महाकाली जी का संदेश🚩 आज ही मेरा आशीर्वाद प्राप्त करें भगवान संदेश🌟 महाकाली का संदेश

मेरे प्रिय बच्चों कैसे हो तुम आज
तुम्हारी मां एक बार फिर तुमसे बात करने
आई है मेरी बातों को ध्यानपूर्वक सुनना

क्योंकि यह बातें तुम्हारे जीवन को बदलने
वाली हैं मेरे बच्चे जब कुछ चमत्कार होता
है तब तुम भगवान पर विश्वास करते हो किंतु

तुम्हें यह स्मरण रहना चाहिए कि भगवान सदा
ही अपने बच्चों के साथ हो ते हैं और उनका
होना ही एक चमत्कार है आज तुम्हारी मां
तुम्हें आशीर्वाद देती हूं कि तुम्हें धन

ज्ञान बुद्धि यस और सभी प्रकार के सुख
प्राप्त हो लेकिन तुम्हें यह सब तभी

प्राप्त हो सकता है जब तुम अपनी शक्ति को
पहचान लोगे मेरे बच्चे तुम क्या नहीं कर
सकते हो बस तुम्हें अपनी मां और अपनी
शक्ति पर विश्वास करना होगा मैंने
तुम्हारे उन सभी कांटों को देखा है जो

तुमने दिन रात सहे हैं तुम्हारी मां अब
तुम्हें इस प्रकार से नहीं देख सकती मेरे
बच्चे अब तुम्हें तुम्हारी नकारात्मक
चीजों से बाहर निकलने का समय आ गया है मैं
आ गई मेरे बच्चे अब तुम चिंता मत करो सब

ठीक हो जाएगा मैं इसलिए तुम्हारे पास आई
हूं ताकि तुम्हें जीवन में वह सारी
खुशियां मिलें जिनसे तुम आज तक वंचित थे
और तुम्हें उन सारी खुशियों को भोगने का
अधिकार है मैं तुम्हारी श्रद्धा भक्ति और
ईमानदारी से प्रसन्न हूं इसलिए मैं

तुम्हें वह सभी चीजें प्रदान करना चाहती
हूं जो तुम्हें चाहिए वह तुम्हें तुम्हारी
मां स्वयं तुम्हें प्रदान करेंगी मेरे
बच्चे तुम चिंता मत करो तुम्हारी मां अब

तुम्हारे पास आ चुकी हैं अब तुम्हें
घबराने की आवश्यकता नहीं है मुझ पर
विश्वास रखो मेरे पास तुम्हारे लिए बहुत
सी योजनाएं हैं जो तुम्हारे उज्जवल भविष्य

के लिए काम आएंगी और तुम्हारे भविष्य में
आगे चलकर जो तुम्हें ऊंचाइयों पर लेकर
जाएंगी मेरे बच्चे छोटी-छोटी बातों पर
गुस्सा करना बंद करो यह केवल तुम्हा

पवित्रता को नष्ट करेगी तुम जानते हो कि
तुम उस प्रकार के नहीं हो जो केवल अपने
बारे में सोचे परंतु इन दुखों के कारण
तुम्हें बहुत अधिक गुस्सा आ रहा है उस

गुस्से पर काबू पाओ मेरे बच्चे भगवान की
तलाश करो जो तुम्हारे अंदर है यदि तुम
भगवान की तलाश करोगे तो तुम्हें स्वयं ही
शांति प्राप्त होगी क्योंकि शांति का दूस

दूसरा अर्थ ही भगवान है भगवान हमेशा शांति
तथा विनम्रता पर विश्वास रखते हैं और
तुम्हें भी शांति तथा विनम्रता पर विश्वास
रखना चाहिए मेरे बच्चे मैं तुम्हें आज

आशीर्वाद देती हूं कि तुम्हें तुम्हारी
मंजिल में सफलता मिलेगी और अपनी मनचाही
जिंदगी जरूर मिलेगी जिसके लिए तुम दिन रा


मेहनत करते हो वह तुम्हें सब कुछ प्राप्त
हो

मेरे आशीर्वाद से तुम्हें वह सब प्राप्त
होंगे जिसके बाद तुम इस संसार में किसी भी
कार्य को बड़ी आसानी से कर सकोगे तथा मेरे
आशीर्वाद की प्राप्ति के बाद ही तुम्हें

सुख समृद्धि अपने आप ही मिलती चली जाएगी
क्योंकि आशीर्वाद ही सर्वप्रथम वह चीज है
जो अगर मनुष्य के पास हो तो उसे किसी चीज

की कमी नहीं रहती जितने भी इस संसार में
बड़े व्यक्ति रहे हैं और जो बड़े व्यक्ति
हैं वह सब मेरे आशीर्वाद के कारण ही बढे
हुए हैं यदि उनके पास मेरा आशीर्वाद नहीं

होता तो वह धन को भी अर्जित नहीं कर पाते
आशीर्वाद ही ऐसी साधना है जो मनुष्य को हर
तरह से समध बनाती है मेरे बच्चे तुम केवल
अपने कामों पर ध्यान दो और मेरी चमत्कार
के लिए इंतजार करो मैं तुम्हें जीवन में

इस प्रकार की चमत्कार दिखाऊंगी कि तुम
स्वयं सोचोगे कि यह असंभव सा कार्य कैसे
संभव हो गया तुम मेरे प्यारे बच्चे हो और
मैं तुम्हें आशीर्वाद का वह भंडार दूंगी
जिससे तुम किसी मनुष्य के आगे नहीं

झुकाओगे बल्कि इस पूरे संसार को अपने आगे
झुकाओगे इस मतलबी संसार में तुम्हें अपने
नाम को ऊंचा करना है तथा अपने काम से उन
लोगों की मदद करनी है जिन लोगों को
तुम्हारी सहायता की आवश्यकता है मेरे

प्यारे बच्चे मेरा रोज स्मरण करने से
तुम्हें सकारात्मकता और आशीर्वाद जरूर
मिलेगा अपने दिमाग में पल रही सारी

चिंताओं को हटाओ चिंता से केवल तुम्हें
दुख प्राप्त होगा और दुख से तुम किसी भी
प्रकार के अच्छे कार्य को नहीं कर पाओगे
अब तुम्हारी मां तुम्हारे पास है तो
तुम्हें इन दुखों को सोचने की कोई जरूरत

नहीं है तुम जब भी अपने कार्य करने बैठते
हो कार्य करने से पहले मेरा ध्यान कर लेना
क्योंकि मेरे ध्यान करने से तुम्हें
सकारात्मक चीजें प्राप्त होंगी और मन को
शांति मिलेगी मेरा आशीर्वाद तुम्हारे जीवन

की सारी बाधाओं को मिटा देगा तुम्हारे
जीवन के हर उस दुख को खत्म कर देगा जिस
दुख के कारण तुम ठीक प्रकार से ध्यान नहीं
कर पा रहे मैं तुम्हें आशीर्वाद देती हूं
कि तुम अपने पवित्र मन से मुझसे जो भी

मांगोगे मैं तुम्हें वह सारी चीजें प्रदान
करूंगी लेकिन तुम्हारी वह मांग सकारात्मक
होनी चाहिए मैं तुम्हें केवल वही वरदान
दूंगी जो तुम्हारे लिए उचित होगा तुम

मुझसे जिस प्रकार के वरदान मांगोगे
तुम्हें वह सब प्राप्त होंगे लेकिन मैं
तुम्हें फिर कह रही हूं कि वह सकारात्मक
वरदान होने चाहिए यदि उस वरदान से किसी

का
बुरा होगा तो तुम्हें ऐसे वरदान की
प्राप्ति नहीं होगी तुम मेरे सबसे प्यारे
भक्त हो तुम्हें जीवन में सबसे ज्यादा
तरक्की मिले और तुम जिस कार्य को भी करने
के लिए अपने कदम बढ़ाओ उसमें सफलता

प्राप्त हो यही मेरा आशीर्वाद तो तुम्हारे
लिए सदैव रहेगा मेरे अगले संदेश की

प्रतीक्षा करना तुम्हारा कल्याण हो मेरे
बच्चे सदा खुश रहना मां काली कहती है मेरे
बच्चे कैसे हो तुम मेरे बच्चे तुम इतना मत
रोहो तुम्हारे इस करुण पुकार और ये अशु
मुझसे नहीं देखे जाते मेरे बच्चे यह संसार
तुम्हारा दुख समझे या ना समझे मैं
तुम्हारा दुख भली प्रकार समझ रही हूं मे

बच्चे तुम्हारा यह दुख देखकर ही आज मैं
तुमसे बात करने आई हूं मेरे बच्चे तुम

मुझसे बात करो एक बार मेरी ओर देखो मेरे
बच्चे मैं तुम्हारी मां काली तुमसे बात
करने आई हूं मेरे बच्चे तुम जिसके लिए
इतने अशु भा रहे हो मैं जानती हूं जिसे
तुमने अपने हृदय से ही नहीं अपनी आत्मा से

प्रेम किया है जिसे तुम अपना सर्व स्वय
मानते हो और उसे परमात्मा की तरह पूजते हो
तुमने और वह तुम्हें गैरों की तरह छोड़कर

चला गया तुमने उससे बहुत मिन्नतें की
समझाया रोया गिड़गिड़ा या उससे कहा कि वो
तुम्हें छोड़कर ना जाए तुम उससे बहुत
प्रेम करते हो वो तुम्हारे लिए सब कुछ है
परंतु उसने तुम्हारी एक ना सुनी उसने ना
तो तुम्हें समझा और ना ही तुम्हारे प्रेम
को मैं सब जानती हूं मेरे बच्चे और यही
कारण है कि ने तुम्हारे प्रेममय कोमल हृदय
को खंडित किया तुम्हारे हृदय को इतनी
पीड़ा दी है मेरे बच्चे तुम बिल्कुल भी मत
रो तुम्हारी ये मां तुम्हारे आंसू यूं ही
व्यर्थ नहीं जाने देगी यह तुमसे वचन है
मेरा मेरे बच्चे उसने तुम्हारे प्रेम
समर्पण और निश्छल होता का अपमान किया है
उसने तुम्हारे आत्मा को पीड़ा पहुंचाई है
उसने सच्चे प्रेम की कद्र नहीं की मेरे
बच्चे
उसने जो भी किया है उसे उसका शीघ्र ही
आभास होने वाला है मेरे बच्चे तुमने जितना
उसके लिए रोया है उसके दो गुना वो रोएगा
तुम्हारे लिए मैं उसे बहुत जल्द अनुभव
कराने वाली हूं कि उसने तुम्हें छोड़कर
कितनी बड़ी भूल की है उसने अपने जीवन में
क्या खोया है यह बहुत जल्द वो समझने वाला
है मेरे बच्चे अब व तुम्हारे सच्चे प्रेम
को भी समझेगा वो तुम्हारे प्रेम और
तुम्हारे महत्व को समझेगा उसने जितनी
पीड़ा तुम्हें दी है उससे कहीं ज्यादा वो
पीड़ा को अनुभव करेगा मेरे बच्चे वो आएगा
लौटकर तुम्हारे पास ही आएगा इस दुनिया की
भीड़ में वो जब अकेला होगा जब हर तरफ से
उसे धोखा और दुख मिलेगा तब उसे तुम्हारी
याद आएगी और व तुम्हारे पास ही आएगा मेरे
बच्चे तुम देखना वो बहुत जल्द तुम्हारे
पास आएगा और उसी प्रकार रोएगा गिड़गिड़ा
जाएगा जिस प्रकार तुमने किया था जब वह
तुम्हें छोड़कर जा रहा था तुमसे प्रार्थना
करेगा कि तुम उसे माफ कर दो मेरे बच्चे
समय परिवर्तित हो रहा है और तुम्हारा
भाग्य भी और इस परिवर्तन में वह भी
परिवर्तित होगा तुम बस अपने सच्चे प्रेम
पर और अपनी इस मां पर विश्वास रखो और अपने
ये आंसू पछ लो मेरे बच्चे और अब मुस्कुरा
कर मुझे विदा दो क्योंकि अब तुम्हारी इस
मां को और संतानों के साथ न्याय करना है
मेरे अगले संदेश की प्रतीक्षा करना सदैव
प्रसन्न रहना तुम्हारा कल्याण हो ओम नमः
शिवाय ओम
शांति मेरे बच्चे तुम्हारे प्रेम को किसी
की बुरी नजर लग चुकी है इसलिए मेरे बच्चे
तुम्हारा प्रेम खतरे में है इसलिए तुमको
और तुम्हारे प्यार को बचाने के लिए कुछ
जरूरी बातें बताने आई हूं मेरे बच्चे
क्योंकि तुम मेरे ऊपर ही अपने आप को सौंप
चुके हो इसलिए मैं स्वयं तुम्हारी रक्षा
करूंगी मैं तुम्हारे प्रेम पर आजच भी नहीं
आने दूंगी और तुम्हारे संदेश को पूर्ण रूप
से सुनने के पश्चात आधि रक्षा तो तुम
स्वयं ही कर पाओगे और आधि
मैं स्वयं तुम्हारी रक्षा करूंगी क्योंकि
मेरे बच्चे जीवन में प्रेम पाना बहुत ही
अच्छा और सच्चा होता है लेकिन यदि
तुम्हारा प्रेम किसी और के कारण खतरे में
है तो निश्चित ही तुम्हें बचने की
आवश्यकता है और तुम्हें बचना भी चाहिए
क्योंकि कोई है जिसकी तुम्हें बुरी नजर लग
चुकी है उसी दृष्टि के दोष से भी बचना है
और तुम्हें कुछ ऐसे कार्य करना है जिससे
से कि तुम्हारा प्रेम बच पाए मेरे बच्चे
इसे लाइक करके दावा करो जिस प्रकार
तुम्हारी स्वास्थ्य को कभी-कभी किसी की
गंदी नजर लग जाती है तो तुम बीमार पड़
जाते हो या ऐसे इंसान के कारण जो कि तुम
पर गंदी नजर रखता है तुम्हें अपना बनाना
चाहता है वह नहीं चाहता कि तुम्हारा प्रेम
तुम्हारा रहे तुम्हारा प्रेम तुमसे अलग
करना चाहता है इसलिए वह कुछ ना कुछ गलत
बात को बोलकर तुम दोनों के बीच में लड़ाई
करवा रहा है क्योंकि उसे तुम लोगों के बीच
में आना है और अपना बनाना है लेकिन ऐसे
किसी के बीच में जाने से किसी का प्रेम ना
तो छड़ता है ना किसी दूसरे को मिलता है इस
पर दावा करने के लिए तीन बार आठ टाइप करो
मेरे बच्चे जो सच्चा प्रेमी है वही
तुम्हारे जीवन में रहेगा और मैं तुम्हें
उससे कभी अलग नहीं होने दूंगी भले ही
तुम्हारे प्रति कोई कितनी भी गलत नजर रखे
फिर भी कामयाब नहीं होने दूंगी एक बात को
ध्यान रखो लड़की हो या लड़का स्त्री हो या
पुरुष जीवन साथी हो या तुम्हारा प्रेमी या
प्रेमिका यदि पत्नी को कोई स्त्री गलत
बातें बोलता है या पुरुष कोई गलत बात
बोलता है तो अपने दिमाग में तुम यह समझ
लेना कि निश्चित ही वह तुम्हें तुम्हारे
पति या पत्नी से दूर करना चाहता है उसकी
बातों को से मत लगाना और उसकी बातों पर
यकीन मत करना केवल अपनी आंखों से और अपने
मस्तिष्क से और अपने हृदय से उस बात को
समझने की कोशिश करना जब तुम्हें बात सच
दिखाई दे अपने पति या पत्नी के अंदर तभी
तुम उनकी बातों का यकीन करना क्योंकि कई
बार ऐसा होता है कि कोई सिखाने वाला
व्यक्ति तुम्हें तुम्हारे साथी से दूर
करना चाहता है इसलिए इस बात का खास ख्याल
रखना और यही बात पुरुष के लिए भी है कई
बार पुरुष का कोई दोस्त उसकी पत्नी के
बारे में उल्टी सीधी बातें कहकर उसके
खिलाफ गलत बातें दिमाग में भर देता है
जिससे कि पति अपने पत्नी के हृदय से दूर
हो जाए इससे सहमत हो तो हां टाइप करो और
ऐसे में पति को भी यही चाहिए कि वह अपनी
पत्नी पर पूर्ण विश्वास रखे और उसे देखकर
किसी बात पर यकीन करें इसलिए तुमको
तुम्हारे प्रेम से जो अलग करना चाहता है
कितना भी सोचे कितना भी प्रयास करें लेकिन
तुम जब तक सही हो स्वयं को और अपने प्रेम
को समझते हो और तुम्हें यह ज्ञात है कि
प्रेम करने वाला कभी झूठ नहीं बोलते तो इस
बात को भी तुम बहुत अच्छे से समझ लो कि
यदि तुमने अपने प्रेमी को समझ लिया तो ना
ही तुम किसी के बहकावे में आओगे और ना ही
तुम अपने प्रेम से दूर हो पाओगे मेरे
बच्चे जब तुम अपने प्रेम को नहीं समझते हो
त तभी किसी की बुरी नजर तुम्हारे प्रेम को
दूर करने में बहुत हद तक कामयाब होती है
इसलिए ना तो तुम्हें किसी की बातों में
आना है ना ही ऐसे बिना किसी की बातों को
सुनते हुए किसी की बातों का यकीन करना है
और ना ही ज्यादा सोच विचार करना है
क्योंकि ज्यादा सोच विचार करोगे तो तुम
कभी भी वह प्रेम प्राप्त नहीं कर पाओगे इस
पर विश्वास करो मेरे बच्चे मेरे बच्चे है
मेरी अंतिम चेतावनी है मैं तुम्हें आखिरी
बार समझा रही हूं यदि तुमने मेरी बातों को
ध्यानपूर्वक नहीं सुना तो तुम्हें मेरे
अत्यधिक क्रोध का सामना करना पड़ेगा इसलिए
मैं तुम्हें यह संदेश भेज रही हूं मेरे
बच्चे इसलिए जो आज बताने जा रही हूं
ध्यानपूर्वक सुनना और समझना क्योंकि इस
बात को समझना बहुत ज्यादा जरूरी है
तुम्हारे लिए जीवन के रास्ते रुकने के
बहुत हैं परंतु रास्ते खुलने की बहुत कम
वजह इस इसलिए तुम उन वजहों को कभी अनदेखा
मत करो मेरे बच्चे एक खूबसूरत तोहफा
तुम्हारा इंतजार कर रहा है आज वक्त है
अपने पंख फैलाने का इस खुले आकाश में उड़
जाने का मेरे बच्चे तुम अब तक जिसे अपना
पूरा संसार समझ रहे थे वह तो बस एक छोटा
सा अंश था अपने पंख खोलो तुम्हारा संसार
तो यह खुला आकाश है जहां तुम बंधन मुक्त
विचार करते हो मेरे बच्चे एक खूबसूरत
तोहफा तुम्हारी ओर आ रहा है यह तोहफा मेरी
तरफ से मेरे बच्चे के लिए है यह तुम्हारे
जीवन में उत्साह और उमंग को वापस
लाएगा इस खूबसूरत तोहफे की पहचान तुम्हें
स्वयं करनी है किसी को यह एक व्यक्ति के
रूप में प्राप्त होगा तो किसी को खूबसूरत
जीवन साथी के रूप में प्राप्त होगा किसी
को नन्हे शिशु के रूप में तो किसी को जीवन
की नई दिशा के रूप में लेकिन यह सभी के
लिए अत्यंत भाग्यशाली
होगा मेरे बच्चे तुम्हारी ऊर्जा का स्तर
बढ़ चुका है यदि तुम अपने आप को एक
दृष्टि बनाकर देखो तब तुम पाओगे तुम्हारे
व्यक्तित्व ने अब तक कितना परिवर्तन हुआ
है तुम यदि अपनी तुलना पहले से करो तब तुम
देखोगे तुम्हारा किस प्रकार रूपांतर हुआ
है मेरे बच्चे क्या यह सब एक दिन में संभव
था क्या तुमने कभी कल्पना की थी जिस
प्रकार से तुम्हारा विश्वास होगा क्योंकि
यह सब प्राकृतिक द्वारा पूर्व निर्धारित
होता है जिस प्रकार विद्युत द्वारा प्रवाह
के लिए उसी तरह चयन किया जाता है जिस तार
की क्षमता उस तार को प्रवाहित कर सके उस
क्षमता की धार में अधिक धारा प्रवाहित कर
दी गई तो वह ध्वस्त हो जाएगी ठीक उसी
प्रकार व्यक्ति के शरीर में ऊर्जा का
प्रभाव होता है जैसे-जैसे तुम्हारी क्षमता
में विकास होता है वैसे-वैसे तुम्हारे
शरीर की ऊर्जा बढ़ती है जो लगातार अपने
हृदय में आध्यात्मिक अग्नि को प्रज्वलित
करती है उनकी क्षमता बढ़ती चली जाती है और
अनंत धारा उनके शरीर में प्रवाहित होती है
जिसे वह सरलता से सहन कर लेते हैं मेरे
बच्चे तुम्हारे साथ जो जो कुछ भी हो रहा
है तुम उससे घबराओ मत यह सब तुम्हारी
यात्रा का विशेष अंग है एक पहाड़ पार करते
ही तुम्हारे लिए दूसरा द्वार खुल जाएगा
तुम इतना स्मृ रखो मैं सदा तुम्हारे साथ
हूं तुम्हारा अहित कदापि नहीं होगा जिस
प्रकार भक्त अपनी ईश्वर को परीक्षा देता
है उसी प्रकार सच्चे भक्तों के लिए ईश्वर
को भी परीक्षा देनी होती है जब भी तुम्हें
ऐसा लगे अब कुछ भी नहीं बचा तो तुम मुझे
पुकार लेना व तुम्हें ज्ञात होगा मैं सदा
तुम्हारे साथ खड़ी थी जो तोहफा मैंने
तुम्हें भेजा है उसके लिए खुद को तैयार
करो क्योंकि बहुत जल्द वह तुम्हें मिलने
वाला है चलो थोड़ा मुस्कुराओ तुम्हारी
मुस्कान पूरे वातावरण को आनंदित करती है
मेरे बच्चे यूं उदास होकर ना बैठा करो एक
बड़ी अच्छी कहावत है जब एक द्वार बंद होता
है तब ईश्वर स्वयं तुम्हारे लिए एक नए
द्वार खोल देते हैं कुछ मनुष्य ऐसे होते
हैं जो अनुभव करते हैं हमारे साथ तो ऐसा
नहीं हुआ हमारे लिए तो कोई नया द्वार नहीं
खुला कोई भी नया द्वार हमें नहीं मिला है
उस विषय में चिंता कर करते हैं और दुखी हो
जाते हैं और सोचते हैं ऐसा क्यों हुआ
किंतु नया द्वार खुलता अवश्य है किंतु जो
पुराना बंद द्वार है उसी के समक्ष दुखी
होकर बैठ जाते हैं कुछ इस प्रकार बैठ जाते
हैं कि नए द्वार पर उनकी दृष्टि पड़ती ही
नहीं है मेरे बच्चे बस यही कहना चाहती हूं
कि तुम्हारे जीवन के नए स्तर पर ले जाने
के लिए मेरी शक्तियां तुम्हारी ओर बढ़ रही
हैं वह अदृश्य शक्ति है जो तुम तक पहुंचने
वाली हैं जो एक पल में तुम्हें ऐसी सूचना
देंगी कि तुम झूम उठोगे मेरे बच्चे यह
तुम्हारी परीक्षा का फल है जो खुशी बनकर
तुम्हारे घर में शीघ्र प्रवेश करेगी जिसके
कारण कार्यक्षेत्र में तुम्हारी पदोन्नति
होगी तुम्हारे आसपास के लोग तुमसे अत्यधिक
प्रभावित होंगे मेरे बच्चे तुम्हारे
माता-पिता तुम पर गर्व करेंगे क्योंकि तुम
उन्हें वह देने वाले हो जो किसी ने किसी
को अब तक नहीं दिया किसी भी व्यक्ति के
जीवन में चमत्कार तब प्रारंभ होते हैं जब
वह उनके होने की सबसे कम आस रखता है
तुम्हारे जीवन का वही निर्माण प्रारंभ
होगा जब चारों तरफ से चमत्कार की वर्षा
होगी ज्ञान का प्रकाश तुम्हारे लिए नए
द्वार खोलेगा जहां तुम संसार एक को
आध्यात्मिक ज्ञान के बीच खड़े होगे और
संसार में रहते हुए भी ईश्वर प्रेमी बनकर
सब कुछ प्राप्त करोगे मेरे बच्चे बहुत
जल्द तुम्हें ऐसी सूचना मिलेगी जो
तुम्हारे पूरे घर को खुशियों से भर देगी
मेरे बच्चे देखो यह दुनिया कितनी अच्छी है
एक ही समय में कोई आध्यात्मिक पीड़ा में
होता है तो कोई अत्यधिक प्रसन्न एक ही समय
में किसी के घर में शिशु का जन्म होता है
और उल्लास का माहौल होता है वहीं उसी समय
एक घर में किसी के घर देहांत हुआ होता है
जहां मातम है दोनों घरों में घटने वाली
घटनाएं मैं देख रही हूं पर मुझे ना कोई
प्रसन्नता है ना ही कोई दुख क्योंकि जिसने
जन्म लिया है वह अपनी एक नई यात्रा पर
जाएगा जहां उसे कई अभ्यास जीवन रूप में
सीखने हैं और किसी की मृत्यु हुई है वह कई
अध्याय सीखकर मेरे पास आ रहा है यह चक्र
तो तब तक चलता रहेगा जब तक वह आत्मा जीवन
के सात अध्याय पूर्ण रूप से ग्रहण ना कर
ले इसी प्रकार जब तुम्हारे जीवन में कोई
लाभ होता है अथवा हानि होती है तो तुम्हें
एक समान व्यवहार करना चाहिए किसी भी
स्थिति में अत्यधिक प्रसन्न या अत्यधिक
दुखी नहीं होना चाहिए क्योंकि दोनों ही
तुम्हारे जीवन का महत्त्वपूर्ण अंग है
मेरे बच्चे आज तुम दुखी हो सकते हो तो
निश्चित ही कल तुम्हें इतनी ही मात्रा में
खुशी भी मिले लेी यदि आज तुम अत्यधिक
प्रसन्न हो तो हो सकता है कल तुम्हें दुखी
भी होना पड़े इसलिए आज मैं तुम्हें एक
गुप्त मंत्र दे रही हूं जीवन में
परिस्थिति चाहे जो भी हो सदैव ईश्वर का
स्मरण हृदय से करते रहना ऐसा करने से जीवन
में सुख और दुख एक समान लगने लगते हैं जब
तुम्हें कोई बड़ी उपलब्धि हासिल हो तो उसे
ईश्वर की सेवा समझकर ईश्वर के चरणों में
समर्पित कर दो ऐसा करने से तुम्हारे भीतर
अहंकार का बास नहीं होगा प्रत्येक दिन जो
भी अच्छे कर्म करो उसे ईश्वर की सेवा
समझकर इसी प्रकार जब तुमसे कोई गलती हो तो
उसे भी ईश्वर के चरणों में समर्पित कर
स्वीकार करो आज जो मैंने तुम्हें बताया है
इसे जानने में व्यक्ति को बर्सों बीत जाते
हैं यदि आज इस इस गुप्त ज्ञान को तुम अपनी
पोटली में बांध लोगे तो अनंत काल तक
तुम्हारी यात्रा सुखद होगी मेरे बच्चे एक
बात मैं तुम्हें आज बताती हूं सदा लक्ष्य
सामने नहीं होता कभी कभी उसे ढूंढना पड़ता
है यह याद रखो यह यात्रा बड़ी कठिन होती
है और इसी कारण से सदैव तेज चलना शीघ्र
गति से चलना ही पर्याप्त और आवश्य नहीं है
इससे भी अधिक महत्त्वपूर्ण है सोच समझकर
चलना सोच समझकर जब चलोगे तब यह कदम सबसे
अधिक श्रेष्ठ होंगे कब किस मोड़ पर मुड़ना
है कब किस मोड़ पर नहीं मुड़ना है कब गति
अधिक होनी चाहिए कब नहीं रुकना है इस सब
का ज्ञान प्राप्त करना आवश्यक है मेरे
अगले संदेश की प्रतीक्षा करना मैं फिर
आऊंगी तुमसे मिलने
मेरे बच्चे मेरा संदेश मिलने का अर्थ है
कि मैं कि मैं तुम्हें बात बताने आई हूं
तुमसे कोई है जो मिलना चाहता है अभी के
समय से पहले काफी समय पहले से तुम उसका
इंतजार कर रहे थे लेकिन अब वह तुमसे खुद
मिलना चाहता है और उसका कुछ खास कारण है
जिसकी वजह से वह तुम्हारे पास आकर मिलना
चाहता है तुम उससे मिल मिलने से पहले मेरी
बातों को ध्यानपूर्वक अवश्य सुनना और
तुम्हें उससे मिलना है क्योंकि जिस प्रकार
तुम किसी अपने पसंद के व्यक्ति से मिलते
हो तो अपने हृदय के अंदर कोमलता रखते हो
क्योंकि तुम चाहते हो कि वह तुमसे कभी
रूठे ना इसी प्रकार तुमसे जो मिलने वाला
है उससे मिलने से पहले तुम्हें इसी प्रकार
कोमल हृदय रखना होगा और अपनी वाड़ी को
बहुत ही मीठा और अच्छा बनाना होगा क्योंकि
जिस प्रकार इंसान को मधुर वाणी पसंद है और
उससे अच्छा स्वभाव पसंद है इसलिए इसी तरह
जो तुमसे मिलने आने वाला है उसे भी मीठी
वाणी और कोमल हृदय ही पसंद है और वह कोई
और नहीं है जो तुमसे मिलने आ रहे हैं
बल्कि वह तो मेरे खुद भोलेनाथ परमपिता
परमेश्वर है जो तुमसे मिलने आ रहे हैं आने
वाले शीघ्र ही समय में वह इस धरती पर एक
महीने तक यहीं विराजमान रहेंगे प्रसन्न
मुर्दा में तुम्हें देखेंगे तुम्हारी
बातों को सुनेंगे और तुम जो मांगोगे वह भी
सुनेंगे लेकिन साथ-साथ में तुमको उस
परीक्षा से गुजरना होगा जो वह तुम्हारी
लेंगे अर्थात इस पृथ्वी पर तुम कितने
सक्षम हो किसी चीज को पाने में कितनी
योग्यता है तुम्हारे अंदर वह तुम्हारे
स्वभाव को देखकर समझेंगे जब वह तुम्हारे
करीब प्रकृति में विद्यमान शक्ति के
द्वारा आएंगे तब बस तुम्हें ध्यान रखना है
कि तुम्हें किसी भी वजह से उनके साथ कठोर
वचन नहीं बोलना है और ना ही उनका अपमान
करना है इसके लिए ज्यादा कुछ करने की
आवश्यकता नहीं बल्कि बस तुम अपने स्वभाव
को हमेशा इस तरह बनाकर रखो कि जब भी तुम
किसी से बात करो तो तुम्हारे हृदय के अंदर
से बहुत ही कोमल वाणी निकले हुए शब्द और
तुम्हारे मुख से निकले हुए शब्द सबको
प्रिय लगे अर्थ यह है कि अगर तुम्हें ऐसा
लगता है कि तुम किसी से मिलो तो वह तुमसे
अच्छा बोली तुम्हें कितना अच्छा लगेगा
क्योंकि अच्छा बोलने में या अच्छी भावना
रखने में तुम्हारा कुछ जाता नहीं है मेरे
बच्चे बल्कि तुम्हारे पास बहुत कुछ आता है
तुम्हारे पास ऐसी आकर्षित करने की शक्ति
विद्यमान होती है जिससे तुम संसार की हर
चीज को अपनी ओर आकर्षित कर सकते हो इंसान
को अच्छे समय को और मांगी हुई हर इच्छा को
पूरा करने की शक्ति तुम्हें प्राप्त होने
लगती है क्योंकि हर चीज जो प्रकृति में
विद्यमान है उसकी शक्तियां तुम्हारे
अनुकूल होने लगती हैं और वह सभी शक्तियां
मिलकर तुम्हें जो चाहो प्राप्त कराती हैं

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