तुम्हारे शत्रु को डर लग रहा है

मेरे बच्चे तुम सब कैसे हो मैं देख रही
हूं कि तुम स्वयं को बहुत परेशान कर रहे
हो और इस परेशानी का कारण तुम्हारा क्रोध
है तुम बहुत अधिक क्रोध करते हो तुम्हें
इतना क्रोध क्यों आ रहा है मेरे बच्चे

मुझे ध्यानपूर्वक और अपनी परेशानी बताना
तुम यह बात भली बात जानते हो कि संसार में
मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन क्रोध है और
तुम अपने क्रोध में सारा जीवन नष्ट कर

सकते हो इतिहास गवाह है कि क्रोध में किसी
भी मनुष्य के जीवन की सबसे बड़ी बाधा है
तुम भी क्रोध में फंस रहे हो जो कि एक
बड़ी मुसीबत का कारण बन सकती है तुम्हारे
आने वाले भविष्य में यह क्रोध तुम्हारी
सारी खुशी

तुम्हारा सारा सुख सब कुछ छीन सकता है
क्रोध एक ऐसी बीमारी है जो अच्छे से अच्छे
मनुष्य को बुरा बना देती है मनुष्य क्रोध
में सब कुछ भूल जाता है उसके द्वारा क्रोध
में किए गए कार्य का परिणाम क्या होगा

क्रोध में मनुष्य को यह तक पता नहीं चलता
कि उसके द्वारा किए गए कार्य का क्या
प्रभाव किस किस को भोगना पड़ सकता है
तुम्हारे द्वारा क्रोध में किए गए कार्य

करने के बाद तुम्हें बाद में पछताना पड़
सकता है इसलिए मेरे बच्चे तुम क्यों क्रोध
में हो अपने जीवन को खराब कर रहे हो क्यों
अपने सारे कार्य बिगाड़ना चाहते हो तुम
क्रोध में सब कुछ भूल जाते हो कि तुम्हारे

सामने कौन खड़ा है अपने से बड़ों का
सम्मान तक नहीं करते तुम तुम्हें स्वयं पर
काबू नहीं रहता तुम सामने वालों को जो मन
में आता है वह बोल देते हो बिना कुछ सोचे
समझे कि उसके दिल पर उन बातों का क्या अस


पड़ेगा मेरे बच्चे क्रोध में अपने बनते
हुए कार्य को मत बिगाड़ा करो क्योंकि
तुम्हारा क्रोध शांत हो जाने के बाद
तुम्हें बाद में पछतावा होगा कि मैंने

क्या गलती कर दी क्यों क्रोध में आकर यह
सब कर दिया तुम्हारे क्रोध के कारण
तुम्हें बहुत सी मुसीबत और तकलीफों का
सामना करना पड़ है जिसके कारण तुम बहुत
अधिक चिंतित हो जाते हो बार-बार मैं
तुम्हें कहती हूं इतना क्रोध मत किया करो

तुम केवल शांत रहकर अपने अच्छे कर्म किया
करो इतना क्रोध अच्छा नहीं है तुम्हारे
लिए तुम्हें अपने ऊपर नियंत्रण रखना चाहिए
तुम्हारे लिए यही अच्छा होगा मेरे बच्चे

कि तुम्हें जो भी चाहिए तुम्हें समय आने
पर दूं क्योंकि मैं तुम्हें समय से पूर्व
अगर चीजें प्रदान करूंगी तो तुम क्रोध के
चक्कर में उन चीजों को नष्ट कर दोगे तथा
जो मैं तुम्हें देना चाहती हूं वह तुम्हें

मिलकर भी नहीं मिल पाएगा तुम खुद पर ध्यान
दो तुम्हें अपनी मंजिल तक पहुंचना है वहां
पहुंचने के लिए तुम्हारा शांत रहना अति
आवश्यक है यदि मन में तुम्हारे बुरे विचार
या फिर क्रोध की अग्नि जल रही है तो तुम

अपने लक्ष्य को कभी नहीं पा सकते वहां तक
पहुंचने के लिए तुम्हें अपना पूरा मन शांत
रखना होगा इसलिए मेरे बच्चे तुम क्रोध मत
किया करो और शांत रहकर अपने कार्य किया
करो तुम्हारा कल्याण हो मेरे बच्चे अगर आप

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