दुर्गा मां 🕉 अगर आज आपने इस संदेश को तुरंत नहीं खोला.

मेरे बच्चे मेरा संदेश प्राप्त होना कोई
इत्तेफाक नहीं बल्कि मैं तुम्हें बताना
चाहती हूं की जिससे तुम बहुत प्रेम करते
हो उसे तुमसे कोई अलग करना चाहता है महसूस
करो की पहले मैं तुम्हारा बहुत ख्याल रखना
था तुम्हारे हर बार मानता था

तुम्हारे बिना कहे समझ जाता था बिन मांगे
तो मैं हर चीज देता था अब तुमसे बात बात
पर बहुत गुस्सा होता है

तुम्हारे ऊपर भी तुम्हारी बात को समझना
नहीं है तुम्हारी बात को अनसुना अनदेखा कर
देता है तुम जैसा चाहते हो वैसा व

ह नहीं
कर रहा
तुम्हारे जीवन में खटास होने लगी
तुम्हारा प्रेम उसके हृदय से काफी हद तक
कम हो गया

जो तुम्हारे बीच में ए रहा है और तुम्हारे
प्रेम को तोड़ने का संभव प्रयास कर रहा है
लेकिन मेरे होते हुए यह होगा नहीं मैं ऐसा
कभी होने नहीं दूंगी क्योंकि मैं जानती
हूं यह गलत है और तुम भी जान लो की मैं
ऐसा कभी नहीं होने दूंगी

तुम्हारे जीवन में जब प्रेम समाप्त होने
लगता है तो तुम्हें अपने जीवन बहुत भारी
लगे लगता है की तुम जी क्यों रहे हो मां
तुम्हें अपने प्रेम को मेरी शक्ति की
सहायता से अपना बनाना होगा किसी तीसरी को
बीच में आने की थी

जी बात में वह खुश होता है उसे बात को
बार-बार उसके सामने करें जी बात से उसे
चिढ़ होती है वैसी बात उसके सामने ना लेकर
आए उसके सामने से उन चीजों को हटा दें जिन
चीजों को है पसंद नहीं करता है वह कार्य
ना करें जो है पसंद नहीं करता

क्योंकि कई बार तुम्हारा कोई ऐसा कार्य जो
उसकी इच्छा के विपरीत है उसे क्रोधित करता
है यह तुम्हारे बीच में कोई इंसान है तो
तुम अपने आप को ज्यादा से ज्यादा सुंदर और
आकर्षक बनाने की कोशिश करो

यदि स्त्री अपनी सुंदरता को निखार कर नहीं
रखती है तो वह अपने पति को लुभा नहीं पाती
है स्त्री का सदियों से अधिकार रहा है
सजना सवारने पर जो तुम्हारा अधिकार है
उससे तुम वंचित मत रहो ध्यान रखो की श

र्म
के गने को हमेशा पहन कर रखो
ध्यान रखो की उसको किस बात में प्रसन्नता
होती है इन्हीं बटन को दोहराने की कोशिश
करो उसे इस जगह पर लेकर जो जहां पर पहले
की यादें उससे जुड़ी हुई हैं उसके आसपास
नकारात्मक ऊर्जा जी चीज से उत्पन्न हो रही
है

उसे नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए
तुम उन चीजों को उसके पास से हटा दो
क्योंकि कई बार तुम्हारे रिश्ते को
तुम्हारे आसपास के वातावरण में विराजमान
चीज होती हैं जिससे तुम्हारे
बीनाकारात्मक ऊर्जा तुम्हारे जीवन में तुम
दोनों के बीच

प्रवेश कर देती है
और दूरियां पैदा करने लगती है
मेरे बच्चे अपने प्रेम को मजबूत करने के
लिए अपने आसपास की शक्ति को विद्यमान करने
के लिए जब तुम सुबह उठाते हो
है तो उठकर स्नान के पश्चात सूर्य को जल

अर्पित करना अति आवश्यक होता है वह
छोटे-छोटे कार्य तुलसी में जल डालना मंदिर
के समक्ष खड़े होकर प्रार्थना करना
तुम्हारे आस-पास अपना ऊर्जा को विद्यमान
करता है और तुम्हारे प्रेम को मजबूती
प्रधान करता है

मेरे बच्चे जो मायूसी के बादल तुम्हारे
ऊपर छाई हुए हैं
तुम्हारा हृदय मयूरी की भांति ना छोटे ग
इस प्रकार तुम्हें एक साथ इतनी खुशियां
मिलेगी की तुम उन्हें संभल भी नहीं पाओगे
मेरे प्यार बच्चे मैं जानती हूं बीते

दोनों में तुम किस संघर्ष से गुर्जर रहे
हो किस प्रकार सबके बीच रहते हुए अकेले र
रहे हो सब की उम्मीद को पूरा करते हुए
वही तुम्हारी शक्ति बन गया

तुमने काफी हद तक अपने क्रोध पर नियंत्रण
किया तुमने अपने ऊर्जा को दुष्ट होने से
बचाया है मेरे बच्चे यही सफलता का करण बन
गया है अब सभी लोग तुम्हारे सहायता के लिए

तत्पर हो गए हैं जी प्रकार का जीवन तुमने
कल्पना की थी वही तुम्हें मिलने लगा है
मेरे बच्चे मैं तुम्हें इतना सफल बना
दूंगी की लोग तुमसे मिलने को तरस जाएंगे

जीवन में तो उतार-चढ़ाव लगे ही रहते हैं
लेकिन मानव इस उतार चढ़ा भाग्य का नाम
देकर बैठ जाता है बिना यह सोच की कर्म
किया बिना तो ईश्वर भी साथ नहीं देते हैं
मेरे प्यार बच्चे किसी के जीवन में जो भी

कठिनाइयां आई है
तो होता है
जिससे वह जनों से दो रहा है जब तक वह अपने
पुण्य कर्मों से उसे उतार नहीं लेट तब तक
जीवन की पवित्र नदी में वह स्वच्छ कैसे र
पाएगा मेरे बच्चे कई बार पुण्य आत्माओं को

अधिक यात्राएं सनी पड़ती है उसका करण यह
होता है की वह धर्म रक्षक होते हैं जो गम
फल से ऊपर उठ चुके होते हैं ऐसे लोग स्वयं
यात्रा सते हुए समाज को उपहार देने आते
हैं जैसे कोई समाज के लिए सली चढ़ जाता है

तो कोई धर्म की रक्षा के लिए तलवार की धार
पर चला है
सृष्टि में कपिल लोगों को यह लगता है की
जीत हुई और सत्य मा गया किंतु वास्तव में
तो यह लोग होते हैं जो बार-बार सत्य की
पवित्रता के लिए आते हैं और बलिदान देते
हैं वास्तव में आधार बार बार मरता है
किंतु इसके बीच में जो घटनाएं घटित होती
हैं उसका सहायक पुण्य आत्माओं को बन्ना ही
पड़ता है मेरे बच्चे अब तुम निडर होकर
जीवन में आने वाली खुशियों का दिल खोलकर
स्वागत करो चाहे कितनी भी बड़ी बिकता
सामने क्यों ना ए खड़ी हो जाए यह स्मरण
रखना की मैं साथ हूं तुम्हारे तुम्हारा
सदा कल्याण हो मेरे बच्चे

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