तुम्हारे इस बदले रूप से उसे डर लगने लगा है

मेरे बच्चे जो चीज तुम्हारी अपनी है वह खुद ही आ जाएगी जिन चीजों से तुम बहुत ज्यादा प्यार करते हो जो चीज तुम शिद्दत से मांग

रहे हो जिन चीजों के लिए तुम तड़प रहे हो वह एक न एक दिन एक समय पर जरूर मिलेंगे क्योंकि वह चीज तुम्हारी अपनी है परंतु

यहां पर एक सवाल आता है आखिर तुम्हारी कौन सी चीज अपनी है यह तुम कैसे जान सकते हो इन चीजों के बारे में तुम कैसे पता

लगा सकते हो आज मैं तुम्हें बताऊंगी मेरे बच्चे जिन चीजों से तुम्हें बहुत ही ज्यादा लगाव होता है चीजों से तुम्हें बहुत ही ज्यादा प्यार होता है जिनके लिए तुम हर रोज अपनी कृतज्ञता देते हो जिन चीजों के लिए तुम हर रोज शुक्रिया अदा करते हो तुम्हें चीज तुम्हारे

जीवन में एक न एक दिन जरूर आ ही जाती है जैसे ही तुम इन सभी प्रक्रिया करना शुरू कर देते हो तब तुम्हारे अपने मस्तिष्क में एक बात हमेशा याद रखनी है जिन भी चीजों के लिए तुम शुकराना अदा करोगे अपने कृतज्ञता दोगे और आभारी रहोगे तो वह चीज

तुम्हारे जीवन में अवश्य आएंगे परंतु होता क्या है तुम सभी नए नए तरीकों का प्रक्रिया करने में लगे रहते हो और इन्हीं सब में इतना उलट जाते हो कि वह एक सुनहरे से नियम को भूल जाते हो और जैसे ही यह सुनहरा नियम तुम्हारे मस्तिष्क से ऊपर जाता है तब

होता क्या है तब तुम परेशान होने लग जाते हो जब तुम्हारे अंदर से कृतज्ञता वाली भावना चली जाती हैं तब तुम समझ जाना कि तुम भटक गए हो और

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