दुर्गा मां🕉️आज का संदेश तुम्हारे लिए उपहार है।

मेरे बच्चे तुम्हें अपनी यह बातें किसी को

भी नहीं बतानी है यदि तुम चाहते हो कि तुम

अपने जीवन में एक शक्तिशाली इंसान बनकर

दूसरों के सामने खड़े रहो सभी तुम्हारी

इज्जत करें तुम्हारी बातों को ध्यान से

सुने और तुम्हारी चीजें हमेशा तुम्हारे

पास आसानी से आ जाए तो तुम्हें भी कुछ

बातों का ध्यान रखना चाहिए और आज तुम ऐसे

ही कुछ बातें जानोगे सबसे पहले तो मैं इसे

समझाती हूं जिस इच्छा को तुम ईश्वर से

मांग रहे हो जिसके लिए तुम कड़ी परिश्रम

भी कर रहे हो तो उस इच्छा के बारे में

तुम्हें दूसरों से बातचीत नहीं करनी है जब

तुम अपनी इच्छा को पाने के लिए बहुत सारे

कड़े परिश्रम करते हो तो तुम्हें चुपचाप

अपनी सभी प्रक में आगे बढ़ना

है ऐसा करना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि

इसका सबसे पहला फायदा यह है तुम्हारे और

ईश्वर के संबंध में संबंध के बीच कोई और

नहीं आ सकता है और दूसरा कारण क्या है कि

जब तुम अपनी इच्छा को किसी और इंसान को

बताते हो तब तुम किसी दूसरे इंसान के

विचार को अपने विश्वास के साथ जोड़ लेते

हो वह इंसान तुम्हारी इच्छा के बारे में

क्या सोच रहा है वह चीजें तुम्हें मिलनी

चाहिए या नहीं मिलनी चाहिए क्या तुम सच

में उन चीजों के हकदार हो तुम दूसरों के

विचारों को अपने इच्छा में डाल देते हो

तुम अपने विश्वास में इन बातों को डाल

देते हो जिस इच्छा को तुम ईश्वर से मांग

रहे हो तुम उसके लिए पूरी तरह से तैयार हो

और सकारात्मक हो और तुम अपना ही एक

विश्वास तैयार कर रहे हो और उस समय यदि

तुम दूसरों की बातों में आ जाते हो दूसरों

के हिसाब से चलने लगते हो तो कई बार यह एक

बहुत बड़ा कारण बन जाता है तुम्हारी इच्छा

समय पर पूरी नहीं होती जब दूसरी बातें

जिसे जानना बहुत जरूरी

जब तुम्हारे जीवन में किसी से अनबन हो

जाती है या झड़प हो जाती है खास तौर पर जब

अपने परिवार के किसी सदस्य के साथ आपकी

लड़ाई हो जाती है यदि तुम्हारे परिवार में

किसी सदस्य के साथ लड़ाई हो जाती है छोटे

मोटे झगड़े हो जाते हैं और अगर तुम इन

चीजों को किसी और इंसान के आगे इन चीजों

को बताते हो उसके साथ अपनी बातें साझा

करते हो तो ऐसा करने से क्या होता है पहला

प्रभाव तो उस इंसान के सामने यही जाता है

कि तुम एक शक्तिशाली इंसान हो ही नहीं

तुम्हारे अंदर वह शक्ति ही नहीं है जो एक

शक्तिशाली इंसान के अंदर होनी चाहिए

तुम्हारे घर में परिवार में कोई इज्जत

नहीं है वह इंसान तुम उसी नजरों से देखने

लग जाता है वह तुम्हें उन्हीं

परिस्थितियों के हिसाब से भाप लेता है तुम

कभी भी एक शक्तिशाली इंसान नहीं बन सकते

जब तुम इन सारे रहस्य को अपने अंदर ही

संभालना नहीं सीख जाते यदि तुम अपनी सारी

छोटी-छोटी बातों को अपने भीतर अपने खुद के

अंदर नहीं रखना सीख लेते तो जब जब तुम

किसी इंसान के साथ यह सारी चीजें साझा

करोगे तो वह इंसान हमेशा उन चीजों के

हिसाब से ही तुम्हें देखने लग जाता है उन

चीजों के हिसाब से ही वह अपनी नजरों में

तुम्हारे लिए एक आकृति तैयार करता है और

वह आकृति एक ऐसी होती है जो एक शक्तिशाली

इंसान से कोसो दूर रहती है यदि तुम चाहते

हो कि लोग तुम्हारी इजत तुम्हारी बातों को

ध्यान से सुने तुम्हारा मान सम्मान करें

तो तुम्हें यह सारी बातें कभी भी किसी

इंसान के साथ साझा नहीं करनी है चाहे वह

तुम्हारा कितना ही करीबी मित्र क्यों ना

हो जब तुम इन सारी बातों को अपने मन के

अंदर रखना सीख जाते हो और इन बातों को

संभालना सीख जाओगे तो तुम बहुत जल्दी आगे

बढ़ जाते हो

और एक शक्तिशाली व्यक्तित्व को व्यक्तित्व

की ओर बढ़ते हो अब तीसरा और सबसे

महत्त्वपूर्ण बात दूसरों की सहायता लोगों

को दिखाने के लिए करना बंद कर दो तुम्हें

लगता है कि जब तुम किसी की सहायता करते हो

तो तुम्हें लोगों को बताना चाहिए जब तुम

ऐसा करते हो तो तुम यह तो भूल ही जाओ कि

भगवान

तुम्हें गुना देंगे तुम जब दूसरों को

वह चीज देने के बाद कभी भी लोगों को बताते

नहीं हो उसे अपने मन के अंदर ही रखते हो

पूरी तरह अपने भीतर समा के रखते हो तो

भगवान चीजों को गुना ज्यादा तुम्हें

लाकर दे देते हैं तुम्हारे जीवन में

गुना वह चीजें आने लग जाती हैं पर तुम जब

उन सारी चीजों के बारे में

दूसरों को बताना शुरू कर देते हो तो

तुम्हारे हिस्से में बस दो गुना ज्यादा ही

आता है वह गुना ज्यादा वाले आशीर्वाद

को आकर्षित नहीं कर पाते इसलिए तुम्हारे

पूर्वज तुमसे कहते थे कि जब किसी की

सहायता करो तो दूसरों को नहीं बताना चाहिए

नेकी कर और दरिया में डाल दो तुम हमेशा

यही सुन आए हो पर तुम्हारी आदत हो गई है

कि जब तुम दूसरों की सहायता करते हो तो

तुम अच्छा महसूस करने के लिए सबको बातें

बताने लग जाते हो कि मैंने इसकी सहायता की

इसकी मदद की हमने यहां पर पैसे डाले मैंने

इस काम में इतनी सहायता की पर ऐसा करने से

होता क्या है तुम अपने आप को उस जगह पर

नहीं रख पाते जहां पर तुम गुना ज्यादा

आकर्षित कर सकते थे यदि तुम चाहते हो कि

तुम्हें गुना ज्यादा मिले तो तुम्हें

यह सारी गलती कभी नहीं करनी है जब तुम इन

सारी बातों को खुद के अंदर संभालना सीख

जाते हो तब तुम अपने आप को शक्तिशाली

इंसान की तरह ले जाते हो मेरे बच्चे मेरी

बातों को हमेशा ध्यान रखना मेरा आशीर्वाद

सदा तुम्हारे साथ है मेरे अगले संदेश की

प्रतीक्षा करना मेरे बच्चों मैं महागौरी

तुम्हारी भक्ति से प्रसन्न हुई हूं तो आज

तुम जो भी मांगोगे वह सब तुम्हें मिलेगा

मेरे बच्चों इस बार तुमने बहुत ज्यादा

श्रद्धा और भक्ति से मेरी अर्चना की है

इसीलिए मैं तुम्हें मनवांछित फल देना

चाहती हूं और मैं यह चाहती हूं कि इस

सृष्टि के सभी लोग अपने अपने जीवन में खुश

रहे मैं यही चाहती हूं कि सृष्टि के सभी

मानव जन खुश रहे इसमें मुझे तुम्हारी

सहायता चाहिए मैं अपने उन्हीं प्रिय

भक्तों को यह कार्य देती हूं जिन पर मुझे

पूरा विश्वास होता है जिनको मैंने अपनी

शक्ति दी होती है तुम वही मेरे प्रिय भक्त

हो जो मेरे इस संदेश को सृष्टि के बाकी

लोगों तक पहुंचा सकते हो और उनकी सहायता

कर सकते हो मेरे बच्चों आज तक तुमने जितने

भी कष्ट सहे हैं मैं उन सभी का अंत इस

नवरात्रों में कर दूंगी अगर तुमने मुझे

सच्चे मन से याद किया होगा तो आज रात को

ही तुम्हें चमत्कार देखने को मिल जाएगा

तुमने मुझ पर इतना अटूट विश्वास किया है

तो मैं भी तुम्हारे विश्वास को टूटने नहीं

दूंगी तुम्हारी सभी इच्छाओं को पूरा

करूंगी और सारी समस्याओं को हरकर ले

जाऊंगी क्योंकि तूफान सबके जीवन में आते

हैं लेकिन जो समुद्र की तरह अड़ंग रहता है

वह अपने लक्ष्य पर पहुंच पाता है यह जीवन

एक काल चक्र की तरह है तुम्हारे जीवन में

जितना सुख दुख लिखा है वह तो तुम्हें

अवश्य मिलेगा कोई भी उसे छीन नहीं सकता है

इसीलिए तुम अपने कार्य पूरी श्रद्धा के

साथ करते जाओ अपनी पूरी ईमानदारी के साथ

करते जाओ तुम्हें अवश्य ही फल मिलेगा

मेरे बच्चों बस तुम्हें मुझ पर विश्वास

रखना है और अपनी काबिलियत पर विश्वास रखना

है कि तुम सभी कार्य कर सकते हो चाहे

कितनी भी विपत्तियां आए कितनी भी बाधाएं

हैं तुम सारे कार्य करते जाना तुम सारे

कार्य करते जाना मेरे बच्चे अपने से बड़ों

का आशीर्वाद लो उनका सम्मान करो उनका

नित्य प्रति आदर करो उनके आशीर्वाद से और

अपने कर्मों से तुम अप लक्ष्य पर पहुंच

जाओगे क्योंकि जो मेहनत करता है उसे सफलता

अवश्य मिलती है जैसे हमारे माता-पिता जब

एक बच्चा नवजात होता है तो उसकी दिन रात

सेवा करते हैं उसका कार्य करते हैं तब वह

जाकर एक नव युवक बन पाता है ऐसे ही तुम भी

अपने कार्य को सच्चे दिल से करते जाओ

तुम्हें सफलता जरूर

मिलेगी एक बात और याद रखना हमेशा अपनी

कमाई पर अपना हक रख रखना कभी भी दूसरों के

पैसों पर अपनी नजर मत रखना क्योंकि हमेशा

अपनी मेहनत की कमाई से ही आपके जीवन के

सभी सपने पूरे होंगे अगर हम दूसरों के

पैसों पर लालच करेंगे यह चाहेंगे कि वह

हमारे हो जाएं तो ऐसा कभी भी पूरा नहीं हो

सकता क्योंकि शास्त्रों में भी कहा गया है

कि जो व्यक्ति दूसरों की कमाई पर अपनी नजर

रखता है वह कभी भी सफल नहीं हो सकता है

इसीलिए मेरे बच्चों आप अपने मेहनत से

जितना भी कमाते हैं चाहे वह कम है या

ज्यादा है उसी में ही संतुष्ट रहिए

क्योंकि जो नींद हमें अपनी मेहनत से कमाई

करके आती है वह कभी भी दूसरों के धन को

प्राप्त करके या उसे छीन करके हमें वह

नींद प्राप्त नहीं हो सकती

है इसीलिए मेरे बच्चों सच्चा सुख यही है

कि आप मेरे द्वारा दी गई शक्तियों का

प्रयोग करें बड़ों का आशीर्वाद लें छोटों

को सम्मान दें

अपने घर में सुख शांति से प्यार से सयम से

सबके साथ मिलजुल कर रहे मेरे बच्चों एक

बात और याद रखना अपनी संगति आप हमेशा

अच्छे बनाए रखना क्योंकि जिस व्यक्ति की

संगति अच्छी होती है वह कभी भी जीवन में

धोखा नहीं खा सकता है जैसे एक मछली पूरे

समुद्र को गंदा कर देती है वैसे ही एक गलत

संगति आपके पूरे जीवन को बर्बाद करके रख

सकती है इसीलिए मेरे बच्चों चाहे आप किसी

भी उम्र में हो लेकिन आपकी संगति का अच्छा

होना बहुत ज्यादा आवश्यक है अच्छी संगति

से ही आपके अंदर अच्छे गुण आ सकते हैं

जिससे कि आप अपने जीवन में बदलाव ला सकते

हैं और अपने जीवन को अच्छा बना सकते हैं

जो भक्त मेरे संदेश को अपने जीवन में अपना

लेंगे वह कभी भी जीवन में दुखी नहीं होगा

क्योंकि हमारे मित्र सदा हमारे साथ एक

आईने की तरह होते हैं अच्छी मित्रता वही

है जो आपके बुरे समय में भी आपका साथ दे

और अगर आप कोई गलत कार्य कर रहे हैं तो भी

वह आपको रोके और अच्छे कार्य में आपको और

ज्यादा प्रोत्साहन दे सच्ची मित्रता की

आपके जीवन में बहुत आवश्यकता होती है

क्योंकि सच्चा मित्र चाहे आपके जीवन में

एक ही हो लेकिन अनेक बुरे मित्रों से

अच्छा है इसी लिए अपनी संगति अच्छी बनाएं

ताकि आप अपना जीवन अच्छा करें और साथ ही

अपने माता-पिता अपने परिवार का भी ध्यान

रखें अब मेरे बच्चों मैं तुमसे आज्ञा

चाहती हूं और इस बार के नवरात्रों में मैं

तुम्हें आशीर्वाद देकर जाती हूं कि तुमने

अगर मेरी बातों को अपने जीवन में अपनाया

तो तुम्हें अपने जीवन में बदलाव बहुत ही

जल्द देखने को मिलेगा और हो सकता है कि

आने वाली नवरात्रि तक तुम अपनी मनवा ित

लक्ष्य तक पहुंच जाओ और उसे पा

लो तुम्हारा कल्याण हो

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