तुम्हें हमेशा सताया गया इसलिए तुम्हें जीत दिलाने वो खुद आ रहा

मेरे प्रिय बच्चे आज तुम्हारा इस दिव्य

संदेश तक पहुंचना यह प्रमाणित कर रहा है

कि तुम्हारे भीतर पुण्य आत्मा का वास हो

रहा है यह प्रमाणित कर रहा है कि अब

तुम्हारा समय बदलने वाला है तुम्हारे जीवन

में एक नया मोड़ आने वाला है और आज मैं

तुम्हें इसलिए यह अति आवश्यक संदेश देने

आया

हूं क्योंकि आज यदि तुम इसे नहीं जान

पाओगे तो तुम बहुत जरूरी बातों से पूरी

तरह से वंचित रह जाओगे दिव्य मार्ग पर

जाने से पूरी तरह से वंचित रह

जाओगे वह द्वार जो तुम्हारे लिए खुल रहा

है तुम उस पार जाने से वंचित रह जाओगे

इसलिए मेरे प्रिय बच्चे अपने जीव को

सुनिश्चित करने के

लिए यह अपनी दिव्यता को सुनिश्चित करने के

लिए तुम्हें इस संदेश को पूर्णता अंत तक

सुनना है चाहे परिस्थिति कैसी भी हो

तुम्हें किसी भी हाल में इसे बीच में

छोड़कर जाने की भूल नहीं करनी है इसे

आत्मसात करना है इसे अपने हृदय में स्थान

देना है मेरे प्रिय बच्चे क्या तुम्हें

याद है अपना वह बचपन जब तुम बहुत शर्मीले

हुआ करते थे और इस वजह से बहुत सी बातें

जो तुम्हें अनुचित लगती थी जो तुम्हें

निरर्थक लगती थी जो तुम्हें गलत लगती थी

तुम उसके खिलाफ भी बोल नहीं पाते थे अपनों

से व्यक्त ना कर पाते थे ना मित्रों से

खुलकर व्यक्त कर पाते थे ना ही किसी और से

ना ही तुम्हें कभी वह गुरु मिला जो तुम्ह

सही मार्ग पर ले

जाए ना ही कोई ऐसा साथी मिला जो सदा

तुम्हें यह एहसास दिलाए कि वह हर क्षण में

हर पल में तुम जिससे तुम पूरी तरह से

खुलकर अपनी सारी बातें अपने दिलों की

बातों कह सको लेकिन उस क्षण में उन समय

में कोई भी ऐसा नहीं था जो तुम्हारी बातों

को स्पष्टता समझ पाए जो तुम्हें यह एहसास

दिला पाए कि तुम्हारे भीतर क्या चल रहा है

जो तुम्हें यह एहसास दिला पाए कि तुम्हारे

भीतर के सन्नाटे में भी वह तुम्हारे साथ

खड़ा

रहेगा तुम अपने दर्द को बयान नहीं कर पाते

थे तुम चाहते तो थे कि तुम किसी से अपना

दर्द बया कर सको लेकिन ऐसा कोई भी नहीं था

जिससे तुम कुछ कह सको तुम्हारे भीतर एक

गुमनाम सन्नाटा छाया रहता था तुम्हारे मन

में भी वही सन्नाटा सदाय छाया रहता था और

इस सन्नाटे के बावजूद भी तुम्हारा अंतर मन

को राहत से भरा हुआ था यह दोनों बातें एक

दूसरे की प्रतिद्वंदी लगती है लेकिन तुम

दोनों ही परिस्थितियों से गुजर रहे थे तुम

अपने जीवन में जिस तरह से चिंतित थे जिस

तरह के अकेलेपन का तुमने अनुभव किया था

जिस तरह के संघर्षों को तुमने झेला था उसे

बया कर पाना भी अत्यंत मुश्किल है तुम

चाहते थे कि कोई ऐसा हो तुम्हारे मित्र

में कोई ऐसा हो तुम्हारे परिवार का जिससे

तुम अपनी बातें पूर्णत दिल खोलकर कह सको

तुम कल्पनाएं करते थे तुमने विचार किया

तुम सोचा करते थे बहुत सारी कल्पनाएं बहुत

सारे विचार की तुम कैसे किसी परिस्थिति

में व्यवहार करोगे कैसे किसी परिस्थिति

में अपनी बातों को

रखोगे लेकिन सामने आने पर उस परिस्थिति के

समक्ष होने पर तुम भयभीत हो जाया करते थे

तुम अपनी बातें पर एक तूफान उम्र पड़ता था

फिर से नई कल्पनाएं जन्म लेती थी फिर से

नई तरह की परिस्थिति बनती थी

मेरे प्रिय धीरे-धीरे तुम्हारे मन में ऐसी

बातें बैठ गई ऐसी कुंठा बैठ गई ऐसी निराशा

की तुम जाकर भी अपनी बातें रख नहीं पाते

थे और यह सदा से ही तुम्हारे साथ रहा है

और इसका प्रभाव आज भी

तुम्हारे जीवन में परिलक्षित हो रहा है आज

भी तुम अपनी बातों को कहने में संकोच करते

हो कोई जो तुमसे पद में प्रतिष्ठा में या

धन में बड़ा होता है जो तुमसे रंग रूप में

तुम्हें श्रेष्ठ लगता है तुम्हारी

मान्यताओं के आधार पर तुम्हें वो अधिक जान

पड़ता है तुम उसके सामने संकोच खाते हो

तुम उसके सामने अपनी बातें रख नहीं पाते

हो तुम्हारे मन में एक तरह की निराशा

उत्पन्न हो जाती है जबकि यह वास्तविकता

नहीं है यह तुम्हारे मन का भ्रम मात्र है

फिर भी तुम उसमें उलझ जाते हो फिर भी तुम

अपने जीवन को यूं ही जाया कर देते हो तुम

अपने जीवन के महत्व को समझ नहीं पाते हो

मेरे प्रिय तुम सदा ही हंसते खेलते रहने

वाले लोगों में से हो तुम लोगों के समक्ष

अपने मित्रों के पास भी तुम हंसते थे

बोलते थे बातें किया करते थे उस क्षण में

तुम अपनी समान स्थिति को भी भूल जाया करते

थे जब खुशियों का पल आता था तब तुम उसे

पूरी तरह से जिया करते थे उस समय में तुम

भूल जाते थे कि तुम अकेले हो तुम्हें

अकेलेपन का एहसास खाए जा रहा है लेकिन

जैसे ही तुम उन परिस्थितियों से बाहर आते

थे जैसे ही तुम पर कोई दुविधा आन पड़ती थी

तुम्हारा हृदय काप उठता था तुम्हारे भीतर

की निराशा उमर पड़ती

थी तुम्हारे भीतर फिर से वही उदासी छा

जाती थी तुम फिर से किसी की याद में रोया

करते थे और तुम एक ऐसे इंसान की कल्पना

करते थे जिसको ना तुमने कभी देखा है ना

तुमने कभी जाना है लेकिन तुम चाहते थे कि

कोई ऐ समस्याओं को एक क्षण में समाप्त कर

दे तुम सदैव सहारे की तलाश में रहा करते

और ऐसा नहीं है कि तुम भीतर से बहुत कमजोर

हो ऐसा भी नहीं है कि तुमने अपने कमजोरी

को दूर करने का प्रयत्न नहीं किया ऐसा

नहीं है कि तुम्हारे भीतर आत्मविश्वास

बनाने के लिए ना जाने कितने ही प्रयत्न

तुमने कर डाले हैं लेकिन इसके बावजूद वह

निराशा वह पुंठा तुम्हारे मन से नहीं गई

और इस वजह से तुम रह रहकर स्वयं को ही

उदास कर लिया करते हो यदि तुम भीतर झा

कोगे अपने मन में तलाश करोगे तो तुम यह

जान जाओगे कि तुम्हारे दुख का भी कारण तुम

हो और तुम्हारे सुख का भी कारण तुम हो

लेकिन तुम्हारा भ्रम है जो तुम्हें ऐसा

करने पर ऐसा सोचने पर मजबूर कर रहा है

जबकि वास्तविकता में तुम एक ऐसे व्यक्ति

हो जो पूरी तरह से ताकत से भरे हुए हो यह

ताकत तुम्हारे भीतर है और इसी वजह से तुम

अध्यात्म के इस मार्ग पर इतना आगे आ सके

हो तुम अलग हो जब तुम गौर से झा कोगे अपने

भीतर अपने जीवन

तो तुम यह देख पाओगे कि तुम्हारे आसपास के

लोग कैसे अहंकार से चूर चूर हो चुके हैं

कैसे वह सब धन प्रतिष्ठा की आण में खुद को

बहुत ज्यादा शक्तिशाली मान बैठे हैं जबकि

उनका यह अहंकार बिल्कुल ही निरर्थक है

उनका यह अहंकार किसी काम का नहीं है वह एक

पल में टूट सकता है लेकिन यह कर्मों का फल

है जो चीजें अभी चल रही है वह समय चक्र की

बात है जो अभी तुम्हारी समझ में नहीं आ

रहा है लेकिन जल्द ही तुम्हें समझ में

आएगा मेरे प्रिय मैं जानता हूं कि

तुम्हारे दिल पर क्या गुजरी है कौन-कौन सी

पीड़ा सही है तुमने अकेलेपन का जो घूट

तुमने पिया है वह अन्य लोगों के लिए सह

पाना सामान्य बात नहीं है मेरे प्रिय जो

तुमने सहा है जिस तरह का संघर्ष तुमने

देखा है वह भले ही अभी तुम्हें सामान्य लग

रहा हो लेकिन वास्तविकता में वह सामान्य

नहीं है वास्तविकता में वह उत्कृष्ट है

वास्तविकता में तुम सामान्य नहीं हो तुम

विशिष्ट हो चले हो यह जीत जो तुम्हें बहुत

पहले मिल जानी चाहिए थी लेकिन

परिस्थितियां ऐसी बन रही थी कि वह

तुम्हारे हाथ लग नहीं पा रही

थी मेरे प्रिय मैं जानता हूं तुम क्या चाह

रहे हो मैं जानता हूं कि तुम क्या चाह रहे

हो तुम किस प्रकार से वाकिफ हो पाओगे मेरे

प्रिय तुम्हारी आर्थिक समस्याएं मुझसे

छुपी नहीं है तुम्हारी सामाजिक समस

भी मुझसे छुपी नहीं है प्रेम संबंध में

तुम्हारे साथ जो घटना घटी वह भी मुझसे

छुपा हुआ नहीं है मैं सब कुछ देख रहा हूं

मैं निरंतर आकलन कर रहा

हूं मैं तुम्हारा मूल्यांकन कर रहा हूं

लेकिन तुम्हें ऐसा लगता है कि तुम्हें यह

सब बहुत जल्द मिल जाना चाहिए तुम अधीर हो

उठते हो और यही अधीरता तुम्हें उससे दूर

ले जा रही है वो जीत जो तुम्हें हासिल हो

चुकी है वो जीत जो तुम्हारे सामने ही खड़ी

है व जीत जिसे तुम अपनाने वाले हो वह जीत

तुम्हें मिल रही है लेकिन तुम भ्रमित हो

रहे हो तुम्हारा मन भटक रहा है तुम शांति

की कल्पना करके धन की चाहत कर रहे हो तुम

जब धन की चाह करते हो उसी क्षण प्रेम की

भी चा करते हो तुम्हारे विचार बदलते रहते

हैं तुम्हारी चाहत बदलती रहती है और यही

तुम्हारे लिए बाधा बन रही है तुम एक जगह

केंद्रित नहीं हो पा रहे हो और तुम्हारा

केंद्रीकृत होना अत्यंत आवश्यक है मेरे

प्रिय तुम ऐसे समाज की कल्पना करते हो

जहां कोई दुख ना हो जहां क्षण भर की भी

समस्या ना हो जहां लोग एक दूसरे के साथ

मेल मिलाप करके प्रसन्नता से रहे लेकिन हर

मनुष्य का सत्य अलग होता है सबके देखने का

तरीका अलग होता है जो तुम्हारे लिए हिंसा

है किसी के लिए अहिंसा हो सकती है और जो

तुम्हारे लिए अहिंसा है वो किसी के लिए

हिंसा हो सकती है इसलिए तुम्हें सही गलत

के पैमान से मुक्त होना होगा जब तुम सही

गलत के पैमानों से मुक्त हो जाओगे तो तुम

धीरे-धीरे पाओगे कि तुम्हारा जीवन सरल हो

रहा है तुम अपने संबंधों अपने रिश्तेदार

उदार से जिस तरह का भाव अपने मन में

उत्पन्न करते हो उसमें तुम्हें केवल और

केवल अपने जीवन का विचार करना होगा

तुम्हें चीजों के उपभोग का सुकून लेना

होगा लेकिन आवश्यकता से ज्यादा चीजें

इकट्ठा कर लेना निरर्थक है आवश्यकता से

ज्यादा चीज अपने पास रख लेना दुख का कारण

अंतः बन ही

जाएगा मेरे प्रिय हर चीज की एक सीमा होती

है मैं जानता हूं कि तुम सीमा से बाहर

जाकर कुछ सोचते नहीं आए हो तुम सीमा में

रहकर ही सारी कल्पनाएं करना चाहते हो

लेकिन ऐसा क्या है जो तुम्हारे गहन विचार

कार्य का सारा सत्य तुम्हारे सामने ही है

तुम परिश्रम कर रहे हो अथक परिश्रम कर रहे

हो लेकिन तुम्हें यह प्रयास करने की

आवश्यकता भी नहीं है तुम्हे तो शांति से

बैठकर ध्यान में उतर कर अपने मन से यह

सोचना है कि जो तुम चाह रहे हो वह

वास्तविकता में क्या है मैं आज तुम्हें यह

बताना चाहता हूं कि मैं तुम्हें वह सब कुछ

प्रदान कर रहा हूं जो तुम्हें चाहिए मैं

तुम्हें जीत की तरफ बढ़ा रहा

हूं मैं जानता हूं कि तुम योग्य हो तुम जो

कुछ भी पाना चाहते हो उसे पाने में उसे

चाहने में कोई बुराई भी नहीं है कोई भी

समस्या नहीं है क्योंकि जो तुम पाना चाहते

हो वह ना केवल अपने लिए बल्कि अपने

साथ-साथ दूसरों के भी भलाई का विचार किया

है तुमने और तुम्हारी मौलिकता ने तुम्हें

ऐसा करने को मजबूर भी करती रहती है तुम

सदैव दूसरों की सहायता करने को प्रेरित

होते रहते हो मैं जानता हूं कि तुम दूसरों

के दुख में कभी भी सुख नहीं ढूंढते हो तुम

अपना सुख स्वयं से ही चाहते आए हो और

दूसरों को कभी भी पीड़ा देना नहीं

चाहते लेकिन विचार करो कि जो तुम्हारे लिए

सुख है क्या दूसरे के लिए भी सुख के वही

पैमाने हैं जब तुम अपने जीवन के दुख और

सुख को समझ

जाओगे जब तुम अपने जीवन के अर्थ को समझ

जाओगे तो कोई अर्चन नहीं रह जाएगी कोई

प्रयत्न नहीं रह जाएगा ना कोई ऊर्जा बचेगी

ना ही किसी तरह का ह्रास होगा यदि कुछ बचा

रह जाएगा तो वह केवल परमात्मा ही होगा वह

केवल प्रसन्नता ही होगी और तुम्हारा जीवन

आनंद से भरा हुआ होगा

मेरे प्रिय मैं चाहता हूं कि तुम अपने

जीवन के गहराई में उतरो तुम अपने जीवन को

गौर से देखो तुम्हारे लिए क्या सही है

क्या गलत है उसका चुनाव करो ना कि समाज

द्वारा सही या गलत जो बताया गया है उसका

विचार करो मेरे प्रिय कोई तुम्हें हरा

नहीं सकता है मैं सदैव तुम्हारे साथ हूं

कोई चाहे कितने ही षड्यंत्र रच ले कितने

ही प्रयत्न कर ले चाहे कितने ही नकारात्मक

सकारात्मक प्रयास ही क्यों ना कर ले

तुम्हारा बुरा नहीं कर सकता अब तुम्हारे

जीवन में नए अध्याय का प्रारंभ हो रहा है

इस अध्याय को बेहतर तरीके से लिखो इस

अध्याय को लिखने की कलम तुम्हारे अपने हाथ

में होनी चाहिए तुम्हें किसी का गुलाम

बनकर नहीं जीना है किसी के इशारों पर नहीं

जीना है तुम्हें स्वच्छंद रूप से इस जीवन

को जीना होगा तुम्हारे जीवन में तुम्हें

ग्रहण करने की आदत को अपनाना होगा लेकिन

इसके साथ ही वह सब कुछ जो तुम्हें उपयोगी

नहीं लगता उसका त्याग करना होगा फिर चाहे

वह तुम्हें कितना ही प्रिय क्यों ना हो

मेरे प्रिय इस प्रकृति से वही लो जितनी

तुम्हें आवश्यकता है आवश्यकता से अधिक यदि

प्रकृति से तुम मांग करोगे तो वह तुम्हारे

किसी काम नहीं आएगा उपभोग उतना करो जितना

तुम्हें आवश्यकता है फिर वह सब कुछ मिल

जाएगा जिसकी तुम कामना करते हो तुम्हारी

कामना इतनी ज्यादा नहीं है कि उसे पूर्ण

नहीं किया जा सकता यह निश्चित तौर पर पूरा

होगा तुम्हें अंदर से शांत होना होगा

तुम्हें अपने भीतर की व्याकुलता को अपने

मन की जिज्ञासा को शांत करना होगा और

धैर्य पूर्वक जीवन जीना होगा मैं कह रहा

हूं कोई तुम्हें हरा नहीं सकता मैं

तुम्हारे लिए वह मार्ग प्रशस्त कर रहा हूं

जहां से तुम्हारा महत्व ना केवल अपनों की

नजर में

बढ़ेगा बल्कि अन्य लोगों की नजर में भी

बढ़ जाएगा तुम अब समृद्धि के उस मार्ग पर

बढ़ने वाले हो जहां से तुम्हारे लिए कुछ

भी असंभव नहीं होगा मेरे प्रिय यह नई

आवृति है इस आवृति के साथ तुम्हें

सामंजस्य बिठाना होगा और जब मनुष्य नई

आवृति में प्रवेश करता है तो उसके जीवन

में थोड़ा उतार चढ़ाव आता ही है ऐसे समय

में उसके सामने थोड़ी दुविधा आती ही है

लेकिन इससे उसे घबराना नहीं चाहिए बल्कि

अपने संकल्प की शक्ति को मजबूत करना चाहिए

अपने भीतर के विश्वास को ढूंढना चाहिए और

यह कहीं बाहर नहीं मिलेगा या किसी की

बातों से नहीं

मिलेगा ऐसा आत्मविश्वास अस्थाई होता है जो

दूसरों के बातों से या दूसरों के कहने से

मिलता है तुम्हें अपने भीतर के

आत्मविश्वास को बाहर निकालना होगा

तुम्हारे अंदर ही जीवन के हर रास्ते पर

तुम्हारे साथ मैं रहूंगा और साथ ही मैं

ऐसे सच्चे साथी को भी भेजूंगा जो तुम्हें

आगे बढ़ाने में तुम्हारी सहायता करें जो

तुम्हारे मन से नकारात्मकता को निकाले जो

उस परिस्थिति में भी तुम्हारा दामन ना

छोड़े जब हर कोई तुम्हारे खिलाफ हो मैं

तुम्हारे जीवन में ऐसे मनुष्य को निश्चित

तौर पर भेजूंगा लेकिन तुम्हें साथ ही उन

लोगों का भी त्याग करना होगा जो लोग

तुम्हारे लिए आवश्यक नहीं है वह लोग जो

समाज में केवल तुम्हें नीचे दिखाने का

प्रयत्न करते हैं फिर वह तुम्हारे कितने

ही अपने क्यों ना हो कितने ही करीबी क्यों

ना हो तुम्हें का हाथ छुड़ाना होगा

क्योंकि वह अंततः तुम्हें नीचे खींचने का

कार्य करेंगे और तुम चाहे कितने ही

सकारात्मक लोगों के साथ रहो यदि तुम

नकारात्मक व्यक्ति के साथ

रहोगे तो नकारात्मकता तुम्हें अपनी तरफ

खींच ही लेगी तुमने वह कहावत तो सुनी ही

होगी कि एक मछली पूरे तालाब को गंदा कर

सकती है इसी तरह मेरे प्रिय तुम चाहे

लाखों सकारात्मक मनुष्यों के साथ रहो

लेकिन यदि एक नकारात्मक मनुष्य के साथ

रहोगे तो वह तुम्हें अंतः नीचे खींच ही

लेगा और मैं नहीं चाहता कि तुम्हारे जीवन

में किसी भी तरह की नकारात्मकता आए

क्योंकि ऐसी परिस्थिति में खुद को अकेला

और उदास समझना बंद करो स्वयं को कमजोर

मानना बंद कर दो तुम्हारी जीत सुनिश्चित

हो चुकी है तुम बहुत जल्द उस जीवन को जीने

वाले हो जिसकी तुमने कल्पना की है वो जीवन

जिसमें तुम्हारे लिए खुशिया ही खुशिया है

लेकिन तुम्हें साथ-साथ

अपने जीवन के मूल्यों को समझना

होगा जब तक तुम अपने जीवन के वास्तविक

मूल्यों को नहीं समझ पाओगे तुम अपने

उद्देश्य तक नहीं पहुंच सकते और जब तुम

अपने उद्देश्य तक नहीं पहुंच पाओगे तो

खुशिया चाकर भी तुम तक नहीं आ सकती

क्योंकि तुम तब खुशियों में भी दुख को

ढूंढ लोगे स्वर्ग में भी नरक की तलाश कर

लोगे क्योंकि यह सिक्के के एक पहलू के

समान है एक पहलू में यदि सुख है तो दूसरे

में दुख होगा ही होगा सुख अपने साथ-साथ

दुख लेकर ही आता है स्वर्ग अपने साथ-साथ

नर्क लेकर ही आता है सम्मान अपने साथ-साथ

अपमान लेकर ही आता है यदि तुम सम्मान की

चा करते हो तो तुम्हें अपमान का भय सताएगा

ही

सताएगा इसी तरह सुख की चाह करने वाले

मनुष्य के जीवन में दुख तो एक समय के बाद

आएगा ही आएगा इसलिए तुम्हें अपने वास्तविक

मूल्य को समझना है सुख दुख सही गलत के

पैमानों से पर उठकर सोचना है यह देखना है

कि वास्तव में तुम्हें किस चीज से आनंद

मिलेगा यह देखना है कि वास्तव में क्या

तुम्हें नीचे लेकर

आएगा जो तुम्हें नीचे लेकर आएगा उसका

त्याग करो और जो तुम्हें ऊपर बढ़ाने में

तुम्हारी सहायता करें उसे पूरी तरह से

अपना लो तुम्हें जिद दिलाना मेरा कार्य है

और मैं अपना कार्य भली भाति करता हूं मैं

अपने कार्यों में कभी पीछे नहीं रहता

इसलिए मेरे प्रिय तुम सभी दुखों को भूल

जाओ सभी चिंता त होनी

चाहिए नहीं तुम्हें किसी और की आवश्यकता

है क्योंकि मैं पर्याप्त हूं तुम्हें सब

कुछ हासिल कराने में वह जो तुम चाहते हो

मेरे प्रिय बच्चे तुम सदैव अपनी जीत की

पुष्टि किया करो सदैव अपने लिए सकारात्मक

बातें बोला करो क्योंकि ऐसा करना तुम्हारे

लिए आवश्यक है जब जब तुम नकारात्मक बातें

सोचते हो निराशा के भाव से घिर जाते हो और

उन क्षणों में तुम उसे ही आकर सिद्ध करने

लगते हो और तुम अपने कदम स्वयं ही पीछे

हटा लेते हो इसलिए मैं चाहता हूं कि तुम

सदैव सकारात्मक बातें ही किया करो और

सकारात्मकता का ही विचार किया करो

सकारात्मक साथी की तलाश करो क्योंकि मैं

तुम्हारे जीवन में उसे भेज रहा हूं किंतु

तुम्हें उसे पहचानना है मेरे प्रिय बच्चे

एक बात सदा याद रखो चाहे तुम गलत भी करो

चाहे तुम कुछ भी करो मैं सदैव तुम्हारे

साथ रहूंगा कोई तुम से हाथ छुड़ा भी ले तब

भी मैं तुम्हारे साथ

रहूंगा हर परिस्थिति में मैं तुम्हारे साथ

रहूंगा तुम्हें जीत दिलाने के लिए मैं आगे

आता रहूंगा तुम्हारा मार्ग दर्शन करता

रहूंगा इसलिए मेरे आने वाले संदेशों को

ध्यानपूर्वक

सुनना उसे अपने जीवन में उतारना यह

तुम्हारे लिए अत्यंत आवश्यक है मेरे प्रिय

बच्चे मेरा आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ है

इस बात को याद रखना सदा सुखी रहो तुम्हारा

कल्याण हो और अभी तत्काल तु अपने जी की

करो प्रि बचे तुम्हारा क

होगा

Leave a Comment