तुम्हारे साथ इतना बुरा होने वाला है

प्रिय भक्त गण आज हम आपको एक कथा का स्मरण

करा रहे हैं जो सुनने मात्र से आपके जीवन

में सुख संपत्ति और धन की वर्षा होगी तो

चलिए कथा को प्रारंभ करते हैं भगवान शिव

माता पार्वती से कहते हैं कि पृथ्वी लोक

पर दो प्रकार के मनुष्य रहते हैं वह अपनी

अहमियत को नहीं जान पाते हैं अगर आप यह

कहानी सुन रहे हैं तो इसे पूरा सुनिए इस

कहानी को आधा अधूरा छोड़कर जाने की गलती

मत

करिएगा क्योंकि इस पवित्र कथा को पूरा

सुनने से मन चाहे फल की प्राप्ति होती है

इसलिए

इस कथा को पूरा सुने आप शिव भक्त है तो

भोलेनाथ का अनादर ना करें हे पार्वती आज

हम आपको इस कहानी के माध्यम से बताने जा

रहे हैं कि जब तक किसी मनुष्य को खुद की

अहमियत का पता नहीं होता है तब तक दूसरों

की अहमियत को नहीं समझ पाता

है इस दुनिया में दो के इंसान होते हैं

पहली बार जो अपने काम पर पूरा भरोसा करते

हैं जो खुद पर पूरा भरोसा करते हैं उन्हें

खुद पर पूरा यकीन होता है और वह जानते हैं

कि उनके अंदर ऐसी क्या खास बात है जिसके

लिए लोग उन्हें जानते हैं उनके अंदर ऐसा

क्या हुनर है जो औरों से अलग है जो

सामान्य नहीं है वहीं पर दूसरी तरफ के लोग

जो अपने आप को बहुत सामान्य समझते हैं

बहुत तुच्छ समझते हैं जो अपने काम को अपने

किसी भी परिवार को किसी भी व्यापार को कभी

भी प्रोफेशन को वो बहुत छोटा समझते हैं

सामान्य समझते हैं ऐसे प्रकार की लोगों को

हमेशा यही लगता है कि उनके अंदर ऐसी कोई

खास बात

नहीं है ऐसा कोई हुनर नहीं है जिससे लोग

उन्हें जान सके उन्हें पहचान सके और ऐसे

लोग को आंकड़ा अत्यधिक है फिर भगवान शिव

माता पार्वती से कहते हैं वैसे आप ध्यान

से सुनेंगे आज की कलयुग की कहानी में आपको

सुनाने जा रहा हूं यह कहानी मनुष्य को

अपने ऊपर यकीन कराना सिखा देती है

खुद के महत्व के बारे में सिखा देती है

जितना समय दूसरों को समझाने में लगता है

अगर उसका आधा समय अगर आप वह खुद पर लगाए

तो जीवन में वह कहीं आगे निकल सकती हैं एक

कहावत है वक्त से लड़कर जो अपना नसीब बदल

दे इंसान वही है जो अपनी तकदीर बदल दे कल

क्या होगा किसी ने ना सोच

क्या पता कल वक्त खुद अपनी तस्वीर बदल दे

तो चलिए बिना समय बताएं इस कहानी को

प्रारंभ करते हैं इस कहानी को सुनने के

पहले आप इस कहानी से अगर थोड़ा भी प्रेरित

हुए हो तो इस चैनल को सब्सक्राइब करें और

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इस वीडियो को आप बहुत प्या प

दे बहुत समय पहले की बात है एक छोटा सा

गांव था उस गांव में एक युवक रहता था

जिसका नाम कालू था कालू एक बड़े से

व्यापारी के यहां नौकरी किया करता था

लेकिन उसे हमेशा यही लगता था कि वह तो एक

मामूली सा काम कर रहा है यह काम बहुत छोटा

है कुछ बहुत है वह कभी भी अपने काम की

इज्जत नहीं करता था अपने महत्व के बारे

में नहीं जानता था वह भी कार्य जो करता था

वह बहुत घटिया काम लगता था उसके मन में

केवल एक ही विचार चलता था कि मैं इस काम

को कितना जल्दी छोड़ दूं और मैं खुद का

व्यापार शुरू करूं लेकिन उसके घर घर पर

उसके माता-पिता उसकी पत्नी और उसके दो

बच्चे थे जिनकी जिम्मेदारियों के कारण वह

अपनी इस नौकरी को छोड़ नहीं पा रहा था

क्योंकि उसके घर की सारी जिम्मेदारियां

उसी के कंधों पर थी उसके घर में कोई और

दूसरा कमाने वाला नहीं था यही कारण था कि

वह उस नौकरी को छोड़ नहीं पा रहा था लेकिन

जब भी

खाली होता था जब भी वह एकांत बैठता था तो

उसके मन में तरह-तरह के विचार आते थे आज

नहीं तो कल मैं अपना व्यापार शुरू कर ही

लूंगा यदि मैं व्यापार ना भी शुरू कर पाया

तो एक छोटी सी दुकान खोल लूंगा जिससे मेरा

गुजर बसर होने लगेगा और मेरे परिवार की

जिम्मेदारियां भी पूरी होने लगेंगी इस

प्रकार वह कभी के काम के बारे में तो कभी

दूसरे काम के बारे में सोचा करता था वह

हमेशा सोचता था यदि मैं कुछ बड़ा करूंगा

तभी लोग मेरी इज्जत करेंगे कभी मेरा

सम्मान करेंगे अन्यथा लोग मुझे यूं ही

नाकारा ना कामयाब समझेंगे इसलिए जब भी कोई

रिश्तेदार जब भी कोई सगा संबंधी उससे उसके

काम के बारे में पूछता बेटा क्या काम करते

हो तो वह अपने काम को छुपाने का प्रयास

करता वह उसे नजर छू वह मन ही मन यह सोचता

करता यदि मैंने अपनी छोटी सी नौकरी के

बारे में बता दिया तो यह लोग मेरे बारे

में क्या-क्या

सोचेंगे इतनी अच्छी पढ़ाई लिखाई करके यह

छोटी सी मामूली सी नौकरी कर रहा है इससे

अच्छा तो होता कि कोई कामना करता और घर

में

बैठता इसलिए जब भी उससे कोई जोर जबस्ती

करके पूछने का प्रयास करता कि क्या काम कर

रहे हो तो वह उनसे केवल एक ही बात कहता था

अभी तो मैं काम ढूंढ रहा हूं मैं भी काम

की तलाश कर रहा हूं अभी तो मुझे कोई काम

नहीं मिल रहा है क्योंकि अपने मन में वह

हमेशा एक ही बात सोचा करता था कि वह अपने

काम के बारे में किसी को भी बताना सही

नहीं रहेगा अन्यथा लोग मेरा मजाक उड़ाएंगे

मेरे बारे में ना जाने क्या-क्या सोचेंगे

ना जाने कैसी-कैसी बातें करेंगे जिससे एक

समाज में मेरी इज्जत घट जाएगी और लोग मुझे

ताने मारेंगे वह तरह तरह से उलझाने देंगे

इस प्रकार के विचार उसके मन में हमेशा

चलते रहते

थे और वो हमेशा परेशान रहता था कोई ना कोई

ऐसा प्रयास ऐसा उपाय निकालने की कोशिश में

लगा रहता जिससे कि लोग उसका सम्मान करें

उसका सम्मान करें उसकी इज्जत करें जिसका

कारण वह बहुत तनाव में रहने लगा बहुत

चिंतित रहने लगा और जो नौकरी वह किया करता

था उस नौकरी में उसे अच्छा वेतन मिलता था

जिससे उसका पूरा परिवार का भरण पोषण बहुत

आसानी से हो जाता था लेकिन फिर भी वह अपने

आप को बेकार समझता था नाकारा नालायक समझता

था जिसके कारण उसे रातों की नींद नहीं आती

थी तो वह वहु चिंतित परेशान रहता था व

अपने आप को हमेशा फालतू समझता था उसे लगता

था कि वह इस दुनिया में एक अकेला ऐसा

इंसान है जो पूरी तरह से बेकार है ना जाने

लायक है निकम्मा है और कभी-कभी तो उसके मन

में आत्महत्या करने के विचार भी उत्पन्न

होने लगते थे लेकिन जैसे-तैसे वह खुद को

मना लेता और अपने कामों के लग जाता एक दिन

की बातें हैं कालू अपने मालिक के काम में

कहीं बाहर जा रहा था तभी रास्ते में उसे

एक शिव सन्यासी मिले वह सन्यासी कालू से

बड़ी विनम्रता से भिक्षा मांगते हैं तभी

वह कालू उस सन्यासी से कहता है हे गुरुदेव

आपके चेहरे पर अजीब सा तेज है पर आपके

चेहरे पर बड़ी शांति महसूस दिख रही है आप

बड़े दयालु मालूम पड़ते हैं भला आजकल इस

तरह से कौन बात करता है जिसे देखो वो

क्रोधित है जिसे देखो वह रशिया करता है

जिसे देखो एक दूसरे को जलाने में लगा रहता

है कोई किसी की इज्जत नहीं करता

है कोई किसी का सम्मान नहीं करता है लेकिन

आपकी वाणी ने एक ही पल में मेरा मन मो

लिया क्या

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