तुम्हारे साथ यह फिर से होगा भयभीत मत होना

और आज मैं तुम्हें जीवन की ऐसी सीख दूंगी

जिससे तुम अपने हालातों पर रोना छोड़ दोगे

मेरे बच्चे मुझे पता है तुम्हारे हालात

ठीक नहीं है तुम इस समय बहुत से संघर्षों

के साथ अपना जीवन व्यतीत कर रहे हो और इन

संघर्षों के कारण तुम्हें बहुत कुछ सहना

पड़ रहा है तुम्हारे जीवन में जो दुख और

तकलीफ है उसके कारण तुम अपने जीवन के

कार्यों को भी ठीक प्रकार से नहीं कर पा

रहे तुम्हें अपने दुख इतने बड़े लगते हैं

कि तुम कुछ समझ नहीं पा रहे हो मेरे

प्यारे बच्चे तुम बड़े से बड़ा मुश्किल

कार्य तभी कर सकते हो जब तुम्हारा मन नई

नई खोज व निर्माण की उमंगों से भरा हो

खाली एवं भुजे हुए मन वाला व्यक्ति कुछ

नहीं कर सकता है उत्साह और आशा से ही

बड़े-बड़े कार्य होते हैं निर्माणात्मक

अग्रमक तथा आक्रमक गुण ही आगे बढ़ाने वाले

गुण हैं इन गुणों का उपयोग करने के लिए मन

की स्थिति भी वैसी ही होनी चाहिए जिस

व्यक्ति में यह गुण नहीं है वह कभी सफल

नहीं बन सकता वह हमेशा दूसरों के पीछे ही

रहेगा छाया बनकर जिएगा दूसरों की नकल करता

रहेगा तब तक उसकी यही स्थिति रहेगी जब तक

अभावा मक से भावात्मक संयुक्त से निश्चित

पीछे पीछे सरकने की आदत बनी रहती है

इन्हीं कारणों से मनुष्य केवल पीछे और

असफल बनकर रह जाते हैं इसी प्रकार

तुम्हारा समस्त जीवन अकारण हो जाता है तुम

थोड़ी भी प्रगति नहीं कर सकते हो तुम अपना

जीवन गहरे अंधकार में समाप्त कर देते हो

इस प्रकार के व्यवहार से ही हम अपने मन

मस्तिष्क की खिड़कियां और दरवाजे बंद कर

देते हैं और मोटे काले पर्दे टांग देते

हैं एक बार पर्दे हटाकर खिड़कियां खोलकर

तो देखो मेरे बच्चे आज ही इसी वक्त ही दंड

संकल्प कर लो कि मैं आशावादी बनूंगा मुझ

में निराशावादी

शन नहीं होगा उसकी कल्पना तक नहीं होगी यह

विश्वास रखो अंत में न्याय की विजय होती

है क्षणिक रूप में कुछ भी होता दिखाई दे

अंतिम विजय तो शक्ति की होती है मेरे

बच्चे ध्यान से देखोगे तो पता चलेगा कि हर

पल न्याय और सत्य की विजयता हो रही है और

सत्य की विजय हो रही है यह बात मन में ठीक

तरह बिठा लो और इसका बार-बार ईश्वर को

धन्यवाद करो कि मैं महान सौभाग्यशाली

व्यक्तियों में से हूं अपने आप को धन्यवाद

दो कि तुम एकदम सही समय पर और बिल्कुल ठीक

स्थान पर पैदा हुए हो और तुम्हारे पास

करने के लिए निश्चित काम है जिसे और कोई

नहीं कर सकता है तथा तुम संसार में सबसे

बड़े किस्मत मनुष्य हो कि तुम्हें यह अवसर

मिला है इस स्वास्थ्य तथा शिक्षा की

प्राप्ति हुई है कि तुम कार्य को अवश्य

पूरा कर सकोगे यदि तुम गरीब और बेकार हो

तो भी उठो हृदय को उत्साह से पूर्ण करो

अभाव और गरीबी के प्रत्येक विचार को

निकालकर बाहर फेंक दो अपने मन में

संपन्नता समृद्धि सब सब प्रकार की अच्छी

चीजों के चित्र बनाओ तुम्हारे लिए यह सब

चीजें प्रस्तुत करने की मेरे पास

सुनिश्चित योजना है धर्म ग्रंथों को पढ़ो

उनमें ईश्वर की यह आज्ञा उल्लेखित है तुम

गरीबी से दुखी या अभागे हो इस बात का दावा

करो क्योंकि यह परम सत्य है तुम्हारा जन्म

सिद्धि अधिकार है कि तुम सौभाग्यशाली हो

ऊर्जा से युक्त हो संपन्न हो महान

शक्तिशाली हो तुम्हें सफलता अवश्य मिलेगी

ऐसे विचारों के आते ही तुम सफल हो जाओगे

इस प्रकृति की भला क्या मजाल कि वह तुमको

रोक सके उस मानव को जिसे भगवान ने अपने

प्राकृतिक रूप से बनाया है बार-बार नमन

करो और यह विश्वास रखो जिस परमात्मा ने

तुम्हारे मन में कुछ ब ने की कुछ करने की

भावना रखी है उसने महत्व कांक्षा को पूर्ण

करने की योग्यता भी दी है अपनी इस योग्यता

का लाभ उठाओ जब तक तुम ऐसा नहीं करोगे कुछ

भी नहीं हो सकता एक टक अपने मन में झा को

और देखो कि वहां पर क्या है क्या ईश्वर ने

तुमको अटूट शक्ति नहीं दी है तुम्हारे पास

अब यह खामोशी क्यों उठकर बैठो बैठकर खड़े

हो और खड़े होकर आगे बढ़ो आगे बढ़कर दौड़

लगाओ और तब सब मिलेगा मेरे प्यारे बच्चे

मैंने रास्ता बना रखा है अगर मेरे रास्ते

पर ना चलो तो इसमें दोस्त किसका है अवश्य

तुम दोषी हो संसार में कर्महीन मनुष्य ही

आगे नहीं बढ़ पाते हैं संसार में सब कुछ

है ऐसों के लिए कुछ भी नहीं है इस तरह

कर्महीन बने रहकर तुम स्वयं अपनी प्रगति

में रोड़े अटका लेते हो अपने जीवन डोर

काटते जाते हो इस प्रकार तुम्हारा सपना

समाप्त हो जाता है तुम अपने पैरों का

स्वयं कुल्हाड़ी चला बैठते हो तुम इस तरह

से अपने व्यवहार से गिर जाते हो इंसान

होकर भी ऐसा व्यवहार तुम्हारी शक्तियों को

भी कमजोर कर देता है

इससे लाभप्रद परिणाम प्राप्त करने वाली

ताकतों का विनाश होता है दुख और डर

व्यक्ति की कार्य योग्यता को दीमक बनकर

चाट जाता है बेकार की चिंताओं से मनुष्य

का प्रभाव कम हो जाता है और सफलता के लिए

जो रचनात्मक प्रयास आवश्यक है उसके लिए

मानव में साहस ही नहीं रहता है हर कार्य

की ओ और रचनात्मक दृष्टि से देखना उसके

उज्जवल पक्ष की ओर देखना उसकी ओर आशा भरी

दृष्टि से देखना सफलता का मनन करना मन को

बारंबार सफलता का विश्वास दिलाते रहना

संदेह और संशय के भावों को लगातार दूर

करते रहना सर्वोत्तम परिणाम अवश्य सामने

आएगा ऐसा पक्का यकीन करना सच्चाई और और

अच्छे काम की अवश्य विजय होगी मेरे प्यारे

बच्चे तुम्हें अपने आप को हारने नहीं देना

है तुम्हारा विजय होना तय है मेरा

आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ है मेरे अगले

संदेश की प्रतीक्षा करना आज इन्हीं सुंदर

नेत्रों के लिए यह खत लिखा गया है यहां तक

पहुंच गए तो समझ लेना अब वहां जाने वाले

हो जी जीवन एक नए मोड़ के लिए करवट लेने

को तैयार है मेरे बच्चे तुम्हारे हृदय से

बह रही प्रेम की सुंदर बूंदे मुझे

प्रत्येक क्षण स्पर्श कर रही हैं क्योंकि

तुम एक दिव्य आत्मा हो तुम्हारी पवित्र

ऊर्जा बढ़ती जा रही है जिसके फल स्वरूप जो

तुम्हारा अर्ध स्वरूप है वह तुम्हारे निकट

पहुंच रहा है मेरी प्रिय जिस प्रकार एक

चुंबक दूसरे चुंबक को आकर्षित करता है उसी

प्रकार तुम्हारा दिव्य प्रेम तुम्हें

आकर्षित कर रहा है तुम्हारे हृदय में

प्रेम के लिए जो पवित्र भावनाएं उत्पन्न

हुई हैं वह उसी चुंबकीय आकर्षण का फल है

जिस प्रकार तुम अपने दिव्य प्रेम के बिना

अधूरे हो उसी प्रकार तुम्हारा दिव्य प्रेम

तुम्हारे बिना पूर्ण कैसे हो सकता है आज

तुम्हें मैं वह सत्य बताऊंगा जिसे जानकर

तुम खुशी से झूम उठोगे वह सत्य है

तुम्हारे दिव्य प्रेम के मिलने का समय

मेरे प्रिय तुम दोनों के मिलने का समय

मैंने निर्धारित कर दिया है वह तुम्हारे

जीवन में अप्रत्यक्ष रूप से तो पहले ही

प्रवेश कर चुका है किंतु मैं तुम्हें वह

समय बता रहा हूं जब वह प्रत्यक्ष रूप से

तुम्हारे निकट होगा ध्यान से सुनो जब

तुम्हारी शक्ति मणिपुर चक्र केंद्रित होगी

जब अनाहत चक्र में ऊर्जा बढ़ने के कारण

तुम्हारा हृदय अत्यधिक करुणा से भर जाएगा

और हरा रंग तुम्हें आकर्षित करने लगेगा जब

तुम इतिहास में हुई घटनाओं को जीवन का

अनुभव समझकर प्रसन्न चित मन से आगे बढ़ो

खेत ठीक उसी सी समय तुम्हारे जीवन में

आर्थिक लाभ होने प्रारंभ हो जाएंगे

तुम्हारी चेतना का स्तर ऊपर उठ चुका होगा

उसी दिन उसी माह में वह प्रत्यक्ष रूप से

तुम्हारे सामने आएगा क्योंकि जब तक तुम

दोनों की यह आध्यात्मिक यात्रा एक स्तर पर

नहीं आती जब तक तुम्हारा मिलन पंच आयम में

संभव नहीं हो सकता इसे इस प्रकार समझो

जैसे कलाकार अपनी रचना को पूर्ण करने के

लिए उसके दो भागों को अलग-अलग तब तक घिसते

हुए तैयार करता है जब तक वह दोनों एक समान

सुंदर रूप में नहीं आ जाती जैसे कि दोनों

टुकड़ों के रूप में आते हैं वैसे ही

कलाकार उसे जोड़कर अपनी रचना को नाम देता

है यदि वह ऐसा ना करें तो क्या होगा उसकी

कोई भी रचना सुंदर नहीं बनेगी कोई भाग

छोटा तो कोई बड़ा रह जाएगा क्योंकि जोड़ने

के बाद उसमें ज्यादा घिसाई संभव नहीं मेरे

प्रिय बच्चे ऐसे ही तुम दोनों मेरी ही

सुंदर रचना हो जब तक तुम दोनों की ऊर्जा

को मैं एक स्तर पर नहीं ले आता तो उसे मैं

पहले ही कैसे जोड़ सकता हूं तुम ही बताओ

मेरा ऐसा करना उचित है या अनुचित मैं

तुम्हें इस स्पष्ट बता रहा हूं कि जो

तुम्हारा दिव्य प्रेम है उसकी ऊर्जा का

स्तर तुमसे कहीं ऊपर उठ चुका है उसकी

यात्रा तुमसे पहले प्रारंभ हुई थी किंतु

प्रसन्नता की बात यह है उसने जितनी यात्रा

कई रसों में तय की तुमने उसे कुछ माह में

ही पूरा किया है बस कुछ कदम और तुम्हें

आगे बढ़ाना होगा अपनी चेतना के स्तर को

उसके चेतना के स्तर के समान लाना होगा

मेरे बच्चे जैसे ही तुम्हारी ऊर्जा का

स्तर उसकी ऊर्जा के स्तर से मेल खाएगा तुम

दोनों स्वयं अपने आप ही जुड़ जाओगे मेरे

प्रिय क्या तुम तैयार हो अपनी ऊर्जा को

ऊपर उठाने के लिए यदि हां आज से हर दिन

मिनट अपना ध्यान अनाहत चक्र पर केंद्रित

करते हुए प्रेम की ऊर्जा को जीवन में

आमंत्रित करो अपने आप से बहुत ज्यादा

प्यार करो अपने आप को रचनात्मक चीजों से

जोड़ो देखो तुम्हारा जीवन चमत्कार बन

जाएगा और हर वक्त तुम्हें आनंद की अनुभूति

होगी मेरे बच्चे यदि आज तुम्हें मेरा

संदेश प्राप्त हुआ है तो इसका अर्थ है

तुम्हारी मांगी हुई खुशी तुम्हें देने जा

रहे हो दिल को जो चीज अच्छी लगती है यदि

वह प्राप्त हो जाए तो दिल खुश हो जाता है

और जो दिल को अच्छी नहीं लगती वह प्राप्त

हो तो दिल दुखी हो जाता है लेकिन कुछ हृदय

की ऐसी अधूरी इच्छाएं होती हैं जो हृदय

उन्हें पूरा होता देखना चाहता है और तभी

उनको पूरा होने में रुकावट आने लगती है और

मन बेचैन हो उठता है ऐसे में मेरे बच्चे

का किसी काम में दिल नहीं लगता और केवल

वही बात दिमाग के अर घूमती रहती है मेरा

बच्चा बहुत ज्यादा इस बात से परेशान हो

जाता है कि आखिर वह कार्य पूरा क्यों नहीं

हो रहा वह मेरी इच्छा अधूरी क्यों है ऐसा

मैं क्या करूं जिससे कि वह मेरी अधूरी

इच्छा पूरी हो जाए क्योंकि जब दिल खुश

नहीं रहता तो किसी भी काम में मन लगना

असंभव है किसी भी काम में मन लगने के लिए

दिल का खुश रहना ब बहुत जरूरी है लेकिन आज

मैं कुछ ऐसी बातें बताने वाली हूं जिसके

सुनते ही तुम्हारा मन भी लगेगा काम में और

तुम्हारा हृदय भी प्रसन्न हो जाएगा

तुम्हारे मन की इच्छाओं को पूण जरूर

करूंगी यदि तुमने सच्चे मन से पूरी

श्रद्धा से और मेहनत से किसी कार्य को लगन

लगाकर किया है तो मैं आज तुमसे वादा करती

हूं कि तुम्हारा कार्य जिसके लिए तुमने

पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ उस कार्य

को किया है मैं उसे अवश्य पूर्ण करूंगी

लेकिन तुम भी इस बात को बहुत अच्छे से समझ

लो कि जिस पर तुमने इतनी मेहनत कर दी है

और तुमने इतनी ईमानदारी से काम को किया है

तो वह काम भी तुम्हारी मेहनत के सामने

छोटा पड़ रहा है इसलिए उससे भी बड़ा और

उससे भी ऊंचा तुम्हें मुकाम हासिल होगा

मैं आज खुद तुमसे यह वादा करती हूं कि तुम

उससे भी ऊंची जिसके लिए तुमने कार्य किया

है उससे भी बड़ी खुशी को तुमको प्राप्त

होगी एक कार्य जैसे जैसे तुम यह करोगे

वैसे-वैसे सच में तुम्हारे अंदर वह शक्ति

विराजमान होती चली जाएगी जिससे तुम्हारा

मन शांत रहने लगेगा और यदि तुम्हारा मन

शांत रहने लगेगा तो तुम निश्चित ही अपने

कार्य को मन लगाकर कर पाओगे क्योंकि यदि

अशांत मन से कार्य करोगे तो कोई कार्य हो

नहीं पाएगा और खुशी प्राप्त होने के पहले

ही या वह किसी कार्य को प्राप्त करने के

पहले ही तुम बिखरने और टूटने लगोगे सुबह

जब तुम प्रातः काल उठते हो हो तो अपने

नित्य क्रिया से निवृत होकर पूजा के समय

ओम शांति ओम शांति ओम शांति ओम शांति का

बार उच्चारण करो जैसे जैसे तुम

प्रतिदिन इसका उच्चारण करोगे वैसे ही इसका

असर तुम्हारे मस्तिष्क और पूरे शरीर पर

होने लगेगा और तुम्हारे दिमाग में शांति

उत्पन्न होने लगेगी

मन खुश रहता है क्योंकि खुशी को पाने के

लिए सबसे पहले मन का शांत होना जरूरी है

मेरे बच्चे यदि तुम्हें मनुष्य का जीवन

मिला है तो उसे दुखी रहकर व्यतीत मत करो

बल्कि खुश रहकर गुजारो इस पृथ्वी पर

मनुष्य को ही इतनी दिमागी शक्ति मिली है

जो हर चीज को सोच सकता है समझ सकता है और

हर काम को दिमाग से कर सकता है लेकिन यदि

तुम उदास हो जाओगे तो तुम्हारा दिमाग भी

काम करना बंद कर देगा और तुम जो सही कर

रहे हो उसे भी कर नहीं पाओगे तुम्हारी

बड़ी से बड़ी खुशी को मैं पूरा करूंगी अगर

तुम मुझसे एक वादा करो कि आज के बाद तुम

कभी उदास नहीं होगे तो मैं भी तुमसे एक

वादा करती हूं हर खुशी तुमको प्राप्त होगी

बाकी मेरे ऊपर छोड़ दो और सब सही होगा और

अच्छा होगा मेरे बच्चे कभी रोना मत इस बात

पर विश्वास रखना कि तुम्हारी हर खुशी मैं

पूरी करूंगी तुम्हारी हर इच्छा पूरी

करूंगी जीवन में तुम्हारी एक कोई इच्छा

अधूरी नहीं रहेगी मेरे बच्चे रोने से

तुम्हारे अंदर नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न

होती है और सकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है

जिससे तुम्हारे हृदय में विराजमान नहीं रह

पाऊंगी मेरे अगले संदेश की प्रतीक्षा करना

ओम नमः

शिवाय

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