मरघट की कालका, कलवा पवन,नियावली वाली कालका , यानी माता काली को रोग में से कैसे हटाएं ?

हेलो नमस्कार दोस्तों भक्ता वल फैक्ट
जो कि रोग में है जो इसको कष्ट दे रही है
अब यहां पर बात आती है कि माता काली आखिर
कौन सी माता काली तो मैं आपको बता दूं एक
माता काली है जगत जननी जिसको माता काली
बोलते हैं स्वरूप भवानी है उस माता काली
की कभी खोर नहीं हो सकती लेकिन दरअसल
ध्यान रखें कि जिस देवी या देवता की अगर
आपके ऊपर खोर होती है तो आप यह समझे कि वो
भगवान का ही छोटा सा अंश है जो आपको आपके
पापों की सजा दे रहा है जो आपके गुनाहों
की सजा दे रहा है बहुत से लोग क्या होते
हैं कि भगत लाइन में कहीं भगत भगति करने
जाते हैं वहां बहुत-बहुत बड़े भगत जी
महाराज होते हैं वह क्या करते हैं कि बिना
पूछा देखे बिना आखत देखे झट से रोगी पे
हाथ डाल देते हैं और उस रोगी को ठीक तो कर
देते हैं वह और जो रोग उसके ऊपर होता है
उसको भी खींच लेते हैं लेकिन कुछ दिन बाद
उनको यह पता पड़ता है कि भाई हमने जहां भी
भगत करी थी जहां से भी वोह रोग उठाया था
उस रोग के जरिए कोई देवी शक्ति है कोई
देवता की शक्ति है कोई दिव्य शक्ति है जो
कि वहां से खींच गई है दरअसल मैं आपको एक
बात बता दूं यह गुरु ज्ञान है कि अगर आप
किसी देवी देवता को किसी पीड़ित के ऊपर से
या किसी रोग में से खींचते हैं या उठाते
हैं तो दरअसल वह रोगी तो ठीक हो जाता है
लेकिन उसके ऊपर जो भी दिव्य शक्ति होती है
या देवता की शक्ति होती है वह आपके साथ चल
देती है जैसा जैसा कष्ट उस रोगी को होता
है वही कष्ट और परेशानियां आपके साथ होने
लग देती हैं तो दरअसल मैं यह बात आपको
बताने वाला हूं जैसे कि माता खादराबाद की
कालका है निवली की कालका है मरघट की कालका
है यह जगत जननी कालिका माता को छोड़ के
बाकी जितनी भी कालका हैं शमशान की कालका
है इसको हटाने के लिए सिर्फ आपको एक ही
कार्य करना पड़ेगा सबसे पहले आप आख पूछा
देखें कि आखिर उसमें भूत है या रोग है या
देवी है या देवता है उसमें चेक करें अगर
आपको लगता है कि रोगी के ऊपर भूत नहीं है
किसी देवी की शक्ति है किसी देवता की
शक्ति है तो सबसे पहले उस देवी या देवता
के हाथ जोड़ें और उसका भोग प्रसाद जो भी
है उसको दें और उसी तरह जैसे माता काली का
जो भी भोग प्रसाद है आप उसको दें और उससे
विनती करें कि हे मां यह रोगी तेरे
द्वारा दी गई सजा से पीड़ित है इसको क्षमा
करें और इसको जल्दी से ठीक करें आप खींच
के इस माता को नहीं हटा सकते हैं आपकी जान
भी खतरे में आ सकती है तो उसके भोग प्रसाद
में लाल चूड़ियां दे सकते हैं आप एक औरत
का जो श्रृंगार होता है पूरा चूड़ियों से
लेकर बिंदी लिपस्टिक जितना भी होता है आप
सारा वोह इकट्ठा कर ले और माता काली का
जहां जहां जहां माता काली पूजर है उसका
भोग उसके घर के अनुसार से ही होता जो भोग
उसके घर में उसको मिल रहा है उस भोग को आप
तैयार करें और यह जोड़ा लेकर चूड़ी बिंदी
लिपस्टिक सब कुछ लेके और उस भोग को लेके
बस माता के नाम से सात बार उस रोगी को ऊपर
से उतारना है और उस सामान को ले जाक एक
ऐसी जगह रखना है जहां कोई ना आता हो ना
जाता हो और वहां जाकर आपको माता से
प्रार्थना करनी है कि हे माता मैं तेरा ही
बालक हूं मुझे तेरा ही सहारा है अगर मेरे
गुरु ने कोई पुण्य काम किया है अगर मेरे
गुरु के पास कोई अच्छी शक्ति है अगर मेरे
गुरु की आज्ञा है कि तू यहां से हट जाए तो
मैं अपनी तुझे गुरु की आन देता हूं तू इस
रोगी के ऊपर से आज से ही हट जाएगी और जो
स्थान तेरा है उस स्थान पर तू वापस
पहुंचेगी भाई आप देखेंगे कि कुछ दिनों में
वह रोगी बिल्कुल ठीक हो जाएगा अगर आप
चिड़चिड़ापन करेंगे कि नहीं मैं माता को
खींच के ले जाऊंगा तो भाई दुनिया में ऐसा
कोई भगत बना ही नहीं है जो दिव्य शक्ति को
खींच सके भूत प्रेत की तो मैं कह नहीं
सकता लेकिन ऐसा कोई भगत नहीं बना जो दिव्य
शक्ति को खींच सके या माता काली को खींच
सके या कलवा पवन को खींच सके या कोई भी जो
देव्य शक्ति है उनको खींच सके बस इनसे हाथ
जोड़कर ही आप अपना कार्य ले और मैं वादा
करता हूं आपको कि यह दिव्य शक्ति आपकी बात
मानेगी अगर आपकी जादू में शक्ति है तो जब
तक के लिए जय बाबा बीर बुला की
मशान

Leave a Comment