महाप्रलय की शुरुआत हो गई है लेकिन तब भी तुम्हें जीत मिलेगी 1111 urgent matarani message 💌✍️

मेरे प्रिय बच्चे जब दिव्य शक्तियां चाहती

हैं कि तुम तक कोई संदेश पहुंचे तो वह हर

हाल में तुम तक पहुंच ही जाता है और आज

दिव्य शक्तियां चाहती हैं कि तुम तक यह

संदेश पहुंच ही जाए तुम पर देवीय शक्तियों

की विशेष कृपा बरस रही है और अब यह

तुम्हें अपने जीवन में महसूस भी होने लगा

है तुम्हें अपने व्यक्तिगत जीवन में अब

बहुत तेजी से चमत्कारिक सकारात्मक बदलाव

होते हुए दिखाई देंगे

इतना साहस तुम्हें ईश्वर की कृपा से

प्राप्त हो रहा है कि तुम अपने सभी

चुनौतियों से आसानी से पार पा जाओगे

तुम्हारा परमात्मा पर अटूट विश्वास और

तुम्हारे भीतर बसा निस्वार्थ प्रेम किसी

से भी छुपा नहीं हुआ है और इस दिव्य प्रेम

में वह ताकत है जो तुम्हें हर मुश्किलों

से बाहर निकाल देगी यह संदेश तुम्हारे लिए

और केवल तुम्हारे लिए ही आया है बहुत समय

से तुम्हारा सारा जीवन दुखों से घिरा रहा

असनी यह दुख तुमने झेला है ऐसी ऐसी पीड़ा

तुमने देखी

है जिनसे पार पा पाना भी संभव नहीं है जिस

समय तुम्हारा जीवन रुकसा गया तुमने स्वयं

को संभाला उसका सदुपयोग किया और सही दिशा

में अपने कदम मोड़ दिए तुमने बहुत कठिन

तपस्या की है बहुत कठिन संघर्ष किया है

जिसके चलते तुम्हारे जीवन की रुकावट दूर

होने का समय आ गया है और अब तुम एक नई

दिशा में आगे निकल आए हो अपने उन दुखों को

पीछे छोड़कर अपनी उन पड़ाओ को पीछे छोड़कर

जो लगता था कभी समाप्त नहीं

होंगी वास्तव में देखा जाए तो उन दुखों को

झेलने के बाद ही तुम्हारा रास्ता साफ हुआ

है यह वह दुखी थे जिसने तुम्हें अध्यात्म

के इस मार्ग पर आगे बढ़ा दिया इतना ही

नहीं उन दुखों को जेलने के बाद तुम्हारे

भीतर जो शक्तियां बढ़ गई है तुम्हें अभी

उसका आभास नहीं है लेकिन अब तुम जिधर अपने

कदम बढ़ा रहे हो उस ओर ही अध्यात्म अपने

आप आगे आ जाता है तुम सत्य हो और सत्य की

सदा ही जीत होती है सत्य को कोई भी हरा

नहीं सकता है तुम्हारे जीवन में सफलता और

नई उपलब्धियां अब बाहे फैला कर आ रही है

कुछ ऐसे लोग हैं जो तुम्हारे जीवन में

रुकावटें लाने के प्रयास में ही लगे रहते

हैं

वह अपना पूरा ध्यान अपना पूरा समय अपनी

पूरी ऊर्जा इस बात पर ही केंद्रित करते

हैं कि कैसे तुम्हारी हार हो जाए कैसे तुम

जीत को हासिल ना कर पाओ कैसे तुम्हारी

बदनामी हो जाए और कैसे असत्य जीत जाए कैसे

शैतान की विजय हो जाए लेकिन ऐसा हो नहीं

सकता क्योंकि तुम पर दिव्या आत्मा का हाथ

है अब जीत तुम्हारी ही होनी है तुम वह सब

कुछ हासिल करने वाले हो जो तुम्हें प्रा

होना चाहिए मेरे प्रिय शैतान कभी जीत नहीं

सकता फिर चाहे वह कितने भी अथक प्रयास

क्यों ना कर ले फिर चाहे वह किसी मनुष्य

के भीतर उतर करर उससे अपने कार्य क्यों ना

करवा ले फिर चाहे वह किसी दिव्या को ही

अपने कब्जे में क्यों ना कर ले फिर भी

अंतः विजय पुण्यात्मा की ही होती है अंतः

विजय ईश्वर के आशीर्वाद की ही होती है और

तुम ईश्वर की आशीर्वाद से भरे हुए ऐसे

ऊर्जा के बिंदु हो जिसे समाप्त कर पाना

कतई संभाव नहीं है क्योंकि जिसका कोई

अतिशी नहीं जिसकी कोई शुरुआत ही नहीं जो

बिंदु है जो सदा से रहा है जो सदा ही

रहेगा उसे कोई भला कैसे समाप्त कर सकता है

तुम नश्वरता से ऊपर हो तुम इस सांसारिक

चीजों से ऊपर हो तुम वो ऊर्जा हो जिस

ऊर्जा को समाहित करके एक मनुष्य स्वयं ही

दिव्य हो सकता है तुम वो ऊर्जा हो जिस

ऊर्जा को प्राप्त करके एक संपूर्ण संसार

की सकारात्मक रचना रची जा सकती है तुम ही

शजन करता हो तुम पर मेरा पूरा सहयोग है

जबकि तुम्हारे साथ तुम्हारे पूर्वज दिव्या

माए अदृश्य फरिश्ते मौजूद

है तो तुम्हें हरा पाना किसी भी हाल में

किसी भी सूरत में संभाव नहीं है फिर चाहे

कितनी ही काली शक्तियां अपना पूरा वर्चस्व

लगा के पूरे प्रचंड रूप में तुम पर क्यों

ना हवी ही हो जाए फिर भी तुम्ह नहीं सकते

तुम्हारी जीत तो सर्वदा सर्वदा से लिखी जा

चुकी है तुम्हारी जीत को सदा सत्य के रूप

में लिखा गया है इसलिए तुम्हें हरा पाना

कत्ताई संभव नहीं है फिर चाहे अंधेरी काली

रात में चमकते हुए शैतान ही क्यों ना आ

जाए मेरे प्रिय बच्चे जो लोग तुमसे पार

पाना चाहते हैं जो लोग तुम्हें नीचा

दिखाना चाहते हैं वह काली शक्तियों के

गिरफ्त में है वो नकारात्मक ऊर्जा के

गिरफ्त में है ऐसा नहीं है कि वह सदा से

यही चाहते आए हैं लेकिन उनका अहंकार उनके

भीतर बसा अभिमान इतना हावी है कि वह यह

देख ही नहीं सकते कि तुम प्रगत की

सीढ़ियां निरंतर चढ़ते चले जाओ उन्हें

तुम्हारी छोटी-छोटी जीत से भी आपत्ति होती

है उन्हें तुम्हारे भीतर उठ रहे प्रकाश से

आपत्ति होती है उन्हें तुम्हारे भीतर के

तत्वों से आपत्ति होती है उनका तुमसे कभी

भी सामंजस्य नहीं हो सकता उनके भीतर से

निकलने वाली ऊर्जा को तुम काट रहे हो उस

नकारात्मक ऊर्जा का काट हो तुम जो उनके

भीतर मौजूद है प्रिय बच्चे इस संसार में

मानवता को हराने के लिए बहुत सी नकारात्मक

शक्तियां एकत्रित हो रही है नकारात्मक

शक्तियों का प्रभाव इस समय बढ़ रहा है

संसार में जितने विपु आत्मा है उन्हें

सताने का उन्हें हराने का प्रयास किया जा

रहा है उन्हें नीचा दिखाकर उनकी बदनामी

करकर उनका धन खर्च कराकर उन्हें नीचा

दिखाने का उन्हें हराने का पूरा प्रयास

किया जा रहा है नकारात्मक शक्तियों के एक

पूरे बवंडर ने यह चाल चली है लेकिन उन्हें

आभास नहीं है कि वह कभी भी जीत नहीं सकते

हालांकि वह इस सत्य से वाकिफ है क्योंकि

अतीत में भी ऐसी बहुत सी घटनाएं हुई हैं

जब नकारात्मक शक्तियों ने अपना वर्चस्व

कायम करने का प्रयास किया

लेकिन हर बार उन्हें मुंह की खानी पड़ी है

हर बार उन्हें गिरना पड़ा है हर बार

उन्हें थक कर हार माननी पड़ी है लेकिन अब

समय आ गया है उनके सर्वनाश का लेकिन यह

सर्वनाश एक प्रलय की भी शुरुआत होगी

महाप्रलय एक ऐसा प्रलय जिसमें सब कुछ भह

जाएगा विनाश की लीला प्रारंभ हो रही है अब

समय आ गया है जब विजय तिलक ना लगकर विनाश

को प्रभावी किया जाए लेकिन ऐसे समय में भी

वह सभी पुण्य आत्माएं जो अपनी पुण्य से

अपनी दिव्यता से मानवता को जीवित रखे

हैं जिनके भीतर अहंकार अभिमान हिर्ष द्वेष

नहीं पनप रहा है जिन्होंने अपने अहंकार

अपने अभिमान अपने म पर काबू पाने का

प्रयत्न किया है उनकी ऊर्जा ने इस प्रलय

काल में भी जीत को आकर्षित कर लिया है और

जब उनकी जीत होगी तो विनाश चारों ओर होगा

किंतु उन पर इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा वह

तो आगे बढ़ते चले जाएंगे और उनके साथ-साथ

उनके अपने चाहने वाले उन्हें प्रेम करने

वाले भी प्रगति को प्राप्त होंगे तुम्हारी

ऊर्जा सकारात्मकता और दिव्यता से भरी हुई

है तुम्हारे भीतर जो प्रकाश आवेग बनकर तहल

रहा है तुम्हारे भीतर जो प्रकाश आवेग बनकर

संचारित हो रहा है तुम्हारे मन में उठ रही

कंपन दिव्यता को ही छलका रही है और ऐसी

स्थिति में तुम यह देख पाओगे कि धीरे-धीरे

बहुत से लोगों को हानि उठाना पड़ रहा है

तुम यह देख पाओगे कि वह सभी लोग जो नहीं

चाहते थे कि तुम आगे बढ़ो तुम्हारे जीवन

से धीरे-धीरे करके समाप्त हो जाएंगे तुम

यह देख पाओगे कि उनका पतन स्वयं ही हो रहा

है ना चाहते हुए भी उनका पतन हो जाएगा और

उन्हें इतनी हानि उठानी पड़ेगी कि तुम सोच

भी नहीं सकते कि वह खुद भी नहीं सोच सकते

लेकिन इसके कारण तुम नहीं हो इसका कारण

मैं नहीं हूं इसका कारण ऊर्जा नहीं है

इसका कारण कोई शैतान भी नहीं है वास्तव

में इसका कारण तो उनके अपने ही बुरे कर्म

है उनके अपने कुकर्म जिन्होंने उन्हें

यहां तक धकेल दिया है लेकिन इसके साथ ही

तुम यह देखोगे कि तुम उनके समकालीन होते

हुए भी प्रगति की ओर पढ़ रहे हो और

तुम्हारे साथ-साथ तुमसे प्यार करने वाले

तुम्हारी चाह करने वाले

तुम्हारे बारे में अच्छा सोचने वाले भी

तुम्हारे आभा मंडल के प्रभावों में आकर

प्रगति को प्राप्त करेंगे यधा भी उनकी

प्रगति उतनी नहीं होगी जितनी तुम्हारी

होगी लेकिन फिर भी विनाश के इस काल में

जीत उन्हें भी हासिल हो यह जीत बहुत

पुरानी है तुम्हें जब यह जीत प्राप्त होगी

तो तुम महसूस कर पाओगे कि ऐसा तुम्हारे

साथ पहले भी हुआ है क्योंकि तुम पहले से

ही दिव्या रहे हो तो पहले से ही ऊर्जा के

भंडार रहे हो वो ऊर्जा जो लोगों को अपने

साथ ले जाने को प्रेरित करती है वो ऊर्जा

जो नरेत कर्ता के भीतर होनी चाहिए वह

ऊर्जा जो देवताओं के भीतर बसी होती है वह

ऊर्जा जो दिव्यता से परिपूर्ण होती है और

इसका कारण यह है कि तुम्हारा वास्तविक

संबंध कभी भी इस भवति जगत के लौकिक जगत के

लोगों से रहा ही नहीं है वो कण हो जिसके

एक एक छोर में भी सकारा ता विद्यमान है वो

नीला प्रकाश जो तुम्हारे भीतर गुजर रहा है

वो तुम्हारे भीतर के ऊर्जा चक्र से मिलकर

के बहुत तेजी से लोगों को अपनी ओर आकर्षित

कर लेता है और तुम्हारे द्वारा निकली हुई

वाणी लोगों को मंत्र मुक्त कर सकती है

तुम्हें अभी इसका आभास नहीं है तुम्हें

अभी इसका ज्ञान नहीं है लेकिन धीरे-धीरे

तुम यह समझ पाओगे जो बात मैं अभी तुमसे

बता रहा हूं कि कैसे ऊर्जा का एक पूरा

पिंग ब्राह्मण तुम्हारे आसपास विद्यमान है

कैसे तुम जीत को सदा ही आकर्षित करते आए

हो कैसे लोग तुम्हारी बातों से प्रभावित

होते चले जा रहे

हैं मेरे प्रिय इस अनंत ब्रह्मांड में

बहुत सी ऊर्जा एं विद्यमान है बहुत सी

ऊर्जा एं जो नवीन है बहुत सी ऊर्जा एं जो

प्राचीन है लेकिन हर एक से तुम्हारा संबंध

रहा है फिर चाहे वो बेहतर रहा हो फिर चाहे

वो बेहतर ना रहा हो चा जव वस्तुओं की

ऊर्जा ही क्यों ना हो तुम्हारा संबंध सबसे

ही सदा से ही रहा है तुम्हें केवल अपने

भीतर झांकना है फिर तुम यह जान पाओगे कि

कैसे संपूर्ण ब्रह्मांड में प्रसारित हो

रही समस्त ऊर्जा को तुम अपनी ओर आकर्षित

कर सकते हो और एक बार जब तुम अपने भीतर

उतरो तो तुम जान पाओगे कि तुम कितनी सीमित

मात्रा में चीजों को सोच रहे हो तुम कैसे

एक बड़े बृहद विशाल ऊर्जा के भंडार होते

हुए भी बहुत छोटी से छोटी चीजें मांग रहे

हो और तुम्हारी यह मांग तो बहुत ही जल्द

पूण हो जाएगी लेकिन तुम्हें अपनी मांग को

बढ़ाना होगा तुम्हें अपनी चाहतों का

विस्तार करना होगा तुम्हें उच्च श्रद की

चीजें मांगनी होगी तुम भौतिक जगत की बहुत

छोटी से छोटी चीज मांग रहे हो ऐसी चीज जि

शलता से मिल जाएगी एक बार अपने मन

मस्तिष्क में उतरो एक बार अपनी चाहतों का

विस्तार करो एक बार आशा से ऊपर उठकर

वर्तमान में झा को एक बार अपने भीतर की

ऊर्जा चक्र को समझो वह प्राप्त करो जो

प्राप्त करना तुम्हारा अधिकार रहा है वो

प्राप्त करो जो अब तक तुमने हासिल नहीं

किया है वो प्राप्त करो जो वास्तविक रूप

से तुमसे संबंधित है इसके अलावा तुम्हें

जो कुछ भी चाहिए वो स्वतः ही तुम्हारे

चरणों में आ गिरेगा इसके अलावा तुम जिस भी

चीज की काम कर रहे हो वह तुम्हें बेहद ही

आसानी से मिल जाएगा लेकिन तुम्हें अपने

भीतर जागना होगा प्रेम बतिक वस्तुएं

सम्मान पद प्रतिष्ठा इनसे ऊपर उठकर सोचो

यह सारी चीजें तो तुम्हें बहुत ही आसानी

से मिलने वाली है इसलिए सदा इसका विचार ना

किया करो वह सोचो जो अभी तक तुम सोच नहीं

पाए हो प्रेम बच्चे तुमने सदियों से

मनुष्य जीवन को अपनाया है लेकिन इससे पहले

बहुत सी योनियों में तुम्हारा जन्म हुआ है

उन योनियों में भी जिनका भी तुम्हें ज्ञान

नहीं है उस प्रकार के जीव भी तुम रह चुके

हो जिसके बारे में तुम बहुत से जीवन का

अनुभव लिया है तुमने लेकिन जब से तुमने

मनुष्य रूप को धरण किया है तुम्हारी सोच

बहुत छोटी हो गई है और तुम बस कुछ बहुत एक

वस्तुओं के माया जाल में फस कर रहे गए हो

कुछ लोगों के गुलामी को तोड़कर बाहर

निकलने के माया जाल में ही रह गए हो लेकिन

तुम्हें इससे ऊपर सोचना होगा क्योंकि तुम

ना तो दास्ता के लिए आए हो ना तो बंधन के

लिए आए हो ना किसी की गुलामी करने आए हो

ना किसी की चाटुकारिता करने आए हो तुम इन

सबसे बहुत श्रेष्ठ हो तुम इन चीजों से

बहुत ऊपर हो और तुम्हारी वो अपने जो इसमें

दक्ष है इसमें प्रवीण है तुम्हें उन

मनुष्य का अपना वर्चस्व होता है अपना

प्रभाव होता है कमल कभी तो कीचर में खिल

जाता है लेकिन उसी कीचर में बहुत से

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

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गगियाबाद

अपने आत्म के अलावा उसे किसी भी चीज का जन

नहीं होता है फिर जब वह बंधनों में आ जाता

है तो वह दुनिया भर की बातें सोचने लगता

है लेकिन जब तक मनुष्य अपने आप को संतोष

प्रदान नहीं कर लेता जब तक मनुष्य खुशियों

को आकर्षित नहीं कर लेता जब तक वह

वास्तविक आनंद को नहीं समझ पाता तब तक वह

परमानंद परम चित आत्मा तक पहुंच ही नहीं

सकता इसलिए तुम्हें अपने धर्म को समझ है

तुम्हें समझना है कि तुम्हारा जन्म

वास्तविक रूप में क्यों हुआ है जीत तो

तुम्हें मिलकर ही रहेगी और जिन भौतिक

वस्तुओं की जिन भौतिक चीजों की तुम कामना

करते हो वह तो बहुत ही साधार अरसी चीजें

हैं वह तो एक पुष्प के बिज जाने के सामान

है वह ऐसा है जैसे तुम हाथ फैलाओ और

तुम्हारे हाथों में तुम्हारी हथेलियों में

एक फल प्रदान कर दिया जाए यह बहुत ही

सामान्य सी घटना है यह सब तुम्हें बहुत ही

आसानी से मिल जाएगा लेकिन उसके पहले

तुम्हें अपनी योग्यता समझनी होगी तुम्हें

समझना होगा कि तुमने जन्म क्यों लिया है

तुम्हें समझना होगा कि तुम्हारा आत्म

उद्देश्य क्या है तुम्हें समझना होगा कि

तुम जिस प्रेम की आशा कर रहे हो वह प्रेम

क्या तुम्हें दूसरे से चाहिए वह प्रेम

क्या तुम्हें तुम्हारे आत्म संगी से चाहिए

वो प्रेम क्या तुम्हें तुम्हारे परिवार

जनों से चाहिए तुम्हारे मित्रों से चाहिए

जो अभी तक तुमसे अनजान है मेरे प्रीत तुम

विचार करो कि तुम्हें क्या चाहिए तुम्हें

वास्तविक रूप में क्या चाहिए अपने मन में

आ रहे विचारों को बार-बार परिवर्तित ना

करो जब तुम अडिग होते हो तभी तुम्हें

चीजें हासिल हो इसलिए तुम्हें अडिग होना

होगा अपने नियमों पर अपनी चाहतों पर अपनी

अपेक्षाओं पर और चिंता का त्याग करना होगा

क्योंकि यह चिंता कभी भी वास्तविक नहीं है

यह चिंता तुम्हारी कल्पना से जन्मी है और

जब तुम कल्पना में इन चिंताओं को जन्म दे

देते हो तो सर्जन कर्ता की भाति तुम इसे

वास्तविक रूप में भी जन्म प्रदान कर देते

हो जबकि यह किसी भी प्रकार से सही नहीं है

उचित नहीं है इससे केवल तुम्हें हानी

पहुंचती है इसलिए चिंता का त्याग करो भय

का त्याग करो और किसी भी प्रकार की

परिस्थिति को आकर सिद्धना करो चाहे वह

अच्छी हो या बुरी केवल वर्तमान में रहने

का प्र प्रयत्न करो तुम्हारी जीत प पहले

से लिखी जा चुकी है तुम्हें कोई भी हरा

नहीं सकता आडंबर का नास कर दो पाखंड का

नास कर दो और केवल और केवल अपने स्व को

समझने पर अपना पूरा जोर लगाओ बाकी इस

संसार की भौतिक वस्त भी तुम्हें बहुत ही

आसानी से प्राप्त हो जाएंगी और वैसे भी

समय आ चला है तुम्हारी जीत का अब तुम्हारी

जीत होकर रहेगी और जब तुम्हारी जीत की

गाथा लिखी दी गई है और जब तुम ही यह जी

मिल ही रही है तो इन भौतिक चीजों की चिंता

ना करो यह सब सुता हीत बादाम डालने जैसा

होगा जिसका वास्तव में तुम्हारे लिए कोई

महत्व नहीं होगा केवल यह तुम्हारे मान

सम्मान परद प्रतिष्ठा और लोगों की नजरों

में तुम्हें अच्छा दिखाने का प्रयास

करेंगे लेकिन तुम्हारा वास्तविक उद्देश्य

इससे उसे ऊपर है इसलिए तुम इन छोटी-छोटी

बातों में नहीं पढ़ोगे तुम छोटी-छोटी

भौतिक वस्तुओं के फेर में नहीं पढ़ोगे इन

सब को तुम ऐसे ही जान बैठोगे जैसे यह मिला

तो ठीक नहीं मिला तो ठीक और ऐसी स्थिति

में मनुष्य को यह सब मिल ही जाता है उसे

वह प्रेम मिल ही जाता है इस प्रेम की उसने

वर्षों से कामना की थी एक बाहर जब तुम

छोड़ने की कला जान जाओगे उसके बाद तुम्हें

अरे लिए कुछ भी प्राप्त करना असंभव नहीं

रहेगा लेकिन सर्वप्रथम तुम्हें उसे पाने

की चाहत से दूर होकर उसके होने या ना होने

के फर्क को समझना होगा

तुम्हें यह समझना होगा कि किसी भी चीज को

हासिल कर लेने से तुम्हें किसी प्रकार का

आनंद नहीं मिलेगा और फिर समग्र संसार ही

तुम्हारे कदमों में झुक जाएगा मेरे प्रिय

बच्चे अब अपनी जीत को आकर्षित कर लो अब

अपनी जीत को स्वीकार कर लो दिव्य फरिश्तों

के द्वारा प्रदान किए जा रहे आशीर्वाद को

अपने मन मस्तिष्क में उतार लो इसे अभी

प्राप्त करो इसे प्राप्त करने के लिए

संख्या इसे अभी लिखो साथ ही यह लिखना

बिल्कुल मत भूलो कि मैं भाग्यशाली हूं और

जीत को निरंतर आकर्षित कर रहा हूं मेरे

प्रिय इसे बार-बार लिखना तुम्हारे लिए

आवश्यक है मैं तुमसे निरंतर यह कहता है

रहता हूं कि यह लिखो क्योंकि ऐसा लिखने से

तुम उस आवृति उस ऊर्जा को समझ पाओगे जो

ऊर्जा तुम्हें जीत प्रदान करेगी और

तुम्हारे जीवन में संकेतों को समझाने वो

संकेत जो निरंतर तुम्हारे जीवन में

तुम्हें प्रदान किए जा रहे हैं

कभी तिथियों के रूप में कभी संख्याओं के

रूप में कभी हवाओं के रूप में तो कभी बों

से गिरे हुए पत्तों के रूप में तुम्हें

विभी रहे हो इसलिए मैं फिर आऊंगा तुम्हारा

मार्ग दर्शन करने तुम्हारा हाथ पकड़कर

तुम्हें जीत दिलाने मेरा आशीर्वाद सदैव

तुम्हारे साथ है इस बात को कभी भी मत

भूलना सदा सुखी रहो और समग्र संसार में एक

सुख बाटो मेरे प्रिय बच्चे अपनी प्रगति को

स्वी

[संगीत]

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