तेजस्वी के बड़े दांव से बीजेपी में खलबली! मोदी शाह चिंता में क्यों?

तेजस्वी यादव कर रहे हैं जन विश्वास
यात्रा मगर राजनीतिक तौर पर इस
महत्त्वपूर्ण यात्रा की धमक इसकी दस्तक आप
किसी भी न्यूज चैनल में सुन रहे हैं मैं
आपको दिखला चाहता हूं दोस्तों इस वक्त
लोगों में तेजस्वी यादव का क्या क्रेज है
यह वीडियो देखिए आपको उस बात से अंदाजा लग
जाएगा

जिंबा और तेजस्वी यादव की एक एक बात उनके
समर्थक सुन रहे हैं वह एक एक नारा लगाते
हैं तो जनता उसे दोहरा है और वह कह रहे
हैं कि हर कीमत पर 2024 के लोकसभा चुनावों
में भारतीय जनता पार्टी को भगाना है सुनिए
उन्होंने क्या कहा बे तो
आ हाथ उठ करके
ब भाजपा बनाना है

ना चाचा को काला भगाए
तो समान कीजिए भाई
समान समान कीजिए
के लोग है समाजवादी पार्टी के लोग है
लेकिन भाई आपकी लई
भा ताकत

की अब ताक गया
[प्रशंसा]
है लड़ तो भापा ला है लड़ है भापा का
भगाना है बिहार देश को बचाना
है
दोस्तों तेजस्वी यादव की जन विश्वास
यात्रा जो है वह मुजफ्फरपुर में थी और
यात्रा शुरू करने से पहले उन्होंने अपने
बेटी को प्यार किया और मेरा यह मानना है

दोस्तों अगर आप कोई राजनीतिक यात्रा शुरू
करते हैं और अगर आप के साथ आपका परिवार है
अगर आप अपनी बेटी के प्यार से उसकी शुरुआत
करते हैं तो वो कभी नाकाम नहीं हो सकती है
मैं चाहूंगा आप वो वीडियो देखिए जिस
तेजस्वी यादव अपनी बेटी को उठाते हैं अपनी
गोदी में जो एक प्राम में बैठी हुई है जो

देखते हैं दिन के लिए जो है वो बाहर निकल
रहे हैं और को करते हु दिखाई पड़
रहे छोटी
सीना और अपने दो लेकर
यहां प्यार करते
हु
प्रणाम भी कर
र प्रणाम भी

करना और यही नहीं उससे पहले बाकायदा
तेजस्वी यादव ने अपनी बेटी से जो तमाम
उनके राजनीतिक कार्यकर्ता तमाम नेता वहां
मौजूद थे उनसे बेटी का परिचय करवाया यानी
कि अगली पीढ़ी भी तैयार है राजनीति में
उतरने के लिए सुनिए उन्होंने किस तरह से
अपनी बेटी का परिचय सबसे करवाया

हा कि को छोड़ के जा रहे हैं आपको पहली
बार लगता है ऐसा कुछ हो रहा
है की हो जाएगी 27 मार्च
को जो है तो ढूंढती रहती है
पापा चार पा दिन के तो बाहर जा रहे तो
बच्चों का शौक होता है थोड़ मिस करेगी

थोड़ हा नहीं क्यों नहीं करेगी
करेगी आपको ये बात समझना पड़ेगा दोस्तो तो
इस वक्त तेजस्वी यादव जो जन विश्वास
यात्रा कर रहे हैं उन्हें जबरदस्त
प्रतिक्रिया मिल रही है और ये अपने आप में
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के

गृहमंत्री अमित शाह के लिए सिरदर्द का सबब
है क्योंकि भाजपा को ये लग रहा है कि
बिहार में उन्होंने खेला पलट दिया है खेला
पूरी तरह से पलट गया है क्योंकि जो
बार-बार पलटते थे अब वो पलट के भाजपा की
गोद में आकर बैठ गए जिस नीतीश कुमार ने

भाजपा के कार्यकर्ताओं को सड़कों पर अपनी
पुलिस द्वारा जम के सुत वाया था पिटवा या
था वही अब उनके मुख्यमंत्री हैं जिन
माननीय सम्राट चौधरी ने कहा था कि मैं
मुरे तब उतारूंगा जब नीतीश कुमार
मुख्यमंत्री पद से हटेंगे उन्हीं के

डेप्युटी चीफ मिनिस्टर बन गए जाहिर सी बात
है जनता यह देख रही है जनता यह देख रही है
कि सत्ता पाने के लिए भारतीय जनता पार्टी
किसी भी लक्ष्मण रेखा को पार करने को
तैयार है वो यह भी देख रही है कि हर
गुजरते दिन के साथ नीतीश कुमार की
विश्वसनीयता खत्म हो रही है ऐसे में

विपक्ष की राजनीति इस वक्त तेजस्वी के
आसपास घूम रही है मैं आपको दिखला चाहता
हूं जब वो भीड़ से गुजरते हैं तो किस तरह
का क्रेज दिखाई देता है मैं आपको बतला रहा
हूं दोस्तों पिछली बार जब विधानसभा के
चुनाव हुए थे तेजस्वी सिर्फ दो महीने पहले

उतरे थे और आप जानते हैं आरजेडी सबसे बड़ी
पार्टी बनकर उभरी थी यहां तक कि पांच से
छह सीटों में खेला भी कर दिया गया था
तेजस्वी यादव मैं बता दूं यह जो तैयारी है
यह जो भीड़ है यह जो कोशिशें हैं तेजस्वी
यादव कर रहे हैं यह सिर्फ लोकसभा चुनावों
के लिए नहीं कर रहे हैं उनका निशाना
विधानसभा चुनाव है कहीं ना कहीं उनके जहन

में है वह जानते हैं कि लोकसभा चुनावों
में अपनी दस्तक छोड़ने के लिए अपनी छाप
छोड़ने के लिए उनके सामने चुनौती बहुत
मुश्किल है बहुत कठिन है क्योंकि उनके
सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का

वर्चस्व है जो बिहार में खासे लोकप्रिय
हैं और जब लोकसभा चुनावों की बारी आएगी तो
जनता के सामने जो चुनाव होगा वो दो चेहरों
के बीच में होगा प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी जो कि प्रधानमंत्री हैं और तेजस्वी
यादव जो प्रधानमंत्री पद के दावेदार नहीं

है यानी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की
लोकप्रियता को अगर कोई चुनौती दे सकता है
तो वह सिर्फ तेजस्वी है मगर वो
प्रधानमंत्री पद की रेस के लिए नहीं है
इसीलिए लोकसभा में उनकी चुनौती बहुत

मुश्किल है फिर भी तेजस्वी लगातार कोशिश
कर रहे हैं और वो यह भी कह रहे हैं कि
हमारी पॉलिटिकल पार्टी अब मुस्लिम यादव की
पॉलिटिकल पार्टी नहीं रही अब हमारी
पॉलिटिकल पार्टी बाप बन गई है बी ए एपी
किस तरह से उन्होंने बाप कहा आइए सुनते

हैं कुछ लोग कहते हैं कि राजत जो है
लालटेन जो है माई की पार्टी है एमवाई की
पार्टी है हम कहना चाहते हैं माय के
साथ-साथ बाप की भी पार्टी है
ये ये बाप की पार्टी कैसे
है बी से
बहुजन ए से
अगरा ए से आदी

आबादी पी से पुअर पुअर मतलब
गरीब तो यह सब ए टू जेड वाले लोग हैं सभी
बहुजन आ गए सभी अगड़ा लोग आ ग आदी आबादी
हमारी महिला आ गई और सभी पुअर हमारे गरीब
आ गए यह माई के साथ साथ बाप की भी पार्टी
है हम लोग जोड़ने वाले लोग हैं हम लोग
तोड़ने वाले नहीं है हम लोग प्यार की बात
करते हैं एकता की बात करते हैं लेकिन
भाजपा वाला लोग तोड़ना चाहता है आपको

तेजस्वी यादव के इस बयान को समझना पड़ेगा
दोस्तों कीजिएगा जब लालू यादव सत्ता में
थे लगातार य कहा जाता था कि सिर्फ एमवाय
कॉमिनेशन पर यानी कि मुस्लिम यादव
कॉमिनेशन पर वह सत्ता में चले जाते हैं
मगर आपने इस बात पर गौर किया होगा कि जब

तेजस्वी यादव डेप्युटी चीफ मिनिस्टर बने
थे और जब नौकरियों को लेकर उन्होंने
रोजगार को लेकर युवाओं में अपनी मौजूदगी
दर्ज की थी तब वह सिर्फ यादवों के नेता
बनकर सामने नहीं उभरे थे उनके भाषणों पर

अगर आप गौर करें तो कभी अभी भी उन्होंने
कोई जातिवादी बात नहीं की मगर हां जो
जातियां पिछड़ी हुई हैं यानी कि जो गैर
यादव जातियां भी हैं उन्हें भागीदारी

मिलनी चाहिए इस पर वह जोर देते रहे इसीलिए
उन्होंने जातीय जनगणना के मुद्दे को
जोरदार तरीके से उठाया और बिहार में उसे
कामयाब भी बना रहे हैं बिहार में जो
आरक्षण की सीमा बढ़ी उसमें तेजस्वी यादव

की सोच का बहुत बड़ा हाथ था ये तमाम
फैक्टर
और इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी में
चिंता है बीजेपी को चिंता कई मोर्चों पर
सता पहली बात भाजपा यह समझ रही है कि जनता
यह देख रही है कि सत्ता के लिए भाजपा
पलटने को तैयार है नीतीश कुमार के साथ-साथ
अवसरवादी कूटकूट कर भरी हुई है तेजस्वी
यादव साफ तौर पर कहते हैं कि भाई तुम्हें
हिंदू मुस्लिम डिबेट चाहिए हिंदू मुस्लिम
पर लड़ना चाहिए या रोजगार चाहिए वो मुद्दे
की बात कर रहे हैं और बात वहां तक नहीं
सीमित रहती है आपको याद होगा
अपने भाषण में तेजस्वी ने यह तक कहा था कि
अगर आप बीमार होंगे तो आप कहां जाएंगे
मंदिर जाएंगे या अस्पताल जाएंगे बहुत
वाजिब बात है दोस्तों आप और हम जब बीमार
होते हैं तो हम अस्पताल ही जाते हैं और तब
अपने रिश्तेदारों को या कभी भी कोई बीमार
हो उसे अस्पताल में भर्ती करने के बाद तब
हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं मैं नहीं
भूला यह गुल्लू मुकेश अंबानी का न्यूज
चैनल इन्होंने यह तक कह दिया था कि अगर
मंदिर है तो अस्पताल की क्या जरूरत है यह
क्या सोच है दोस्तों यह पत्रकार हैं
इन्हें लोग प्राइम टाइम पर देखते हैं फिर
भी इस तरह की अनर्गल अ वैज्ञानिक बातें कर
रहे हैं मगर क्या कहा जा सकता है दोस्तों
जब गुरु हु ऐसे हो तो चेले ऐसे होंगे ही
ना जिनके गुल्लू और कालू हैं स्वाभाविक सी
बात है उन्हीं से सीख लेते हैं और उनसे
सीख ले ना ले हकीकत क्या है मैं आपको
बताता हूं इनका काम सिर्फ यही है कि
विपक्ष पर निशाना साधो उनके खिलाफ सुपारी
लेकर उन्हें टारगेट करो इतनी बड़ी जन
विश्वास यात्रा चल रही है दोस्तों इसकी
गूंज कहीं पर नहीं है और मैं फिर कह रहा
हूं राजनीतिक तौर पर यह बहुत महत्त्वपूर्ण
यात्रा है और उसका असर बेशक लोकसभा
चुनावों में ना दिखाई दे मगर विधानसभा
चुनावों में इसका असर दिखना लाजमी है
अभिसार शर्मा को दीजिए इजाजत नमस्कार
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कीजिए सच में मेरा साथी बनिए बहुत आसान है
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