दुर्गा मां 🕉 तुम्हारी ऐसी हालत देखकर मैं दुखी हो गई हूं

रे बच्चे मुझे पता है कि तुम बहुत चिंतित
परेशान हो और कितने ज्यादा बेचैन हो मैं
सब जानती हूं तुम्हारी हर एक पल की
गतिविधि को मैं भली भाति समझती
हूं तुम्हें मेरे ऊपर पूरा विश्वास है तो

तुम किस चीज से डर रहे हो तुम क्यों अपने
जीवन में डर डर के रहते हो डर तो इंसान का
वह शत्रु है जो उसे हमेशा के लिए खोखला कर
देता

है इंसान जीवन में कभी आगे नहीं बढ़ पाता
और यह केवल उस इंसान के अंदर पनप रहे डर
के कारण ही होता है डरो नहीं आगे बढ़ो
सफलता तुम्हारे पास स्वयं चलकर आएगी
मेरे बच्चे तुम अपने भाग्य को कोसो मत
तुम्हारा भाग्य बेहद उज्जवल है यदि तु


अपने भाग्य को को सोगे तो तुम्हें केवल और
केवल ठोकरे ही मिलेंगी इस संसार में जो
व्यक्ति आता है वह अपनी किस्मत लेकर आता
है मैं अपनी किस्मत को कैसे बनाना है यह

सब तुम्हारे ऊपर निर्भर
है क्योंकि भाग्य के विधाता तुम स्वयं हो
यदि तुम यह तय कर लो कि तुम जीवन में सब
कुछ कर सकते हो तो संसार की कोई ताकत
तुम्हें रोक नहीं

सकती का संदेश तुम्हारे लिए बहुत
महत्त्वपूर्ण होने वाला है तुम्हारी माता
की कृपा तुम पर बरसने वाली है जी हां
तुमने बिल्कुल सही सुना तुम्हारी माता
अपनी कृपा तुम पर बरसाने वाली है बस
तुम्हें इस संदेश को अंत तक सुनना है और
जय माता रानी अवश्य लिखना

है इस वक्त तुम्हारे साथ एक बहुत बड़ा
चमत्कार होगा आपके जीवन में कुछ आपको ऐसा
मिलेगा जिसका आप बहुत समय से इंतजार कर
रहे थे अब तुम्हारी प्रतीक्षा की घड़ी
समाप्त हो चुकी है तुम्हें जीवन में
खुशियां

मिलेंगी आने वाले नए साल तुम्हारे लिए
उन्नति लेकर
आएगा मेरे बच्चों आज मुझे तुम्हारी बहुत
याद आ रही है इसलिए मैं संदेश के माध्यम
से तुमसे मिलने आई हूं और इस संदेश को अंत
तक जरूर

सुनना मैं जानती हूं तुम्हारे जीवन में
काफी उतार चढ़ाव चल रहे थे जिसके चलते तुम
बेहद परेशान थे किंतु जब तुम्हारे पास
स्वयं तुम्हारी माता है तो फिर तुम्हें
किस बात की चिंता है मैं तुम्हारे जीवन
में सब कुछ अब ठीक कर

दूंगी जीवन में एक बात याद रखना कि समस्या
सबके लिए एक समान होती हैं किंतु जो
मनुष्य समस्याओं से लड़कर स्वयं को मजबूत
बना लेता है वह जीवन के हर क्षेत्र में
सफलता प्राप्त करता

है तुम अपने जीवन में अतीत के पन्नों से
बाहर आओ जहां पर तुमने ने बहुत कष्ट देखे
थे अब तुम्हारे जीवन में खुशी आने वाली है
इसलिए अपनी पुरानी चीजों को सोचकर स्वयं
को कष्ट में मत

डालो जब तुम्हारी माता तुम्हारे साथ है तो
तुम्हें उस अतीत के बंधन से अब छूटना होगा
मैं जानती हूं तुम्हारे मन में अपनों के
प्रति प्रतिशोध की भावना पल रही है लेकिन
यह बदले की भावना सही नहीं है जिन्होंने
तुम्हारे साथ गलत किया उनको मैं स्वयं दंड
दूंगी जिन लोगों ने तुम्हारे साथ बुरा

किया है उनको अब ऐसे फल मिलेंगे कि
उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा
फिर चाहे वह तुमसे लाख बार माफी मांग ले
लेकिन फिर भी मैं उनके जीवन में खुशियां
नहीं आने दूंगी जिन्होंने तुम्हारे दुख के
समय में तुम्हारा साथ दिया था सिर्फ मैं
उन लोगों के जीवन में अब खुशियां देने
वाली

हूं जीवन में मनुष्य यदि अपनी गलतियों को
नहीं सुधार है तो वह गलतियां बार-बार करता
है यदि वह उनसे कुछ सबक नहीं लेता तो वह
अपने जीवन के लक्ष्य को कभी भी नहीं पार
कर सकता ना ही उसे हासिल कर
सकता

तुम मेरे प्रिय भक्तों में से एक हो
तुम्हारे पास मैंने अद्भुत शक्तियों का
भंडार भेज रही हूं इसलिए तुम्हें घबराना
नहीं है बस अपनी आंखें बंद करो और मुझे
याद करो आंखें बंद करते समय यदि तुम्हें
मेरे दर्शन प्राप्त होते हैं तो समझ लेना
कि मैं तुम्हें अपना आशीर्वाद भेज चुकी
हूं

जय माता रानी कमेंट बॉक्स में लिखें और
अभी माता रानी से उनका आशीर्वाद प्राप्त
करें माता रानी सबके जीवन में खुशियों के
रंग भर

देगी मेरे बच्चों कैसे हो तुम सब आज मैं
माता रानी अप भक्तों की पुकार पर दौड़ी
चली आई हूं तो मेरे भक्तो आज बताओ
तुम्हारे जीवन में क्या समस्याएं हैं उन
सबका निवारण आज ही मुझे करके जाना
है आज जो मैं तुम्हें इस संदेश में

बताऊंगी उसे तुम्हें अपने जीवन में उतारना
है तभी तुम रा जीवन बहुत अच्छा
होगा एक बार की बात है कुछ बच्चे आम के
बगीचे में खेल रहे थे वहां पर एक बूढ़ा

आदमी भी पेड़ के नीचे विश्राम कर रहा था
तभी बच्चे खेलते खेलते आए और आम का पेड़
देखकर आम तोड़ने के लिए वहीं रुक
गए बच्चों ने आम तोड़ने के लिए आम के पेड़
पर पत्थर मारना शुरू कर दिया देखते ही
देखते जमीन पर आमों का ढेर लग गया इतने

में एक बच्चे ने थोड़े ऊंचे आम को तोड़ने
के लिए एक पत्थर तेज फैका और वह पत्थर जो
विश्राम कर रहा था उस व्यक्ति को जाकर लग
गया उनके माथे से खून निकलने लगा सभी
बच्चे यह देखकर डर

गए उन्हें लगा अब तो वह वृद्ध व्यक्ति
उनको बहुत डांट तभी उनमें से एक बालक डरता
हुआ उस बूढ़े व्यक्ति के पास गया और हाथ
जोड़ते हुए बोला हमें माफ कर दीजिए हमसे
बहुत बड़ी गलती हो गई हमारी वजह से आपको
यह पत्थर लग गया और आपके माथे से खून भी आ
गया

तब उस वृद्ध व्यक्ति ने बच्चों से कहा कि
मुझे इस बात का दुख नहीं कि तुमने मुझे
पत्थर मारा इस बात का दुख है कि पेड़ को
पत्थर मारने से पेड़ हमें मीठे फल देता है
और तुम उसी को पत्थर मार रहे हो लेकिन
मुझे पत्थर मारने से तुम्हें डर क्यों लग

रहा है इस तरह अपनी बात को कहकर बूढ़ा
व्यक्ति चला गया क्योंकि मुझे प पथर मारने
से तो तुम्हें कुछ नहीं मिल रहा और जो
पेड़ तुम्हें इतने मीठे फल देता है तुम

उसी को पत्थर मारते हो और बच्चे भी आम
बटोर कर फिर अपने घर चले
गए इस कहानी से मैं आपको यही समझाना चाहती
हूं कि अगर कोई हमारे साथ बुरा व्यवहार

करता है तब भी हमें उसके साथ अच्छा वहार
करना चाहिए जिस प्रकार पेड़ को पत्थर मार
ने पर भी वह बदले में मीठे फल देता है उसी
प्रकार हमें भी सभी के साथ मधुर व्यवहार
रखना
चाहिए मेरे बच्चे अब तुम अपने कार्य को

पूर्ण निष्ठा के साथ करते चलो और मेरे
अगले संदेश का इंतजार करना मैं अगले संदेश
में तुम्हें कुछ ऐसा बताऊंगी जिससे
तुम्हारा जीवन परिवर्तित हो जाएगा मेरा
आशीर्वाद सदा तुम्हारे साथ है जीवन में

खुश रहो स्वस्थ रहो तुम्हारा दिन मंगलमय
हो

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