माँ काली अपने भक्तों की परीक्षा क्यों लेती हैं? ।।

में
जय माता दी सभी बच्चों को शिवकली समझ चैनल
पर आप सभी का स्वागत है आज का विषय है मां
काली अपने भक्त की परीक्षा क्यों लेती है
इससे पहले कि हम अपने विषय पर चर्चा करें
मैं आपको बता दूं कि मेरे दो यूट्यूब

चैनल्स हैं जिनके नाम है शिव शक्ति दरबार
दीवानी मां वैष्णो की और शिव काले संवाद
आप सभी से रिक्वेस्ट है कि मेरे दोनों
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लाइक कीजिए कमेंट कीजिए जिससे मुझे
प्रोत्साहन मिलता है वीडियो बनाने के लिए
आइए चलते हैं अपने विषय पर तो बात करते
हैं मां काली अपने भक्तों की परीक्षा

क्यों लेती है माता काली के बारे में
जितने भी जानकारी दी जाए वह बहुत ही कम है
जो व्यक्ति भगवान के भक्ति में लगता है
उसके जीवन में दुख आते ही आते हैं क्योंकि
मां काली अपने भक्तों को निखार रही होती
है और ऐसा नहीं होता कि मां काली की पूजा
के कारण यह दुख आते हैं यह सब आपके होता

है क्योंकि मां कालिका आपकी परीक्षा ले
रही होती हैं ऐसी परिस्थितियां आपके सामने
लाकर रख दी जाती हैं कि आपको लगने लगता है
कि क्या सचमुच भगवान है मां काली आपके ऊपर
ऐसी परिस्थितियां लाकर रख देते हैं कि

आपको लगने लगता है कि हम इतने परेशान है
दुखी हैं और नकरात्मक शक्तियों ने आपको
घेरा हुआ है जब भी भगवान आपकी मदद नहीं कर
रहे हैं वह चाहे तो कुछ भी कर सकते हैं

फिर भी वह इतने बेबस लाचार क्यों है कि वह
हमारी मदद नहीं कर पा रहे हैं हमारी
परेशानियों को दूर नहीं कर पा रहे हैं और
यह सब आपको उन परिस्थितियों और विचारों से
निकालने के लिए ही होता है जिसमें आप

भगवान की भक्ति को भी व्यर्थ समझने लगते
हैं संकोची स्वभाव आने लगते हैं बार-बार
मन में सवाल आने लगते हैं तो यह सब आपको
इन परिस्थितियों से निकालने के लिए होता
है और यही ऐसा होता है जब आपको सही निर्णय
लेना होता है और भक्ति में लगे रहना होता

है क्योंकि यही वह समय है जब बहुत से लोग
भक्ति के मार्ग से हट जाते हैं और वह यह
सोचते हैं कि मेरे साथ परेशानी हो गई मुझ
पर यह मुसीबत आ गई भगवान है ही नहीं
होते तो मुझ पर मुसीबत आते ही नहीं और वह
भगवती के रास्ते से अपने भक्ति के रास्ते

से हट जाते हैं मां काली और अन्य
देवी-देवताओं की पूजा करना छोड़ देते हैं
लेकिन यही वह समय होता है जब भगवान आपका
हाथ पकड़ने वाले होते हैं और आप उस समय उस
रास्ते से पीछे हट जाते हैं भगवान को मां
काली को जो भक्त सबसे प्रिय होता है

परमात्मा उसकी बहुत ज्यादा परीक्षा लेते
हैं ऐसे भक्तों को ऐसे बड़े-बड़े संसद में
दिए जाते हैं कि वह बिल्कुल टूट जाता है
टूटकर बिखर जाता है इस तरह की परेशानियों
को उसके सामने लाकर रख दिया जाता है उसके
सुधीर में भी बड़ी से बड़ी परेशानी आ जाती
है जिससे वह व्यक्ति भगवान से प्रार्थना

करने लग जाता है कि बस अब जीना ही नहीं है
उसकी आत्मा तब दुखी हो जाती है मुसीबतों
के पहाड़ टूटने लग जाते हैं जैसे पति हैं
तो उसकी पत्नी धोखा देने लग जाते हैं
पत्नी हैं तो पति के बाद निकल जाता है उसे
व्यक्तियों से धोखे से मिलने लग जाते हैं
उस व्यक्ति को पूरे घर के सदस्यों के

खिलाफ कर दिया जाता है जिससे वह बहुत
अकेला पड़ जाता है डिप्रेशन में भी आ जाता
है उस पर तंत्र-मंत्र क्रियाएं सबसे
ज्यादा होने लग जाते हैं दुश्मन कोई कसर
नहीं छोड़ते हैं उसका पूरा करने में हर
तरह से उसका पूरा करने में लगे रहते हैं
पैसों की तंगी भी इतनी हो जाती है कि उसका

मन बिल्कुल टूट जाता है कि करे तो क्या
करें वह सोचता है कितनी पूजा-पाठ मंत्र-जप
सब व्यर्थ है बुरा करने वाले सब सूखी हैं
लेकिन कहीं ना कहीं आपकी आत्मा
श्रवण यह कहता है कि भगवान कभी तो नए

करेगा शायद यही उसके कर्म है जो उसे भोगने
पड़ रहे हैं फिर भक्ति में लगा रहता है और
इन मुसीबतों को ही भगवान का प्रसाद समझकर
ग्रहण करता है कि जैसी तेरी इच्छा है मां
वैसे तू रख मैं उसमें भी प्रसन्न हूं और

ऐसा सोचकर भक्ति में लगा रहता है और
नियम-व्रत पूजा-पाठ मंत्र-जप आदि नहीं
छोड़ता भगवान उस व्यक्ति कहीं ना कहीं
संकेत भी देने की कोशिश करते हैं लेकिन
कुछ लोग इन संकेतों को समझ जाते हैं और
कुछ नहीं समझ पाते हैं मां काली सपने में
दिखाती हुई है कि परीक्षा शुरू होने से
पहले कुछ संकेत भी देती है कि या तो वह
आपके सामने कुछ ऐसा वीडियो या कुछ ऐसी

पोस्ट लाकर रख देती है कि वह समझ पाए कि
परीक्षा होने वाली है जैसे आपको सपने में
संकेत मिलेगा कि आप बहुत पढ़ाई कर रहे हैं
और आपका पेपर शुरू होने वाला है लेकिन फिर
भी आप

को नहीं समझ पाते हो सोचते हो कि बार-बार
यही सपना क्यों आता है अब हम ग्रस्त में आ
चुके हैं बार-बार आपको यह सपना आएगा कि आप
पेपर दे रहे हैं और आपको बहुत पसीना आ रहा
है बहुत घबरा रहे हैं चारों तरफ बहुत सी
बड़ी-बड़ी नदियां हैं आप बिल्कुल बीच में

और जानवरों से भरे तालाब में है कोई मदद
करने वाला ही नहीं है लेकिन कहीं न कहीं
यह संकेत मिल ही जाता है कि यह परीक्षा है
कई बार आपको लगेगा आपका पेपर हो गया है आप
पेपर बांध रहे हैं बांधने के लिए वह धागा
ही नहीं है आप ढूंढ रहे हैं तो जब भी
परीक्षा शुरू होती है तो परीक्षा के संकेत

जरूर मिलते हैं तो समझने की परीक्षा शुरू
होने वाली है क्योंकि मां काली एक बहुत ही
बड़ी शक्ति हैं और वह किसी भी व्यक्ति को
इतनी आसानी से नहीं अपनाती थी जब व्यक्ति
अपने सारे बंधनों से मुक्त हो जाता है
चाहे वह मोह का बंधन हों चाहे सूक्ष्म में

का बंधन हों चाहे वह माया के बंधनों जब वह
व्यक्ति सभी बंधनों को व्यर्थ समझने लग
जाता है तो भगवान आपको इस संसार के बंधनों
से मुक्त करके अपने भक्ति के रास्ते पर ले
जाते हैं यही वह समय है जब आप बंधन मुक्त
हो जाते हैं और समझ पाते हैं कि संसार में

परमात्मा की भक्ति के अलावा कुछ भी सत्य
नहीं है इतना जरूरी नहीं है मां की या
आपके इष्ट की भक्ति ही जरूरी है आपके मन
में इतने सच्चे भाव जाते हैं कि आप मां की
या अपने इष्ट की भक्ति में ही लगे रहते
हैं और ज्यादा मां को मानने की ओर ज्यादा

मां को महसूस करने की इच्छाएं आपके मन में
बढ़ती चली जाती हैं जो व्यक्ति बड़ी से
बड़ी मुसीबतों में भी परमात्मा की भक्ति
को नहीं छोड़ता है चाहे कितना भी बुरे से
बुरा हो रहा है फिर भी बोले कि हे मां
जैसी तेरी इच्छा अगर तुम ऐसे रखना चाहती
हूं तो हम ऐसे भी खुश रहेंगे बस यह तो तुम
ही चाहिए हो तुम्हारे अलावा हमारे जीवन

में और कुछ भी जरूरी नहीं है मेरा जो कुछ
भी है वह तेरा ही है मेरा जो कुछ भी करना
है आपको ही करना है चाहे अच्छा करो या
बुरा करो हम तो आपकी ही पूजा सेवा में ऐसे
ही लगे रहेंगे मेरा जो भी है सब आपको
समर्पित है मैं भी अपने आप को समर्पित
करती हूं या समर्पित करता हूं तो मां काली
भी अपने भक्तों को किसी भी हाल में छोड़कर
नहीं जाती हैं वह आपके धैर्य को आपकी
निस्वार्थ भक्ति को दिन-रात देख रही होती
हैं और जो भक्त दिन-रात बड़े से बड़े
संकटों में भी व्यक्ति पूजा में लीन रहता
है ना वह दिन देखता है ना वह रात देखता है
तो मां काली भी अपने भक्तों के लिए कोई भी
नियम कोई भी विधि कोई भी भूख नहीं देखते
हैं और अपने भक्तों को कभी भी छोड़कर नहीं
जाते हैं तो मां की भक्ति में कभी भी
व्यक्ति को धैर्य नहीं खोना चाहिए हमेशा
धैर्य बनाकर रखना चाहिए कि ऐसे व्यक्ति को
लोग पागल भी बोलने लगते हैं मजाक भी बनाते
हैं ऐसे व्यक्ति का लोग पर ऐसे व्यक्ति को
मां पर पूरा विश्वास होता है बल्कि उसे यह
लगता है कि मेरी किसी अप्रिय लगने वाली
बात से मेरी मां मुझसे नाराज ना हो जाए
चले ना जाए वह विश्वास वह अंधभक्ति उसे
अपनी मां पर होते हैं उसे पूरा विश्वास
होता है कि मां सब कुछ देख रही है अब यह
तो नहीं है कि मैं कुछ कर नहीं सकती मां
के लिए तो 1 सेकंड का काम है आपको हर
परेशानी से मुक्त करने का लेकिन सबको ऐसे
ही मां काली मिलने लग जाएंगे तो मां की
भक्ति कौन करेगा मां की भक्ति में समर्पण
जरूरी है चाहे धरती आसमान देखो जाएं चाहे
कितने भी मुसीबतें आ जाएं लेकिन मां हम
तेरे हैं और तेरे ही रहेंगे यह भाव मन में
हमेशा होना चाहिए और तुम मुझे ऐसे देख कर
खुश हो तो वह भी ठीक है यदि हम मां को इस
भाव से देखें अपने तो तभी मां हमारे समक्ष
होते हैं ऐसे व्यक्ति लोगों की बातों को
अनसुना करके मां की भक्ति में लीन रहते
हैं उन्हें समाज की बातें सुनने में
बिल्कुल रुचि नहीं होती है उनके लिए बस
मां की भक्ति ही सबसे ज्यादा जरूरी हो
जाती है ऐसे व्यक्ति पर मां बहुत जल्दी
प्रसन्न होते हैं और मां बहुत जल्दी कृपा
करती हैं कई बार ऐसा भी होता है कि कोई
व्यक्ति या आपके गुरु आपको मां के भक्ति
का रास्ता दिखा रहे हैं और आप आगे बढ़ते
जा रहे हैं आपको कुछ ना कुछ संकेत मिलने
लगते हैं कि मां काली आपके साथ हैं फिर भी
मां आपको भ्रम में डालने के लिए क्या
करेंगे कि जो व्यक्ति या जो गुरु आपको आगे
बढ़ा रहा होता है इस रास्ते पर सही दिशा
में
कि आपके दिमाग में उसे लेकर संडे डाल देती
हैं जैसे उस व्यक्ति को उस गुरु को व्यस्त
कर देंगी वह आप को समय नहीं दे पायेगा और
आपको लगेगा कि व्यक्ति घमंडी हो गया है
जरूरत के हिसाब से बात करता है जब उसका मन
होता है तब बात करता है इसमें भी आपको
धैर्य बनाकर रखना होता है क्योंकि हर
व्यक्ति चाहे वह व्यक्ति आपका मित्र है
आपका गुरु है चाहे कोई भगत है अपने घर के
काम भी देखता है उसकी भी जिम्मेदारियां
होती हैं अपने परिवार के प्रति तो ऐसे में
आपको उन पर विश्वास बना कर रखना चाहिए मां
स्वप्न में आपको किसी और गुरु के दर्शन भी
करवा सकते हैं जिससे आपको लगेगा कि स्वप्न
में जो गुरु दिखा है वही सही है तब उस समय
आपके मन में अपने गुरु को लेकर यह बहुत सी
बातें आने लगते हैं कि कैसा गुरु है जो
मुझे समय नहीं देता है मेरी बात ही नहीं
सुनता है मेरे तो किसी काम का ही नहीं रहा
है यह दूसरों की ही बातें सुनता है और यही
आ गलती कर बैठते हैं और आप गुरु को ही वोट
सुरतिया गलत सड़क बोलने लग जाते हैं गुरु
का अपमान करने लग जाते हैं यहां भी आपकी
भक्ति की ही परीक्षा होती है कि जो
व्यक्ति आपको इस रास्ते पर ले कर चल रहा
है उस पर आपका कितना विश्वास है तो आपको
इससे भी अपने गुरु पर पूर्ण विश्वास होना
चाहिए कि आपको किसी भी भ्रम में नहीं
पड़ना है क्योंकि मां आपकी कदम-कदम पर
परीक्षा लेती है जैसे हम बचपन से जब तक
बड़े होते हैं तब तक परीक्षाएं दे करिए
आगे बढ़ते हैं और हमें हमारी परीक्षा का
रिजल्ट भी मिलता है इसी प्रकार भक्ति में
भी परीक्षा होती है इसमें भी लेवल वन से
लेकर 10th की परीक्षाएं होती हैं और वह
मां पर निर्भर करता है मां जितनी भी
परीक्षा चाहे उतनी आपकी ले सकती हैं
वह मां ही जानती हैं कि आपकी कितनी
परीक्षा लेंगी और जब हम इन परीक्षाओं में
पास हो जाते हैं तब मां की हम पूरी पूरी
कृपा होती है और हम मां के प्रिय भक्त बन
जाते हैं तो मां की भक्ति के लिए हमें मोह
लोग सब त्यागना पड़ता है मां के लिए सच्चे
भाव जरूरी है आत्म समर्पण जरूरी है तो
मुझे आशा है आपको यह वीडियो पसंद आई होगी
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मस्त रहें इसी आशा के साथ सभी को जय माता
दी मिलते हैं अपनी अगली वीडियो में एक नई
जानकारी के साथ तब तक के लिए सभी को जय
शिव शक्ति जय महाकाल जय महाकाल

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