न्याय जिसे ढूंढ रहे थे वह आंखों के सामने खड़ा होगा

मां काली आज तुम्हारे लिए फिर एक बार इस धरती लोक पर आई हूं किंतु मैं तुमसे जानना चाहती हूं मेरे बच्चे क्या मेरे प्रेम में कमी

रह गई है जो तुम मुझे बार बार देख करके मेरा अपमान कर रहे हो मैं जानती हूं कि तुम मेरे दर्शन के लिए रोज प्रार्थना करते हो

इसलिए आज मैं तुम्हें अपने दिव्य दर्शन देने के साथ साथ उन बुरी चीजों से दूर करूंगी जिसके कारण तुम्हारे जीवन में बहुत से

परिवर्तन आ चुके हैं मेरे बच्चे तुम सदैव है जीवन में दुखी रहे हो पर अब आगे नहीं रहोगे तुमने दूसरों के प्रति सदा ही अपनी निष्ठा

भावना रखी है उनके परंतु उन लोगों ने तुम्हें जीवन में दुख दिए हैं तुमने जिस जिस पर विश्वास किया है उसने तुम्हारे विश्वास को तोड़ा है तुम्हारी माता तुम्हें ऐसे नहीं देख सकती और आज मैं तुम्हें एक मार्ग बताऊंगी चलकर तुम्हें सफलता अवश्य मिलेगी सबसे पहले

तुम्हें अपने विश्वास को स्वयं के लिए जागृत करना है दूसरों पर विश्वास करना छोड़ दो जिससे तुमने प्रेम किया उसने भी तुम्हारे साथ विश्वासघात किया है इसलिए आज मैं तुम्हें राह दिखाने आई हूं जिस राह पर चलकर तुम्हें जीवन की सच्चाई का पता चलेगा मेरे बच्चे

मुश्किल कार्य को करने के लिए कभी-कभी हमें जीवन में स्वयं को कठोर बनना पड़ता है यदि तुम हर शाम को कुछ में रहोगे तो तुम कार्य नहीं कर पाओगे इसलिए तुम्हें अपने जीवन में स्वयं को स्थिति के हिसाब से डालना सीखना होगा तुमने सबसे अधिक

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