फर्जी किसान आंदोलन के बंद बेअसर विपक्षी साजिश की खुली पोल ! विपक्ष का भारत बंद बेअसर Bharat bandh

नमस्कार मैं हूं पवन
त्यागी फर्जी किसान आंदोलन पंजाब से चलकर
हरियाणा और दिल्ली के बॉर्डर पर बैठा है
हरियाणा बॉर्डर पर पुलिस के ऊपर हमले हो
रहे हैं ड्रोन को पतंग से और गेंद मार मार
के गिराया जा रहा है बड़े-बड़े बुलडोजर

बड़े-बड़े ट्रक वहां पर खड़े हैं और हाल
यह है कि उनको अन्नदाता बताकर किसान बताकर
सहानुभूति बटोरी जा रही हैरे देश को बंद

का आह्वान दिया है इन लोगों ने और उसमें
कई संगठनों की शलत हुई है जिसमें कहा जा
रहा है कि किसानों का भारत बंद है लेकिन
आप देखें मैं आपको दिखा रहा हूं आप देखिए
यह उत्तर प्रदेश का बॉर्डर है और उत्तर
प्रदेश के बॉर्डर में इसका कोई असर नहीं
है क्यों ना उत्तर प्रदेश के बॉर्डर पर

असर है ना राजस्थान के बॉर्डर पर असर है
केवल और केवल पंजाब का जो हरियाणा से लगता
हुआ बॉर्डर है शंभू बॉर्डर वहां यह सारे
आंदोलन नकारी बैठे हैं क्योंकि पंजाब से
सरकार ने इनको वहां जाने तक रोका टोका
नहीं है बिल्कुल साफ दिखाई देता है कि

मंशा क्या है कांग्रेस की भाषा यह नेता
बोल रहे हैं और कहते हैं मोदी का ग्राफ
बड़ा है मंदिर से इस ग्राफ को गिराना है
तो मैंने पहले भी आपको बताया है कि राम
मंदिर से जैसे मोदी का ग्राफ बढा ठीक इसी

तरह से सऊदी अरब में एक मंदिर और बनता है
जो राम मंदिर से भी सुंदर दिखने में है
स्वामीनारायण संप्रदाय का यह मंदिर मोदी
जी की पहल पर वहां बना और जिस तरह से मोदी
जी का भव्य स्वागत उस मुस्लिम कंट्री में
हुआ इन विपक्षी पार्टियों को लग गया कि

यदि उसका प्रसारण ठीक-ठाक हो गया तो मोदी
का ग्राफ तो और तेजी से बढ़ेगा और इसीलिए
यह फर्जी आंदोलन को खड़ा कर दिया गया
लेकिन दिल्ली और दिल्ली से सटे उत्तर
प्रदेश में इसका कोई असर नहीं है और आपको
बता दूं कि यहां जो चेंबर ऑफ ट्रेड एंड

इंडस्ट्री सीटीआई के चेयरमैन है बृजेश
गोयल उन्होंने बताया कि दिल्ली के जितने
भी यह इंडस्ट्री हैं और जो भी बाजार हैं
उन्होंने तय किया है कि हम इस आंदोलन में
इनके साथ नहीं है क्योंकि पूरी तरह हमें

पता लग गया कि यह राजनैतिक आंदोलन है
राजनीति करी जा रही है और इसीलिए दिल्ली
में 700 बजार हैं 56 इंडस्ट्रियल एरिया
हैं सभी खुले रहेंगे इसी तरह उत्तर प्र
देश में भी आप देखें पूरे उत्तर प्रदेश से
खबर है कहीं भी इस बंद का असर नहीं है
मेरा एक मित्र है और वह मित्र है भूपेंद्र
त्यागी वो भूपेंद्र त्यागी आपको बता दूं
गाजियाबाद में रहता है भारतीय किसान

यूनियन चंडलीका वह जिला सचिव है मेरी उससे
बात हुई मैंने कहा भाई आपका इस आंदोलन के
बारे में क्या कहना है उन्होंने कहा देखिए
मैं यह मानता हूं कि यह जो आंदोलन हो रहा
है इस समय यह सब राजनीति से प्रेरित है

क्योंकि किसान आंदोलन के नेता नेता का यह
कहना है कि हम अपनी मांगों को जायज तरीके
से हमेशा उठाते हैं जिला कार्यालय पर भी
कई बार जिला मुख्यालय पर हम जाते हैं डीएम
से कोई मांग है पुलिस से कोई मांग है
उसमें हम शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन करते
हैं लेकिन पुलिस पर हमला करना बड़े-बड़े
ट्रैक्टर लाखों रुपए का साउंड सिस्टम छ
महीने का राशन ड्रोन को गिराने के लिए

टेक्नीक और आंसू बम को कैसे डिफ्यूज किया
जाए उसकी ट्रेनिंग यह तब यह कोई किसान का
काम नहीं है यही राकेश टिकेट ने बयान दिया
कि किसान का काम पुलिस पर हमला करना नहीं

है हम आंदोलन करते हैं लेकिन संवैधानिक
तरीके से और शांतिपूर्वक राकेश टिकैत आप
देखिए कितने दिन गाजीपुर बॉर्डर पर बैठे
रहे लेकिन क्या किसी ने उनके दल में से
किसानों पर कोई हमला किया पुलिस पर कोई
हमला किया उत्तर है नहीं तब फिर वो बोलते
हैं कि जिस तरह की बयानबाजी इन लोगों के

बीच से की जा रही है कोई कह रहा है हमें
तो खालिस्तान बनाना है कोई कह रहा है हम
तो पाकिस्तान में मिल जाएंगे और अभी एक
नेता का बयान आ गया वह कह रहा है कि हम तो
इंटरनेशनल संस्थाओं से देशों से कहना

चाहते हैं हमें तो इस देश में रहना ही
नहीं
है वह मोदी गोली चला रहा है और आपको बता
दूं एक वीडियो वायरल हो रही है मैं दिखाता
हूं आपको उसमें वह एक गोली दिखा रहे हैं
303 की और वह गोली का खोल दिखाते हुए पीतल
का मीडिया में यह खबरें चलवा रहा है देखो

यह पुलिस ने हमें 10 गोली चलाई मेरे पास
इसका खोल है
अब इनको कौन बताए कि अगर पुलिस आपको 200
मीटर दूर से कोई गोली चला रही है क्योंकि

बैरियर बीच में लगे हुए हैं आपने देखा है
शंभू बॉर्डर पर बीच में बैरियर है तार है
ब्लॉक्स हैं और एक तरफ पुलिस खड़ी है तो
दूसरी तरफ किसान लगभग 200 मीटर दूरी पर है
200 मीटर दूर से गोली चलाई जाएगी तो आप ही
बताइए गोली का खोल उड़कर जाएगा किसान तक
या फिर आगे की जो उसमें रांगा लगा रहता है
चौच वो जाती है लेकिन यह किसान अपने आप को
ज्यादा बुद्धिमान समझ रहे हैं यह गोली का

खाली खोल दिखा रहे हैं और कह रहे हैं साहब
यह पुलिस ने गोली चलाई देखो हमारे पास यह
कवर है अबे भाई तुम्हारे पास कवर कहां से
आया यह कवर तो पुलिस पार्टी के पास होना

चाहिए जहां पुलिस खड़ी है उधर गिरेगा अगर
राइफल से वो निकालेंगे तुम्हारे पास कहां
से आया ये है फेक नैरेटिव चलाने का तरीका
और इसको राहुल गांधी हवा दे रहे हैं अपने
भाषणों में जहां-जहां वो यात्रा में जा
रहे हैं वो उनको जब पता लगा कि पोल खुल गई
है क्योंकि दीपेंद्र हुड्डा वहां किसान
नेताओं के साथ फोटो करवाता हुआ किसान नेता
ने उसको सोशल मीडिया पर डाल दिया फिर वो

कई चैनलों ने उसको चला दिया कि देखिए
दीपेंद्र हुड्डा का हाथ इसमें सामने है कु
जो किसान नेता इस आंदोलन में ये शंभू

बॉर्डर पर बैठे हैं इनमें से बहुत सारे
लोग दीपेंद्र हुड्डा के साथ पहले मीटिंग
करते हैं फिर दीपेंद्र हुड्डा जाता है
अमेरिका वहां वो स्म प्रति से मीटिंग करता
है सैम पित्रोदा वही है जो इंटरनेशनल
कांग्रेस का वो काम देखता है प्रमुख है और
राहुल गांधी के लिए खासम खास है वो जोर
सोरस की टीम से मिलता है फंडिंग की चर्चा
होती है ऐसा एक चैनल ने खबर चलाई अब आप

सोचिए कि कोई एक भारत विरोधी अभियान चलाने
वाला जोर सोरस वह सैम पित्रोदा के

कांटेक्ट में है और वह कांटेक्ट में एनजीओ
के नाम पर भारत में फंड भेजता है चमचमाते
हुए नए-नए ट्रैक्टर जिनको यह कहकर लाया
गया है कि आप ट्रैक्टर लोन पे ब से ले लो
बैंक से आप ले लो किस्त देना मत हम सरकार

को झुका कर मानेंगे और आपके सारे कर्जे
माफ करेंगे दलील दी जा रही है कि
इंडस्ट्री वालों का आप लोन माफ कर देते हो
तो किसान का क्यों नहीं करते व यह नहीं

सोचते कि जो इंडस्ट्री चलाने वाले लोग हैं
वह इस देश की अर्थव्यवस्था में कितना
सहयोग करते हैं और करोड़ों रुपए का टैक्स
भी तो देते हैं आप कह रहे हो एमएसपी पर

गारंटी दी जाए एमएसपी पर गारंटी अगर दे दी
गई मान लीजिए मैं एक दुकानदार एक व्यापारी
हूं आम दुकानदार मेरा कोई मॉल है मैं वहां
दाल चावल चीनी बेचता हूं मेरी एक परचून की
दुकान है यह बड़े-बड़े जो परचून की दुकान

चलाने वाले बड़े-बड़े मल चलाने वाले कहां
से लाते हैं किसानों से ही खरीदते हैं अब
आपने यह कह दिया कि भय किसान आंदोलन वाले
कह रहे हैं कि सरकार एक कानून बनाए कि जो
एमएसपी सरकार घोषित करेगी उससे एक रुपया

भी कम प्राइवेट जो व्यापारी है होलसेलर है
वह इससे कम पर नहीं खरीदेगा वरना उसको जेल
हो जाएगी मान लीजिए सरकार ने उदाहरण के

लिए तय कर दिया कि इस साल गेहूं का जो रेट
है 000 प्रति क्विंटल होगा क्योंकि यह दाम
बढ़ाने की बात भी कर रहे हैं 000 तय कर
दिया और किसान आंदोलनकारी जो यह फर्जी है
इनके अनुसार कानून बना दें कि प्राइवेट
दुकानदार कोई भी इस रेट से कम यदि खरीदेगा

हम उसको जेल में डाल देंगे तब आप सोचिए कि
यह जो दुकानदार है जो प्राइवेट होलसेल है
जो व्यापारी हैं इनको 000 में देगा भारत
का किसान और रूस अमेरिका ऑस्ट्रेलिया वहां

से यह गेहूं इंपोर्ट करेंगे वो इनको
पड़ेगा 000 क्विंटल तो यह 3000 वाला क्यों
खरीदेंगे यह कहेंगे भैया कानून रखो अपने
पास हमें जेल नहीं जाना हम भारत के

किसानों से खरीदते ही नहीं हमें तो
व्यापार करना है हमें तो गेहूं का आटा
बनाना है हमें तो दाल को अपने मोल में
बेचना है तो हम किसानों से क्यों लेंगे
भारत के हम तो अमेरिका से मंगाए
ऑस्ट्रेलिया से मंगाए ऐसे देश से मंगाए
जहां से हमें सस्ता पड़ेगा तो क्या होगा
इससे यह जो किसान है इनका कोई भी गेहूं
अनाज एमएसपी पर केवल सरकार को जितना चाहिए
उतना खरीदा जाएगा बाकी का बाकी के पास रह
जाएगा और भारत के व्यापारी क्या करेंगे
भारत के व्यापारी विदेश से इंपोर्ट करेंगे

क्योंकि भारत में तो महंगा हो जाएगा तो यह
चाहते हैं किसान कि इस भारत का किसान
बर्बाद हो जाए अगर भारत के जो पहले तीन
कृषि बिल आए थे अगर वह लागू होते तो आपको
बता दूं कि उनके चलते जो मोदी सरकार चाहती
थी कि यह जो प्राइवेट जो होलसेलर हैं यह

किसानों से डायरेक्ट गेहूं खरीदें दाल
खरीदें चावल खरीदें अब उस कंडीशन में अगर
एमएसपी लगाई जाती है कि भाई यह रेट एक तय
है उसके आसपास ही तो खरीदा जाएगा लेकिन यह
किसान उस समय तीन कृषि बिल का विरोध कर
रहे थे और आज एमएसपी पर गारंटी मांग रहे

हैं
यह जो फर्जी किसान आंदोलन है आपको बता दूं
मेरी बात हुई है जो आंदोलन में लोग आए हैं
मैंने पूछा है बुजुर्ग से पूछा एकसे बाबा

आप तो बहुत उम्र है आपकी मतलब आप इतनी
उम्र में यहां आंदोलन में झंडा लेकर बैठे
हो बोलते हैं मुझे यहां कहा गया है के 60
साल से ऊपर वाले जो भी किसान हैं उन सबको
00 हर महीने पेंशन मिलेगी अभी मिलती है
2000 ये किसान आंदोलन वाले कह रहे हैं
10000 मिलेगी तो मुझे बैठे बिठाए 00 महीना
जब प मिलेगी तो मैं क्यों नहीं जाऊं मुझे
कहा गया है खाना मिलेगा पीना मिलेगा सोना
मिलेगा और आपको पर डे के हिसाब से हम पैसे
भी देंगे बस आंदोलन में झंडा उठाकर चलो तो
बहुत सारे बुजुर्ग महिला और पुरुष इसलिए
आए हैं लालच में कि जो यहां आ गया उसको 00
प्रति महीना यह पेंशन दिलाएंगे सोचिए यह
संभव है फिर अगर किसानों को पेंशन मिलेगी
तो और अगली मांग क्या है इनकी मनरेगा में
00 कर दो और वो मनरेगा वाले कहां करेंगे
इनके खेतों में काम करेंगे सारे किसानों
का लोन माफ कर दो किसानों का लोन राहुल
गांधी की सरकार यानी कांग्रेस की सरकार
राजस्थान में थी वह भी नहीं कर पाई सबका
झूठ बोल कर रह गए और आज वह कह रहे हैं कि
हम सारा लोन माफ करेंगे किसी ने टैक्टर ले
लिया 10 लाख का बैंक से और 0000 देकर के
वह ट्रैक्टर घर ले आया बाकी किस दी नहीं
वह कहता है 95 लाख रुप मेरा सरकार माफ
करें क्यों करें कोई गरीब है जिसके पास
जमीन नहीं है खाने को नहीं है उसको सरकार
सुविधा दे समझ में आता है पैसा मेरा मेरा
और आपका टैक्स प का पैसा है यह ऐसे लोगों
के लिए कतई ₹ रुप खर्च ना होना चाहिए
जिनके पास 10-10 लाख के ट्रैक्टर हैं
10-10 लाख का साउंड सिस्टम उसमें लगा है
10-10 लाख का इनके पास सामान है और तो और
पंजाब में बहुत बड़ा एक षडयंत्र चल रहा है
मैं इस वीडियो के माध्यम से आपको बता दूं
वहां कर क्या रहे हैं ये जिनके पास
बड़े-बड़े फार्म हाउस हैं वहां 12 का
कनेक्शन लेते हैं और 12 के पास ही इनकी
कोठियां बनी हुई है 5 500 गज में कोठी बनी
है जनाब और 12 से ही वह बिजली चला रहे हैं
तो 12 का कनेक्शन फ्री वहां की बिजली का
बिल जीरो और वहीं से इनके 10 द कोठी में
एसी लगे हुए हैं फ्री चल रहे हैं किसी पर
100 बीगा जमीन किसी पर 1 स बीगा जमीन
चमचमाते दो दो ट्रैक्टर घर में डी गाड़ी
खड़ी है मर्सडीज खड़ी है लेकिन बिजली फ्री
बिजली का बिल नहीं देंगे कोई आएगा तो
कहेंगे 12 का कने कनेक्शन है लेकिन 12 से
घर पर भी कनेक्शन चल रहा है पंजाब में
इसकी पूरी छूट दी गई है क्योंकि पूरी
अराजकता फैलाओ इस पंजाब को पाकिस्तान में
मिलाओ खालिस्तानी समर्थकों के पक्ष में
खड़े हो जाओ और इस तरह की बातें करो कि
राम मंदिर से ग्राफ मोदी का बढ़ गया तो हम
इस ग्राफ को खत्म करेंगे इस तरह की बातें
फैलाकर और आपको मैं ये दिखाना चाहता हूं
कि किस तरह से रेहड़ी पटरी वालों को गरीब
लोगों को मजदूरों को वामपंथी जो यूनियन है
वो कह रही है कि आप हमारे साथ इस हड़ताल
में शामिल हो जाओ हम इस देश में मजदूर की
न्यूनतम
मजदूरी 26000 महीना करेंगे समझ रहे हैं ₹
6000 महीना किसी मजदूर की यतन मजदूरी हो
यह उनको सपने दिखाए जा रहे हैं और इसीलिए
बहुत सारे रेड़ी पटरी वाले गरीब रिक्शे
वाले इनकी हड़ताल में शामिल हो रहे हैं एक
बहुत बड़ा षड्यंत्र इस देश में अराजकता
फैलाने के लिए किया जा रहा है लेकिन उत्तर
प्रदेश हो या दिल्ली के व्यापारी निश्चित
रूप से आप देखेंगे पूरे देश में कहीं कोई
इसका असर नहीं है हां जहां पर विपक्षियों
की सरकार है वहां जरूर वामपंथियों की जहां
सरकार है वहां जरूर इसका असर आपको देखने
को मिल रहा है यानी बिल्कुल मैसेज साफ है
कि देश को बर्बाद करने के लिए ये वामपंथी
लोग और कांग्रेसी मिलकर के ये इंडि एलायंस
के लोग बर्बाद करना चाहते हैं और 2024 का
चुनाव जीतने के लिए इनके पास जब कुछ
मुद्दा नहीं है मोदी को हराने के लिए तो
ये अराजकता करके मोदी को बदनाम करने का
षड्यंत्र कर रहे हैं होशियार रहिए सावधान
रहिए इनकी चाल में मत आइए और इनका खुलासा
पोल खोल अभियान आप इस वीडियो को ज्यादा से
ज्यादा शेयर करिए ताकि देश के लोगों को
पता लग सके कि किस झूठ के पुलिेर पर यह
फर्जी आंदोलन खड़ा किया गया
है वंदे मातरम

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