दलितों को गाँव में बारात निकालने पर यादवों की ऐलानिया ध*मकी! Bhim army ने ठोकी ताल |

बरात नहीं निकलने दे रहे क्या नहीं निकलने
दे रहे हैं सब कह रहे हैं कि तुम तुमको भी
जान से मार देंगे दूरा के सर काट दंग कौन
कह रहा था ये गांव के यहां से अगर आगे बढ़
गई तो हम तो मार देंगे जहां से कभी चढ़ी
नहीं तो चढ़ने भी नहीं देंगे हम बारात

घूमने चाहती बारात गांव में हां गांव बरात
निकलने के लिए मना कर दिया गांव के लोगों
मना कर देते हैं उसकी हलक में डंडा डाल
दिया जाएगा और उसे याद दिला दिया जाए

गा कि
संविधान का राज जिंदा है मनुस्मृति का राज
अभी चालू नहीं हुआ और ना होने देंगे भीम
आर्मी का डंडा और झंडा दोनों मजबूत है ये

नहीं वाल्मी वाल्मी नहीं बोलते थाब
भी नहीं बंगर बोलते हैं तो वही तो हम कह
रहे हैं बारात पूरे गांव में निकलेगी
यादवों की दलित परिवार को लानिया धमकी अगर
बारात घोड़ा बग्गी से गांव में घुमाई तो

लाशें बिछा देंगे इस लानिया धमकी को भीम
आर्मी के लोगों ने भी स्वीकार कर लिया है
भीम आर्मी ने भी ताल ठोक दी है कि बारात
घोड़ा बग्गी और बैंड बाजे से ही चढ़ेगी और
पूरे गांव में ही घूमेगी वही तो हम कह रहे
बारात पूरे गांव में निकलेगी

यह मामला उत्तर प्रदेश के बदाई का
है आपको बता दें कि थाना सहसवान के
अंतर्गत आने वाले गांव चंदे स में दलित
समुदाय से आने वाली वाल्मीक जाति के दो
परि ार में दो बेटियों की 3 मार्च और 6

मार्च को घोड़ा बग्गी बैंड बाजे से शाम के
समय बरात चरनी तय है पहली बार घोड़ा बग्गी
से गांव में दलित की बारात निकालने का
साहस देख गांव के ही यादव जाति के लोगों
में भरा जातिवाद उफान मार गया है 16 फरवरी
की रात झुंड बनाकर दलितों के घर अवैध असला
लेकर पहुंच गए और धमकी दे डाली कि बारात

गांव में घुमाने की सोची तो लाशें बिछा दी
जाएंगी इस एलानिया धमकी वह बारात के समय
पुलिस सुरक्षा की मांग को लेकर अगले दिन
17 फरवरी को पीड़ितों के द्वारा थाना

सहसवान में शिकायत देने के बाद भी पीड़ित
परिवार बारात के समय किसी बड़ी अनहोनी की
आशंका को लेकर डर के साय में है इसके बाद
आपको बता दें कि पीड़ितों ने 21 फरवरी उप
जिलाधिकारी बदायूं और 19 फरवरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी

प्रार्थना पत्र लिखकर बारात के समय पुलिस
सुरक्षा की मांग की
है
अब बारात को इस तरह लानिया रोकने का यह

मामला जब भीम आर्मी तक पहुंचा तो पीड़ितों
के बीच वह लोग मौके पर पहुंचे और पीड़ितों
को विश्वास दिलाया कि हम लोग बारात चढ़ते
समय इस गांव में ही मौजूद रहेंगे और इसके
साथ ही स्थानीय पुलिस से नाराजगी जताते
हुए भीम आर्मी के लोगों ने कहा कि बारात

पूरे गांव में ही घूमेगी वही तो हम कह रहे
हैं बारात पूरे गांव में निकलेगी आप कम से
कम दो मिनट यहां आकर हमारे सामने भी तो
बात कर सकते थे
स्क्रीन पर दिख रहे यह तीन आवेदन वह हैं

जो गांव चंदे स के इस पीड़ित परिवार ने
स्थानीय थाना उप जिला अधिकारी बदायूं और
मुख्यमंत्री को लिखकर पुलिस सुरक्षा की

मांग की है आवेदन में बयान किया है कि किस
तरह से उन्हें बारात को गांव में ना
घुमाने की लानिया धमकियां दी जा रही हैं

शिकायत में लगभग एक दर्जन से अधिक गांव के
ही यादव समाज के लोगों पर गंभीर आरोप है
इस घटना के संबंध में आपको बता दें कि अब
बदायूं पुलिस की प्रतिक्रिया भी सामने आई
है बदाय पुलिस ने कहा है कि प्रकरण के
संबंध में स्थानीय थाना पुलिस द्वारा
दोनों पक्षों से वार्ता कर शांतिपूर्वक
बारात निकालने हेतु निर्देशित किया गया है

शांति व्यवस्था के दृष्टिगत पर्याप्त
पुलिस बल की ड्यूटी लगाकर बारात को सकुशल
निकलवाया जाएगा तो यह बदायूं पुलिस के

द्वारा स्थानीय पुलिस को निर्देशित किया
गया है कि दोनों पक्षों से वार्ता करके और
बारात को शांतिपूर्वक निकलवाया जाए लेकिन
यह देखना 3 मार्च और 6 मार्च को होगा कि
क्या उस गणित बेटी की बारात सकुशल गांव
में घूम कर के उसके द्वार पहुंच पाती है
या फिर नहीं तो इस पूरे घटनाक्रम पर क्या

सोचते हैं आप वीडियो देखने के बाद कमेंट्स
में जरूर लिखें क्यों वजह क्या है है
इसलिए
भया ये नहीं लमी फाल्मी नहीं बोलते साब

भी नहीं बंगर बोलते हैं कोई सुनवाई
ना ये कल ले लिख के देके आए हैं और पता
नहीं आपका बातचीत ई है क्या जब पुलिस वाले
आए कोई सुनवाई नहीं आज पुलिस वाले आए थे
आए थे अभी गए चले गए चले गए क्या कहे ग वो

हमें कल बुलाया है अरे तो आप कम से कम दो
मिनट यहां आकर हमारे सामने भी तो बात कर
सकते
थे भाई आपका भी तो दत्व बनता है नहीं बनता

है हम लोग इतनी दूर से चल के आए आप आए और
घूम के चले गए पूरे गांव में निकलेगी
बारात जहां भी निकलती नहीं है बिल्कुल
नहीं निकलती है कल कोई दीपावली मनाने की
क्षमता नहीं रखता था आज उसकी हैसियत है तो
व दीपावली नहीं मनाए क्या
नहीं हम पूछ रहे

हैं
फिर वही तो हम कह रहे बारात पूरे गांव में
निकलेगी
आपकी लड़की की शादी है कौन सी तारीख को
शादी है तारीख तीन तारीख की हमने सुना कि
आपकी लड़की शादी की बारात जो निकल नहीं दे

रहे गांव के लोग निक नहीं दे रहे गाव कहते
हमारे कौन कह रहा था सब लोग कह रहे थे
राजपाल है महेश है और मनी है सीताराम है
सब है तो आपने पुलिस से शिकायत करी थी करी

थ पु क्या कहा उन्होंने ये कही किन्ह समझा
दो हमारे खेत में नहीं जाए हगने नहीं जाए
मने नहीं जाए और बकरी

नाए और सब लोग चढ़ के आ गए हमारी बारात
घूमने चाहती बारात गांव में हा गांव बारात
निकलने के लिए मना कर दिया गांव के लोग
मना कर देते हैं आपकी लड़की शादी कब है
देखो 6 तारीख की छ तारीख की हां क्या आपकी

लड़की शादी बारात नहीं निकलने दे र क्या
नहीं निकलने दे रहे है सबब कह रहे हैं कि
तुम तुमको भी जान से मार देंगे दूरा सर
काट देंगे कौन कह रहा था ये गांव के गांव
के कौन लोग ये है मुन्नी है राजपाल है

जसवीर है इंदिरा फते
सिं और तो आपने पुलिस से शिकायत करी थी
हां करी क्या कही पुलिस ने पुलिस ने कई हा
देख देखते हैं ऐसे समझा के चले गए लोग कुछ
भी नहीं किया उन्होने पुलिस ने कुछ नहीं

कि नहीं गांव में गए तो और हम धमकी दे चले
ग क्या धमकी देख गए छिरिया बक कोई भी नहीं
जाना बच्चा कोई भी नहीं जाना मार देंगे स
मार देंगे ये कह रहे थे हां टटी प साब को

नहीं निकलना खेत
में जो तुमने किया है वो अपने राज र अपने
घर में र वो कह र थ सा बरात निकलवाए या
नहीं वो कह रहा है कि बरात निकलवाए
तुम्हारी व ये कह रहा है कि इस गली से
जाना और थोड़ी देर ले जाना फि वापस कर
देना अच्छा
नहीं

 

 

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