बहुत बड़ा रहस्य बताने आई हो🕉️ वह तुम्हारी नफरत बर्दाश्त नहीं कर सकता

मेरे बच्चे तुमसे दूर जाकर वह पछता रहा है तुम्हारी कमी उसे व्याकुल कर रही है एक समय में तुम उसके लिए

उसके प्राणों से भी बढ़कर थे और तुम भी उसे अपना सब कुछ मानते थे परंतु उसमें जो गलती की है उसे तुम

माफ नहीं कर सकते मेरे बच्चे मैं जानती हूं उसने तुम्हारे भरोसे को तोड़ा है तुम्हें दर्द दिया है और उसका दिया हुआ दर्द तुम कभी नहीं भूल सकते परंतु तुम जानते हो तुम्हें दिया है उससे ज्यादा दर्द वह भोग रहा है मेरे बच्चे

किसी तीसरे के मुंह में उसने तुम्हारे प्रेम को ठुकराया था परंतु वह मूर्ख उसे तीसरे में भी तुम्हें ढूंढ रहा था तुम्हारे जैसा प्रेम की उम्मीद कर रहा था परंतु से समझ आ गया है कि तुम्हारे जैसा प्रेम उसे कोई नहीं दे सकता किस

लिए चाबी के आंसू रो रहा है वह तुम्हारे पास आना चाहता है किंतु वह जानता है पीयूष की गलतियां बहुत बड़ी है माफी के लायक नहीं है इसलिए वह अकेले में ही घट रहा है मेरे बच्चे उसने हमेशा धोखे में रखा है पूरे साज से अनजान हो वह तुम्हें सब कुछ बताना चाहता है

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