महाप्रलय की शुरुआत हो गई है लेकिन तुम तब भी जीतोगे

मेरे बच्चे क्या तुम्हें पता है क्या वह
समय आ गया है जब तुम इतिहास रचने वाले हो
तुम एक पवित्र आत्मा हो ब्रह्मांड निरंतर
तुम्हें पुकार रहा है अब आध्यात्मिक ऊर्जा
से परिपूर्ण समस्त परमाणु तुम्हें अपने
चारों ओर से घेरे हुए जो निरंतर तुम्हारे
अस्थिर मन को स्थिरता प्रदान कर लड़ने का
साहस देते रहते

हैं मेरे बच्चे मैं जानती हूं तुम अपने
अंतर्मन की पुकार को सुनना चाहते हो मैं
इस बात से भी भली भाति परिचित हूं कि तुम
अपने भीतर के आत्म उद्देश्य को समझकर उसे
अपने जीवन का लक्ष्य बनाना चाहते हो और
प्रतिदिन अपने आत्म उद्देश्य की तलाश कर

रहे हो और आज वह समय आ गया है कि जब तुम
इस कार्य को आगे बढ़ाओ इसके लिए तुम्हें
संदेश को पूर्ण सुनना है इसे बीच में
छोड़कर जाने की भूल ना करना मेरे बच्चे
मैं तुम्हें बताना चाहती हूं कि तुम अब
क्या करने वाले हो वह जो अदृश्य शक्तियां

तुम्हारे लिए कार्य कर रही है वह जिन्हें
तुम इस स्थूल जगत में देख नहीं सकते हो या
वह जिनसे तुम्हारा यह मन तुम्हारी यह
बुद्धि यह चित परिचित नहीं है लेकिन
तुम्हारे सूक्ष्म कण सूक्ष्म जीव इन्ह
जानते हैं कारण और कारण दोनों की ही भाषा
समझते

हैं मेरे बच्चे तुम आज जहां पर हो यहां तक
स्वयं नहीं आए हो अपितु तुम यहां पर लाए
गए हो इस काली काल के प्रवोक में केवल वही
तुम्हारे इस मार्ग का अनुसरण करेंगे
जिन्होंने वर्षों कठिन तपस्या की है यह
तपस्या केवल इस जन्म से नहीं है पिछले

जन्मों से ही यह चली चली आ रही थी ऐसे लोग
जिन्होंने धर्म का चुनाव कीथा और जो आज भी
धर्म को ही अपना सत्य मार्ग समझते
हैं मेरे बच्चे वह तुम्हारा साथ देंगे
जैसे अग्नि सूखी घास को ढूंढ लेती है जिस
प्रकार से एक प्यासा जंतु पानी को ढूंढ ही
लेता है ठीक उसी प्रकार से तुम्हारे
लक्ष्य ने भी तुम्हारे आत्म उद्देश्य ने

भी तुम्हें ढूंढ लिया है अब मू रूप धारण
करके बहुत सी दिव्य आत्माएं तुमसे संपर्क
साधने का प्रयत्न करेंगी वह लक्ष्य जिसे
जानने को तुम अब तक उत्सुक थे वही लक्ष्य
जिसे पाने के लिए तुम्हारा मन निरंतर उफान
मार रहा था मेरे बच्चे अब वह तुम्हें

प्राप्त होने वाला है अब तुम इतिहास रचने
के बहुत ही करीब आ गए हो अब निरंतर
तुम्हें संकेत मिलते रहेंगे अब तुम वहां
पहुंच ने वाले हो जहां पहुंचना तुम्हारा
भाग्य है तुम्हारी नीति है अब यह शीतल

हवाएं तुम्हें संकेत देंगी कि तुम क्या
करने के लिए इस धरती पर जन्म लिए हो मेरे
बच्चे अब तुम्हारे समक्ष ऐसे दृश्य ऐसे
सत्य और ऐसे चेहरे सामने आएंगे जो तुम्हें
व्यथित कर सकते हैं विचलित कर सकते

हैं लेकिन फिर भी तुम्हारे भीतर वह साहस
होगा जो तुम्हें उनसे लड़ने की उनका सामना
करने की पूरी शक्ति प्रदान करेगा तुम एक
पल के लिए भले ही डग

मगा जाओ लेकिन तुम थको
ग नहीं तुम
हारोगेट रूप से तुम्हें मैं थाम
लूंगी मेरे बच्चे मैं अधर्म का विस्तार
नहीं होने दूंगी और वह शक्तियां जो निरंतर
अधर्म का विस्तार करना चाहती है जो

नकारात्मकता को फैलाना चाहती है जो
अध्यात्म के मार्ग में चल रहे लोगों का
सर्वनाश कर देना चाहती है मैं उन्हें
जीतने नहीं दूंगी मैं तो उसे ही विजय
कराऊंगा तिलक सजाऊंगी जो अध्यात्म के
मार्ग का चुनाव कर अपने जीवन को आखिर

इसमें तुम्हें क्या लाभ है क्या तुम्हें
जीवन भर पीड़ा उठानी पड़ेगी या तुम इससे
भी बाहर आ
जाओगे मेरे बच्चे तुम्हें ज्ञात नहीं
लेकिन जो साधारण शरीर अभी तुम धारण किए हो
वास्तव में उसके भीतर छुपी तुम्हारी आत्मा

इस लोक से संबंधित है ही नहीं उसका जन्म
उसका इस लोक में कभी हुआ ही नहीं था वह तो
सदा से ही अनंत काल से ही तुम में
विराजमान थी इस संसार में विराजमान थी
खुशियां फैलाने वाली यह दिव्य आत्मा तो

तुम तुम्हारे शरीर में आई है इसके पीछे का
एक कारण है तुम्हें उस कारण को समझना है
और मैं तुम्हारे उसी कारण को स्पष्ट करने
आई हूं मेरे बच्चे समय बदलता है दुनिया
बदलती है जलवायु बदलती है पृथ्वी अपना
आकार आकृति सब कुछ बदल देती है लेकिन
बार-बार तुम्हारी वही आत्मा नए समय काल

में नया शरीर धारण करके यहां आती
तुम ईश्वर के ही अंश हो तुम अभिन्न हो तुम
अलग नहीं हो तुम अपने पूर्व कर्मों को
नहीं
जानते लेकिन मेरे बच्चे मैं जानती हूं कि

धर्म का विस्तार करने में तुमने कितनी
सहायता प्रदान की है कि धर्म के प्रतिपादक
बनकर तुम कितना आगे आ जाना चाहते थे धर्म
की मसाल लेकर ही तुमने अपने सभी जन्मों
में अपना जीवन जिया है लेकिन मेरे बच्चे
कुछ लोग ऐसे थे जो अधर्म का विस्तार करना

चाहते थे जो सदा से ही तुम्हें हराना
चाहते थे जो सदा से यही चाहते आए हैं कि
तुम कभी जीत ना
पाओ जैसे एक ही सिक्के के दो पहलू होते
हैं एक सकारात्मक एक नकारात्मक एक धार्मिक
एक धार्मिक लोग तुमसे अलग नहीं है तुमसे

ही जुड़े हुए हैं इसलिए वह तुम्हारे जीवन
में संघर्ष के छड़ घोले रहते हैं वह
तुम्हारे जीवन में विपत्तियों का पहाड़
बनाते रहते
हैं लेकिन मेरे बच्चे सारे पहाड़ों को काट
देने वाली वो चट्टान हो तुम तुम उस नदी की

तरह हो जो भीषण से भीषण पत्थर को भी काटकर
आगे बढ़ जाती है तुम उस चट्टान से निर्मित
वह हथियार हो जो अपने मार्ग में आ रहे
अधर्म के भी सर से भीषण चट्टान को भीषण से
भीषण पहाड़ को भी तोड़ने की क्षमता रखते

हो मेरे बच्चे तुम कभी ना मरने वाले शरीर
कभी ना खत्म होने वाले समय और कभी ना खत्म
होने वाले आनंद के सृजन करता हो तुम स्वयं
ही परम चित्त आनंद में विलीन होने वाली
दिव्य आत्मा हो मेरे बच्चे तुम भयभीत ना
हो तुम अब प्रगति की उस मार्ग पर आगे बढ़ो
ग जिस मार्ग पर तुम्हें पीछे गलने वाला

कोई नहीं होगा मैं तुम्हें उस ऊंचाइयों तक
पहुंचा दूंगी जहां तुम्हारा पैर पकड़कर
तुम्हें नीचे खींचने वाले कोई नहीं होंगे
जहां केवल लोग तुम्हारी ऊंचाइयों को
देखेंगे केवल लोग यह देखेंगे कि तुम ऐसी
जगह पर पहुंच गए हो कि अब उनके पास तुमसे
जलने के सिवा कुछ भी शेष नहीं होगा अब वो
केवल तुम्हारी तरक्की तुम्हारी ऊंचाई को
देखकर ईर्ष के बादलों से भर जाएंगे
तुम्हारी प्रगति तुम्हारे उत्थान को देखकर
जलन की अग्नि में तप उठेंगे अब उनके पास
कोई मार्ग शेष नहीं होगा और तुम इतनी
ऊंचाई पर रहोगे कि उनकी आवाज भी तुम तक ना
पहुंचेगी
मेरे बच्चे तुम उस ऊंचाई पर रहोगे कि वह
यदि तुम्हें गालियां देंगे तो भी तुम्हे
सुनाई नहीं पड़ेगा वो यदि तुम्हारी तारीफ
करेंगे तो भी तुम्हें सुनाई नहीं पड़ेगा
तुम उस ऊंचाई पर पहुंच जाओगे जहां से उनका
जीवन तुम्हारे लिए नहीं के बराबर हो जाएगा
जहां से तुम्हारा जीवन केवल और केवल
उत्कृष्टता का जीवन होगा जहां से तुम्हारा
जीवन केवल और केवल परमात्मा की शरण का
जीवन
होगा मेरे बच्चे तुम अब उस ऊंचाई को
प्राप्त करने वाले हो वह छड़ बहुत ही जल्द
तुम्हारे करीब होगा लेकिन कुछ बातें हैं
जिनका तुम्हें विशेष ध्यान रखना है
सर्वप्रथम तुम्हें अपने भीतर किसी भी
प्रकार के अहंकार को पनपने नहीं देना है
तुम्हारे भीतर जो भी मान्यताओं का बोझ है
उसे त्यागना है तुम्हारे भीतर जो भी मोह
की चादर लिपटी हुई है उसे त्यागना है
तुम्हें समझना है कि प्रेम और मोह में
बहुत अंतर होता है लगाव मोह और प्रेम
तीनों अलग-अलग बातें हैं तीनों को एक
समझने की भूल तुम कभी भी ना करो मेरे
बच्चे जिसे तुम प्रेम समझ रहे हो
वास्तविकता में वह प्रेम है ही नहीं वह तो
केवल मोह का मुखौटा पहने हुए एक प्रकार का
लगाव है वह प्रेम की चादर उड़े हुए एक
प्रकार का मोह ही है वह मोह के अतिरिक्त
कुछ कुछ भी नहीं है जो प्रेम की शक्ल लेकर
तुम्हें दिखाई पड़ता है मेरे बच्चे
तुम्हें इसके बीच का अंतर समझना होगा
तुम्हें समझना होगा कि तुम्हारे लिए क्या
अनिवार्य है तुम्हें समझना होगा कि
तुम्हारे लिए कौन अनिवार्य है और कौन है
जिन्हें तुम अपना कह सकते हो और कौन है
जिन्हे तुम अपना नहीं मान सकते हो मेरे
बच्चे कुछ लोग ऐसे होते हैं जो मित्रता का
मुखौटा पहने हुए होते हैं जो तुम्हारे
सामने मीठी मठी बातें बोलते हैं लेकिन
तुम्हारे पीठ पीछे लोगों से तुम्हारी ही
बुराइयां करते हैं जो तुम्हारे पीठ पीछे
तुम्हारे ही खिलाफ षड्यंत्र रचा करते हैं
वह जो तुम्हारे बारे में नकारात्मकता
फैलाते हैं वह जो नहीं चाहते कि तुम जीवन
में कभी भी प्रगति करो वह तुम्हारे आसपास
ही है तुम्हारे अपनों के रूप में तुम्हारे
अपने बनकर तुम्हारी फिक्र का लालच दिखाते
हुए वह तुम्हारे बहुत करीब है तुम्हें उन
सांपो को ढूंढना है तुम्हें उनकी असलियत
को समझना है वरना यह कब तुम्हें डस लेंगे
तुम यह समझ भी ना
पाओगे मेरे बच्चे बहुत जल्द किसी पर
विश्वास कर लेना कभी भी अच्छा नहीं नहीं
होता जब तुम बहुत जल्द किसी पर विश्वास कर
लेते हो बिना तर्क वितर्क किए बिना दिमाग
लगाए बिना तार्किक अर्थों में उसे सोचे
हुए तो वहां तुम्हें धोखा मिलने की
संभावना बिल्कुल ही बढ़ जाती है वहां
तुम्हारे हृदय के विखंडित हो जाने की
संभावना बहुत तेजी से बढ़ जाती
है मेरे बच्चे मैं नहीं चाहती कि तुम्हारा
दिल टूटे मैं नहीं चाहती कि तुम जरा भी
चिंता में आओ तुम्हें समझना होगा अपने
पराय के भेद को कौन तुम्हारे लिए
महत्त्वपूर्ण है क्या तुम्हारे लिए
अनिवार्य है किनसे मिलना जुलना तुम्हारे
लिए सही है यह तुम्हें समझना होगा मेरे
बच्चे अपने उन महत्त्वपूर्ण लोगों की एक
सूची बनाओ उनकी सूची बनाओ जो तुम्हारे लिए
आवश्यक है साथ ही उनकी भी सूची बनाओ जो
तुम तुम्हारे लिए बिल्कुल भी आवश्यक नहीं
है और जो लोग तुम्हारे लिए बिल्कुल भी
आवश्यक नहीं है उनसे किसी भी प्रकार का
संबंध साधने की आवश्यकता नहीं मैं ऐसा
नहीं कह रही कि उनसे सारे संबंध त्याग दो
वह त्याग नहीं है उन्हें त्यागने की
आवश्यकता नहीं है लेकिन उनसे संपर्क साधने
की उनके संपर्क में आने की उनकी बातों को
महत्व देने की या उनके लिए कोई कार्य करने
की आवश्यकता नहीं है तुम लोगों से घुलो
मिलो लोगों से संपर्क बनाओ किंतु किसे
अपना मानना है किसे अपना नहीं मानना है इस
बात के लिए पूरी तरह से स्पष्ट रहो पूरी
तरह से स्पष्ट रहो उन लोगों के लिए जो
तुमसे प्रेम करते हैं पूरी तरह से स्पष्ट
रहो उन लोगों के लिए जिनसे तुम प्रेम करते
हो उन्हें प्राथमिकता दो उनके छोटे मोटे
गलतियों को नजर अंदाज करो लेकिन मेरे
बच्चे आज की परिस्थिति में तुम इसके ठीक
विपरीत करते हो जिनसे तुम्हें प्यार है या
जो तुमसे प्रेम करते हैं तुम इन पर इतना
अधिपत्य जमा लेते हो कि उन्हें जो चाहे
जैसे चाहे जिस भाषा में चाहे बोल देते हो
तुम उनके भावनाओं की कद्र नहीं करते और
क्रिया प्रतिक्रिया के के नियम के अनुसार
वह भी तुम्हारी भावनाओं की कद्र नहीं कर
पाते जबकि प्रकृति का नियम यह कहता है कि
जिनसे तुम प्रेम करते हो या जो तुमसे
प्रेम करते हो उनकी भावनाओं का सदा ही
सम्मान करना चाहिए उनकी बातों को पूरी
तन्मयता के साथ सुनना
चाहिए यदि उनकी कुछ बातें तुम्हें तार्किक
नहीं लगती यदि उनकी बातें तुम्हें हट
पूर्वक लगती हो यदि उ उनकी बातें तुम्हारे
कानों को अच्छी ना लग रही हो उस परिस्थिति
में भी तुम्हें संयम धारण करके उनको
समझाना चाहिए उनकी बातों को समझना चाहिए
हर बार इस अहंकार में नहीं होना चाहिए कि
तुम ही सत्य कह रहे हो या तुम्हारी ही बात
तार्किक है तुम्हें दोनों पहल से सोचना
चाहिए प्रकृति इसी नियम के आधार पर चलता
है लेकिन मेरे बच्चे आज की परिस्थिति में
वह लोग जिनसे तुम्हारा विशेष संबंध नहीं
है तुम उन्हें झूठा सम्मान प्रदान करते हो
तुम उनकी बातों को तो सुनते हो उनकी बातों
को महत्व भी देते हो और उनके लिए कार्य
करने को भी तैयार हो जाते हो जबकि वह लोग
जो वास्तव में तुमसे प्रेम करते हैं तुम
उनकी बातों को पूर्ण नहीं सुनते हो तुम
उनकी बातों को महत्व नहीं देते हो यह अलग
बात है कि उन पर कोई मुसीबत आ जाए तो तुम
सर्वप्रथम उनका सहारा बनोगे तुम्हारी
प्राथमिकता में सर्वप्रथम वही लोग होंगे
लेकिन क्या तुम मुसीबत आने का ही इंतजार
कर रहे हो क्या तुम मुसीबत आने की ही
प्रतीक्षा में बैठे हो क्या तुम इसी
इंतजार में बैठे हो कि जब मुसीबत आएगा तभी
तुम उनके लिए अपना प्रेम जाहिर कर
पाओगे मेरे बच्चे विचार करो कि कहां खोट
हो रही है विचार करो कि ऐसी कौन सी
गलतियां है जो तुम्हारे प्रेम संबंधों को
जो तुम्हारे परिवार के साथ तुम्हारे
संबंधों को आगे नहीं बढ़ने दे रही है जो
तुम्हें रोके हुए हैं जो तुम्हें
प्रगतिशील नहीं होने दे रही है कहीं यह
कमी तुम्हारे ही विचारों से तो नहीं
उत्पन्न हो रही है कहीं यह कमी तुम्हारे
ही मान
से तो नहीं उत्पन्न हो रही है कहीं इस कमी
का प्रादुर्भाव तुम्हारे ही मन से तो नहीं
हो रहा है विचार करो कि तुम किन्हे
प्राथमिकता देते हो और किन्हे प्राथमिकता
नहीं देते हो तुम्हारे विचार विभिन्न
प्रकार की कल्पनाओं को जन्म देते हैं
तुम्हारे विचारों में तुम एक सहज जीवन की
कल्पना करते हो मेरे बच्चे मैं जानती हूं
तुम अतिशय धन की कामना नहीं करते तुम उतने
धन की कामना करते हो जिसमें तुम्हारा जीवन
सहज रूप से चल जाए तुम उतने ही धन की
कामना करते हो जिसमें तुम जीवन के आनंद का
लाभ उठा सको जिसमें तुम छोटी-छोटी खुशियों
को जी सको लेकिन ऐसी क्या कमी है कि
तुम्हें वह खुशी उस प्रकार से हासिल नहीं
हो पा रही जैसे अब तक तुम्हें प्राप्त हो
जानी चाहिए थी जबक तुम इसके लिए पूरी तरह
से योग्य हो जबकि तुम एक दिव्य आत्मा हो
जबक तुम पुण्य से भरे हुए हो तुम्हारे मन
में किसी के प्रति भेद नहीं है तुम्हारे
मन में किसी के प्रति द्वेष नहीं है
तुम्हारे मन में किसी के लिए भी ईर्षा
बिल्कुल भी नहीं है तुमने इसका सदा सदा के
लिए नाश कर दिया है और तुम सदा यही सोचते
हो कि तुम्हारी वजह से किसी को कोई कष्ट
ना हो किसी को कोई तकलीफ ना हो फिर ऐसा
क्या है कि तुम्हारा जीवन पुष्प की भाति
खिल नहीं पा रहा फिर ऐसा क्या है कि
तुम्हारा जीवन एक चक्र में फस गया है ऐसा
क्या है कि तुम बवंडर के गर्त में फसते ही
चले जा रहे हो विचार करो कि वह कौन सी
कमिया है कहीं तुम अपने भीतर बदलाव तो
करने में असमर्थ रहे हो का विचार करो कि
वह क्या है जो तुम नहीं बदल पा रहे हो
मेरे बच्चे यदि तुम इसका विचार नहीं भी कर
पाओगे उस परिस्थिति में भी मैं अंतत
तुम्हें जीत दिला ही दूंगी मैं पुष्प की
भाती तुम्हें खिला ही दूंगी मैं तुम्हारे
नाम को चारों और फैला दूंगी मैं तुम्हारे
यश का गान सबके बीच करा दूंगी लेकिन क्या
तुम इसमें मेरा साथ दोगे क्या तुम अपना
हाथ आगे बढ़ाकर मुझे चीजों को तेजी से
करने में मेरी सहायता प्रदान करोगे क्या
तुम मेरे अंश के रूप में स्वयं की प्रगति
का विचार करोगे तुम्हें इसका विचार करना
है अपनी सोच को बढ़ाओ अपने भीतर पनप रहे
दिव्यता को
पहचानो तुम्हारे भीतर जो क्रूरता है जो
शत्रुता है जो पशुता है उसका समापन तो
तुम्हें ही करना होगा मैं तुम्हें जीत
दिला
दूंगी लेकिन मेरे बच्चे क्या इस जीप को
पचाने में सक्षम रहोगे तुम क्या उस जीभ को
अपने मन मस्तिष्क में धारण करके उसकी
सिरोमण बनाकर उसका मुकुट पहनने को तैयार
हो तुम क्या तुम स्वयं से तैयार हो विजय
तिलक लगाने को क्या तुम पहाड़ों की उस
ऊंचाई तक पहुंचने को तैयार हो जहां से कोई
तुम्हारे पैर खींच करर तुम्हें नीचे ना
गिरा सके
मेरे बच्चे अपने मन मस्तिष्क में विचार
करो कि क्या वास्तव में तुम जीत के योग्य
हो मैं तो कहती हूं तुम्हें जीत हासिल
करनी चाहिए मैं तो कहती हूं कि अब वह समय
आ गया है कि तुम्हें जीत मिलनी चाहिए और
निश्चित तौर पर यह तुम्हें मिलकर भी
रहेगी लेकिन मेरे बच्चे तुम्हें भी विचार
करना है कि वह ऐसे कौन से क्षेत्र हैं जो
तुम रे भीतर के अध्यात्म को तुम्हारे भीतर
की चेतना को शिखर तक पहुंचने से रोक रहे
हैं मेरे बच्चे अब तुम जब जीत को हासिल
करने वाले हो तो तुम्हें कुछ बातों का
विशेष ध्यान रखना होगा सर्वप्रथम तुम्हें
यह सोचना होगा कि बड़ी जीत के साथ बड़ी
जिम्मेदारी भी आती है इसलिए मनुष्य जितनी
ऊंचाई पर पहुंचता है उसे अपनी वाणी पर
उतना ही ज्यादा नियंत्रण रखना चाहिए उसे
हर किसी की बातों पर प्रतिक्रिया नहीं
देनी चाहिए इस जीत में तुम्हें बहुत से
ऐसे लोग मिलेंगे जो तुम्हारी प्रशंसा
करेंगे और बहुत से ऐसे भी लोग मिलेंगे जो
तुम्हारी आलोचना करेंगे तुम्हारी निंदा
करेंगे जो सदा ही तुम्हें कटु वचन बोलेंगे
तुम्हारे सामने भी कटु वचन आएंगे तुम्हारे
पीठ पीछे भी कटु वचन बोले जाएंगे
लेकिन तुम्हें अपना वकील बनकर बार-बार
अपनी सफाई नहीं पेश करनी है तुम्हें
उन्हें बार-बार यह साबित करने की झंझट में
नहीं पड़ना है कि तुम सही हो और तुम सदा
ही सत्य का साथ देते हो इस संसार में
जितने भी बौद्धिक मनुष्य हुए हैं उन्होंने
कभी स्वयं के सत्यता को साबित करने के लिए
कोई जोर नहीं लगाया उन्होंने वास्तविक रूप
से अपनी बा बात रख दी जिसे सत्य मानने का
शौक था उन्होंने उनकी बात को सत्य माना और
जिसे सत्य मानने का शौक नहीं था जो केवल
आलोचना के दूतक रहे हैं वह सदा ही उनकी
आलोचना करते आए हैं मेरे बच्चे इस संसार
में बहुत से बौद्धिक मनुष्यों को जहर पिला
दिया गया बहुत से बौद्धिक मनुष्यों से
उनकी अस्मिता पर सवाल उठाया गया बहुत से
बौद्धिक नु को सूली पर टाम दिया गया बहुत
से बौद्धिक मनुष्यों को फांसी पर चढ़ा
दिया गया और बहुत से बुद्ध पुरुषों को इस
संसार ने स्वीकारा ही नहीं किंतु तुम्हें
समझना है कि क्या तुम्हें सफाई देनी है
क्या तुम्हें अपनी सत्यता को लोगों के
समक्ष प्रस्तुत करना है या फिर अपना कार्य
करकर प्रगति को प्राप्त करना है मेरे
बच्चे इसका विचार तुम्हें ही करना है
क्योंकि अंतता तो तुम्हारी जीत होकर ही
रहेगी अंतता तुम वास्तविक प्रेम को
प्राप्त ही कर लोगे लेकिन दो प्रश्न
तुम्हें अपने आप से पूछने हैं पहला प्रश्न
यह कि क्या तुम इसे प्राप्त करने के पूरी
तरह से योग्य हो यदि नहीं भी हो तो अपनी
सत्यता को स्वीकार कर लो और फिर मैं
तुम्हें वह शक्ति अवश्य प्रदान करूंगी कि
तुम जल्द ही उसे प्राप्त करने के पूरी तरह
से योग्य बन जाओगे और दूसरा प्रश्न यह कि
क्या तुम्हें सबकी बातों पर प्रतिक्रिया
देनी है क्या तुम्हें अपने अहंकार को
फलीभूत करना है या फिर सत्य का हाथ पकड़कर
अध्यात्म के मार्ग का अनुसरण करना है जब
जीत तुम्हें मिल ही रही है तो फिर यह
व्यर्थ के झंझट में क्यों पड़ना है क्यों
किसी को कुछ साबित करना है क्यों किसी की
नजर में अच्छा या बुरा बनना है क्यों किसी
की प्रशंसा से खुशियों के डोर बांधने हैं
और किसी की निंदा से अपमान का बोझ सहना है
मेरे बच्चे तुम्हें इन बातों का विचार
नहीं करना है तुम्हें यह सारी ही बातें
त्यागने है और केवल और केवल अपने जीवन का
विचार करो तुम प्रगति के मार्ग पर आ चले
हो तुम जीव के मार्ग प आ चले हो जब से
तुमने अध्यात्म के मार्ग का अनुसरण किया
है तुम आगे ही बढ़ रहे हो शायद ही तुम्हें
दिखाई ना दे तुम इसकी गहराई को भाप ना सको
तुम ना समझ पाओ कि तुमने क्या चुनाव किया
है लेकिन मैं आज तुम्हें यही बता रही हूं
कि तुमने वास्तविक मार्ग का चुनाव किया है
तुमने सत्य के मार्ग का चुनाव किया है और
जब मनुष्य के जीवन में सत्य घुलता है
मनुष्य के जीव जीवन में अध्यात्म घुलता है
तो उस उसके भीतर नकारात्मकता का जहर
धीरे-धीरे समाप्त होने लगता है और
सकारात्मकता का अमृत उसके मन मस्तिष्क में
बस जाता है तुम भी उस अमृत को पी रहे हो
तुम भी सकारात्मकता के उस अमृत को अपने मन
मस्तिष्क में उतार रहे हो मेरे बच्चे तुम
जीत को अपने जीवन में पा रहे हो और यह जीत
बहुत ही जल्द तुम्हें दिखाई भी देने लगेगी
दृष्टा की भाति तुम बहुत ही जल्द इसे
देखने वाले हो मेरे बच्चे इस जीव को
तत्काल आकर्षित करो इसकी पुष्टि करनी
तुम्हारे लिए आवश्यक है यह पुष्टि
तुम्हारे लिए सदा ही जरूरी हो जाती है अभी
इसकी पुष्टि करो संख्या 1008 लिखकर इसकी
पुष्टि करो साथ ही यह भी लिखो कि मैं अपने
भीतर के अहंकार को समाप्त कर जीत को
आकर्षित कर रहा हूं मैं जीत रहा हूं मेरे
बच्चे तुम्हें यह बात लिखनी है और इसके
साथ ही एक बात कभी मत भूलना कि परिस्थिति
चाहे जैसी भी हो कोई तुम्हारा साथ दे या
ना दे मैं सदा तुम्हारे साथ हूं मैं सदा
तुम्हारे आसपास ही हूं मैं तुम्हारा हाथ
पकड़कर तुम्हें जीत की राह पर ले जाने के
लिए ही आई हूं मैं तुम्हें कभी हारने नहीं
दूंगी इस बात का विश्वास अपने मन में बनाए
रखना मेरे बच्चे मेरे आने वाले संदेशों की
प्रतीक्षा करना क्योंकि आने वाले संकेतों
को समझना तुम्हारे लिए आवश्यक है इसलिए
तुम तैयार रहना मेरा आशीर्वाद हमेशा
तुम्हारे साथ है तुम्हारा कल्याण हो जय हो
माता रानी हर हर
महादेव मेरे बच्चे जब दिव्य शक्तियां
चाहती है कि तुम तक कोई संदेश पहुंचे तो
वह हर हाल में तुम तक पहुंच ही जाता है और
आज दिव्य शक्तियां चाहती है कि तुम तक यह
संदेश पहुंच ही जाए मेरे बच्चे तुम पर
देवीय शक्तियों की विशेष कृपा बरस रही है
और अब यह तुम्हें अपने जीवन में महसूस भी
होने लगा है तुम्हें अपने व्यक्तिगत जीवन
में अब बहुत तेजी से चमत्कारिक सकारात्मक
बदलाव होते हुए दिखाई देंगे इतना साहस
तुम्हें ईश्वर की कृपा से प्राप्त हो रहा
है कि तुम अपने सभी चुनौतियों से आसानी से
पार पा
जाओगे मेरे बच्चे तुम्हारा अपनी माता पर
अटूट विश्वास और तुम्हारे भीतर बसा
निस्वार्थ प्रेम किसी से भी छुपा नहीं हुआ
है और इस दिव्य प्रेम में वह ताकत है जो
तुम्हें हर मुश्किलों से बाहर निकाल
देगी मेरे बच्चे यह संदेश तुम्हारे लिए और
केवल तुम्हारे लिए ही आया है बहुत समय से
तुम्हारा जीवन दुखों से घिरा रहा अनीय दुख
तुमने झेला है ऐसी ऐसी पीड़ा तुमने देखी
है जिनसे पार पा पाना भी सामान्य नहीं है
जिस समय तुम्हारा जीवन रुख सा गया तुमने
स्वयं को संभाला उसका सदुपयोग किया और सही
दिशा में अपने कदम मोड़ दिए तुमने बहुत
कठिन तपस्या की है बहुत कठिन संघर्ष किया
है जिसके चलते तुम्हारे जीवन की रुकावटें
दूर होने का समय आ गया है और अब तुम एक नई
दिशा में आगे निकल आए हो अपने उन दुखों को
पीछे छोड़कर अपनी उन पड़ाओ को पीछे छोड़कर
जो लगता था कि कभी समाप्त नहीं होगा
वास्तव में देखा जाए तो उन दुखों को झेलने
के बाद ही तुम्हारा रास्ता साफ हुआ है
मेरे बच्चे यह वह दुख थे जिसने तुम्हें
आध्यात्म के इस मार्ग पर आगे बढ़ा दिया
इतना ही नहीं उन दुखों को झेलने के बाद
तुम्हारे भीतर जो शक्तियां बढ़ गई हैं
तुम्हें अभी उसका आभास नहीं है लेकिन मेरे
बच्चे अब तुम जिधर अपने कदम बढ़ा रहे हो
उस ओर ही अध्यात्म अपने आप आगे आ जाता है
तुम सत्य हो और सत्य की सदा ही जी होती है
सत्य को कोई भी हरा नहीं सकता है तुम्हारे
जीवन में सफलता और नई उपलब्धियां अब बाहे
फैला कर आ रही
है मेरे बच्चे कुछ ऐसे लोग हैं जो
तुम्हारे जीवन में रुकावट लाने के प्रयास
में ही लगे रहते हैं वह अपना पूरा ध्यान
अपना पूरा समय अपनी पूरी ऊर्जा इस बात पर
ही केंद्रित करते हैं कि कैसे तुम्हारी
हार हो जाए कैसे तुम जीत को हासिल ना कर
पाओ कैसे तुम्हारी बदनामी हो जाए और कैसे
असत्य जीत जाए कैसे शैतान की विजय हो जाए
लेकिन मेरे बच्चे ऐसा हो नहीं सकता
क्योंकि तुम पर दिव्य आत्मा का हाथ है अब
जीत तुम्हारी ही होनी है तुम वह सब कुछ
हासिल करने वाले हो जो तुम्हें प्राप्त
होना
चाहिए मेरे बच्चे शैतान कभी जीत नहीं सकता
फिर चाहे वह कितने भी अथक प्रयास क्यों ना
कर ले फिर चाहे वह किसी मनुष्य के भीतर
उतर करर उससे अपने कार्य क्यों ना करवा ले
फिर चाहे वह किसी दिव्य आत्मा को ही अपने
कब्जे में क्यों ना कर ले फिर भी अंतः
विजय पुण्य आत्मा की ही होती है अंतः विजय
ईश्वर के आशीर्वाद की ही होती है और तुम
ईश्वर के आशीर्वाद से भरे हुए तुम ऐसी
ऊर्जा के बिंदु हो जिसे समाप्त कर पाना
कतई संभव नहीं है क्योंकि जिसका कोई अंत
ही नहीं जिसकी कोई शुरुआत ही नहीं जो
बिंदु है जो सदा से रहा है जो सदा ही
रहेगा उसे कोई भला कैसे समाप्त कर सकता है
तुम नश्वरता से ऊपर हो तो तुम इस सांसारिक
चीजों से ऊपर हो तुम वो ऊर्जा हो जिस
ऊर्जा को समाहित करके एक मनुष्य स्वयं ही
हो सकता है तुम वो ऊर्जा हो जिस ऊर्जा को
प्राप्त करके एक संपूर्ण संसार की
सकारात्मक रचना रची जा सकती है मेरे बच्चे
तुम ही सृजन करता हो तुम्हें हराया नहीं
जा सकता और जबक तुम पर मेरा पूरा हाथ है
जबकि तुम पर मेरा पूरा सहयोग है जबकि
तुम्हारे साथ तुम्हारे पूर्वज दिव्य
आत्माएं अदृश्य फरिश्ते मौजूद है तो
तुम्हें हरा पाना किसी भी हाल में किसी भी
सूरत में संभव नहीं है फिर चाहे कितनी ही
काली शक्तियां अपना पूरा वर्चस्व लगा के
पूरे प्रचंड रूप में तुम पर क्यों ना हावी
हो जाएं फिर भी तुम्हें हरा नहीं
सकते मेरे बच्चे तुम्हारी जीत तो सर्वदा
सर्वदा से लिखी जा चुकी है तुम्हारी जीत
को सदा सत्य के रूप में लिखा गया है इसलिए
तुम्हें हरा पानी कतई संभव नहीं है फिर
चाहे अंधेरी काली रात में चमकते हुए शैतान
ही क्यों ना आ जाए मेरे बच्चे जो लोग
तुमसे पार पाना चाहते हैं जो लोग तुम्हें
नीचा दिखाना चाहते हैं वह काली शक्तियों
के गिरफ्त में है वह नकारात्मक ऊर्जा की
गिरफ्त में है ऐसा नहीं है कि वह सदा से
यही चाहते आए हैं लेकिन उनका अहंकार उनके
भीतर बसा अभिमान इतना हावी है कि वह यह
देख ही नहीं सकते कि तुम प्रति की सीढ़िया
निरंतर चढ़ते चले जाओ मेरे बच्चे उन्हें
तुम्हारी छोटी छोटी जीत से भी आपत्ति होती
है उन्हें तुम्हारे भीतर उठ रहे प्रकाश से
आपत्ति होती है उन्हें तुम्हारे भीतर के
तत्त्वों से आपत्ति होती है उनका तो तुमसे
कभी भी सामंजस्य नहीं हो सकता उनके भीतर
से निकलने वाली ऊर्जा को तुम काट रहे हो
उस नकारात्मक ऊर्जा का काट हो जो उनके
भीतर मौजूद है मेरे बच्चे इस संसार में
मानवता को हराने के लिए बहुत सी नकारात्मक
शक्तियां एकत्रित हो रही है नकारात्मक
शक्तियों का प्रभाव इस समय बढ़ रहा है इस
संसार में जितने भी पुण्य आत्मा है उन्हें
सताने का उन्हें हराने का प्रयास किया जा
रहा है उन्हें नीचा दिखाकर उनकी बदनामी
करके उनका धन खर्च कराकर उन्हें नीचा
दिखाने का उन्हें हराने का पूरा प्रयास
किया जा रहा है नकारात्मक शक्तियों के एक
पूरे बवंडर ने यह चाल चली है लेकिन मेरे
बच्चे अभी उन्हें आभास नहीं है कि वह कभी
भी जीत नहीं सकते हालांकि वह इस सत्य से
वाकिफ है क्योंकि अतीत में भी ऐसी बहुत सी
घटनाएं हुई है जब नकारात्मक शक्तियों ने
अपना वर्चस्व कायम करने का प्रयास किया है
लेकिन हर बार उन्हें मुह की खानी पड़ी है
हर बार उन्हें गिरना पड़ा है हर बार
उन्हें थक कर हार माननी पड़ी है लेकिन
मेरे बच्चे अब समय आ गया है उनके सर्वनाश
का लेकिन यह सर्वनाश एक प्रलय की भी
शुरुआत होगी महाप्रलय एक ऐसा प्रलय जिसमें
सब कुछ बह जाएगा विनाश की लीला प्रारंभ हो
रही है अब समय आ गया है जब विजय तिलक ना
लगकर विनाश को प्रभावी किया
जाए लेकिन मेरे बच्चे ऐसे समय में भी वह
सभी पुण्य आत्माएं जो अपने पुण्य से अपनी
दिव्यता से मानता को जीवित रखे हैं जिनके
भीतर अहंकार अभिमान ईर्षा द्वेष नहीं पनप
रहा है जिन्हो ने अपने अहंकार अपने अभिमान
अपने मन पर काबू पाने का प्रयत्न किया है
उनकी
ऊर्जांचल राप्त होंगे मेरे बच्चे तुम्हारी
ऊर्जा सकारात्मकता और दिव्यता से भरी हुई
है तुम्हारे भीतर जो प्रकाश आवेग बनकर टहल
रहा है तुम्हारे भीतर जो प्रकाश आवेग बनकर
संचारित हो रहा है तुम्हारे मन में उठ रही
कंपन दिव्यता को ही लका रही है और ऐसी
स्थिति में तुम यह देख पाओगे कि धीरे-धीरे
बहुत से लोगों को हानि उठाना पड़ रहा है
तुम यह देख पाओगे कि वह सभी लोग जो नहीं
चाहते थे कि तुम आगे बढ़ो तुम्हारे जीवन
से धीरे-धीरे करके समाप्त हो जाएंगे तुम
यह देख पाओगे कि उनका पतन स्वयं ही हो रहा
है ना चाहते हुए भी उनका पतन हो जाएगा और
उन्हें इतनी पीड़ा उठानी पड़ेगी कि तुम
सोच भी नहीं सकते कि वह खुद भी नहीं सोच
सकते लेकिन लेकिन मेरे बच्चे इसका कारण
तुम नहीं हो इसका कारण मैं नहीं हूं इसका
कारण ऊर्जा नहीं है इसका कारण कोई शैतान
भी नहीं है वास्तव में इसका कारण तो उनके
अपने ही बुरे कर्म है उनके अपने कुकन
जिन्होंने उन्हें यहां तक घेल दिया है
लेकिन इसके साथ ही तुम यह देखोगे कि तुम
उनके समकालीन होते हुए भी प्रगति की ओर
बढ़ रहे हो और तुम रे साथ-साथ तुमसे प्यार
करने वाले तुम्हारी चा करने वाले तुम्हारे
बारे में अच्छा सोचने वाले भी तुम्हारे
आभामंडल के प्रभाव में आकर प्रगति को
प्राप्त करेंगे यद्यपि उनकी प्रगति उतनी
नहीं होगी जितनी तुम्हारी
होगी लेकिन मेरे बच्चे फिर भी विनाश के इस
काल में जीव उन्हें भी हासिल होगी इस जीव
की गाथा आज से नहीं लिखी गई है वर्षों
पहले सदियों से अनंत काल से लिखी जा रही
है यह जीत बहुत पुरानी है तुम्हें जब यह
जीत प्राप्त होगी तो तुम महसूस कर पाओगे
कि ऐसा तुम्हारे साथ पहले भी हुआ है
क्योंकि तुम पहले से ही दिव्य आत्मा रहे
हो तुम पहले से ही ऊर्जा के भंडारण रहे हो
वो ऊर्जा जो लोगों को अपने साथ ले जाने को
प्रेरित करती है वो ऊर्जा जो तत्व कर्ता
के भीतर हो होनी चाहिए वो ऊर्जा जो
देवताओं के भीतर बसी होती है वो ऊर्जा जो
दिव्यता से परिपूर्ण होती है और इसका कारण
यह है कि तुम्हारा वास्तविक संबंध कभी भी
इस भौतिक जगत के लौकिक जगत के लोगों से
रहा ही नहीं है तुम्हारा वास्तविक संबंध
तो पारलौकिक रहा है तुम्हारा वास्तविक
संबंध तो दिव्य लोक से रहा है तुम्हारा
वास्तविक संबंध तो सदा से ही पुण्य
आत्माओं से रहा है तुम अणुओं के वह कण हो
जिसके एक एक छोर में भी सकारात्मकता
विद्यमान है वह नीला प्रकाश जो तुम्हारे
भीतर गुजर रहा है वह तुम्हारे भीतर के
ऊर्जा चक्र से मिलकर बहुत-बहुत तेजी से
लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर लेता है और
तुम्हारे द्वारा निकली हुई वाणी लोगों को
मंत्र मुक्त कर सकती है
मेरे बच्चे तुम्हें अभी इसका आभास नहीं है
तुम्हें अभी इसका ज्ञान नहीं है लेकिन
धीरे-धीरे तुम यह समझ पाओगे जो बात मैं
अभी तुमसे बता रही हूं कि कैसे ऊर्जा का
एक पूरा पिन तुम्हारे आसपास विद्यमान है
कैसे तुम जीत को सदा ही आकर्षित करते आए
हो कैसे लोग तुम्हारी बातों से प्रभावित
होते चले जा रहे
हैं मेरे बच्चे इस अनंत ब्रह्मांड में
बहुत सी ऊर्जा एं विद्यमान है बहुत सी
ऊर्जा एं जो नवीन है बहुत सी ऊर्जा एं जो
प्राचीन है लेकिन हर एक से तुम्हारा संबंध
रहा है फिर चाहे वह बेहतर रहा हो फिर चाहे
वह बेहतर ना रहा हो चाहे वह जीव रहा हो
चाहे वह अजीव रहा हो चाहे पक्षी रहा हो
चाहे सूक्ष्म जीव रहा हो चाहे वृक्ष रहा
हो चाहे निर्जीव
वस्तुओं की ऊर्जा ही क्यों ना हो तुम्हारा
संबंध सबसे ही सदा से ही रहा है मेरे
बच्चे तुम्हें केवल अपने भीतर झांकना है
फिर तुम यह जान पाओगे कि कैसे संपूर्ण
ब्रह्मांड में प्रसारित हो रही समस्त
ऊर्जा को तुम अपनी ओर आकर्षित कर सकते हो
और एक बार तुमने इस पर नियंत्रण पा लिया
तो फिर तुम इस संसार में जो चाहो उसे
प्राप्त कर सकते हो मेरे बच्चे एक बार जब
तुम अपने भीतर उतरो ग तो तुम जान पाओगे कि
तुम कितनी सीमित मात्रा में चीजों को सोच
रहे हो तुम कैसे एक बड़े बीहड़ विशाल
ऊर्जा के भंडार होते हुए भी बहुत छोटी से
छोटी चीजें मांग रहे हो और तुम्हारी यह
मांग बहुत ही जल्द पूर्ण हो
जाएगी लेकिन मेरे बच्चे तुम्हें अपनी माम
को बढ़ होगा तुम्हें अपनी चाहतों का
विस्तार करना होगा तुम्हें उच्च श्रेणी की
चीजें मांगनी होगी तुम भौतिक जगत की बहुत
छोटी से छोटी चीज मांग रहे हो ऐसी चीज
जिनका अस्तित्व वास्तविक रूप में तुम्हारे
लिए कुछ भी नहीं है ऐसी चीज तो तुम कड़ की
भाती फेंक दोगे ऐसी चीज तुम मांग रहे हो
जो तुम्हें बहुत सरलता से मिल
जाएगी मेरे ब बच्चे एक बार अपने मन
मस्तिष्क में उतरो एक बार अपनी चाहतों का
विस्तार करो एक बार आशा से ऊपर उठकर
वर्तमान में झा को एक बार अपने भीतर की
ऊर्जा चक्र को समझो वह प्राप्त करो जो
प्राप्त करना तुम्हारा अधिकार रहा है वह
प्राप्त करो जो अब तक तुमने हासिल नहीं
किया है वह प्राप्त करो जो वास्तविक रूप
से तुमसे संबंधित है इसके अलावा तुम्हें
जो कुछ भी चाहिए वह स्वतः ही तुम्हारे
चरणों में आ गिरेगा इसके अलावा तुम जिस भी
चीज की कामना कर रहे हो वह तुम्हें बेहद
ही आसानी से मिल
जाएगा लेकिन तुम्हें अपने भीतर झकना होगा
प्रेम भौतिक वस्तुएं सम्मान पद प्रतिष्ठा
इनसे ऊपर उठकर सोचो यह सारी चीज तो
तुम्हें बहुत ही आसानी से मिलने वाली है
इसलिए सदा इसका विचार ना किया करो वह सोचो
जो अभी तक तुम सोच नहीं पाए हो मेरे बच्चे
तुमने सदियों से मनुष्य जीवन को अपनाया है
लेकिन इससे पहले बहुत सी योनियों में
तुम्हारा जन्म हुआ है उन योनियों में भी
जिनका तुम्हें ज्ञान नहीं है उस प्रकार के
जीव तुम भी रह चुके हो जिसके बारे में
तुम्हें कुछ भी ज्ञात नहीं है एक ऐसा जीव
जो तुम्हें स्पष्ट रूप से नजर भी ना आए
तुम उस जीवन को भी जी चुके हो बहुत से
जीवन का अनुभव लिया है
तुमने लेकिन मेरे बच्चे जब से तुमने
मनुष्य रूप को धारण किया है तुम्हारी सोच
बहुत छोटी हो गई है और तुम बस कुछ भौतिक
वस्तुओं के माया जाल में फंस कर रह गए हो
कुछ लोगों के गुलामी को तोड़कर बाहर
निकलने के माया जाल में ही रह गए हो लेकिन
तुम्हें इससे ऊपर सोचना होगा क्योंकि तुम
ना तो दास्ता के लिए आए हो ना तो बंधन के
लिए आए हो ना किसी की गुलामी करने आए हो
ना किसी की चाटुकारिता करने आए हो तुम इन
सबसे बहुत श्रेष्ठ हो तुम इन चीजों से
बहुत ऊपर हो और तुम्हारे वह अपने जो इसमें
दक्ष है इसमें प्रवीण है तुम्हें उन्हें
सुधारने की भी आवश्यकता नहीं है क्योंकि
संसार में प्रत्येक मनुष्य अपनी नियति
लेकर ही जन्म लेता है प्रत्येक मनुष्य का
अपना वर्चस होता है अपना प्रभाव होता है
कमल कभी तो कीचड़ में खिल जाता है लेकिन
उसी कीचड़ में बहुत सी गंदग भी पनपती है
यह तो मनुष्य की नीति है कि वह कीचड़ की
गंदगी बनेगा या कमल
बनेगा किंतु उसे अपने धर्म का पालन करना
होता है स्वधर्म का पालन
सामाजिक धर्म का पालन नैतिक धर्म का पालन
और मानव धर्म का पालन इन सबसे भी ऊपर होता
है स्वधर्म आत्म धर्म क्योंकि जब मनुष्य
पैदा होता है तो वह स्वधर्म लेकर ही पैदा
होता है अपने आत्म के अलावा उसे किसी भी
चीज का ज्ञान नहीं होता है फिर जब वह
बंधनों में आ जाता है तो वह दुनिया भर की
बातें सोचने लगता है लेकिन जब तक मनुष्य
अपने आप को संतोष प्रदान नहीं कर लेता जब
तक मनुष्य खुशियों को आकर्षित नहीं कर
लेता जब तक वह वास्तविक आनंद को नहीं समझ
पाता तब तक वह परमानंद परम चित्त आत्मा तक
पहुंच ही नहीं सकता इसलिए तुम्हें अपने
धर्म को समझना है तुम्हें समझना है कि
तुम्हारा जन्म वास्तविक रूप में क्यों हुआ
है जीत तो तुम्हें मिलकर ही रहेगी और जिन
भौतिक वस्तुओं की जिन भौतिक चीजों की तुम
कामना करते हो जिन भौतिक परिस्थितियों की
तुम अपेक्षा करते हो वह तो बहुत ही साध सी
चीजें हैं वह तो एक पुष्प के बिच जाने के
समान है वह ऐसा है जैसे तुम हाथ फैलाओ और
तुम्हारे हाथों में तुम्हारी हथेलियों में
एक फल प्रदान कर दिया जाए मेरे बच्चे यह
बहुत ही सामान्य सी ना है यह सब तुम्हें
बहुत ही आसानी से मिल जाएगा लेकिन उसके
पहले तुम्हें अपनी योग्यता समझनी होगी
तुम्हें समझना होगा कि तुमने जन्म क्यों
लिया है तुम्हें समझना होगा कि तुम्हारा
आत्म उद्देश्य क्या है तुम्हें समझना होगा
कि तुम जिस प्रेम की आशा कर रहे हो वह
प्रेम क्या तुम्हें दूसरे से चाहिए वो
प्रेम क्या तुम्हें तुम्हारे आत्म संगी से
चाहिए तो प्रेम क्या तुम्हें तुम्हारे
परिवार जनों से चाहिए तुम्हारे मित्रों से
चाहिए या उन लोगों से चाहिए जो अभी तक
तुमसे अनजान है मेरे बच्चे तुम विचार करो
कि तुम्हें क्या चाहिए तुम्हें वास्तविक
रूप में क्या चाहिए अपने मन में आ रहे
विचारों को बार-बार परिवर्तित ना करो जब
तुम अडिग होते हो तभी तुम्हें चीजें हासिल
होती है इसलिए तुम्हे अधिक होना होगा अपने
नियम पर अपनी चाहतों पर अपनी अपेक्षाओं पर
और चिंता का त्याग करना होगा क्योंकि यह
चिंता कभी भी वास्तविक नहीं है यह चिंता
तुम्हारी कल्पना से जन्मी है और जब तुम
कल्पना में इन चिंताओं को जन्म दे देते हो
तो सृजन करता की भाति तुम इसे वास्तविक
रूप में भी जन प्रदान कर देते हो जबकि यह
किसी भी प्रकार से सही नहीं है उचित नहीं
है इससे केवल तुम्हें हानि पहुंचती है
इसलिए मेरे बच्चे चिंता का त्याग करो भय
का त्याग करो और किसी भी प्रकार की
परिस्थिति को आकर्षित ना करो चाहे वह
अच्छी हो या बुरी केवल वर्तमान में रहने
का प्रयत्न करो कोष पूर्वक जीवन जीने का
प्रयत्न करो तुम्हारी जीत पहले से लिखी जा
चुकी है तुम्हें कोई भी हरा नहीं सकता
आडंबर का नाश कर दो पाखंड का नाश कर दो और
केवल और केवल अपने स्वधर्म को समझने पर
अपना पूरा जोर लगाओ बाकी संसार की भौतिक
वस्तुएं तुम्हें बहुत ही आसानी से प्राप्त
हो जाएंगी और वैसे भी समय आ चला है
तुम्हारी जीत का अब तु हारी जीत होकर
रहेगी और जब तुम्हारी जीत की गाथा लिखी दी
गई है
और जब तुम्हें यह जीत मिल ही रही है तो इन
भौतिक चीजों की चिंता ना करो यह सब स्वतः
ही तुम्हें हासिल हो जाएंगे यह सब तुम्हें
बहुत ही आसानी से हासिल हो जाएंगे यह
बिल्कुल किसी ठे पर बादाम डालने जैसा होगा
जिसका वास्तव में तुम्हारे लिए कोई महत्व
नहीं होगा केवल यह तुम्हारे मान सम्मान पद
प्रतिष्ठा और लोगों की नजरों में तुम्हें
अच्छा दिखाने का प्रयास करेंगे लेकिन
तुम्हारा वास्तविक उद्देश्य इससे ऊपर है
इसलिए मेरे बच्चे तुम इन छोटी-छोटी बातों
में नहीं पड़ोगे तुम छोटी-छोटी भौतिक
वस्तुओं के चक्कर में नहीं पड़ोगे इन सबको
तुम ऐसे ही जान बैठोगे जैसे यह मिला तो
ठीक नहीं मिला तो ठीक और ऐसी स्थिति में
मनुष्य को यह सब मिल ही जाता है उसे वह
प्रेम मिल ही जाता है जिस प्रेम की उसने
वर्षों से कामना की थी मेरे बच्चे एक बार
जब तुम छोड़ने की कला जान जाओगे उसके बाद
तुम्हारे लिए कुछ भी प्राप्त करना असंभव
नहीं रहेगा लेकिन सर्वप्रथम तुम्हें उसे
पाने की चाहत से दूर होकर उसके होने या ना
होने के फर्क को समझना होगा तुम्हें यह
समझना होगा कि किसी भी चीज को हासिल कर
लेने से तुम्हें किसी प्रकार का आनंद नहीं
मिलेगा और फिर समग्र संसार ही तुम्हारे
कदमों में झुक
जाएगा मेरे बच्चे अब अपनी जीत को आकर्षित
कर लो अब अपनी जीत को स्वीकार कर लो दिव्य
फरिश्तों के द्वारा प्रदान किए जा रहे
आशीर्वाद को अपने मन मस्तिष्क में उतार लो
इसे अभी प्राप्त करो इसे प्राप्त करने के
लिए संख्या
2222 इसे अभी लिखो साथ ही यह लिखना
बिल्कुल मत भूलो कि मैं भाग्यशाली हूं और
जीत को निरंतर आक्ष कर रहा हूं मेरे बच्चे
इसे बार-बार लिखना तुम्हारे लिए आवश्यक है
मैं तुमसे निरंतर यह कहती रहती हूं कि यह
लिखो क्योंकि ऐसा लिखने से तुम उस आवृत्ति
उस ऊर्जा को समझ पाओगे जो ऊर्जा तुम्हें
जीत प्रदान करेगी और तुम्हारे जीवन में
आशीर्वाद की बौछार हो जाए
मेरे बच्चे मैं फिर से आऊंगी तुम्हें
संकेतों को समझाने व संकेत जो निरंतर
तुम्हारे जीवन में तुम्हें प्रदान किए जा
रहे हैं कभी तिथियों के रूप में कभी
संख्याओं के रूप में कभी हवाओं के रूप में
तो कभी वृक्षों से घिरे हुए पत्तों के रूप
में तुम्हें विभिन्न संकेत दिए जा रहे हैं
कभी चंद्रमा पर बनने वाले आकृति के रूप
में तो कभी बादलों से निर्मित आकृति के
रूप में तुम विभिन्न संकेतों को प्राप्त
कर रहे हो किंतु उनकी गणता को समझ नहीं पा
रहे हो इसलिए मेरे बच्चे मैं फिर आऊंगी
तुम्हारा मार्ग दर्शन करने तुम्हारा हाथ
पकड़कर तुम्हें जीत दिलाने मेरा आशीर्वाद
सदैव तुम्हारे साथ रहेगा इस बात को कभी भी
मत भूलना सदा सुखी रहो और समग्र संसार में
सुख बाटो तुम्हारा कल्याण हो जय हो माता
रानी हर हर
महादेव मेरे बच्चे आज मैं तुम्हारे लिए एक
बहुत विशिष्ट संदेश लेकर के आई हूं आज मैं
तुमसे एक बेहद ही विशिष्ट महत्त्वपूर्ण
बात करने वाली हूं इसलिए हर हाल में तुम
संदेश को पूरा सुनना इसे बीच में छोड़ने
की भूल ना करना मेरे बच्चे तुम बहुत
भाग्यशाली हो क्योंकि मेरा तुम तुम्हारे
प्रति प्रेम है कुछ दिनों में ही तुम्हारी
किस्मत का पहिया घूमने वाला है तुम्हारा
इतना लंबा इंतजार समाप्त होने वाला है
क्योंकि अब वह तुमसे मिलने की योजना बना
रहा है वह अब तुमसे मिलने वाला है वह
निरंतर तुम्हारे लिए ही प्रार्थनाएं करने
में लगा हुआ है वह चाहता है कि तुम हर तरह
से अपने जीवन में सुखी रहो तुम्हें जीवन
के हर क्षेत्र में सफलता मिलती ही जाए
मेरे बच्चे उसका प्रेम अमर है उसका प्रेम
वास्तविक है वह आज से नहीं बल्कि कई
जन्मों से तुम्हारी ही प्रतीक्षा में लगा
हुआ है उसने बहुत परीक्षाएं दी है उसने कई
बार इम्तिहान दिया है अपने प्रेम को साबित
करने के लिए कई बार जन्म लिया है तुम्हें
वास्तविक रूप में पाने के लिए आज वह इस
रूप में बस तुम्हा लिए ही आया है उसका
वास्तविक उद्देश्य ही तुम्हें सहारा
प्रदान करना है और तुम्हारे सच्चे प्रेम
की अब जीत निश्चित तौर पर होगी क्योंकि सच
कभी हार नहीं मान सकता तुम दोनों का यह
प्रेम सदा ऐसा ही रहेगा और समय के साथ-साथ
यह और भी ज्यादा गहराता चला
जाएगा जिन लोगों ने तुम्हारे बीच
गलतफहमियां पैदा करने की कोशिश की अब वह
स्वत ही राजित होने लगेंगे तुम दोनों एक
साथ रहने के लिए ही बने हुए हो तुम दोनों
का मिलन कई जन्मों से रचित हो चुका था
मेरे बच्चे यदि वह तुम्हें अपने जीवन में
चाहिए और तुम्हें पूरा विश्वास है कि वही
तुम्हारा वास्तविक साथी है अब तो तुम यह
जानकर चौक जाओगे कि वह वास्तव में भी किस
सोच में डूबा है तुम्हें लगता है कि वह
तुम्हारी भाव ना से अनजान है उसे ज्ञात
नहीं कि वास्तव में तुम क्या चाहते हो
लेकिन ऐसा सच नहीं है वह वास्तविकता से
परे हैं वह तुमसे अधिक गंभीर और धैर्यवान
है वह हमेशा के लिए तुम्हारा हाथ थामने को
बेताब है वह तुम्हें अपना बनाने को
व्याकुल है वह हर हाल में तुम्हें अपना
लेना चाहता है तुम्हें अपना बना लेना
चाहता है लेकिन वह अपनी योजनाओ को
तुम्हारे समक्ष अभी प्रस्तुत नहीं करना
चाहता क्योंकि वह तुम्हें दुनिया की हर
खुशी देने की योजना बनाने में लगा हुआ है
अपने सामर्थ्य के अनुसार अपनी क्षमता के
अनुसार वह तुम्हें सब कुछ प्रदान करना
चाहता है वह अपने मन की बात किसी से नहीं
कहता लेकिन अंदर ही अंदर अपनी समस्याओं को
लेकर घुट रहा है वह रोना चाहता है विलाप
करना चाहता
तुम्हारे सीने से लगकर वह अपनी सारी
बातें कह देना चाहता
है लेकिन वह मुस्कुरा रहा है उसे तुम्हारे
समर्थन और सहयोग की आवश्यकता है क्योंकि
वह अपना गम किसी से नहीं बांटना चाहता उसे
ज्ञात हो चुका है कि तुम ही उसका जीवन हो
तुम ही उसके भविष्य हो वास्तव में उसकी
दुनिया तुमसे ही होकर गुजरती है और वह
तुम्हारे बिना अपना जीवन जीने की कल्पना
भी नहीं करता
है मेरे बच्चे उसके मन में कुछ प्रश्न है
जो उसे निरंतर विचलित कर रहे हैं ऐसे
प्रश्न जो उसे व्याकुल कर रहे हैं वह अपने
भी एक तूफान को समेटे हुए हैं क्योंकि वह
तुम पर कोई संकट आने नहीं देना चाहता वह
चाहता है कि वह बस तुम्हें प्रेम दे
तुम्हारे जीवन को खुशियों से भर दे
तुम्हें स्वयं आगे बढ़कर उसके दर्द को अब
बांटना चाहिए उसे इस बात का भरोसा दिलाना
चाहिए कि तुम हर परिस्थिति में उसके साथ
हो चाहे परिस्थिति विपरीत हो या अनुकूल हो
तुम उसका साथ कभी नहीं
छोड़ोगे मेरे बच्चे तुम्हें अपनी पवित्र
प्रतीक्षा का बेहद ही सुखद परिणाम मिलेगा
तुम्हारा जन्म इसलिए हुआ क्योंकि तुमने
वर्षों उसकी प्रतीक्षा की थी एक बहुत बड़े
उद्देश्य को हासिल करने के लिए अब समय आ
गया है जब जन्मों की प्रतीक्षा का पुण्य
एकत्रित होगा और तुम फिर एक साथ
मुस्कुराने वाले हो अपने जीवन के
सर्वश्रेष्ठ दिन एक साथ बिताने को तैयार
हो जाओ वह समय निकट है जब वह तुम्हारे लिए
इस संसार को जीत लेगा मेरे बच्चे क्या तुम
इसके लिए तैयार हो क्या तुम्हे उसकी
प्रतीक्षा आज भी है क्या तुम्हें ऐसा लगता
है कि वास्तव में वह तुम्हारे लिए इस
संसार को जीत लेगा यदि हां तो तुम्हारे
जीवन में कुछ ऐसा घटित होगा जो ना केवल
तुमको तुम्हारे साथ-साथ सभी लोगों को
आश्चर्य चकित कर देगा मेरे बच्चे जीत की
कहानी तो लिखी जा चुकी है यह बहुत पहले ही
हो चुकी थी बस केवल इसे घटित होना शेष रह
गया था और यह अब घटित होगा क्योंकि अब
सर्वश्रेष्ठ समय आ चुका
है मेरे बच्चे तुमने बहुत सारा समय
तकलीफों में गुजारा है ऐसी ऐसी
परिस्थितियों में गुजारा जहां से निकल
पाना सामान्य बात थी ही नहीं लेकिन तुमने
हर परिस्थिति का सामना किया उन
परिस्थितियों में जहां तुम्हें मोह तोड़
जवाब देना था तुम लड़े तुमने ने हर किसी
को मार दिया अपने परिस्थिति को शत्रुओं के
षड्यंत्र को दूसरों के बुरी नजर को तुम
सभी को मात देकर आगे बढ़ते आए हो और जब
तुम इतना आगे बढ़ चुके हो तो यहां से यदि
तुम्हें जीत ना मिले तो यह तुम्हारे साथ
नाइंसाफी होगी और यदि ऐसा होता है तो इस
संसार में ना उम्मीदी जीत
जाएगी मेरे बच्चे मैं नहीं चाह
कि ऐसा हो क्योंकि यदि ऐसा हुआ तो लोग
उम्मीद खो बैठेंगे और उम्मीद ही वह एक
मात्र चीज है जो किसी भी जीव को आगे बढ़ने
का जीवन जीते रहने का हौसला प्रदान करता
है मेरे बच्चे जब मनुष्य हर चीज से टूटकर
बिखर जाता है जब उसे कोई राह नजर नहीं आती
जब उसे लगता है कि अब हार तो निश्चित है
जब उसे लगता है कि यह जीवन व्यर्थ चला गया
तब उसे एक उम्मीद वो ऊर्जा प्रदान कर सकती
है कि वह सब कुछ पुना बना सकता है मेरे
बच्चे इस बार तो वह और तेजी से और शिद्दत
से और सटीकता से अपने भविष्य का निर्माण
कर सकता है जिस प्रकार से यदि कोई मनुष्य
किसी नदी में डूब रहा हो और उसे लकड़ी का
एक टुकड़ा दिख जाए तो वह एक उम्मीद बांध
ले
कि यह लकड़ी का तिनका मुझे किनारे तक ले
जाएगा और फिर डूबते को तिनके का सहारा मिल
ही जाता है उसी तरह से जब मनुष्य अपने
जीवन से सारी उम्मीदें खो बैठता है तब उसे
कहीं ना कहीं एक किरण नजर आ ही जाती है
कहीं ना कहीं एक ऐसा साथ मिल जाता है जो
उसे बहुत ऊपर तक ले जाता है मेरे बच्चे
तुम्हारे जीवन में भी ऐसा ही एक साथ ही
आने वाला है जिसका आना वास्तव में इस
मानवता के लिए भी बहुत आवश्यक है इस संसार
में जहां हर कोई कली काल में समा रहा है
जहां हर किसी के मन में द्वेष ईर्ष्या
अहंकार लोभ काम क्रोध मद मोह में समाहित
हो रहा है वहां वास्तविक प्रेम का मूल्य
घटता चला जा रहा है और यदि ऐसा हुआ तो
अधर्म जीत जाएगा और धर्म की हार हो
जाएगी मेरे बच्चे मैं नहीं चाहती कि संसार
में कभी भी धर्म की हार हो थोड़ी बहुत
हानि धर्म बर्दाश्त कर सकता है लेकिन अपनी
हार के साथ तो वह उम्मीद ही खो बैठेगा
इसलिए धर्म किसी भी क्षेत्र में किसी भी
परिस्थिति में किसी भी जीव द्वारा किसी भी
देवता राक्षस या दानव द्वारा हारना नहीं
चाहिए और धर्म की जीत होकर रहे
तुम उस धर्म को जीत दिलाने वाले एक
नियोक्ता हो मेरे बच्चे तुम्हारा जीतना
आवश्यक है और तुम्हारी जीत निश्चित तौर पर
होकर रहेगी कोई भी तुम्हें हरा नहीं पाएगा
क्योंकि तुम्हारे साथ मेरा आशीर्वाद सदैव
विराजमान है तुम्हारे साथ हर क्षण फरिश्ते
विराजमान है यह प्रकृति के जिस नदी पेड़
पहाड़ झरने उस कोहरे बादल धरती घास यह सब
कुछ तुम्हें संकेत देंगे तुम्हारी जीत का
अब अपने भीतर की ऊर्जा को
जगाओ मेरे बच्चे अपने भीतर उतरो और
सकारात्मकता के चिंगारी को अग्नि प्रदान
करो तुम्हें अब जीतने से इस संसार में कोई
रोक नहीं पाएगा एक बात सदैव याद रखना हर
परिस्थिति में मेरा आशीर्वाद तुम्हारे साथ
है जय हो माता रानी हर हर
महादेव मेरे बच्चे तुम्हारा सफर अब तक
जितना संघर्ष पूर्ण रहा है अब तुम्हारी
मंजिल उतनी ही ज्यादा खुशहाल होने वाली है
यह संदेश तुम्हारे लिए एक बहुत बड़ा संकेत
है कि तुम जिन चीजों को आकर्षित कर रहे हो
अब ति उन्हें तुम्हारी ओर भेजने का मार्ग
प्रशस्त कर चुकी है तुम जिन व्यक्तियों या
वस्तुओं तक नहीं पहुंच सकते अब ब्रह्मांड
उन्हें स्वयं तुम तक लेकर के आएगा मेरे
बच्चे तुम अब ब्रह्मांड के चुंबकीय आकर्षण
के एकदम बीचोबीच में हो तुम उस ऊर्जा के
बीचों बीच हो जहां से कुछ भी पाना संभव हो
जाएगा और इसे पाने के लिए तुम्हारे लिए यह
संदेश सुनना अत्यंत आवश्यक है इसे बीच में
छोड़ने की भूल ना करना क्योंकि अब तुम
ब्रह्मांड की योजना के अभिन्न अंग हो चुके
हो इसलिए वर्तमान में होने वाली छोटी बड़ी
घटनाओं से बिना डरे हुए अपने निश्चय पर
तुम्हें अडिग रहना है क्योंकि अब तुम्हें
वही मिलेगा जो तुम चाहते हो सही चीज सही
वक्त आने पर ही मनुष्य को प्राप्त होती है
मेरे बच्चे स्वयं पर विश्वास करो तुम जो
देख सकते हो जो महसूस कर सकते हो और जो
निर्णय ले सकते हो वह दूसरों के लिए कर
पाना संभव नहीं है मेरे बच्चे तुम वह
हासिल होने वाला है जो पाने की कामना
तुमने सदा की है और यह एक गुप्त रहस्य है
तुम अपने भविष्य की उन घटनाओं को अब अपने
वर्तमान में ही महसूस कर पाओगे जो अभी
तुम्हारी इच्छाओं की श्रृंखला का एक
महत्त्वपूर्ण हिस्सा है जो दूसरों के लिए
भविष्य होता है अपना वह भविष्य तुम इस
वर्तमान में ही पूर्ण होते हुए महसूस कर
पाओगे अब एक से एक संकेत तुम्हें मिलेंगे
जो तुम्हें तुम्हारे भविष्य के बारे में
बताते
चलेंगे इसी कारण यह संभव है क्योंकि तुम
अब ब्रह्मांड की तरंगों के संपर्क में हो
ब्रह्मांड की आवृत्ति के सामंजस्य में हो
तुम अपने ही नहीं बल्कि दूसरों के भी
भविष्य से परिचित हो
सकोगे उन सबके जो तुमसे संबंधित है जिनका
तुमसे कोई ना कोई संबंध है तुम्हें
बार-बार भविष्य में होने वाली घटनाओं के
संकेत प्राप्त होंगे जो तुम्हारे मन को कई
बार व्यथित भी कर सकते
हैं क्योंकि कई ऐसी घटनाएं होंगी जो देखने
में नकारात्मक लगेंगी किंतु मेरा यकीन करो
वह सब तुम्हारे भलाई के लिए ही होगा मेरे
बच्चे दिव्य फरिश्ते तुमसे अब संपर्क करना
चाहते हैं क्योंकि वह तुमसे बड़ा कार्य
करवाने के इच्छुक है तुम्हारा चुनाव स्वयं
ब्रह्मांड ने किया है और इसका प्रमाण तुम
देख सकते हो तुम्हारे आसपास या तुम्हारे
कुल में तुम्हारे वंश में कोई ऐसा नहीं
होगा जैसे तुम हो तुम्हारे जीवन का संघर्ष
तुम्हारी परिपक्वता और तुम्हारी
आध्यात्मिक जागृति विशेष है जैसी आध्यात्म
में रुचि तुम्हारी है वैसा तुम्हारे कुल
में किसी का ना होगा तुम ही ज्ञान के
स्त्रोत बनोगे वास्तव में तुम गुरु बनने
के योग्य हो मेरे बच्चे तुम्हारे सामने जो
मार्ग दिखाया जा रहा है उस ओर आगे बढ़ो
अंतिम लक्ष्य पर ब्रह्मांड तुम्हें स्वयं
ही लेकर जाएगा तुम्हारी इच्छाएं इस सफर
में तुम्हें उपहार स्वरूप अलग-अलग पड़ाव
पर प्राप्त होंगी इसलिए अपनी इच्छाओं के
लिए निश्चिंत होकर कार्य करो अपनी इच्छाओं
को अपने वशीभूत करके उन पर अपना हक जमा कर
अधिकार पूर्वक कार्य करो संपन्नता सुखी
वैवाहिक जीवन सामाजिक प्रतिष्ठा और विदेश
भ्रमण तुम्हारे इस सफर का अब महत्त्वपूर्ण
हिस्सा
होगा मेरे बच्चे तुम्हें धर्म रक्षक बनकर
धर्म के प्रकाश का दीपक देश विदेश तक ले
जाना है तुम स्रोत बनोगे तुम नियति के सार
हो तुम ईश्वर की सच्ची संतान हो तुम्हें
इस पर यकीन करना होगा यह कोई कोरी कल्पना
मात्र नहीं है यह वास्तव में तुम्हारा
भविष्य है क्या तुम इसे प्राप्त करने के
लिए तैयार हो क्या तुम भविष्य के नियुक्त
बनने को तैयार हो क्या तुम अग्र दूर बनने
को तैयार हो क्या तुम फरिश्तों से संपर्क
साधने को तैयार हो क्या तुम अपना भविष्य
बदलने को तैयार हो क्या अपने नीति का लिखा
बदलना चाहते हो क्या तुम स्वयं से अपनी
किस्मत लिखना चाहते हो यदि हां तो अभी की
पुष्टि करो यह पुष्टि आवश्यक है मेरे
बच्चे तुम्हें पुष्टि करते रहना होगा यह
पुष्टि करने के लिए अभी तुम्हें संख्या
777 लिखना होगा यह संख्या अभी के लिए
तुम्हारे लिए बहुत भाग्यशाली है यह संख्या
तुम्हें कई बार दिख भी सकता है यह संख्या
तुम्हारे लिए है कि अब देवदूत तुम्हारे
संपर्क में आ रहे हैं इस संख्या को यूं ही
मत जाने दो इसका एक मूल्य है इसकी घनता
इसकी रहस्य को
पहचानो मेरे बच्चे जो लोग तुमसे संपर्क
करना चाहते हैं वह कोई सामान्य आत्माएं
नहीं है वह इस लोक की आत्माएं भी नहीं है
वह दिव्य लोक से आई हुई बहुत ही पुण्य
आत्मा है वह वास्तव में संत आत्मा है कुछ
ऐसे संत इस ब्रह्मांड में हुए हैं जो
लोगों का भलाई करने का कार्य जीवन भर करते
रहे और मृत्यु के बाद भी उनकी आत्मा में
वह गुण शेष रह गया इस वजह से उन्हें संत
आत्मा कहा जाता है और ऐसी ही दिव्य
आत्माएं तुम्हारा भला चाहती है वह
तुम्हारे जरिए वह सारे सुख भोगना चाहते
हैं जिस सुख का उपयोग उन्होंने नहीं किया
है जिस सुख का उपभोग वो कभी ना कर सके और
तुम्हारे शरीर के माध्यम से तुम्हारे देह
के माध्यम से धर्म के बंधन में रहते हुए
वह सारे सुख का उपयोग करना चाहते हैं और
तुम्हें इसकी पुष्टि करती रहनी होगी
क्योंकि इसे अस्वीकार कर देना कहीं से भी
समझदारी भरा कार्य नहीं है और मुझे ज्ञात
है मैं अच्छी तरह से जानती हूं कि तुम
बेहद ही संजीदा और समझदार किस्म के मनुष्य
हो इसलिए तुम ऐसे अवसर को गवागे नहीं ऐसे
अवसर को जाने नहीं दोगे तुम्हें अपने
मूल्य को पहचानना है अपनी इच्छा को दबाओ
नहीं मेरे बच्चे जो फरिश्ते तुमसे संपर्क
करना चाहते हैं तुम उनसे संपर्क करने की
पुष्टि जाहिर कर दो और यह पुष्टि तुम्हें
अभी करनी होगी संख्या 111 यह लिखना
तुम्हारे लिए आक है साथ ही यह भी लिखो कि
हां मैं पुष्टि करता हूं दिव्य फरिश्तों
को अपने जीवन में आगमन देने की पुष्टि मैं
तत्काल क्षण में कर रहा हूं मेरे बच्चे
ऐसा करते ही दिव्य फरिश्ते तुमसे संपर्क
साधने का प्रयास शुरू कर देंगे और उन्हें
यह आभास हो जाएगा कि तुम उनके राह के बाधा
नहीं हो बल्कि उनके सहायक हो और ऐसा करने
पर तुम्हारा भाग्य उदय होने लगेगा
तुम्हारे ग्रह नक्षत्रों में परिवर्तन
होने लगेगा तुम्हारी कुंडली में जो भी दोष
थे वह समाप्त होने लगेंगे और तुम प्रगति
के मार्ग पर चलने
लगोगे इसका प्रमाण रूप में तुम यह देख
पाओगे कि तुम्हारे भीतर अध्यात्म बढ़ता
चला जाएगा और जैसे जैसे तुम्हारा अध्यात्म
बढ़ेगा तुम्हें भौतिक सुख सुविधाएं भी
मिलती चली जाएंगी तुम्ह इतना प्रेम मिलेगा
कि तुम यदि उसका मूल्यांकन करोगे तो शायद
तुम उतना प्रेम किसी को दे नहीं पाओगे
जितना प्रेम अब तुम्हें प्राप्त होने वाला
है मेरे बच्चे अभी तक के जीवन काल में
तुमने जितना प्रेम प्राप्त किया है उससे
कहीं ज्यादा प्रेम तुमने बांटा है
तुम्हारे मन में कभी भी किसी के लिए गलत
द्वेष भावना नहीं आई कई बार काम के इच्छा
के तले तुमने गलत विचार किया है किंतु
वास्तव में यदि देखा जाए तो तुम्हारी नियत
कभी किसी के लिए गलत नहीं रही और यह
तुम्हारी सबसे बेहतरीन खूबी है और इसी वजह
से यह नियति तुम्हें कभी भी श्राप नहीं दे
सकती सदैव वरदान बनकर उभे गी मेरे बच्चे
ब्रह्मांड तुम्हारे लिए उन मार्गों को
खोलना चाहता है जिस मार्ग पर जाने पर
तुम्हें हमेशा प्रगति ही मिले
इस मार्ग पर चलने पर लोग तुम्हारा अनुसरण
करेंगे तुम्हारा आभामंडल तुम्हारा प्रभाव
इतना ज्यादा प्रभावी हो जाएगा कि हर कोई
तुम्हारा अनुसरण करना
चाहेगा तुम वास्तव में एक दिव्य प्रकाश के
पुंज हो तुम ऊर्जा के वह स्रोत हो जिस
स्रोत को प्राप्त करते ही हर मनुष्य उससे
जगमगा उठता है तुम्हारे भीतर से जो ऊर्जा
निकलती है तुम्हारे आसपास होने पर लोगों
को जो ऊर्जा महसूस होती है वह कोई सामान्य
ऊर्जा नहीं
है मेरे बच्चे दिव्यता से भरी हुई प्रकाश
से भरी हुई तुम एक ऐसी ऊर्जा हो जिसे
प्राप्त होने पर मनुष्य आध्यात्म के रस
में भीग जाता है जिसे प्राप्त होने पर
मनुष्य के भीतर से का समापन होने लगता है
जिसे प्राप्त होने पर मनुष्य केवल प्रगति
का विचार कर है और उसके मन से व्यर्थ की
बातें निकल जाती
हैं किंतु यदि तुम उस ऊर्जा के स्रोत को
अपने भीतर जागृत करने के इच्छुक हो तो
सर्वप्रथम तुम्हें अपने भीतर की मलीन को
त्यागना होगा अपने भीतर की कुटिलता को
त्यागना होगा अपने भीतर जो कठिनाई पल रही
है उसे त्यागना होगा संघर्ष तो स्वतः ही
समाप्त हो जाएगा खुशियां आने में ज्यादा
समय नहीं बचा है बस तुम्हारे पुष्टि भर की
देरी है यह पुष्टि तुम्हें ना केवल लिखनी
है बल्कि महसूस करना है इसमें से कोई भी
क्रिया छोड़ना समझदारी नहीं है इसलिए पहले
अपनी पुष्टि जाहिर करने को लिख लो और इसे
लिखने के लिए संख्या 999999 तुम्हें लिखना
होगा यह संख्याएं तुम्हें बार-बार लिखने
को इसलिए कही जाती है ताकि तुम संतुष्ट हो
सको
स्वयं से भी और ब्रह्मांड के लिए भी
क्योंकि इस ब्रह्मांड में जो सबसे
महत्त्वपूर्ण हथियार तुम्हें मिला है वह
तुम्हारी लिखनी और तुम्हारी वाणी है तुम
जिस चीज को बार-बार दोहरा होगे या बार-बार
लिखोगे वह धीरे-धीरे तुम्हारी वास्तविकता
बनते चली जाएगी और अभी जबक तुम उसे यहां
लिखोगे तब तुम सीधा मुझसे संपर्क साध रहे
हो और जो व्यक्ति सीधा मुझसे संपर्क साध
लेता है फिर उसे जीवन में कभी कोई कठिनाई
नहीं आती तुम धीरे-धीरे मुझसे संपर्क
साधने के मार्ग में आगे बढ़ रहे हो तुम
बहुत आगे आ चुके हो बस कुछ पल की दूरी है
उसके बाद तुम इस राह पर उस तेजी से आगे
निकल चलोगे जिस तेजी से आगे निकल पाना
किसी सामान्य मनुष्य के लिए संभव नहीं है
मेरे ब
तुमने अपने लिए उस भविष्य का निर्माण करने
की योजना जाहिर की है जिसे पाने के बाद
तुम्हारे जीवन की समस्त पीड़ा एं समाप्त
हो जाएंगी जिसे पाने के बाद तुम्हारे मन
में किसी के लिए ना तो अहंकार बचेगा ना
राग बचेगा ना द्वेष बचेगा ना ही ईर्षा
बचेगी यदि कुछ बचा रह जाएगा तो केवल प्रेम
बचा रह जाएगा केवल दयालुता करुणा ममता बची
रह जाएगी यह प्रेम कोई सामान्य चीज नहीं
है तुम अभी जिसे प्रेम समझते हो वास्तव
में वह प्रेम की परिभाषा है ही नहीं प्रेम
तो वह है जिसे तुम व्यक्त नहीं कर पाते
किंतु अपने भीतर महसूस करते रहते हो प्रेम
वह है जो तुम्हारे मन में अपनों के लिए
जागृत होता है जिसे तुम समझ नहीं पाते हो
और कई बार लोग इसे स्वार्थ समझ बैठते
हैं किंतु यह स्वार्थ नहीं है जो तुम्हारे
मन में उत्पन्न होता है यह तुम्हारा सच्चा
वास्तविक प्रेम ही है जिससे लोग परिचित
नहीं हो पाते और इस वजह से वह तुम्हारा
साथ नहीं दे पाते तुम्हारी अपेक्षाओं पर
खरे नहीं उतर पाते और फिर तुम्हें पीड़ा
होती है तुम्हें ऐसी गलानी महसूस होती है
तुम्हें लगता है कि तुम्हारा यह जीवन
व्यर्थ हो गया तुम्हें लगता है कि
तुम्हारे जीवन का कोई उद्देश्य नहीं है
किंतु यह वास्तविकता नहीं होती वास्तविकता
में तुम्हारा जीवन बहुत बड़े उद्देश्य के
लिए समर्पित किया गया है तुम तो इस लोक से
संबंधित ही नहीं थे तुम तो किसी दूर लोक
में बैठे उस आत्मा से संबंधित थे जो
दिव्यता से भरा हुआ है उस परमात्मा के अंश
थे जो ता से जो परिपक्वता से भरा हुआ है
फिर भी संसार में तुम्हारे भीतर चपलता और
चंचलता भरी गई इसका कारण यह है कि तुम इस
जीवन को भी महसूस कर सको और यहां के
उद्देश्य को भाव कर प्रगति कर
सको मेरे बच्चे तुम उस मार्ग के करीब भी आ
चुके हो कई ठोकरे लगने के बाद ही सही
किंतु तुमने अध्यात्म के उस राह का चुनाव
कर ही लिया जिस राह पर आगे बढ़ते ही तुम
जीत को ही समर्पित हो जाओगे जीत तुम्हारे
कदमों में बिछ
जाएगी मेरे बच्चे मेरे देवदू तों के
ध्वनियों को सुनते रहो उनके संकेतों को
महसूस करो उनके मुख से निकली हुई वानियां
तरंगों के रूप में तुम्हारे शरीर में
प्रवेश कर रही है उन्हें प्रवेश करने दो
भय का त्याग करो मैं सदैव तुम्हारी सहायता
के लिए तुम्हारे पास हूं मैं तुमसे ना कभी
दूर थी ना कभी दूर
रहूंगी मेरे बच्चे चाहे परिस्थिति कैसी भी
हो मेरा आशीर्वाद निरंतर तुम पर बना रहेगा
अपने भीतर उठ रही दुविधा को समाप्त करो
अपने प्रश्नों का हल ढूंढो वह तुम्हारे
भीतर है अभी तुम अपने उस प्रश्न को लिखो
जिस प्रश्न का तुम जवाब चाहते हो और फिर
तुम ध्यान की मुद्रा में थोड़ी देर बैठो
तुम्हें तुम्हारे जवाबों का संकेत बहुत
जल्द मिल जाएगा और मैं तुमसे यह वादा करती
हूं कि मैं तुम्हारे जीवन को शिखर तक
पहुंचा
दूंगी जहां पर पहुंचने के बाद तुम्हारे
भीतर ना केवल करुणा प्रेम दयालुता बची
रहेगी बल्कि तुम आर्थिक उन्नति के उस शिखर
पर भी होगे जहां से तुम्हें कभी दुख का
एहसास नहीं
होगा मेरे बच्चे मेरा आशीर्वाद सदैव
तुम्हारे साथ है इस बात को कभी मत भूलना
मेरे आने वाले संदेशों की प्रतीक्षा करना
मैं फिर आऊंगी तुम्हें अपना संकेत देने और
तुम्हारा मार्ग दर्शन करने सदा सुखी रहो
तुम्हारा कल्याण होगा मेरे
बच्चे खुशियों को स्वीकार करो वह तुम्हारे
दर पर दस्तक दे रही है बस तुम्हें अपने मन
के भीतर का दरवाजा खोलने की देरी है एक
बार जब तुम ऐसा कर दोगे उसके बाद कोई भी
तुम्हें आगे बढ़ने से उन्नत की सीढ़ियां
चढ़ने से रोक नहीं पाएगा और तुम्हारी
प्रगति होगी जय हो माता रानी हर हर
महादेव मेरे बच्चे मैं तुमसे बहुत प्रसन्न
हूं इसलिए अब तुम्हें इंतजार करने की
आवश्यकता नहीं है मैं तुम्हारी जिंदगी से
बहुत ज्यादा प्रसन्न हूं मैं मैं उन बातों
को तुम्हें आज बताना चाहती हूं इसलिए आज
तुम्हें मैं विशेष आशीर्वाद देने आई हूं
मेरे बच्चे मेरी असलियत जानने और मेरे इस
रूप को पहचान का वक्त आ चुका है क्योंकि
मैं तुमसे बहुत प्रेम करती हूं और मैं
तुम्हें किसी भ्रम में नहीं रखना चाहती
हूं मेरे बच्चे तुम बहुत भाग्यशाली हो जो
मेरे असली रूप को देख पाओगे मेरा प्रेम
तुम्हारे जीवन को हर भय से मुक्त कर देगा
मेरे असली रूप के आज दर्शन
होंगे मेरे बच्चे मैं जानती हूं तुम्हें
मेरे इस रूप से डर लगता है मेरा रूप हमेशा
क्रोधित दिखता है लेकिन यह नहीं है मेरे
बच्चे यदि तुम्हें मेरे इस रूप से डर लगता
है तो तुम मुझसे प्रेम कैसे कर सकते हो इस
डर का प्रेम से कोई संबंध नहीं है प्रेम
पर केवल उसका अधिकार है जो मेरे समक्ष भय
मुक्त होकर मुझे समझता हो वही मेरे इस
प्रेम का अधिकारी है मेरे बच्चे एक समय
में मेरा प्रेम अत्यधिक बढ़ गया था तब
मैंने यह रूप धारण किया मैं तुम्हारी
प्यारी पार्वती मां ही हूं मेरे बच्चे
अपने अंदर से डर को निकालकर मुझे प्रेम
करो क्योंकि तुम्हें मेरे रूप से भले ही
डर लगता हो पर परंतु मेरा हृदय तो वही है
पार्वती जो कि बहुत ही ज्यादा कोमल है जो
अपने बच्चों से बहुत प्रेम करती है इसलिए
तुम आज से बल्कि अभी से डरना छोड़ दो किसी
भी कार्य की चिंता तुम्हें नहीं करनी है
ना ही भविष्य की यह सोचकर कि आगे क्या
होगा बस तुम्हें अपने पर ध्यान देना है
मेरे बच्चे जो कार्य कर रहे हो वह कार्य
साफ और शुद्ध मन से किए हुए होने चाहिए
तुम्हारे मन के मैल को धोना इतना ही
आवश्यक है जितना कि तुम्हारे तन को शुद्ध
करना जिस तरह तुम्हें प्रतिदिन साफ और
शुद्ध कपड़े पहनने से एक ऊर्जा प्राप्त
होती है और तुम्हें तरोताजा रखती है उसी
प्रकार तुम्हारे अंदर की शुद्धता तुम्हें
तरोताजा रखेंगी
लेकिन एक बात का ध्यान रखना कि जब मैं
भोलेनाथ से क्रोध में में थी तभी मैंने
काली का रूप धारण किया था और राक्षसों का
वध किया अनर्थ में बर्दाश्त नहीं कर सकती
इसलिए मुझे काली मां से क्रोधित काली मां
का रूप धारण करने पर मजबूर मत करना
क्योंकि जितना मेरा प्रेम प्यारा है उतना
ही मेरा क्रोध सबसे खतरनाक है जिस प्रकार
भोलेनाथ जी तुम्हारी सभी इच्छाओं को पूर्ण
करते हैं मैं उनकी अर्धांगिनी पार्वती जो
कि काली के रूप में तुम्हें दिखाई देती
हूं मैं भी तुम्हारे सभी कार्य को पूर्ण
करूंगी तुम्हें चुनी हुई मंजिल का मार्ग
आसानी से मैं प्राप्त
कराऊंगा का यदि मार्ग तुम्हें प्राप्त हो
जाए तो मंजिल मिलना बहुत ही आसान होता है
बस तुम्हें अपनी ताकत से मेहनत करनी होगी
और एकाग्र मन से उस कार्य को करना होगा तब
तुम्हारा कार्य शीघ्र ही पूर्ण हो जाएगा
यह मैं तुम्हें वचन देती हूं मेरे बच्चे
यदि तुम्हारे साथ कोई भी गलत करता है तो
तुम्हें उसके साथ गलत नहीं करना है और ना
ही तुम्हें किसी से डरना है क्योंकि किसी
के गलत करने से तुम्हारा गलत नहीं होगा जब
तक मैं तुम्हारी रक्षक हूं तब तक तुम्हारा
कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता बल्कि ऐसे
व्यक्ति पर मेरी क्रूर दृष्टि रहती है और
उसे दंड अवश्य मिलेगा तुम्हें ऐसे व्यक्ति
के लिए चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है
क्योंकि जिस प्रकार बच्चे अपने माता-पिता
के छाया में सुरक्षित रहते हैं उसी प्रकार
तुम मेरी छाया में सुरक्षित हो इसके
साथ-साथ मेरे बच्चे तुम्हें एक कार्य करना
है तुम प्रतिदिन जब सुबह उठते हो तो जितनी
जल्दी हो सके तुम सभी कार्य से निमृत होकर
स्वच्छ हो जाओ उसके पश्चात जितने बार
तुमसे हो सके उतनी बार ओम नमः शिवाय मंत्र
का उच्चारण करो ऐसा करने से मुझे बहुत
ज्यादा प्रसन्नता होती है और मैं आज एक
रात से पर्दा उठाने जा रही हूं तुम्हारे
जीवन में जो तुम्हारी सबसे बड़ी उलझन है
इस बात को लेकर उलझन में फंसे हुए हो
तुमको उसके आगे का सोचना है परंतु तुम
वहां तक देख नहीं सकते तुम वहां तक सोच
नहीं सकते कि तुम्हारे जीवन में आगे क्या
होने वाला है इसी रात से आज मैं पर्दा उठा
दूंगी कि यदि तुम बहुत परिश्रम कर रहे हो
तो तुम्हें उसका फल प्राप्त नहीं हो रहा
है ईमानदारी करने के पश्चात भी सही कर्म
करने के बाद भी तुम्हारा धर्म पर चलना फिर
भी फल को प्राप्त नहीं करना इस बात से
अनजान हो वही बात मैं आज तुम्हें अवगत
करने वाली हूं मेरी इस बात को ध्यानपूर्वक
सुनो मेरे बच्चे यदि तुम परिश्रम ईमानदारी
से सही कर्म से कर रहे हो तो आज मैं
तुम्हें एक बात बता दूं कि तुम्हें
निश्चिंत रहना है चिंता नहीं करनी है
क्योंकि उसका फल अवश्य प्राप्त होगा मैं
जानती हूं कि तुम्हें कठिनाइयों का सामना
करना पड़ रहा है लेकिन आने वाला समय तुम
रा बहुत ज्यादा अच्छा होगा क्योंकि मैं
सदा तुम्हें देख रही हूं मैं सुन रही हूं
तुम्हें मैं समझती हूं तुम्हारे सभी कार्य
को ध्यान से देखती हूं और उसका फल मैं
तुम्हें अच्छा देने वाली हूं मेरे बच्चे
तुम स्वयं भी ज्ञात नहीं कर पाओगे
आश्चर्यचकित हो जाओगे इसलिए तुम निश्चिंत
होकर अपने कर्मों को करते
जाओ मेरे बच्चे मेरा आशीर्वाद सदैव
तुम्हारे साथ रहेगा तुम्हें जब भी कोई
परेशानी होगी मैं स्वयं आऊंगी तुम्हारी
रक्षा करने के लिए तुम वहां तक सोच नहीं
सकते कि तुम्हारे जीवन में आगे क्या होने
वाला है इसी रात से आज मैं पर्दा उठा
दूंगी कि यदि तुम बहुत परिश्रम कर रहे हो
तो तुम्हें उसका फल प्राप्त नहीं हो रहा
है ईमानदारी करने के पश्चात भी सही कर्म
करने के बाद भी तुम्हारा धर्म पर चलना फिर
भी फल को प्राप्त नहीं करना इस बात से
अनजान हो तुम वही बात मैं आज तुम्हें अवगत
कराने वाली हूं मेरी इस बात को
ध्यानपूर्वक
सुनो मेरे बच्चे यदि तुम परिश्रम ईमानदारी
से सही कर्म से कर रहे हो तो आज मैं
तुम्हें एक बात बता दूं कि तुम्हें
निश्चिंत रहना है चिंता नहीं करनी है
क्योंकि उसका फल अवश्य प्राप्त होगा मैं
जानती हूं कि तुम्हें कठिनाइयों का सामना
करना पड़ रहा है लेकिन आने वाला समय
तुम्हारा बहुत ज्यादा अच्छा होगा क्योंकि
मैं सदा तुम्हें देख रही हूं मैं सुन रही
हूं मैं तुम्हें समझती हूं तुम्हारे सभी
कार्य को ध्यान से देखती हूं और उसका फल
मैं तुम्हें अच्छा देने वाली हूं मेरे
बच्चे तुम स्वयं भी ज्ञात नहीं कर पाओगे
आश्चर्य चकित हो जाओ
इसलिए तुम निश्चिंत होकर अपने कर्मों को
करते जाओ मेरे बच्चे मेरा आशीर्वाद सदैव
तुम्हारे साथ रहेगा तुम्हें जब भी कोई
परेशानी होगी मैं स्वयं आऊंगी तुम्हारी
रक्षा करने के लिए मेरे बच्चे मेरा
आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ है मेरा
आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए 888 लिखकर
मुझे अपनी स्वीकृति प्रदान करा देना और
अपनी माता का अगला संदेश प्राप्त करने के
लिए अपनी माता के इस संदेश को लाइक करके
चैनल को सब्सक्राइब अवश्य कर लेना ताकि
आने वाला आपकी माता का संदेश आपको प्राप्त
हो सके जय हो माता रानी हर हर
महादेवमेरे बच्चे क्या तुम्हें पता है क्या वह
समय आ गया है जब तुम इतिहास रचने वाले हो
तुम एक पवित्र आत्मा हो ब्रह्मांड निरंतर
तुम्हें पुकार रहा है अब आध्यात्मिक ऊर्जा
से परिपूर्ण समस्त परमाणु तुम्हें अपने
चारों ओर से घेरे हुए जो निरंतर तुम्हारे
अस्थिर मन को स्थिरता प्रदान कर लड़ने का
साहस देते रहते
हैं मेरे बच्चे मैं जानती हूं तुम अपने
अंतर्मन की पुकार को सुनना चाहते हो मैं
इस बात से भी भली भाति परिचित हूं कि तुम
अपने भीतर के आत्म उद्देश्य को समझकर उसे
अपने जीवन का लक्ष्य बनाना चाहते हो और
प्रतिदिन अपने आत्म उद्देश्य की तलाश कर
रहे हो और आज वह समय आ गया है कि जब तुम
इस कार्य को आगे बढ़ाओ इसके लिए तुम्हें
संदेश को पूर्ण सुनना है इसे बीच में
छोड़कर जाने की भूल ना करना मेरे बच्चे
मैं तुम्हें बताना चाहती हूं कि तुम अब
क्या करने वाले हो वह जो अदृश्य शक्तियां
तुम्हारे लिए कार्य कर रही है वह जिन्हें
तुम इस स्थूल जगत में देख नहीं सकते हो या
वह जिनसे तुम्हारा यह मन तुम्हारी यह
बुद्धि यह चित परिचित नहीं है लेकिन
तुम्हारे सूक्ष्म कण सूक्ष्म जीव इन्ह
जानते हैं कारण और कारण दोनों की ही भाषा
समझते
हैं मेरे बच्चे तुम आज जहां पर हो यहां तक
स्वयं नहीं आए हो अपितु तुम यहां पर लाए
गए हो इस काली काल के प्रवोक में केवल वही
तुम्हारे इस मार्ग का अनुसरण करेंगे
जिन्होंने वर्षों कठिन तपस्या की है यह
तपस्या केवल इस जन्म से नहीं है पिछले
जन्मों से ही यह चली चली आ रही थी ऐसे लोग
जिन्होंने धर्म का चुनाव कीथा और जो आज भी
धर्म को ही अपना सत्य मार्ग समझते
हैं मेरे बच्चे वह तुम्हारा साथ देंगे
जैसे अग्नि सूखी घास को ढूंढ लेती है जिस
प्रकार से एक प्यासा जंतु पानी को ढूंढ ही
लेता है ठीक उसी प्रकार से तुम्हारे
लक्ष्य ने भी तुम्हारे आत्म उद्देश्य ने
भी तुम्हें ढूंढ लिया है अब मू रूप धारण
करके बहुत सी दिव्य आत्माएं तुमसे संपर्क
साधने का प्रयत्न करेंगी वह लक्ष्य जिसे
जानने को तुम अब तक उत्सुक थे वही लक्ष्य
जिसे पाने के लिए तुम्हारा मन निरंतर उफान
मार रहा था मेरे बच्चे अब वह तुम्हें
प्राप्त होने वाला है अब तुम इतिहास रचने
के बहुत ही करीब आ गए हो अब निरंतर
तुम्हें संकेत मिलते रहेंगे अब तुम वहां
पहुंच ने वाले हो जहां पहुंचना तुम्हारा
भाग्य है तुम्हारी नीति है अब यह शीतल
हवाएं तुम्हें संकेत देंगी कि तुम क्या
करने के लिए इस धरती पर जन्म लिए हो मेरे
बच्चे अब तुम्हारे समक्ष ऐसे दृश्य ऐसे
सत्य और ऐसे चेहरे सामने आएंगे जो तुम्हें
व्यथित कर सकते हैं विचलित कर सकते
हैं लेकिन फिर भी तुम्हारे भीतर वह साहस
होगा जो तुम्हें उनसे लड़ने की उनका सामना
करने की पूरी शक्ति प्रदान करेगा तुम एक
पल के लिए भले ही डगमगा जाओ लेकिन तुम थको
ग नहीं तुम
हारोगेट रूप से तुम्हें मैं थाम
लूंगी मेरे बच्चे मैं अधर्म का विस्तार
नहीं होने दूंगी और वह शक्तियां जो निरंतर
अधर्म का विस्तार करना चाहती है जो
नकारात्मकता को फैलाना चाहती है जो
अध्यात्म के मार्ग में चल रहे लोगों का
सर्वनाश कर देना चाहती है मैं उन्हें
जीतने नहीं दूंगी मैं तो उसे ही विजय
कराऊंगा तिलक सजाऊंगी जो अध्यात्म के
मार्ग का चुनाव कर अपने जीवन को आखिर
इसमें तुम्हें क्या लाभ है क्या तुम्हें
जीवन भर पीड़ा उठानी पड़ेगी या तुम इससे
भी बाहर आ
जाओगे मेरे बच्चे तुम्हें ज्ञात नहीं
लेकिन जो साधारण शरीर अभी तुम धारण किए हो
वास्तव में उसके भीतर छुपी तुम्हारी आत्मा
इस लोक से संबंधित है ही नहीं उसका जन्म
उसका इस लोक में कभी हुआ ही नहीं था वह तो
सदा से ही अनंत काल से ही तुम में
विराजमान थी इस संसार में विराजमान थी
खुशियां फैलाने वाली यह दिव्य आत्मा तो
तुम तुम्हारे शरीर में आई है इसके पीछे का
एक कारण है तुम्हें उस कारण को समझना है
और मैं तुम्हारे उसी कारण को स्पष्ट करने
आई हूं मेरे बच्चे समय बदलता है दुनिया
बदलती है जलवायु बदलती है पृथ्वी अपना
आकार आकृति सब कुछ बदल देती है लेकिन
बार-बार तुम्हारी वही आत्मा नए समय काल
में नया शरीर धारण करके यहां आती
तुम ईश्वर के ही अंश हो तुम अभिन्न हो तुम
अलग नहीं हो तुम अपने पूर्व कर्मों को
नहीं
जानते लेकिन मेरे बच्चे मैं जानती हूं कि
धर्म का विस्तार करने में तुमने कितनी
सहायता प्रदान की है कि धर्म के प्रतिपादक
बनकर तुम कितना आगे आ जाना चाहते थे धर्म
की मसाल लेकर ही तुमने अपने सभी जन्मों
में अपना जीवन जिया है लेकिन मेरे बच्चे
कुछ लोग ऐसे थे जो अधर्म का विस्तार करना
चाहते थे जो सदा से ही तुम्हें हराना
चाहते थे जो सदा से यही चाहते आए हैं कि
तुम कभी जीत ना
पाओ जैसे एक ही सिक्के के दो पहलू होते
हैं एक सकारात्मक एक नकारात्मक एक धार्मिक
एक धार्मिक लोग तुमसे अलग नहीं है तुमसे
ही जुड़े हुए हैं इसलिए वह तुम्हारे जीवन
में संघर्ष के छड़ घोले रहते हैं वह
तुम्हारे जीवन में विपत्तियों का पहाड़
बनाते रहते
हैं लेकिन मेरे बच्चे सारे पहाड़ों को काट
देने वाली वो चट्टान हो तुम तुम उस नदी की
तरह हो जो भीषण से भीषण पत्थर को भी काटकर
आगे बढ़ जाती है तुम उस चट्टान से निर्मित
वह हथियार हो जो अपने मार्ग में आ रहे
अधर्म के भी सर से भीषण चट्टान को भीषण से
भीषण पहाड़ को भी तोड़ने की क्षमता रखते
हो मेरे बच्चे तुम कभी ना मरने वाले शरीर
कभी ना खत्म होने वाले समय और कभी ना खत्म
होने वाले आनंद के सृजन करता हो तुम स्वयं
ही परम चित्त आनंद में विलीन होने वाली
दिव्य आत्मा हो मेरे बच्चे तुम भयभीत ना
हो तुम अब प्रगति की उस मार्ग पर आगे बढ़ो
ग जिस मार्ग पर तुम्हें पीछे गलने वाला
कोई नहीं होगा मैं तुम्हें उस ऊंचाइयों तक
पहुंचा दूंगी जहां तुम्हारा पैर पकड़कर
तुम्हें नीचे खींचने वाले कोई नहीं होंगे
जहां केवल लोग तुम्हारी ऊंचाइयों को
देखेंगे केवल लोग यह देखेंगे कि तुम ऐसी
जगह पर पहुंच गए हो कि अब उनके पास तुमसे
जलने के सिवा कुछ भी शेष नहीं होगा अब वो
केवल तुम्हारी तरक्की तुम्हारी ऊंचाई को
देखकर ईर्ष के बादलों से भर जाएंगे
तुम्हारी प्रगति तुम्हारे उत्थान को देखकर
जलन की अग्नि में तप उठेंगे अब उनके पास
कोई मार्ग शेष नहीं होगा और तुम इतनी
ऊंचाई पर रहोगे कि उनकी आवाज भी तुम तक ना
पहुंचेगी
मेरे बच्चे तुम उस ऊंचाई पर रहोगे कि वह
यदि तुम्हें गालियां देंगे तो भी तुम्हे
सुनाई नहीं पड़ेगा वो यदि तुम्हारी तारीफ
करेंगे तो भी तुम्हें सुनाई नहीं पड़ेगा
तुम उस ऊंचाई पर पहुंच जाओगे जहां से उनका
जीवन तुम्हारे लिए नहीं के बराबर हो जाएगा
जहां से तुम्हारा जीवन केवल और केवल
उत्कृष्टता का जीवन होगा जहां से तुम्हारा
जीवन केवल और केवल परमात्मा की शरण का
जीवन
होगा मेरे बच्चे तुम अब उस ऊंचाई को
प्राप्त करने वाले हो वह छड़ बहुत ही जल्द
तुम्हारे करीब होगा लेकिन कुछ बातें हैं
जिनका तुम्हें विशेष ध्यान रखना है
सर्वप्रथम तुम्हें अपने भीतर किसी भी
प्रकार के अहंकार को पनपने नहीं देना है
तुम्हारे भीतर जो भी मान्यताओं का बोझ है
उसे त्यागना है तुम्हारे भीतर जो भी मोह
की चादर लिपटी हुई है उसे त्यागना है
तुम्हें समझना है कि प्रेम और मोह में
बहुत अंतर होता है लगाव मोह और प्रेम
तीनों अलग-अलग बातें हैं तीनों को एक
समझने की भूल तुम कभी भी ना करो मेरे
बच्चे जिसे तुम प्रेम समझ रहे हो
वास्तविकता में वह प्रेम है ही नहीं वह तो
केवल मोह का मुखौटा पहने हुए एक प्रकार का
लगाव है वह प्रेम की चादर उड़े हुए एक
प्रकार का मोह ही है वह मोह के अतिरिक्त
कुछ कुछ भी नहीं है जो प्रेम की शक्ल लेकर
तुम्हें दिखाई पड़ता है मेरे बच्चे
तुम्हें इसके बीच का अंतर समझना होगा
तुम्हें समझना होगा कि तुम्हारे लिए क्या
अनिवार्य है तुम्हें समझना होगा कि
तुम्हारे लिए कौन अनिवार्य है और कौन है
जिन्हें तुम अपना कह सकते हो और कौन है
जिन्हे तुम अपना नहीं मान सकते हो मेरे
बच्चे कुछ लोग ऐसे होते हैं जो मित्रता का
मुखौटा पहने हुए होते हैं जो तुम्हारे
सामने मीठी मठी बातें बोलते हैं लेकिन
तुम्हारे पीठ पीछे लोगों से तुम्हारी ही
बुराइयां करते हैं जो तुम्हारे पीठ पीछे
तुम्हारे ही खिलाफ षड्यंत्र रचा करते हैं
वह जो तुम्हारे बारे में नकारात्मकता
फैलाते हैं वह जो नहीं चाहते कि तुम जीवन
में कभी भी प्रगति करो वह तुम्हारे आसपास
ही है तुम्हारे अपनों के रूप में तुम्हारे
अपने बनकर तुम्हारी फिक्र का लालच दिखाते
हुए वह तुम्हारे बहुत करीब है तुम्हें उन
सांपो को ढूंढना है तुम्हें उनकी असलियत
को समझना है वरना यह कब तुम्हें डस लेंगे
तुम यह समझ भी ना
पाओगे मेरे बच्चे बहुत जल्द किसी पर
विश्वास कर लेना कभी भी अच्छा नहीं नहीं
होता जब तुम बहुत जल्द किसी पर विश्वास कर
लेते हो बिना तर्क वितर्क किए बिना दिमाग
लगाए बिना तार्किक अर्थों में उसे सोचे
हुए तो वहां तुम्हें धोखा मिलने की
संभावना बिल्कुल ही बढ़ जाती है वहां
तुम्हारे हृदय के विखंडित हो जाने की
संभावना बहुत तेजी से बढ़ जाती
है मेरे बच्चे मैं नहीं चाहती कि तुम्हारा
दिल टूटे मैं नहीं चाहती कि तुम जरा भी
चिंता में आओ तुम्हें समझना होगा अपने
पराय के भेद को कौन तुम्हारे लिए
महत्त्वपूर्ण है क्या तुम्हारे लिए
अनिवार्य है किनसे मिलना जुलना तुम्हारे
लिए सही है यह तुम्हें समझना होगा मेरे
बच्चे अपने उन महत्त्वपूर्ण लोगों की एक
सूची बनाओ उनकी सूची बनाओ जो तुम्हारे लिए
आवश्यक है साथ ही उनकी भी सूची बनाओ जो
तुम तुम्हारे लिए बिल्कुल भी आवश्यक नहीं
है और जो लोग तुम्हारे लिए बिल्कुल भी
आवश्यक नहीं है उनसे किसी भी प्रकार का
संबंध साधने की आवश्यकता नहीं मैं ऐसा
नहीं कह रही कि उनसे सारे संबंध त्याग दो
वह त्याग नहीं है उन्हें त्यागने की
आवश्यकता नहीं है लेकिन उनसे संपर्क साधने
की उनके संपर्क में आने की उनकी बातों को
महत्व देने की या उनके लिए कोई कार्य करने
की आवश्यकता नहीं है तुम लोगों से घुलो
मिलो लोगों से संपर्क बनाओ किंतु किसे
अपना मानना है किसे अपना नहीं मानना है इस
बात के लिए पूरी तरह से स्पष्ट रहो पूरी
तरह से स्पष्ट रहो उन लोगों के लिए जो
तुमसे प्रेम करते हैं पूरी तरह से स्पष्ट
रहो उन लोगों के लिए जिनसे तुम प्रेम करते
हो उन्हें प्राथमिकता दो उनके छोटे मोटे
गलतियों को नजर अंदाज करो लेकिन मेरे
बच्चे आज की परिस्थिति में तुम इसके ठीक
विपरीत करते हो जिनसे तुम्हें प्यार है या
जो तुमसे प्रेम करते हैं तुम इन पर इतना
अधिपत्य जमा लेते हो कि उन्हें जो चाहे
जैसे चाहे जिस भाषा में चाहे बोल देते हो
तुम उनके भावनाओं की कद्र नहीं करते और
क्रिया प्रतिक्रिया के के नियम के अनुसार
वह भी तुम्हारी भावनाओं की कद्र नहीं कर
पाते जबकि प्रकृति का नियम यह कहता है कि
जिनसे तुम प्रेम करते हो या जो तुमसे
प्रेम करते हो उनकी भावनाओं का सदा ही
सम्मान करना चाहिए उनकी बातों को पूरी
तन्मयता के साथ सुनना
चाहिए यदि उनकी कुछ बातें तुम्हें तार्किक
नहीं लगती यदि उनकी बातें तुम्हें हट
पूर्वक लगती हो यदि उ उनकी बातें तुम्हारे
कानों को अच्छी ना लग रही हो उस परिस्थिति
में भी तुम्हें संयम धारण करके उनको
समझाना चाहिए उनकी बातों को समझना चाहिए
हर बार इस अहंकार में नहीं होना चाहिए कि
तुम ही सत्य कह रहे हो या तुम्हारी ही बात
तार्किक है तुम्हें दोनों पहल से सोचना
चाहिए प्रकृति इसी नियम के आधार पर चलता
है लेकिन मेरे बच्चे आज की परिस्थिति में
वह लोग जिनसे तुम्हारा विशेष संबंध नहीं
है तुम उन्हें झूठा सम्मान प्रदान करते हो
तुम उनकी बातों को तो सुनते हो उनकी बातों
को महत्व भी देते हो और उनके लिए कार्य
करने को भी तैयार हो जाते हो जबकि वह लोग
जो वास्तव में तुमसे प्रेम करते हैं तुम
उनकी बातों को पूर्ण नहीं सुनते हो तुम
उनकी बातों को महत्व नहीं देते हो यह अलग
बात है कि उन पर कोई मुसीबत आ जाए तो तुम
सर्वप्रथम उनका सहारा बनोगे तुम्हारी
प्राथमिकता में सर्वप्रथम वही लोग होंगे
लेकिन क्या तुम मुसीबत आने का ही इंतजार
कर रहे हो क्या तुम मुसीबत आने की ही
प्रतीक्षा में बैठे हो क्या तुम इसी
इंतजार में बैठे हो कि जब मुसीबत आएगा तभी
तुम उनके लिए अपना प्रेम जाहिर कर
पाओगे मेरे बच्चे विचार करो कि कहां खोट
हो रही है विचार करो कि ऐसी कौन सी
गलतियां है जो तुम्हारे प्रेम संबंधों को
जो तुम्हारे परिवार के साथ तुम्हारे
संबंधों को आगे नहीं बढ़ने दे रही है जो
तुम्हें रोके हुए हैं जो तुम्हें
प्रगतिशील नहीं होने दे रही है कहीं यह
कमी तुम्हारे ही विचारों से तो नहीं
उत्पन्न हो रही है कहीं यह कमी तुम्हारे
ही मान
से तो नहीं उत्पन्न हो रही है कहीं इस कमी
का प्रादुर्भाव तुम्हारे ही मन से तो नहीं
हो रहा है विचार करो कि तुम किन्हे
प्राथमिकता देते हो और किन्हे प्राथमिकता
नहीं देते हो तुम्हारे विचार विभिन्न
प्रकार की कल्पनाओं को जन्म देते हैं
तुम्हारे विचारों में तुम एक सहज जीवन की
कल्पना करते हो मेरे बच्चे मैं जानती हूं
तुम अतिशय धन की कामना नहीं करते तुम उतने
धन की कामना करते हो जिसमें तुम्हारा जीवन
सहज रूप से चल जाए तुम उतने ही धन की
कामना करते हो जिसमें तुम जीवन के आनंद का
लाभ उठा सको जिसमें तुम छोटी-छोटी खुशियों
को जी सको लेकिन ऐसी क्या कमी है कि
तुम्हें वह खुशी उस प्रकार से हासिल नहीं
हो पा रही जैसे अब तक तुम्हें प्राप्त हो
जानी चाहिए थी जबक तुम इसके लिए पूरी तरह
से योग्य हो जबकि तुम एक दिव्य आत्मा हो
जबक तुम पुण्य से भरे हुए हो तुम्हारे मन
में किसी के प्रति भेद नहीं है तुम्हारे
मन में किसी के प्रति द्वेष नहीं है
तुम्हारे मन में किसी के लिए भी ईर्षा
बिल्कुल भी नहीं है तुमने इसका सदा सदा के
लिए नाश कर दिया है और तुम सदा यही सोचते
हो कि तुम्हारी वजह से किसी को कोई कष्ट
ना हो किसी को कोई तकलीफ ना हो फिर ऐसा
क्या है कि तुम्हारा जीवन पुष्प की भाति
खिल नहीं पा रहा फिर ऐसा क्या है कि
तुम्हारा जीवन एक चक्र में फस गया है ऐसा
क्या है कि तुम बवंडर के गर्त में फसते ही
चले जा रहे हो विचार करो कि वह कौन सी
कमिया है कहीं तुम अपने भीतर बदलाव तो
करने में असमर्थ रहे हो का विचार करो कि
वह क्या है जो तुम नहीं बदल पा रहे हो
मेरे बच्चे यदि तुम इसका विचार नहीं भी कर
पाओगे उस परिस्थिति में भी मैं अंतत
तुम्हें जीत दिला ही दूंगी मैं पुष्प की
भाती तुम्हें खिला ही दूंगी मैं तुम्हारे
नाम को चारों और फैला दूंगी मैं तुम्हारे
यश का गान सबके बीच करा दूंगी लेकिन क्या
तुम इसमें मेरा साथ दोगे क्या तुम अपना
हाथ आगे बढ़ाकर मुझे चीजों को तेजी से
करने में मेरी सहायता प्रदान करोगे क्या
तुम मेरे अंश के रूप में स्वयं की प्रगति
का विचार करोगे तुम्हें इसका विचार करना
है अपनी सोच को बढ़ाओ अपने भीतर पनप रहे
दिव्यता को
पहचानो तुम्हारे भीतर जो क्रूरता है जो
शत्रुता है जो पशुता है उसका समापन तो
तुम्हें ही करना होगा मैं तुम्हें जीत
दिला
दूंगी लेकिन मेरे बच्चे क्या इस जीप को
पचाने में सक्षम रहोगे तुम क्या उस जीभ को
अपने मन मस्तिष्क में धारण करके उसकी
सिरोमण बनाकर उसका मुकुट पहनने को तैयार
हो तुम क्या तुम स्वयं से तैयार हो विजय
तिलक लगाने को क्या तुम पहाड़ों की उस
ऊंचाई तक पहुंचने को तैयार हो जहां से कोई
तुम्हारे पैर खींच करर तुम्हें नीचे ना
गिरा सके
मेरे बच्चे अपने मन मस्तिष्क में विचार
करो कि क्या वास्तव में तुम जीत के योग्य
हो मैं तो कहती हूं तुम्हें जीत हासिल
करनी चाहिए मैं तो कहती हूं कि अब वह समय
आ गया है कि तुम्हें जीत मिलनी चाहिए और
निश्चित तौर पर यह तुम्हें मिलकर भी
रहेगी लेकिन मेरे बच्चे तुम्हें भी विचार
करना है कि वह ऐसे कौन से क्षेत्र हैं जो
तुम रे भीतर के अध्यात्म को तुम्हारे भीतर
की चेतना को शिखर तक पहुंचने से रोक रहे
हैं मेरे बच्चे अब तुम जब जीत को हासिल
करने वाले हो तो तुम्हें कुछ बातों का
विशेष ध्यान रखना होगा सर्वप्रथम तुम्हें
यह सोचना होगा कि बड़ी जीत के साथ बड़ी
जिम्मेदारी भी आती है इसलिए मनुष्य जितनी
ऊंचाई पर पहुंचता है उसे अपनी वाणी पर
उतना ही ज्यादा नियंत्रण रखना चाहिए उसे
हर किसी की बातों पर प्रतिक्रिया नहीं
देनी चाहिए इस जीत में तुम्हें बहुत से
ऐसे लोग मिलेंगे जो तुम्हारी प्रशंसा
करेंगे और बहुत से ऐसे भी लोग मिलेंगे जो
तुम्हारी आलोचना करेंगे तुम्हारी निंदा
करेंगे जो सदा ही तुम्हें कटु वचन बोलेंगे
तुम्हारे सामने भी कटु वचन आएंगे तुम्हारे
पीठ पीछे भी कटु वचन बोले जाएंगे
लेकिन तुम्हें अपना वकील बनकर बार-बार
अपनी सफाई नहीं पेश करनी है तुम्हें
उन्हें बार-बार यह साबित करने की झंझट में
नहीं पड़ना है कि तुम सही हो और तुम सदा
ही सत्य का साथ देते हो इस संसार में
जितने भी बौद्धिक मनुष्य हुए हैं उन्होंने
कभी स्वयं के सत्यता को साबित करने के लिए
कोई जोर नहीं लगाया उन्होंने वास्तविक रूप
से अपनी बा बात रख दी जिसे सत्य मानने का
शौक था उन्होंने उनकी बात को सत्य माना और
जिसे सत्य मानने का शौक नहीं था जो केवल
आलोचना के दूतक रहे हैं वह सदा ही उनकी
आलोचना करते आए हैं मेरे बच्चे इस संसार
में बहुत से बौद्धिक मनुष्यों को जहर पिला
दिया गया बहुत से बौद्धिक मनुष्यों से
उनकी अस्मिता पर सवाल उठाया गया बहुत से
बौद्धिक नु को सूली पर टाम दिया गया बहुत
से बौद्धिक मनुष्यों को फांसी पर चढ़ा
दिया गया और बहुत से बुद्ध पुरुषों को इस
संसार ने स्वीकारा ही नहीं किंतु तुम्हें
समझना है कि क्या तुम्हें सफाई देनी है
क्या तुम्हें अपनी सत्यता को लोगों के
समक्ष प्रस्तुत करना है या फिर अपना कार्य
करकर प्रगति को प्राप्त करना है मेरे
बच्चे इसका विचार तुम्हें ही करना है
क्योंकि अंतता तो तुम्हारी जीत होकर ही
रहेगी अंतता तुम वास्तविक प्रेम को
प्राप्त ही कर लोगे लेकिन दो प्रश्न
तुम्हें अपने आप से पूछने हैं पहला प्रश्न
यह कि क्या तुम इसे प्राप्त करने के पूरी
तरह से योग्य हो यदि नहीं भी हो तो अपनी
सत्यता को स्वीकार कर लो और फिर मैं
तुम्हें वह शक्ति अवश्य प्रदान करूंगी कि
तुम जल्द ही उसे प्राप्त करने के पूरी तरह
से योग्य बन जाओगे और दूसरा प्रश्न यह कि
क्या तुम्हें सबकी बातों पर प्रतिक्रिया
देनी है क्या तुम्हें अपने अहंकार को
फलीभूत करना है या फिर सत्य का हाथ पकड़कर
अध्यात्म के मार्ग का अनुसरण करना है जब
जीत तुम्हें मिल ही रही है तो फिर यह
व्यर्थ के झंझट में क्यों पड़ना है क्यों
किसी को कुछ साबित करना है क्यों किसी की
नजर में अच्छा या बुरा बनना है क्यों किसी
की प्रशंसा से खुशियों के डोर बांधने हैं
और किसी की निंदा से अपमान का बोझ सहना है
मेरे बच्चे तुम्हें इन बातों का विचार
नहीं करना है तुम्हें यह सारी ही बातें
त्यागने है और केवल और केवल अपने जीवन का
विचार करो तुम प्रगति के मार्ग पर आ चले
हो तुम जीव के मार्ग प आ चले हो जब से
तुमने अध्यात्म के मार्ग का अनुसरण किया
है तुम आगे ही बढ़ रहे हो शायद ही तुम्हें
दिखाई ना दे तुम इसकी गहराई को भाप ना सको
तुम ना समझ पाओ कि तुमने क्या चुनाव किया
है लेकिन मैं आज तुम्हें यही बता रही हूं
कि तुमने वास्तविक मार्ग का चुनाव किया है
तुमने सत्य के मार्ग का चुनाव किया है और
जब मनुष्य के जीवन में सत्य घुलता है
मनुष्य के जीव जीवन में अध्यात्म घुलता है
तो उस उसके भीतर नकारात्मकता का जहर
धीरे-धीरे समाप्त होने लगता है और
सकारात्मकता का अमृत उसके मन मस्तिष्क में
बस जाता है तुम भी उस अमृत को पी रहे हो
तुम भी सकारात्मकता के उस अमृत को अपने मन
मस्तिष्क में उतार रहे हो मेरे बच्चे तुम
जीत को अपने जीवन में पा रहे हो और यह जीत
बहुत ही जल्द तुम्हें दिखाई भी देने लगेगी
दृष्टा की भाति तुम बहुत ही जल्द इसे
देखने वाले हो मेरे बच्चे इस जीव को
तत्काल आकर्षित करो इसकी पुष्टि करनी
तुम्हारे लिए आवश्यक है यह पुष्टि
तुम्हारे लिए सदा ही जरूरी हो जाती है अभी
इसकी पुष्टि करो संख्या 1008 लिखकर इसकी
पुष्टि करो साथ ही यह भी लिखो कि मैं अपने
भीतर के अहंकार को समाप्त कर जीत को
आकर्षित कर रहा हूं मैं जीत रहा हूं मेरे
बच्चे तुम्हें यह बात लिखनी है और इसके
साथ ही एक बात कभी मत भूलना कि परिस्थिति
चाहे जैसी भी हो कोई तुम्हारा साथ दे या
ना दे मैं सदा तुम्हारे साथ हूं मैं सदा
तुम्हारे आसपास ही हूं मैं तुम्हारा हाथ
पकड़कर तुम्हें जीत की राह पर ले जाने के
लिए ही आई हूं मैं तुम्हें कभी हारने नहीं
दूंगी इस बात का विश्वास अपने मन में बनाए
रखना मेरे बच्चे मेरे आने वाले संदेशों की
प्रतीक्षा करना क्योंकि आने वाले संकेतों
को समझना तुम्हारे लिए आवश्यक है इसलिए
तुम तैयार रहना मेरा आशीर्वाद हमेशा
तुम्हारे साथ है तुम्हारा कल्याण हो जय हो
माता रानी हर हर
महादेव मेरे बच्चे जब दिव्य शक्तियां
चाहती है कि तुम तक कोई संदेश पहुंचे तो
वह हर हाल में तुम तक पहुंच ही जाता है और
आज दिव्य शक्तियां चाहती है कि तुम तक यह
संदेश पहुंच ही जाए मेरे बच्चे तुम पर
देवीय शक्तियों की विशेष कृपा बरस रही है
और अब यह तुम्हें अपने जीवन में महसूस भी
होने लगा है तुम्हें अपने व्यक्तिगत जीवन
में अब बहुत तेजी से चमत्कारिक सकारात्मक
बदलाव होते हुए दिखाई देंगे इतना साहस
तुम्हें ईश्वर की कृपा से प्राप्त हो रहा
है कि तुम अपने सभी चुनौतियों से आसानी से
पार पा
जाओगे मेरे बच्चे तुम्हारा अपनी माता पर
अटूट विश्वास और तुम्हारे भीतर बसा
निस्वार्थ प्रेम किसी से भी छुपा नहीं हुआ
है और इस दिव्य प्रेम में वह ताकत है जो
तुम्हें हर मुश्किलों से बाहर निकाल
देगी मेरे बच्चे यह संदेश तुम्हारे लिए और
केवल तुम्हारे लिए ही आया है बहुत समय से
तुम्हारा जीवन दुखों से घिरा रहा अनीय दुख
तुमने झेला है ऐसी ऐसी पीड़ा तुमने देखी
है जिनसे पार पा पाना भी सामान्य नहीं है
जिस समय तुम्हारा जीवन रुख सा गया तुमने
स्वयं को संभाला उसका सदुपयोग किया और सही
दिशा में अपने कदम मोड़ दिए तुमने बहुत
कठिन तपस्या की है बहुत कठिन संघर्ष किया
है जिसके चलते तुम्हारे जीवन की रुकावटें
दूर होने का समय आ गया है और अब तुम एक नई
दिशा में आगे निकल आए हो अपने उन दुखों को
पीछे छोड़कर अपनी उन पड़ाओ को पीछे छोड़कर
जो लगता था कि कभी समाप्त नहीं होगा
वास्तव में देखा जाए तो उन दुखों को झेलने
के बाद ही तुम्हारा रास्ता साफ हुआ है
मेरे बच्चे यह वह दुख थे जिसने तुम्हें
आध्यात्म के इस मार्ग पर आगे बढ़ा दिया
इतना ही नहीं उन दुखों को झेलने के बाद
तुम्हारे भीतर जो शक्तियां बढ़ गई हैं
तुम्हें अभी उसका आभास नहीं है लेकिन मेरे
बच्चे अब तुम जिधर अपने कदम बढ़ा रहे हो
उस ओर ही अध्यात्म अपने आप आगे आ जाता है
तुम सत्य हो और सत्य की सदा ही जी होती है
सत्य को कोई भी हरा नहीं सकता है तुम्हारे
जीवन में सफलता और नई उपलब्धियां अब बाहे
फैला कर आ रही
है मेरे बच्चे कुछ ऐसे लोग हैं जो
तुम्हारे जीवन में रुकावट लाने के प्रयास
में ही लगे रहते हैं वह अपना पूरा ध्यान
अपना पूरा समय अपनी पूरी ऊर्जा इस बात पर
ही केंद्रित करते हैं कि कैसे तुम्हारी
हार हो जाए कैसे तुम जीत को हासिल ना कर
पाओ कैसे तुम्हारी बदनामी हो जाए और कैसे
असत्य जीत जाए कैसे शैतान की विजय हो जाए
लेकिन मेरे बच्चे ऐसा हो नहीं सकता
क्योंकि तुम पर दिव्य आत्मा का हाथ है अब
जीत तुम्हारी ही होनी है तुम वह सब कुछ
हासिल करने वाले हो जो तुम्हें प्राप्त
होना
चाहिए मेरे बच्चे शैतान कभी जीत नहीं सकता
फिर चाहे वह कितने भी अथक प्रयास क्यों ना
कर ले फिर चाहे वह किसी मनुष्य के भीतर
उतर करर उससे अपने कार्य क्यों ना करवा ले
फिर चाहे वह किसी दिव्य आत्मा को ही अपने
कब्जे में क्यों ना कर ले फिर भी अंतः
विजय पुण्य आत्मा की ही होती है अंतः विजय
ईश्वर के आशीर्वाद की ही होती है और तुम
ईश्वर के आशीर्वाद से भरे हुए तुम ऐसी
ऊर्जा के बिंदु हो जिसे समाप्त कर पाना
कतई संभव नहीं है क्योंकि जिसका कोई अंत
ही नहीं जिसकी कोई शुरुआत ही नहीं जो
बिंदु है जो सदा से रहा है जो सदा ही
रहेगा उसे कोई भला कैसे समाप्त कर सकता है
तुम नश्वरता से ऊपर हो तो तुम इस सांसारिक
चीजों से ऊपर हो तुम वो ऊर्जा हो जिस
ऊर्जा को समाहित करके एक मनुष्य स्वयं ही
हो सकता है तुम वो ऊर्जा हो जिस ऊर्जा को
प्राप्त करके एक संपूर्ण संसार की
सकारात्मक रचना रची जा सकती है मेरे बच्चे
तुम ही सृजन करता हो तुम्हें हराया नहीं
जा सकता और जबक तुम पर मेरा पूरा हाथ है
जबकि तुम पर मेरा पूरा सहयोग है जबकि
तुम्हारे साथ तुम्हारे पूर्वज दिव्य
आत्माएं अदृश्य फरिश्ते मौजूद है तो
तुम्हें हरा पाना किसी भी हाल में किसी भी
सूरत में संभव नहीं है फिर चाहे कितनी ही
काली शक्तियां अपना पूरा वर्चस्व लगा के
पूरे प्रचंड रूप में तुम पर क्यों ना हावी
हो जाएं फिर भी तुम्हें हरा नहीं
सकते मेरे बच्चे तुम्हारी जीत तो सर्वदा
सर्वदा से लिखी जा चुकी है तुम्हारी जीत
को सदा सत्य के रूप में लिखा गया है इसलिए
तुम्हें हरा पानी कतई संभव नहीं है फिर
चाहे अंधेरी काली रात में चमकते हुए शैतान
ही क्यों ना आ जाए मेरे बच्चे जो लोग
तुमसे पार पाना चाहते हैं जो लोग तुम्हें
नीचा दिखाना चाहते हैं वह काली शक्तियों
के गिरफ्त में है वह नकारात्मक ऊर्जा की
गिरफ्त में है ऐसा नहीं है कि वह सदा से
यही चाहते आए हैं लेकिन उनका अहंकार उनके
भीतर बसा अभिमान इतना हावी है कि वह यह
देख ही नहीं सकते कि तुम प्रति की सीढ़िया
निरंतर चढ़ते चले जाओ मेरे बच्चे उन्हें
तुम्हारी छोटी छोटी जीत से भी आपत्ति होती
है उन्हें तुम्हारे भीतर उठ रहे प्रकाश से
आपत्ति होती है उन्हें तुम्हारे भीतर के
तत्त्वों से आपत्ति होती है उनका तो तुमसे
कभी भी सामंजस्य नहीं हो सकता उनके भीतर
से निकलने वाली ऊर्जा को तुम काट रहे हो
उस नकारात्मक ऊर्जा का काट हो जो उनके
भीतर मौजूद है मेरे बच्चे इस संसार में
मानवता को हराने के लिए बहुत सी नकारात्मक
शक्तियां एकत्रित हो रही है नकारात्मक
शक्तियों का प्रभाव इस समय बढ़ रहा है इस
संसार में जितने भी पुण्य आत्मा है उन्हें
सताने का उन्हें हराने का प्रयास किया जा
रहा है उन्हें नीचा दिखाकर उनकी बदनामी
करके उनका धन खर्च कराकर उन्हें नीचा
दिखाने का उन्हें हराने का पूरा प्रयास
किया जा रहा है नकारात्मक शक्तियों के एक
पूरे बवंडर ने यह चाल चली है लेकिन मेरे
बच्चे अभी उन्हें आभास नहीं है कि वह कभी
भी जीत नहीं सकते हालांकि वह इस सत्य से
वाकिफ है क्योंकि अतीत में भी ऐसी बहुत सी
घटनाएं हुई है जब नकारात्मक शक्तियों ने
अपना वर्चस्व कायम करने का प्रयास किया है
लेकिन हर बार उन्हें मुह की खानी पड़ी है
हर बार उन्हें गिरना पड़ा है हर बार
उन्हें थक कर हार माननी पड़ी है लेकिन
मेरे बच्चे अब समय आ गया है उनके सर्वनाश
का लेकिन यह सर्वनाश एक प्रलय की भी
शुरुआत होगी महाप्रलय एक ऐसा प्रलय जिसमें
सब कुछ बह जाएगा विनाश की लीला प्रारंभ हो
रही है अब समय आ गया है जब विजय तिलक ना
लगकर विनाश को प्रभावी किया
जाए लेकिन मेरे बच्चे ऐसे समय में भी वह
सभी पुण्य आत्माएं जो अपने पुण्य से अपनी
दिव्यता से मानता को जीवित रखे हैं जिनके
भीतर अहंकार अभिमान ईर्षा द्वेष नहीं पनप
रहा है जिन्हो ने अपने अहंकार अपने अभिमान
अपने मन पर काबू पाने का प्रयत्न किया है
उनकी
ऊर्जांचल राप्त होंगे मेरे बच्चे तुम्हारी
ऊर्जा सकारात्मकता और दिव्यता से भरी हुई
है तुम्हारे भीतर जो प्रकाश आवेग बनकर टहल
रहा है तुम्हारे भीतर जो प्रकाश आवेग बनकर
संचारित हो रहा है तुम्हारे मन में उठ रही
कंपन दिव्यता को ही लका रही है और ऐसी
स्थिति में तुम यह देख पाओगे कि धीरे-धीरे
बहुत से लोगों को हानि उठाना पड़ रहा है
तुम यह देख पाओगे कि वह सभी लोग जो नहीं
चाहते थे कि तुम आगे बढ़ो तुम्हारे जीवन
से धीरे-धीरे करके समाप्त हो जाएंगे तुम
यह देख पाओगे कि उनका पतन स्वयं ही हो रहा
है ना चाहते हुए भी उनका पतन हो जाएगा और
उन्हें इतनी पीड़ा उठानी पड़ेगी कि तुम
सोच भी नहीं सकते कि वह खुद भी नहीं सोच
सकते लेकिन लेकिन मेरे बच्चे इसका कारण
तुम नहीं हो इसका कारण मैं नहीं हूं इसका
कारण ऊर्जा नहीं है इसका कारण कोई शैतान
भी नहीं है वास्तव में इसका कारण तो उनके
अपने ही बुरे कर्म है उनके अपने कुकन
जिन्होंने उन्हें यहां तक घेल दिया है
लेकिन इसके साथ ही तुम यह देखोगे कि तुम
उनके समकालीन होते हुए भी प्रगति की ओर
बढ़ रहे हो और तुम रे साथ-साथ तुमसे प्यार
करने वाले तुम्हारी चा करने वाले तुम्हारे
बारे में अच्छा सोचने वाले भी तुम्हारे
आभामंडल के प्रभाव में आकर प्रगति को
प्राप्त करेंगे यद्यपि उनकी प्रगति उतनी
नहीं होगी जितनी तुम्हारी
होगी लेकिन मेरे बच्चे फिर भी विनाश के इस
काल में जीव उन्हें भी हासिल होगी इस जीव
की गाथा आज से नहीं लिखी गई है वर्षों
पहले सदियों से अनंत काल से लिखी जा रही
है यह जीत बहुत पुरानी है तुम्हें जब यह
जीत प्राप्त होगी तो तुम महसूस कर पाओगे
कि ऐसा तुम्हारे साथ पहले भी हुआ है
क्योंकि तुम पहले से ही दिव्य आत्मा रहे
हो तुम पहले से ही ऊर्जा के भंडारण रहे हो
वो ऊर्जा जो लोगों को अपने साथ ले जाने को
प्रेरित करती है वो ऊर्जा जो तत्व कर्ता
के भीतर हो होनी चाहिए वो ऊर्जा जो
देवताओं के भीतर बसी होती है वो ऊर्जा जो
दिव्यता से परिपूर्ण होती है और इसका कारण
यह है कि तुम्हारा वास्तविक संबंध कभी भी
इस भौतिक जगत के लौकिक जगत के लोगों से
रहा ही नहीं है तुम्हारा वास्तविक संबंध
तो पारलौकिक रहा है तुम्हारा वास्तविक
संबंध तो दिव्य लोक से रहा है तुम्हारा
वास्तविक संबंध तो सदा से ही पुण्य
आत्माओं से रहा है तुम अणुओं के वह कण हो
जिसके एक एक छोर में भी सकारात्मकता
विद्यमान है वह नीला प्रकाश जो तुम्हारे
भीतर गुजर रहा है वह तुम्हारे भीतर के
ऊर्जा चक्र से मिलकर बहुत-बहुत तेजी से
लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर लेता है और
तुम्हारे द्वारा निकली हुई वाणी लोगों को
मंत्र मुक्त कर सकती है
मेरे बच्चे तुम्हें अभी इसका आभास नहीं है
तुम्हें अभी इसका ज्ञान नहीं है लेकिन
धीरे-धीरे तुम यह समझ पाओगे जो बात मैं
अभी तुमसे बता रही हूं कि कैसे ऊर्जा का
एक पूरा पिन तुम्हारे आसपास विद्यमान है
कैसे तुम जीत को सदा ही आकर्षित करते आए
हो कैसे लोग तुम्हारी बातों से प्रभावित
होते चले जा रहे
हैं मेरे बच्चे इस अनंत ब्रह्मांड में
बहुत सी ऊर्जा एं विद्यमान है बहुत सी
ऊर्जा एं जो नवीन है बहुत सी ऊर्जा एं जो
प्राचीन है लेकिन हर एक से तुम्हारा संबंध
रहा है फिर चाहे वह बेहतर रहा हो फिर चाहे
वह बेहतर ना रहा हो चाहे वह जीव रहा हो
चाहे वह अजीव रहा हो चाहे पक्षी रहा हो
चाहे सूक्ष्म जीव रहा हो चाहे वृक्ष रहा
हो चाहे निर्जीव
वस्तुओं की ऊर्जा ही क्यों ना हो तुम्हारा
संबंध सबसे ही सदा से ही रहा है मेरे
बच्चे तुम्हें केवल अपने भीतर झांकना है
फिर तुम यह जान पाओगे कि कैसे संपूर्ण
ब्रह्मांड में प्रसारित हो रही समस्त
ऊर्जा को तुम अपनी ओर आकर्षित कर सकते हो
और एक बार तुमने इस पर नियंत्रण पा लिया
तो फिर तुम इस संसार में जो चाहो उसे
प्राप्त कर सकते हो मेरे बच्चे एक बार जब
तुम अपने भीतर उतरो ग तो तुम जान पाओगे कि
तुम कितनी सीमित मात्रा में चीजों को सोच
रहे हो तुम कैसे एक बड़े बीहड़ विशाल
ऊर्जा के भंडार होते हुए भी बहुत छोटी से
छोटी चीजें मांग रहे हो और तुम्हारी यह
मांग बहुत ही जल्द पूर्ण हो
जाएगी लेकिन मेरे बच्चे तुम्हें अपनी माम
को बढ़ होगा तुम्हें अपनी चाहतों का
विस्तार करना होगा तुम्हें उच्च श्रेणी की
चीजें मांगनी होगी तुम भौतिक जगत की बहुत
छोटी से छोटी चीज मांग रहे हो ऐसी चीज
जिनका अस्तित्व वास्तविक रूप में तुम्हारे
लिए कुछ भी नहीं है ऐसी चीज तो तुम कड़ की
भाती फेंक दोगे ऐसी चीज तुम मांग रहे हो
जो तुम्हें बहुत सरलता से मिल
जाएगी मेरे ब बच्चे एक बार अपने मन
मस्तिष्क में उतरो एक बार अपनी चाहतों का
विस्तार करो एक बार आशा से ऊपर उठकर
वर्तमान में झा को एक बार अपने भीतर की
ऊर्जा चक्र को समझो वह प्राप्त करो जो
प्राप्त करना तुम्हारा अधिकार रहा है वह
प्राप्त करो जो अब तक तुमने हासिल नहीं
किया है वह प्राप्त करो जो वास्तविक रूप
से तुमसे संबंधित है इसके अलावा तुम्हें
जो कुछ भी चाहिए वह स्वतः ही तुम्हारे
चरणों में आ गिरेगा इसके अलावा तुम जिस भी
चीज की कामना कर रहे हो वह तुम्हें बेहद
ही आसानी से मिल
जाएगा लेकिन तुम्हें अपने भीतर झकना होगा
प्रेम भौतिक वस्तुएं सम्मान पद प्रतिष्ठा
इनसे ऊपर उठकर सोचो यह सारी चीज तो
तुम्हें बहुत ही आसानी से मिलने वाली है
इसलिए सदा इसका विचार ना किया करो वह सोचो
जो अभी तक तुम सोच नहीं पाए हो मेरे बच्चे
तुमने सदियों से मनुष्य जीवन को अपनाया है
लेकिन इससे पहले बहुत सी योनियों में
तुम्हारा जन्म हुआ है उन योनियों में भी
जिनका तुम्हें ज्ञान नहीं है उस प्रकार के
जीव तुम भी रह चुके हो जिसके बारे में
तुम्हें कुछ भी ज्ञात नहीं है एक ऐसा जीव
जो तुम्हें स्पष्ट रूप से नजर भी ना आए
तुम उस जीवन को भी जी चुके हो बहुत से
जीवन का अनुभव लिया है
तुमने लेकिन मेरे बच्चे जब से तुमने
मनुष्य रूप को धारण किया है तुम्हारी सोच
बहुत छोटी हो गई है और तुम बस कुछ भौतिक
वस्तुओं के माया जाल में फंस कर रह गए हो
कुछ लोगों के गुलामी को तोड़कर बाहर
निकलने के माया जाल में ही रह गए हो लेकिन
तुम्हें इससे ऊपर सोचना होगा क्योंकि तुम
ना तो दास्ता के लिए आए हो ना तो बंधन के
लिए आए हो ना किसी की गुलामी करने आए हो
ना किसी की चाटुकारिता करने आए हो तुम इन
सबसे बहुत श्रेष्ठ हो तुम इन चीजों से
बहुत ऊपर हो और तुम्हारे वह अपने जो इसमें
दक्ष है इसमें प्रवीण है तुम्हें उन्हें
सुधारने की भी आवश्यकता नहीं है क्योंकि
संसार में प्रत्येक मनुष्य अपनी नियति
लेकर ही जन्म लेता है प्रत्येक मनुष्य का
अपना वर्चस होता है अपना प्रभाव होता है
कमल कभी तो कीचड़ में खिल जाता है लेकिन
उसी कीचड़ में बहुत सी गंदग भी पनपती है
यह तो मनुष्य की नीति है कि वह कीचड़ की
गंदगी बनेगा या कमल
बनेगा किंतु उसे अपने धर्म का पालन करना
होता है स्वधर्म का पालन
सामाजिक धर्म का पालन नैतिक धर्म का पालन
और मानव धर्म का पालन इन सबसे भी ऊपर होता
है स्वधर्म आत्म धर्म क्योंकि जब मनुष्य
पैदा होता है तो वह स्वधर्म लेकर ही पैदा
होता है अपने आत्म के अलावा उसे किसी भी
चीज का ज्ञान नहीं होता है फिर जब वह
बंधनों में आ जाता है तो वह दुनिया भर की
बातें सोचने लगता है लेकिन जब तक मनुष्य
अपने आप को संतोष प्रदान नहीं कर लेता जब
तक मनुष्य खुशियों को आकर्षित नहीं कर
लेता जब तक वह वास्तविक आनंद को नहीं समझ
पाता तब तक वह परमानंद परम चित्त आत्मा तक
पहुंच ही नहीं सकता इसलिए तुम्हें अपने
धर्म को समझना है तुम्हें समझना है कि
तुम्हारा जन्म वास्तविक रूप में क्यों हुआ
है जीत तो तुम्हें मिलकर ही रहेगी और जिन
भौतिक वस्तुओं की जिन भौतिक चीजों की तुम
कामना करते हो जिन भौतिक परिस्थितियों की
तुम अपेक्षा करते हो वह तो बहुत ही साध सी
चीजें हैं वह तो एक पुष्प के बिच जाने के
समान है वह ऐसा है जैसे तुम हाथ फैलाओ और
तुम्हारे हाथों में तुम्हारी हथेलियों में
एक फल प्रदान कर दिया जाए मेरे बच्चे यह
बहुत ही सामान्य सी ना है यह सब तुम्हें
बहुत ही आसानी से मिल जाएगा लेकिन उसके
पहले तुम्हें अपनी योग्यता समझनी होगी
तुम्हें समझना होगा कि तुमने जन्म क्यों
लिया है तुम्हें समझना होगा कि तुम्हारा
आत्म उद्देश्य क्या है तुम्हें समझना होगा
कि तुम जिस प्रेम की आशा कर रहे हो वह
प्रेम क्या तुम्हें दूसरे से चाहिए वो
प्रेम क्या तुम्हें तुम्हारे आत्म संगी से
चाहिए तो प्रेम क्या तुम्हें तुम्हारे
परिवार जनों से चाहिए तुम्हारे मित्रों से
चाहिए या उन लोगों से चाहिए जो अभी तक
तुमसे अनजान है मेरे बच्चे तुम विचार करो
कि तुम्हें क्या चाहिए तुम्हें वास्तविक
रूप में क्या चाहिए अपने मन में आ रहे
विचारों को बार-बार परिवर्तित ना करो जब
तुम अडिग होते हो तभी तुम्हें चीजें हासिल
होती है इसलिए तुम्हे अधिक होना होगा अपने
नियम पर अपनी चाहतों पर अपनी अपेक्षाओं पर
और चिंता का त्याग करना होगा क्योंकि यह
चिंता कभी भी वास्तविक नहीं है यह चिंता
तुम्हारी कल्पना से जन्मी है और जब तुम
कल्पना में इन चिंताओं को जन्म दे देते हो
तो सृजन करता की भाति तुम इसे वास्तविक
रूप में भी जन प्रदान कर देते हो जबकि यह
किसी भी प्रकार से सही नहीं है उचित नहीं
है इससे केवल तुम्हें हानि पहुंचती है
इसलिए मेरे बच्चे चिंता का त्याग करो भय
का त्याग करो और किसी भी प्रकार की
परिस्थिति को आकर्षित ना करो चाहे वह
अच्छी हो या बुरी केवल वर्तमान में रहने
का प्रयत्न करो कोष पूर्वक जीवन जीने का
प्रयत्न करो तुम्हारी जीत पहले से लिखी जा
चुकी है तुम्हें कोई भी हरा नहीं सकता
आडंबर का नाश कर दो पाखंड का नाश कर दो और
केवल और केवल अपने स्वधर्म को समझने पर
अपना पूरा जोर लगाओ बाकी संसार की भौतिक
वस्तुएं तुम्हें बहुत ही आसानी से प्राप्त
हो जाएंगी और वैसे भी समय आ चला है
तुम्हारी जीत का अब तु हारी जीत होकर
रहेगी और जब तुम्हारी जीत की गाथा लिखी दी
गई है
और जब तुम्हें यह जीत मिल ही रही है तो इन
भौतिक चीजों की चिंता ना करो यह सब स्वतः
ही तुम्हें हासिल हो जाएंगे यह सब तुम्हें
बहुत ही आसानी से हासिल हो जाएंगे यह
बिल्कुल किसी ठे पर बादाम डालने जैसा होगा
जिसका वास्तव में तुम्हारे लिए कोई महत्व
नहीं होगा केवल यह तुम्हारे मान सम्मान पद
प्रतिष्ठा और लोगों की नजरों में तुम्हें
अच्छा दिखाने का प्रयास करेंगे लेकिन
तुम्हारा वास्तविक उद्देश्य इससे ऊपर है
इसलिए मेरे बच्चे तुम इन छोटी-छोटी बातों
में नहीं पड़ोगे तुम छोटी-छोटी भौतिक
वस्तुओं के चक्कर में नहीं पड़ोगे इन सबको
तुम ऐसे ही जान बैठोगे जैसे यह मिला तो
ठीक नहीं मिला तो ठीक और ऐसी स्थिति में
मनुष्य को यह सब मिल ही जाता है उसे वह
प्रेम मिल ही जाता है जिस प्रेम की उसने
वर्षों से कामना की थी मेरे बच्चे एक बार
जब तुम छोड़ने की कला जान जाओगे उसके बाद
तुम्हारे लिए कुछ भी प्राप्त करना असंभव
नहीं रहेगा लेकिन सर्वप्रथम तुम्हें उसे
पाने की चाहत से दूर होकर उसके होने या ना
होने के फर्क को समझना होगा तुम्हें यह
समझना होगा कि किसी भी चीज को हासिल कर
लेने से तुम्हें किसी प्रकार का आनंद नहीं
मिलेगा और फिर समग्र संसार ही तुम्हारे
कदमों में झुक
जाएगा मेरे बच्चे अब अपनी जीत को आकर्षित
कर लो अब अपनी जीत को स्वीकार कर लो दिव्य
फरिश्तों के द्वारा प्रदान किए जा रहे
आशीर्वाद को अपने मन मस्तिष्क में उतार लो
इसे अभी प्राप्त करो इसे प्राप्त करने के
लिए संख्या
2222 इसे अभी लिखो साथ ही यह लिखना
बिल्कुल मत भूलो कि मैं भाग्यशाली हूं और
जीत को निरंतर आक्ष कर रहा हूं मेरे बच्चे
इसे बार-बार लिखना तुम्हारे लिए आवश्यक है
मैं तुमसे निरंतर यह कहती रहती हूं कि यह
लिखो क्योंकि ऐसा लिखने से तुम उस आवृत्ति
उस ऊर्जा को समझ पाओगे जो ऊर्जा तुम्हें
जीत प्रदान करेगी और तुम्हारे जीवन में
आशीर्वाद की बौछार हो जाए
मेरे बच्चे मैं फिर से आऊंगी तुम्हें
संकेतों को समझाने व संकेत जो निरंतर
तुम्हारे जीवन में तुम्हें प्रदान किए जा
रहे हैं कभी तिथियों के रूप में कभी
संख्याओं के रूप में कभी हवाओं के रूप में
तो कभी वृक्षों से घिरे हुए पत्तों के रूप
में तुम्हें विभिन्न संकेत दिए जा रहे हैं
कभी चंद्रमा पर बनने वाले आकृति के रूप
में तो कभी बादलों से निर्मित आकृति के
रूप में तुम विभिन्न संकेतों को प्राप्त
कर रहे हो किंतु उनकी गणता को समझ नहीं पा
रहे हो इसलिए मेरे बच्चे मैं फिर आऊंगी
तुम्हारा मार्ग दर्शन करने तुम्हारा हाथ
पकड़कर तुम्हें जीत दिलाने मेरा आशीर्वाद
सदैव तुम्हारे साथ रहेगा इस बात को कभी भी
मत भूलना सदा सुखी रहो और समग्र संसार में
सुख बाटो तुम्हारा कल्याण हो जय हो माता
रानी हर हर
महादेव मेरे बच्चे आज मैं तुम्हारे लिए एक
बहुत विशिष्ट संदेश लेकर के आई हूं आज मैं
तुमसे एक बेहद ही विशिष्ट महत्त्वपूर्ण
बात करने वाली हूं इसलिए हर हाल में तुम
संदेश को पूरा सुनना इसे बीच में छोड़ने
की भूल ना करना मेरे बच्चे तुम बहुत
भाग्यशाली हो क्योंकि मेरा तुम तुम्हारे
प्रति प्रेम है कुछ दिनों में ही तुम्हारी
किस्मत का पहिया घूमने वाला है तुम्हारा
इतना लंबा इंतजार समाप्त होने वाला है
क्योंकि अब वह तुमसे मिलने की योजना बना
रहा है वह अब तुमसे मिलने वाला है वह
निरंतर तुम्हारे लिए ही प्रार्थनाएं करने
में लगा हुआ है वह चाहता है कि तुम हर तरह
से अपने जीवन में सुखी रहो तुम्हें जीवन
के हर क्षेत्र में सफलता मिलती ही जाए
मेरे बच्चे उसका प्रेम अमर है उसका प्रेम
वास्तविक है वह आज से नहीं बल्कि कई
जन्मों से तुम्हारी ही प्रतीक्षा में लगा
हुआ है उसने बहुत परीक्षाएं दी है उसने कई
बार इम्तिहान दिया है अपने प्रेम को साबित
करने के लिए कई बार जन्म लिया है तुम्हें
वास्तविक रूप में पाने के लिए आज वह इस
रूप में बस तुम्हा लिए ही आया है उसका
वास्तविक उद्देश्य ही तुम्हें सहारा
प्रदान करना है और तुम्हारे सच्चे प्रेम
की अब जीत निश्चित तौर पर होगी क्योंकि सच
कभी हार नहीं मान सकता तुम दोनों का यह
प्रेम सदा ऐसा ही रहेगा और समय के साथ-साथ
यह और भी ज्यादा गहराता चला
जाएगा जिन लोगों ने तुम्हारे बीच
गलतफहमियां पैदा करने की कोशिश की अब वह
स्वत ही राजित होने लगेंगे तुम दोनों एक
साथ रहने के लिए ही बने हुए हो तुम दोनों
का मिलन कई जन्मों से रचित हो चुका था
मेरे बच्चे यदि वह तुम्हें अपने जीवन में
चाहिए और तुम्हें पूरा विश्वास है कि वही
तुम्हारा वास्तविक साथी है अब तो तुम यह
जानकर चौक जाओगे कि वह वास्तव में भी किस
सोच में डूबा है तुम्हें लगता है कि वह
तुम्हारी भाव ना से अनजान है उसे ज्ञात
नहीं कि वास्तव में तुम क्या चाहते हो
लेकिन ऐसा सच नहीं है वह वास्तविकता से
परे हैं वह तुमसे अधिक गंभीर और धैर्यवान
है वह हमेशा के लिए तुम्हारा हाथ थामने को
बेताब है वह तुम्हें अपना बनाने को
व्याकुल है वह हर हाल में तुम्हें अपना
लेना चाहता है तुम्हें अपना बना लेना
चाहता है लेकिन वह अपनी योजनाओ को
तुम्हारे समक्ष अभी प्रस्तुत नहीं करना
चाहता क्योंकि वह तुम्हें दुनिया की हर
खुशी देने की योजना बनाने में लगा हुआ है
अपने सामर्थ्य के अनुसार अपनी क्षमता के
अनुसार वह तुम्हें सब कुछ प्रदान करना
चाहता है वह अपने मन की बात किसी से नहीं
कहता लेकिन अंदर ही अंदर अपनी समस्याओं को
लेकर घुट रहा है वह रोना चाहता है विलाप
करना चाहता
तुम्हारे सीने से लगकर वह अपनी सारी
बातें कह देना चाहता
है लेकिन वह मुस्कुरा रहा है उसे तुम्हारे
समर्थन और सहयोग की आवश्यकता है क्योंकि
वह अपना गम किसी से नहीं बांटना चाहता उसे
ज्ञात हो चुका है कि तुम ही उसका जीवन हो
तुम ही उसके भविष्य हो वास्तव में उसकी
दुनिया तुमसे ही होकर गुजरती है और वह
तुम्हारे बिना अपना जीवन जीने की कल्पना
भी नहीं करता
है मेरे बच्चे उसके मन में कुछ प्रश्न है
जो उसे निरंतर विचलित कर रहे हैं ऐसे
प्रश्न जो उसे व्याकुल कर रहे हैं वह अपने
भी एक तूफान को समेटे हुए हैं क्योंकि वह
तुम पर कोई संकट आने नहीं देना चाहता वह
चाहता है कि वह बस तुम्हें प्रेम दे
तुम्हारे जीवन को खुशियों से भर दे
तुम्हें स्वयं आगे बढ़कर उसके दर्द को अब
बांटना चाहिए उसे इस बात का भरोसा दिलाना
चाहिए कि तुम हर परिस्थिति में उसके साथ
हो चाहे परिस्थिति विपरीत हो या अनुकूल हो
तुम उसका साथ कभी नहीं
छोड़ोगे मेरे बच्चे तुम्हें अपनी पवित्र
प्रतीक्षा का बेहद ही सुखद परिणाम मिलेगा
तुम्हारा जन्म इसलिए हुआ क्योंकि तुमने
वर्षों उसकी प्रतीक्षा की थी एक बहुत बड़े
उद्देश्य को हासिल करने के लिए अब समय आ
गया है जब जन्मों की प्रतीक्षा का पुण्य
एकत्रित होगा और तुम फिर एक साथ
मुस्कुराने वाले हो अपने जीवन के
सर्वश्रेष्ठ दिन एक साथ बिताने को तैयार
हो जाओ वह समय निकट है जब वह तुम्हारे लिए
इस संसार को जीत लेगा मेरे बच्चे क्या तुम
इसके लिए तैयार हो क्या तुम्हे उसकी
प्रतीक्षा आज भी है क्या तुम्हें ऐसा लगता
है कि वास्तव में वह तुम्हारे लिए इस
संसार को जीत लेगा यदि हां तो तुम्हारे
जीवन में कुछ ऐसा घटित होगा जो ना केवल
तुमको तुम्हारे साथ-साथ सभी लोगों को
आश्चर्य चकित कर देगा मेरे बच्चे जीत की
कहानी तो लिखी जा चुकी है यह बहुत पहले ही
हो चुकी थी बस केवल इसे घटित होना शेष रह
गया था और यह अब घटित होगा क्योंकि अब
सर्वश्रेष्ठ समय आ चुका
है मेरे बच्चे तुमने बहुत सारा समय
तकलीफों में गुजारा है ऐसी ऐसी
परिस्थितियों में गुजारा जहां से निकल
पाना सामान्य बात थी ही नहीं लेकिन तुमने
हर परिस्थिति का सामना किया उन
परिस्थितियों में जहां तुम्हें मोह तोड़
जवाब देना था तुम लड़े तुमने ने हर किसी
को मार दिया अपने परिस्थिति को शत्रुओं के
षड्यंत्र को दूसरों के बुरी नजर को तुम
सभी को मात देकर आगे बढ़ते आए हो और जब
तुम इतना आगे बढ़ चुके हो तो यहां से यदि
तुम्हें जीत ना मिले तो यह तुम्हारे साथ
नाइंसाफी होगी और यदि ऐसा होता है तो इस
संसार में ना उम्मीदी जीत
जाएगी मेरे बच्चे मैं नहीं चाह
कि ऐसा हो क्योंकि यदि ऐसा हुआ तो लोग
उम्मीद खो बैठेंगे और उम्मीद ही वह एक
मात्र चीज है जो किसी भी जीव को आगे बढ़ने
का जीवन जीते रहने का हौसला प्रदान करता
है मेरे बच्चे जब मनुष्य हर चीज से टूटकर
बिखर जाता है जब उसे कोई राह नजर नहीं आती
जब उसे लगता है कि अब हार तो निश्चित है
जब उसे लगता है कि यह जीवन व्यर्थ चला गया
तब उसे एक उम्मीद वो ऊर्जा प्रदान कर सकती
है कि वह सब कुछ पुना बना सकता है मेरे
बच्चे इस बार तो वह और तेजी से और शिद्दत
से और सटीकता से अपने भविष्य का निर्माण
कर सकता है जिस प्रकार से यदि कोई मनुष्य
किसी नदी में डूब रहा हो और उसे लकड़ी का
एक टुकड़ा दिख जाए तो वह एक उम्मीद बांध
ले
कि यह लकड़ी का तिनका मुझे किनारे तक ले
जाएगा और फिर डूबते को तिनके का सहारा मिल
ही जाता है उसी तरह से जब मनुष्य अपने
जीवन से सारी उम्मीदें खो बैठता है तब उसे
कहीं ना कहीं एक किरण नजर आ ही जाती है
कहीं ना कहीं एक ऐसा साथ मिल जाता है जो
उसे बहुत ऊपर तक ले जाता है मेरे बच्चे
तुम्हारे जीवन में भी ऐसा ही एक साथ ही
आने वाला है जिसका आना वास्तव में इस
मानवता के लिए भी बहुत आवश्यक है इस संसार
में जहां हर कोई कली काल में समा रहा है
जहां हर किसी के मन में द्वेष ईर्ष्या
अहंकार लोभ काम क्रोध मद मोह में समाहित
हो रहा है वहां वास्तविक प्रेम का मूल्य
घटता चला जा रहा है और यदि ऐसा हुआ तो
अधर्म जीत जाएगा और धर्म की हार हो
जाएगी मेरे बच्चे मैं नहीं चाहती कि संसार
में कभी भी धर्म की हार हो थोड़ी बहुत
हानि धर्म बर्दाश्त कर सकता है लेकिन अपनी
हार के साथ तो वह उम्मीद ही खो बैठेगा
इसलिए धर्म किसी भी क्षेत्र में किसी भी
परिस्थिति में किसी भी जीव द्वारा किसी भी
देवता राक्षस या दानव द्वारा हारना नहीं
चाहिए और धर्म की जीत होकर रहे
तुम उस धर्म को जीत दिलाने वाले एक
नियोक्ता हो मेरे बच्चे तुम्हारा जीतना
आवश्यक है और तुम्हारी जीत निश्चित तौर पर
होकर रहेगी कोई भी तुम्हें हरा नहीं पाएगा
क्योंकि तुम्हारे साथ मेरा आशीर्वाद सदैव
विराजमान है तुम्हारे साथ हर क्षण फरिश्ते
विराजमान है यह प्रकृति के जिस नदी पेड़
पहाड़ झरने उस कोहरे बादल धरती घास यह सब
कुछ तुम्हें संकेत देंगे तुम्हारी जीत का
अब अपने भीतर की ऊर्जा को
जगाओ मेरे बच्चे अपने भीतर उतरो और
सकारात्मकता के चिंगारी को अग्नि प्रदान
करो तुम्हें अब जीतने से इस संसार में कोई
रोक नहीं पाएगा एक बात सदैव याद रखना हर
परिस्थिति में मेरा आशीर्वाद तुम्हारे साथ
है जय हो माता रानी हर हर
महादेव मेरे बच्चे तुम्हारा सफर अब तक
जितना संघर्ष पूर्ण रहा है अब तुम्हारी
मंजिल उतनी ही ज्यादा खुशहाल होने वाली है
यह संदेश तुम्हारे लिए एक बहुत बड़ा संकेत
है कि तुम जिन चीजों को आकर्षित कर रहे हो
अब ति उन्हें तुम्हारी ओर भेजने का मार्ग
प्रशस्त कर चुकी है तुम जिन व्यक्तियों या
वस्तुओं तक नहीं पहुंच सकते अब ब्रह्मांड
उन्हें स्वयं तुम तक लेकर के आएगा मेरे
बच्चे तुम अब ब्रह्मांड के चुंबकीय आकर्षण
के एकदम बीचोबीच में हो तुम उस ऊर्जा के
बीचों बीच हो जहां से कुछ भी पाना संभव हो
जाएगा और इसे पाने के लिए तुम्हारे लिए यह
संदेश सुनना अत्यंत आवश्यक है इसे बीच में
छोड़ने की भूल ना करना क्योंकि अब तुम
ब्रह्मांड की योजना के अभिन्न अंग हो चुके
हो इसलिए वर्तमान में होने वाली छोटी बड़ी
घटनाओं से बिना डरे हुए अपने निश्चय पर
तुम्हें अडिग रहना है क्योंकि अब तुम्हें
वही मिलेगा जो तुम चाहते हो सही चीज सही
वक्त आने पर ही मनुष्य को प्राप्त होती है
मेरे बच्चे स्वयं पर विश्वास करो तुम जो
देख सकते हो जो महसूस कर सकते हो और जो
निर्णय ले सकते हो वह दूसरों के लिए कर
पाना संभव नहीं है मेरे बच्चे तुम वह
हासिल होने वाला है जो पाने की कामना
तुमने सदा की है और यह एक गुप्त रहस्य है
तुम अपने भविष्य की उन घटनाओं को अब अपने
वर्तमान में ही महसूस कर पाओगे जो अभी
तुम्हारी इच्छाओं की श्रृंखला का एक
महत्त्वपूर्ण हिस्सा है जो दूसरों के लिए
भविष्य होता है अपना वह भविष्य तुम इस
वर्तमान में ही पूर्ण होते हुए महसूस कर
पाओगे अब एक से एक संकेत तुम्हें मिलेंगे
जो तुम्हें तुम्हारे भविष्य के बारे में
बताते
चलेंगे इसी कारण यह संभव है क्योंकि तुम
अब ब्रह्मांड की तरंगों के संपर्क में हो
ब्रह्मांड की आवृत्ति के सामंजस्य में हो
तुम अपने ही नहीं बल्कि दूसरों के भी
भविष्य से परिचित हो
सकोगे उन सबके जो तुमसे संबंधित है जिनका
तुमसे कोई ना कोई संबंध है तुम्हें
बार-बार भविष्य में होने वाली घटनाओं के
संकेत प्राप्त होंगे जो तुम्हारे मन को कई
बार व्यथित भी कर सकते
हैं क्योंकि कई ऐसी घटनाएं होंगी जो देखने
में नकारात्मक लगेंगी किंतु मेरा यकीन करो
वह सब तुम्हारे भलाई के लिए ही होगा मेरे
बच्चे दिव्य फरिश्ते तुमसे अब संपर्क करना
चाहते हैं क्योंकि वह तुमसे बड़ा कार्य
करवाने के इच्छुक है तुम्हारा चुनाव स्वयं
ब्रह्मांड ने किया है और इसका प्रमाण तुम
देख सकते हो तुम्हारे आसपास या तुम्हारे
कुल में तुम्हारे वंश में कोई ऐसा नहीं
होगा जैसे तुम हो तुम्हारे जीवन का संघर्ष
तुम्हारी परिपक्वता और तुम्हारी
आध्यात्मिक जागृति विशेष है जैसी आध्यात्म
में रुचि तुम्हारी है वैसा तुम्हारे कुल
में किसी का ना होगा तुम ही ज्ञान के
स्त्रोत बनोगे वास्तव में तुम गुरु बनने
के योग्य हो मेरे बच्चे तुम्हारे सामने जो
मार्ग दिखाया जा रहा है उस ओर आगे बढ़ो
अंतिम लक्ष्य पर ब्रह्मांड तुम्हें स्वयं
ही लेकर जाएगा तुम्हारी इच्छाएं इस सफर
में तुम्हें उपहार स्वरूप अलग-अलग पड़ाव
पर प्राप्त होंगी इसलिए अपनी इच्छाओं के
लिए निश्चिंत होकर कार्य करो अपनी इच्छाओं
को अपने वशीभूत करके उन पर अपना हक जमा कर
अधिकार पूर्वक कार्य करो संपन्नता सुखी
वैवाहिक जीवन सामाजिक प्रतिष्ठा और विदेश
भ्रमण तुम्हारे इस सफर का अब महत्त्वपूर्ण
हिस्सा
होगा मेरे बच्चे तुम्हें धर्म रक्षक बनकर
धर्म के प्रकाश का दीपक देश विदेश तक ले
जाना है तुम स्रोत बनोगे तुम नियति के सार
हो तुम ईश्वर की सच्ची संतान हो तुम्हें
इस पर यकीन करना होगा यह कोई कोरी कल्पना
मात्र नहीं है यह वास्तव में तुम्हारा
भविष्य है क्या तुम इसे प्राप्त करने के
लिए तैयार हो क्या तुम भविष्य के नियुक्त
बनने को तैयार हो क्या तुम अग्र दूर बनने
को तैयार हो क्या तुम फरिश्तों से संपर्क
साधने को तैयार हो क्या तुम अपना भविष्य
बदलने को तैयार हो क्या अपने नीति का लिखा
बदलना चाहते हो क्या तुम स्वयं से अपनी
किस्मत लिखना चाहते हो यदि हां तो अभी की
पुष्टि करो यह पुष्टि आवश्यक है मेरे
बच्चे तुम्हें पुष्टि करते रहना होगा यह
पुष्टि करने के लिए अभी तुम्हें संख्या
777 लिखना होगा यह संख्या अभी के लिए
तुम्हारे लिए बहुत भाग्यशाली है यह संख्या
तुम्हें कई बार दिख भी सकता है यह संख्या
तुम्हारे लिए है कि अब देवदूत तुम्हारे
संपर्क में आ रहे हैं इस संख्या को यूं ही
मत जाने दो इसका एक मूल्य है इसकी घनता
इसकी रहस्य को
पहचानो मेरे बच्चे जो लोग तुमसे संपर्क
करना चाहते हैं वह कोई सामान्य आत्माएं
नहीं है वह इस लोक की आत्माएं भी नहीं है
वह दिव्य लोक से आई हुई बहुत ही पुण्य
आत्मा है वह वास्तव में संत आत्मा है कुछ
ऐसे संत इस ब्रह्मांड में हुए हैं जो
लोगों का भलाई करने का कार्य जीवन भर करते
रहे और मृत्यु के बाद भी उनकी आत्मा में
वह गुण शेष रह गया इस वजह से उन्हें संत
आत्मा कहा जाता है और ऐसी ही दिव्य
आत्माएं तुम्हारा भला चाहती है वह
तुम्हारे जरिए वह सारे सुख भोगना चाहते
हैं जिस सुख का उपयोग उन्होंने नहीं किया
है जिस सुख का उपभोग वो कभी ना कर सके और
तुम्हारे शरीर के माध्यम से तुम्हारे देह
के माध्यम से धर्म के बंधन में रहते हुए
वह सारे सुख का उपयोग करना चाहते हैं और
तुम्हें इसकी पुष्टि करती रहनी होगी
क्योंकि इसे अस्वीकार कर देना कहीं से भी
समझदारी भरा कार्य नहीं है और मुझे ज्ञात
है मैं अच्छी तरह से जानती हूं कि तुम
बेहद ही संजीदा और समझदार किस्म के मनुष्य
हो इसलिए तुम ऐसे अवसर को गवागे नहीं ऐसे
अवसर को जाने नहीं दोगे तुम्हें अपने
मूल्य को पहचानना है अपनी इच्छा को दबाओ
नहीं मेरे बच्चे जो फरिश्ते तुमसे संपर्क
करना चाहते हैं तुम उनसे संपर्क करने की
पुष्टि जाहिर कर दो और यह पुष्टि तुम्हें
अभी करनी होगी संख्या 111 यह लिखना
तुम्हारे लिए आक है साथ ही यह भी लिखो कि
हां मैं पुष्टि करता हूं दिव्य फरिश्तों
को अपने जीवन में आगमन देने की पुष्टि मैं
तत्काल क्षण में कर रहा हूं मेरे बच्चे
ऐसा करते ही दिव्य फरिश्ते तुमसे संपर्क
साधने का प्रयास शुरू कर देंगे और उन्हें
यह आभास हो जाएगा कि तुम उनके राह के बाधा
नहीं हो बल्कि उनके सहायक हो और ऐसा करने
पर तुम्हारा भाग्य उदय होने लगेगा
तुम्हारे ग्रह नक्षत्रों में परिवर्तन
होने लगेगा तुम्हारी कुंडली में जो भी दोष
थे वह समाप्त होने लगेंगे और तुम प्रगति
के मार्ग पर चलने
लगोगे इसका प्रमाण रूप में तुम यह देख
पाओगे कि तुम्हारे भीतर अध्यात्म बढ़ता
चला जाएगा और जैसे जैसे तुम्हारा अध्यात्म
बढ़ेगा तुम्हें भौतिक सुख सुविधाएं भी
मिलती चली जाएंगी तुम्ह इतना प्रेम मिलेगा
कि तुम यदि उसका मूल्यांकन करोगे तो शायद
तुम उतना प्रेम किसी को दे नहीं पाओगे
जितना प्रेम अब तुम्हें प्राप्त होने वाला
है मेरे बच्चे अभी तक के जीवन काल में
तुमने जितना प्रेम प्राप्त किया है उससे
कहीं ज्यादा प्रेम तुमने बांटा है
तुम्हारे मन में कभी भी किसी के लिए गलत
द्वेष भावना नहीं आई कई बार काम के इच्छा
के तले तुमने गलत विचार किया है किंतु
वास्तव में यदि देखा जाए तो तुम्हारी नियत
कभी किसी के लिए गलत नहीं रही और यह
तुम्हारी सबसे बेहतरीन खूबी है और इसी वजह
से यह नियति तुम्हें कभी भी श्राप नहीं दे
सकती सदैव वरदान बनकर उभे गी मेरे बच्चे
ब्रह्मांड तुम्हारे लिए उन मार्गों को
खोलना चाहता है जिस मार्ग पर जाने पर
तुम्हें हमेशा प्रगति ही मिले
इस मार्ग पर चलने पर लोग तुम्हारा अनुसरण
करेंगे तुम्हारा आभामंडल तुम्हारा प्रभाव
इतना ज्यादा प्रभावी हो जाएगा कि हर कोई
तुम्हारा अनुसरण करना
चाहेगा तुम वास्तव में एक दिव्य प्रकाश के
पुंज हो तुम ऊर्जा के वह स्रोत हो जिस
स्रोत को प्राप्त करते ही हर मनुष्य उससे
जगमगा उठता है तुम्हारे भीतर से जो ऊर्जा
निकलती है तुम्हारे आसपास होने पर लोगों
को जो ऊर्जा महसूस होती है वह कोई सामान्य
ऊर्जा नहीं
है मेरे बच्चे दिव्यता से भरी हुई प्रकाश
से भरी हुई तुम एक ऐसी ऊर्जा हो जिसे
प्राप्त होने पर मनुष्य आध्यात्म के रस
में भीग जाता है जिसे प्राप्त होने पर
मनुष्य के भीतर से का समापन होने लगता है
जिसे प्राप्त होने पर मनुष्य केवल प्रगति
का विचार कर है और उसके मन से व्यर्थ की
बातें निकल जाती
हैं किंतु यदि तुम उस ऊर्जा के स्रोत को
अपने भीतर जागृत करने के इच्छुक हो तो
सर्वप्रथम तुम्हें अपने भीतर की मलीन को
त्यागना होगा अपने भीतर की कुटिलता को
त्यागना होगा अपने भीतर जो कठिनाई पल रही
है उसे त्यागना होगा संघर्ष तो स्वतः ही
समाप्त हो जाएगा खुशियां आने में ज्यादा
समय नहीं बचा है बस तुम्हारे पुष्टि भर की
देरी है यह पुष्टि तुम्हें ना केवल लिखनी
है बल्कि महसूस करना है इसमें से कोई भी
क्रिया छोड़ना समझदारी नहीं है इसलिए पहले
अपनी पुष्टि जाहिर करने को लिख लो और इसे
लिखने के लिए संख्या 999999 तुम्हें लिखना
होगा यह संख्याएं तुम्हें बार-बार लिखने
को इसलिए कही जाती है ताकि तुम संतुष्ट हो
सको
स्वयं से भी और ब्रह्मांड के लिए भी
क्योंकि इस ब्रह्मांड में जो सबसे
महत्त्वपूर्ण हथियार तुम्हें मिला है वह
तुम्हारी लिखनी और तुम्हारी वाणी है तुम
जिस चीज को बार-बार दोहरा होगे या बार-बार
लिखोगे वह धीरे-धीरे तुम्हारी वास्तविकता
बनते चली जाएगी और अभी जबक तुम उसे यहां
लिखोगे तब तुम सीधा मुझसे संपर्क साध रहे
हो और जो व्यक्ति सीधा मुझसे संपर्क साध
लेता है फिर उसे जीवन में कभी कोई कठिनाई
नहीं आती तुम धीरे-धीरे मुझसे संपर्क
साधने के मार्ग में आगे बढ़ रहे हो तुम
बहुत आगे आ चुके हो बस कुछ पल की दूरी है
उसके बाद तुम इस राह पर उस तेजी से आगे
निकल चलोगे जिस तेजी से आगे निकल पाना
किसी सामान्य मनुष्य के लिए संभव नहीं है
मेरे ब
तुमने अपने लिए उस भविष्य का निर्माण करने
की योजना जाहिर की है जिसे पाने के बाद
तुम्हारे जीवन की समस्त पीड़ा एं समाप्त
हो जाएंगी जिसे पाने के बाद तुम्हारे मन
में किसी के लिए ना तो अहंकार बचेगा ना
राग बचेगा ना द्वेष बचेगा ना ही ईर्षा
बचेगी यदि कुछ बचा रह जाएगा तो केवल प्रेम
बचा रह जाएगा केवल दयालुता करुणा ममता बची
रह जाएगी यह प्रेम कोई सामान्य चीज नहीं
है तुम अभी जिसे प्रेम समझते हो वास्तव
में वह प्रेम की परिभाषा है ही नहीं प्रेम
तो वह है जिसे तुम व्यक्त नहीं कर पाते
किंतु अपने भीतर महसूस करते रहते हो प्रेम
वह है जो तुम्हारे मन में अपनों के लिए
जागृत होता है जिसे तुम समझ नहीं पाते हो
और कई बार लोग इसे स्वार्थ समझ बैठते
हैं किंतु यह स्वार्थ नहीं है जो तुम्हारे
मन में उत्पन्न होता है यह तुम्हारा सच्चा
वास्तविक प्रेम ही है जिससे लोग परिचित
नहीं हो पाते और इस वजह से वह तुम्हारा
साथ नहीं दे पाते तुम्हारी अपेक्षाओं पर
खरे नहीं उतर पाते और फिर तुम्हें पीड़ा
होती है तुम्हें ऐसी गलानी महसूस होती है
तुम्हें लगता है कि तुम्हारा यह जीवन
व्यर्थ हो गया तुम्हें लगता है कि
तुम्हारे जीवन का कोई उद्देश्य नहीं है
किंतु यह वास्तविकता नहीं होती वास्तविकता
में तुम्हारा जीवन बहुत बड़े उद्देश्य के
लिए समर्पित किया गया है तुम तो इस लोक से
संबंधित ही नहीं थे तुम तो किसी दूर लोक
में बैठे उस आत्मा से संबंधित थे जो
दिव्यता से भरा हुआ है उस परमात्मा के अंश
थे जो ता से जो परिपक्वता से भरा हुआ है
फिर भी संसार में तुम्हारे भीतर चपलता और
चंचलता भरी गई इसका कारण यह है कि तुम इस
जीवन को भी महसूस कर सको और यहां के
उद्देश्य को भाव कर प्रगति कर
सको मेरे बच्चे तुम उस मार्ग के करीब भी आ
चुके हो कई ठोकरे लगने के बाद ही सही
किंतु तुमने अध्यात्म के उस राह का चुनाव
कर ही लिया जिस राह पर आगे बढ़ते ही तुम
जीत को ही समर्पित हो जाओगे जीत तुम्हारे
कदमों में बिछ
जाएगी मेरे बच्चे मेरे देवदू तों के
ध्वनियों को सुनते रहो उनके संकेतों को
महसूस करो उनके मुख से निकली हुई वानियां
तरंगों के रूप में तुम्हारे शरीर में
प्रवेश कर रही है उन्हें प्रवेश करने दो
भय का त्याग करो मैं सदैव तुम्हारी सहायता
के लिए तुम्हारे पास हूं मैं तुमसे ना कभी
दूर थी ना कभी दूर
रहूंगी मेरे बच्चे चाहे परिस्थिति कैसी भी
हो मेरा आशीर्वाद निरंतर तुम पर बना रहेगा
अपने भीतर उठ रही दुविधा को समाप्त करो
अपने प्रश्नों का हल ढूंढो वह तुम्हारे
भीतर है अभी तुम अपने उस प्रश्न को लिखो
जिस प्रश्न का तुम जवाब चाहते हो और फिर
तुम ध्यान की मुद्रा में थोड़ी देर बैठो
तुम्हें तुम्हारे जवाबों का संकेत बहुत
जल्द मिल जाएगा और मैं तुमसे यह वादा करती
हूं कि मैं तुम्हारे जीवन को शिखर तक
पहुंचा
दूंगी जहां पर पहुंचने के बाद तुम्हारे
भीतर ना केवल करुणा प्रेम दयालुता बची
रहेगी बल्कि तुम आर्थिक उन्नति के उस शिखर
पर भी होगे जहां से तुम्हें कभी दुख का
एहसास नहीं
होगा मेरे बच्चे मेरा आशीर्वाद सदैव
तुम्हारे साथ है इस बात को कभी मत भूलना
मेरे आने वाले संदेशों की प्रतीक्षा करना
मैं फिर आऊंगी तुम्हें अपना संकेत देने और
तुम्हारा मार्ग दर्शन करने सदा सुखी रहो
तुम्हारा कल्याण होगा मेरे
बच्चे खुशियों को स्वीकार करो वह तुम्हारे
दर पर दस्तक दे रही है बस तुम्हें अपने मन
के भीतर का दरवाजा खोलने की देरी है एक
बार जब तुम ऐसा कर दोगे उसके बाद कोई भी
तुम्हें आगे बढ़ने से उन्नत की सीढ़ियां
चढ़ने से रोक नहीं पाएगा और तुम्हारी
प्रगति होगी जय हो माता रानी हर हर
महादेव मेरे बच्चे मैं तुमसे बहुत प्रसन्न
हूं इसलिए अब तुम्हें इंतजार करने की
आवश्यकता नहीं है मैं तुम्हारी जिंदगी से
बहुत ज्यादा प्रसन्न हूं मैं मैं उन बातों
को तुम्हें आज बताना चाहती हूं इसलिए आज
तुम्हें मैं विशेष आशीर्वाद देने आई हूं
मेरे बच्चे मेरी असलियत जानने और मेरे इस
रूप को पहचान का वक्त आ चुका है क्योंकि
मैं तुमसे बहुत प्रेम करती हूं और मैं
तुम्हें किसी भ्रम में नहीं रखना चाहती
हूं मेरे बच्चे तुम बहुत भाग्यशाली हो जो
मेरे असली रूप को देख पाओगे मेरा प्रेम
तुम्हारे जीवन को हर भय से मुक्त कर देगा
मेरे असली रूप के आज दर्शन
होंगे मेरे बच्चे मैं जानती हूं तुम्हें
मेरे इस रूप से डर लगता है मेरा रूप हमेशा
क्रोधित दिखता है लेकिन यह नहीं है मेरे
बच्चे यदि तुम्हें मेरे इस रूप से डर लगता
है तो तुम मुझसे प्रेम कैसे कर सकते हो इस
डर का प्रेम से कोई संबंध नहीं है प्रेम
पर केवल उसका अधिकार है जो मेरे समक्ष भय
मुक्त होकर मुझे समझता हो वही मेरे इस
प्रेम का अधिकारी है मेरे बच्चे एक समय
में मेरा प्रेम अत्यधिक बढ़ गया था तब
मैंने यह रूप धारण किया मैं तुम्हारी
प्यारी पार्वती मां ही हूं मेरे बच्चे
अपने अंदर से डर को निकालकर मुझे प्रेम
करो क्योंकि तुम्हें मेरे रूप से भले ही
डर लगता हो पर परंतु मेरा हृदय तो वही है
पार्वती जो कि बहुत ही ज्यादा कोमल है जो
अपने बच्चों से बहुत प्रेम करती है इसलिए
तुम आज से बल्कि अभी से डरना छोड़ दो किसी
भी कार्य की चिंता तुम्हें नहीं करनी है
ना ही भविष्य की यह सोचकर कि आगे क्या
होगा बस तुम्हें अपने पर ध्यान देना है
मेरे बच्चे जो कार्य कर रहे हो वह कार्य
साफ और शुद्ध मन से किए हुए होने चाहिए
तुम्हारे मन के मैल को धोना इतना ही
आवश्यक है जितना कि तुम्हारे तन को शुद्ध
करना जिस तरह तुम्हें प्रतिदिन साफ और
शुद्ध कपड़े पहनने से एक ऊर्जा प्राप्त
होती है और तुम्हें तरोताजा रखती है उसी
प्रकार तुम्हारे अंदर की शुद्धता तुम्हें
तरोताजा रखेंगी
लेकिन एक बात का ध्यान रखना कि जब मैं
भोलेनाथ से क्रोध में में थी तभी मैंने
काली का रूप धारण किया था और राक्षसों का
वध किया अनर्थ में बर्दाश्त नहीं कर सकती
इसलिए मुझे काली मां से क्रोधित काली मां
का रूप धारण करने पर मजबूर मत करना
क्योंकि जितना मेरा प्रेम प्यारा है उतना
ही मेरा क्रोध सबसे खतरनाक है जिस प्रकार
भोलेनाथ जी तुम्हारी सभी इच्छाओं को पूर्ण
करते हैं मैं उनकी अर्धांगिनी पार्वती जो
कि काली के रूप में तुम्हें दिखाई देती
हूं मैं भी तुम्हारे सभी कार्य को पूर्ण
करूंगी तुम्हें चुनी हुई मंजिल का मार्ग
आसानी से मैं प्राप्त
कराऊंगा का यदि मार्ग तुम्हें प्राप्त हो
जाए तो मंजिल मिलना बहुत ही आसान होता है
बस तुम्हें अपनी ताकत से मेहनत करनी होगी
और एकाग्र मन से उस कार्य को करना होगा तब
तुम्हारा कार्य शीघ्र ही पूर्ण हो जाएगा
यह मैं तुम्हें वचन देती हूं मेरे बच्चे
यदि तुम्हारे साथ कोई भी गलत करता है तो
तुम्हें उसके साथ गलत नहीं करना है और ना
ही तुम्हें किसी से डरना है क्योंकि किसी
के गलत करने से तुम्हारा गलत नहीं होगा जब
तक मैं तुम्हारी रक्षक हूं तब तक तुम्हारा
कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता बल्कि ऐसे
व्यक्ति पर मेरी क्रूर दृष्टि रहती है और
उसे दंड अवश्य मिलेगा तुम्हें ऐसे व्यक्ति
के लिए चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है
क्योंकि जिस प्रकार बच्चे अपने माता-पिता
के छाया में सुरक्षित रहते हैं उसी प्रकार
तुम मेरी छाया में सुरक्षित हो इसके
साथ-साथ मेरे बच्चे तुम्हें एक कार्य करना
है तुम प्रतिदिन जब सुबह उठते हो तो जितनी
जल्दी हो सके तुम सभी कार्य से निमृत होकर
स्वच्छ हो जाओ उसके पश्चात जितने बार
तुमसे हो सके उतनी बार ओम नमः शिवाय मंत्र
का उच्चारण करो ऐसा करने से मुझे बहुत
ज्यादा प्रसन्नता होती है और मैं आज एक
रात से पर्दा उठाने जा रही हूं तुम्हारे
जीवन में जो तुम्हारी सबसे बड़ी उलझन है
इस बात को लेकर उलझन में फंसे हुए हो
तुमको उसके आगे का सोचना है परंतु तुम
वहां तक देख नहीं सकते तुम वहां तक सोच
नहीं सकते कि तुम्हारे जीवन में आगे क्या
होने वाला है इसी रात से आज मैं पर्दा उठा
दूंगी कि यदि तुम बहुत परिश्रम कर रहे हो
तो तुम्हें उसका फल प्राप्त नहीं हो रहा
है ईमानदारी करने के पश्चात भी सही कर्म
करने के बाद भी तुम्हारा धर्म पर चलना फिर
भी फल को प्राप्त नहीं करना इस बात से
अनजान हो वही बात मैं आज तुम्हें अवगत
करने वाली हूं मेरी इस बात को ध्यानपूर्वक
सुनो मेरे बच्चे यदि तुम परिश्रम ईमानदारी
से सही कर्म से कर रहे हो तो आज मैं
तुम्हें एक बात बता दूं कि तुम्हें
निश्चिंत रहना है चिंता नहीं करनी है
क्योंकि उसका फल अवश्य प्राप्त होगा मैं
जानती हूं कि तुम्हें कठिनाइयों का सामना
करना पड़ रहा है लेकिन आने वाला समय तुम
रा बहुत ज्यादा अच्छा होगा क्योंकि मैं
सदा तुम्हें देख रही हूं मैं सुन रही हूं
तुम्हें मैं समझती हूं तुम्हारे सभी कार्य
को ध्यान से देखती हूं और उसका फल मैं
तुम्हें अच्छा देने वाली हूं मेरे बच्चे
तुम स्वयं भी ज्ञात नहीं कर पाओगे
आश्चर्यचकित हो जाओगे इसलिए तुम निश्चिंत
होकर अपने कर्मों को करते
जाओ मेरे बच्चे मेरा आशीर्वाद सदैव
तुम्हारे साथ रहेगा तुम्हें जब भी कोई
परेशानी होगी मैं स्वयं आऊंगी तुम्हारी
रक्षा करने के लिए तुम वहां तक सोच नहीं
सकते कि तुम्हारे जीवन में आगे क्या होने
वाला है इसी रात से आज मैं पर्दा उठा
दूंगी कि यदि तुम बहुत परिश्रम कर रहे हो
तो तुम्हें उसका फल प्राप्त नहीं हो रहा
है ईमानदारी करने के पश्चात भी सही कर्म
करने के बाद भी तुम्हारा धर्म पर चलना फिर
भी फल को प्राप्त नहीं करना इस बात से
अनजान हो तुम वही बात मैं आज तुम्हें अवगत
कराने वाली हूं मेरी इस बात को
ध्यानपूर्वक
सुनो मेरे बच्चे यदि तुम परिश्रम ईमानदारी
से सही कर्म से कर रहे हो तो आज मैं
तुम्हें एक बात बता दूं कि तुम्हें
निश्चिंत रहना है चिंता नहीं करनी है
क्योंकि उसका फल अवश्य प्राप्त होगा मैं
जानती हूं कि तुम्हें कठिनाइयों का सामना
करना पड़ रहा है लेकिन आने वाला समय
तुम्हारा बहुत ज्यादा अच्छा होगा क्योंकि
मैं सदा तुम्हें देख रही हूं मैं सुन रही
हूं मैं तुम्हें समझती हूं तुम्हारे सभी
कार्य को ध्यान से देखती हूं और उसका फल
मैं तुम्हें अच्छा देने वाली हूं मेरे
बच्चे तुम स्वयं भी ज्ञात नहीं कर पाओगे
आश्चर्य चकित हो जाओ
इसलिए तुम निश्चिंत होकर अपने कर्मों को
करते जाओ मेरे बच्चे मेरा आशीर्वाद सदैव
तुम्हारे साथ रहेगा तुम्हें जब भी कोई
परेशानी होगी मैं स्वयं आऊंगी तुम्हारी
रक्षा करने के लिए मेरे बच्चे मेरा
आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ है मेरा
आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए 888 लिखकर
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अपनी माता का अगला संदेश प्राप्त करने के
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हो सके जय हो माता रानी हर हर
महादेव

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