दुर्गा माँ का संदेश तुम्हारी परीक्षा की घडी समाप्त हुई 🔱

मेरे बच्चे तुम बार-बार प्रयास करते हो
लेकिन फिर भी तुम्हारा काम बिगड़ रहा है
ऐसा क्यों हो रहा है यह आज मैं तुम्हें
बताऊंगी इसलिए तुम ध्यानपूर्वक सुनना यदि
आज भी तुमने मेरी बातों को पूर्ण रूप
से नहीं सुना तो फिर मत

कहना कि मैंने बताया नहीं क्योंकि
गलती इसमें तुम्हारी होगी इसलिए जो बता
रही हूं उसको ध्यान पूर्वक सुनो तुम्हारे
जीवन में

यदि ऐसा हो रहा है तो इसके पीछे पांच कारण
है जिन कारणों
को जानकर तुम्हें उन पर ध्यान देना
होगा और उन्हें अपने अंदर
धारण करना होगा सबसे पहला कारण यदि जीवन
में तुम अपने

लिए अथक प्रयास कर रहे हो तो
इस बात का विशेष ध्यान रखो कि किसी के
बनते हुए कार्य को यदि तुम बिगाड़ देते हो
तो जीवन

में कभी भी तुम चाहे कितना
भी प्रयास कर लो तुम्हारा कोई
भी कार्य कितना भी चाहने के
बाद बनेगा नहीं क्योंकि जो तुम

दूसरों के साथ कर रहे हो वही तुम्हारे साथ
होगा और दूसरी बात तुम मेहनत कर रहे हो
जिस कार्य के लिए उस कार्य के लिए मेहनत
अभी और बाकी है क्योंकि कोई भी कार्य
पूर्ण होने में जितना परिश्रम करना होता
है वह परिश्रम अभी भी तुम्हारे कार्य को
पूर्ण करने में कम पड़ रहा है इसलिए तुम
अपने परिश्रम

की गति को और तीव्र करो उस पर इतनी मेहनत
करो कि
तुम्हारे
मेहनत की हद पार हो

जाए जिस प्रकार लोहा अत्यधिक
गर्म करने पर पिघल जाता है उसी प्रकार तुम
अपने आप को कर्मों की अग्नि में पिघला लो
और तीसरा

तुम जिस कार्य को कर रहे हो उस कार्य को
लेकर तुम पूरी आशा
रखते लेकिन उससे कहीं अधिक
तुम्हें प्राप्त होगा लेकिन किसी भी चीज
को प्राप्त होने का एक

निश्चित समय होता है जिस प्रकार
विद्यार्थी परीक्षा देने के पश्चात उसका
उत्तरण होना एक निश्चित समय पर निर्धारित
करता है उसी प्रकार

तुम्हारा उस चीज को प्राप्त करना एक
निश्चित समय पर निर्धारित करता है तो
तुम्हें उस समय का

इंतजार करना ही होगा और लगातार अपनी
मेहनत जारी रखना भी होगा
क्योंकि यदि तुम मेहनत करना छोड़ दोगे तो
सफल नहीं हो

पाओगे चौथा तुम किसी भी कार्य को खुद यदि
जबरदस्ती कर रहे हो और तुम्हें उस कार्य
को करते हुए

खुशी ही प्राप्त नहीं हो रही तब भी तुम
कार्य को नहीं कर पाओगे
और तुम्हारा कार्य नहीं

बनेगा बनकर भी बिगड़ने लगेगा क्योंकि ना
तो तुम उस पर ध्यान लगा पाओगे और ना ही
तुम्हारा उस कार्य

पर मन लग पाएगा क्योंकि जब तुम्हें उस
कार्य को करने में खुशी नहीं
होगी तो तुम केवल अपना समय
ही बर्बाद करोगे इसलिए ऐसे कार्य को भी मत
करना जिसे करने में तुम्हें खुशी प्राप्त
नहीं

होती मेरे बच्चे और पांचवा ये कि अगर तुम
आलसी व्यक्ति हो और कर्म नहीं हो हाथ पर
हाथ रखकर

बैठकर केवल सपने देखने वालों में से हो तो
तुम्हारा कार्य निश्चित ही नहीं बनने वाला
क्योंकि कार्य को बनाने के लिए मेरी
पूजा प्रार्थना के साथ साथ
मेहनत करना भी अति आवश्यक

है इसलिए यदि तुमसे सहायता हो पाए तो करना
मेरे बच्चे
लेकिन अपने अंदर घमंड को कभी मत आने
देना क्योंकि कौन छोटा है कौन

बड़ा अर्थ इससे नहीं तुम्हें अपने आप
को देखना है कि तुम क्या हो यदि तुम खुश
हो अपने जीवन में तुम्हें वह सब कुछ
प्राप्त हो रहा है जो

तुम्हें चाहिए तो तुम्हें भूलकर भी किसी
को ना तो छोटा समझना है और ना ही तुम्हारी
बातों से किसी के स्वाभिमान को चोट नहीं
पहुंचा चाहिए मेरे बच्चे कार्य तभी
बिगड़ते हैं और बनते नहीं जब तुम

अपने पैरों से खुद कुल्हाड़ी मारते हो
अर्थात या तो तुम आलस करते
हो कर्म नहीं करते या तुम कर्म करते हो तो
तुम्हें उस कर्म में खुशी

प्राप्त नहीं होती या तुम सच्चाई
ईमानदारी के पथ पर चलते हुए कार्य नहीं
करते या तुम जिस कार्य को करते पूरी मेहनत
के साथ नहीं

करते तुम्हारा पूरा बल उस पर नहीं होता
यदि तुम ध्यान लगाकर किसी कार्य को करो तो
तुम्हारा कोई कार्य नहीं
बिगड़ेगा मेरे अगले संदेश की प्रतीक्षा
करना मैं फिर आऊंगी तुमसे मिलने
मेरा आशीर्वाद

सदैव तुम्हारे साथ है तुम्हारा कल्याण
हो मेरे बच्चे मैं जानती हूं कि तुम
प्रत्येक क्षण मेरा ही स्मरण करते रहते हो
देखो तुम्हारी पुकार सुनकर मैं आ गई हूं
अब मुस्कुराओ क्योंकि इस सप्ताह में
तुम्हें एक अच्छी खबर मिलने वाली है जो
तुम्हें हृदय से प्रसन्नता

देगी मेरे बच्चे जीवन की छोटी-छोटी
खुशियों को पूरे उत्साह से स्वीकार करना
चाहिए जो व्यक्ति हर दिन छोटी सी छोटी
कामयाबी को अपनी प्रसन्नता बना लेता है
उसे यह प्राकृतिक और भी बड़े अवसर देती है
प्रसन्न होने के

लिए वही दूसरी तरफ जो लोग जो हर दिन निरास
होने का कोई ना कोई कारण ढूंढ ही लेते हैं
तो ऐसे में वह जीवन भर दुखी रहते हैं
इसलिए छोटी कामयाबी को नजर अंदाज नहीं
करना चाहिए क्योंकि एक-एक सीढ़ी चढ़कर ही
शिखर पर पहुंचा जाता

है मेरे बच्चे तुम इतना कामयाब हो जाओगे
कि तुम्हारे लिए समय की रफ्तार कई गुना
बढ़ जाएगी छोटे-छोटे पल का आनंद लेना कठिन
हो जाएगा इसलिए मेरे बच्चे जीवन में हर एक
पल में वास्तविक जीवन होना चाहिए वही तो
शुद्ध जीव

है अथवा बिना किसी उत्साह के कार्य करते
चले जाना यह तो एक मशीन के समान है तुम तो
मेरी सबसे सुंदर रचना हो जब तुम जीवन को
उत्साह से जीते हो तब मुझे यह देखकर
प्रसन्नता होती है मेरे बच्चे जब तुम
स्वयं से पहले दूसरे के बारे में सोचते
हो

तब मुझे तुम पर गर्व होता है जब तुम जिस
कामयाबी की अभिलाषा कर रहे हो वह तुम्हें
अवश्य मिलेगी तुम्हें इतना मिलेगा जो
तुम्हारे लिए एकत्र करना भी कठिन हो जाएगा
किंतु स्मरण रखना तुम्हारा विचार इसी
प्रकार निर्मल रहना

चाहिए मैं देख रही हूं कि दो दिनों में
कुछ परेशान हो किसी बात से परेशान हो तुम
भले ही तुम्हारे मुख पर मुस्कान है परंतु
मन किसी कोने में किसी बात के लिए विचलित
हो मेरे बच्चे तुम्हारे अपनों की बातें और
जो तुम सपने देख रहे हो उसको लेकर चिंतित
हो

आध्यात्मिक विकास के साथ में जो संकेत
प्राप्त होते हैं वह तुम्हें प्रसन्नता के
साथ कई प्रश्न भी देते हैं मेरे बच्चे
घबराओ मत तुम सपने में एक साथ भूत और
भविष्य को देख रहे हो तुम्हारे पूर्व
जन्मों के चलचित्र अचानक तुम्हारे समक्ष
में आ जाते
हैं

तो कभी तुम भविष्य की कुछ घटनाएं को देख
लेते हो ध्यान में प्रकाश कुंज दिखता है
कभी मेरा कभी सारा दिन सर दर्द करता है
तुम धीरे-धीरे अपने सूक्ष्म शरीर के प्रति
सचेत और जागृत हो रहे हो जिस प्रकार जब
किसी वस्तु का मथन किया जाता
है

तब उस वस्तु का मूल्य तत्व ऊपरी सतह पर
तैरने लगता है ठीक उसी प्रकार जब शक्ति का
आध्यात्मिक मथन होता है तब उसकी भूतकाल से
जुड़ी और भविष्य की घटनाएं उथल उथल के
सामने आती

हैं जिसके साथ ही व्यक्ति का वह नष्ट होना
प्रारंभ हो जाता है जो उसे पीरा दे रहे थे
मेरे बच्चे तुम सत्य के मार्ग पर हो यह
बात रखना और विचलित मत होना मैंने तुम्हें
अपना सुरक्षा कबज प्रदान किया है जो
तुम्हें हर परिस्थिति में मेरे होने का
एहसास कराता

है मेरे बच्चे जब तुम अपना एक कदम मेरी ओर
बढ़ाते हो तब मैं प्रेम से सैकड़ों कदम
भागते हुए तुम्हारी ओर आती हूं क्योंकि
तुम शायद अपने सभी पूर्व जन्म भूल गए हो
किंतु मैं तो कब से तुम्हारी प्रतीक्षा कर
रही हूं कि कब मेरी संतान मेरे पास भागते
हुए

आएगा और मुझे प्रेम से पुकारेगा और मुझे
प्रेम करेगा तुमसे अधिक व्याकुल मैं हूं
मेरे बच्चे मैं तुम्हारी प्रतीक्षा कर रही
हूं क्या तुम इस यात्रा को पूरा करोगे
मेरे बच्चे मैं जानती हूं कि तुमने अब तक
जीवन में बहुत संघर्ष किए

हो दुख की पीड़ा अपने हृदय में अकेले
चुपचाप बर्दाश्त करते आए हो मेरे बच्चे अब
अपना विश्वास मत खो मैंने तुम्हारे लिए जो
निर्धारित किया है वह तुम्हें मिलकर रहेगा
किंतु सी सभ कार्य का एक निर्धारित समय
होता

है तुम्हारे जीवन में जिस वक्त जो जो
घटनाएं घटित हुई हैं वह पूर्व निर्धारित
है इसलिए तुम्हें मुझ पर विश्वास करना
चाहिए तुम्हारा विश्वास तुम्हारी शक्ति
में वृद्धि करेगा और अपने बच्चों को सत्य
के मार्ग पर चलते देख मुझे अत्यधिक
प्रसन्नता होती

है तुम्हारे लिए दिव्य द्वार पहले ही खुल
चुके हैं मैं तुम्हारे लिए वह सब कर रही
हूं जो तुम्हारे जीवन को खुशियों से भर
देगी तुम्हें यह स्मरण रखना चाहिए सफलता
तुम्हें अवश्य मिलेगी मैं तुम्हें कुछ
अनुभव कराना चाहती
हूं

यह अनुभव तुम्हारे सफलता का कारण बनेगी जब
तुम्हारे मन में प्रसन्न उठते हैं तब
तुम्हें केवल एक वाक्य स्मरण रखना चाहिए
कि तुम मेरी संतान हो तुम सर्वश्रेष्ठ हो
कोई तुम्हारे बारे में क्या सोचता है यह
मायने नहीं

रखता किंतु तुम खुद के लिए क्या सोचते हो
यह अवश्य मायने रखता है मेरे बच्चे क्या
तुम मुझे एक प्रश्न का उत्तर दोगे यदि
तुम्हारे पास 50 छात्र हैं और तुम्हें
उनको शिक्षा देनी है तो उनमें से कुछ
छात्र एक ही बार में तुम्हारी बात समझ
जाएंगे कुछ बच्चे अधिक प्रयास करने पर
समझेंगे किंतु कुछ ऐसे भी होंगे जिन्हें
पूर्ण वह सब पहाड़ा पढ़ना पड़ेगा इसी

प्रकार संसार में सभी आत्मा शिक्षा ग्रहण
करने आए हैं सभी की क्षमता के अनुसार मैं
उन्हें अलग-अलग प्रकार से शिक्षा देती
हूं छात्र को बस यह स्मरण रखना चाहिए उनका
गुरु उनका सदैव भला ही चाहता है और तुम
मेरे प्रिय छात्र हो मैं तुमसे प्रेम करती
हूं हर राह पर तुम्हारे साथ हूं मैं तुमसे

दूर नहीं तुम्हारे हृदय में ही उपस्थित
हूं मेरे बच्चे तुम अत्यधिक शक्तियों के
माले
हो तुम उन सभी वस्तुओं को एवं लोगों को
आकर्षित कर सकते हो जो इस ब्रह्मांड से
जुड़े हुए हैं यह वर्ष तुम्हारे लिए
अत्यंत भाग्यशाली सिद्ध होगा तुम सुख
समृद्धि एवं प्रेम बंधनों में उन्नति
प्राप्त

करोगे एक बार तुम्हारी धरती पर जन्म लेने
का मूल उद्देश्य क्या है यह स्वयं से
प्रसन्न करो अपनी चेतना के मूल उद्देश्य
को ज्ञात करो वही तुम्हें इस भौतिक जगत
में सुख समृद्धि एवं ऊंचाइयों तक ले जाएगा
मेरे बच्चे अत्यंत खुशियों का द्वार
एकमात्र ध्यान है

तुम ध्यान करना प्रारंभ करो मैं आगे भी
तुम्हें रास्ता दिखाती रहूंगी और बिना डरे
चलना तुम्हें है मैं तुम्हें छड़ भर भी
नहीं छोड़ती मेरे बच्चे यदि जीवन में कुछ
कर दिखाना है आकाश की वह सीमा छनी है जिसे
छूने के विषय में तुमने कभी सोचा भी नहीं
होगा

तो अपने भीतर यह तीन गुण अर्जित कर लो
पहला अपने लक्ष्य को पाने की चाहत और लगन
यह तुमसे वह करवा सकता है जो तुम कभी नहीं
कर सकते दूसरा साहस और संकट उठाने की
क्षमता यह तुमसे वह करवा सकता है जो तुम
करना चाहते
हो

और तीसरा है अनुभव अनुभव तुम्हें यह
बताएगा कि तुम्हें करना क्या है मेरे
द्वारा बताए गए गुण रहस्य को अपने जीवन
में लागू करो और मुझ पर अपना विश्वास बनाए
रखो बाकी सब कुछ मुझ पर छोड़ दो मैं
तुम्हारे लिए हमेशा भला ही चाहती
हूं

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