माँ काली जी का आयशा संदेश उसका आना अब संभव नहीं

मां काली आपको उसके बारे में कुछ बताना
चाहती हैं मेरे बच्चे अब उसका आना संभव
नहीं क्यों संभव नहीं है यह मैं तुम्हें

बताऊंगी और वह कौन है जो अब नहीं आएगी
उसके ना आने से तुम्हारे जीवन पर क्या
प्रभाव पड़ेगा यह तो निश्चित है कि उसके
ना आने से तुम्हारे जीवन पर बहुत ही

ज्यादा गहरा प्रभाव पड़ने वाला है लेकिन
यह प्रभाव अच्छा है या बुरा और क्या-क्या
तुम्हें इससे फायदे होने वाले हैं और कौन
से नुकसान होने वाले हैं यह मैं तुम्हें
बताऊंगी और वि तार से समझाऊ गी कि उसके
पीछे का कारण क्या है इसलिए तुम मेरी

बातों को बहुत ही ज्यादा ध्यानपूर्वक
सुनना और समझना उसका ना आना संभव अपने आप
नहीं हुआ है बल्कि तुमने ही उसे विवश किया
है कि वह तुम्हारे करीब ना आए और यह वश
तुमने अपने कुछ कार्यों को करके उसे किया
है क्योंकि कुछ कार्य ऐसे होते हैं जिससे
कि तुम किसी भी इंसान को अपनी ओर आकर्षित

कर सकते हो या कुछ कार्यों को करके तुम
किसी भी व्यक्ति को दूर भेज सकते हो
अर्थात जिस व्यक्ति को तुम्हारे कार्य
बिल्कुल भी प्रिय नहीं है यदि तुम उन
कार्यों को करते हो
और वह व्यक्ति तुम्हारे कार्यों से

अप्रसार
उसे प्रसन्नता नहीं होती है तो वह व्यक्ति
तुमसे दूर चला जाता है ऐसे ही बहुत सारी
शक्तियां होती हैं जिन शक्तियों को तुम

अपनी ओर आकर्षित करते हो कुछ कार्यों को
करने के पश्चात और कुछ शक्तियां ऐसी होती
हैं जो कि नकारात्मक होती हैं वह तुम्हारे
शक्तिशाली कार्यों से तुमसे दूर चली जाती

हैं इस बात को समझ लो कि ऐसे ही किसी को
तुम्हारे पास आना अब बिल्कुल भी प्रिय
नहीं है क्योंकि वह तुम्हारे पास नहीं आ
सकती और तुमने ही उसे अपने कुछ कार्यों से

दूर भेजा है कई बार बो बोली गई बोली से
अपने भी पराए हो जाते हैं और कई बार बोली
गई बोली से पराए भी अपने हो जाते हैं और

ऐसे ही तुमने अनजाने में किसी का निरादर
कर दिया है और वह यह है कि तुम्हारे घर पर
तुम्हारे जीवन में और तुम्हारे
साथ बार बार आने वाली किसी का तुमने
निरादर कर दिया है तुमने उसको अनदेखा कर
दिया है और तुम जानबूझकर ऐसा कर रहे हो
क्योंकि तुम्हें वो प्रिय नहीं है और ना

ही वह पसंद है इसलिए तुम देखते तो हो उसको
और उसको बार-बार अनदेखा करने के

पश्चात उसने यह तय कर लिया है कि जब तुम
उसे अनदेखा कर रहे हो तो वो अब तुम्हारे
पास नहीं आएगी तुमसे रूट कर दूर चली जाएगी
और
तुम्हारे करीब कभी नहीं आने का वो ठान

चुकी है वह सोच रही है कि जब तुम्हें उसे
बारबार देखकर अनदेखा कर रहे हो तो निश्चित
ही वह तुम्हारे पास अब क्यों आए क्योंकि

आने का उसे कोई फायदा नहीं है क्योंकि आकर
वह केवल तुम्हें परेशान करती है और
तुम्हें परेशानी में रती है बस यही उसका
कार्य है क्योंकि जो तुम्हारे जीवन में
बार-बार आती है वो एक ऐसी शक्ति है जो

 

केवल तुम्हें परेशान करने आती है और
तुम्हें समस्याओं से घेरने आती है क्योंकि
जो तुम्हें बार-बार परेशान करने आ रही है
वह तुम्हारे ही परेशानी है वह एक ऐसी

समस्या है एक ऐसी नकारात्मक ऊर्जा तुम्हें
बार-बार खेलने का प्रयास करती है और तुम
बार-बार दुखी हो जाते हो रोने लगते हो

छटपटा नहीं लगते हो तो वो बहुत ज्यादा
प्रसन्न होती है यह देख करर के तुम बहुत
ज्यादा परेशान हो रहे हो उसके मन को बहुत

ज्यादा सुकून मिलता है क्योंकि जब कोई भी
व्यक्ति अपने मनचाहे कार्य को अंजाम देता
है तो वह निश्चित ही प्रसन्न हो जाता है
और यदि कोई भी ऐसी शक्ति या कोई भी ऐसी
ऊर्जा तुम्हारे निकट आकर जो वो चाहती है

वैसा कर पाती है उससे किसी को कष्ट हो या
ना हो उसको इस बात से कोई लेना देना नहीं
होता है वह केवल जो करना चाहती है वह होता
है तो व शीघ्र ही प्रसन्न हो जाती है

लेकिन अब समय पलट चुका है अब तुमने अपनी
समस्याओं से लड़ना सीख लिया है तुम डटकर
उसका सामना कर रहे हो और तुमने मन में यह

हूं जो किसी भी परेशानी से डर जाऊंगा
स्वयं मेरे पास ईश्वर की शक्ति है और मैं
किसी भी गलत कार्य को नहीं कर रहा हूं और
ना ही किसी का दिल दुखाता हूं ना ही कोई

ऐसी चुने हुए कार्य को गलत रास्ते से अपना
रहा हूं मैं सभी कार्यों को सही ढंग से कर
रहा हूं और यदि जीवन में कोई परेशानी आ भी

रही है कोई समस्या आ भी रही है यदि कोई
शक्ति मुझे परेशान करना चाहती है तो कोई
बात नहीं मैं लडूंगा और मुझ में भी इतनी
ईश्वर की द ई शक्ति विद्यमान है कि मैं
जीतूंगा मैं हारू नहीं क्योंकि मुझे अपने

कर्मों पर मुझे अपने ईश्वर पर और मुझे
अपने ब्रह्मांड की उस शक्ति पर विश्वास है
और जो परेशानी जो नकारात्मक ऊर्जा
तुम्हारे इर्दगिर्द आकर तुम्हें परेशान

करने का ठान चुकी थी वो अब थक चुकी है
बार-बार तुम पर प्रहार करते लेकिन
तुम्हारे शरीर पर और तुम्हारे जीवन पर
भोलेनाथ का ऐसा सुरक्षा कवच तुमने पहन

चुका है उनकी शक्ति से और उनकी भक्ति से
कि कोई भी बुरी शक्ति तुम्हारा कुछ नहीं
बिगाड़ सकती और तुम हमेशा उनके नाम को
रटते रहते हो मेरे भोलेनाथ मेरे भोलेनाथ
करके वह हमेशा तुम्हारी सुरक्षा करते हैं
और वही तुम्हें एक ऐसी शक्ति प्रदान कर

रहे हैं जो कि तुम्हारा सुरक्षा कवच बनकर
तुम्हारी हर परेशानी को तुमसे टकराने से
पहले ही चकना चोर कर देते हैं अर्थात व
उसे दूर कर देते हैं और तुम पूरी तरह से

सुरक्षा में हो इसलिए तुम्हारे जीवन में
आने वाली परेशानी जो कि तुमसे बार-बार
टकराकर चकना चूर हो रही है और अब

परेशानियां भी तुमसे थक चुकी हैं हार चुकी
हैं वह सोच रही हैं कि मैं किस इंसान के
करीब आई और उसके साथ-साथ तुम कुछ ऐसे
कार्य भी कर रहे हो जिन कार्यों को करने

से तुम धीरे-धीरे करके उस चट्टान की तरह
बनते जा रहे हो जिस चट्टान से यदि कोई भी
टकराएगा तो चकना चोर हो जाएगा इसलिए अब
डरना छोड़ू और घबराना छोड़ो क्योंकि किसी

भी बात के लिए चिंतित नहीं होना चाहिए
क्योंकि अब परेशानी तुमसे उल्टा थक चुकी
है तुमसे स्वयं परेशान हो चुकी है और अब
तुम्हारे करीब नहीं आएगी कोई भी ऐसी
परेशानी जिसे तुम अपने करीब आने के भय को
लेकर घबरा जाओ क्योंकि स्वयं तुम चट्टान
की तरह डटकर उसका सामना कर रहे हो और

तुम्हारे हृदय में विराजमान भोलेनाथ जी
तुम्हारे हृदय से लेकर तुम्हारे पूरे जीवन
की रक्षा कर रहे हैं उन्होंने अपने भक्त
की बाग डूर अपने हाथों में थाम ली है वो

हमेशा तुम्हारे कुछ कार्यों से इतना
प्रसन्न रहते हैं इतना प्रसन्न रहते हैं
वो मैं तुम्हें आज बताऊंगी इसलिए तुम उन
कार्यों को कभी भी मत छोड़ना क्योंकि यदि
तुमने उन कार्यों को छोड़ दिया तो निश्चित

ही परेशानी तुम पर फिर हावी होना प्रारंभ
कर देगी क्योंकि जो असंभव हो गया है
अर्थात अब संभव नहीं है परेशानी का वापस
आना यदि तुम अपने कर्मों में बदलाव लेकर
आओगे तो निश्चित ही जो संभव नहीं हो रहा

है वापस से वही सब संभव होना प्रारंभ हो
जाएगा और वो मैं नहीं चाहती क्योंकि मैं
चाहती कि मेरे बच्चे की रक्षा मेरा बच्चा

स्वयं करे अर्थात तुम अपने कर्मों से अपनी
रक्षा स्वयं कर पाओ और इस शक्ति को इकट्ठा
करो और बताने वाले कार्यों को करने से
पहले तुम्हें अपने मन के अंदर पूर्ण
विश्वास विद्यमान करना होगा अर्थात अपने

मन के अंदर इन बातों को विमान कर लो की जो
मैं आज बता रही
अर्थात तुम्हारी मां काली तुम्हें बता रही
है वह सत्य है और इस सत्य को तुम खुली
आंखों से स्वयं देखोगे वो बातें यह है कि

सबसे पहला कार्य तो तुम अपने हृदय में जो
तुम्हारा हृदय अपने भोलेनाथ के प्रति
विश्वसनीय है अर्थात तुम भोलेनाथ की शक्ति
पर और भोलेनाथ पर पूर्ण भरोसा करते हो

मेरे बच्चे उस भरोसे को कभी मत टूटने देना
हमेशा उस भरोसे को रखना क्योंकि भरोसा ही
तो है जो तुम्हें हर कार्य के लिए मजबूत
बनाता है हर शक्ति से और हर बुरी शक्ति से
तुम्हें लड़ने की ताकत प्रदान करता है

क्योंकि यदि तुम्हें खुद पर विश्वास नहीं
होगा भोलेनाथ पर विश्वास नहीं होगा तो तुम
किसी से ना तो लड़ पाओगे और ना ही जीत
पाओगे इसके साथ-साथ

तुम माहा में एक बार कम से कम भोलेनाथ के
मंदिर में जाकर उन्हें जल चढ़ाया करो
क्योंकि इससे सबसे ज्यादा तुम्हें शक्ति
इकट्ठा करने का अवसर प्रदान होता है

क्योंकि भोलेनाथ की शक्ति तब सबसे ज्यादा
तुम आकर्ष कर पाते हो जब तुम उन्हें जल
अर्पित करते हो क्योंकि ऐसा कोई भी कार्य
जिससे भोलेनाथ तुम पर प्रसन्न हो जाए तो
निश्चित ही तुम उन्हें अपनी ओर आकर्षित भी

कर सकते हो उन्हें निश्चित ही प्रसन्न कर
पाओगे क्योंकि भोलेनाथ जिन चीजों से
प्रसन्न होते हैं वह कुछ ही चीजें हैं

जैसे तुम जल चढ़ाते हो तो उससे प्रसन्न
होते हैं तुम भांग धतूरा चढ़ाते हो उससे
प्रसन्न हो होते हैं तुम यदि एक चुटकी
सिंदूर भी चढ़ा दोगे तो वो उससे भी

प्रसन्न हो जाएंगे क्योंकि वो केवल भक्ति
के और भाव के भूख होते हैं ना कि तुम्हारे
किसी भी ऐसी चीज के चढ़ाने के जिसको तुम
ज्यादा मात्रा में चढ़ाओ भले ही तुम किसी
भी चीज को चढ़ा दो लेकिन तुम इस बात को
ध्यान रखो कि किसी भी चीज को चढ़ाते समय

तुम्हारा मन शुद्ध और साफ होना चाहिए
तुम्हारे मन के अंदर कोई भी ऐसी बात नहीं
होनी चाहिए जिससे कि तुम्हारे मन के अंदर
वो बात और वो गलत भावना हो और ना ही किसी

भी बात को लेकर तुम्हारे मन में दुविधा
होनी चाहिए यदि किसी भी बात को लेकर
तुम्हारे मन में कोई प्रश्न उठता है या
तुम किसी भी बात को लेकर ज्यादा चिंतित हो
जाते हो तो शांत होकर के एक जगह पर बैठ

जाओ मन मन में उस बात को बार-बार सोचो और
बार-बार जिस देवता पर सबसे ज्यादा विश्वास
करते हो उनकी प्रतिमा को तुम बंद आंखों से

देखने का प्रयास करो क्योंकि वही शक्ति
तुम्हें उस प्रश्न का उत्तर देगी जिस
प्रश्न को तुम सोच रहे हो जिस बारे में
तुम बहुत ज्यादा चिंतित हो और तुम जिस
दैवी शक्ति का स्मरण कर रहे हो व शक्ति
तुम्हारे पास आकर के तुम्हें हर प्रश्न का

उत्तर देकर जाएगी और वह प्रश्न का उत्तर
केवल तुम्हें तुम्हारे हृदय से आभास होगा
तुम्हारा हृदय स्वयं उस बात के
लिए उत्तर देना प्रारंभ कर देगा जिस बात

को तुम बारबार सोच रहे हो क्योंकि
ब्रह्मांड में उपस्थित वो शक्ति जिस शक्ति
को प्राप्त करते हो और ब्रह्मांड में
उपस्थित उस शक्ति को मानते हो अपने हृदय
में उस शक्ति का विश्वास रखते हो वही

शक्ति तुम्हारी निकट आकर तुम्हें हर बात
के लिए समझाती भी है और तुम्हारा साथ भी
देती है क्योंकि यह सत्य है कि तुम जिसका
साथ पाना चाहते हो उसी का साथ तुम्हें
प्राप्त हो जाता है बस अंतर इतना होता है

कि तुम्हारी सोच क्या है
और तुम किसका साथ पाना चाहते हो व हर चीज
तुम्हारी तरफ आकर्षित होती चली जाती है

क्योंकि तुम्हारा मन और तुम्हारे अंदर की
शक्ति उसे अपनी ओर स्वयं ही आकर्षित कर
लेती है और इस बात को तुम भी बहुत अच्छे
से समझ लो कि मन के अंदर और हृदय के अंदर
एक चुंबकीय शक्ति होती है जो किसी भी चीज

को अपनी ओर आकर्षित करने की शक्ति रखती है
क्योंकि जैसा जैसा सोचते जाते हो वैसा
वैसा तुम्हारे हृदय पर हावी होता जाता है
भले ही तुम अच्छी विचारधाराओं को रखो या
गलत को रखो यदि तुम्हारा मस्तिष्क गलत
विचार को बार-बार सोचता है तो गलत
विचारधाराएं तुम्हारे हृदय के अंदर उपज

होने लगती हैं और तुम्हारे हृदय विद्यमान
हो जाती हैं और यदि तुम अच्छी विचारधारा
रखते हो अर्थात शक्तियों के साथ-साथ
तुम्हें अच्छे कर्मों पर और उन सभी बातों

तुम्हें उस हर शक्ति को प्राप्त करने में
सहायता करती हैं जो हर समस्या से लड़ने के
लिए तुम्हें शक्ति प्रदान करें तो तुम

निश्चित ही अपनी र उस शक्ति को ित करते
चले जाते हो क्योंकि सच बात तो यह है मेरे
बच्चे के जीवन में यदि तुम सुख भोग रहे हो
उसके पीछे भी तुम्हारा ही छुपा हुआ कार्य

है और यदि तुम दुख भोग रहे हो तो उसके
पीछे भी तुम्हारा छुपा हुआ कार्य और
तुम्हारा मन है हर बात के पीछे कारण
तुम्हारा ही होता है बस दोष तुम्हें
ब्रह्मांड पर और ईश्वर शक्ति पर देना होता

शक्तियां कुछ नहीं कर रही कई बार तुम्हारे
मन पर यह बातें हावी हो जाती हैं कि तुम
अकेले हो तुम्हारा कोई साथ नहीं दे रहा और
ना ही तुम्हारी कोई सहायता कर रहा है तुम

बहुत ही ज्यादा बेबस हो गए हो तुम इतनी
पूजा कर रहे हो लेकिन फिर भी कुछ नहीं हो
रहा अर्थात तुम्हें परेशानियां घेर कर
बैठी हुई हैं लेकिन फिर भी कोई शक्ति
तुम्हें सहायता नहीं कर पा रही है लेकिन
सच तो यह है कि तुम उन समस्याओं से स्वयं

घिरते हो क्योंकि अपने मन के अंदर की
शक्ति को मार लेते हो और तुम हमेशा अपने
मन को डरा डरा सा महसूस करवाते हो हृदय के
अंदर उत्पन्न हुई शक्ति को समाप्त कर देते

हो और तुम अपने हृदय के अंदर ऐसी भावना जो
कि तुम्हें किसी भी कार्य को करने से
रोकती है और टकती है उसे विद्यमान कर लेते
हो ऐसा कार्य तुम्हारा तुम्हें समस्याओं

से सबसे ज्यादा घरता है और इन्हीं
समस्याओं को आकर्षित करना और इन्हें दूर
भेजना केवल तुम्हारे मन और तुम्हारे हृदय
पर निर्भर करता है जो व्यक्ति अपनी
समस्याओं से लड़ने की ताकत स्वयं जुटा है
उसकी ईश्वर भी

शक्ति लेकिन तुम बेफिक्र रहो क्योंकि ना
तो वह तुम्हारे पास आएगी और ना ही अब
तुम्हें परेशानियां कभी खेड़ी क्योंकि
तुमने स्वयं के हृदय पर विजय प्राप्त कर

ली है और तुमने अपने मन के ऊपर भी विजय
प्राप्त कर ली है तुम्हारा हर समय यह
सोचता मन कि मैं किसी भी समस्या से ना तो
डरता हूं और ना ही कभी डरूंगी यही तो

तुम्हें विजय प्राप्त करवा रहा है क्योंकि
जो खुद के हृदय से जीत जाता है मन से जीत
जाता है और समस्याओं के प्रति मन के अंदर
यह विश्वास रखता है वह हर शक्ति से शक्ति
प्राप्त करता है और मैं भी तुम रा साथ दे

रही हूं क्योंकि मैं भी तुमसे बहुत प्रेम
करती हूं तुम्हें लड़ने का साहस भी दे रही
हूं और भले ही मेरा रूप तुम्हें क्रोध
जैसा लगता है लेकिन मैं तुम्हें हर वक्त
देखकर तुम्हारे साथ रहती हूं क्योंकि
बार-बार

तुम्हारा मेरे रूप को देखना और यह बात
सोचना कि
मेरी मां है ना मेरे साथ मुझे जीवन में
किसी भी चीज की जरूरत होगी तो मेरी मां
मुझे देंगी मुझे कभी भी किसी भी चीज की
कमी नहीं होने दूंगी कभी भी संसार में
मेरे ऊपर दुख की छाया नहीं पड़ने देंगी वह
हर पल मेरे साथ रहती है तुम जब जब अपने

कर्मों में मेरी नाम को शामिल करते हो जब
जब मेरे करीब बैठ
इन बातों को सोचते हो तो मेरे हृदय को
अच्छा लगता है

क्योंकि हर मां का प्रसन्न होना अपने
बच्चे के लिए अत्यंत आवश्यक है और ऐसा
सत्य भी है क्योंकि बच्चा जब अपनी मां से
प्रसन्न होता है या अपनी मां पर पूरी तरह
से आश्रित होता है तो मां के हृदय को

जितनी खुशी होती है उतनी सा
इस संसार में किसी को नहीं हो सकती कोई इस
प्रेम को नहीं समझ सकता मां बच्चे के बीच
का रिश्ता बहुत ही अनोखा होता है इस संसार
की हर शक्ति से परे होता है क्योंकि मां

अपने बच्चे पर आंच भी नहीं देना चाहती और
बच्चा उसकी जान से भी ज्यादा उसे प्यारा
होता है क्योंकि मां का हृदय हमेशा ममता
से भरा रहता है बचे की छोटी छोटी सी
गलतियों को माफ भी करती है और उसके जीवन
में उसे कोई परेशानी ना हो इसके लिए उसकी

रक्षा कर उसे हर बात सिखाती है यह बात
सत्य है मेरे बच्चे कि मां ही सबसे पहला
गुरु बच्चे की होती है क्योंकि छोटी-छोटी

बातों को उसे सिखाना मां ही कर पाती है और
सही और गलत रास्ते में फर्क बताना
मां ही करती है क्योंकि पिता बाहर रहता है
लेकिन

मां पूरा दिन बच्चे के करीब रहकर उसकी हर
आदतों को देखती है बच्चे में क्या कमी है
क्या खूबी है उसको बहुत बारीकी से पढ़ती
है और फिर उसी के हिसाब से उस बच्चे को

ढलती है और उसे उसी तरह बनाती है जिससे कि
उसका बच्चा इस संसार में हर मुसीबत से लड़
पाए और जीत जाए क्योंकि मां खुद चाहती है
कि उसका बच्चा कभी भी मुसीबतों से ना हारे
बल्कि मुसीबतों का सामना डट कर करे उसका
मन कभी भी किसी बात को लेकर कमजोर ना पड़े
क्योंकि मां को प्रेम ही इतना होता है कि
अपने बच्चे को कभी भी कमजोर होता नहीं देख
सकती और ना ही उसका बच्चा रोता रहे परेशान
रहे वह इस बात को बर्दाश्त कर सकती है
क्योंकि मां का हृदय अपने बच्चे की फिक्र
के लिए बहुत ज्यादा रहता है और वह हर बात
से उसे इस प्रकार से समझाती है कि बच्चा
हर बात को बिना कहे मां के हर इशारे को
समझता है और मां भी अपने ब की हर बात को
अपने हृदय से समझ जाती है और यही कारण
होता है कि मां बच्चे का रिश्ता सबसे
ज्यादा अच्छा और महान होता है क्योंकि मां
बनना इतना आसान नहीं चाहे वह तुम्हारी
जन्म देने वाली मां हो या मैं क्योंकि
मैंने भी तो इस धरती पर तुम्हें जिसके
द्वारा भेजा है वो भी मां है वो भी महान
है
क्योंकि उसने तुम्हारे लिए इतने कष्ट सहे
हर बच्चे
की हर बच्चे को अपनी मां की ममता की छाया
मिलती है और
वो उसके आंचल में बड़ा होने के साथ-साथ
उसे हर ज्ञान प्राप्त होता है और अपनी मां
से हर बच्चा सीखता है कि संसार में
परेशानियों से कैसे निपटना है कैसे
समस्याओं को दूर करना है
कैसे मजबूती से टिके रहना है और हार नहीं
मानना जब तक अपने कर्मों को करते जाना है
जब तक तुम जीत नहीं जाते और यह मां ही उसे
सिखाती है हर उस बात को सिखाती है जिससे
कि जीवन में उसे आने वाले कांटों पर भी
चलना पड़े तो वह चल लेगा क्योंकि छोटे से
ही कूटकूट कर भरी गई वो मजबूती की बातें
और उसे पत्थर की तरह चट्टान बनाने वाली
मां खुद भी उसी चट्टान की तरह होती है कि
कितनी भी मुसीबतें आई लेकिन वो कभी भी
कमजोर नहीं पड़ती अपने बच्चों के सामने और
ना ही संसार के सामने संसार से लड़ने की
ताकत वह खुद भी रखती है और बच्चे को
भी यही सिखाती है और यही कारण है कि तुम
मजबूत हो और वो जो परेशानी है समस्या है
जो तुम्हारे पास बार-बार आ रही थी अब व
भूलकर भी नहीं आएगी क्योंकि तुम्हारे पास
दोदो मांओं की शक्ति है और दो दो माएं
तुम्हारी रक्षा कर रही हैं तुम इतने
ज्यादा मजबूत बन चुके हो कि वो तुम्हारे
करीब भी नहीं आएगी इस इसलिए तुम बे
निश्चिंत रहो लेकिन कभी भी इस बात को मत
भूल
जाना कि उस मां का कभी निरादर मत
करना जिसने तुम्हें जन्म दिया जिसने
तुम्हें पाल पोस करर बड़ा किया जिसने
तुम्हें सबसे पहले गुरु की तरह शिक्षा दी
और हर छोटी बड़ी बात को बहुत बारीकी से
समझाया जीवन में चलना सिखाया
और लड़ना सिखाया क्योंकि यदि तुमने उस
गुरु का और उस मां का
अर्थात मां जो गुरु है उसका अपमान किया तो
तुम्हारी शक्तियां शीघ्र ही क्षीण होती
चली जाएंगी क्योंकि तुम्हारी मां का हृदय
बहुत ज्यादा कष्ट में होगा और
फिर तुम्हारी मां के हृदय को कष्ट होने के
पश्चात तुम्हारी शक्तियां भी कमजोर पड़ने
लगेगी यह जो तुम इतना मजबूती से खड़े हो
वो शक्ति कमजोर हो
जाएगी इसके साथ ही मेरी शक्तियां भी तुम
पर कमजोर पड़ने लगेंगी क्योंकि वह कार्य
तुम्हारा धर्म के विरुद्ध होगा और धर्म के
विरुद्ध किया गया कार्य इस संसार
में सही नहीं होता इसलिए जिससे तुम्हें
ज्ञान प्राप्त हुआ जिसने तुम्हें जन्म
दिया बस उसे कभी कमजोर मत पड़ने देना उसकी
शक्ति तुम यदि तुम कमजोर पड़ गए तो वह
कमजोर पड़ जाएगी यदि तुम्हारी एक शब्द ने
उसके हृदय
में कांटा भी लगाया तो उसके हृदय को
तुम्हारी बातें जो कांटे की तरह
चुबी उसका कोई इलाज
नहीं उसने जो तुम्हें शिक्षा दी वो सब
व्यर्थ चली जाएगी इस बात को हमेशा ध्यान
रखना और अब आखिरी बात यह सुन लो कि
तुम्हें जीवन में ना तो कभी समस्या रेगी
और ना ही समस्या तुम्हारे करीब आएगी
क्योंकि जब तुम समस्याओं से लड़ना सीख
जाते हो तो समस्याएं भी तुमसे दर कर दूर
भागती हैं उसी प्रकार से जिस प्रकार से एक
शक्तिशाली व्यक्ति से हर कमजोर व्यक्ति
दूर जाता
और यदि तुम स्वयं डरना प्रारंभ कर देते हो
तो समस्याएं तुम्हें घेरने लगती हैं इसलिए
अब वह कभी नहीं आएगी और यह संभव भी नहीं
है कि वह तुम्हारे करीब
आए क्योंकि अब तुम शक्तिशाली बन चुके हो
और तुम्हारे निकट मेरी और भोलेनाथ की
शक्ति विद्यमान है क्योंकि हर पल हर क्षण
इस शक्ति को तुमने इकट्ठा किया है अपने
मंत्रों से और अपनी पूजा पाठ से तुमने
मुझे आकर्षित किया है इसी वजह से परेशानी
और समस्या अब तुमसे कोस दूर रहेगी क्योंकि
मेरा आशीर्वाद
तुम्हारे साथ है और तुम अब परेशानियों से
लड़ना भी सीख चुके
क्योंकि अब तुम वह कमजोर व्यक्ति नहीं
रहे जिसके सामने समस्याएं आती थी और वह डर
कर सहम जाता था और चुपचाप एक कोने में बैठ
जाता था

Leave a Comment