी तुम्हारे हृदय को
जरूर अच्छा नहीं लगेगा इसके साथ ही
तुम्हें यह सोचना अत्यंत आवश्यक
जीवन में मेरे बच्चे तुम्हें सभी देवताओं
की पूजा करना इतना जरूरी नहीं बल्कि अपने
कर्मों पर ध्यान देना जरूरी है
उससे भी ज्यादा जरूरी है
जब समस्या उत्पन्न होती है जब तुम उसे
उत्पन्न होने के लिए उसे अपनी और आकर्षित
करते हो अर्थात कुछ ऐसे कर्म करते हो
प्राकृतिक के खिलाफ है और प्राकृतिक ही
तुम्हारी और समस्याओं को आकर्षित करती है
इस बात को समझना होगा
[संगीत]
जब तुम स्वयं की बागडोर स्वयं के हाथ में
रखो और जी तरह से जीवन को चाहे उसे तरह से
तुम चला सकते हो यदि तुम अपनी बागडोर
तकदीर के हाथों में थम कर बैठे रहोगे तो
आगे आने वाले समय में तुम्हें कुछ भी
प्राप्त नहीं
बागडोर अपने हाथों में रखोगे तो स्वयं जी
चीज का निर्माण करना छह हो उसे चीज का
निर्माण कर सकते हो तुम्हें अपने आप ही
सोते ही प्राप्त हो जाएगी तुम्हारे अंदर
ही वह शक्ति है अपने आप को पहचानो मेरे
बच्चे मेरा आशीर्वाद सदा तुम्हारे साथ है
तुम्हारा कल्याण हो
[संगीत]

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