तो इस वजह से अडवाणी को भारत रत्न दिया PM मोदी ने ?

तो पूर्व उप प्रधानमंत्री और गृहमंत्री
लाल कृष्ण आडवानी को भारत रत्न से नवाजा
गया तस्वीर में आप देख सकते हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो हैं उन्हें

सम्मानित कर रहे हैं चेहरे पर मुस्कान
देखिए लाल कृष्णा आडवानी की मगर आज मैं
आपके सामने कुछ तथ्य रखना चाहता हूं
प्रधानमंत्री दरअसल आडवानी को क्यों भारत
रत्न दे रहे हैं इसके पीछे की सोच मैं
आपके सामने लेकर आ रहा हूं मगर सबसे बड़ा
सवाल लाल कृष्ण आडवानी को भारत रत्न क्यों

कुछ तथ्य मैं आपके सामने रखने वाला हूं
दोस्तों और उसके अलावा कुछ नहीं सबसे पहले
दोस्तों मैं आपके सामने भारत का ये नक्शा
पेश कर रहा हूं दोस्तों आप जानते हैं
नक्शा क्या है ये नक्शा दरअसल 1990 में जब
लाल कृष्ण आडवानी ने अपनी राम रथ यात्रा
शुरू की थी और यह रथ यात्रा जहां-जहां से

गुजरी उसका मैप है मगर अगर आप इस पर ध्यान
से देखें पूरे स्क्रीन पर देखें तो आपको
इसकी हकीकत समझ आएगी इसमें क्या दिखाई दे
रहा है दोस्तों आपको इसमें दिखाई दे रहा
है कि राम रथ यात्रा जहां-जहां से

गुजरी वहां दर्जनों लोग दंगे में मारे गए
दर्जनों लोग दंगे में मारे गए ये
देखिए भरूच में एक व्यक्ति मारा गया बीदर
में सात लोग मारे गए इंदौर में 12 लोग
मारे गए हैदराबाद में 30 लोग मारे गए
रांची में 12 लोग मारे गए कर्नलगंज में 37
लोग मारे गए लखनऊ में तीन लोग मारे गए

मेरठ में सात लोग मारे गए दिल्ली में
टकराव हुआ मुजफ्फरनगर में तीन लोग मारे गए
ज में 47 लोग मारे गए मेरठ में सात बिजनौर

में 58 रामपुर में तीन अलीगढ़ में तीन
पटना में भी चार लोग मारे गए हावड़ा में
12 लोग मारे गए और फिर धनबाद में अडवाणी
जी को लालू प्रसाद यादव गिरफ्तार कर लेते
हैं मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि अगर राम
के प्रति लाल कृष्ण आडवानी की आस्था को
लेकर उन्हें सम्मानित किया जा रहा है तो

उनकी तो राम रथ यात्रा जहां जहां से गुजरी
बेकसूर लोग दंगे में मारे
गए तो मैं समझना चाहता हूं कि किस वजह से
उन्हें भारत रत्न दिया जा रहा है और भी
मुद्दे उठाने वाला हूं दोस्तों सबसे बड़ी
बात क्या हमें प्रधानमंत्री बतला की कोशिश

कर रहे हैं कि हिंदू अस्मिता और राम भक्ति
के चलते लाल कृष्ण आडवाणी को भारत रत्न
दिया जा रहा है चलिए इसकी भी पड़ताल कर
लेते हैं आपकी स्क्रीन पर य पूर्व रक्षा
मंत्री जॉर्ज
फर्नांडिस 90 के दशक में दिया गया इनका यह
बयान था और आज तक लाल कृष्ण आडवाणी ने यह

नहीं कहा कि इन्होंने गलत कहा है सुनिए यह
क्या कह रहे हैं इसमें जॉर्ज
फर्नांडिस राम रथ यात्रा शुरू करने की वजह
बता रहे हैं इनके इस बयान से स्पष्ट हो

जाएगा कि आडवानी के मन में राम के प्रति
कोई भक्ति नहीं थी उन्होंने यह राम रथ
यात्रा सिर्फ इसलिए शुरू की क्योंकि वीपी
सिंह मंडल कमिशन लेकर आ गए
थे और जब राम रथ यात्रा को रोका गया था तो

उन्होंने अपना सपोर्ट विड्रॉ कर लिया
सुनिए ये 90 इतना पुराना बयान है जॉर्ज
फर्नांडिस का जिसे कभी भी खारिज नहीं किया
लाल कृष्ण आडवाणी ने सुनिए वो क्या बोल
रहे हैं 27 प्र
रोजगार सामाजिक और शैक्षणिक मामलों में
पिछड़े लोगों के लिए आरक्षित रखा जाए यह
मंडल कमीशन की सिफारिश और इस सिफारिश को
लागू करने का ऐलान 7 अगस्त को संसद में हम

लोगों ने किया इस ऐलान के 48 घंटों के
अंदर मैं औरों की बात नहीं कह रहा
लाल कृष्ण आडवानी ने खुद मुझसे कहा कि
आपने हमारे सामने अभी कोई विकल्प नहीं रखा
है हमारे सामने अभी एक ही रास्ता है कि

हम हिंदुत्व का प्रश्न को मंदिर और मस्जिद
का प्रश्न को लेकर लोगों के सामने जाने का
काम
करें अगर मंडल आयोग की सिफारिश लागू नहीं

होती तो फिर राम भक्ति आपको देखने के लिए
नहीं मिलती जिस मात्रा में आज देखने के
लिए मिल रही है और जिस ढंग से व देखने के
लिए मिल रही है

हकीकत और छिपाई जाती है यह हकीकत यानी कि
मंडल से आडवाणी जी नाराज थे और उसी के

चलते उन्होंने राम रत यात्रा शुरू की
जिससे क्या साफ हो जाता है कि राम का नाम
सिर्फ राजनीति के लिए इस्तेमाल किया जा
रहा था इनफैक्ट राजनीति भी नहीं हो रही थी

सिर्फ मंडल का विरोध करना था सिर्फ पिछड़े
वर्गों को जो आरक्षण दिया जा रहा था उसका
विरोध करना था के तो बोल नहीं सकते थे
इसलिए रामरथ यात्रा शुरू कर दी क्योंकि वो
जानते थे कि इसको रोका जाएगा और रोका जाना
भी चाहिए था क्योंकि आपको मैप दिखला चुका

हूं दोस्तों वो रामरथ यात्रा जहां-जहां से
गुजर रही थी दंगे हो रहे थे बेकसूर मारे
जा रहे
थे लालू प्रसाद यादव जो उस वक्त बिहार के
मुख्यमंत्री हुआ करते थे उन्होंने उस राम

रथ यात्रा को रोका था और बहुत ही खूबसूरत
बात कही थी उस रथ यात्रा को रोकते हुए
उन्होंने कहा कि अगर दंगे होते रहेंगे तो
लोग ही नहीं जिंदा रहेंगे और जब लोग ही

जिंदा नहीं रहेंगे तो तो मंदिर में घंटी
कौन बजाएगा मस्जिद कौन जाएगा सुनिए
उन्होंने क्या कहा देशहित में अगर इंसान
ही नहीं रहेगा इंसान नहीं रहेगा तो मंदिर
में घंटी कौन बजाएगा या कौन बजाएगा जब
इंसानियत पर खतरा हो इंसान नहीं रहेगा तो
मस्जिद में इबादत कौन देने
जाएगा 24 घंटा मैं निगाह रखा हूं हमने

अपने शासन के तरफ से अपने तरफ से पूरा
उनकी सुरक्षा का भी व्यवस्था किया लेकिन
दूसरे तरफ हमारे सामने सवाल है अगर एक
नेता और एक प्रधानमंत्री का जितना जान का
कीमत है उतना आम इंसान का जान का भी कीमत

है हम अपने राज में मतलब दंगा फसाद को
फैलने नहीं देंगे तो दो चीजें य साफ तौर
पर दिखाई दे रही है दोस्तों राम से कोई

लेना देना नहीं और पिछड़े वर्गों को
आरक्षण को लेकर उसका विरोध करने के लिए
आडवानी जी ने राम हरत यात्रा शुरू की अब
क्या उन्हें भारत रत्न इसलिए दिया गया है
कि वह हिंदू अस्मिता या हिंदुओं के तशी थे

तो मैं आपसे एक सवाल पूछता हूं
दोस्तों 90 को 1990 को एक और बहुत बड़ी
घटना हुई थी कश्मीर में बड़े पैमाने पर
कश्मीरी पंडितों का पलायन हुआ था उस वक्त
राज्य के गवर्नर थे जगमोहन भाजपा के
नेता जब इतनी बड़ी तादाद में हमारे
कश्मीरी भाई बहन मारे जा रहे
थे तो क्या उस वक्त लालकृष्ण आडवानी ने

कोई बयान दिया था क्या वो उस वक्त गए थे
कश्मीर क्या उन्हें एक रथ यात्रा कश्मीर
की तरफ नहीं निकालनी चाहिए थी कश्मीरी
पंडितों के पक्ष में क्या उन्होंने उस
मुद्दे पर समर्थन विड्रॉ किया था पूर्व
गृह राज्य मंत्री मुफ्ती सईद की बेटी
रुबैया सईद को आतंकवादी किडनैप कर लेते

हैं खतरनाक आतंकवादियों को रिहा करना होता
है मगर भाजपा ने उस वक्त सपोर्ट विड्रॉ
नहीं किया था भाजपा आरक्षण से नाराज थी
और फिर उन्होंने राम रथ यात्रा शुरू की तो
अगर हिंदू अस्मिता की बात थी तो कश्मीरी
पंडितों की मुद्दे पर आपने सपोर्ट विड्रॉ

क्यों नहीं किया ऐसे में सवाल उठना लाजमी
है कि राम के पैमानों पर हिंदू अस्मिता पर
और आरक्षण इन तीनों मोर्चों पर आडवानी जी
खरे उतरते दिखाई नहीं दे रहे मैं आपके
सामने सिर्फ तथ्य रख रहा हूं दोस्तों यह
मेरे दिमाग की उपज नहीं है आपके सामने
तथ्य रख रहा हूं लिहाजा आप मुझे बताइए कि

उन्हें भारत रत्न क्यों दिया जा रहा है अब
चलिए थोड़ा आगे बढ़ते हैं जब लाल कृष्ण
आडवानी देश के गृह मंत्री हुआ करते थे और
डेप्युटी प्राइम मिनिस्टर थे दो बड़ी

घटनाएं हुई थी जो आज तक नहीं हुई कारगिल
में एक बहुत बड़ा इंटेलिजेंस फेलियर जिसके
चलते पाकिस्तानी आतंकवादी और वहां की जो
सेना है वह हमारी कारगिल की पहाड़ियों पर

बैठ गई आपको याद होगा शुरू में दोस्तों
कितने युवा भारतीय सैनिक गोलीबारी में
मारे गए और उसके बाद हमारी भारतीय सेना के
शौर्य से उन कायर गीदड़ को खदेड़ा गया था

इंटेलिजेंस फेलियर था आप कह सकते हैं कि
वह रक्षा मंत्री नहीं थे मगर एक
इंटेलिजेंस फेलियर
था इंटेलिजेंस किसके अंतर्गत आती है आईबी
रॉ यह तमाम चीजें किसके अंतर्गत आती हैं
गृह मंत्रालय के अंतर्गत डेप्युटी प्राइम
मिनिस्टर के

अंतर्गत करगिल जैसी बड़ी घटना हो गई थी जब
वो डेप्युटी प्राइम मिनिस्टर थे और सबसे
बड़ी
बात भारतीय संसद पर आतंकवादियों का
हमला य आज तक नहीं हुआ था दोस्तों आज तक
नहीं हुआ था यह हो
गया यह दो बड़ी घटनाएं हुई जब व डेप्युटी

प्राइम मिनिस्टर थे बड़ा सवाल
यह क्या इसलिए उन्हें भारत रत्न जा रहा है
क्योंकि बतौर डेप्युटी प्राइम मिनिस्टर भी
उनकी कुछ खामियां मैं आपको दिखा रहा हूं
और यह कोई बहुत छोटी मोटी खामिया नहीं थी
यह बहुत बड़ी खामिया और ऐसे में मुझे

समझाने का प्रयास करें कि उन्हें जो भारत
रत्न दिया जा रहा है क्या वह वाजिब
है चलिए वो भूल जाइए मैं अब आपके सामने एक
और तथ्य रख रहा
हूं और यह बात मैं जो भाजपा का जो कट्टर
तबका है उसे संबोधित करना चाहता

हूं कट्टर तबका अक्सर 6 दिसंबर को गौरव
दिवस शौर्य दिवस के तौर पर मनाता है जब
बाबरी ढाया गया था मगर क्या आप जानते हैं
आडवानी जी ने उस दिन के बारे में क्या कहा
था आडवानी जी ने कहा था कि वह मेरी जिंदगी

का सबसे काला दिन था यानी कि 6 दिसंबर को
लेकर भी आडवानी जी कोई बहुत गौरान वित
नहीं
थे यानी
कि राम रथ यात्रा क्यों शुरू की क्योंकि

मंडल को काटना था रामरथ यात्रा जहां-जहां
से गुजरी बेकसूर मारे गए दंगों में और 6
दिसंबर को भी एक काला दिन बताया तो ऐसे
में राम कहां गए और ऐसे में राम से जुड़ी
अस्मिता कहां गई चलिए 2005 की एक और घटना
मैं आपको बताता हूं 2005 को जब भाजपा
सत्ता में नहीं थी तो लाल कृष्ण आडवाणी
पाकिस्तान जाते हैं और पाकिस्तान पहुंचकर

एक बहुत बड़ा बयान देते हैं जिसकी वजह से
उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ता है
भाजपा अध्यक्ष के पद से और वो बयान था उस
बयान में लालकृष्ण आडवानी यह कहते हैं कि

पाकिस्तान के संस्थापक जिन्ना एक महान
नेता थे एक बहुत ही सेकुलर नेता थे धर्म
निरपेक्ष नेता
थे उसको लेकर बवाल होता है और उन्हें अपने
पद से इस्तीफा देना पड़ता है यह बात अलग
है कि कुछ दिनों बाद वह अपना इस्तीफा वापस

ले लेते हैं और दोबारा अध्यक्ष बन जाते
हैं यहां तक कि 2009 के जो चुनाव हुए थे
उन चुनावों में एक नारा लगाया गया था
मजबूत नेता निर्णायक सरकार और आडवाणी जी
को चेहरा बनाकर भाजपा ने चुनाव लड़ा था तो

मैं आपसे सवाल पूछना चाहता हूं उन्होंने
तो जिन्ना को एक सेकुलर नेता एक महान नेता
बताया था कल्पना कीजिए यही बयान अगर राहुल
गांधी दे देते तो क्या होता राहुल गांधी
को जेल में डाल दिया गया होता मगर उस वक्त
2005 में जब देश अलग था तो यह बात आडवाणी

जी ने कही थी बवाल हुआ था प्रमोद महाजन
हुए थे वाजपेई एक्टिव हुए थे यह तमाम
चीजें हुई थी और आरएसएस ने अपनी नाराजगी
जतला थी मगर ऐसा नहीं कि आडवाणी जी को
हमेशा के लिए बॉयकॉट कर दिया गया था और

उनका राजनीतिक करियर खत्म हो गया था उसके
बाद भी वह चुनाव लड़े थे दोदो तीन-तीन बार
चुनाव लड़े थे मगर उन्होंने जिन्ना को
सेकुलर बताया था तो प्रधानमंत्री मोदी
मुझे इस सवाल का जवाब दें क्या इस वजह से

उन्हें भारत रत्न दिया जा रहा है क्योंकि
उन्होंने जिन्ना को सेकुलर बताया था
दोस्तों सोशल मीडिया पर मैं देख रहा हूं
कि भाई प्रधानमंत्री जो हैं वह गुरु शिष्य

परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं और अपने गुरु
को सम्मानित कर रहे हैं चलिए मान लिया मगर
मैं शिष्य से यानी प्रधानमंत्री से एक
सवाल पूछना चाहता हूं चंपत राय का बयान
याद है
आपको संपत राय ने पहले साफ तौर पर कह दिया
था कि प्राण प्रतिष्ठा में हम आडवानी और
मुरली मनोहर जोशी को नहीं बुला रहे उसके

बाद उस बयान पर बवाल होता है और फिर
उन्हें निमंत्रण देना पड़ता है मगर फिर भी
आडवानी नहीं आते हैं अगर शिष्य को अपनी
गुरु की इतनी परवाह थी तो उस दिन वहां पर
आडवानी क्यों नहीं थे

प्रतिष्ठा हो या नई संसद का उद्घाटन हो
वहां पर भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुरमू को
नहीं बुलाया गया था और यहां पर भी आडवानी
जी को पहले नहीं बुलाया गया था साफ तौर पर

ये बात कर दी गई थी तो 22 जनवरी को जब
हमारे आराध्य श्री श्रीराम की प्राण
प्रतिष्ठा हो रही थी तो वहां पर आडवानी जी
कहां थे बताइए ना यहां पर शिष्य ने अपने
गुरु का स्वागत क्यों नहीं किया उनको
सम्मानित क्यों नहीं

किया हकीकत क्या है मैं आपको बताता हूं
दोस्तों प्रधानमंत्री चाहते हैं कि राम
मंदिर के बाद जो धार्मिक पारा देश में बढ़
रहा है उसे किसी तरह से बनाया जाए और इसी
के अंतर्गत आडवानी जी को भी भारत रत्न
दिया गया है क्योंकि आडवानी जी को भारत

रत्न जो दिया गया है इस पर बहस शुरू हो
जाएगी और प्रधानमंत्री इसी तरह की बहस
चाहते हैं मगर आज जो मैं आपके सामने
मुद्दे रख रहा हूं ना ये कोई भाजपा का
विरोध नहीं है मैं आपके सामने सिर्फ तथ्य
रख रहा हूं वह तथ्य जो कि आडवानी जी के

जीवन का हिस्सा है और चूंकि उनके जीवन का
हिस्सा है लिहाजा यह सवाल उठना लाजमी है
कि उन्हें भारत रत्न क्यों इन सवालों का
जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जरूर दें
जो बहुत जरूरी हो जाता है क्योंकि मैं
नहीं भूला हूं जब गुजरात में दंगे हुए थे
तब पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी ने प्रेस

कॉन्फ्रेंस में खुलेआम उस वक्त के
मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को राज धर्म की
याद दिलाई थी अटल जी नहीं चाहते थे कि
मोदी जी मुख्यमंत्री बने रहे मगर उस

वक्त लाल कृष्ण आडवाणी की वजह से वह बच गए
थे और वह मुख्यमंत्री बने रहे थे अगर अटल
जी की बात सुन ली गई होती तो शायद मोदी जो
है वह मुख्यमंत्री नहीं
रहते कहने का अर्थ यह है कि उस वक्त कृष्ण
आडवानी ने उन्हें बचा लिया
था तो क्या इस वजह से उन्हें भारत रत्न
दिया गया है यह सवाल है यह सवाल होने
चाहिए अभिसार शर्मा को दीजिए इजाजत
नमस्कार स्वतंत्र और आजाद पत्रकारिता का
समर्थन कीजिए सच में मेरा साथी बनिए बहुत
आसान है दोस्तों इस जॉइन बटन को दबाइए और
आपके सामने आएंगे ये तीन विकल्प इनमें से
एक चुनिए और सच के इस सफर में मेरा साथी
बनिए

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