बीजेपी लिस्ट: लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी की वेबसाइट, उत्तर प्रदेश से कट सकते हैं कई बड़े नाम।

बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक
के बाद से कयासों का दौर जारी है किसको
टिकट मिलेगा और किसका टिकट कटेगा इस बारे
में चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं मीडिया

रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि 60
से 70 बड़े नेताओं के टिकट कट सकते हैं
बीजेपी जिन नेताओं की टिकट काट सकती है
उसमें प्रज्ञा सिंह ठाकुर का नाम सामने आ
रहा है दावा किया जा रहा है कि भोपाल

लोकसभा सीट से सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर
का टिकट कट सकता है प्रज्ञा सिंह ठाकुर
लोकसभा चुनाव 2019 के आखिरी चरण की वोटिंग
के दौरान विवादों में गिर गई थी इस विवाद

पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भले ही
उन्होंने बयान पर माफी मांग ली हो लेकिन
मैं उन्हें कभी दिल से माफ नहीं कर
पाऊंगा इसके अलावा यह भी दावा किया जा रहा
है कि यूपी में भी कई बड़े टिकट कट सकते
हैं यूपी में 80 लोकसभा सीटें हैं साल
2019 के चुनाव में यूपी में बीजेपी ने 62

और उसकी सहयोगी अपना दल ने दो सीटें जीती
थी इस बार कुछ सीटें बीजेपी अपने साथ
आरएलडी को दे सकती है माना जा रहा है कि
बीजेपी उत्तर प्रदेश में भी सीट बंटवारे

में कई बड़े फेरबदल कर सकती है यही नहीं
दिल्ली में भी सात में से चार सीटों पर से
टिकट काटे जा सकते हैं राजस्थान में भी
टिकट बंटवारे में इस बार बड़े फेर बदल
दिखाई दे सकते हैं हाल ही में तीन राज्यों
मध्य प्रदेश राजस्थान और छत्तीसगढ़ में

चुनाव जीतने के बाद बीजेपी ने सीएम पद के
लिए चौकाने वाले चेहरों का ऐलान किया माना
जा रहा है कि टिकट बंटवारे में भी कुछ इसी
तरह के चौकाने वाले चेहरे वालों को टिकट
मिल सकता है ऐसे में कई बड़े-बड़े चेहरों

का टिकट कट भी सकता है किन लोगों को टिकट
मिलेगा इसे लेकर भी कई कयास लग रहे हैं नई
दिल्ली से पूर्व केंद्रीय मंत्री सुष्मा
स्वराज की पुत्री बांसुरी

स्वराज केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरे
के नाम की चर्चा है चांदनी चौक से विजय
गोयल और रेखा गुप्ता पूर्वी दिल्ली से
प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा महामंत्री
हर्ष मलोतरा और विधायक ओपी शर्मा उत्तर
पश्चिमी दिल्ली से राष्ट्रीय महामंत्री
दुष्यंत गौतम व प्रीता हरित के नाम की
चर्चा है

बीजेपी की पूरी लिस्ट की बात करें तो यह
भी कयास लगाए जा रहे हैं कि 60 से 70
लोगों का टिकट कट सकता है हालांकि जब तक
बीजेपी की ओर से ऑफिशियल कुछ नहीं कहा
जाता है तब तक कुछ भी निश्चित रूप से कह
पाना संभव नहीं है कयास कितने सही है और

कितने गलत यह तो लिस्ट सामने आने पर ही
पता चलेगा लेकिन बीजेपी की एक खास रणनीति
कई चुनावों में दिखाई दी है कि वह एंटी
इनकंबेंसी फैक्टर से बचने के लिए बड़े

टिकट काटने का कदम उठाती है इस बार भी इसी
तरह का योग दिखाई देने की काफी संभावना
है यहां आपको यह भी बताते चले कि साल 2019
में 11 अप्रैल से 19 मई के बीच सात चरणों
में लोकसभा चुनाव हुए थे ऐसे में यह भी त

है कि इलेक्शन कमीशन कभी भी चुनावों की
घोषणा कर सकता है यह खबर लिखी है हमारे
डेस्क के साथी अपूर्व श्रीवास्तव ने खबरों
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