तुम्हारे चरित के बारे में दुश्मनों को क्या पता चल गया है जिससे वो आत्महत्या

मेरे बच्चे मैं तुम्हें एक हीरे की तरह

इतना कीमती बनाना चाहता हूं कि लोग

तरसेंगे तुम्हें पाने के लिए जिस प्रकार

हीरा सभी पत्थरों के बीच रहकर अपने आप में

एक अलग चमक रखता है एक तेज रखता है उसी

प्रकार तुम सबके बीच में रहकर अपने आप को

इस तरह बना लो कि तुम सबसे अलग चमको लेकिन

उससे पहले तुम्हें मेरे कुछ सवालों का

जवाब देना होगा यदि तुम मेरे स सलो का

जवाब मुझे ना भी दो तो तुम उन सवालों को

अपने आप से उत्तर पूछना मेरे बच्चे क्या

तुम दूसरों पर ध्यान देते हो और स्वयं पर

कितना ज्यादा ध्यान देते हो तुम दूसरों के

वजह ज्यादा ध्यान अपने आप पर दो जितना

ज्यादा तुम यह करोगे उतना ही तुम्हारे लिए

फायदेमंद रहेगा क्योंकि दूसरों पर ध्यान

देने से दूसरों की गलतियां पता चलती है और

स्वयं पर ध्यान देने से स्वयं की गलतियां

पता चलती है और जब स्वयं की गलतियां पता

चलती है तभी तो तुम गलतियों को सुधार

पाओगे मेरे बच्चे ऐसा करने के लिए तैयार

हो तो अंक टाइप करो मेरे बच्चे यदि

तुम दूसरों पर ध्यान दोगे तो तुम अपनी

गलतियों को कभी सुधार नहीं पाओगे क्योंकि

संसार का यही नियम है हम जिस पर ज्यादा

ध्यान देते हैं उसकी अच्छाई और बुराई बहुत

अच्छे से दिखाई देते हैं मेरे बच्चे इस पर

विश्वास है तो लाइक करके दावा करो दूसरा

बात यह है मेरे बच्चे कि तुम अपने अंदर की

खूबी को ध्यान रखते हो लेकिन तुम अपने

अंदर की कमियों को ढूंढ लो जो तुम्हारे

अंदर कमियां है वह कमियों को समाप्त करने

की कोशिश करो क्योंकि यदि तुम अपने अंदर

एक भी कमी नहीं रहने दोगे तो तुम ऐसे ही

हीरे की तरह चमक जाओगे जैसे कि हीरे की

चमक से आंखें चका चौद हो जाता है पूरे

संसार में तुम भीड़ में सबसे अलग दिखाई

दोगे मेरे बच्चे तुम खुद को अलग दिखाने के

लिए तैयार हो तो हां टाइप करके मुझे बताओ

मेरे बच्चे खुद की तरक्की में इतना समय

लगा दो कि दूसरों की बुराई देखने का

तुम्हें समय ही ना मिले ना ही दूसरों की

बुराई सुनने का कोई समय ना मिले इसके साथ

यदि तुम्हारे साथ कोई किसी भी बुराई करता

है

तो तुम उसके पाप के भागीदार मत बनो

क्योंकि जो बुराई करता है उतना ही पाप का

भागीदार वह होता है उतना ही पाप का

भागीदार सुनने वाला भी होता है इसलिए

सुनकर अपने मन को मेला मत करो इसके साथ ही

अपने आप को अकेला रखने का संभव प्रयास करो

क्योंकि जब तुम अकेले रहोगे तो पूरा समय

केवल तुम्हें तुम्हारे बारे में सोचने के

लिए समय प्राप्त होगा और तुम ज्यादा से

ज्यादा अपने बारे में सोच पाओगे जिससे कि

आगे आने वाले समय में तुम एक ऐसी मंजिल

चुनो ग जो सबसे अलग होगा जो इतनी बड़ा

होगा जिस पर तुम्हें बहुत ज्यादा परिश्रम

तो करना पड़ेगा लेकिन तुम उस पर पूर्ण

परिश्रम करने के लिए विश्वास से चल पड़ोगे

मेरे बच्चे इस पर विश्वास है तो अंक

टाइप करके इस चैनल को सब्सक्राइब करो मेरे

बच्चे क्योंकि कि यदि तुम्हें सबसे अलग

दिखना है तो तुम्हें यह करना ही होगा

तुम्हारा चुना हुआ मार्ग यदि तुम्हारे मन

में तुम्हें कोई मार्ग समझ नहीं आ रहा या

मंजिल कोई समझ में नहीं आ रहा तो तुम

हमेशा मेरे समक्ष जब भी खड़े होते हो पूजा

करने के लिए तब तुम अपने मन में यह विचार

रखकर ही पूजा किया करो कि तुम्हें जीवन

में कुछ बहुत बड़ा करना है हमेशा यह बात

तुम्हारे मस्तिक में घूमती रहनी चाहिए

जितना ज्यादा तुम मस्तिक में इस बात को या

इस विचार को घुमाओ ग उतना ज्यादा

प्राकृतिक में विराजमान शक्ति तुम्हारी उस

मंजिल तक स्वयं ही ले जाएगा क्योंकि मेरे

बच्चे प्राकृतिक में स्वयं मैं विराजमान

हूं और तुम अपने जीवन को एक चमकता हुआ

सितारा बनाने के लिए केवल इस बात पर ध्यान

रखो कि भीड़ में ना चलकर अपने आप को

चमकाने की कोशिश करो मेरे बच्चे तुमने

अपने जीवन में अच्छे बुरे बहुत से

परेशानियों को देखा है परंतु कुछ

परिस्थितियों में तुम बिना कोई दोष किए ही

दोषी आरोपित हो जाते हो तो कुछ

परिस्थितियों में यदि तुम किसी का भला

करने जाते हो तो उल्टा तुम्हारे साथ ही

बुरा व्यवहार करते हैं और तुम्हारी हंसी

उड़ाते हैं जिसके कारण तुम्हारे मानसिक

स्थिति में परिवर्तन आ जाता है और तुम

क्रोधित होकर दूसरों की भलाई करने की

इच्छा त्यागने का विचार करने लगते हो

किंतु मेरे बच्चे यदि जगत में हर व्यक्ति

एक तरह की सोच रखने लगेगा यदि हर कोई

बुराई से डरकर अपने अंदर की अच्छाई को मार

देगा तो वास्तव में हमारे जीने का

उद्देश्य ही क्या रह जाएगा मेरे बच्चे एक

बात सदैव स्मरण रखना किसी भी डर के कारण

या किसी के गलत बातों के कारण तुम्हें

अपनी अच्छाई को नहीं त्यागना है क्योंकि

ईश्वर सदैव उनके हृदय में वास करते हैं

जिनके विचार और व्यवहार में में सच्चाई का

वास होता है मेरे बच्चे तुम्हें अपनी

अच्छाई को नहीं त्याग है क्योंकि तुम तो

वह हो जो परिणाम का विचार ना करते हुए सदा

सहायता का हाथ बढ़ाते हैं मेरे बच्चे

तुम्हारा कल सर्वोत्तम है इसलिए तुम्हें

कभी किसी भी बातों का ध्यान ना करते हुए

केवल एक विचार करना है कि तुम्हारे हर एक

कर्म किसी दूसरे से पहले ईश्वर देखते हैं

और वह तुम्हें तुमसे भी अधिक जानते हैं

तुमने किस दिन कौन से कार्य किए हो और उस

कर्म का उचित फल समय आने पर तुम्हें अवश्य

ही प्राप्त

होगा मैं तुम्हें जो बताती हूं उन पर

ध्यान दिया करो क्योंकि मैं तुम्हें

तुम्हारे बारे में बताती हूं अपने बारे

में यह बात जानते हो कि तुम कौन हो मेरे

बच्चे क्या तुम जानते हो तुम्हारा

वास्तविक लक्ष्य क्या है अब जो मैं

तुम्हें बताने जा रही हूं उसे ध्यान से

समझने का प्रयास करना मेरे बच्चे

ब्रह्मांड की सभी जीवों की उत्पत्ति मुझसे

ही हुई है जब तुम अपना मूल उद्देश्य समझ

जाओगे और जब तुम अपना कर्म चक्र पूरा कर

लोगे उसके बाद सभी आत्माओं को मुझ में ही

विलीन होना है सभी आत्माओं का केवल एक ही

लक्ष्य है परम तत्व के सत्य को जानना

परंतु मेरे बच्चे मैं बहुत दुखी हूं मेरे

सभी बच्चे संसारी चका चौध में आकर अपने

लक्ष्य से भटक गए हैं मैं जानती हूं इसके

दोष तुम्हारा नहीं है तुम्हें अपना चक्र

भी पूरा करना है जिस कारण तुम अपने कर्म

चक्र में बंधे हुए हो परंतु तुम्हें यह

जानना बेहद आवश्यक है तुम्हारे द्वारा किए

गए पूर्व अच्छे कर्म तुम्हें अच्छे फल

देंगे वहीं दूसरी ओर यदि तुम बुरे कर्म

करोगे तो वह बुरे कर्म तुम्हें दुख देंगे

यह कर्म फल सभी जीवों को स्वयं भोगना

पड़ता है इसमें मैं स्वयं तुम्हारी कोई भी

सहायता नहीं कर सकती किंतु मेरे बच्चे एक

बहुत ही प्रसन्नता की बात है तुम अपनी

चेतना के वास्तविक लक्ष्य को जानने की ओर

बढ़ रहे हो आखिर कब तक इस लोक में भटकते

रहोगे जन्म मृत्यु के चक्र में मेरे बच्चे

परमानंद तो मेरे बोध में है मुझ में से

अनंत प्रसन्नता व्याप्त होती है मेरे

बच्चे तुम इसी पृथ्वी लोक पर रहते हुए भी

उस परम आनंद का कुछ अंश महसूस कर सकते हो

अब तुम्हें भक्ति के मार्ग पर चलना होगा

एक स्मरण करते हुए ईश्वर की भक्ति में लीन

होकर देखो तुम्हें अधिक सुख शांति संसार

की किसी भी वस्तु में नहीं मिलेगी इसलिए

इतना संदेह किस लिए मेरे बच्चे क्या

तुम्हें मुझ पर वि विस है मैंने तुम्हें

कई बार यह बात कही है जब भी तुम्हें मार्ग

नजर ना आए तुम्हें बेचैनी महसूस हो तब

आंखें बंद करके अपना पूरा ध्यान नेत्रों

के बीच में केंद्रित करना और स्मरण करना

तुम्हें सही मार्ग अवश्य ही नजर आ

जाएगा मेरे बच्चे मैं तुम्हें एक खुशखबरी

देने आई हूं जिसे जानकर तुम्हें बहुत खुशी

होगी इसलिए तुम मेरी बातों को ध्यान

पूर्वक सुनकर समझ लो जिससे कि तुम्हारे

जीवन में वह खुशी भी प्राप्त हो सके मेरा

यह संदेश अंत तक जरूर सुनना क्योंकि यदि

तुम्हें मेरा संदेश प्राप्त हुआ है तो

निश्चित ही वह खुशी तुम्हें इस संदेश

सुनकर प्राप्त होगी तुम्हारी प्रार्थना को

मैं सुन रही हूं देख रही हूं मुझे झांत है

कि तुम्हें क्या चाहिए तुम्हारे मन मंदिर

में जो बातें चल रही हैं वह मेरी कानों तक

सुनाई दे रही है क्योंकि तुम्हारी भक्ति

में बहुत शक्ति है तुम्हारी भक्ति बिना

स्वार्थ बिना कुछ मांगे तुम्हारी भक्ति है

मैं विवश हो गई हूं तुम्हारे निकट आने के

लिए और तुम्हें बताने के लिए इसलिए मेरी

बात को ध्यान से सुनना मेरे बच्चे तुम

अपने जीवन में काफी समय से कष्ट को सह रहे

हो जिस प्रकार कांटे से भरे रास्तों पर

चलने पर कांटे चुभने पर पाव में घाव हो

जाता है उसी तरह तुम्हारे जीवन में समस्या

उत्पन्न होने पर तुम्हारे जख्मों से भरे

दिल से उन मुसीबतों को सह रहे हो वह सब

मुझे झांत है मैं जानती हूं कि तुम उन सब

जख्मों को अपने हृदय में छुपाए बैठे हो और

शांति पूर्वक रोते हो और मुझे हमेशा कहते

हो तुम्हारी हर शाम आंखें भर जाती है और

तुम भरी आंखों से मुझे देखते हो और सोचते

हो कि मेरी या परेशानी कब दूर होगी लेकिन

मेरे बच्चे मैं बताना चाहती हूं कि एक

खुशखबरी है यह परेशानी हल होने वाली है

शीघ्र ही तुम्हें इस कार्य को करते ही

तुम्हें तुम्हारी सारी परेशानियां छुटकारा

मिल जाएगी ब्रह्मांड में छुपी एक शक्ति को

पहचानो तुमको ध्यान रखना होगा कि उस प्रिय

चीज की प्राप्ति का समय बहुत नजदीक है बस

तुम्हें यह कार्य करना है जो खुशी तुम

प्राप्त कर चाहते हो उसको प्राप्त करने

में अपनी पूरी लगन और परिश्रम उसमें लगा

दो एकाग्र मन से किया गया कार्य जीवन में

हमेशा भर भर की खुशियां लाता है क्योंकि

मेरे बच्चे जब तक लोहा पिघलता नहीं है तब

तक वह किसी आकार में नहीं डाला जाएगा उसको

आकार में डालने के लिए पानी की तरह तपना

ही होगा अर्थात तुम्हें परिश्रम की अग्नि

में खुद को पिघलाकर ही खुशी प्राप्त करने

का सुकून मिलता है तुम्हारा मन उसी खुशी

को प्राप्त कर बहुत प्रसन्न होगा क्योंकि

जिस प्रकार थकान के बिना बैठने का आनंद

नहीं आता धूप के बिना छाव का आनंद नहीं

आता उसी प्रकार नहीं कि गई परिश्रम से

प्राप्त हुई खुशी का आनंद नहीं आता यदि

कोई चीज या कोई भी मंजिल बिना परिश्रम के

मिल जाएगी तो तुम उसकी अहमियत को कैसे

समझोगे और तुम्हें उस खुशी को प्राप्त

करना बहुत ही जरूरी है क्योंकि मेरे बच्चे

जब तक तुम खुशियां प्राप्त नहीं करोगे तब

तक तुम्हें थोड़ी सी भी परेशानी आएगी तब

उस परेशानी को झेलने की ताकत प्राप्त नहीं

होगी जिस प्रकार यदि पढ़ने वाले बच्चे को

परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त ना हो तो

तब तक पढ़ने में अपना मन नहीं लगता कष्ट

उसे जलता है जो बहुत महान व्यक्ति होता है

इसलिए तुम्हारे जीवन में कष्ट का महत्व

बहुत बड़ा है जो परेशानियों के कांटों को

झेल करर खुशियों को पाने की चाहत रखता है

और डटकर हिम्मत से परेशानियों का सामना

करता है वह निश्चित ही खुशियों को प्राप्त

करने का अधिकारी होता है और उस रास्ते पर

चलना भी है क्योंकि ज्यादा सोच विचार

करोगे तो तुम कभी भी वह प्राप्त नहीं कर

पाओगे जिस खुशी की तुम सोच रखते हो मेरे

बच्चे जो बातें बताई है उनको ध्यान सुनकर

समझकर करने का प्रयास करोगे तो तुम्हारे

जीवन में निश्चित ही खुशियां का आगमन होगा

मेरे बच्चे जीवन के सफर में कई बार ऐसे

मोड़ आते हैं जहां एक पल के लिए सब कुछ

ठहर सा जाता है ऐसा लगता है जैसे सारी

दुनिया चल रही है और हम रुक गए हैं कोई

रिश्ता जिसे हम अपनी दुनिया मान बैठे वह

हमसे दूर हो जाता है परिवार का कोई सदस्य

इस दुनिया को छोड़कर चला जाता है या

मुसीबत का पहाड़ एक साथ टूट पड़ता है ऐसा

लगता है जिस दिशा में देखो वहां से

मुसीबतें हमारी ओर बढ़ रही हैं ऐसा लगता

है जैसे सब कुछ खत्म हो चुका है मेरे

बच्चे क्या तुम्हारे साथ कभी जीवन में ऐसा

हुआ है यदि हां तो आज इसका कारण भी जान लो

मेरे बच्चे एक छोटा बालक खेलते खेलते अपने

घर से दूर निकल गया माता पुकारती रही वह

अपनी धुन में आगे चलता चला गया अपने बालपन

में वह ऐसे स्थान पर पहुंच गया जहां चारों

तरफ झाड़ियां और कांटेदार वृक्ष है वह एक

कटीली वृक्ष की पत्ती पकड़कर बैठ गया उस

स्थान के जल में विष मिला हुआ है वहां

खाने की हर वस्तुएं जहरीली है बच्चा यह सब

नहीं जानता था बच्चे के पास कुछ लोग आकर

खेलने लगते हैं वह लोग उसे थोड़े ही समय

में उस बालक को मारना चाहते हैं किंतु

बच्चे इन सभी बातों से अनजान खेल रहा होता

है उसे महसूस हो रहा है कि वह सुंदर जगह

पर है जहां वह प्रसन्नता पूर्वक में रह

सकता है बच्चा आनंद पूर्वक खेली रहा होता

है कि उसकी मां वहां पहुंच जाती है और उस

कटीले वृक्ष को बच्चे के हाथ से छुड़ाकर

उसे अपने साथ जबरदस्ती घर ले आती है बच्चा

रोता है चिल्लाता है और मां पर क्रोध करता

है पर मां उसकी एक बात नहीं सुनती

क्योंकि उसने तो अपने बच्चे के लिए मलमल

का एक बिछाना तैयार किया है उसके भोजन के

लिए स्वादिष्ट भगवान बनाए हैं और खेलने के

लिए उसके दोस्तों को बगीचे में आमंत्रित

किया है पर बच्चा अभी नहीं जानता कि उसकी

मां उसे मृत्यु से जीवन की ओर ले आई है जब

बालक समझदार होगा तब मां का कोटि कोटि

धन्यवाद करेगा मेरे बच्चे जब तुम्हारे

जीवन में ऐसा मोड़ आया जब तुमसे सब कुछ

छीन लिया गया तब वास्तव में ईश्वर रूपी

माता ने तुम्हें उस कटीले स्थान से

सुरक्षित स्थान पर लाने का कार्य किया जब

तक तुम अपने हाथों में कटीले वृक्ष को

पकड़ हुए हो तब तक किसी दूसरे वस्तु को

कैसे पकड़ सकते हो ईश्वर जब हाथ खाली करते

हैं तब कुछ भारी चीजें तुम्हें देना चाहते

हैं शायद तुम उस पल भविष्य की कल्पना भी

नहीं कर सकते थे जहां गिरने से तुम्हारी

माता ने तुम्हें थाम लिया था मेरे बच्चे

तुम्हें उस दलदल से बचा लिया गया था मेरे

बच्चे मैं तुम्हारे साथ गलत नहीं होने

दूंगी मेरे बच्चे क्या तुम मुझे अपनी माता

मानते हो अगर मानते हो तो अंक टाइप

करके मुझे बताओ मैं तुम्हारे जवाब का

इंतजार करूंगी मेरे बच्चे जब भी जीवन में

ऐसा हो रहा हो समझ जाना आगे खाई थी जहां

गिरने से तुम्हें रोका जा रहा है समझ जाना

तुम्हारी माता तुम्हारा हाथ पकड़ तुम्हें

घर की ओर ले जा रही है मेरे बच्चे तुम

मेरी ही संतान हो बस इस बात को स्वीकार

करो तुम नहीं जानते हो किंतु मैं तो यह

जानती हूं कि तुम मेरे बच्चे हो इस पर

विश्वास है तो लायक करके दावा करो मेरे

बच्चे तुम्हारे हृदय की भावनाओं से मैं

भलीभांति परिचित हूं तुम जिस अलौकिक

वस्तुओं की मांग कर रहे हो वह तो केवल

मिथ्य है तुम वही देख पाते हो जो तुम्हारे

संस्कार विचार और विश्वास है मेरे बच्चे

तुम मेरे बच्चे हो और यह परम सत्य है तुम

सदैव मेरी पूजा करते हो मेरी आराधना करते

हो तुम्हारी माता तुम्हारे जीवन में कुछ

गलत कैसे होने दे सकती हूं मेरे बच्चे मैं

तुम्हें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाना

चाहती हूं कांटेदार वृक्षों से शाश्वत की

ओर ले जाना चाहती हूं वह तो मृत्यु है मैं

तो तुम्हें अमृत की ओर ले जाना चाहती हूं

किंतु तुम यह सब छोड़कर भ्रम का हाथ थाम

लेना चाहते हो मेरे बच्चे तुम जिस अलौकिक

वस्तुओं की कामना करते हो वह तो अपने आप

ही तुम्हारे चरणों में आ जाएगी अनेकों

अनेक लोगों में वह क्या है जिसे तुम नहीं

प्राप्त कर सकते किंतु मैं तुम्हें भ्रम

की ओर ले जाना नहीं चाहती तुमसे अधिक मैं

तुम्हारा हित और आहित जानती हूं मैं

तुम्हें कभी

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